Author: bharati

  • एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: व्यापारी कल्याण बोर्ड बनेगा, 38 हजार करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी

    एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: व्यापारी कल्याण बोर्ड बनेगा, 38 हजार करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी


    नई दिल्ली। मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश के व्यापार, उद्योग और बुनियादी विकास को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। सबसे अहम फैसला राज्य में व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन का रहा, जो राष्ट्रीय स्तर की तर्ज पर काम करेगा और जिसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे।

    कैबिनेट के फैसले के मुताबिक इस बोर्ड में 8 प्रमुख विभागों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ गैर-सरकारी सदस्य भी शामिल किए जाएंगे। इतना ही नहीं, जिला स्तर पर भी इसी तरह की समितियां बनाई जाएंगी, जिनमें व्यापारियों के साथ सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों को जगह दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य व्यापारियों की समस्याओं का समाधान और राज्य में व्यापारिक माहौल को मजबूत करना है।

    बैठक के बाद मंत्री चेतन कश्यप ने जानकारी दी कि राज्य में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 2442 करोड़ रुपए के “आत्मनिर्भरता मिशन” को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा विभिन्न विभागों के विकास कार्यों के लिए 38,555 करोड़ रुपए के बड़े बजट को भी स्वीकृति मिली है। सरकार भोपाल के पास एक बड़ा इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर विकसित करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

    कैबिनेट ने 16वें वित्त आयोग (2026-2031) के तहत सड़क निर्माण, ग्रामीण मार्गों के उन्नयन और शासकीय भवनों के रखरखाव के लिए 32,405 करोड़ रुपए के प्रावधान को मंजूरी दी। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट्स और स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क जैसी आईटी योजनाओं को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

    महिला एवं बाल विकास क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लेते हुए ‘मिशन वात्सल्य’ के बेहतर संचालन और नए आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 2,412 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। वहीं आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 1,295 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि स्वीकृत की गई है।

    कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने हाल ही में पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में मिली चुनावी सफलता पर जनता का आभार भी जताया। साथ ही बताया कि अब तक राज्य में 41 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है, जिसका 6,520 करोड़ रुपए का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। इस प्रक्रिया में 14.7 लाख किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

    इसके अलावा इंदौर में 9 से 13 जून तक होने वाले अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स सम्मेलन की भी जानकारी दी गई, जिसमें 26 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सरकार को उम्मीद है कि इससे प्रदेश में कृषि और व्यापार के नए अवसर खुलेंगे।

  • आंधी-बारिश का कहर: यूपी-बिहार में 31 की मौत, दिल्ली में ओले; कई राज्यों में मौसम ने बदला मिजाज

    आंधी-बारिश का कहर: यूपी-बिहार में 31 की मौत, दिल्ली में ओले; कई राज्यों में मौसम ने बदला मिजाज



    नई दिल्ली। देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर प्रदेश और बिहार में आंधी, बारिश और बिजली गिरने से पिछले 24 घंटे में 31 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। वहीं दिल्ली में मंगलवार को ओलावृष्टि हुई, जिससे गर्मी से राहत मिली लेकिन जनजीवन प्रभावित हुआ।

    यूपी-बिहार में सबसे ज्यादा असर
    उत्तर प्रदेश में तेज आंधी-बारिश के चलते 8 लोगों की मौत हो गई। पीलीभीत में ईंट-भट्ठे की ऊंची चिमनी गिरने से बड़ा हादसा हुआ।
    वहीं बिहार में 22 जिलों में खराब मौसम का असर देखने को मिला, जहां बिजली गिरने से 7 बच्चों समेत 23 लोगों की जान चली गई।

    हरियाणा-राजस्थान में तबाही और राहत
    हरियाणा में तेज तूफान के कारण 15 हजार से ज्यादा पेड़ उखड़ गए, जिससे कई इलाकों में यातायात बाधित हुआ।
    वहीं राजस्थान में तापमान में 8 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।

