रानी मुखर्जी के अभिनय ने पाकिस्तान में भी जीता दिल, परवेज मुशर्रफ ने खुद दिया था पाकिस्तान आने का न्योता


नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा की दुनिया में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जिनकी कहानियां और किरदार देश की सीमाओं को पार कर लोगों के दिलों तक पहुंच जाते हैं। ऐसी ही एक फिल्म थी वीर जारा जिसने भारत और पाकिस्तान दोनों जगह दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई थी। इस फिल्म में शाहरुख खान और प्रीति जिंटा मुख्य भूमिका में नजर आए थे लेकिन अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने भी अपने छोटे से किरदार से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी थी। उनका अभिनय इतना प्रभावशाली रहा कि पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की पत्नी बेगम सेहबा मुशर्रफ भी उनकी प्रशंसक बन गई थीं। यही वजह थी कि रानी मुखर्जी को पाकिस्तान आने का खास न्योता तक दिया गया था। यह किस्सा आज भी अभिनेत्री के करियर के यादगार पलों में शामिल है।

यह पूरा मामला 16 अप्रैल 2005 का है जब दिल्ली के अशोका होटल में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की ओर से पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ और उनकी पत्नी के सम्मान में आधिकारिक रात्रिभोज आयोजित किया गया था। इस खास कार्यक्रम में राजनीति और विभिन्न क्षेत्रों की कई जानी मानी हस्तियों को आमंत्रित किया गया था। बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी को भी इस कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता मिला था। उनके लिए यह किसी खास उपलब्धि से कम नहीं था क्योंकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण आयोजन में भारतीय फिल्म जगत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला था।

दरअसल रानी मुखर्जी की फिल्म वीर जारा कुछ समय पहले ही रिलीज हुई थी। फिल्म में उन्होंने सामिया सिद्दीकी नाम की पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता का किरदार निभाया था। कहानी में सामिया एक भारतीय कैदी वीर प्रताप सिंह को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ती है। इस भूमिका में रानी ने संवेदनशीलता और आत्मविश्वास के साथ अपने किरदार को पर्दे पर उतारा था। फिल्म में उनका किरदार भले ही मुख्य भूमिका में नहीं था लेकिन कहानी को आगे बढ़ाने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। उनके अभिनय ने भारतीय दर्शकों के साथ पाकिस्तान के दर्शकों को भी प्रभावित किया था।

बताया जाता है कि रानी के इसी किरदार से परवेज मुशर्रफ की पत्नी बेगम सेहबा मुशर्रफ काफी प्रभावित थीं। आधिकारिक डिनर के दौरान रानी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की और इसके बाद परवेज मुशर्रफ तथा उनकी पत्नी से भी बातचीत की। इस मुलाकात में दोनों ने अभिनेत्री के काम की सराहना की और उन्हें पाकिस्तान आने का निमंत्रण दिया। रानी के लिए यह अनुभव बेहद खास था क्योंकि उनकी फिल्मों को सीमा पार भी पसंद किया जा रहा था।

फिल्म क्रिटिक सुभाष के झा से बातचीत के दौरान रानी मुखर्जी ने इस मुलाकात को याद करते हुए बताया था कि जब उन्हें इस कार्यक्रम का न्योता मिला तो उन्हें पहले विश्वास ही नहीं हुआ। उन्होंने इसे किसी सपने के सच होने जैसा अनुभव बताया था। अभिनेत्री के मुताबिक कार्यक्रम में मौजूद लोग बेहद विनम्र और जमीन से जुड़े हुए थे। उन्होंने कहा था कि इस आयोजन का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात थी।

रानी ने यह भी बताया था कि पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य उनकी तस्वीरें खींच रहे थे और उनसे मिलकर काफी खुश थे। बातचीत के दौरान परवेज मुशर्रफ ने उन्हें बताया था कि पाकिस्तान में भी उनकी लोकप्रियता काफी ज्यादा है। उन्हें किसी भी समय पाकिस्तान आने का निमंत्रण दिया गया था।

रानी मुखर्जी के लिए यह घटना इस बात का खास उदाहरण थी कि सिनेमा और अभिनय की कोई सीमा नहीं होती। वीर जारा और ब्लैक जैसी फिल्मों में उनके काम को मिली सराहना ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई। यही वजह है कि वर्ष 2005 का वह आधिकारिक डिनर और पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति से हुई मुलाकात आज भी उनके करियर का एक यादगार किस्सा बना हुआ है।