Author: bharati

  • गाजीपुर घटना पर ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर हमला, पुजारी और बच्चे पर हमले को लेकर साधे तीखे सवाल

    गाजीपुर घटना पर ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर हमला, पुजारी और बच्चे पर हमले को लेकर साधे तीखे सवाल

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मंदिर के पुजारी और उनके चार वर्षीय बेटे पर कथित हमले की घटना को लेकर राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी सार्वजनिक मंचों पर सामाजिक सम्मान की बात करती है, जबकि उसके कार्यकर्ताओं पर हिंसा और गुंडागर्दी के आरोप लगते रहे हैं। उनके बयान के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।

    ओपी राजभर ने कहा कि गाजीपुर में बाबा गंगेश्वरनाथ मंदिर के पुजारी और उनके मासूम बेटे के साथ हुई कथित मारपीट अत्यंत गंभीर घटना है। उन्होंने दावा किया कि हमले में पुजारी को बुरी तरह पीटा गया और उनके चार वर्षीय बेटे को भी चोट पहुंचाई गई। राजभर ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए उचित नहीं मानी जा सकती।

    उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपने कार्यकर्ताओं को कानून का सम्मान करने और हिंसक गतिविधियों से दूर रहने की सलाह देनी चाहिए। राजभर ने आरोप लगाया कि यदि ऐसी घटनाएं लगातार होती रहीं तो जनता का भरोसा विपक्ष पर और कमजोर होगा। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष आवश्यक होता है, लेकिन इसके लिए राजनीतिक दलों को अनुशासन और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए।

    अपने बयान में राजभर ने समाजवादी पार्टी पर दोहरे राजनीतिक रवैये का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि एक ओर पार्टी विभिन्न समुदायों के सम्मान की बात करती है, वहीं दूसरी ओर विरोधियों का आरोप है कि जमीनी स्तर पर हिंसा की घटनाएं सामने आती रहती हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के आचरण की जिम्मेदारी लेनी चाहिए तथा कानून के दायरे में रहकर राजनीति करनी चाहिए।

    गाजीपुर की इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। हालांकि, इस मामले में लगाए गए राजनीतिक आरोपों पर समाजवादी पार्टी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और पुलिस की कार्रवाई के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए कानून-व्यवस्था, अपराध और सामाजिक मुद्दों पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज हो रहा है। ऐसे समय में किसी भी घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं स्वाभाविक रूप से चर्चा का केंद्र बन जाती हैं। गाजीपुर की इस घटना ने भी प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है। अब इस मामले में पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी। वहीं सभी दलों की ओर से कानून का पालन, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की मांग भी लगातार उठाई जा रही है।

  • कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: ग्लासगो में गूंजा 'चीयर 4 भारत', खेल मंत्री मांडविया ने भारतीय खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: ग्लासगो में गूंजा 'चीयर 4 भारत', खेल मंत्री मांडविया ने भारतीय खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला


    नई दिल्ली । कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आगाज से पहले स्कॉटलैंड के ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए ‘चीयर 4 भारत’ अभियान की शानदार शुरुआत हुई। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने वहां मौजूद भारतीय समुदाय के साथ साइकिलिंग कार्यक्रम में हिस्सा लेकर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया और दुनिया को फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।

    इस अवसर पर डॉ. मांडविया ने कहा कि फिटनेस केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ आज वैश्विक स्तर पर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। उन्होंने भारतीय समुदाय का आभार जताते हुए कहा कि ‘चीयर 4 भारत’ अभियान के माध्यम से प्रवासी भारतीय एकजुट होकर भारतीय खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा रहे हैं।

    खेल मंत्री ने साइकिलिंग को पर्यावरण संरक्षण और ट्रैफिक जाम की समस्या का प्रभावी समाधान बताते हुए कहा कि यह फिट रहने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वस्थ समाज और विकसित भारत के निर्माण के लिए नियमित व्यायाम और फिटनेस को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

    कार्यक्रम में यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त पेरियासामी कुमारन भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में खेल संस्कृति तेजी से विकसित हुई है। फिट इंडिया मूवमेंट ने लोगों में स्वास्थ्य के प्रति नई जागरूकता पैदा की है और आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक खेल महाशक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय खिलाड़ी इस बार भी कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करेंगे और पदकों की संख्या में बढ़ोतरी करेंगे। साथ ही उन्होंने 2030 में अहमदाबाद में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर भी उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि भारत उस आयोजन की सफल मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है।

