Author: bharati

  • प्रेमानंद जी महाराज का जवाब: विदेश में नॉनवेज खाने के बाद भी लोग तरक्की कैसे करते हैं? जानिए गहरी सीख

    प्रेमानंद जी महाराज का जवाब: विदेश में नॉनवेज खाने के बाद भी लोग तरक्की कैसे करते हैं? जानिए गहरी सीख




    नई दिल्ली। प्रेमानंद जी महाराज  के एकांतिक वार्ता में दिए गए विचारों पर आधारित एक सवाल ने लोगों का ध्यान खींचा है। भक्त ने पूछा कि विदेशों में लोग मांसाहार करते हैं, फिर भी वे तरक्की कैसे कर लेते हैं? इस पर महाराज जी ने जीवन, धर्म और “सच्ची उन्नति” को लेकर गहरी बात समझाई।

    महाराज जी के अनुसार, केवल भौतिक सफलता या पैसा कमाना ही असली उन्नति नहीं है। उन्होंने कहा कि असली उन्नति वह है जिसमें मन की शांति, संस्कार और आध्यात्मिक संतुलन भी शामिल हो। उनके अनुसार, बाहरी सफलता को ही पूरी उन्नति मान लेना एक अधूरी सोच है।

    शाकाहार और कर्म का संदेश
    प्रेमानंद जी महाराज ने यह भी कहा कि हर जीव के जीवन का मूल्य है और कर्म का प्रभाव व्यक्ति पर जरूर पड़ता है। उन्होंने समझाया कि व्यक्ति के कर्म ही उसके जीवन के परिणाम तय करते हैं, और समय के साथ हर चीज का फल मिलता है।

    विदेश और “उन्नति” पर विचार
    भक्त के सवाल पर महाराज जी ने कहा कि केवल धन और भोग-विलास को उन्नति मानना सही नहीं है। उनके अनुसार, सच्ची शांति और संतोष केवल बाहरी सुविधाओं से नहीं मिलता, बल्कि आंतरिक संस्कारों और आध्यात्मिक जीवन से मिलता है।

    आधुनिकता और अध्यात्म का संतुलन
    महाराज जी ने यह भी कहा कि आधुनिक शिक्षा जरूरी है, लेकिन उसके साथ अध्यात्म का संतुलन भी होना चाहिए। उनके अनुसार, यदि दोनों साथ चलें तो समाज अधिक संतुलित और शांतिपूर्ण बन सकता है।

  • प्रयागराज में गंगा नदी पर बनेगा नया पुल, फाफामऊ जाम से मिलेगी बड़ी राहत

    प्रयागराज में गंगा नदी पर बनेगा नया पुल, फाफामऊ जाम से मिलेगी बड़ी राहत


    नई दिल्ली। प्रयागराज में गंगा नदी पर फाफामऊ पुल के समानांतर एक और नया पुल बनाया जाएगा, जिससे शहर में जाम की समस्या से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार, यह नया पुल पुराने फाफामऊ पुल के पास गंगा नदी के अपस्ट्रीम हिस्से में प्रस्तावित है। इसके बनने से प्रयागराज में गंगा नदी पर कुल पुलों की संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस नए पुल के निर्माण से गंगापार क्षेत्र और शहर के उत्तरी हिस्से के बीच आवागमन पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा और लोगों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी।

    इस परियोजना को लेकर प्रशासन का कहना है कि बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यह पुल बेहद जरूरी है, जिससे भविष्य में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखा जा सकेगा।

  • झांसी दौरे पर कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान का बयान: नमाज और पूजा के लिए स्थान निर्धारित, जेल सुधार पर दिया जोर

    झांसी दौरे पर कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान का बयान: नमाज और पूजा के लिए स्थान निर्धारित, जेल सुधार पर दिया जोर


    झांसी । झांसी में प्रदेश सरकार के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़क पर नमाज को लेकर दिए गए बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नमाज हो या पूजा, सभी धार्मिक कार्यों के लिए स्थान निर्धारित हैं और इन्हें केवल तय स्थानों पर ही किया जाना चाहिए।

