मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 1 मई तक तेज गर्मी के बीच बारिश की भी संभावना बनी हुई है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सिस्टम के सक्रिय होने से यह बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि, 28 अप्रैल से लू के असर में कुछ कमी आने की उम्मीद जताई गई है। छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में मंगलवार को लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश होने की संभावना है।
कई शहरों में 44 डिग्री के पार तापमान
सोमवार को खजुराहो (46.0°C) और नौगांव (45.5°C) के अलावा श्योपुर और दतिया सहित कुल 13 शहरों में तापमान 44 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। भोपाल और ग्वालियर में 43.4°C, इंदौर में 42.0°C, उज्जैन में 42.4°C और जबलपुर में 42.7°C तापमान रिकॉर्ड हुआ। खजुराहो में जहां 10 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है, वहीं अब सर्वकालिक रिकॉर्ड पर भी खतरा मंडरा रहा है। 29 अप्रैल 1993 को यहां अधिकतम तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यदि गर्मी का यही सिलसिला जारी रहा, तो यह रिकॉर्ड भी टूट सकता है।
गर्मी से बचाव के लिए सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को गर्मी से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने, दोपहर में धूप से बचने और हल्के व सूती कपड़े पहनने की अपील की गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
