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  • रिटायर्ड हाईकोर्ट जज विनोद कुमार द्विवेदी संभालेंगे मध्यप्रदेश भू संपदा अपीलीय अधिकरण की कमान सरकार ने जारी किया नियुक्ति आदेश

    रिटायर्ड हाईकोर्ट जज विनोद कुमार द्विवेदी संभालेंगे मध्यप्रदेश भू संपदा अपीलीय अधिकरण की कमान सरकार ने जारी किया नियुक्ति आदेश


    मध्यप्रदेश
      मध्यप्रदेश सरकार ने भू संपदा नियमन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस विनोद कुमार द्विवेदी को मध्यप्रदेश भू संपदा अपीलीय अधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस संबंध में नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने शुक्रवार को भोपाल से विधिवत नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। यह नियुक्ति राज्य शासन द्वारा रियल एस्टेट विनियमन और विकास अधिनियम 2016 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए की गई है।
    जारी आदेश के अनुसार जस्टिस विनोद कुमार द्विवेदी मध्यप्रदेश भू संपदा अपीलीय अधिकरण के अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे। उनका कार्यकाल पद ग्रहण करने की तिथि से अधिकतम पांच वर्ष तक रहेगा अथवा 67 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक प्रभावी होगा। इनमें से जो भी स्थिति पहले आएगी उसी के अनुसार उनका कार्यकाल समाप्त माना जाएगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उन्हें अध्यक्ष पद पर पुनर्नियुक्ति की पात्रता प्राप्त नहीं होगी।

    सरकार ने यह नियुक्ति भू संपदा विनियमन और विकास अधिनियम 2016 की धारा 45 तथा धारा 47 के प्रावधानों के तहत की है। आदेश के मुताबिक अध्यक्ष के वेतन भत्ते सेवा शर्तें और अन्य सुविधाएं मध्यप्रदेश भू संपदा विनियमन और विकास नियम 2017 के नियम 30 के अनुसार निर्धारित की जाएंगी। इससे स्पष्ट है कि उनकी नियुक्ति पूरी तरह वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप की गई है।

    नगरीय विकास एवं आवास विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राज्यपाल के नाम से यह नियुक्ति स्वीकृत की गई है। आदेश पर विभाग के उप सचिव प्रमोद कुमार शुक्ला के डिजिटल हस्ताक्षर हैं। आदेश की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री कार्यालय मुख्य सचिव कार्यालय सामान्य प्रशासन विभाग वित्त विभाग विधि एवं विधायी कार्य विभाग मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग सहित संबंधित विभागों को भी भेजी गई है ताकि नियुक्ति से जुड़ी सभी औपचारिक प्रक्रियाएं समय पर पूरी की जा सकें।

    मध्यप्रदेश भू संपदा अपीलीय अधिकरण रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े विवादों और अपीलों के निस्तारण का महत्वपूर्ण न्यायिक मंच है। यहां रेरा से जुड़े मामलों में अपीलों की सुनवाई की जाती है। ऐसे में अनुभवी न्यायिक अधिकारी की नियुक्ति से लंबित मामलों के त्वरित और प्रभावी निपटारे की उम्मीद जताई जा रही है। जस्टिस विनोद कुमार द्विवेदी न्यायिक सेवा में लंबे अनुभव के साथ उच्च न्यायालय में महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई कर चुके हैं। उनके अनुभव का लाभ अब भू संपदा अपीलीय अधिकरण को मिलेगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियुक्ति से रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने निवेशकों का विश्वास मजबूत करने और बिल्डर तथा खरीदारों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों के समयबद्ध समाधान को गति मिलेगी। राज्य सरकार का यह कदम रियल एस्टेट नियामक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • एमपी में मानसून सक्रिय, 19 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, बड़वानी-खंडवा में रेड वार्निंग

    एमपी में मानसून सक्रिय, 19 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, बड़वानी-खंडवा में रेड वार्निंग


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इंदौर और उज्जैन सहित 19 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। बड़वानी और खंडवा में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जहां अगले 24 घंटे में करीब 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, खरगोन, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा और बालाघाट जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं इंदौर, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर और पांढुर्णा में भारी बारिश होने की संभावना है।

    इसके अलावा नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, भोपाल, रायसेन, सागर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, ग्वालियर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश के लगभग सभी जिलों में बारिश का दौर जारी रहेगा।