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत 124 सदस्यीय दल के साथ हिस्सा ले रहा है। भारतीय खिलाड़ी आठ खेलों और पांच पैरा स्पोर्ट्स स्पर्धाओं में पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे। भारत अपने अभियान की शुरुआत पुरुष और महिला लॉन बाउल प्रतियोगिताओं से करेगा। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की उम्मीद के बीच ‘चीयर 4 भारत’ अभियान ने भारतीय दल को वैश्विक मंच पर मजबूत समर्थन और नया उत्साह देने का काम किया है।

  • चित्रकूट में NEET छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, तीन युवकों पर केस दर्ज, CCTV के आधार पर जांच तेज

    चित्रकूट में NEET छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, तीन युवकों पर केस दर्ज, CCTV के आधार पर जांच तेज


    नई दिल्ली ।
    उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में एक छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। घटना देवांगना घाटी क्षेत्र में हुई, जहां पीड़िता अपने परिचित के साथ गई थी। पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद तत्काल प्राथमिकी दर्ज की गई और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चला रही है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 20 वर्षीय छात्रा राजस्थान के कोटा में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही है और मध्य प्रदेश के सतना जिले की निवासी है। वह घूमने के उद्देश्य से चित्रकूट आई थी। उसके साथ मौजूद किशोर ने पुलिस को बताया कि घटना के दौरान तीन युवकों ने उन्हें रोका और खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताते हुए धमकाया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद किशोर को बांध दिया गया और छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

    पुलिस का कहना है कि घटना की सूचना मिलने के बाद मौके का निरीक्षण किया गया और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जांच के दौरान कुछ फुटेज में संदिग्ध व्यक्तियों के बाइक से गुजरने की जानकारी मिली है, जिसके आधार पर उनकी पहचान का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

    जांच अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रहा है और उसके बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही घटना के समय उसके साथ मौजूद किशोर से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।

    जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों को सक्रिय किया गया है। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच के साथ स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित सुरागों पर काम किया जा रहा है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास जारी है।

    इस घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। समाजवादी पार्टी के विधायक अनिल प्रधान ने कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस स्थान पर यह घटना हुई, वह प्रशासनिक और महत्वपूर्ण संस्थानों से अधिक दूर नहीं है। उन्होंने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

    यह मामला एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष और तेज जांच की जाएगी तथा उपलब्ध सभी साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचते हुए केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

  • टीम इंडिया के खिलाफ मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे की बढ़ी मुश्किलें, हैमस्ट्रिंग इंजरी ने छीना स्टार बल्लेबाज

    टीम इंडिया के खिलाफ मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे की बढ़ी मुश्किलें, हैमस्ट्रिंग इंजरी ने छीना स्टार बल्लेबाज


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज शुरू होने से ठीक पहले मेजबान टीम को बड़ा झटका लगा है। जिम्बाब्वे के बल्लेबाज मिल्टन शुम्बा हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण पूरी टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं। टीम प्रबंधन ने उनकी जगह अनुभवी बल्लेबाज इनोसेंट काइया को स्क्वॉड में शामिल किया है। शुम्बा की गैरमौजूदगी ऐसे समय में सामने आई है जब जिम्बाब्वे भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ घरेलू मैदान पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा था।

    मिल्टन शुम्बा का मंगलवार को मेडिकल स्कैन कराया गया था। जांच रिपोर्ट में हैमस्ट्रिंग की चोट गंभीर पाई गई जिसके बाद उन्हें पूरी सीरीज से बाहर करने का फैसला लिया गया। हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ खेली गई टी20 सीरीज में शुम्बा ने जिम्बाब्वे की ओर से सभी मुकाबले खेले थे। साल 2022 के बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी करने वाले शुम्बा से इस सीरीज में भी अहम भूमिका निभाने की उम्मीद थी लेकिन चोट ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

