Author: bharati

  • सुबह खाली पेट ये 5 मिनट का योग, पाचन से जुड़ी परेशानियों को देगा अलविदा

    सुबह खाली पेट ये 5 मिनट का योग, पाचन से जुड़ी परेशानियों को देगा अलविदा


    नई दिल्ली । आज की तेज़-तर्रार लाइफस्टाइल और अनियमित खानपान ने पेट की समस्याओं को आम बना दिया है। ऐसे में विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 की थीम “Stand with Science” के अनुसार पवनमुक्तासन एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावी योगासन माना जा रहा है।

    संस्कृत में पवन का अर्थ है वायु और मुक्त का अर्थ है छोड़ना। इस आसन का उद्देश्य शरीर में फंसी हानिकारक गैस और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना है। जब आप घुटनों को धीरे-धीरे छाती की ओर दबाते हैं, तो यह पेट के अंगों पर हल्का दबाव डालता है जिससे पाचन अग्नि तेज होती है और भोजन का अवशोषण बेहतर होता है।

    पवनमुक्तासन के लाभ

    गैस, कब्ज और ब्लोटिंग से राहत – यह वात विकारों को कम करता है, पुरानी कब्ज और एसिडिटी को दूर करता है और आंतों की कार्यक्षमता बढ़ाता है।

    वेट लॉस में मदद – पेट, जांघों और कमर के आसपास की जिद्दी चर्बी कम करने में सहायक।

    पेल्विक और प्रजनन अंगों के लिए लाभकारी – महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता कम करने में मदद करता है।

    पीठ और रीढ़ की हड्डी के लिए लाभकारी – लंबे समय तक बैठने वाले लोगों के लिए रीढ़ की लचीलापन बढ़ाता है और निचले हिस्से के दर्द को कम करता है।

    कैसे करें पवनमुक्तासन

    योग मैट पर पीठ के बल लेट जाएं।

    गहरी सांस लेते हुए दाएं घुटने को मोड़कर छाती के पास लाएं।

    हाथों की उंगलियों को जोड़कर घुटने को पकड़ें।

    सांस छोड़ते हुए सिर उठाकर नाक को घुटने से छूने की कोशिश करें।

    इसी प्रक्रिया को बाएं पैर और फिर दोनों पैरों के साथ दोहराएं।

    इसे सुबह खाली पेट करना सबसे अधिक लाभकारी माना जाता है।

    सावधानियाँ

    उच्च रक्तचाप, हर्निया, स्लिप डिस्क या हाल ही में पेट की सर्जरी कराए लोगों को यह आसन नहीं करना चाहिए।

    गर्भवती महिलाएं इसे न करें।

    केवल 5 मिनट का यह योगासन रोजाना करने से न केवल पाचन सुधारता है बल्कि पेट, कमर और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत बनाकर महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करता है।

  • वजन घटाना हो या हार्मोन बैलेंस, सुबह खाली पेट पिएं ये 5 सुपर ड्रिंक्स

    वजन घटाना हो या हार्मोन बैलेंस, सुबह खाली पेट पिएं ये 5 सुपर ड्रिंक्स


    नई दिल्ली । महिलाओं के लिए दिन की शुरुआत सही खानपान से करना बेहद जरूरी होता है क्योंकि सुबह का पहला आहार शरीर के मेटाबॉलिज्म और पूरे दिन की ऊर्जा को प्रभावित करता है खासतौर पर आयरन की कमी, पीसीओएस और पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रही महिलाओं के लिए कुछ खास ड्रिंक्स बहुत लाभकारी साबित हो सकती हैं

    सबसे पहले चिया सीड्स और नींबू पानी की बात करें तो यह ड्रिंक ओमेगा 3 फैटी एसिड और फाइबर से भरपूर होती है एक गिलास पानी में चिया सीड्स भिगोकर उसमें नींबू मिलाकर पीने से वजन घटाने में मदद मिलती है और त्वचा में भी प्राकृतिक निखार आता है

