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  • MP में दिन के तापमान में गिरावट, रात का पारा अब भी सामान्य से अधिक, 4 दिन बारिश-आंधी का अलर्ट

    MP में दिन के तापमान में गिरावट, रात का पारा अब भी सामान्य से अधिक, 4 दिन बारिश-आंधी का अलर्ट


    भोपाल। ‘अर्नब’ तूफान के असर से मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में 6.6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है, जबकि रात का पारा अब भी सामान्य से 4.8 डिग्री तक ज्यादा बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले चार दिन प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड बढ़ने के आसार हैं।

    भोपाल मौसम केंद्र के मुताबिक, उत्तराखंड में हो रही बर्फबारी के कारण ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में ठंडी हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। यहां अधिकतम तापमान में 6.2 से 6.6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। अमरकंटक, रीवा, सतना, पचमढ़ी, करौंदी, उमरिया, ग्वालियर और दतिया में दिन का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।

    इसके उलट प्रदेश के कई संभागों में रात का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। इंदौर, चंबल, रीवा और सागर-जबलपुर संभाग में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.3 डिग्री तक ज्यादा दर्ज किया गया। वहीं भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में यह अंतर 4.8 डिग्री तक पहुंच गया है।

    विदिशा में दृश्यता घटकर 50 मीटर रह गई

    विदिशा में रविवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। इसके चलते दृश्यता घटकर महज 50 मीटर रह गई। सड़कों पर आगे का रास्ता साफ दिखाई नहीं देने से वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा। हाईवे और खुले रास्तों पर भी लोगों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी।

    अगले चार दिन ऐसा रहेगा मौसम

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नाइक के अनुसार, अगले चार दिन प्रदेश में मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। दिन के तापमान में गिरावट जारी रहने की संभावना है, जबकि रातें अपेक्षाकृत गर्म रहेंगी। इस दौरान कई इलाकों में आंधी, बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

    रविवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर सहित कई जिलों में धूप खिलने का अनुमान है।

    24 घंटे में 26 जिलों में हुई बारिश

    चक्रवात के असर से बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 26 जिलों में बारिश दर्ज की गई। इनमें जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, राजगढ़, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड और दतिया शामिल हैं। इस दौरान मुरैना में हवा की रफ्तार 31 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।

  • MP में 2 नवंबर तक आंधी-बारिश का रहेगा दौर, आज 33 जिलों में अलर्ट, पचमढ़ी सबसे ठंडा

    MP में 2 नवंबर तक आंधी-बारिश का रहेगा दौर, आज 33 जिलों में अलर्ट, पचमढ़ी सबसे ठंडा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 2 नवंबर तक बारिश की संभावना जताते हुए शुक्रवार को ग्वालियर-जबलपुर समेत 33 जिलों में आंधी और हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में भी 2 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान राजगढ़, विदिशा, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में मौसम खराब रह सकता है।

    दूसरी ओर भोपाल, रायसेन, सीहोर, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, शाजापुर, देवास, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में धूप निकलने की संभावना है।

    बारिश से फसलों पर असर, मंडी में भीगा मक्का
    बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पांढुर्णा की मंडी में गुरुवार को खुले में रखे मक्के के ढेर बारिश में भीग गए। इससे हजारों क्विंटल मक्का खराब होने की आशंका है। छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है। ऐसे में बारिश से धान के दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

    रायसेन के दशहरा मैदान में धान लेकर पहुंचे किसानों को भी अपनी उपज बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। यहां करीब 200 ट्रॉलियों में धान रखा हुआ था। गुरुवार को भोपाल, सागर, सिंगरौली, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, सीहोर और नर्मदापुरम सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। हालांकि, इस बारिश से तुअर, कपास और संतरे की फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

    पचमढ़ी में 15.2 डिग्री रहा न्यूनतम तापमान
    आंधी और बारिश के चलते प्रदेश के कई इलाकों में दिन के समय ठंडक बढ़ गई। गुरुवार को दिन के तापमान में 2 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। रात के तापमान की बात करें तो पचमढ़ी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा नौगांव में 15.6, अमरकंटक में 16.1, खरगोन और दमोह में 17 तथा धार में 17.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ।

    गौरतलब है कि मध्य प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो चुकी है। इसके बावजूद नए मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है।

  • MP में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर: पूर्वी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल-ग्वालियर में भी बदलेगा मौसम

