Author: bharati

  • मां के साथ रूस गए बच्चे का पता लगाए सरकार, उसके भारतीय पिता से मिलाने का करे प्रयास: SC

    मां के साथ रूस गए बच्चे का पता लगाए सरकार, उसके भारतीय पिता से मिलाने का करे प्रयास: SC


    नई दिल्ली।
    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को केंद्र सरकार (Central Government) से उस नाबालिग बच्चे का पता लगाने और उसे उसके भारतीय पिता (Indian Father) से वर्चुअल माध्यम से मिलाने के प्रयास करने को कहा, जिसे उसकी मां रूस ले गई है। बच्चे की कस्टडी को लेकर रूसी महिला और उसके भारतीय पति के बीच अदालत में मुकदमा चल रहा है, इस बीच महिला बच्चे को अपने साथ लेकर मॉस्को चली गई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि महिला और उसके बेटे के ठिकाने को गुप्त रखा जा सकता है। फिलहाल उन्हें भारत वापस लाने का कोई प्रयास न किया जाए।

    पीठ ने कहा कि नाबालिग बच्चे को उसके पिता से आभासी रूप से मिलाने के लिए राजनयिक प्रयास जारी रखे जाने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने रूस स्थित भारतीय दूतावास से भी अपील किया कि अधिकारी सीमित उद्देश्य से महिला और बच्चे का पता लगाने के लिए वहां के अधिकारियों से इस मामले पर बात करें। केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने पीठ को बताया कि भारत और रूस के विदेश सचिवों की बैठक और इंटरपोल के ब्लू कॉर्नर नोटिस सहित कई प्रयासों के बावजूद बच्चे का पता लगाने में कोई खास प्रगति नहीं हुई है।


    आखिर क्या है पूरा मामला

    महिला वर्ष 2019 से भारत में रह रही थी और वह एक्स-1 वीजा पर भारत आई थी, जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी थी। हालांकि, अदालती कार्यवाही के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने समय-समय पर वीजा की अवधि बढ़ाने का निर्देश दिया। पिछले साल 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया गया कि शायद रूसी महिला नाबालिग बेटे के साथ नेपाल सीमा के रास्ते देश छोड़कर चली गई है और संभवतः शारजाह के रास्ते अपने देश पहुंच गई है।

    सुप्रीम कोर्ट ने इस स्थिति को अस्वीकार्य बताया और अदालत की घोर अवमानना का मामला कहा। बच्चे के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी अलग रह रही पत्नी बच्चे की कस्टडी से जुड़े अदालती आदेश का पालन नहीं कर रही है। उस व्यक्ति ने दावा किया कि उसे महिला और अपने बेटे के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उच्चतम न्यायालय ने 22 मई, 2025 को निर्देश दिया कि बच्चे की स्पेशल कस्टडी सप्ताह में तीन दिन (सोमवार, मंगलवार और बुधवार) के लिए मां को दी जाए और शेष दिनों के लिए बच्चा अपने पिता की विशेष अभिरक्षा में रहे।

  • गर्मी से बचने के देसी नुस्खे: शरीर को ठंडा रखती हैं ये 5 पारंपरिक चीजें, लू और डिहाइड्रेशन से मिलेगा बचाव

    गर्मी से बचने के देसी नुस्खे: शरीर को ठंडा रखती हैं ये 5 पारंपरिक चीजें, लू और डिहाइड्रेशन से मिलेगा बचाव


    नई दिल्‍ली । जैसे जैसे गर्मी का मौसम बढ़ता है, वैसे वैसे शरीर पर इसका असर भी साफ दिखाई देने लगता है। तेज धूप, गर्म हवाएं और बढ़ता तापमान लोगों को जल्दी थका देता है और लू, डिहाइड्रेशन तथा पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। आज के समय में लोग गर्मी से राहत पाने के लिए फ्रिज के ठंडे पानी और एसी का सहारा लेते हैं, लेकिन आयुर्वेद और ग्रामीण जीवन में ऐसे कई पारंपरिक उपाय मौजूद हैं जो बिना किसी आधुनिक सुविधा के भी शरीर को ठंडा और स्वस्थ बनाए रखते हैं।