    बीते 24 घंटे में कई जिलों में झमाझम बारिश
    मानसून की सक्रियता के चलते पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर में सबसे अधिक करीब सवा दो इंच बारिश दर्ज की गई। मंडला में लगभग पौने दो इंच, भोपाल में डेढ़ इंच तथा बालाघाट में सवा इंच वर्षा हुई।

    इसके अलावा बैतूल, नर्मदापुरम, दतिया, रतलाम और शिवपुरी में पौन इंच, जबकि दमोह, धार और पचमढ़ी में करीब आधा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, नरसिंहपुर, नौगांव, सागर, सतना, सिवनी, टीकमगढ़, उमरिया, गुना, ग्वालियर और रायसेन में भी अच्छी बारिश हुई।

    बारिश से तापमान में आई गिरावट
    लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेशभर में दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। भोपाल में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि इंदौर में 30 डिग्री, ग्वालियर में 33.6 डिग्री, उज्जैन में 32 डिग्री और जबलपुर में 28.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सबसे कम अधिकतम तापमान मलाजखंड में 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नरसिंहपुर, सागर, दमोह, रायसेन, मंडला, छिंदवाड़ा, गुना, धार और बैतूल में भी अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।

    कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित
    शुक्रवार को भोपाल में सुबह से रुक-रुककर बारिश होती रही। वहीं उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में रातभर हुई तेज बारिश से शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे घाटों पर स्थित कई मंदिर पानी में डूब गए। ग्वालियर में भी सुबह तेज बारिश दर्ज की गई। उधर, रतलाम जिले के शिवपुर गांव में खेतों में पानी भर जाने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

  • पूरे मध्य प्रदेश में सक्रिय हुआ मानसून, खंडवा-हरदा में रेड अलर्ट, 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

    पूरे मध्य प्रदेश में सक्रिय हुआ मानसून, खंडवा-हरदा में रेड अलर्ट, 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। 24 जून को नौ दिन की देरी से प्रदेश में प्रवेश करने वाला मानसून गुरुवार को उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग तक पहुंच गया। इसके साथ ही महज नौ दिनों में मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया है। हालांकि, अब भी 38 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि भोपाल, इंदौर और देवास में सबसे अधिक वर्षा हुई है।

    खंडवा और हरदा में रेड अलर्ट
    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने शुक्रवार को खंडवा और हरदा जिलों के लिए अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, बुरहानपुर और बैतूल में भी अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में इन जिलों में 4 से 8 इंच तक वर्षा हो सकती है।

    19 जिलों में भारी बारिश का अनुमान
    रतलाम, उज्जैन, राजगढ़, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

    इसके अलावा अलीराजपुर, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, इंदौर, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, जबलपुर, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, कटनी, शहडोल और मंडला में भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    सीजन का पहला रेड अलर्ट
    मौसम विभाग ने प्रदेश में 6 जुलाई तक भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले दो दिनों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जो इस मानसून सीजन का पहला रेड अलर्ट है। गुरुवार को भोपाल समेत 15 से अधिक जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई।

    जुलाई में बेहतर बारिश की उम्मीद
    मौसम विभाग के अनुसार, जून में अपेक्षाकृत कम वर्षा हुई, लेकिन जुलाई में मानसून के अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। आमतौर पर प्रदेश की कुल मानसूनी बारिश का लगभग एक-तिहाई हिस्सा जुलाई में होता है।

    उदाहरण के तौर पर भोपाल में सामान्य मानसूनी वर्षा करीब 39 इंच मानी जाती है, जिसमें लगभग 14 इंच बारिश केवल जुलाई में दर्ज होती है। वहीं, बड़े शहरों में जबलपुर ऐसा शहर है, जहां जुलाई के दौरान 17 इंच से अधिक वर्षा होती है। मौसम विभाग का कहना है कि जुलाई में प्रदेश की कुल मानसूनी वर्षा का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा रिकॉर्ड किया जाता है।

  • मध्यप्रदेश में 2,548 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के पदों पर होगी भर्ती

    मध्यप्रदेश में 2,548 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के पदों पर होगी भर्ती


    भोपाल । राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और जमीनी स्तर पर पोषण प्रबंधन को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से प्रदेश की विभिन्न बाल विकास परियोजनाओं में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी सहायिकाओं की बड़े पैमाने पर भर्ती करने का निर्णय लिया है। राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 2,548 पदों पर योग्य महिला अभ्यर्थियों की नियुक्तियां की जा रही हैं।

