Author: bharati

  • तानों से टूटा सब्र, कैंसर पीड़ित छोटे भाई ने दोस्त के साथ मिलकर सगे बड़े भाई को उतारा मौत के घाट!

    तानों से टूटा सब्र, कैंसर पीड़ित छोटे भाई ने दोस्त के साथ मिलकर सगे बड़े भाई को उतारा मौत के घाट!


    नई दिल्ली। रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। भिंड जिले में 11 मार्च को हुई किसान कृष्णकांत पाराशर की हत्या का राज फाश करते हुए पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। अपने ही बड़े भाई के तानों से तंग आकर एक कैंसर पीड़ित नाबालिग ने अपने दोस्त के साथ मिलकर मौत की खौफनाक पटकथा लिखी।

    वारदात की जड़:60 लाख का इलाज और कड़वे बोल
    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी नाबालिग लंबे समय से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहा है। उसके इलाज के लिए परिवार को अपनी पैतृक संपत्ति बेचनी पड़ी, जिसमें करीब 60 लाख रुपये खर्च हो गए। इसी आर्थिक तंगी और बीमारी के बोझ के चलते फरवरी में उनके पिता का भी निधन हो गया।

    बड़ा भाई कृष्णकांत अक्सर छोटे भाई को यह कहकर प्रताड़ित करता था कि “तेरी बीमारी की वजह से सब बिक गया और पिता भी चले गए।” इन्हीं तानों से आहत होकर छोटे भाई ने भाई को ही रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।

    साजिश: मुंबई से कीमो कराकर लौटा और थाम लिया कट्टा
    नाबालिग 9 मार्च को मुंबई से कीमोथेरेपी कराकर लौटा और अपने दोस्त अरमान खान के साथ मिलकर हत्या की प्लानिंग की। अरमान ने दो देसी कट्टे और कारतूसों का इंतजाम किया। 11 मार्च को साजिश के तहत नाबालिग ने कृष्णकांत को मौसी के घर मिलने के बहाने बुलाया। जामपुरा रेलवे लाइन के पास दोनों भाइयों में बहस हुई, हाथापाई के दौरान नाबालिग का निशाना चूक गया, लेकिन पीछे खड़े दोस्त अरमान ने भागते हुए कृष्णकांत पर फायरिंग कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    पुलिस की कार्रवाई: 100 कैमरे और ‘मुंडन’ का खेल
    वारदात के बाद आरोपी मुरैना भाग गए और पहचान छिपाने के लिए अपने सिर मुंडवा लिए। पुलिस अधीक्षक डॉ. असित यादव के नेतृत्व में टीम ने 100 से अधिक CCTV कैमरों को खंगाला। जब नाबालिग घर से गायब मिला, तो पुलिस का शक यकीन में बदल गया। रविवार को मुखबिर की सूचना पर फूप कस्बे के पास एक खाली कमरे से दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    दोस्ती या पुरानी दुश्मनी?
    सह-आरोपी अरमान खान के पिता की हत्या 20 साल पहले हुई थी, जिसका आरोप कृष्णकांत के चाचा पर था। पुलिस पूछताछ में अरमान ने कहा कि उसने “दोस्ती निभाने” के लिए गोली चलाई, लेकिन पुलिस इसे पुराने पारिवारिक विवाद और बदले की भावना से भी जोड़कर देख रही है।

    एक और सनसनी: आष्टा में जमीन के लिए दो सगे भाई-बहनों का कत्ल
    अभी भिंड का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि सीहोर के आष्टा (धर्मपुरी) से एक और रूह कंपा देने वाली खबर आई। यहाँ जमीन विवाद में एक ताऊ (हरिसिंह मालवीय) ने अपने ही छोटे भाई के दो जवान बच्चों, शीतल (20) और कुलदीप (19) की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को हिरासत में ले लिया है।

  • MP में LPG संकट के बीच राहत: भोपाल-इंदौर समेत प्रमुख शहरों में गैस सप्लाई शुरू, कमर्शियल सिलेंडर भी उपलब्ध

    MP में LPG संकट के बीच राहत: भोपाल-इंदौर समेत प्रमुख शहरों में गैस सप्लाई शुरू, कमर्शियल सिलेंडर भी उपलब्ध


    भोपाल। मध्यप्रदेश में पिछले कई दिनों से चल रहे एलपीजी संकट के बीच अब राहत की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। ऑयल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई दोबारा शुरू कर दी है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत मिली है।

