एंटी-रेबीज के लिए उमड़ी भीड़: Satna जिला अस्पताल में हड़कंप


नई दिल्ली । Satna शहर में बुधवार शाम एक खौफनाक घटना ने लोगों को दहशत में डाल दिया। एक आक्रामक स्ट्रीट डॉग ने महज तीन घंटे के भीतर करीब 40 लोगों को काट लिया। इस घटना के बाद रीवा रोड से लेकर अस्पताल चौराहा तक हड़कंप मच गया। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
 गहरानाला से शुरू हुआ हमला, शहरभर में फैला डर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब 4 बजे गहरानाला इलाके में एक सफेद रंग का कुत्ता अचानक हिंसक हो गया और राहगीरों पर हमला करने लगा। शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य घटना समझा, लेकिन जैसे-जैसे हमलों की संख्या बढ़ती गई, हालात गंभीर होते गए। कुत्ते ने गहरानाला से माहेश्वरी स्वीट्स तक 20-25 लोगों को काटा, फिर खेरमाई रोड, खोवा मंडी और अस्पताल चौराहे होते हुए रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ गया।
 अस्पताल में लगी लंबी कतारें, 3 घंटे बढ़ाया गया समय
घटना के बाद शाम 5:30 बजे से घायलों का जिला अस्पताल पहुंचना शुरू हुआ। देखते ही देखते इंजेक्शन कक्ष मरीजों से भर गया। स्थिति को संभालने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने इंजेक्शन कक्ष को निर्धारित समय से लगभग तीन घंटे अधिक, रात 7:30 बजे तक खुला रखा। सभी घायलों को एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) लगाई गई। पीड़ितों में 25 से 60 वर्ष तक के लोग शामिल हैं। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई बच्चा घायल नहीं हुआ।
 गंभीर घायलों को लगाया गया इम्युनोग्लोब्युलिन
करीब 25 लोगों को गंभीर चोटें आईं, जिनके हाथ-पैरों में गहरे घाव हो गए। डॉक्टरों के अनुसार ऐसे मामलों में केवल एंटी-रेबीज इंजेक्शन पर्याप्त नहीं होता, इसलिए वार्ड क्रमांक-10 में मरीजों को इम्युनोग्लोब्युलिन इंजेक्शन भी दिया गया। यह संक्रमण के उच्च खतरे को कम करने के लिए जरूरी होता है।
डॉक्टरों की अपील और प्रशासन पर सवाल
जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. शरद दुबे ने बताया कि सभी घायलों का इलाज किया गया है और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। हालांकि, इस घटना ने शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या और नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
 शहर में दहशत का माहौल
नीरज मिश्रा, धर्मेंद्र सिंह, वंदना केशरवानी, अब्दुल सलीम समेत कई लोग इस हमले का शिकार हुए। घटना के बाद लोग सड़कों से हटकर दुकानों और घरों में छिपने को मजबूर हो गए। फिलहाल इलाके में डर का माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।