    सबसे पहले बात करते हैं मिट्टी के घड़े मटका के पानी की। शहरों में भले ही आरओ और फ्रिज का इस्तेमाल बढ़ गया हो, लेकिन मिट्टी के घड़े का पानी आज भी सबसे प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। घड़े की मिट्टी में मौजूद छोटे छोटे छिद्र वाष्पीकरण की प्रक्रिया के जरिए पानी को स्वाभाविक रूप से ठंडा रखते हैं। यह पानी शरीर को धीरे धीरे ठंडक देता है और पाचन तंत्र के लिए भी बेहतर माना जाता है। इसके विपरीत फ्रिज का अत्यधिक ठंडा पानी गले और पेट के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

    गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के लिए बेल का शरबत भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। ग्रामीण इलाकों में इसे गर्मी का सबसे प्रभावी पेय माना जाता है। बेल में फाइबर और विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाती है और पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाती है। एक गिलास बेल का शरबत न केवल लू के प्रभाव को कम करता है बल्कि पूरे दिन शरीर को तरोताजा बनाए रखता है।

    इसके अलावा गांवों में खस और जूट के परदे भी प्राकृतिक कूलिंग का एक बेहतरीन तरीका माने जाते हैं। पुराने समय से ही लोग खस या जूट के बोरों को पानी से गीला करके खिड़कियों पर लगाते हैं। जब गर्म हवा इन गीले परदों से होकर गुजरती है तो कमरे का तापमान 5 से 10 डिग्री तक कम हो जाता है। खस की हल्की खुशबू वातावरण को ताजगी से भर देती है और मन को भी शांति देती है।

    गर्मियों में शरीर को ऊर्जा देने और ठंडा रखने के लिए सत्तू भी बेहद लोकप्रिय है। चना और जौ से बना सत्तू पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसे पानी में घोलकर पीने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है और शरीर का तापमान भी नियंत्रित रहता है। यही वजह है कि गांवों में किसान चिलचिलाती धूप में काम करने से पहले सत्तू का सेवन करना पसंद करते हैं।

    वहीं प्याज का देसी नुस्खा भी गर्मी से बचाव के लिए लंबे समय से अपनाया जाता रहा है। ग्रामीण इलाकों में मान्यता है कि जेब में प्याज रखकर बाहर निकलने से लू नहीं लगती। प्याज में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करते हैं। कच्चे प्याज का सलाद या छाछ के साथ इसका सेवन करने से भी शरीर की गर्मी कम होती है।

    कुल मिलाकर देखा जाए तो हमारे पारंपरिक और देसी उपाय न केवल सस्ते और आसान हैं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी हैं। यदि गर्मियों में इन प्राकृतिक तरीकों को अपनाया जाए तो शरीर को ठंडा रखने के साथ साथ कई मौसमी बीमारियों से भी बचा जा सकता है।

  • मिनटों में तैयार करें हेल्दी ब्रेकफास्ट: बिना गैस जलाए बनाएं ये 5 टेस्टी रेसिपी, दिनभर रहेंगे एनर्जेटिक

    मिनटों में तैयार करें हेल्दी ब्रेकफास्ट: बिना गैस जलाए बनाएं ये 5 टेस्टी रेसिपी, दिनभर रहेंगे एनर्जेटिक


    नई दिल्‍ली । आज की तेज रफ्तार जिंदगी में सुबह का समय सबसे ज्यादा व्यस्त होता है। ऑफिस कॉलेज या अन्य कामों की जल्दी में कई लोग नाश्ता करने का समय ही नहीं निकाल पाते और अक्सर ब्रेकफास्ट स्किप कर देते हैं। इससे न केवल शरीर की ऊर्जा कम होती है बल्कि लंबे समय में स्वास्थ्य पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है। हालांकि अगर थोड़ी सी प्लानिंग की जाए तो बिना गैस जलाए भी कुछ ऐसे हेल्दी और टेस्टी नाश्ते तैयार किए जा सकते हैं जो कुछ ही मिनटों में बन जाते हैं और पूरे दिन शरीर को ऊर्जा देते हैं।

    सबसे आसान और लोकप्रिय विकल्प ओवरनाइट ओट्स है। अगर सुबह आपके पास बिल्कुल समय नहीं होता तो यह रेसिपी आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है। रात में एक जार में दूध या दही के साथ ओट्स चिया सीड्स थोड़ा शहद और अपनी पसंद के फल जैसे केला या सेब डालकर फ्रिज में रख दें। सुबह तक ओट्स अच्छी तरह फूलकर तैयार हो जाते हैं। यह फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर होता है जिससे लंबे समय तक पेट भरा रहता है और शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है।