    राजधानी भोपाल में रविवार को लगभग 14 हजार घरेलू गैस सिलेंडरों की बुकिंग दर्ज की गई, जबकि एक दिन पहले ही करीब 11 हजार सिलेंडरों की डिलीवरी की गई थी। इसके अलावा इंदौर ग्वालियर सहित प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी सप्लाई की स्थिति में सुधार देखा जा रहा है।

    राज्य सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मंत्रिमंडल की समिति लगातार गैस सप्लाई की स्थिति पर निगरानी रखे हुए है। शुरुआत में घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की गई थी, लेकिन अब व्यावसायिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई भी बहाल कर दी गई है।

    पिछले सप्ताह गैस संकट के कारण होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर बड़ा असर पड़ा था। कई जगहों पर व्यवसायियों को इंडक्शन चूल्हों और लकड़ी के चूल्हों का सहारा लेना पड़ा। अब सप्लाई शुरू होने से प्रदेश के करीब 50 हजार से अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

    अधिकारियों ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी तेज की जा रही है और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त नजर रखी जा रही है। साथ ही उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे घबराकर अनावश्यक बुकिंग न करें और जरूरत के अनुसार ही गैस सिलेंडर बुक करें।

  • बैंकों, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर की बढ़त के बीच सेंसेक्स 75,500 के पार

    बैंकों, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर की बढ़त के बीच सेंसेक्स 75,500 के पार


    नई दिल्ली: 
    भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को लगातार तीन सत्रों की गिरावट के बाद जोरदार रिकवरी दिखाई और हरे निशान में बंद होकर निवेशकों का मनोबल बढ़ाया। शुरुआती कारोबार में उतार-चढ़ाव देखने को मिले, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, बैंकों, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर की मजबूत पकड़ ने बाजार को मजबूती प्रदान की। बीएसई सेंसेक्स अंततः 939 अंक या 1.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,502.85 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी50 ने 1.11 प्रतिशत या 257.70 अंक की तेजी के साथ 23,408.80 पर बंद किया।

    सत्र के दौरान सेंसेक्स ने दिन के उच्चतम स्तर 75,805.27 को छूते हुए 1,241 अंक या 1.66 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। वहीं निफ्टी50 अपने उच्चतम स्तर 23,502 तक पहुंच गया, जिसमें 351 अंक या 1.5 प्रतिशत की बढ़त शामिल थी। हालांकि, व्यापक बाजारों में मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक कमजोर रहे। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.43 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.65 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।

    सेक्टरवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो निफ्टी ऑटो में सबसे अधिक 1.67 प्रतिशत की तेजी रही। निफ्टी एफएमसीजी 1.14 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 1.50 प्रतिशत और निफ्टी बैंक 1.22 प्रतिशत की मजबूती के साथ हरे निशान में बंद हुए। इसके विपरीत निफ्टी रियल्टी 1.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ कमजोर प्रदर्शन करता नजर आया। वहीं निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1.58 प्रतिशत की बढ़त तो निफ्टी आईटी में मामूली 0.10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।

    निफ्टी50 में कुछ प्रमुख शेयरों में गिरावट देखी गई। बीईएल, मैक्स हेल्थकेयर, विप्रो, कोल इंडिया, ओएनजीसी, डॉ. रेड्डीज, सन फार्मा, श्रीराम फाइनेंस, सिप्ला और पावर ग्रिड के शेयरों में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही। वहीं अल्ट्राटेक सीमेंट, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इटरनल, ट्रेंट, एचडीएफसी, बजाज फाइनेंस, जेएसडब्ल्यू और बजाज-ऑटो के शेयरों में 2.1 से 4.4 प्रतिशत तक की सबसे अधिक तेजी देखने को मिली।

    कच्चे तेल की कीमतों में लगातार मजबूती देखी गई और यह 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रही। यह बढ़ोतरी मध्य पूर्व में आपूर्ति संबंधी जोखिमों के चलते हुई, खासकर फुजैराह में तीसरे दिन हुए हमले के बाद। फुजैराह संयुक्त अरब अमीरात का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह है और यह होर्मुज जलडमरूमध्य के बिल्कुल बाहर स्थित है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को बाजार में इस तरह की उतार-चढ़ाव वाली स्थितियों में धैर्य रखना चाहिए, क्योंकि मजबूत सेक्टरों की पकड़ बाजार को स्थिर करने में मदद करती है। बैंकिंग, ऑटो और एफएमसीजी क्षेत्रों में सुधार और तेजी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत देते हैं और आने वाले कारोबारी सत्रों में इसी तरह की रिकवरी की उम्मीद जताई जा रही है।