    मंत्री दारा सिंह चौहान सर्किट हाउस करीब एक घंटे की देरी से पहुंचे। उन्होंने देरी का कारण बताते हुए कहा कि वे कानपुर देहात में एक स्कूल बस हादसे में राहत और बचाव कार्य में शामिल थे, जिसकी वजह से उनका कार्यक्रम प्रभावित हुआ। झांसी पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जहां जेल अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

    मीडिया से बातचीत के दौरान कारागार मंत्री ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार जेल प्रशासन को सिर्फ बंदियों को रखने तक सीमित नहीं मानती, बल्कि उनका नैतिक और सामाजिक सुधार भी सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि जेलों में बंदियों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि वे रिहाई के बाद समाज में सम्मानपूर्वक जीवन शुरू कर सकें।

    प्रदेश की जेलों में ओवरक्राउडिंग के सवाल पर दारा सिंह चौहान ने कहा कि यह समस्या पहले की तुलना में काफी कम हुई है और सरकार लगातार नई जेलों के निर्माण पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों में भी पूजा और नमाज के लिए निश्चित स्थानों का उल्लेख है, इसलिए इसे लेकर जो कहा गया है वह सही है। वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने अनभिज्ञता जताई।

  • कम खर्च में मनाली का सफर: स्मार्ट प्लानिंग से 7–10 हजार में बना सकते हैं परफेक्ट हिल स्टेशन ट्रिप

    कम खर्च में मनाली का सफर: स्मार्ट प्लानिंग से 7–10 हजार में बना सकते हैं परफेक्ट हिल स्टेशन ट्रिप


    नई दिल्ली।
    हिमाचल प्रदेश का खूबसूरत हिल स्टेशन मनाली देश-विदेश के ट्रैवलर्स के बीच हमेशा से लोकप्रिय रहा है। बर्फ से ढकी पहाड़ियां, बहती ब्यास नदी और शांत वातावरण इसे परफेक्ट हिल स्टेशन बनाते हैं। हालांकि, कई लोग मानते हैं कि मनाली घूमना महंगा होगा, लेकिन सही योजना और स्मार्ट बुकिंग से कम बजट में भी इस ट्रिप को यादगार बनाया जा सकता है।

    कम खर्च में यात्रा करने के लिए सबसे पहले ट्रैवल टाइम का सही चयन करना जरूरी है। ऑफ सीजन यानी जुलाई से सितंबर या जनवरी के बाद का समय बजट ट्रैवल के लिए बेहतरीन माना जाता है। इस समय होटल, बस और अन्य सेवाएं अपेक्षाकृत सस्ती होती हैं। यात्रा की शुरुआत स्मार्ट तरीके से की जाए तो खर्च और भी कम किया जा सकता है। अपने शहर से पहले दिल्ली या चंडीगढ़ तक ट्रेन से पहुंचना सबसे किफायती विकल्प है। यहां से मनाली के लिए सरकारी HRTC और प्राइवेट बसें आसानी से उपलब्ध हैं, जिनका किराया 500 से 1200 रुपये के बीच होता है। आरामदायक यात्रा के लिए Volvo बस का विकल्प भी है, हालांकि वह थोड़ा महंगा पड़ सकता है।

    रहने के लिए मनाली में बजट होटल और होमस्टे की कोई कमी नहीं है। खासकर Old Manali और आसपास के क्षेत्रों में 500 से 1200 रुपये प्रति रात में अच्छे कमरे मिल जाते हैं। ग्रुप ट्रिप करने पर रूम शेयरिंग से खर्च और भी कम किया जा सकता है। खानपान के लिए लोकल ढाबे और छोटे कैफे बहुत अच्छे विकल्प हैं, जहां 80 से 150 रुपये में भरपेट भोजन मिल जाता है। लोकल खाने का अनुभव न केवल बजट में मदद करता है बल्कि ट्रिप को और भी यादगार बनाता है।