    MP में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर: पूर्वी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल-ग्वालियर में भी बदलेगा मौसम


    भोपाल। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को प्रदेश के पूर्वी जिलों में भारी से अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है, जबकि भोपाल, ग्वालियर समेत कई शहरों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना है। बारिश और बादलों के कारण आज करवा चौथ पर चांद के दीदार में भी परेशानी हो सकती है।

    विंध्य और महाकौशल क्षेत्र में ज्यादा असर
    बुधवार को प्रदेश के कई इलाकों में मौसम बदला रहा। सतना, कटनी और छतरपुर समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवाती सिस्टम का असर गुरुवार को भी पूर्वी मध्यप्रदेश में दिखाई दे सकता है।

    मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट बताए जाने के साथ सतना, रीवा, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। कुछ इलाकों में 24 घंटे के दौरान चार इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना है।

    सिंगरौली में सुबह से बारिश, तेज हवाओं के साथ छाए बादल
    सिंगरौली में गुरुवार सुबह से मौसम बदला हुआ है। आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से जिले में मौसम के अस्थिर बने रहने की संभावना है।

    भोपाल-ग्वालियर समेत इन जिलों में गरज-चमक के आसार
    गुरुवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड और श्योपुर में बादल छाने, गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी मौसम बदल सकता है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश होने की आशंका है।

    मालवा के कई जिलों में खिल सकती है धूप
    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, इंदौर, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है। इन जिलों के लिए बारिश और आंधी का अलर्ट नहीं बताया गया है। हालांकि, मौसम की स्थिति में बदलाव संभव है। लोगों को अपने जिले के ताजा मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

    शाजापुर के गिरवर में 12.8 डिग्री तापमान
    बारिश और बादलों के बीच प्रदेश में रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बीती रात शाजापुर जिले के गिरवर में न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पचमढ़ी में 15.2 डिग्री, धार में 15.4 डिग्री और आगर-मालवा में 15.9 डिग्री तापमान रहा। नीमच के मरुखेड़ा और छतरपुर के नौगांव में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    आंधी और बारिश के प्रभाव से दिन के तापमान में भी करीब एक डिग्री तक की गिरावट आई है। खजुराहो, खंडवा, रतलाम, खरगोन और नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 33.2 से 34.2 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

    मानसून की विदाई के बाद भी जारी है बारिश
    मध्यप्रदेश से 3 अक्टूबर को मानसून की विदाई हो गई थी। एक ही दिन में पूरे प्रदेश से मानसून लौट गया था, लेकिन अब चक्रवाती सिस्टम के सक्रिय होने से अक्टूबर के आखिरी दिनों में फिर बारिश का दौर बन गया है। इससे तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ मौसम में ठंडक बढ़ने के आसार हैं।

  • MP में चक्रवाती सिस्टम से बदलेगा मौसम, आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट, 31 जिले होंगे प्रभावित

    MP में चक्रवाती सिस्टम से बदलेगा मौसम, आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट, 31 जिले होंगे प्रभावित


    भोपाल। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम का असर मध्य प्रदेश में भी दिखाई देने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है। बुधवार को 31 जिलों में मौसम प्रभावित रह सकता है, जबकि सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश होने की आशंका है। मौसम का सबसे ज्यादा असर 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में देखने को मिल सकता है।

    29 अक्टूबर को बढ़ेगा बारिश का असर

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बुधवार को भोपाल, नर्मदापुरम, भिंड, दतिया, रायसेन, सीहोर, विदिशा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।

    वहीं, अगले 24 घंटे के दौरान सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में फिलहाल मौसम साफ रहने और धूप निकलने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को चक्रवाती सिस्टम का असर ज्यादा रहने की संभावना जताई है। इस दिन प्रदेश में बादल छाने, तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बारिश का दौर रह सकता है। करवा चौथ भी इसी दिन है, ऐसे में बादलों के कारण कई इलाकों में चांद दिखाई देने में परेशानी हो सकती है। 30 और 31 अक्टूबर को भी मौसम में बदलाव जारी रहने का अनुमान है।

    पूर्वी MP में ज्यादा असर, पश्चिमी जिलों में धूप

    चक्रवाती सिस्टम का सबसे ज्यादा असर जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में देखने को मिल सकता है। दूसरी ओर, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर और राजगढ़ में बारिश या गरज-चमक की चेतावनी नहीं है। इन क्षेत्रों में धूप निकलने की संभावना है।