    स्थानीय महिलाओं को प्राथमिकता

    भर्ती में स्थानीय पात्रताधारियों को प्राथमिकता मिलेगी। कुल रिक्तियों में से 781 पद आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए और 1,767 पद आंगनवाड़ी सहायिकाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। इन पदों पर चयन के लिए पारदर्शिता और स्थानीय प्रतिनिधित्व को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। नियमों के मुताबिक, आवेदिका का उसी राजस्व ग्राम या शहरी वार्ड का निवासी होना अनिवार्य है, जहां का पद रिक्त है। किसी अन्य ग्राम या वार्ड की महिला इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पात्र नहीं मानी जाएगी। इससे स्थानीय महिलाओं को प्राथमिकता मिलने से मैदानी स्तर पर सेवाओं का कुशल संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।

    ऑनलाइन आवेदन केवल 13 जुलाई तक स्वीकार होंगे

    भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी रहेगी। इसमें एम.पी. ऑनलाइन के माध्यम से ही आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। इच्छुक महिला अभ्यर्थी चयन पोर्टल (https://chayan.mponline.gov.in) पर जाकर 1 जुलाई 2026 से अपने आवेदन पत्र ऑनलाइन जमा कर सकती हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है, जबकि भरे गए फॉर्म में किसी भी प्रकार के त्रुटि सुधार के लिए 15 जुलाई 2026 तक का समय दिया जाएगा। विभाग द्वारा स्पष्ट किया है कि केवल पोर्टल पर प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों को ही स्वीकार किया जाएगा। किसी भी स्तर के कार्यालय में ऑफलाइन भेजे गए आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

    न्यूनतम योग्यता हायर सेकण्डरी, आयु सीमा 18-35 वर्ष तय

    शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा के मापदंडों के अनुसार, दोनों ही पदों के लिए आवेदिकाओं का हायर सेकेंडरी अर्थात 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। अन्य राज्यों या अशासकीय बोर्डों की अंकसूचियों को तभी मान्यता दी जाएगी जब वे माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश की समकक्षता सूची में शामिल हों। साथ ही 1 जनवरी 2026 की स्थिति में आवेदिका की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होना आवश्यक है, जिसकी पुष्टि के लिए 10वीं बोर्ड की अंकसूची संलग्न करना अनिवार्य होगा। आवेदन के दौरान सभी आवश्यक प्रमाण-पत्र पीडीएफ प्रारूप में अपलोड करने होंगे, जिसके लिए निर्धारित शुल्क 100 रुपये और 18 प्रतिशत जीएसटी तय किया गया है।

    रिक्त पदों की जिलेवार स्थिति

    आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आंगनवाड़ी सहायिका के रिक्त पदों के अनुसार जिलेवार स्थिति इस प्रकार है। आलीराजपुर जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 10 तथा आंगनवाड़ी सहायिका के 22 पद रिक्त हैं। इंदौर जिले में कार्यकर्ता के 20 एवं सहायिका के 43 पद रिक्त हैं। खंडवा जिले में कार्यकर्ता के 15 तथा सहायिका के 32 पद रिक्त हैं। खरगोन जिले में कार्यकर्ता के 34 एवं सहायिका के 40 पद रिक्त हैं। झाबुआ जिले में कार्यकर्ता के 21 तथा सहायिका के 23 पद रिक्त हैं। धार जिले में कार्यकर्ता के 30 एवं सहायिका के 82 पद रिक्त हैं। बड़वानी जिले में कार्यकर्ता के 14 तथा सहायिका के 44 पद रिक्त हैं। बुरहानपुर जिले में कार्यकर्ता के 7 एवं सहायिका के 25 पद रिक्त हैं।

    आगर मालवा जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 6 तथा सहायिका के 25 पद रिक्त हैं। उज्जैन जिले में कार्यकर्ता के 31 एवं सहायिका के 45 पद रिक्त हैं। देवास जिले में कार्यकर्ता के 16 तथा सहायिका के 35 पद रिक्त हैं। नीमच जिले में कार्यकर्ता के 8 एवं सहायिका के 32 पद रिक्त हैं। मंदसौर जिले में कार्यकर्ता के 9 तथा सहायिका के 25 पद रिक्त हैं। रतलाम जिले में कार्यकर्ता के 31 एवं सहायिका के 62 पद रिक्त हैं। शाजापुर जिले में कार्यकर्ता के 8 तथा सहायिका के 22 पद रिक्त हैं।