    शुम्बा की जगह टीम में शामिल किए गए इनोसेंट काइया के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अच्छा अनुभव है। उन्होंने अपना आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला जुलाई 2024 में भारत के खिलाफ हरारे में ही खेला था। काइया अब तक जिम्बाब्वे के लिए 19 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं जिनमें उन्होंने 290 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 104 का रहा है और उनके नाम इस प्रारूप में एक अर्धशतक भी दर्ज है। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि वह शुम्बा की कमी को काफी हद तक पूरा कर सकेंगे।

    भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 23 जुलाई को खेला जाएगा जबकि दूसरा और तीसरा मैच क्रमशः 25 और 26 जुलाई को होगा। तीनों मुकाबलों के लिए दोनों टीमें अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं।

    जिम्बाब्वे हाल के समय में अच्छी लय में नजर आया है। टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मुकाबला पारी और 85 रन के बड़े अंतर से जीता था। इसके बाद वनडे सीरीज भी 2-1 से अपने नाम की। हालांकि टी20 सीरीज में उसे 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था। अब टीम भारत के खिलाफ घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर मजबूत चुनौती पेश करना चाहेगी।

    दूसरी ओर भारतीय टीम भी हालिया प्रदर्शन के कारण दबाव में है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया को आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज भी भारत 0-4 से गंवा बैठा। ऐसे में भारतीय टीम इस दौरे पर जीत की राह पर लौटने के इरादे से मैदान में उतरेगी जबकि अय्यर बतौर कप्तान अपनी पहली टी20 सीरीज जीत दर्ज करने की कोशिश करेंगे।

    दोनों टीमों के बीच पिछली भिड़ंत टी20 विश्व कप 2026 में हुई थी जहां भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को 72 रन से हराया था। अब घरेलू मैदान पर जिम्बाब्वे उस हार का हिसाब चुकता करने की कोशिश करेगा जबकि भारत अपनी खोई हुई लय वापस पाने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगा।

  • रोहित यादव और चिगुरुपति की घातक गेंदबाजी, भारत अंडर-19 ने श्रीलंका को किया चारों खाने चित

    रोहित यादव और चिगुरुपति की घातक गेंदबाजी, भारत अंडर-19 ने श्रीलंका को किया चारों खाने चित


    नई दिल्ली । भारत अंडर-19 क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे अनौपचारिक टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए 211 रन की बड़ी जीत दर्ज की। कोलंबो के आर प्रेमदासा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारतीय युवा खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतरीन खेल दिखाया। इस जीत के साथ भारत ने दो मैचों की यूथ टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली। पहला मुकाबला ड्रॉ रहने के कारण दूसरा टेस्ट निर्णायक साबित हुआ और भारतीय टीम ने किसी भी मौके पर श्रीलंका को वापसी का अवसर नहीं दिया।

    472 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती झटके देकर मेजबान टीम को दबाव में ला दिया। दिमंथा महाविथाना बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए जबकि अवीशा समश केवल 2 रन ही बना सके। विरन चामुदिथा ने तेज शुरुआत करते हुए 31 रन बनाए लेकिन वह भी बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे। महज 38 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद श्रीलंका मुश्किल में दिखाई देने लगा।

    इसके बाद सेनुजा वेकुनागोडा और कप्तान विमथ दिंसारा ने शानदार संघर्ष करते हुए चौथे विकेट के लिए 98 रन की साझेदारी की। सेनुजा ने 64 रन की आकर्षक पारी खेली जबकि कप्तान विमथ ने भी 64 रन बनाए। कविजा गमागे ने 36 और सेथमिका सेनेविरात्ने ने 42 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने यह प्रयास नाकाफी साबित हुआ। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और पूरी श्रीलंकाई टीम 260 रन पर सिमट गई।

    भारत की जीत के सबसे बड़े नायक तेज गेंदबाज रोहित यादव रहे जिन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट अपने नाम किए। चिगुरुपति वेंकटा ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए तीन विकेट हासिल किए। दोनों गेंदबाजों ने श्रीलंका के बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह बिखेर दिया और विपक्षी टीम को लक्ष्य के करीब भी नहीं पहुंचने दिया।

    इससे पहले भारत ने पहली पारी में 411 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। युवा बल्लेबाज मनाल चौहान ने शानदार 150 रन की यादगार पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनके अलावा कुशाग्र ओझा ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 111 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों की शतकीय पारियों की बदौलत भारत ने पहली पारी में विशाल बढ़त हासिल की।