    धार में सुबह के तापमान में 4.2 डिग्री की गिरावट

    चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव के बीच प्रदेश के कुछ इलाकों में रात और सुबह के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। धार जिले में तेज हवाओं के बीच न्यूनतम तापमान मंगलवार के 15.4 डिग्री सेल्सियस से गिरकर बुधवार सुबह 11.2 डिग्री पर पहुंच गया। यानी एक दिन में 4.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।

    मंगलवार को धार में अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। मौसम में बदलाव के चलते दिन के तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है।

    बारिश से धान की फसल को नुकसान, गेहूं की बुआई पर भी असर संभव

    चक्रवाती सिस्टम से पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश होने पर किसानों की चिंता बढ़ सकती है। खेतों में खड़ी धान की फसल प्रभावित होने की आशंका है। जबलपुर संभाग के बालाघाट और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में धान की खेती होती है। ऐसे में लगातार या तेज बारिश से कटाई और फसल को सुरक्षित रखने के काम में परेशानी आ सकती है।

    रीवा संभाग में किसान गेहूं की बुआई में जुटे हैं। बारिश के कारण खेतों में नमी बढ़ने या कृषि कार्यों में बाधा आने से बुआई प्रभावित हो सकती है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में धान, सोयाबीन, मक्का, उड़द, अरहर, तिल और कुछ क्षेत्रों में मोटे अनाज प्रमुख खरीफ फसलें हैं। हालांकि, बारिश का वास्तविक असर उसकी मात्रा, अवधि और फसल की मौजूदा स्थिति पर निर्भर करेगा।

    पूर्वी हिस्से में मानसून के दौरान हुई थी ज्यादा बारिश

    दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अच्छी बारिश दर्ज की गई थी। अब चक्रवाती सिस्टम का असर भी इसी क्षेत्र में ज्यादा रहने का अनुमान है। बारिश से भूमिगत जलस्तर को फायदा मिल सकता है, हालांकि इसका लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि पानी का कितना हिस्सा जमीन में समाता है।

    शाजापुर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री

    भारी बारिश की चेतावनी के बीच प्रदेश के कई इलाकों में रात की ठंडक बढ़ने लगी है। बीती रात शाजापुर जिले के गिरवर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर और पचमढ़ी में 13.8 डिग्री, रायसेन में 14.5 डिग्री, कटनी के करौंदी में 14.7 डिग्री और दमोह में 15 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।

    दूसरी ओर, दिन में कई शहरों का तापमान अब भी 34 से 35 डिग्री के आसपास बना हुआ है। उज्जैन, भोपाल के बैरसिया, धार, खंडवा, खजुराहो, सागर, मंदसौर और नीमच के मरुखेड़ा में अधिकतम तापमान 34.3 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

  • मध्य प्रदेश में त्योहारी खरीदारी का जोर, प्रीमियम उत्पादों के साथ किफायती सामानों की भी बढ़ी मांग

    मध्य प्रदेश में त्योहारी खरीदारी का जोर, प्रीमियम उत्पादों के साथ किफायती सामानों की भी बढ़ी मांग


    भोपाल।
    अमेज़न ग्रेट इंडियन फेस्टिवल 2026 के दौरान मध्य प्रदेश में ऑनलाइन खरीदारी का रुझान तेजी से बढ़ा है। स्मार्टफोन, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, बड़े घरेलू उपकरण, फैशन, ब्यूटी और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े उत्पादों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनी के अनुसार, राज्य में सामान्य कारोबारी दिनों की तुलना में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की मांग सात गुना बढ़ी है। वहीं, प्रीमियम स्मार्टफोन की खरीदारी में 20 गुना वृद्धि दर्ज की गई। इसके साथ ही ग्राहकों ने किफायती खरीदारी के विकल्पों में भी दिलचस्पी दिखाई है।

    बड़े घरेलू उपकरणों की खरीदारी में जबलपुर सबसे आगे

    त्योहारी सीजन में रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन और एयर कंडीशनर जैसे बड़े घरेलू उपकरणों की मांग में जबरदस्त उछाल आया है। सामान्य कारोबारी दिनों की तुलना में जबलपुर में इन उत्पादों की मांग 26 गुना, ग्वालियर में 21 गुना, इंदौर में 16 गुना और भोपाल में 12 गुना बढ़ी है। लैपटॉप, मॉनिटर, टैबलेट, गेमिंग कंसोल, हेडफोन, ईयरफोन, स्मार्ट रिंग और साउंडबार जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद भी ग्राहकों की पसंद बने हुए हैं।