    अशोकनगर जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 5 तथा सहायिका के 15 पद रिक्त हैं। गुना जिले में कार्यकर्ता के 19 एवं सहायिका के 38 पद रिक्त हैं। ग्वालियर जिले में कार्यकर्ता के 15 तथा सहायिका के 39 पद रिक्त हैं। दतिया जिले में कार्यकर्ता के 16 एवं सहायिका के 26 पद रिक्त हैं। शिवपुरी जिले में कार्यकर्ता के 23 तथा सहायिका के 37 पद रिक्त हैं।

    भिंड जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 8 तथा सहायिका के 37 पद रिक्त हैं। मुरैना जिले में कार्यकर्ता के 8 एवं सहायिका के 18 पद रिक्त हैं। श्योपुर जिले में कार्यकर्ता के 16 तथा सहायिका के 37 पद रिक्त हैं।

    कटनी जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 9 तथा सहायिका के 15 पद रिक्त हैं। छिंदवाड़ा जिले में कार्यकर्ता के 38 एवं सहायिका के 48 पद रिक्त हैं। जबलपुर जिले में कार्यकर्ता के 12 तथा सहायिका के 38 पद रिक्त हैं। डिंडौरी जिले में कार्यकर्ता के 14 एवं सहायिका के 42 पद रिक्त हैं। नरसिंहपुर जिले में कार्यकर्ता के 18 तथा सहायिका के 28 पद रिक्त हैं। पांढुर्णा जिले में कार्यकर्ता के 5 एवं सहायिका के 10 पद रिक्त हैं। बालाघाट जिले में कार्यकर्ता के 24 तथा सहायिका के 51 पद रिक्त हैं। मंडला जिले में कार्यकर्ता के 19 एवं सहायिका के 26 पद रिक्त हैं। सिवनी जिले में कार्यकर्ता के 20 तथा सहायिका के 48 पद रिक्त हैं।

    नर्मदापुरम जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 13 तथा सहायिका के 21 पद रिक्त हैं। बैतूल जिले में कार्यकर्ता के 20 एवं सहायिका के 71 पद रिक्त हैं। हरदा जिले में कार्यकर्ता के 7 तथा सहायिका के 17 पद रिक्त हैं।

    भोपाल जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 10 तथा सहायिका के 29 पद रिक्त हैं। राजगढ़ जिले में कार्यकर्ता के 19 एवं सहायिका के 70 पद रिक्त हैं। रायसेन जिले में कार्यकर्ता के 14 तथा सहायिका के 29 पद रिक्त हैं। विदिशा जिले में कार्यकर्ता के 19 एवं सहायिका के 73 पद रिक्त हैं। सीहोर जिले में कार्यकर्ता के 14 तथा सहायिका के 28 पद रिक्त हैं।

    मैहर जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 7 तथा सहायिका के 14 पद रिक्त हैं। मऊगंज जिले में कार्यकर्ता का कोई पद रिक्त नहीं है, जबकि सहायिका के 4 पद रिक्त हैं। रीवा जिले में कार्यकर्ता के 9 तथा सहायिका के 31 पद रिक्त हैं। सतना जिले में कार्यकर्ता के 11 एवं सहायिका के 30 पद रिक्त हैं। सिंगरौली जिले में कार्यकर्ता के 2 तथा सहायिका के 8 पद रिक्त हैं। सीधी जिले में कार्यकर्ता के 5 एवं सहायिका के 12 पद रिक्त हैं।

    अनूपपुर जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 9 तथा सहायिका के 19 पद रिक्त हैं। उमरिया जिले में कार्यकर्ता के 5 एवं सहायिका के 15 पद रिक्त हैं। शहडोल जिले में कार्यकर्ता के 11 तथा सहायिका के 27 पद रिक्त हैं।