    श्रीलंका की पहली पारी केवल 148 रन पर सिमट गई जिससे भारत को 263 रन की बड़ी बढ़त मिली। इसके बाद भारतीय टीम ने दूसरी पारी में तीन विकेट पर 208 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। इस पारी में लक्ष्य राजेश रायचंदानी ने नाबाद 100 रन की शानदार शतकीय पारी खेली जबकि मनाल चौहान ने एक बार फिर अर्धशतक बनाकर अपनी बेहतरीन फॉर्म का परिचय दिया।

    पूरे मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन हर विभाग में शानदार रहा। बल्लेबाजों ने बड़े स्कोर बनाए तो गेंदबाजों ने विपक्षी टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा। इस प्रभावशाली जीत ने यह भी साबित किया कि भारत की जूनियर टीम में भविष्य के कई सितारे मौजूद हैं जो आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना सकते हैं।

  • वर्ल्ड चैंपियन स्पेन को बड़ा झटका, कप्तान रोड्री कराएंगे सर्जरी, लंबे समय तक रह सकते हैं बाहर

    वर्ल्ड चैंपियन स्पेन को बड़ा झटका, कप्तान रोड्री कराएंगे सर्जरी, लंबे समय तक रह सकते हैं बाहर


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में स्पेन को ऐतिहासिक खिताब दिलाने वाले कप्तान रोड्री एक बार फिर चोट की वजह से सुर्खियों में हैं। शानदार नेतृत्व और दमदार प्रदर्शन से स्पेन को विश्व चैंपियन बनाने वाले इस स्टार मिडफील्डर को अब पीठ की गंभीर चोट के कारण सर्जरी करानी पड़ सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रोड्री की चोट इतनी गंभीर है कि उन्हें लंबे समय तक फुटबॉल से दूर रहना पड़ सकता है। यह खबर न केवल स्पेनिश फुटबॉल टीम बल्कि उनके क्लब मैनचेस्टर सिटी के लिए भी बड़ी चिंता का विषय बन गई है।

    विश्व कप 2026 में रोड्री ने स्पेन के मिडफील्ड को मजबूती देते हुए पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया था। उनकी कप्तानी में स्पेन ने खिताब अपने नाम किया और उनके बेहतरीन खेल के लिए उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। गोल्डन बॉल जीतकर उन्होंने यह साबित किया कि वह दुनिया के सबसे प्रभावशाली मिडफील्डरों में शामिल हैं। लेकिन विश्व कप की इस सफलता के कुछ ही समय बाद चोट ने उनके करियर की रफ्तार पर फिर से ब्रेक लगा दिया है।

    रोड्री पिछले कुछ वर्षों से लगातार फिटनेस समस्याओं से जूझ रहे हैं। सितंबर 2024 में उन्हें लिगामेंट की गंभीर चोट लगी थी जिसके कारण वह लगभग पूरा 2024-25 सीजन नहीं खेल सके थे। इसके बाद हैमस्ट्रिंग और ग्रोइन की परेशानियों ने भी उनकी वापसी को प्रभावित किया। पिछले सीजन में वह सभी प्रतियोगिताओं में केवल 33 मुकाबले खेल पाए जबकि प्रीमियर लीग में भी सिर्फ 17 मैचों की शुरुआती एकादश का हिस्सा बने।

    चोट से वापसी के बाद भी रोड्री अपनी पुरानी लय हासिल नहीं कर सके। मैनचेस्टर सिटी के तत्कालीन कोच पेप गार्डियोला ने भी स्वीकार किया था कि उन्हें पूरी तरह फिट होने से पहले मैदान पर उतार दिया गया था। अब नई पीठ की चोट ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं तथा सर्जरी की संभावना ने उनके भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    रोड्री की चोट ऐसे समय सामने आई है जब मैनचेस्टर सिटी के साथ उनके अनुबंध की अवधि भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि 30 वर्षीय स्टार मिडफील्डर अपने पुराने क्लब रियल मैड्रिड में वापसी करने के इच्छुक हैं। हालांकि उनकी मौजूदा फिटनेस और संभावित सर्जरी इस ट्रांसफर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