  • हमीदिया अस्पताल फायरिंग कांड: मुख्य आरोपी शादाब पर 30 हजार का इनाम, पुलिस जांच में सामने आई लापरवाही

    हमीदिया अस्पताल फायरिंग कांड: मुख्य आरोपी शादाब पर 30 हजार का इनाम, पुलिस जांच में सामने आई लापरवाही


    भोपाल। राजधानी में हुए हमीदिया अस्पताल फायरिंग कांड में मुख्य आरोपी शादाब गेट की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आरोपी की तलाश में क्राइम ब्रांच सहित चार थानों की पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

    जांच में सामने आया है कि घटना के समय अस्पताल में तैनात तीन पुलिसकर्मियों के पास हथियार नहीं थे। इस गंभीर लापरवाही को लेकर पुलिस विभाग के अंदर जांच शुरू कर दी गई है और कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी शादाब गेट पर 18, अनस पर 1, अल्लू परवेज पर 6 और गुड्डू स्टेशन पर 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस इन सभी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। इस मामले में फायरिंग में शामिल दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर पूछताछ भी की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार घटना की शुरुआत अशोक गार्डन इलाके से हुई थी, जहां बदमाशों ने लालू रईस के बेटे को निशाना बनाकर फायरिंग की थी। घायल को परिजन इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान हमलावर वहां भी पहुंच गए और अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में खुलेआम गोली चला दी।

    बताया जा रहा है कि करीब सवा घंटे के भीतर तीन अलग-अलग जगहों पर फायरिंग की घटनाएं हुईं और हमलावर चार थानों के क्षेत्र से गुजरते हुए फरार हो गए। इस घटना के बाद हमीदिया अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में पुलिस चौकी होने के बावजूद पर्याप्त पुलिस बल की कमी बताई जा रही है।

    फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपी और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में जिम्मेदार पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

  • बाजार अस्थिरता के कारण फोनपे ने फिलहाल रोकी आईपीओ लिस्टिंग की तैयारी

    बाजार अस्थिरता के कारण फोनपे ने फिलहाल रोकी आईपीओ लिस्टिंग की तैयारी

    नई दिल्ली:  PhonePe ने सोमवार को घोषणा की कि उसने मौजूदा भू-राजनीतिक संघर्षों और बाजार की अस्थिरता के कारण अपनी सार्वजनिक बाजार में लिस्टिंग प्रक्रिया को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। कंपनी ने कहा कि वैश्विक पूंजी बाजारों में स्थिरता आने के बाद वह इस प्रक्रिया को फिर से शुरू करेगी।

    कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Sameer Nigam ने कहा कि वे प्रभावित क्षेत्रों में जल्द शांति बहाल होने की उम्मीद करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी भारत में सार्वजनिक लिस्टिंग के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    कंपनी के अनुसार 30 सितंबर 2025 तक फोनपे के 65 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं और इसका डिजिटल भुगतान नेटवर्क देशभर में 4.7 करोड़ से अधिक व्यापारियों तक पहुंच चुका है।

    इस बीच कंपनी डिजिटल भुगतान सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नए फीचर भी लॉन्च कर रही है। इसी साल जनवरी में फोनपे पेमेंट गेटवे ने वीजा और मास्टरकार्ड कार्ड लेनदेन के लिए फोनपे पीजी बोल्ट फीचर लॉन्च करने की घोषणा की थी।

    यह समाधान डिवाइस टोकनाइजेशन तकनीक का उपयोग करता है, जिससे उपयोगकर्ताओं और व्यापारी भागीदारों को एक सुरक्षित और तेज इन-ऐप चेकआउट अनुभव मिलता है। इस सुविधा के तहत यूजर्स फोनपे ऐप पर अपने कार्ड को एक बार टोकनाइज कर सकते हैं और बाद में किसी भी जुड़े हुए मर्चेंट प्लेटफॉर्म पर उसी सेव किए गए कार्ड का उपयोग कर सकते हैं।

    इस सिस्टम में सुरक्षित टोकन संवेदनशील कार्ड विवरण की जगह ले लेता है, जिससे उसी डिवाइस पर किए जाने वाले बाद के लेनदेन में बार-बार सीवीवी दर्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे भुगतान प्रक्रिया तेज और सरल हो जाती है।