    छतरपुर जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 14 तथा सहायिका के 37 पद रिक्त हैं। टीकमगढ़ जिले में कार्यकर्ता के 15 एवं सहायिका के 11 पद रिक्त हैं। दमोह जिले में कार्यकर्ता के 13 तथा सहायिका के 41 पद रिक्त हैं। निवाड़ी जिले में कार्यकर्ता के 6 एवं सहायिका के 6 पद रिक्त हैं। पन्ना जिले में कार्यकर्ता के 4 तथा सहायिका के 17 पद रिक्त हैं। सागर जिले में कार्यकर्ता के 25 एवं सहायिका के 47 पद रिक्त हैं।

  • एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, आज 13 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी

    एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, आज 13 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। बुधवार को मानसून ने भोपाल और सागर संभाग के कई जिलों में दस्तक दी। अब मौसम विभाग का अनुमान है कि गुरुवार को मानसून उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग के शेष हिस्सों तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    13 जिलों में भारी और अति भारी बारिश का अलर्ट
    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) भोपाल ने हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट जिलों के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों के दौरान इन क्षेत्रों में 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं अशोकनगर, देवास, खंडवा, बैतूल, सागर, मंडला और डिंडौरी जिलों में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।

    भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी
    मौसम विभाग ने भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, बैतूल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गुरुवार को तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की है। बुधवार को इंदौर के कई इलाकों में तेज बारिश हुई, जिससे वार्ड क्रमांक 80 में पानी दुकानों तक पहुंच गया और कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई।

    5 जुलाई तक जारी रहेगा तेज बारिश का दौर
    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 5 जुलाई तक कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। 3 जुलाई को धार और बड़वानी जिलों के लिए अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 4 जुलाई को खरगोन जिले में भी रेड अलर्ट घोषित किया गया है।

    अब तक सामान्य से 28 प्रतिशत कम बारिश
    प्रदेश में जून महीने के दौरान कई स्थानों पर आंधी और बारिश का दौर बना रहा। 1 जुलाई को भी अनेक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद प्रदेश में अब तक कुल 100.2 मिमी (करीब 4 इंच) वर्षा हुई है, जो सामान्य 139.7 मिमी (करीब 5.4 इंच) की तुलना में 28 प्रतिशत कम है।

    जुलाई से बेहतर बारिश की उम्मीद
    मौसम विभाग का कहना है कि जून में बारिश अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन जुलाई में मानसून के सक्रिय रहने की संभावना है। आमतौर पर प्रदेश की कुल मानसूनी बारिश का लगभग एक-तिहाई हिस्सा जुलाई में होता है।

    उदाहरण के तौर पर, भोपाल में सामान्य मानसूनी वर्षा करीब 39 इंच मानी जाती है, जिसमें से लगभग 14 इंच बारिश केवल जुलाई में होती है। वहीं, जबलपुर प्रदेश के प्रमुख शहरों में सबसे अधिक वर्षा वाला शहर है, जहां जुलाई में 17 इंच से अधिक बारिश दर्ज की जाती है। मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई के दौरान प्रदेश में पूरे मानसून की करीब 40 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान रहता है।

  • एमपी के 7 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, अगले 2-4 दिनों में पूरे प्रदेश में सक्रिय होगा मानसून

    एमपी के 7 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, अगले 2-4 दिनों में पूरे प्रदेश में सक्रिय होगा मानसून


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने बुधवार को बालाघाट और डिंडौरी में अति भारी बारिश, जबकि देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा और छिंदवाड़ा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति बन सकती है।

    2 से 4 दिनों में पूरे प्रदेश को कवर करेगा मानसून
    मौसम विभाग के अनुसार, मानसून मंगलवार को आगे बढ़ते हुए जबलपुर, भोपाल, रीवा और शहडोल संभाग के अधिकांश जिलों तक पहुंच गया है। अगले 2 से 4 दिनों के भीतर भोपाल, सागर, ग्वालियर, उज्जैन और चंबल संभाग के शेष जिलों में भी मानसून की दस्तक होने की संभावना है।

    इन जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी
    मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में तेज आंधी के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा और रतलाम में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    23 जिलों में बरसे बादल, तापमान में आई गिरावट
    मंगलवार को प्रदेश के 23 जिलों में बारिश दर्ज की गई। सतना में करीब डेढ़ इंच वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, बैतूल, धार, नर्मदापुरम, खरगोन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी, सीधी, बालाघाट, पांढुर्णा, सीहोर, शाजापुर, डिंडौरी, हरदा और मैहर सहित कई जिलों में अच्छी बारिश हुई।