    रोड्री की अनुपस्थिति को देखते हुए मैनचेस्टर सिटी ने पहले ही अपने मिडफील्ड को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। क्लब ने नॉटिंघम फॉरेस्ट से इलियट एंडरसन को बड़ी रकम खर्च कर टीम में शामिल किया है ताकि रोड्री की गैरमौजूदगी का असर कम किया जा सके। वहीं दूसरी ओर रोड्री के संभावित रियल मैड्रिड जाने की अटकलों के बीच ऑरेलियन चौमेनी और एडुआर्डो कैमाविंगा के भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई प्रीमियर लीग क्लब इन खिलाड़ियों पर नजर बनाए हुए हैं।

    अब सभी की निगाहें रोड्री की सर्जरी और उनकी रिकवरी पर टिकी हैं। यदि वह जल्द स्वस्थ होकर मैदान पर लौटते हैं तो स्पेन और मैनचेस्टर सिटी दोनों को बड़ी राहत मिलेगी। लेकिन फिलहाल चोट ने विश्व फुटबॉल के इस स्टार खिलाड़ी के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल जरूर खड़े कर दिए हैं।

  • राघव जुयाल बोले- 'भाई तेरा स्टार है' से लौटेगी गोविंदा दौर की साफ-सुथरी कॉमेडी, हर वर्ग के दर्शकों को हंसाने का दावा

    राघव जुयाल बोले- 'भाई तेरा स्टार है' से लौटेगी गोविंदा दौर की साफ-सुथरी कॉमेडी, हर वर्ग के दर्शकों को हंसाने का दावा

    नई दिल्ली । अभिनेता राघव जुयाल अपनी आगामी फिल्म ‘भाई तेरा स्टार है’ के जरिए दर्शकों के सामने ऐसी पारिवारिक कॉमेडी पेश करने की तैयारी में हैं, जिसका केंद्र केवल मनोरंजन और सहज हास्य है। उनका मानना है कि मौजूदा दौर में दर्शकों के जीवन में बढ़ते तनाव के बीच ऐसी फिल्मों की जरूरत पहले से अधिक है, जिन्हें पूरा परिवार साथ बैठकर देख सके और कुछ समय के लिए रोजमर्रा की चिंताओं से दूर होकर मुस्कुरा सके। राघव का कहना है कि उनकी कोशिश सिर्फ हंसाने तक सीमित नहीं है, बल्कि दर्शकों को पुराने दौर की साफ-सुथरी कॉमेडी का अनुभव कराना भी है।

    राघव जुयाल के अनुसार, इस फिल्म की सबसे बड़ी प्रेरणा उन फिल्मों की शैली रही है, जिनमें अभिनेता गोविंदा अपनी सहज अदाकारी, हास्य और पारिवारिक मनोरंजन के लिए पहचाने जाते थे। उनका मानना है कि उस दौर की फिल्मों में बिना किसी बनावटीपन के ऐसा हास्य होता था, जिससे हर उम्र का दर्शक जुड़ जाता था। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए ‘भाई तेरा स्टार है’ की कहानी और प्रस्तुति तैयार की गई है ताकि परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर इसका आनंद उठा सकें।

    फिल्म में राघव अजय सिंह नाम के एक ऐसे युवक की भूमिका निभा रहे हैं, जो खुद को बेहद प्रतिभाशाली अभिनेता मानता है और बड़े पर्दे का सुपरस्टार बनने के सपने देखता है। हालांकि उसकी अभिनय क्षमता उसके आत्मविश्वास के बिल्कुल विपरीत होती है। अपनी कमजोर अदाकारी के बावजूद वह लगातार खुद को साबित करने की कोशिश करता रहता है और इसी दौरान कई ऐसी परिस्थितियां सामने आती हैं, जो कहानी को हास्य और मनोरंजन से भर देती हैं। घटनाक्रम उसे एक प्रभावशाली डॉन के साथ ऐसे विवाद में पहुंचा देता है, जहां उसे आर्थिक और व्यक्तिगत दोनों तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