    पहाड़ों में ठंड बढ़ी
    हिमाचल प्रदेश के सोलन में तापमान गिरकर 4.8°C तक पहुंच गया, जो मई महीने के लिए असामान्य रूप से कम है।

    क्यों बदला मौसम?
    मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम राजस्थान के ऊपर बने सिस्टम और दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से लेकर तमिलनाडु तक बनी ट्रफ लाइन के कारण देश के बड़े हिस्से में बारिश और आंधी का असर देखने को मिल रहा है।

    अगले 48 घंटे का अलर्ट
    मौसम विभाग ने कई राज्यों में चेतावनी जारी की है। 
    पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में तेज आंधी-बारिश।
    बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बिजली गिरने का खतरा।
    असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की आशंका।

    मध्य प्रदेश में भी असर
    मध्य प्रदेश में भी मौसम बदला हुआ है। भोपाल समेत 39 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे गर्मी के बीच राहत और चुनौती दोनों बनी हुई है।
    कुल मिलाकर, देशभर में मौसम का यह बदला रूप राहत और आफत दोनों लेकर आया है। जहां एक तरफ तापमान में गिरावट से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर आंधी-बिजली ने जनजीवन पर बड़ा असर डाला है।

  • 5 राज्यों के नतीजों से सियासत में भूचाल: बंगाल से तमिलनाडु तक बड़े उलटफेर के दावे, कई समीकरण बदले

    5 राज्यों के नतीजों से सियासत में भूचाल: बंगाल से तमिलनाडु तक बड़े उलटफेर के दावे, कई समीकरण बदले



    नई दिल्ली। देश के 5 राज्योंपश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। अलग-अलग दावों और आंकड़ों के बीच राजनीतिक तस्वीर को लेकर बहस जारी है।पश्चिम बंगाल को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है। कुछ रिपोर्ट्स में BJP की बड़ी बढ़त और सत्ता परिवर्तन के दावे किए जा रहे हैं, जबकि ममता बनर्जी की पार्टी को झटका लगने की बात कही जा रही है।हालांकि, इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी मानी जा रही है।

    तमिलनाडु में नई राजनीतिक एंट्री
    तमिलनाडु में अभिनेता थलपति विजय की पार्टी को लेकर चर्चा तेज है। दावों के मुताबिक, उन्होंने पारंपरिक दलों को कड़ी चुनौती दी है।
    लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इन नतीजों की पुष्टि के लिए आधिकारिक डेटा का इंतजार करने की सलाह दे रहे हैं।

    केरल और असम का समीकरण
    केरल में कांग्रेस की वापसी की बातें सामने आ रही हैं, जबकि असम में BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन की मजबूती बरकरार रहने के संकेत मिल रहे हैं।

    रणनीति और संगठन की चर्चा
    इन चुनावों में बूथ स्तर की रणनीति, ‘पन्ना प्रमुख’ मॉडल और माइक्रो मैनेजमेंट को लेकर काफी चर्चा हो रही है। खासकर अमित शाह की रणनीति को लेकर राजनीतिक गलियारों में बहस जारी है।

    जीत-हार पर बयानबाजी तेज
    जहां एक ओर सत्ताधारी दल जीत को जनादेश बता रहे हैं, वहीं विपक्ष चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठा रहा है।
    इससे सियासी टकराव और तेज हो गया है।

    असली तस्वीर क्या?
    विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े दावों के बीच अंतिम और आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार करना जरूरी है। बिना पुष्टि के निष्कर्ष निकालना भ्रामक हो सकता है।
    कुल मिलाकर, 5 राज्यों के चुनाव नतीजों ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। असली तस्वीर साफ होने के बाद ही यह तय होगा कि किसका पलड़ा कितना भारी रहा।

  • हम हारे नहीं, हराए गए, ममता बनर्जी का बड़ा आरोप, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल; बंगाल में सियासी संग्राम तेज

    हम हारे नहीं, हराए गए, ममता बनर्जी का बड़ा आरोप, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल; बंगाल में सियासी संग्राम तेज



