MP में 4 दिन बारिश का ब्रेक, तेज धूप के आसार, उज्जैन-ग्वालियर से मानसून की विदाई शुरू


भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब कमजोर पड़ने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 4 दिन प्रदेश में कोई मानसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं रहेगा, जिससे कई हिस्सों में तेज धूप निकलने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में इसका असर ज्यादा देखने को मिलेगा।

इधर, बुधवार-गुरुवार से प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू होने के आसार हैं। राजस्थान और पंजाब के कई जिलों से मानसून लौट चुका है, जबकि इसकी वापसी की रेखा मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से तक पहुंच गई है। ऐसे में सबसे पहले उज्जैन और ग्वालियर संभाग से मानसून विदा होने के संकेत हैं।

आज 4 जिलों में तेज धूप, बाकी जगह बादल-बूंदाबांदी

मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में तेज धूप खिल सकती है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने के आसार हैं।

बुधवार से मौसम में और बदलाव देखने को मिलेगा। प्रदेश के करीब आधे हिस्से में तीखी धूप रहने का अनुमान है। 2 अक्टूबर तक अधिकांश हिस्सों में धूप खिलने की संभावना है। बारिश का दौर कमजोर पड़ने के साथ दिन के तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

मानसून की सामान्य अवधि खत्म होने में 2 दिन

मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सामान्य अवधि 1 जून से 30 सितंबर तक रहती है। यानी प्रदेश में मानसून की सामान्य अवधि पूरी होने में अब दो दिन बाकी हैं। इसके बाद अलग-अलग हिस्सों से मानसून की वापसी का सिलसिला तेज होने लगेगा।

राजस्थान और पंजाब के कई हिस्सों से मानसून की विदाई हो चुकी है। मानसून की वापसी की रेखा मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से तक पहुंचने के कारण अब प्रदेश में भी इसके लौटने के संकेत मिलने लगे हैं।

पूर्वी MP में औसत से 4% ज्यादा बारिश

इस मानसून सीजन में प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा औसत से 4% ज्यादा है। अधिकांश जिलों में सामान्य कोटे के आसपास या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई है।

हालांकि, कुछ जिलों में अभी भी बारिश औसत से कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में 2% से 20% तक कम बारिश हुई है।

पश्चिमी MP के 20 जिलों में बारिश कम

पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का आंकड़ा औसत से नीचे है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

इसके चलते मानसून सीजन के अंत तक प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से नीचे रहने की संभावना बनी हुई है।

इन जिलों में औसत से ज्यादा बारिश

IMD के आंकड़ों के मुताबिक अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

सामान्य बारिश का आंकड़ा छूना मुश्किल

मानसून की विदाई का समय नजदीक आने के साथ अब प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 100% तक पहुंचने की संभावना कम नजर आ रही है। अगले कुछ दिनों में कोई बड़ा मानसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं रहने के कारण बारिश की गतिविधियां सीमित रहने का अनुमान है। ऐसे में अब मौसम का रुख मानसून की वापसी और धूप बढ़ने की ओर रहने की संभावना है।