    राघव का कहना है कि फिल्म का हास्य किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि छोटे शहरों से लेकर महानगरों तक के दर्शक कहानी और किरदारों से जुड़ाव महसूस कर सकें। उनका मानना है कि जब दर्शक किसी पात्र में अपने आसपास के लोगों की झलक देखते हैं, तब मनोरंजन का प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है। यही कारण है कि फिल्म के किरदारों और परिस्थितियों को सामान्य जीवन से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

    फिल्म में राघव के साथ निहारिका एनएम, संजय कपूर, बरखा सिंह, चंदन रॉय सान्याल, विवान भटेना, निकी अनेजा वालिया और विकल्प मेहता जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। अनुभवी और युवा कलाकारों का यह संयोजन फिल्म को अलग रंग देने का प्रयास करता है, जिससे कहानी में विविधता और संतुलन बना रहे।

    निर्देशक विवेक बी. अग्रवाल के निर्देशन में बनी यह फिल्म पारिवारिक मनोरंजन, हल्के-फुल्के हास्य और छोटे शहरों की पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। निर्माताओं को उम्मीद है कि यह फिल्म ऐसे दर्शकों को आकर्षित करेगी जो लंबे समय बाद बिना किसी भारी संदेश या जटिल कथानक के केवल मनोरंजन से भरपूर कॉमेडी देखना चाहते हैं। ‘भाई तेरा स्टार है’ 30 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी और इसके जरिए राघव जुयाल दर्शकों के बीच सहज, स्वच्छ और पारिवारिक कॉमेडी की उस परंपरा को फिर से मजबूत करने की उम्मीद लेकर आ रहे हैं।

  • रोहित पर भरोसा बरकरार, शमी और संजू बाहर, अभिनव मुकुंद ने चुनी अपनी ड्रीम वर्ल्ड कप टीम

    रोहित पर भरोसा बरकरार, शमी और संजू बाहर, अभिनव मुकुंद ने चुनी अपनी ड्रीम वर्ल्ड कप टीम


    नई दिल्ली । वनडे विश्व कप 2027 को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसी बीच भारत के पूर्व क्रिकेटर अभिनव मुकुंद ने अपनी पसंदीदा 15 सदस्यीय भारतीय टीम का चयन कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। मुकुंद की टीम में कई अनुभवी खिलाड़ियों को जगह मिली है जबकि कुछ बड़े नामों को बाहर रखकर उन्होंने चयन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सबसे ज्यादा चर्चा तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन के बाहर रहने की हो रही है। इसके अलावा युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा और रिंकू सिंह को भी मुकुंद ने अपनी टीम में शामिल नहीं किया।

    ईएसपीएन क्रिकइन्फो से बातचीत के दौरान अभिनव मुकुंद ने अपनी टीम का खुलासा किया। उन्होंने सलामी बल्लेबाज के रूप में शुभमन गिल और रोहित शर्मा को चुना। हाल के समय में रोहित शर्मा की फॉर्म को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं लेकिन मुकुंद का मानना है कि बड़े टूर्नामेंट में उनका अनुभव और नेतृत्व भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। यही वजह रही कि उन्होंने रोहित पर भरोसा कायम रखा जबकि यशस्वी जायसवाल को अपनी टीम में जगह नहीं दी।

    मुकुंद ने तीसरे नंबर पर विराट कोहली को रखा है जबकि चौथे स्थान के लिए श्रेयस अय्यर को चुना। मध्यक्रम को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर केएल राहुल और ईशान किशन को शामिल किया है। संजू सैमसन को टीम से बाहर रखने का फैसला सबसे चौंकाने वाला माना जा रहा है क्योंकि हाल के वर्षों में उन्होंने सीमित ओवरों के क्रिकेट में कई प्रभावशाली पारियां खेली हैं।

    ऑलराउंडर विभाग में मुकुंद ने हार्दिक पांड्या अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर पर भरोसा जताया है। उनका मानना है कि ये तीनों खिलाड़ी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में संतुलन प्रदान कर सकते हैं। स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी उन्होंने कुलदीप यादव को सौंपी है जो पिछले कुछ समय से लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं।

    तेज गेंदबाजी आक्रमण में मुकुंद ने जसप्रीत बुमराह को मुख्य हथियार माना है। उनके साथ अनुभवी मोहम्मद सिराज को शामिल किया गया है। इसके अलावा प्रसिद्ध कृष्णा हर्षित राणा और युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को भी टीम में जगह मिली है। गुरनूर बरार का चयन विशेष रूप से चर्चा में है क्योंकि उन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया है और मुकुंद ने उनके प्रदर्शन पर भरोसा दिखाया है।