    दूसरा हेल्दी विकल्प स्प्राउट्स सलाद है जो खासतौर पर फिटनेस पसंद करने वालों के बीच काफी लोकप्रिय है। अंकुरित मूंग चना और मोठ में प्रोटीन और आयरन की अच्छी मात्रा होती है। इसमें बारीक कटा प्याज टमाटर खीरा और हरी मिर्च मिलाकर ऊपर से नींबू का रस और काला नमक डाल दें। यह स्वाद में भी बेहतरीन होता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया से बचाव में भी सहायता मिल सकती है।

    तीसरा विकल्प है दही पोहा जो भारत के कई हिस्सों में पारंपरिक नाश्ते के रूप में खाया जाता है। इसके लिए पोहा को हल्के पानी से धोकर उसमें ताजा दही थोड़ा गुड़ या शहद और कटे हुए मेवे मिला लें। यह नाश्ता पेट को ठंडक देता है और तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है। खासकर गर्मियों के मौसम में यह बेहद फायदेमंद माना जाता है।

    अगर आपको हल्का मीठा नाश्ता पसंद है तो पीनट बटर बनाना टोस्ट भी बेहतरीन विकल्प है। होल-व्हीट या मल्टीग्रेन ब्रेड पर पीनट बटर की परत लगाकर उसके ऊपर केले के स्लाइस या स्ट्रॉबेरी रख दें। पीनट बटर में मौजूद गुड फैट्स और प्रोटीन मांसपेशियों की रिकवरी में मदद करते हैं और लंबे समय तक शरीर को ऊर्जा देते हैं। यही कारण है कि यह बच्चों और युवाओं दोनों के बीच काफी पसंद किया जाता है।

    पांचवां हेल्दी विकल्प है पनीर या टोफू रोल। इसके लिए पनीर या टोफू के छोटे-छोटे टुकड़े करके उसमें चाट मसाला काली मिर्च और हल्का सेंधा नमक मिला लें। इसके बाद इसे लेट्यूस के पत्तों या पहले से बनी रोटी में लपेटकर रोल बना लें। यह लो-कार्ब और हाई-प्रोटीन नाश्ता वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।

    कुल मिलाकर अगर सुबह समय की कमी हो तो भी हेल्दी नाश्ता करना मुश्किल नहीं है। इन आसान और बिना गैस के बनने वाली रेसिपी को अपनाकर आप अपने दिन की शुरुआत हेल्दी तरीके से कर सकते हैं और पूरे दिन एनर्जेटिक महसूस कर सकते हैं।

  • PM मोदी ने नेपाल चुनाव में जीत पर बालेंद्र शाह और पार्टी अध्यक्ष को फोन लगाकर दी बधाई

    PM मोदी ने नेपाल चुनाव में जीत पर बालेंद्र शाह और पार्टी अध्यक्ष को फोन लगाकर दी बधाई


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने सोमवार को नेपाल चुनाव (Nepal Elections) में जीत दर्ज करने वाले बालेन शाह (Balen Shah) और उनकी पार्टी अध्यक्ष रबी लामिछाने (Party Chairman Rabi Lamichhane) से फोन पर बात करके उन्हें बधाई दी। पीएम ने दोनों देशों की पारस्परिक समृद्धि, प्रगति और खुशहाली के लिए उनके साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता व्यक्त की। नेपाल के दोनों नेताओं के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि साझा प्रयासों से भारत-नेपाल संबंध आने वाले वर्षों में नयी ऊंचाइयों को छुएंगे।

    इस बातचीत के बारे में पीएम मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रबी लामिछाने और आरएसपी के वरिष्ठ नेता बालेंद्र शाह के साथ फोन पर सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई।” पीएम ने कहा कि उन्होंने दोनों नेताओं को उनकी चुनावी जीत और नेपाल चुनाव में उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की शानदार सफलता पर बधाई दी। उन्होंने कहा, “मैंने उनकी आगामी नयी सरकार के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं और दोनों देशों की पारस्परिक समृद्धि, प्रगति एवं कल्याण के लिए उनके साथ काम करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।”

    गौरतलब है कि जेन-जी प्रोटेस्ट के बाद नेपाल के यह पहले चुनाव थे। इस चुनाव में पुरानी पार्टियों को साइड लाइन करते हुए युवाओं ने नई नवेली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी और उसके युवा उम्मीदवार बालेंद्र शाह पर भरोसा जताया है। बालेंद्र ने झापा सीट से नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री के पी ओली को करारी शिकस्त दी है। नेपाल की जनता के बीच में वह काफी लोकप्रिय हैं। नागपुर से पढ़ाई करने वाले बालेंद्र नेपाल के नए पीएम बनने की रेस में सबसे आगे हैं।