    नई दिल्ली। ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी पार्टी चुनाव नहीं हारी, बल्कि उन्हें हराया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए।ममता बनर्जी ने भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं कराए गए। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया में कई अनियमितताएं देखने को मिलीं।

    ‘सीटों में गड़बड़ी’ का दावा
    TMC प्रमुख ने आरोप लगाया कि कई सीटों पर नतीजे प्रभावित किए गए। उनका कहना है कि विपक्ष के वोटों को व्यवस्थित तरीके से कमजोर किया गया, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    मतदाता सूची को लेकर विवाद
    ममता ने SIR (स्पेशल रिवीजन) के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे चुनाव परिणामों पर असर पड़ा। इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है।

    विपक्ष का समर्थन
    उन्होंने बताया कि राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे और अखिलेश यादव जैसे नेताओं ने उनसे बातचीत कर समर्थन जताया है।कोलकाता की एक महत्वपूर्ण सीट पर मतों की दोबारा गिनती जारी है। अधिकारियों के अनुसार, अंतिम नतीजे पुनर्गणना पूरी होने के बाद ही घोषित किए जाएंगे।

    ED की कार्रवाई से बढ़ा सियासी तापमान
    इस बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई ने भी माहौल को और गरमा दिया है। एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है।

    भाजपा का पलटवार
    भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह जनता का स्पष्ट जनादेश है। पार्टी नेताओं का दावा है कि जीत संगठन की मेहनत और रणनीति का नतीजा है। कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक टकराव अपने चरम पर है। एक ओर विपक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी ओर सत्ताधारी पक्ष इसे लोकतांत्रिक जनादेश बता रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने के संकेत हैं।

  • 5 राज्यों के चुनाव नतीजों ने बदला सियासी समीकरण: बंगाल से तमिलनाडु तक बड़े उलटफेर के दावे, राजनीतिक हलचल तेज

    5 राज्यों के चुनाव नतीजों ने बदला सियासी समीकरण: बंगाल से तमिलनाडु तक बड़े उलटफेर के दावे, राजनीतिक हलचल तेज


    नई दिल्ली। देश के 5 राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरीके विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विभिन्न दलों के प्रदर्शन को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं, जिससे सियासी हलचल तेज हो गई है।

    बंगाल में सबसे ज्यादा चर्चा
    पश्चिम बंगाल को लेकर सबसे बड़े बदलाव के दावे किए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि BJP ने बड़ी बढ़त हासिल की है, जबकि ममता बनर्जी की पार्टी को झटका लगा है।
    हालांकि आधिकारिक और अंतिम आंकड़ों की पुष्टि अभी भी जरूरी है।

    तमिलनाडु में नई ताकत की एंट्री?
    तमिलनाडु में भी चौंकाने वाले नतीजों के दावे सामने आए हैं। अभिनेता थलपति विजय की पार्टी को लेकर चर्चाएं तेज हैं कि उसने पारंपरिक दलों को चुनौती दी है।
    लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इन दावों की पुष्टि के लिए आधिकारिक डेटा का इंतजार करने की सलाह दे रहे हैं।

    केरल और असम का समीकरण
    केरल में कांग्रेस की स्थिति मजबूत होने की बातें कही जा रही हैं, जबकि असम में BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन की वापसी के संकेत मिल रहे हैं।

    रणनीति और ग्राउंड मैनेजमेंट पर चर्चा
    इन चुनावों में बूथ स्तर की रणनीति, माइक्रो मैनेजमेंट और संगठन की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज है। कई जगहों पर ‘पन्ना प्रमुख’ जैसी रणनीतियों को प्रभावी बताया जा रहा है।

    नेताओं के बयान और आरोप-प्रत्यारोप
    चुनाव नतीजों के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। ममता बनर्जी समेत कई नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्ताधारी दल इसे अपनी रणनीति और मेहनत की जीत बता रहे हैं।