    मोहम्मद शमी का टीम से बाहर होना क्रिकेट प्रशंसकों के लिए सबसे बड़ा आश्चर्य माना जा रहा है। शमी लंबे समय से भारत के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं और बड़े टूर्नामेंटों में उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। इसके बावजूद मुकुंद ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा गेंदबाजों को प्राथमिकता दी है।

    हालांकि यह केवल अभिनव मुकुंद की व्यक्तिगत पसंद की टीम है और इसका भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड या राष्ट्रीय चयन समिति से कोई संबंध नहीं है। अंतिम टीम का चयन खिलाड़ियों की फॉर्म फिटनेस प्रदर्शन और चयनकर्ताओं की रणनीति के आधार पर किया जाएगा। फिर भी मुकुंद की इस टीम ने वनडे विश्व कप 2027 को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।

  • तिमाही नतीजों के बाद इंडसइंड बैंक के शेयरों में बड़ी गिरावट, मजबूत मुनाफे के बावजूद निवेशकों ने दिखाई सतर्कता

    तिमाही नतीजों के बाद इंडसइंड बैंक के शेयरों में बड़ी गिरावट, मजबूत मुनाफे के बावजूद निवेशकों ने दिखाई सतर्कता

    नई दिल्ली । पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों के बाद निजी क्षेत्र के इंडसइंड बैंक के शेयरों में गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान छह प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। बैंक ने मुनाफे और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार के आंकड़े पेश किए, लेकिन इसके बावजूद बाजार की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही। निवेशकों ने बैंक से जुड़े व्यापक जोखिमों और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सतर्क रुख अपनाया, जिसका असर शेयर की कीमत पर साफ दिखाई दिया।

    कारोबार के दौरान बैंक का शेयर तेज दबाव में आ गया और छह प्रतिशत से अधिक गिरकर दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया। शुरुआती सत्र में ही स्टॉक में लगातार बिकवाली देखी गई, जिससे यह प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल हो गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि केवल वित्तीय नतीजे ही नहीं, बल्कि निवेशकों की धारणा और बैंक से जुड़े अन्य मुद्दों ने भी इस गिरावट में भूमिका निभाई।

    वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में बैंक का समेकित शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा। प्रावधान और आकस्मिक खर्चों में कमी आने से बैंक के मुनाफे को मजबूती मिली। इसके साथ ही बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम में भी मामूली वृद्धि दर्ज की गई, जो मुख्य बैंकिंग कारोबार की स्थिरता का संकेत देती है।

    परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर भी बैंक ने सुधार दिखाया। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात में कमी दर्ज की गई, जबकि नए फंसे हुए ऋणों की मात्रा भी पिछले वर्ष की तुलना में घटी। आम तौर पर ऐसे संकेत बैंक की वित्तीय स्थिति को बेहतर मानने के लिए सकारात्मक माने जाते हैं, लेकिन इस बार निवेशकों ने इन आंकड़ों के बावजूद सतर्कता बनाए रखी।

    बाजार विश्लेषकों का कहना है कि हाल के महीनों में बैंक से जुड़ी कुछ घटनाओं ने निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया है। जून में बैंक को लेकर विभिन्न स्तरों पर कथित कॉरपोरेट गवर्नेंस संबंधी शिकायतों की खबरें सामने आई थीं। इन रिपोर्टों में इनसाइडर ट्रेडिंग, वित्तीय रिकॉर्ड में कथित अनियमितताओं, ऑडिट प्रक्रियाओं और प्रबंधन से जुड़े कुछ आरोपों का उल्लेख किया गया था। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है, लेकिन ऐसी खबरों का असर निवेशकों की धारणा पर पड़ता है।

    इसी कारण बेहतर वित्तीय प्रदर्शन के बावजूद बाजार ने अपेक्षित सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। निवेशक केवल तिमाही लाभ पर नहीं, बल्कि बैंक की दीर्घकालिक विश्वसनीयता, प्रबंधन की पारदर्शिता और नियामकीय स्थिति पर भी नजर बनाए हुए हैं। आने वाले समय में इन पहलुओं पर स्पष्टता मिलने के बाद ही बाजार का रुख अधिक स्थिर हो सकता है।