    फोनपे के मर्चेंट बिजनेस के चीफ बिजनेस ऑफिसर Yuvraj Singh Shekhawat ने कहा कि वीजा और मास्टरकार्ड के लिए फोनपे पीजी बोल्ट फीचर का लॉन्च लाखों भारतीयों के लिए डिजिटल भुगतान को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    उन्होंने कहा कि डिवाइस टोकनाइजेशन के जरिए उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित और वन-क्लिक भुगतान का अनुभव मिलेगा, जबकि व्यापारियों को बेहतर सफलता दर और कम ट्रांजैक्शन ड्रॉप-ऑफ के साथ अपने कारोबार को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    Tags

    PhonePe IPO, Sameer Nigam, Digital Payments India, Fintech India, IPO News India

  • डाक सेवा में बड़ा बदलाव, 17 मार्च से शुरू होगी 24 स्पीड पोस्ट सेवा..

    डाक सेवा में बड़ा बदलाव, 17 मार्च से शुरू होगी 24 स्पीड पोस्ट सेवा..


    नई दिल्ली : India Post जल्द ही एक नई एक्सप्रेस डिलीवरी सेवा शुरू करने जा रहा है, जिसके तहत पार्सल और कंसाइनमेंट को 24 घंटे के भीतर पहुंचाया जाएगा। सरकार ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।

    Ministry of Communications के अनुसार डाक विभाग यानी Department of Posts मंगलवार 17 मार्च से 24 स्पीड पोस्ट सेवा शुरू करेगा। इसका उद्देश्य जरूरी और समयबद्ध पार्सल की अगले दिन गारंटी के साथ डिलीवरी सुनिश्चित करना है।

    इस सेवा का शुभारंभ केंद्रीय संचार मंत्री Jyotiraditya M. Scindia और संचार राज्य मंत्री Chandrasekhar Pemmasani करेंगे। कार्यक्रम Akashvani Bhavan के रंग भवन ऑडिटोरियम में दोपहर 12:30 बजे आयोजित होगा, जिसमें डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

    मंत्रालय के अनुसार 24 स्पीड पोस्ट सेवा के जरिए प्रमुख महानगरों में अगले दिन डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स सेवाओं में सुधार होगा।

    पहले चरण में यह सुविधा छह मेट्रो शहरों-Delhi, Mumbai, Chennai, Kolkata, Bengaluru और Hyderabad-में शुरू की जाएगी।

    इसके साथ ही डाक विभाग 24 स्पीड पोस्ट और 48 स्पीड पोस्ट सेवाएं भी उपलब्ध कराएगा, जिनमें क्रमशः डी+1 और डी+2 दिनों में डिलीवरी की गारंटी होगी। इन सेवाओं को विशेष प्रोसेसिंग विंडो और प्राथमिकता वाले एयर ट्रांसपोर्ट का समर्थन मिलेगा।

    नई सेवाओं में ओटीपी-आधारित सुरक्षित डिलीवरी, एंड-टू-एंड ट्रैकिंग और एसएमएस के जरिए पार्सल की स्थिति की जानकारी जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी।

    व्यावसायिक ग्राहकों के लिए विभाग बाय नाउ पे लेटर (BNPL) सुविधा, बड़ी बुकिंग पर फ्री पिकअप, एपीआई इंटीग्रेशन और सेंट्रलाइज्ड बिलिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगा।

    मंत्रालय के अनुसार इन सेवाओं में डिलीवरी में देरी होने पर मनी-बैक गारंटी भी शामिल होगी, जिससे इंडिया पोस्ट की प्रीमियम एक्सप्रेस डिलीवरी क्षमता और मजबूत होगी।

    इस महीने की शुरुआत में चंद्रशेखर पेम्मासानी ने संसद में बताया था कि डाक विभाग पार्सल और ई-कॉमर्स सेगमेंट में कई नई पहल कर रहा है ताकि इसे एक प्रमुख सार्वजनिक लॉजिस्टिक्स संगठन के रूप में विकसित किया जा सके।इन पहलों के तहत पार्सल प्रोसेसिंग और डिलीवरी सिस्टम का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिससे सेवाओं की गति, भरोसेमंदता और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाया जा सके।