    दूसरा है मेथी दाना पानी जिसे रातभर भिगोकर सुबह खाली पेट पीना चाहिए यह ड्रिंक इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने और पीरियड्स की अनियमितता को सुधारने में काफी प्रभावी मानी जाती है
    एलोवेरा जूस भी महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद होता है इसे पानी में मिलाकर पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर की सूजन कम होती है साथ ही यह जोड़ों के दर्द में भी राहत देता है

    धनिया पानी एक और उपयोगी ड्रिंक है जिसे उबालकर पीया जाता है यह शरीर में पानी रुकने की समस्या को कम करता है और थायराइड के स्तर को संतुलित रखने में मदद करता है इसके अलावा यह यूरिन इंफेक्शन के खतरे को भी कम करता है अंत में दालचीनी और शहद की चाय का सेवन करने से मीठा खाने की इच्छा कम होती है और शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है यह ड्रिंक वजन नियंत्रण के लिए बहुत अच्छा विकल्प माना जाता है

    इन सभी ड्रिंक्स को नियमित रूप से सुबह खाली पेट लेने से शरीर डिटॉक्स होता है हार्मोन संतुलित रहते हैं और समग्र स्वास्थ्य में सुधार होता है हालांकि किसी भी नई चीज को दिनचर्या में शामिल करने से पहले अपनी शारीरिक स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ की सलाह लेना भी जरूरी है इस तरह छोटी सी सुबह की आदत महिलाओं के लिए बड़ी हेल्थ बेनिफिट साबित हो सकती है और उन्हें लंबे समय तक स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रख सकती है

  • अशोकनगर में डैम में नहाते समय 3 नाबालिग दोस्तों की डूबने से मौत

    अशोकनगर में डैम में नहाते समय 3 नाबालिग दोस्तों की डूबने से मौत


    अशोकनगर। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के नई सराय थाना क्षेत्र में सोमवार को तीन नाबालिग दोस्तों की डैम में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब दोस्त नहाने और मौज-मस्ती के लिए डैम पहुंचे थे, लेकिन थोड़े समय में यह खुशी एक बड़े हादसे में बदल गई।

    जानकारी के अनुसार, कुल छह दोस्त डैम में गए थे। शुरू में सभी किनारे के पास पानी में थे, लेकिन कुछ समय बाद तीन किशोर धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर चले गए। इनमें से किसी को भी तैरना नहीं आता था। अचानक पानी की गहराई बढ़ने के कारण तीनों संतुलन खो बैठे और डूबने लगे। साथ मौजूद अन्य दोस्त उन्हें बचाने की कोशिश में थे, लेकिन पानी की गहराई और घबराहट के कारण वे खुद बाहर निकल आए। इसके बाद उन्होंने गांव लौटकर परिजनों को घटना की जानकारी दी।

    घटना की खबर मिलते ही ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे। गहरे पानी और सीमित संसाधनों के कारण ग्रामीण खुद से शवों को नहीं निकाल सके। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। टीम ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद तीनों किशोरों के शव डैम से बाहर निकाले।

    मृतकों की पहचान मयंक (16) पुत्र अवधेश रघुवंशी, देव (16) पुत्र राकेश रघुवंशी और ओम (15) पुत्र सतीश रघुवंशी के रूप में हुई है। सभी तीनों अजलेश्वर गांव के रहने वाले थे। घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया, परिजन गहरे सदमे में हैं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और प्रारंभिक जांच में डूबने से मौत की पुष्टि की है। मामले की आगे की जांच जारी है।

  • उमरिया में गैंगरेप मामले में पांच गिरफ्तार, आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल

    उमरिया में गैंगरेप मामले में पांच गिरफ्तार, आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल


    उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में एक नाबालिग किशोरी के साथ हुए गंभीर गैंगरेप मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना 29 मार्च को मढ़ीवाह क्षेत्र में हुई थी। पीड़ित किशोरी अपने परिचित युवक के साथ जिला मुख्यालय से लगभग 6 किलोमीटर दूर गई थी। वहां पास के जंगल में पहले से मौजूद आरोपियों ने सुनसान इलाके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। विरोध करने पर किशोरी के साथ आए युवक को भी पीटा गया।