    फिटनेस और लाइफस्टाइल उत्पादों की बढ़ी लोकप्रियता

    मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में फिटनेस और लाइफस्टाइल से जुड़े उत्पादों की खरीदारी में भी तेजी आई है। सामान्य कारोबारी दिनों की तुलना में रनिंग शूज की मांग जबलपुर में सात गुना, ग्वालियर में छह गुना और इंदौर में पांच गुना दर्ज की गई। एनालॉग घड़ियों की मांग ग्वालियर और इंदौर में पांच-पांच गुना बढ़ी है। इसके अलावा फिटनेस ट्रैकर्स, बैडमिंटन रैकेट और एक्सरसाइज बाइक जैसे उत्पादों को भी ग्राहकों ने पसंद किया।

    ब्यूटी और पर्सनल केयर उत्पादों की मांग में उछाल

    त्योहारी खरीदारी के दौरान ब्यूटी और पर्सनल केयर श्रेणी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भोपाल में बॉडी केयर उत्पादों की मांग सामान्य कारोबारी दिनों की तुलना में 14 गुना बढ़ी। साबुन की मांग भोपाल में 16 गुना, जबलपुर में 10 गुना और इंदौर में आठ गुना दर्ज की गई। स्कैल्प ट्रीटमेंट, फेस केयर और कैजुअल फुटवियर भी प्रमुख शहरों में ग्राहकों की पसंद में शामिल रहे।

    रोजमर्रा के सामान और बेबी केयर उत्पादों की मांग भी बढ़ी

    राज्य में दैनिक उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी में भी मजबूती देखने को मिली। भोपाल और जबलपुर में बेबी प्रोडक्ट्स की मांग तीन गुना बढ़ी। हेल्दी ब्रेकफास्ट विकल्पों में योगाबार हाई प्रोटीन ओट्स की मांग भोपाल में आठ गुना और इंदौर में सात गुना दर्ज की गई। घरेलू सफाई और लॉन्ड्री उत्पादों की मांग भोपाल में 15 गुना, जबकि ग्वालियर और इंदौर में 11-11 गुना बढ़ी।

    बेबी केयर श्रेणी में हिमालया हैप्पी बेबी गिफ्ट पैक्स की मांग भोपाल में सामान्य कारोबारी दिनों की तुलना में 95 गुना बढ़ने का दावा किया गया है। यह आंकड़ा त्योहारी खरीदारी के दौरान बच्चों की देखभाल से जुड़े उत्पादों में बढ़ी दिलचस्पी को दर्शाता है।

    होम, किचन और आउटडोर उत्पादों की खरीदारी में भी तेजी

    घर, रसोई और आउटडोर से जुड़े उत्पादों की मांग में भी वृद्धि दर्ज की गई। सामान्य कारोबारी दिनों की तुलना में इस श्रेणी में ग्वालियर में लगभग पांच गुना, इंदौर और जबलपुर में करीब चार-चार गुना तथा भोपाल में तीन गुना से अधिक वृद्धि हुई। फिटनेस उपकरणों, सजावटी और आपातकालीन लाइटिंग, कार के रखरखाव से जुड़े उत्पादों तथा फैमिली कार्ड गेम्स की मांग ने इस वृद्धि में योगदान दिया।

    किफायती खरीदारी के विकल्पों को भी मिला बढ़ावा

    प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती मांग के साथ ग्राहकों ने किफायती खरीदारी को भी प्राथमिकता दी। अमेज़न बाजार पर सामान्य कारोबारी दिनों की तुलना में भोपाल में छह गुना, ग्वालियर और जबलपुर में चार-चार गुना तथा इंदौर में तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई।

    कंपनी के अनुसार, अमेज़न ग्रेट इंडियन फेस्टिवल 2026 के दौरान मध्य प्रदेश में खरीदारी के रुझान से स्पष्ट है कि ग्राहक एक ओर प्रीमियम इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों पर खर्च कर रहे हैं, तो दूसरी ओर रोजमर्रा की जरूरतों और बजट के अनुकूल उत्पादों की खरीदारी में भी सक्रिय हैं। कंपनी ने बताया कि ग्राहक त्योहारी सीजन के दौरान जारी ऑफर्स और डील्स का लाभ उठा सकते हैं।