    मनाली में घूमने के लिए कई फ्री या कम खर्च वाले विकल्प हैं। Mall Road, Hadimba Temple, Vashisht Village और नदी किनारे घूमना बजट ट्रैवलर्स के लिए परफेक्ट है। एडवेंचर स्पॉट्स जैसे Solang Valley और Rohtang Pass जाने के लिए कैब या परमिट लेना पड़ सकता है, लेकिन ग्रुप में खर्च साझा करके इसे भी कम किया जा सकता है।

    सही योजना और स्मार्ट बुकिंग के साथ 3–4 दिन की मनाली यात्रा 6000 से 12000 रुपये में पूरी की जा सकती है। इसमें ट्रैवल, होटल, खाना और लोकल घूमने की सभी सुविधाएं शामिल हैं। थोड़ी समझदारी और योजना के साथ कम बजट में भी मनाली ट्रिप यादगार और शानदार बनाई जा सकती है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो कम खर्च में पहाड़ों की खूबसूरती और बर्फीली वादियों का आनंद लेना चाहते हैं।

  • बुजुर्ग की जेब काटते हुए धराया आरोपी, अस्पताल में मचा हंगामा

    बुजुर्ग की जेब काटते हुए धराया आरोपी, अस्पताल में मचा हंगामा


    भागलपुर । भागलपुर के मायागंज अस्पताल में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक्स-रे विभाग के पास एक युवक को जेबकतरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। यह घटना अस्पताल परिसर में उस समय हुई जब कजरैली रजया निवासी नकुल दास अपनी जांच के लिए लाइन में खड़े थे। वे एक्स-रे कराने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे कि तभी भीड़ में खड़े एक युवक ने उनके जेब से पैसे निकालने की कोशिश शुरू कर दी।

    जैसे ही नकुल दास को अपनी जेब में हलचल महसूस हुई, उन्हें तुरंत शक हुआ। उन्होंने बिना देर किए युवक का हाथ पकड़ लिया और जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। उनकी आवाज सुनते ही आसपास मौजूद मरीज, परिजन और अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। कुछ ही पलों में वहां भीड़ जमा हो गई और लोगों ने आरोपी युवक को घेर लिया।

    गुस्साई भीड़ ने आरोपी को पकड़कर उसकी जमकर पिटाई कर दी। अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी उठाए कि आखिर इतने बड़े अस्पताल में जेबकतरे कैसे आसानी से प्रवेश कर जाते हैं।

    सूचना मिलने पर अस्पताल के सुरक्षा कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह आरोपी को भीड़ से छुड़ाया। इसके बाद उसे मायागंज अस्पताल स्थित पुलिस कैंप में ले जाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बरारी थाना पुलिस को भी सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को अपने साथ थाने ले गई।

    पुलिस के अनुसार पकड़े गए युवक ने अपना नाम मोहम्मद पप्पू बताया है और वह सकूरा क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहा है या नहीं। उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।

    घटना के बाद अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में दहशत और नाराजगी दोनों देखी गई। लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होनी चाहिए ताकि मरीजों और उनके साथ आए परिजनों को इस तरह की घटनाओं का सामना न करना पड़े।

    पीड़ित नकुल दास ने बताया कि वह इलाज के लिए आए थे और लाइन में खड़े थे, तभी एक व्यक्ति ने उनकी जेब में हाथ डालने की कोशिश की। उन्होंने तुरंत उसे पकड़ लिया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।

    फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है। इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्कता की जरूरत को उजागर कर दिया है।

  • एडमिशन विवाद: परिजनों का आरोप- अमीर बच्चों को ही मिल रहा दाखिला

    एडमिशन विवाद: परिजनों का आरोप- अमीर बच्चों को ही मिल रहा दाखिला


    भागलपुर । भागलपुर के इंटर स्तरीय पंचानन झा उच्च विद्यालय बैजानी में नामांकन प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस बार कई छात्रों का एडमिशन नहीं होने से अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने स्कूल परिसर में पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अभिभावकों का आरोप है कि पहले से पढ़ रहे बच्चों को भी इस बार नामांकन से वंचित कर दिया गया है, जिससे उनके भविष्य को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।