    आपको बता दें, नेपाल की प्रतिनिधि सभा में कुल 275 सीट हैं। इनमें से 165 सदस्य प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली के माध्यम से चुने जाते हैं, जबकि 110 सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के माध्यम से चुने जाते हैं। आम चुनाव में प्रत्यक्ष मतदान के तहत अब तक नेपाल की 165 सीट में से 161 सीट के नतीजे घोषित किए जा चुके हैं। शेष चार सीट के नतीजे जल्द ही घोषित होने की उम्मीद है।

    आनुपातिक मतदान के तहत, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) को 40,49,604 वोट मिले। इसके बाद एनसी को 13,60,281, सीपीएन-यूएमएल को 11,50,679, एनसीपी को 5,91,940, श्रम संस्कृति पार्टी को 2,91,965, जनता समाजवादी पार्टी को 1,16,463 और राष्ट्रीय परिवर्तन पार्टी को 2,76,931 वोट मिले।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत 40 लाख से अधिक मतों के साथ, आरएसपी को कम से कम 40 अतिरिक्त सीट मिलने की उम्मीद है, जिससे 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में उसकी सीट संख्या लगभग 164 हो जाएगी, जो साधारण बहुमत के लिए आवश्यक 138 सीट से कहीं अधिक है।

  • 1983 से 2026 तक भारत की आईसीसी ट्रॉफियों का सफर, जाने टीम इंडिया ने कब-कब जीता विश्व खिताब

    1983 से 2026 तक भारत की आईसीसी ट्रॉफियों का सफर, जाने टीम इंडिया ने कब-कब जीता विश्व खिताब


    अहमदाबाद। भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए तीसरी बार टी-20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर ट्रॉफी जीत ली।

    भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 255 रन बनाए। टीम की ओर से संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं। लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई। इस जीत के साथ भारत तीन बार टी-20 विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बन गई है। आइए जानते हैं कि भारतीय टीम ने अब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के कौन-कौन से बड़े टूर्नामेंट जीते हैं।

    1983 : पहला एकदिवसीय विश्व कप

    साल 1983 में कपिल देव की कप्तानी में भारत ने क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर किया था। लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए फाइनल में भारत ने दो बार की विश्व विजेता वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार विश्व कप जीता। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 54.4 ओवर में 183 रन बनाए थे। जवाब में वेस्टइंडीज की टीम 52 ओवर में 140 रन पर ऑलआउट हो गई। मोहिंदर अमरनाथ और मदन लाल ने तीन-तीन विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाई। भारत ने यह मुकाबला 43 रन से जीता था।

    2002 : चैंपियंस ट्रॉफी (संयुक्त विजेता)

    साल 2002 में खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में भारत और श्रीलंका को संयुक्त विजेता घोषित किया गया था। कोलंबो में खेला गया फाइनल मुकाबला लगातार बारिश की वजह से पूरा नहीं हो सका। नियमों के अनुसार दोनों टीमों को विजेता घोषित किया गया।

    2007 : पहला टी-20 विश्व कप

    महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 में पहला टी-20 विश्व कप जीता। फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को पांच रन से हराया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 157 रन बनाए, जिसमें गौतम गंभीर ने 75 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। जवाब में पाकिस्तान की टीम 152 रन ही बना सकी।

    2011 : दूसरा एकदिवसीय विश्व कप

    1983 के बाद भारत ने 2011 में दूसरी बार एकदिवसीय विश्व कप जीता। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भारत ने श्रीलंका को छह विकेट से हराया। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 274 रन बनाए थे। जवाब में भारत ने गौतम गंभीर (97) और महेंद्र सिंह धोनी (नाबाद 91) की शानदार पारियों की मदद से 48.2 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। यह जीत महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के लिए खास रही।

    2013 : दूसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी

    भारत ने 2013 में दूसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी जीती। इंग्लैंड के बर्मिंघम में खेले गए फाइनल में भारत ने 20 ओवर में सात विकेट पर 129 रन बनाए। शिखर धवन, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा की पारियों की बदौलत भारत ने चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया। जवाब में इंग्लैंड की टीम आठ विकेट पर 124 रन ही बना सकी और भारत ने पांच रन से जीत दर्ज की।

    2024 : दूसरी बार टी-20 विश्व कप

    भारत ने 2024 में दूसरी बार टी-20 विश्व कप जीता। बारबाडोस में खेले गए फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को सात रन से हराया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 176 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका की टीम आठ विकेट पर 169 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ भारत ने 11 साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की ट्रॉफी जीती।