    घटना के तुरंत बाद दोनों पीड़ितों ने किसी तरह वहां से निकलकर घर लौटे। भय और मानसिक आघात के कारण मामला तुरंत सामने नहीं आ सका। लगभग पांच दिन बाद पीड़ित परिवार ने हिम्मत जुटाकर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। त्वरित कार्रवाई में मनीष बैगा, विशाल बैगा, हरिपाल बैगा और सूरज बैगा सहित एक नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

    सोमवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।सोमवार को एसडीओपी पुन्नू सिंह परस्ते ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस पूरी तत्परता के साथ आरोपियों की तलाश में जुट गई थी और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

  • करियर अपडेट: एनआईटी सिलचर में इंटर्नशिप के लिए 36 पद खाली, जल्द करें आवेदन

    करियर अपडेट: एनआईटी सिलचर में इंटर्नशिप के लिए 36 पद खाली, जल्द करें आवेदन


    नई दिल्ली। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) सिलचर, असम में इंटर्नशिप करने के इच्छुक छात्रों के लिए आकर्षक अवसर लेकर आया है। संस्थान ने कुल 36 इंटर्न पदों के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    एनआईटी सिलचर की इंटर्नशिप में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से बीई/बीटेक/एमटेक की डिग्री हासिल करनी होगी। इसके साथ ही, उम्मीदवारों को अन्य निर्धारित पात्रता मानदंडों को भी पूरा करना अनिवार्य है।

    आयु सीमा और आरक्षित वर्ग
    आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 35 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसकी गणना 30 अप्रैल 2026 के अनुसार की जाएगी। वहीं, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

    चयन प्रक्रिया
    इंटर्नशिप के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन मेरिट सूची और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को प्रति माह 10,000 रुपए स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा।

    ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
    उम्मीदवार सबसे पहले एनआईटी सिलचर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर संबंधित पद के लिए सक्रिय आवेदन लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद उम्मीदवार को रजिस्ट्रेशन कर लॉगिन करना होगा। आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियाँ सही ढंग से भरें और आवश्यक डॉक्यूमेंट्स को उपयुक्त साइज़ में अपलोड करें। फॉर्म जमा करने से पहले सभी जानकारियों को जांचें और सबमिट करें। अंतिम चरण में एप्लीकेशन फॉर्म का प्रिंट आउट निकालकर भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।

    कुल पद: 36 इंटर्नशिप पद
    आवेदन की शुरुआत: 1 अप्रैल 2026
    आवेदन की अंतिम तिथि: 30 अप्रैल 2026
    पात्रता: बीई/बीटेक/एमटेक की डिग्री
    आयु सीमा: अधिकतम 35 वर्ष (आरक्षित वर्ग को छूट)
    चयन प्रक्रिया: मेरिट + डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
    स्टाइपेंड: प्रति माह 10,000 रुपए
    आवेदन मोड: केवल ऑनलाइन

    यह इंटर्नशिप छात्रों के लिए व्यावसायिक अनुभव और भविष्य के करियर में मजबूत आधार प्रदान करने का एक शानदार अवसर है। योग्य उम्मीदवारों को जल्द आवेदन करने की सलाह दी जाती है ताकि वे समय सीमा से पहले अपने दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकें।

  • अंतरिक्ष से पृथ्वी का रहस्य: आर्टेमिस-II ने मैनिकौगन क्रेटर का ऐतिहासिक दृश्य भेजा

    अंतरिक्ष से पृथ्वी का रहस्य: आर्टेमिस-II ने मैनिकौगन क्रेटर का ऐतिहासिक दृश्य भेजा


