जम्मू-कश्मीर में बड़ी कार्रवाई, 17 पूर्व छात्रों के आतंकी संगठनों से जुड़े होने पर मदरसा अवैध घोषित


जम्मू-कश्मीर।
राज्य में सुरक्षा एजेंसियों ने एक मदरसे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। शोपियां जिले के इमाम साहिब स्थित दारुल उलूम जामिया सिराजुल उलूम को गैरकानूनी गतिविधियों के आरोप में प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी UAPA के तहत की गई है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस संस्थान के 17 पूर्व छात्र अलग-अलग आतंकी संगठनों में शामिल हो गए थे और बाद में विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए। अधिकारी का कहना है कि यह मामला विचारधारा के प्रभाव और भर्ती के एक पैटर्न की ओर इशारा करता है।

कश्मीर के संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग ने शोपियां के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर यह आदेश जारी किया। जांच में मदरसे की गतिविधियों को संदिग्ध बताते हुए उसके प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी से कथित संबंधों के प्रमाण होने का दावा किया गया है। इस संगठन पर केंद्र सरकार ने 2019 में प्रतिबंध लगाया था।

आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रतिबंधित संगठन से जुड़े लोगों का संस्थान के प्रशासन और शैक्षणिक ढांचे पर प्रभाव था। आरोप है कि संस्थान में समय के साथ ऐसा माहौल विकसित हुआ, जिसने कट्टरपंथ को बढ़ावा दिया और कई छात्र आतंकी गतिविधियों की ओर आकर्षित हुए। हालांकि, संस्थान के अध्यक्ष मोहम्मद शफी लोन ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि संस्थान का किसी भी प्रतिबंधित संगठन से कोई संबंध नहीं है और यह पूरी तरह कानून का पालन करने वाला शिक्षण संस्थान है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यहां 814 छात्र अध्ययनरत हैं और संस्थान स्कूल शिक्षा बोर्ड तथा कश्मीर स्कूल फेडरेशन से संबद्ध है।

लोन के अनुसार, संस्थान को पहले कारण बताओ नोटिस मिला था, जिसका जवाब दिया जा चुका है। उन्होंने मांग की कि यदि सरकार को संदेह है तो एक स्वतंत्र जांच समिति बनाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि समय-समय पर मिली रिपोर्टों में संस्थान की गतिविधियों को राष्ट्रीय सुरक्षा और राज्य की अखंडता के लिए खतरा बताया गया है। साथ ही यह भी आरोप है कि प्रतिबंधित संगठन से जुड़े लोग बिचौलियों के माध्यम से गुप्त रूप से सक्रिय थे और संस्थान के जरिए अपना प्रभाव बनाए हुए थे। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और एजेंसियां सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।