    बारिश के कारण अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। भोपाल में 30.6 डिग्री, इंदौर में 33 डिग्री, उज्जैन में 35 डिग्री, जबलपुर में 32 डिग्री और ग्वालियर में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।

    सबसे कम अधिकतम तापमान बैतूल में 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा सिवनी, छिंदवाड़ा, दमोह, मलाजखंड, खंडवा, सागर, मंडला और खरगोन में भी तापमान सामान्य से नीचे रहा।

    जून में कमी, जुलाई से बेहतर बारिश की उम्मीद
    मौसम विभाग के अनुसार, जून महीने में प्रदेश में कुल 88.2 मिमी (करीब 3.5 इंच) बारिश हुई, जो सामान्य 131.1 मिमी की तुलना में लगभग 33 प्रतिशत कम रही। हालांकि विभाग का अनुमान है कि जुलाई में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। सामान्य तौर पर प्रदेश की कुल मानसूनी बारिश का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा जुलाई में ही दर्ज होता है, इसलिए इस महीने अच्छी बारिश की उम्मीद जताई जा रही है।

  • ब्लैकमेलिंग के आरोपों में घिरे मीडियाकर्मी पर दूसरी एफआईआर भाई और महिला साथी सहित चार लोगों पर पुलिस ने दर्ज किया मामला

    ब्लैकमेलिंग के आरोपों में घिरे मीडियाकर्मी पर दूसरी एफआईआर भाई और महिला साथी सहित चार लोगों पर पुलिस ने दर्ज किया मामला


    इंदौर । इंदौर में एक मीडियाकर्मी के खिलाफ सात दिन के भीतर दूसरी एफआईआर दर्ज होने से मामला चर्चा में आ गया है। इस बार बाणगंगा थाना पुलिस ने एमपीईबी के कार्यपालक निदेशक की शिकायत पर मीडियाकर्मी अनवर खान उसके भाई एक महिला साथी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ ब्लैकमेलिंग धमकी देकर रुपए वसूलने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी आरोपों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

    बाणगंगा थाना प्रभारी सियाराम गुर्जर के अनुसार शिकायत एमपीईबी के कार्यपालक निदेशक शिवलाल पुत्र दयाराम करबाडिया ने दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर अनवर खान साधना शक्वातव सिद्दीकी खान और फारूख सिद्दीकी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

    शिकायतकर्ता के अनुसार उनका कार्यालय और निवास पोलोग्राउंड क्षेत्र में स्थित है। आरोप है कि चारों आरोपी कई वर्षों से रिपोर्टिंग के सिलसिले में वहां आते जाते थे। इसी दौरान उन्होंने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़े मामलों में कथित रूप से भ्रामक और दबाव बनाने वाली खबरें प्रकाशित करने की बात कहकर मानसिक दबाव बनाया।

    एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता को रेप के झूठे मामले में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी देकर रुपए की मांग की। शिकायत के मुताबिक जून 2024 से दिसंबर 2025 के बीच करीब डेढ़ लाख रुपये विभिन्न किस्तों में वसूल किए गए। आरोप है कि रकम लेने के बाद भी लगातार और पैसे की मांग की जाती रही जिससे शिकायतकर्ता मानसिक रूप से परेशान हो गया।

    शिवलाल करबाडिया ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें जानकारी मिली कि अनवर खान के खिलाफ पहले से ही बाणगंगा थाने में ब्लैकमेलिंग का एक अन्य मामला दर्ज है। इसके बाद उन्होंने भी अपने साथ हुई कथित घटनाओं की शिकायत पुलिस से की और पूरी जानकारी उपलब्ध कराई।

    पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। मामले से जुड़े दस्तावेज साक्ष्य और अन्य तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस ने किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं ताकि आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सके और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

  • इंदौर में थाने से हथकड़ी खोलकर फरार हुआ बदमाश अवैध शराब मामले का आरोपी पुलिस को देकर गया चुनौती

    इंदौर में थाने से हथकड़ी खोलकर फरार हुआ बदमाश अवैध शराब मामले का आरोपी पुलिस को देकर गया चुनौती


    इंदौर । इंदौर के द्वारकापुरी थाने से अवैध शराब मामले में गिरफ्तार आरोपी साबिर उर्फ गज्जू हथकड़ी से हाथ निकालकर फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आरोपी की तलाश में कई टीमें रवाना कर दी गईं।