    प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों का कहना है कि बच्चों का नामांकन अचानक बदले गए नियमों के कारण अटक गया है। कई बार स्कूल आने-जाने के बावजूद उन्हें पहले आश्वासन दिया गया था कि एडमिशन होगा, लेकिन बाद में नियमों का हवाला देकर प्रवेश रोक दिया गया। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि अब स्कूल प्रशासन केवल मेरिट और नए चयन मानकों के आधार पर एडमिशन दे रहा है, जिससे कई योग्य छात्र बाहर हो गए हैं।

    अभिभावक सुनीता देवी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके बच्चों की पढ़ाई यहीं से शुरू हुई थी, लेकिन अब उन्हें दूर-दराज के स्कूलों में भेजने की मजबूरी बन रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अच्छे स्कूलों में सिर्फ विशेष वर्ग या आर्थिक रूप से मजबूत परिवारों के बच्चों को ही पढ़ने का अधिकार है। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि दूर स्कूल जाने से बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता है।

    वहीं दूसरी ओर स्कूल प्रशासन ने साफ किया है कि यह स्कूल अब मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है, इसलिए नामांकन प्रक्रिया में सख्त नियम लागू किए गए हैं। प्रिंसिपल मनीष कुमार सिंह ने बताया कि कक्षा 9 में कुल 180 सीटें निर्धारित हैं और सीमित सीटों के कारण सभी छात्रों को प्रवेश देना संभव नहीं है।

    उन्होंने बताया कि शुरुआत में NMMS परीक्षा पास करने वाले छात्रों को प्राथमिकता देने का प्रावधान था, लेकिन बाद में नई SOP के तहत मेरिट और परीक्षा परिणाम के आधार पर ही प्रवेश प्रक्रिया तय की गई। इसके तहत दो बार टेस्ट और मार्कशीट के आधार पर चयन प्रक्रिया पूरी की गई है।

    प्रशासन का कहना है कि इस बार प्राइवेट स्कूलों के छात्रों को भी सीमित रूप से ही शामिल किया गया है और नियमों के अनुसार ही एडमिशन दिया जा रहा है। स्कूल प्रबंधन का यह भी कहना है कि संसाधनों की सीमा को देखते हुए अधिक छात्रों का नामांकन करना संभव नहीं है, क्योंकि इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

    स्थिति को देखते हुए स्कूल परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है। अभिभावक लगातार सीट बढ़ाने और सभी योग्य छात्रों को प्रवेश देने की मांग कर रहे हैं, जबकि स्कूल प्रशासन नियमों का हवाला देकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर रहा है। अब इस मामले में प्रशासनिक हस्तक्षेप की संभावना जताई जा रही है।

  • अभिनेता आर. माधवन ने वेलनेस ब्रांड की मनमानी पर जताई नाराजगी, कहा- 'कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी'

    अभिनेता आर. माधवन ने वेलनेस ब्रांड की मनमानी पर जताई नाराजगी, कहा- 'कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी'

    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता आर. माधवन इस समय एक वेलनेस ब्रांड के खिलाफ अपनी नाराजगी को लेकर चर्चा में हैं। अभिनेता ने सोशल मीडिया पर खुलकर उस कंपनी की आलोचना की, जिसने कथित तौर पर उनके इंटरव्यू की क्लिप का इस्तेमाल अपने प्रचार के लिए किया। माधवन का कहना है कि ब्रांड ने बिना उनकी अनुमति और जानकारी के वीडियो का हिस्सा लिया, जिससे ऐसा लग सकता है कि वह प्रोडक्ट का समर्थन कर रहे हैं। अभिनेता ने इसे गलत बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