  • MP में मानसून जैसा सिस्टम एक्टिव, 3 दिन भारी बारिश के आसार, 29 अक्टूबर को सबसे ज्यादा असर

    MP में मानसून जैसा सिस्टम एक्टिव, 3 दिन भारी बारिश के आसार, 29 अक्टूबर को सबसे ज्यादा असर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवातीय सिस्टम के असर से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 28 से 30 अक्टूबर तक भारी और अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मंगलवार को जबलपुर सहित 11 जिलों में आंधी-बारिश होने का अनुमान है, जबकि 29 अक्टूबर को इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है।

    बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम, पूर्वी MP में ज्यादा असर

    मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा अवदाब अब गंभीर चक्रवातीय तूफान में बदल गया है। 27 अक्टूबर से इसके और मजबूत होने का अनुमान है। सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में तेज आंधी और बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

    29 अक्टूबर को सबसे ज्यादा बारिश की संभावना

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्टूबर को सिस्टम का असर सबसे अधिक रह सकता है। इसी दिन करवा चौथ भी है। ऐसे में बादल और बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में रात को चांद दिखाई देने में परेशानी हो सकती है।

    सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट बताया गया है। इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान साढ़े चार इंच से ज्यादा बारिश होने की आशंका है।

    वहीं, जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, कटनी, दमोह, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सागर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने का अनुमान है।

    30 अक्टूबर को भी इन जिलों में बारिश के आसार

    बारिश का दौर 30 अक्टूबर को भी जारी रह सकता है। इस दिन छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर और शहडोल में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में मौसम का असर ज्यादा रहने का अनुमान है।

    पचमढ़ी में रात का पारा 13 डिग्री पर पहुंचा

    बारिश की चेतावनी के बीच प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट से ठंडक बढ़ने लगी है। बीती रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कटनी के करौंदी में 13.9 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 14.2 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 14.7 डिग्री और मंडला में 14.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।

    दूसरी ओर, दिन के तापमान में भी करीब एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, उज्जैन, गुना, नर्मदापुरम, धार, ग्वालियर, इंदौर, खजुराहो और सागर में अधिकतम तापमान 35 से 35.5 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा।

  • करवा चौथ पर MP में बिगड़ेगा मौसम, 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

    करवा चौथ पर MP में बिगड़ेगा मौसम, 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में करवा चौथ के दिन बारिश और बादलों के कारण चांद के दीदार में परेशानी हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर रहने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश के 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम में बदलाव का असर मंगलवार से ही दिखाई देने लगेगा, जबकि अन्य जिलों में भी बादल छाने और बारिश होने की संभावना है।

    11 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

    मौसम विभाग के अनुसार, 29 अक्टूबर को पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, छतरपुर, कटनी, जबलपुर, मंडला, छिंदवाड़ा और सिवनी में भारी बारिश हो सकती है।

    इन जिलों में 24 घंटे के दौरान करीब ढाई से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का असर देखने को मिल सकता है। 29 अक्टूबर को करवा चौथ होने के कारण बादलों की मौजूदगी और बारिश से व्रत रखने वाली महिलाओं को चांद निकलने का इंतजार करना पड़ सकता है।

    बंगाल की खाड़ी में मौसम प्रणाली सक्रिय

    मौसम में इस बदलाव की वजह बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रही मौसम प्रणाली है। पूर्व-मध्य और उससे लगे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर अवदाब यानी डिप्रेशन सक्रिय हुआ है। इसके आने वाले दिनों में और मजबूत होकर गहरे अवदाब में बदलने की संभावना है।

    इसके अलावा 26 अक्टूबर को चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से मौसम प्रणाली के और तीव्र होने तथा चक्रवाती तूफान में बदलने का अनुमान जताया गया है। 27 और 28 अक्टूबर तक इसके भीषण चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना बताई गई है। इस प्रणाली का असर मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में देखने को मिल सकता है।

    मानसून की वापसी के बाद प्रदेश में एक बार फिर भारी बारिश की स्थिति बनने की आशंका है। इसी वजह से मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है।

    रात में बढ़ी ठंडक, करौंदी में पारा 13.7 डिग्री

    बारिश की चेतावनी के बीच प्रदेश में रात के तापमान में ठंडक महसूस की जा रही है। बीती रात कटनी जिले के करौंदी में न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।

