IMD की चेतावनी लू का कहर शरीर कितनी गर्मी सह सकता है समझना जरूरी


नई दिल्ली। देश में गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। India Meteorological Department (IMD) ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों में लू (Heatwave) का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।

सिर्फ तापमान नहीं, नमी भी है बड़ा कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, इंसान का शरीर सिर्फ तापमान से नहीं बल्कि गर्मी और नमी के मेल से प्रभावित होता है। इसे “वेट बल्ब तापमान” कहा जाता है। पहले माना जाता था कि इंसान 35°C तक का वेट बल्ब तापमान सह सकता है, लेकिन नई रिसर्च के मुताबिक यह सीमा करीब 30–31°C के आसपास है। इससे ज्यादा होने पर शरीर खुद को ठंडा नहीं रख पाता।

नमी वाली गर्मी क्यों ज्यादा खतरनाक?
सूखी गर्मी में पसीना जल्दी सूखकर शरीर को ठंडा करता है, लेकिन नमी ज्यादा होने पर पसीना सूख नहीं पाता। इस वजह से शरीर जल्दी गर्म हो जाता है कम तापमान में भी खतरा बढ़ जाता है जब शरीर का तापमान 40°C के पार चला जाता है, तो हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इस स्थिति में शरीर का कूलिंग सिस्टम काम करना बंद कर देता है। इसके लक्षण हो सकते हैं चक्कर आना, भ्रम या घबराहट बेहोशी समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।

शरीर के अंदर क्या होता है असर?
तेज गर्मी का असर शरीर के जरूरी अंगों पर भी पड़ता है दिमाग में सूजन और भ्रम दिल पर ज्यादा दबाव शरीर का तापमान कंट्रोल सिस्टम फेल बढ़ती गर्मी और लू के बीच सावधानी बेहद जरूरी है। धूप में कम निकलें पानी ज्यादा पिएं शरीर को ठंडा रखें गर्मी को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है, इसलिए समय रहते सतर्क रहना जरूरी है।