    2025 : चैंपियंस ट्रॉफी

    चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में सात विकेट पर 251 रन बनाए। भारत ने 49 ओवर में छह विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। कप्तान रोहित शर्मा ने 76 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि रोहित और शुभमन गिल के बीच पहले विकेट के लिए 105 रन की साझेदारी हुई।

    2026 : तीसरी बार टी-20 विश्व कप

    साल 2026 में भारत ने तीसरी बार टी-20 विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया। भारत इससे पहले 2007 में महेंद्र सिंह धोनी और 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में टी-20 विश्व कप जीत चुका था। अब तीसरी बार यह खिताब जीतकर भारत टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे सफल टीम बन गया है।

  • शास्त्रों के अनुसार व्रत कैसे करें: पुण्य और आध्यात्मिक लाभ के लिए जरूरी नियम

    शास्त्रों के अनुसार व्रत कैसे करें: पुण्य और आध्यात्मिक लाभ के लिए जरूरी नियम

    नई दिल्‍ली । धर्मग्रंथों में व्रत को तप का सरल और प्रभावी रूप बताया गया है। व्रत केवल भोजन का त्याग नहीं है, बल्कि मन, वाणी और कर्म को शुद्ध रखने का संकल्प भी है। हमारे ऋषि-मुनियों ने इसे आत्मशुद्धि, संकल्प शक्ति की दृढ़ता और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग माना। धर्म सिंधु में कहा गया है कि व्रत करते समय शुद्ध होना अत्यंत आवश्यक है। गरुड़ पुराण में सत्य बोलने, क्रोध से दूर रहने और संयमित जीवन जीने की सलाह दी गई है।

    मनुस्मृति में उल्लिखित है कि हिंसा, झूठ, चोरी या चुगली व्रत को भंग कर देती हैं। स्कंद पुराण में व्रत के दिन केवल एक समय भोजन या फलाहार करने की परंपरा का उल्लेख मिलता है। पद्म पुराण में संकल्प, पूजा-विधि और मंत्र-जाप का महत्व बताया गया है। इस प्रकार श्रद्धा और नियमों के साथ किया गया व्रत ही आध्यात्मिक लाभ और मनोकामना पूर्ति का कारण बनता है।

    व्रत के मुख्य नियम और सावधानियां

    भोजन और फलाहार: व्रत के दिन बार-बार अन्न या फलाहार करना उचित नहीं माना गया। सामान्यतः एक या दो बार फलाहार करना पर्याप्त है। सावधानी और संयम: दिन में सोने से बचना चाहिए, क्योंकि शास्त्रों के अनुसार इससे व्रत का पुण्यफल कम हो जाता है। मौन और ध्यान: व्रत के समय कम बोलना और अधिकतर मौन रहना श्रेष्ठ माना गया है। इससे मन जप और ध्यान में एकाग्र रहता है।

    स्वच्छता और संकल्प: स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। हाथ में जल, अक्षत, पुष्प, सुपारी और दक्षिणा लेकर व्रत का संकल्प करें। मन और कर्म की शुद्धि: व्रत के दौरान काम, क्रोध, लोभ, मोह और आलस्य से दूर रहें। झूठ बोलने या किसी की निंदा-चुगली करने से बचें।

    पूजा और अर्पण: शिव-पार्वती से जुड़े व्रतों में भगवान शिव को बिल्वपत्र, धतूरा, चंदन और पुष्प अर्पित किए जाते हैं। मां गौरी को श्रृंगार अर्पित करने की परंपरा है। उद्यापन: यदि व्रत किसी निश्चित अवधि के लिए किया गया हो, तो उसके पूर्ण होने पर उद्यापन करना आवश्यक माना गया है।

    इस प्रकार, व्रत केवल आत्मसंयम का अभ्यास नहीं है, बल्कि यह मन, वाणी और कर्म की शुद्धि के साथ आध्यात्मिक उन्नति और पुण्य की प्राप्ति का मार्ग है। शास्त्रों के बताए नियमों का पालन कर श्रद्धा और संकल्प के साथ किया गया व्रत निश्चित रूप से फलदायी होता है।

  • मध्‍य प्रदेश में मौसम के दो रंग, दिन में बढ़ी गर्मी-रात में ठंडक, कई शहरों में ‘लू’ जैसी तपिश