    छिंदवाड़ा में न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री, इंदौर और मलाजखंड में 14.6 डिग्री, दमोह में 15 डिग्री तथा शाजापुर में 15.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    दिन के तापमान में दो डिग्री तक बढ़ोतरी

    रात में ठंडक बढ़ने के बावजूद प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान करीब दो डिग्री तक बढ़ा है। खजुराहो, भोपाल और उज्जैन में अधिकतम तापमान 35.5 से 36.1 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

    वहीं, अमरकंटक में दिन के समय भी अपेक्षाकृत ठंडक बनी हुई है। यहां अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग की बारिश संबंधी चेतावनी के बीच अब प्रदेश के लोगों की नजर आने वाले दिनों के मौसम पर रहेगी।

  • MP में 28 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी, शहडोल समेत 5 जिलों में आसार

    MP में 28 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी, शहडोल समेत 5 जिलों में आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में दिवाली से पहले मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र के मजबूत होकर डिप्रेशन में बदलने की संभावना है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी दिखाई देगा। इस बीच बारिश का दौर थमने से रात में ठंडक बढ़ गई है। कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 12.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    मौसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन दिन प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं है। इसके बाद 28 अक्टूबर को मौसम बदलेगा और प्रदेश के करीब आधे हिस्से में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश के आसार हैं।

    5 जिलों में भारी बारिश, कई जगह गरज-चमक की संभावना

    28 अक्टूबर को प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों के कई जिलों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर में बादल छाने के साथ गरज-चमक और बूंदाबांदी की संभावना है।

    इसके अलावा जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी मौसम बदल सकता है। इन जिलों में बादल छाने, गरज-चमक और हल्की बारिश के आसार हैं।

    वहीं, भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग में मौसम साफ रहने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में दिन के समय धूप खिल सकती है।

    बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम से बदलेगा मौसम

    मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय है। इसके आने वाले दिनों में मजबूत होकर डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। इसी सिस्टम के प्रभाव से 28 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है।

    अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में बारिश के साथ रात के तापमान में गिरावट का असर भी बने रहने का अनुमान है। ऐसे में दिवाली से पहले प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश और ठंडक दोनों महसूस हो सकती हैं।

    रात में बढ़ी ठंड, करौंदी में पारा 12.1 डिग्री

    प्रदेश में बारिश थमने के बाद रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। बीती रात कटनी जिले के करौंदी में न्यूनतम तापमान 12.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश में सबसे कम दर्ज किया गया।

    इंदौर में न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री, अमरकंटक में 13.6 डिग्री, दमोह और पचमढ़ी में 14 डिग्री तथा शाजापुर और बैतूल में 14.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    दिन में भी गिरा पारा, कई शहरों में तापमान 30 डिग्री से नीचे

    रात के साथ दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिल रही है। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है।

    अमरकंटक, मलाजखंड, शिवपुरी, बैतूल और पचमढ़ी में अधिकतम तापमान 27.4 से 29.4 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। मौसम में इस बदलाव से दिन की गर्मी से भी राहत मिल रही है।

    मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में नए मौसम सिस्टम का असर प्रदेश के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। इसके चलते बारिश की संभावना के साथ रात के तापमान में भी गिरावट हो सकती है।

  • MP में रात के तापमान में गिरावट शुरू, अमरकंटक सबसे ठंडा, अगले 4 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं

    MP में रात के तापमान में गिरावट शुरू, अमरकंटक सबसे ठंडा, अगले 4 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं


    भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले आठ दिनों से पश्चिमी हिस्से में जारी बारिश का दौर अब थम गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश में कहीं भी आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। बीती रात अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन में प्रदेश का सबसे कम तापमान रहा।

    मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट हो सकती है। रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की कमी आने के आसार हैं। इससे सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ेगी।

    अमरकंटक में 13 डिग्री, कई शहरों में गिरा पारा

    अनूपपुर जिले के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, कटनी के करौंदी में 13.1 डिग्री, दमोह में 14.5 डिग्री और शाजापुर में 15.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। नीमच के मरुखेड़ा, रीवा और उमरिया में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

    दिन के तापमान में भी 1 से 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। खजुराहो, रतलाम, गुना, खरगोन, भोपाल, खंडवा, छतरपुर, ग्वालियर, बालाघाट, राजगढ़, उज्जैन, मंडला और सागर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।