    इंदौर के द्वारकापुरी थाना परिसर से मंगलवार को पुलिस की हिरासत में मौजूद एक आरोपी के फरार होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अवैध शराब के मामले में गिरफ्तार साबिर उर्फ गज्जू संतरी को चकमा देकर हथकड़ी से अपना हाथ निकालने में सफल रहा और मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तत्काल अलग अलग टीमों का गठन कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। आसपास के इलाकों में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार साबिर उर्फ गज्जू निवासी अहीरखेड़ी को सोमवार रात गिरफ्तार किया गया था। वह अवैध शराब के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे द्वारकापुरी थाने लाया गया जहां सुरक्षा के तहत हथकड़ी लगाकर बैठाया गया था। मंगलवार को मौका मिलते ही उसने धीरे धीरे हथकड़ी से अपना हाथ निकाल लिया और पुलिसकर्मियों को भनक लगे बिना वहां से भाग निकला।

    जानकारी के मुताबिक जिस स्थान पर साबिर को बैठाया गया था वहीं पास में पुलिस की गिरफ्त में मौजूद ड्रग्स तस्कर चेतन नाथ भी बैठा हुआ था। चेतन नाथ को सोमवार को ही आठ किलो गांजा लगभग 270 ग्राम ब्राउन शुगर 19 लाख रुपये नकद नोट गिनने की मशीन और 22 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसी दौरान सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक का फायदा उठाकर साबिर फरार हो गया।

    घटना सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने तत्काल पूरे मामले की जानकारी ली और आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमों को रवाना किया। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में दबिश दे रही है और आरोपी के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को दोबारा गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार साबिर कोई नया अपराधी नहीं है। करीब दो महीने पहले उसके साथी अरुण को अवैध शराब के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उस समय भी साबिर उसके साथ मौजूद था लेकिन पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। तभी से पुलिस उसकी तलाश में लगी हुई थी और सोमवार रात उसे पकड़ने में सफलता मिली थी लेकिन अगले ही दिन वह फिर पुलिस हिरासत से भाग निकला।

    सूत्रों के मुताबिक साबिर के खिलाफ अवैध शराब की तस्करी मारपीट और अन्य आपराधिक मामलों सहित तीन से अधिक प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के साथ साथ यह भी जांच कर रही है कि थाने से फरार होने में किसी प्रकार की लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं हुई। पूरे मामले की विभागीय समीक्षा भी की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।

  • सोशल मीडिया कॉलिंग से चलता था ड्रग्स का काला कारोबार इंदौर पुलिस की पूछताछ में खुला बड़ा नेटवर्क

    सोशल मीडिया कॉलिंग से चलता था ड्रग्स का काला कारोबार इंदौर पुलिस की पूछताछ में खुला बड़ा नेटवर्क


    इंदौर । इंदौर में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान पुलिस को एक बड़े नेटवर्क के अहम सुराग मिले हैं। गिरफ्तार आरोपी चेतन नाथ से पूछताछ में सामने आया है कि नशे का पूरा कारोबार सोशल मीडिया कॉलिंग के जरिए संचालित किया जाता था। आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में एक भी सेव संपर्क नंबर नहीं मिला जिससे पुलिस को अंदेशा है कि गिरोह पहचान छिपाने के लिए आधुनिक डिजिटल तरीकों का इस्तेमाल कर रहा था। फिलहाल अदालत ने आरोपी को दो जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।

    द्वारकापुरी थाना पुलिस के अनुसार चेतन नाथ की गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला कि ड्रग्स की खरीद और सप्लाई के लिए सामान्य फोन कॉल या मैसेज की बजाय सोशल मीडिया कॉलिंग का उपयोग किया जाता था ताकि पुलिस की निगरानी से बचा जा सके। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल का तकनीकी विश्लेषण कर उसके डिजिटल नेटवर्क और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।

    पुलिस ने बताया कि जब टीम चेतन नाथ को पकड़ने उसके ठिकाने पर पहुंची थी तब वहां उसका एक साथी भी मौजूद था। पुलिस को देखते ही वह मौके से फरार हो गया। पूछताछ में पता चला कि दोनों पहले जेल में साथ रह चुके हैं और लंबे समय से संपर्क में थे। अब पुलिस फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और उसके संभावित ठिकानों की जांच की जा रही है।