  • इंडिगो और अदाणी एयरपोर्ट्स की साझेदारी, ड्यूटी-फ्री शॉपिंग पर मिलेंगे ब्लूचिप्स रिवॉर्ड

    इंडिगो और अदाणी एयरपोर्ट्स की साझेदारी, ड्यूटी-फ्री शॉपिंग पर मिलेंगे ब्लूचिप्स रिवॉर्ड


    नई दिल्ली : IndiGo और Adani Airport Holdings Limited ने सोमवार को एक नई साझेदारी की घोषणा की है। इस समझौते के तहत एएएचएल द्वारा प्रबंधित हवाई अड्डों पर ड्यूटी-फ्री शॉपिंग करने वाले यात्रियों को अब इंडिगो ब्लूचिप्स रिवॉर्ड प्वाइंट्स मिलेंगे।

    दोनों कंपनियों की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस साझेदारी के तहत इंडिगो ब्लूचिप्स सदस्य अदाणी प्लेटफॉर्म के माध्यम से पहले से बुक किए गए ड्यूटी-फ्री उत्पादों पर खर्च किए गए प्रत्येक 100 रुपये पर पांच ब्लूचिप्स प्वाइंट्स अर्जित कर सकेंगे।

    यात्री अपनी यात्रा से पहले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उत्पादों को ब्राउज कर सकते हैं, उन्हें रिजर्व कर सकते हैं और भुगतान भी कर सकते हैं। इसके बाद वे एयरपोर्ट पहुंचकर आसानी से अपनी खरीदी गई वस्तुएं प्राप्त कर सकते हैं।

    इंडिगो के मुख्य डिजिटल एवं सूचना अधिकारी Neetan Chopra ने कहा कि कंपनी अपने लॉयल्टी प्रोग्राम के मूल्य को लगातार बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि अदाणी ड्यूटी-फ्री के साथ यह साझेदारी उड़ानों से आगे बढ़कर यात्रियों को अतिरिक्त रिवॉर्ड देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    वहीं Suchit Bansal ने कहा कि अदाणी प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल डिस्कवरी, प्री-ऑर्डर और आसान कलेक्शन जैसी सुविधाओं को एकीकृत कर एयरपोर्ट पर शॉपिंग के अनुभव को नया रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इंडिगो के साथ यह साझेदारी भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन और देश के प्रमुख निजी हवाई अड्डा संचालक को एक साथ लाती है, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और लाभदायक अनुभव मिलेगा।

    ग्राहक एक समर्पित पोर्टल पर लॉग इन कर अपनी इंडिगो ब्लूचिप सदस्यता आईडी लिंक कर सकते हैं। खरीदारी पूरी होने के 24 से 48 घंटे के भीतर खर्च के आधार पर रिवॉर्ड प्वाइंट्स उनके खाते में जोड़ दिए जाएंगे।

    यह पहल डिजिटल सुविधा, लॉयल्टी लाभ और एयरपोर्ट रिटेल को एक साथ जोड़कर यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

    फिलहाल यह ड्यूटी-फ्री सुविधा मुंबई, अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम, जयपुर, मंगलुरु और लखनऊ हवाई अड्डों पर उपलब्ध है। आने वाले समय में इसे Lokpriya Gopinath Bordoloi International Airport और Navi Mumbai International Airport तक भी विस्तारित करने की योजना है।

    एएएचएल देशभर में आठ हवाई अड्डों का संचालन करता है, जिनमें मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, मंगलुरु, जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं। वहीं नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जो भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक है, ने 25 दिसंबर 2025 से वाणिज्यिक संचालन शुरू किया था।

  • धार भोजशाला विवाद: हाईकोर्ट करेगा निरीक्षण, ASI रिपोर्ट में 12वीं–20वीं सदी के शिलालेख मिले, 2 अप्रैल को निर्णायक सुनवाई

    धार भोजशाला विवाद: हाईकोर्ट करेगा निरीक्षण, ASI रिपोर्ट में 12वीं–20वीं सदी के शिलालेख मिले, 2 अप्रैल को निर्णायक सुनवाई


    भोपाल। मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला मामले में हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सोमवार को सुनवाई की। इस दौरान बेंच ने कहा कि अगली सुनवाई 2 अप्रैल को होगी और सुनवाई से पहले जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी भोजशाला का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण से पहले याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनी जाएंगी, उसके बाद पक्षकारों की सुनवाई होगी। मुस्लिम पक्ष ने एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है।

    सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सुनील जैन, राज्य की ओर से एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह और अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन वीडियो कांफ्रेंसिंग से उपस्थित रहे। वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा मेनन के साथ हिंदू फ्रंट की ओर से याचिकाकर्ता आशीष गोयल और अधिवक्ता विनय जोशी भी अदालत में मौजूद रहे।

    भोजशाला मामले में कई याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनमें काजी जकुल्लाह, अंतर सिंह, मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी (धार) के अब्दुल समद खान, कुलदीप तिवारी और हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की अध्यक्ष रंजना अग्निहोत्री शामिल हैं। 23 फरवरी को हाईकोर्ट ने सभी पक्षकारों को एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर अपनी आपत्तियां और सुझाव दो हफ्ते के भीतर दाखिल करने के निर्देश दिए थे।

    भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने हाईकोर्ट के आदेश पर 22 मार्च 2024 से लगभग 100 दिन तक परिसर और उससे 50 मीटर की परिधि में सर्वेक्षण, जांच और सीमित उत्खनन किया। टीम में पुरातत्वविद्, अभिलेखविद् और रसायनविद् समेत अन्य विशेषज्ञ शामिल थे। पहले ही रिपोर्ट की प्रतियां याचिकाकर्ताओं को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।

    एचएसआई रिपोर्ट में 12वीं से 20वीं सदी तक के शिलालेखों के प्रमाण मिले हैं। इनमें संस्कृत-प्राकृत शिलालेख, नागरी लिपि और अरबी-फारसी लेख शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार भोजशाला परिसर में 56 अरबी-फारसी शिलालेख मिले, जिनमें दुआएं, नाम और धार्मिक वाक्य लिखे हैं। साथ ही 12वीं–16वीं सदी के संस्कृत-प्राकृत शिलालेख मिले, जिनमें पारिजातमंजरी-नाटिका और अवनिकर्मसातम जैसे उल्लेख हैं। कुछ पत्थरों पर लिखावट मिटाकर दोबारा इस्तेमाल के संकेत भी देखे गए।

    रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि भोजशाला परिसर अलग-अलग कालखंडों में धार्मिक, शैक्षिक और सामाजिक कार्यों के लिए उपयोग में रहा। ब्रिटिश काल से अब तक इसके संरक्षण के प्रयासों का भी जिक्र किया गया है। कोर्ट ने सभी पक्षों को निर्देशित किया है कि वे 98 दिन तक चली वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट पर अपनी लिखित आपत्तियां और सुझाव अगली सुनवाई से पहले दाखिल करें।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार इस मामले की सुनवाई जल्द से जल्द पूरी की जानी है। ट्रांसफर के कारण पहले जबलपुर प्रिंसिपल बेंच में चली सुनवाई अब फिर से इंदौर खंडपीठ पर आ गई है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से अधिवक्ता विनय जोशी ने कहा कि दो सप्ताह के भीतर एएसआई रिपोर्ट पर आपत्तियां पेश कर दी जाएंगी।

    मुख्य बिंदु: 2 अप्रैल को अगली सुनवाई होगी, जस्टिस भोजशाला का निरीक्षण करेंगे, मुस्लिम पक्ष ने रिपोर्ट पर आपत्ति जताई, ASI ने 100 दिन तक सर्वे किया, 12वीं से 20वीं सदी के शिलालेख मिले।

  • आईपीओ लॉक-इन खत्म होते ही चार शेयरों में गिरावट, ऐ फाइनेंस 7.4% तक टूटा

    आईपीओ लॉक-इन खत्म होते ही चार शेयरों में गिरावट, ऐ फाइनेंस 7.4% तक टूटा


    नई दिल्ली :
    हाल ही में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई चार कंपनियों के शेयर सोमवार को गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। इन कंपनियों के आईपीओ की लॉक-इन अवधि खत्म होने के बाद बड़ी संख्या में शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए, जिसके कारण शेयरों पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया।

    फ्रैक्टल एनालिटिक्स के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। कंपनी के करीब 0.69 करोड़ शेयर, जो कुल इक्विटी का लगभग 4 प्रतिशत हैं, लॉक-इन से बाहर आकर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए। इसके चलते कंपनी के शेयर करीब 4.35 प्रतिशत तक गिर गए।