    शुक्रवार को कहीं बादल, कहीं हुई बूंदाबांदी

    शुक्रवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) का प्रभाव इंदौर और उज्जैन संभाग में अधिक रहा। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में तेज बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। वहीं, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में धूप खिली रही।

    इंदौर संभाग के आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा और बैतूल में भी मौसम में बदलाव देखा गया। इन क्षेत्रों में कहीं बादल छाए रहे तो कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई।

    अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में फिर हो सकती है बारिश

    मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। नए मौसम सिस्टम का असर खासतौर पर प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में दिखाई दे सकता है। इस दौरान रात के तापमान में भी गिरावट होने के आसार हैं। ऐसे में महीने के आखिरी सप्ताह में बारिश के साथ ठंडक का असर भी बढ़ सकता है।

  • इंदौर में जुटेगी सेमीकंडक्टर उद्योग की ताकत, CM मोहन यादव के शुभारंभ से निवेश और तकनीक पर टिकी नजरें

    इंदौर में जुटेगी सेमीकंडक्टर उद्योग की ताकत, CM मोहन यादव के शुभारंभ से निवेश और तकनीक पर टिकी नजरें


    इंदौर । मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर उद्योग के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में इंदौर में महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 23 अक्टूबर को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट 2026 का शुभारंभ किया। दो दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देना और देश विदेश की कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करना है। सरकार की कोशिश है कि मध्य प्रदेश को तकनीक आधारित उद्योगों के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाए और प्रदेश में नए औद्योगिक अवसरों के साथ रोजगार के रास्ते भी खोले जाएं।

    समिट में मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर हब बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है। इस आयोजन में देश और विदेश की कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ निवेशक उद्योग विशेषज्ञ शिक्षाविद और स्टार्टअप से जुड़े लोग भाग ले रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 50 से अधिक कंपनियां इस समिट में शामिल हैं। कंपनियां अपनी तकनीक उत्पाद और समाधान प्रदर्शित कर रही हैं। आयोजन के दौरान निवेश की संभावनाओं के साथ तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विकास को लेकर भी विचार विमर्श किया जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इस तरह के आयोजन से प्रदेश में नई परियोजनाओं के लिए अनुकूल माहौल तैयार होगा।

    सेमीकंडक्टर आधुनिक तकनीक की रीढ़ माने जाते हैं। मोबाइल फोन कंप्यूटर इलेक्ट्रिक वाहन औद्योगिक मशीनों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े उपकरणों में इनका व्यापक इस्तेमाल होता है। डिजिटल तकनीक के तेजी से विस्तार के कारण दुनिया भर में चिप निर्माण और उससे जुड़ी तकनीकों की मांग बढ़ रही है। ऐसे में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ तकनीकी सेवाओं और सहायक उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं भी बन सकती हैं।

    प्रदेश सरकार ने निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति 2025 को मंजूरी दी है। इस नीति में पात्र निवेशकों के लिए प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसमें 25 प्रतिशत सब्सिडी और दस वर्षों तक दो रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली देने का प्रावधान शामिल है। सरकार की मंशा है कि ऐसी सुविधाओं के माध्यम से निवेशकों को आकर्षित किया जाए और प्रदेश में सेमीकंडक्टर से जुड़ी परियोजनाओं की स्थापना को गति मिले।

    इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं के बीच पारस सेमीकंडक्टर्स की ओर से सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग सुविधा स्थापित करने के लिए 6200 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश से जुड़ा समझौता भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि परियोजना निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ती है तो इससे प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग की आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि प्रस्तावित निवेश और वास्तविक परियोजना के क्रियान्वयन के बीच अंतर होता है इसलिए इसकी प्रगति पर नजर रखना भी जरूरी होगा।

    समिट में उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने तथा युवाओं को आधुनिक तकनीक के लिए प्रशिक्षित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। चिप डिजाइन निर्माण और टेस्टिंग जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने वाले युवाओं के लिए भविष्य में नए अवसर पैदा हो सकते हैं। अब इस आयोजन की सफलता इस बात से तय होगी कि कितने निवेश प्रस्ताव वास्तविक परियोजनाओं में बदलते हैं और कितने रोजगार के अवसर तैयार होते हैं। इंदौर में आयोजित यह समिट मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर उद्योग में आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।