    शेयर बाजार में किसी भी बैंक के मूल्यांकन पर वित्तीय नतीजों के साथ-साथ निवेशकों का भरोसा, जोखिम प्रबंधन और कॉरपोरेट गवर्नेंस का भी बड़ा प्रभाव होता है। इंडसइंड बैंक के मामले में पहली तिमाही के नतीजों ने परिचालन प्रदर्शन में सुधार का संकेत जरूर दिया है, लेकिन बाजार फिलहाल व्यापक तस्वीर को देखते हुए सावधानी बरत रहा है। अब निवेशकों की निगाह बैंक के आगामी तिमाही प्रदर्शन, नियामकीय घटनाक्रम और प्रबंधन की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर रहेगी, जो आगे शेयर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

  • ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नहीं खेलेंगे इबादत हुसैन, पारिवारिक कारणों से लिया बड़ा फैसला

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नहीं खेलेंगे इबादत हुसैन, पारिवारिक कारणों से लिया बड़ा फैसला


    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगले महीने शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले बांग्लादेश क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज इबादत हुसैन इस महत्वपूर्ण दौरे का हिस्सा नहीं होंगे। पारिवारिक कारणों की वजह से उन्होंने खुद को इस सीरीज से अलग रखने का फैसला किया है। उनकी पत्नी जल्द ही अपने पहले बच्चे को जन्म देने वाली हैं और इसी खास मौके पर परिवार के साथ रहने को प्राथमिकता देते हुए इबादत ने राष्ट्रीय टीम से अस्थायी दूरी बनाई है। ऐसे में बांग्लादेश को ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अपने प्रमुख तेज गेंदबाज के बिना मैदान में उतरना पड़ेगा।

    बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 13 अगस्त से डार्विन में होगी जबकि दूसरा मुकाबला 22 अगस्त से खेला जाएगा। यह सीरीज आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है इसलिए दोनों टीमों के लिए हर मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। इबादत हुसैन की गैरमौजूदगी बांग्लादेश के तेज गेंदबाजी आक्रमण को कमजोर कर सकती है क्योंकि वह नई गेंद से विकेट निकालने की क्षमता रखते हैं और विदेशी परिस्थितियों में भी प्रभावी प्रदर्शन कर चुके हैं।

    इधर टीम के एक अन्य प्रमुख तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद ने भी बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे की बेहतर तैयारी के लिए लंका प्रीमियर लीग से अपना नाम वापस ले लिया है। तस्कीन का मानना है कि यदि वह लीग क्रिकेट खेलते तो टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खेलने का अवसर बार बार नहीं मिलता इसलिए उन्होंने फ्रेंचाइजी क्रिकेट की बजाय राष्ट्रीय टीम को प्राथमिकता दी।

    तस्कीन ने यह भी स्पष्ट किया कि एलपीएल से हटने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान जरूर हुआ है लेकिन देश के लिए खेलने और टेस्ट क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन करने का मौका उनके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि अच्छी तैयारी के साथ मैदान में उतरना टीम के हित में होगा और यही फैसला भविष्य में बेहतर परिणाम देने में मदद करेगा।

    उधर बांग्लादेश टीम की चिंता केवल इबादत हुसैन तक सीमित नहीं है। तेज गेंदबाज नाहिद राणा की फिटनेस पर भी संशय बना हुआ है। उनकी चोट का स्कैन कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि वह पहले टेस्ट में खेल पाएंगे या नहीं। इसके अलावा अनुभवी बल्लेबाज लिटन दास भी पिंडली की चोट से उबर रहे हैं। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि वह समय रहते पूरी तरह फिट होकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैदान में उतरेंगे।

    बांग्लादेश की टीम अगले महीने की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया पहुंचेगी जहां 3 अगस्त से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेला जाएगा। इस मुकाबले के जरिए खिलाड़ी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की कोशिश करेंगे। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज बांग्लादेश के लिए बड़ी चुनौती होगी और टीम चाहेगी कि उपलब्ध खिलाड़ियों के दम पर मजबूत प्रदर्शन कर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में अहम अंक हासिल किए जा सकें।