    नई दिल्ली। नासा के आर्टेमिस-II मिशन के क्रू जैसे-जैसे चांद के करीब पहुंच रहे हैं, वे न केवल चंद्रमा की सतह बल्कि पृथ्वी की अनोखी झलक भी साझा कर रहे हैं। हाल ही में अमेरिकी एस्ट्रोनॉट क्रिस विलियम्स ने अपने कैमरे में कैद पृथ्वी के 20 करोड़ साल पुराने टकराव का निशान, यानी मैनिकौगन क्रेटर, की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की।

    क्रिस ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि जैसे-जैसे आर्टेमिस-II का क्रू चांद के पास पहुंचता है, उन्हें चांद की सतह का सीधा नजारा देखने को मिलेगा। विशेष रूप से चांद की दूसरी तरफ (फार साइड) स्थित गड्ढे यानी क्रेटर्स सौर मंडल के इतिहास में हुए क्षुद्रग्रह और उल्कापिंड टकरावों के साक्षी हैं। ये गड्ढे हमें सौर मंडल और पृथ्वी के प्राचीन इतिहास की कहानी समझने में मदद करते हैं।

    विलियम्स ने बताया कि पृथ्वी पर भी ऐसे टकराव हुए हैं जिनका बड़ा प्रभाव पड़ा। उदाहरण के लिए, डायनासोर युग के अंत में हुए टकराव ने इन जीवों के विलुप्त होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, पृथ्वी पर प्लेट टेक्टोनिक्स, मौसम और ज्वालामुखी गतिविधियों की वजह से अधिकांश पुराने गड्ढे मिट गए हैं। यही कारण है कि पृथ्वी पर टकराव का इतिहास चंद्रमा की तुलना में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देता।

    उनके अनुसार, पृथ्वी पर अब भी कई क्रेटर मौजूद हैं, लेकिन वे चांद की सतह पर दिखाई देने वाले गड्ढों की तरह स्पष्ट नहीं हैं। क्रिस ने कनाडा के क्यूबेक में स्थित मैनिकौगन क्रेटर का उदाहरण दिया। यह क्रेटर लगभग 20 करोड़ साल पहले बना था, जब करीब 5 किलोमीटर चौड़ा एक क्षुद्रग्रह पृथ्वी से टकराया। आज इस क्रेटर की चौड़ाई 70 किलोमीटर से अधिक है और यह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से भी देखा जा सकता है।

    क्रिस ने अपनी पोस्ट में बताया कि जब वे व्यायाम कर रहे थे, तब उन्होंने आईएसएस के कूपोला खिड़की से इस क्रेटर का दृश्य देखा। दृश्य इतना अद्भुत था कि उन्होंने व्यायाम रोककर इसकी तस्वीर ली। उन्होंने लिखा कि यह नजारा न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि देखने में बेहद खूबसूरत भी था।

    इस पोस्ट के जरिए क्रिस विलियम्स ने एक बार फिर पृथ्वी और चंद्रमा के बीच के संबंध और सौर मंडल के प्राचीन इतिहास की झलक साझा की। आर्टेमिस-II मिशन के जरिए मिलने वाले ऐसे दृश्य न केवल वैज्ञानिकों के लिए ज्ञानवर्धक हैं, बल्कि आम जनता को भी हमारे ग्रह और उसके इतिहास को करीब से समझने का मौका देते हैं।
    इस पोस्ट के जरिए क्रिस विलियम्स ने एक बार फिर पृथ्वी और चंद्रमा के बीच के संबंध और सौर मंडल के प्राचीन इतिहास की झलक साझा की। आर्टेमिस-II मिशन के जरिए मिलने वाले ऐसे दृश्य न केवल वैज्ञानिकों के लिए ज्ञानवर्धक हैं, बल्कि आम जनता को भी हमारे ग्रह और उसके इतिहास को करीब से समझने का मौका देते हैं।