    पूछताछ के दौरान चेतन नाथ ने यह भी दावा किया कि उसके पास से बरामद 19 लाख रुपये नकद उसके एक साथी की जमानत के लिए जुटाए गए थे। हालांकि पुलिस इस दावे को पूरी तरह सत्यापित करने में जुटी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इतनी बड़ी नकदी नशे के कारोबार से अर्जित की गई हो सकती है और इसके वित्तीय स्रोतों की भी पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 19 लाख रुपये नकद नोट गिनने की मशीन लगभग 270 ग्राम ब्राउन शुगर 8 किलो गांजा और पिस्टल के 22 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। बरामद कारतूसों के स्रोत और उनके संभावित इस्तेमाल को लेकर भी जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी के पास हथियारों से जुड़ा कोई नेटवर्क भी था या नहीं।

    जांच अधिकारियों के मुताबिक इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ दिन पहले पुलिस ने लकी नाथ नामक आरोपी को ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया था। उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने बैक ट्रैकिंग करते हुए चेतन नाथ तक पहुंच बनाई। अब पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

    पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क केवल इंदौर तक सीमित नहीं हो सकता और इसके तार दूसरे शहरों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी वजह से डिजिटल साक्ष्यों बैंकिंग लेनदेन और कॉलिंग पैटर्न की गहन जांच की जा रही है ताकि पूरे ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।

  • 500 करोड़ की जमीन विवाद में कांग्रेस नेता पंकज संघवी से पुलिस पूछताछ डायमंड पैलेस जमीन मामले में जांच तेज


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के इंदौर में करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य की 17 एकड़ जमीन को लेकर चल रहे चर्चित विवाद में पुलिस जांच तेज हो गई है। इसी सिलसिले में मंगलवार को कनाड़िया थाना पुलिस ने संयम इंफ्रा से जुड़े कारोबारी और कांग्रेस नेता पंकज संघवी से पूछताछ की। उनके भतीजे तथा कंपनी के पार्टनर प्रतीक संघवी को भी नोटिस देकर थाने बुलाया गया जहां उनसे लंबे समय तक पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि जांच के तहत सभी संबंधित पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है।

    यह मामला कनाड़िया क्षेत्र स्थित डायमंड पैलेस कॉलोनी की लगभग 17 एकड़ जमीन से जुड़ा है जिसकी अनुमानित कीमत करीब 500 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पिछले सप्ताह इस जमीन को लेकर संयम इंफ्रा से जुड़े लोगों और स्थानीय रहवासियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी जहां कथित रूप से कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ भी विवाद किया था।

    पुलिस के अनुसार मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी विजय सिकरवार और आशीष शर्मा के साथ मोहसीन और उसके साथियों की कहासुनी हुई थी। घटना के दो दिन बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। इसके बाद सात दिन के भीतर नामजद आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया। अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

    एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि जांच के क्रम में पंकज संघवी और प्रतीक संघवी को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पंकज संघवी से पूछताछ के बाद उन्हें जाने दिया गया जबकि प्रतीक संघवी से देर तक पूछताछ जारी रही। पुलिस का कहना है कि अभी यह केवल जांच प्रक्रिया का हिस्सा है और किसी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

    जांच अधिकारियों के मुताबिक संयम इंफ्रा कंपनी में पंकज संघवी प्रतीक संघवी दीपक और आशीष साझेदार हैं। कंपनी के कई आधिकारिक दस्तावेजों पर प्रतीक संघवी के हस्ताक्षर होने के कारण उनसे भी विस्तृत जानकारी ली जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि विवाद वाले दिन मौके पर पहुंचे लोगों को किसने बुलाया था और पूरे घटनाक्रम में उनकी भूमिका क्या थी।

    बताया जा रहा है कि डायमंड पैलेस कॉलोनी की यह जमीन लंबे समय से विवादों में रही है। संघवी परिवार इस जमीन पर अपना दावा करता है जबकि कथित अवैध कब्जों और निर्माण को लेकर कई वर्षों से स्थानीय रहवासियों और परिवार के बीच विवाद चलता आ रहा है। यह मामला अदालत तक भी पहुंच चुका है और अब तक इसका अंतिम समाधान नहीं निकल पाया है।

    फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी तथा यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो कानून के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।