    बुधवार को माधवन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उस ब्रांड की वीडियो पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया। वीडियो में उनके इंटरव्यू का हिस्सा ऐसा दिखाया गया था कि आम लोग समझ सकते थे कि माधवन स्वयं उस प्रोडक्ट की तारीफ कर रहे हैं। अभिनेता ने इसे गलत ठहराया और कहा कि इस तरह के कदम जनता का भरोसा तोड़ते हैं। उन्होंने कहा, “इस वीडियो को इस तरह बनाया गया जैसे मैं खुद प्रोडक्ट का प्रचार कर रहा हूं। इसमें मेरी किसी भी तरह की अनुमति नहीं ली गई। यह शर्मनाक है और लोगों को सही और गलत में फर्क समझने में मुश्किल होती है।”

    माधवन ने पोस्ट में लंबा कैप्शन लिखते हुए कहा कि यह बेहद दुखद और शर्म की बात है कि कुछ कंपनियां सोचती हैं कि किसी कलाकार के इंटरव्यू या वीडियो को बिना अनुमति प्रचार सामग्री के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस मामले में कानूनी नोटिस भी भेज दिया गया है। अभिनेता ने लोगों को सलाह दी कि वे ऐसे पेशेवर और कंपनियों से सतर्क रहें।

    आर. माधवन के इस कदम के बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में कई लोग सामने आए। लोग उनकी नाराजगी और चेतावनी को सही मानते हुए ब्रांड की मनमानी पर सवाल उठा रहे हैं। मामला न केवल मीडिया में बल्कि जनता के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है, और विशेषज्ञ इस तरह की मनमानी को कलाकारों और आम जनता दोनों के लिए गंभीर चेतावनी मान रहे हैं।

    इस घटना से यह साफ हो गया है कि बिना अनुमति किसी की व्यक्तिगत या पेशेवर सामग्री का इस्तेमाल करना गंभीर अनुचित है, और कलाकार इस तरह की हरकतों के खिलाफ सख्त कदम उठा सकते हैं। माधवन ने न केवल कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है बल्कि लोगों को जागरूक करने की भी कोशिश की है, जिससे भविष्य में इस तरह की मनमानी पर रोक लगे।

  • तेलंगाना ने केंद्र से मांगी 5,000 करोड़ की विशेष वित्तीय सहायता, यंग इंडिया स्कूल परियोजना के लिए दी मांग

    तेलंगाना ने केंद्र से मांगी 5,000 करोड़ की विशेष वित्तीय सहायता, यंग इंडिया स्कूल परियोजना के लिए दी मांग


    नई दिल्ली।
    तेलंगाना सरकार ने केंद्र से विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) के तहत अतिरिक्त 5,000 करोड़ रुपए की मांग की है, ताकि राज्य में पूंजीगत निवेश और विकास परियोजनाओं को गति दी जा सके। उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने इस संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री से नई दिल्ली में मुलाकात की और राज्य की आर्थिक, शैक्षणिक और मानव संसाधन विकास संबंधी जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की। इस बैठक में वित्तीय सहायता की आवश्यकता, विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में किए जा रहे बड़े निवेशों की व्याख्या की गई।

    उपमुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री को बताया कि तेलंगाना में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे निवेश, विशेषकर यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल्स (वाईआईआईआरएस) परियोजना, राज्य की सामाजिक और शैक्षणिक संरचना में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे। इस परियोजना का कुल बजट 30,000 करोड़ रुपए है और यह लाखों बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पोषण संबंधी सुविधाएं सुनिश्चित करेगी। उन्होंने आर्थिक मामलों के विभाग से इस परियोजना को एफआरबीएम सीमा से छूट देने की अपील भी की, ताकि दीर्घकालिक मानव पूंजी निवेश पर वित्तीय प्रतिबंध न आए।