    आर्टेमिस-II मिशन ने चांद के पास क्रू को पृथ्वी और चंद्रमा की नई झलक दिखाई।
    एस्ट्रोनॉट क्रिस विलियम्स ने मैनिकौगन क्रेटर की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की।
    मैनिकौगन क्रेटर लगभग 20 करोड़ साल पुराना है, 70 किलोमीटर चौड़ा और क्षुद्रग्रह टकराव से बना।
    पृथ्वी पर पुराने क्रेटर चांद के मुकाबले कम दिखाई देते हैं।
    यह मिशन पृथ्वी के प्राचीन इतिहास और सौर मंडल की समझ को बढ़ाने में मदद करता है।

  • ऑनलाइन शॉपिंग का फायदा: PhonePe SBI Card पर रिवॉर्ड और जीरो ज्वाइनिंग फीस

    ऑनलाइन शॉपिंग का फायदा: PhonePe SBI Card पर रिवॉर्ड और जीरो ज्वाइनिंग फीस


    नई दिल्ली। डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म फोनपे ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ मिलकर नया क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया है, जो सीमित अवधि के लिए पहले साल जीरो ज्वाइनिंग फीस के साथ उपलब्ध है। इसका मतलब है कि ग्राहक बिना किसी अग्रिम लागत के कार्ड के सभी लाभ उठा सकते हैं।

    यह कार्ड रुपे और विजा प्लेटफॉर्म दोनों पर उपलब्ध है और खासतौर पर उन उपयोगकर्ताओं के लिए डिज़ाइन किया गया है जो अक्सर ऑनलाइन लेनदेन करते हैं। कार्ड की सबसे बड़ी खासियत इसकी यूनिवर्सल रिवॉर्ड स्ट्रक्चर है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस ब्रांड या व्यापारी से खरीदारी कर रहे हैं, सभी ऑनलाइन खर्च पर आपको 5 प्रतिशत रिवॉर्ड मिलेगा।

    फोनपे का कहना है कि यह कार्ड उन यूजर्स के लिए बेहतरीन विकल्प है जो अपने दैनिक डिजिटल खर्च पर अधिकतम लाभ पाना चाहते हैं। इसके अलावा, फोनपे इकोसिस्टम के भीतर चुनिंदा श्रेणियों जैसे मोबाइल रिचार्ज, बिजली बिल और अन्य नियमित लेनदेन पर 10 प्रतिशत रिवॉर्ड मिलेगा। इसी तरह, बीमा प्रीमियम भुगतान पर भी कार्डधारक रिवॉर्ड अर्जित कर सकते हैं।

    ऑफलाइन खर्च पर भी कार्ड लाभकारी है। रुपे वर्जन के माध्यम से स्कैन-एंड-पे लेनदेन पर 1 प्रतिशत रिवॉर्ड मिलेगा। यानी कम राशि के भुगतान भी आकर्षक बन जाएंगे।

    कार्ड में यात्रा संबंधी सुविधाएं भी शामिल हैं। साल में चार बार घरेलू हवाई अड्डे के लाउंज में निःशुल्क प्रवेश मिलेगा। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए दो साल की प्रायोरिटी पास सदस्यता भी कार्ड के साथ उपलब्ध है।

    कार्ड से अर्जित रिवॉर्ड पॉइंट्स को सीधे क्रेडिट कार्ड बिल के भुगतान में उपयोग किया जा सकता है। हर पॉइंट का मूल्य 1 रुपए है, जिससे मासिक बिलों को आसानी से समायोजित किया जा सकता है और कार्ड का कुल लाभ बढ़ जाता है।

    आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है और इसे फोनपे ऐप के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। यह ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया को सहज और सरल बनाता है, जिससे उपयोगकर्ता बिना किसी परेशानी के कार्ड के लाभ उठा सकते हैं।

    जीरो ज्वाइनिंग फीस (पहला साल)
    ऑनलाइन खर्च पर 5% रिवॉर्ड
    फोनपे इकोसिस्टम में 10% रिवॉर्ड (रिचार्ज, बिल आदि)
    ऑफलाइन स्कैन-एंड-पे पर 1% रिवॉर्ड
    यात्रा लाभ: घरेलू लाउंज चार बार फ्री, अंतरराष्ट्रीय लाउंज प्रायोरिटी पास दो साल
    रिवॉर्ड पॉइंट्स क्रेडिट बिल में सीधे भुनाए जा सकते हैं
    पूरी प्रक्रिया डिजिटल और आसान

