लंदन हमले के बाद ब्रिटेन में बड़ा अलर्ट, आतंकी खतरा ‘सीवियर’ स्तर पर, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क



नई दिल्ली। ब्रिटेन की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए आतंकवादी खतरे का स्तर ‘सीवियर’ कर दिया गया है। इसका अर्थ है कि देश में अगले कुछ महीनों के भीतर आतंकी हमले की संभावना को बेहद गंभीर माना जा रहा है।

यह फैसला उत्तर लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में हुए हमले के बाद आया, जहां दो यहूदी नागरिकों पर चाकू से हमला किया गया था। Metropolitan Police Service ने इस घटना को आतंकी हमला घोषित किया है। इसके बाद संयुक्त आतंकवाद विश्लेषण केंद्र (Joint Terrorism Analysis Centre) की सिफारिश पर खतरे का स्तर बढ़ाया गया।

ब्रिटेन के सुरक्षा मंत्री Dan Jarvis ने कहा कि जनता को सतर्क रहने की जरूरत है, लेकिन घबराने की नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय केवल एक घटना के आधार पर नहीं लिया गया, बल्कि देश में इस्लामिस्ट और अतिवादी दक्षिणपंथी गतिविधियों में बढ़ोतरी भी इसका कारण है।

पिछले कुछ महीनों में यूके में यहूदी समुदाय को निशाना बनाने वाली घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। सरकार ने इन परिस्थितियों को देखते हुए लगभग 25 मिलियन पाउंड की अतिरिक्त सुरक्षा फंडिंग की घोषणा की है।

जांच और गिरफ्तारी
हमले के आरोपी Aisa Suleiman को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह पहले भी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रह चुका है, जिससे मामले को और गंभीर माना जा रहा है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने कहा है कि सरकार जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नफरत फैलाने वाले संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और नए कानूनों पर भी विचार चल रहा है।

लंदन हमले के बाद ब्रिटेन में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। खतरे का स्तर बढ़ने से यह साफ है कि देश आतंकी गतिविधियों को लेकर बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है।
अब सवाल यह हैक्या नई सुरक्षा रणनीतियां इन बढ़ते खतरों को रोक पाने में सफल होंगी?