    विक्रमार्क ने कहा कि इस पहल से राज्य के वंचित और पिछड़े वर्गों के बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और पौष्टिक भोजन मिलेगा, जो उन्हें सशक्त बनाएगा और राज्य की जनसांख्यिकीय क्षमता को मजबूत करेगा। प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन सौंपकर एसएएससीआई योजना के तहत अतिरिक्त वित्तीय सहायता की आवश्यकता और इसके महत्व को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया। उन्होंने यह भी बताया कि तेलंगाना की आबादी में पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोग बहुसंख्यक हैं, और उनके सशक्तिकरण के लिए यह योजना निर्णायक साबित होगी।

    केंद्रीय वित्त मंत्री के साथ हुई इस बैठक में राज्य के कृषि और मानव संसाधन विकास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कृषि मंत्री तुम्माला नागेश्वर राव और अन्य प्रतिनिधियों ने राज्य में कृषि, ग्रामीण विकास और शिक्षा से जुड़े बड़े निवेशों के महत्व को रेखांकित करते हुए वित्तीय जिम्मेदारी और बजट प्रबंधन अधिनियम के तहत छूट की मांग की। उन्होंने कहा कि इस अतिरिक्त वित्तीय सहायता के बिना राज्य की दीर्घकालिक विकास योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं और मानव पूंजी में निवेश की गति धीमी पड़ सकती है।

    पिछले वर्ष भी इसी प्रकार की बैठक में मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने यंग इंडिया प्रोजेक्ट के लिए विशेष वित्तीय सहायता और एफआरबीएम छूट की मांग की थी, और अब इस मांग को दोबारा केंद्र के समक्ष रखा गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस योजना के कार्यान्वयन से तेलंगाना के पिछड़े और वंचित वर्गों को शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास के क्षेत्र में स्थायी लाभ मिलेगा। इसके साथ ही राज्य की आर्थिक क्षमता बढ़ेगी और दीर्घकालिक मानव संसाधन विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

    इस बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री को यह स्पष्ट किया गया कि तेलंगाना की अधिकांश आबादी सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों से आती है। इस आंकड़े के अनुसार, राज्य की आबादी का 56.33 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग, 17.43 प्रतिशत अनुसूचित जाति और 10.45 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति से संबंधित है। इस सामाजिक संरचना को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने एसएएससीआई योजना के तहत अतिरिक्त 5,000 करोड़ रुपए की मांग की है, ताकि शैक्षणिक और सामाजिक सुधारों को समय पर लागू किया जा सके और राज्य में समग्र विकास को बढ़ावा दिया जा सके।

  • झांसी में दर्दनाक हादसा: खाना खाने के बाद युवक ने लगाई फांसी, पत्नी ने देखा शव

    झांसी में दर्दनाक हादसा: खाना खाने के बाद युवक ने लगाई फांसी, पत्नी ने देखा शव



    झांसी । झांसी में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक 40 वर्षीय युवक ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के दतिया गेट बाहर नकटा चौपड़ा मोहल्ले की है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

    जानकारी के अनुसार मृतक खेमचंद कुशवाहा पुत्र देवीप्रसाद कुशवाहा थे, जो ऑटो किराए पर चलवाने का काम करते थे। परिजनों के मुताबिक मंगलवार रात उन्होंने सामान्य रूप से परिवार के साथ खाना खाया और इसके बाद अपने ऊपर वाले कमरे में सोने चले गए। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ ही घंटे बाद यह दुखद घटना सामने आ गई।

    रात करीब 11 बजे जब उनकी पत्नी प्रीति कमरे में पहुंची तो उन्होंने देखा कि खेमचंद फंदे से लटके हुए हैं। यह दृश्य देखकर वह चीख पड़ीं, जिसके बाद शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। तुरंत परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

    परिजनों के अनुसार मृतक खेमचंद का 6 साल का एक बेटा देवांश है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पत्नी प्रीति का रो-रोकर बुरा हाल है। अचानक हुई इस घटना से पूरा परिवार सदमे में है और गांव-मोहल्ले में भी शोक का माहौल है।

  • डिजिटल-प्रथम पहल: भारत टेक्स 2026 ऐप से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और व्यापारियों को मिलेगा सहज मार्गदर्शन