     क्या है असली तस्वीर?
    विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बड़े दावों के बीच आधिकारिक आंकड़ों और चुनाव आयोग की पुष्टि का इंतजार करना जरूरी है।बिना पुष्टि के निष्कर्ष निकालना भ्रामक हो सकता है। कुल मिलाकर, 5 राज्यों के चुनाव नतीजों ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। असली तस्वीर पूरी तरह साफ होने के बाद ही सियासी दिशा का स्पष्ट अंदाजा लगाया जा सकेगा।

  • 5 राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद सियासी हलचल तेज: बंगाल में 9 मई को शपथ ग्रहण की तैयारी, BJP ने शाह-नड्डा को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

    5 राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद सियासी हलचल तेज: बंगाल में 9 मई को शपथ ग्रहण की तैयारी, BJP ने शाह-नड्डा को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी



    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल समेत 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 9 मई को शपथ ग्रहण की तैयारी बताई जा रही है।

    शपथ ग्रहण की तैयारी
    BJP नेताओं के मुताबिक, 9 मई को नई सरकार का शपथ ग्रहण हो सकता है। यह दिन रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, जिसे बंगाल में खास सांस्कृतिक महत्व प्राप्त है।सरकार गठन और विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए BJP ने बड़े नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी हैअमित शाह को पश्चिम बंगाल का केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है, जबकि जेपी नड्डा को असम की जिम्मेदारी दी गई है।

    अन्य राज्यों में भी हलचल
    चुनाव के बाद तमिलनाडु में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। वहीं एम के स्टालिन ने इस्तीफा सौंप दिया है और कहा है कि उनकी पार्टी विपक्ष की भूमिका निभाएगी।

    बदला सियासी गणित
    इन चुनाव नतीजों के बाद देश की राजनीति का समीकरण बदलता नजर आ रहा है। विश्लेषकों के मुताबिक, कई बड़े विपक्षी चेहरों को झटका लगा है और सत्ता संतुलन में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।

    जमीनी स्तर की कहानियां भी खास
    बंगाल में कुछ सीटों पर दिलचस्प मुकाबले देखने को मिले। कांग्रेस के एक उम्मीदवार का नाम पहले वोटर लिस्ट से हट गया था, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के बाद बहाल हुआ और उन्होंने चुनाव जीतकर सबको चौंका दिया।

    नेताओं के बयान
    BJP नेताओं ने जीत का श्रेय संगठन और रणनीति को दिया है, जबकि विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। ममता बनर्जी ने भी कुछ सीटों पर गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं और इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया देने की बात कही है।

    अब सबसे बड़ी चुनौती नई सरकारों के सामने वादों को पूरा करने और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की होगी। खासतौर पर आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर फैसले अहम रहेंगे। कुल मिलाकर, 5 राज्यों के चुनाव नतीजों ने देश की राजनीति को नई दिशा दे दी है, जहां सत्ता और विपक्ष दोनों के लिए अगला कदम बेहद अहम होने वाला है।

  • UAE हमले पर भारत का कड़ा रुख: 3 भारतीय घायल, PM मोदी बोले- नागरिकों पर हमला बर्दाश्त नहीं

    UAE हमले पर भारत का कड़ा रुख: 3 भारतीय घायल, PM मोदी बोले- नागरिकों पर हमला बर्दाश्त नहीं



    नई दिल्ली। UAE के फुजैराह स्थित ऑयल पोर्ट और पेट्रोलियम सुविधाओं पर हुए हमले में 3 भारतीय नागरिकों के घायल होने के बाद भारत ने सख्त नाराजगी जताई है। भारत सरकार ने साफ कहा है कि आम लोगों और जरूरी ढांचों को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों पर हमला किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    क्या हुआ फुजैराह में?
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, फुजैराह के इंडस्ट्रियल एरिया में ड्रोन और मिसाइल हमले के बाद पेट्रोलियम प्लांट में आग लग गई। इस घटना में तीन भारतीय घायल हो गए, जिनका इलाज जारी है।

    भारत की दो टूक
    भारत ने सभी पक्षों से तुरंत हिंसा रोकने और कूटनीति के रास्ते अपनाने की अपील की है। साथ ही होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की बात कही है, जिसे वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है।