    यह कार्ड डिजिटल खर्च, यात्रा और नियमित बिल भुगतान पर अधिकतम लाभ देने वाला एक आकर्षक विकल्प साबित होता है।

  • वैशाख माह का रहस्य: इन देवताओं की आराधना से खुलेंगे सफलता के द्वार

    वैशाख माह का रहस्य: इन देवताओं की आराधना से खुलेंगे सफलता के द्वार


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में वैशाख माह को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है इस महीने में किए गए व्रत दान और पूजा का फल कई गुना अधिक मिलता है मान्यता है कि इस दौरान सच्चे मन और निस्वार्थ भावना से की गई आराधना व्यक्ति के जीवन की दिशा बदल सकती है और किस्मत के बंद दरवाजे खोल सकती है।

    धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस माह में सबसे पहले भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है इन्हें जगत के पालनहार माना जाता है वैशाख में एकादशी अक्षय तृतीया और पूर्णिमा जैसे विशेष दिनों पर विष्णु पूजा करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख समृद्धि आती है।

    इसके साथ ही हनुमान जी की पूजा भी इस माह में अत्यंत शुभ मानी जाती है मान्यता है कि हनुमान जी की आराधना करने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और व्यक्ति को साहस शक्ति और सफलता प्राप्त होती है मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ विशेष फलदायी माना गया है।

    वैशाख माह में भगवान शिव की पूजा भी विशेष महत्व रखती है शिवलिंग पर जलाभिषेक और बेलपत्र अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों के कष्टों को दूर करते हैं जो लोग मानसिक तनाव या जीवन की परेशानियों से जूझ रहे हैं उनके लिए यह पूजा अत्यंत लाभकारी मानी गई है।

    इसके अलावा सूर्य देव की उपासना भी इस पवित्र महीने में विशेष फलदायी होती है सुबह स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य देने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और स्वास्थ्य बेहतर होता है साथ ही आत्मविश्वास और सम्मान में वृद्धि होती है।

    इस प्रकार वैशाख माह केवल पूजा का समय नहीं बल्कि आत्मशुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का अवसर भी है यदि श्रद्धा और निस्वार्थ भाव से इन देवताओं की आराधना की जाए तो जीवन में सुख समृद्धि और सफलता के नए द्वार खुल सकते हैं।

  • मकर राशि आज का राशिफल: सहयोग मिलेगा, लेकिन राजनीतिक गतिविधियों से बचें

    मकर राशि आज का राशिफल: सहयोग मिलेगा, लेकिन राजनीतिक गतिविधियों से बचें


    नई दिल्ली। आज का दिन आपके वित्तीय मामलों के लिए अनुकूल है। कारोबार बढ़ाने के लिए कुछ विशेष लोगों से मदद मिल सकती है। साथ ही, अगर आपने पहले किसी को उधार पैसे दिए थे, तो उन्हें वापस मिलने की संभावना है।

    परिवार और मित्र:
    व्यक्तिगत संबंधों में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। किसी की आलोचना या राजनीति में शामिल होने से बचें, क्योंकि इससे आपके पारिवारिक और मित्र संबंध प्रभावित हो सकते हैं। समझदारी से काम लें।

    रिश्ते और प्यार:
    प्रेम संबंधों में आज का दिन काफी शुभ है। यदि आप अपने साथी के साथ विवाह करने का मन बना रहे हैं, तो इसके लिए अनुकूल समय है। प्यार और समझदारी से रिश्ते मजबूत होंगे।

    स्वास्थ्य:
    योग और ध्यान से आप अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं। छोटे-छोटे व्यायाम और ध्यान से शारीरिक समस्याओं में राहत मिलेगी।

    शिक्षा और नौकरी:
    नौकरीपेशा लोगों को आज कुछ अप्रत्याशित परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। अधिकारियों से मदद न मिलने के कारण परेशान हो सकते हैं। धैर्य और समझदारी से परिस्थितियों को संभालें।