    डिजिटल-प्रथम पहल: भारत टेक्स 2026 ऐप से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और व्यापारियों को मिलेगा सहज मार्गदर्शन

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वस्त्र मंत्रालय के नेतृत्व में भारत टेक्स 2026 के लिए एक नया डिजिटल ऐप लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य वैश्विक वस्त्र आयोजन में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का अनुभव सहज और प्रभावशाली बनाना है। सचिव नीलम शमी राव ने बुधवार को इस आधिकारिक ऐप का लोकार्पण किया और बताया कि यह एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म खरीदारों, प्रदर्शकों, सोर्सिंग सलाहकारों, वक्ताओं और आगंतुकों के लिए ‘डिजिटल-प्रथम’ सोच को प्रदर्शित करता है।

    इस ऐप के माध्यम से प्रतिभागी आयोजन संबंधी सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रदर्शकों की खोज, बैठकें निर्धारित करना, मार्गदर्शन प्राप्त करना, लीड कैप्चर करना और ज्ञान सत्रों में भाग लेना अब सभी डिजिटल रूप से संभव होगा। इसके अलावा, ऐप वास्तविक समय में अपडेट प्रदान करेगा, जिससे प्रतिभागियों को आयोजन से जुड़ी हर गतिविधि की जानकारी तुरंत मिल सकेगी।

    एक प्रमुख विशेषता इस ऐप का एआई स्मार्ट असिस्टेंट है, जो 24×7 संवादात्मक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करेगा। प्रतिभागी सरल भाषा में प्रश्न पूछ सकेंगे और उन्हें कार्यक्रम-सारणी, दिशा-निर्देश और आयोजन स्थल की महत्वपूर्ण जानकारी तुरंत प्राप्त होगी। यह सुविधा न केवल भारतीय, बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के लिए भी सहज और उपयोगकर्ता-अनुकूल डिज़ाइन की गई है।

    भारत मंडपम में आयोजित होने वाले भारत टेक्स 2026 में ऐप प्रतिभागियों को उन्नत नेविगेशन और दिशा-निर्देश भी उपलब्ध कराएगा। उपयोगकर्ता फ्लोर प्लान देख सकेंगे, बूथ खोज सकेंगे और कंपनियों का पता लगा सकेंगे। आयोजन स्थल के भीतर स्टॉल-स्तरीय मार्गदर्शन से खरीदार और प्रदर्शक आसानी से अपने लक्षित संपर्क तक पहुँच सकेंगे।

    प्रदर्शक खोज मॉड्यूल वैश्विक खरीदारों और व्यापारिक आगंतुकों के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें कंपनियों को नाम, उत्पाद श्रेणी और प्रदर्शक प्रकार के आधार पर खोज और फिल्टर किया जा सकेगा। इससे वस्त्र मूल्य श्रृंखला में लक्षित सोर्सिंग और केंद्रित व्यावसायिक बातचीत संभव हो सकेगी।

    भारत टेक्स 2026 का आयोजन 14 से 17 जुलाई 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया जाएगा। इस महाआयोजन में वैश्विक वस्त्र उद्योग के 7,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार और 1,30,000 से अधिक व्यापारिक आगंतुक शामिल होने की उम्मीद है। इसका आयोजन भारत टेक्स ट्रेड फेडरेशन द्वारा किया जा रहा है, जो 11 वस्त्र निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग निकायों का संघ है। केंद्र सरकार के वस्त्र मंत्रालय का सहयोग इस आयोजन को और प्रभावशाली बनाएगा।

    इस डिजिटल पहल के माध्यम से केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि भारत टेक्स 2026 में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को डिजिटल इंटरफेस के जरिए बेहतर मार्गदर्शन, सहज बातचीत और व्यापारिक अवसरों की जानकारी मिल सके। इसके परिणामस्वरूप, भारत के वैश्विक वस्त्र उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी और आकर्षक बनाने में मदद मिलेगी।