    UAE का दावा, ईरान पर आरोप
    UAE ने इस हमले के पीछे ईरान का हाथ होने का दावा किया है। अधिकारियों के मुताबिक, कई बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन हमलों को रोका गया। हालांकि ईरान की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    24 घंटे में बढ़ा तनाव, बड़े अपडेट्स
    ड्रोन प्लांट पर हमला
    फुजैराह के पेट्रोलियम प्लांट पर हमले के बाद भीषण आग लगी, 3 भारतीय घायल।

    ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ लॉन्च
    अमेरिका ने होर्मुज क्षेत्र में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए नई पहल शुरू की।

    दक्षिण कोरियाई जहाज पर अटैक
    दक्षिण कोरिया के जहाज पर हमले से आग लगी, कोई हताहत नहीं।

    जब्त जहाज पाकिस्तान को सौंपा
    अमेरिका ने जब्त ईरानी जहाज पाकिस्तान को सौंपा, जिसे बाद में ईरान भेजा गया।

    ईरान में फांसी
    ईरान में जासूसी के आरोप में तीन लोगों को फांसी दी गई।
    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने साफ संकेत दिया है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर पूरी तरह सतर्क है।

  • क्रूज शिप पर हंतावायरस का अलर्ट: 3 की मौत, कई संदिग्ध; WHO ने दी राहत घबराने की जरूरत नहीं

    क्रूज शिप पर हंतावायरस का अलर्ट: 3 की मौत, कई संदिग्ध; WHO ने दी राहत घबराने की जरूरत नहीं



    नई दिल्ली। अटलांटिक महासागर में चल रहे एमवी होंडियस क्रूज शिप पर हंतावायरस संक्रमण के मामलों ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक ब्रिटिश नागरिक गंभीर हालत में ICU में भर्ती है।

    क्या है स्थिति?
    क्रूज ऑपरेटर के अनुसार, मृतकों में एक डच दंपती और एक जर्मन यात्री शामिल हैं। कुछ मामलों में हंतावायरस की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य संदिग्ध मामलों की जांच जारी है।69 वर्षीय एक ब्रिटिश नागरिक को जोहान्सबर्ग के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है। और कितने लोग जांच के दायरे में
    एक ब्रिटिश क्रू मेंबर समेत 5 अन्य संदिग्ध मामलों की जांच की जा रही है। इसके अलावा दो क्रू मेंबर्स में सांस से जुड़ी समस्या के लक्षण पाए गए हैं, हालांकि उनमें वायरस की पुष्टि नहीं हुई है।

    WHO का बयान
    विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस मामले को लेकर कहा है कि हंतावायरस एक दुर्लभ संक्रमण है और यह आमतौर पर इंसानों के बीच आसानी से नहीं फैलता। इसलिए आम जनता के लिए खतरा फिलहाल कम है और किसी तरह के यात्रा प्रतिबंध की जरूरत नहीं है।

    जहाज पर सतर्कता
    क्रूज शिप पर 23 देशों के 149 यात्री सवार हैं। डच अधिकारी गंभीर मरीजों को निकालने (मेडिकल इवैक्युएशन) की तैयारी कर रहे हैं।पाकिस्तान का बड़ा फैसला: 50 साल बाद फिर शुरू हुआ शराब निर्यात। पाकिस्तान ने करीब पांच दशकों बाद शराब के निर्यात को दोबारा शुरू कर दिया है। देश की एकमात्र स्थानीय ब्रेवरी मरी ब्रेवरी ने अप्रैल से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई शुरू कर दी है।

    किन देशों को भेजी जा रही शराब?
    कंपनी के अनुसार यूनाइटेड किंगडम, जापान, पुर्तगाल और थाईलैंड जैसे देशों को बीयर और अन्य अल्कोहलिक पेय भेजे जा रहे हैं।हालांकि यह निर्यात केवल उन देशों तक सीमित है जो ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) के सदस्य नहीं हैं।