    दोपहर करीब 1:50 बजे कंपनी के शेयर 3.98 प्रतिशत की गिरावट के साथ 764.35 रुपये पर कारोबार करते नजर आए। यह शेयर अभी भी अपने आईपीओ प्राइस 900 रुपये से लगभग 12 प्रतिशत नीचे चल रहा है।

    वहीं ऐ फाइनेंस के शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। कंपनी के शेयर करीब 7.42 प्रतिशत तक गिर गए, क्योंकि इसकी एक महीने की लॉक-इन अवधि समाप्त हो गई। लॉक-इन खत्म होने के बाद करीब 1.76 करोड़ शेयर, जो कंपनी की लगभग 7 प्रतिशत इक्विटी के बराबर हैं, बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए।

    पिछले पांच कारोबारी दिनों में कंपनी के शेयर 14.64 प्रतिशत गिर चुके हैं, जबकि एक महीने के दौरान निवेशकों को करीब 24.29 प्रतिशत का नकारात्मक रिटर्न मिला है।

    इसी तरह पार्क मेडी वर्ल्ड के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को कंपनी के करीब 0.85 करोड़ शेयर, यानी लगभग 2 प्रतिशत इक्विटी लॉक-इन से बाहर आने के बाद इसके शेयर करीब 3.2 प्रतिशत तक गिर गए।

    वहीं नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज के शेयरों में भी गिरावट देखी गई। कंपनी के करीब 0.28 करोड़ शेयर, जो लगभग 3 प्रतिशत इक्विटी के बराबर हैं, 16 मार्च से ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए। इसके बाद कंपनी के शेयर करीब 2.8 प्रतिशत तक नीचे आ गए।

    इस बीच नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में आईपीओ लाने वाली 88 कंपनियों के प्री-लिस्टिंग निवेशकों की लॉक-इन अवधि 11 मार्च से 29 जून 2026 के बीच खत्म होने वाली है।

    रिपोर्ट के मुताबिक इस अवधि के दौरान करीब 72 अरब डॉलर यानी लगभग 6.6 लाख करोड़ रुपये के शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। इससे आने वाले महीनों में बाजार की धारणा और कई शेयरों की चाल पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

  • एलपीजी आपूर्ति को लेकर राहत, छापेमारी के बीच सिलेंडर बुकिंग घटी और ऑनलाइन बुकिंग बढ़ी

    एलपीजी आपूर्ति को लेकर राहत, छापेमारी के बीच सिलेंडर बुकिंग घटी और ऑनलाइन बुकिंग बढ़ी

    नई दिल्ली:  देश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर बनी आशंकाओं के कम होने और सरकार द्वारा जमाखोरी तथा ब्लैक मार्केटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बाद गैस सिलेंडर की बुकिंग में गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

    सरकारी सूचना एजेंसी पीआईबी इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि 14 मार्च को एलपीजी सिलेंडर की कुल 77 लाख बुकिंग दर्ज की गई। इससे एक दिन पहले यानी 13 मार्च को यह आंकड़ा 88.8 लाख था। इससे स्पष्ट है कि घबराहट में की जा रही बुकिंग अब कम हो रही है।

    बयान में यह भी बताया गया कि एलपीजी बुकिंग में ऑनलाइन माध्यम की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। अब कुल बुकिंग का लगभग 87 प्रतिशत हिस्सा डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है, जबकि इससे पहले यह 84 प्रतिशत था। साथ ही किसी भी एलपीजी वितरक के पास गैस खत्म होने की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

    सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए कई राज्यों में छापेमारी अभियान चलाया है। इसके साथ ही 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थिति की निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किए गए हैं ताकि गैस आपूर्ति व्यवस्था पर नजर रखी जा सके।

    सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घबराकर सिलेंडर की बुकिंग न करें और अधिकतर मामलों में डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें। साथ ही एलपीजी वितरकों के पास अनावश्यक रूप से जाने से भी बचने की सलाह दी गई है।

    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया है कि सरकार घरेलू उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता दे रही है और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। खास तौर पर घरों के अलावा अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए गैस आपूर्ति को बनाए रखा जा रहा है।

    एलपीजी की मांग को पूरा करने के लिए आयात और आपूर्ति व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी वाहक जहाज शिवालिक और नंदा देवी लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इनमें से एक जहाज सोमवार को मुंद्रा बंदरगाह और दूसरा मंगलवार को कांडला बंदरगाह पहुंचने की संभावना है।

    सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति मौजूद है और उपभोक्ताओं को किसी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।