    बिज़नेस / स्टॉक / प्रॉपर्टी:
    आज अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकते हैं। लेकिन कारोबार में उधारी लेने और लोगों को ज्यादा पैसा उधार देने से बचें। सतर्कता से निवेश और लेन-देन करें।

    ज्योतिष उपाय:
    आज के दिन को शुभ बनाने के लिए भगवान श्री गणेश जी को दूर्वा पर हल्दी अर्पित करें। यह उपाय आपके कार्यों में सफलता और धन की वृद्धि सुनिश्चित करेगा।

    शुभ रंग: गुलाबी – यह रंग आपके व्यक्तित्व और किस्मत में निखार लाएगा।
    शुभ अंक: 9 – इस अंक के साथ दिन आपके लिए भाग्यशाली रहेगा।

  • अदरक और सेंधा नमक से बने तेल से कान के दर्द में राहत, जानें इस्तेमाल से पहले की सावधानी

    अदरक और सेंधा नमक से बने तेल से कान के दर्द में राहत, जानें इस्तेमाल से पहले की सावधानी


    नई दिल्ली। आज के समय में कान का दर्द आम समस्या बन गई है। लंबे समय तक हेडफोन या ईयरबड्स का इस्तेमाल कानों को नुकसान पहुंचा सकता है। सुनने के लिए इस्तेमाल होने वाले ये उपकरण केवल सुनने की क्षमता को प्रभावित नहीं करते, बल्कि कानों में जकड़न, सूखापन और दर्द भी बढ़ाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, कान दर्द का मुख्य कारण वात दोष का असंतुलन होता है। हल्के और शुरुआती दर्द में राहत पाने के लिए अदरक और सेंधा नमक से बना तेल प्रभावी माना जाता है।

    तेल बनाने की विधि
    सामग्री:
    अदरक का रस – 1 छोटी चम्मच
    सेंधा नमक – 1 चुटकी
    नींबू – 2 बूंद
    सरसों का तेल – 2 बड़े चम्मच
    विधि:
    सभी सामग्री को सरसों के तेल में मिलाकर हल्का गर्म करें।
    अच्छे से पक जाने पर तेल को छानकर अलग कर लें।
    ठंडा होने पर प्रभावित कान में 2-3 बूंद डालें।

    इस तेल में अदरक को दर्द निवारक और वात शांत करने वाला माना जाता है। सेंधा नमक भी दर्द को कम करने और वात को संतुलित करने में मदद करता है।

    इस्तेमाल करने से पहले सावधानियां
    कान को अच्छी तरह से साफ कर लें। गंदगी होने पर संक्रमण और दर्द बढ़ सकता है।
    यदि कान में घाव या बहाव है, तो इस तेल का इस्तेमाल न करें। ऐसे मामलों में चिकित्सक की सलाह लें।
    नहाते समय ध्यान दें कि साबुन या पानी कान में न जाए, क्योंकि इससे शुष्कता बढ़ती है और संक्रमण का खतरा रहता है। हर दो दिन में कान की सफाई करें, ताकि तेल और गंदगी का मिश्रण संक्रमण न पैदा करे।

    आयुर्वेदिक लाभ
    अदरक की गर्म तासीर और वात शांत करने वाले गुण दर्द को कम करते हैं।
    सेंधा नमक सूजन और जकड़न को दूर करने में मदद करता है।
    नियमित इस्तेमाल से कान में हल्कापन और आराम मिलता है।

    अदरक और सेंधा नमक से बना यह तेल हल्के कान दर्द और जकड़न में राहत देता है। इसे इस्तेमाल करने से पहले कान की सफाई और किसी घाव की स्थिति जांचना जरूरी है। नहाते समय पानी के कान में जाने से बचें और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सक से सलाह लें। यह प्राकृतिक और सरल उपाय वात दोष को संतुलित करके कान दर्द कम करने में मदद करता है।