    क्या है इसके पीछे की वजह?
    विशेषज्ञों के मुताबिक, पाकिस्तान यह कदम विदेशी मुद्रा अर्जन बढ़ाने और वैश्विक बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए उठा रहा है।एक ओर जहां स्वास्थ्य को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान का यह आर्थिक कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई रणनीति का संकेत दे रहा है।

  • चीन के हुनान में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 21 की मौत, 61 घायल; जांच जारी

    चीन के हुनान में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 21 की मौत, 61 घायल; जांच जारी


    नई दिल्ली। चीन के हुनान प्रांत के लियूयांग शहर में सोमवार शाम एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हो गया। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि 61 लोग घायल हो गए हैं।लियूयांग हुआशेंग फायरवर्क्स मैन्युफैक्चरिंग एंड डिस्प्ले कंपनी में हुए इस धमाके के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    अचानक हुए विस्फोट से मची तबाही
    जानकारी के अनुसार यह हादसा शाम करीब 5 बजे हुआ। धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री परिसर में आग फैल गई और आसपास के इलाके में धुएं का गुबार छा गया।

    तुरंत शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
    घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य शुरू कर घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    कारणों की जांच जारी
    फिलहाल विस्फोट के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसा तकनीकी खराबी, सुरक्षा मानकों की अनदेखी या किसी अन्य वजह से हुआ।

    यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी, सीक्रेट सर्विस की जवाबी कार्रवाई में संदिग्ध घायलअमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के पास सोमवार को गोलीबारी की घटना से हड़कंप मच गया।

    कैसे हुई घटना
    सीक्रेट सर्विस के अनुसार, गश्त के दौरान सुरक्षा एजेंट्स ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हथियार के साथ देखा। रोकने का प्रयास करने पर आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में एजेंट्स ने गोली चलाई और उसे घायल कर दिया।

    एक नाबालिग भी घायल
    इस घटना में एक नाबालिग के घायल होने की भी पुष्टि हुई है, हालांकि उसकी हालत गंभीर नहीं बताई गई है।

    इलाके में हाई अलर्ट
    घटना के समय उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का काफिला कुछ ही देर पहले उस इलाके से गुजर चुका था। इसके बाद व्हाइट हाउस परिसर को कुछ समय के लिए लॉकडाउन कर दिया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हमले के मकसद का पता लगाने में जुटी है

  • जर्मनी के लीपजिग में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार कार भीड़ में घुसी, 2 की मौत, 22 घायल; पुलिस जांच में जुटी

    जर्मनी के लीपजिग में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार कार भीड़ में घुसी, 2 की मौत, 22 घायल; पुलिस जांच में जुटी


    नई दिल्ली। जर्मनी के लीपजिग शहर में सोमवार शाम एक बड़ा हादसा हुआ, जब एक तेज रफ्तार कार भीड़भाड़ वाले शॉपिंग इलाके में घुस गई। इस घटना में 2 लोगों की मौत हो गई और 22 लोग घायल हो गए।

    कैसे हुआ हादसा?
    पुलिस के अनुसार, कार शहर के ऑगस्टसप्लात्ज क्षेत्र से होते हुए ग्रिमाइशे श्ट्रासे के शॉपिंग एरिया में घुसी और कई पैदल यात्रियों को टक्कर मारती चली गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    जानमाल का नुकसान
    इस हादसे में 63 वर्षीय महिला और 77 वर्षीय पुरुष की मौत हो गई, जबकि घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    आरोपी गिरफ्तार
    पुलिस ने मौके पर ही 33 वर्षीय जर्मन नागरिक को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह हादसा था या जानबूझकर किया गया हमला। जांच जारी है।प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार बहुत तेज गति से आई और अचानक भीड़ में घुस गई। लोगों में भगदड़ मच गई और कई लोग जान बचाने के लिए दुकानों और इमारतों में छिप गए।

    सुरक्षा पर सवाल
    जर्मनी में पिछले कुछ वर्षों में भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहनों से टक्कर की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है।