    मध्‍य प्रदेश में मौसम के दो रंग, दिन में बढ़ी गर्मी-रात में ठंडक, कई शहरों में ‘लू’ जैसी तपिश



    भोपाल। मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज दो तरह का देखने को मिल रहा है। दिन में तेज धूप और गर्मी के कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जबकि सुबह और रात में हल्की ठंडक बनी हुई है। कई शहरों में दिन के समय ‘लू’ जैसी तपिश महसूस की जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है और अस्पतालों में सर्दी-जुकाम व एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर समेत कई शहरों में तेज गर्मी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी गर्मी का असर बना रह सकता है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस साल मार्च में पिछले साल की तुलना में ज्यादा गर्मी पड़ रही है। भोपाल, इंदौर, रीवा और शहडोल संभाग में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 1.9 से 2.7 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया है। वहीं ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान 3.1 से 4.6 डिग्री तक अधिक है। प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्सों में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है।

    रतलाम सबसे गर्म, कई शहरों में 38 डिग्री पार

    मार्च के पहले ही पखवाड़े में प्रदेश में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंचने लगा है। सोमवार को रतलाम सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खजुराहो, धार, गुना, दमोह, सागर, श्योपुर और मंडला में भी तापमान 38 डिग्री या उससे अधिक रिकॉर्ड किया गया। पांच बड़े शहरों में ग्वालियर और उज्जैन सबसे गर्म रहे, जहां तापमान 37 डिग्री से अधिक रहा। वहीं भोपाल में 36.8 डिग्री, इंदौर में 36.4 डिग्री और जबलपुर में 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    हवा की दिशा बदली, बढ़ी गर्मी

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हवा की दिशा में बदलाव भी गर्मी बढ़ने की वजह है। फिलहाल हवाएं उत्तर-पूर्व की बजाय पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही हैं। हवा में नमी कम है और यह रेगिस्तानी क्षेत्रों से होकर प्रदेश में पहुंच रही है, जिससे गर्मी बढ़ रही है।

    15 मार्च के बाद मौसम बदलने के संकेत

    मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 मार्च के बाद मौसम में बदलाव हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी मार्च के दूसरे पखवाड़े में शुरू होती है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है और पहले ही पखवाड़े में तापमान तेजी से बढ़ गया है।

  • देश के 62 रेस्टोरेंट पर IT की रेड…. 408 करोड़ रुपये की बिक्री छुपाने का खुलासा

    देश के 62 रेस्टोरेंट पर IT की रेड…. 408 करोड़ रुपये की बिक्री छुपाने का खुलासा


    नई दिल्ली।
    आयकर विभाग (Income Tax Department) ने कर चोरी के शक में देशभर में कई प्रमुख रेस्टोरेंट (Restaurants) की तलाशी ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी -CBDT) ने बताया कि जांच के दौरान रेस्टोरेंट की ओर से 408 करोड़ की कम बिक्री बताए जाने का खुलासा हुआ। यह कार्रवाई हैदराबाद (Hyderabad ) स्थित प्रसिद्ध बिरयानी रेस्टोरेंट समूह (Famous Biryani Restaurant Group) से जुड़े 70 हजार करोड़ के कर चोरी मामले के सामने आने के बाद की गई। आयकर विभाग को संदेह है कि इन रेस्टोरेंट समूह ने वास्तविक बिक्री छिपाने और कर बचाने के लिए हेरफेर में बिलिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है।

    सीबीडीटी ने बताया, 22 राज्यों के 46 शहरों में 62 रेस्टोरेंट का सर्वे किया गया। शुरुआती जांच में पता चला कि करीब 408 करोड़ की बिक्री छिपाई गई है। साथ ही, इन नतीजों की जांच चल रही है। कर अधिकारियों के नवंबर 2025 में फूड एवं बेवरेज सेक्टर में जांच शुरू करने के बाद यह कार्रवाई शुरू हुई। जांच के दौरान, यह पाया गया कि कई रेस्टोरेंट असल बिक्री को छिपाने के लिए बल्क बिल डिलीट करने और दूसरे बदलाव करने में लगे हुए थे।

    रविवार से देशभर में रेस्टोरेंटों की तलाशी अभियान के बाद 63,000 आउटलेट को ईमेल और संदेश भेजे जा रहे हैं। इसमें उनसे 31 मार्च तक अपने आयकर रिटर्न (आईटीआर) अपडेट करने को कहा गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान तब शुरू हुआ जब हैदराबाद में विभाग की शाखा ने हाल ही में स्थानीय बिरयानी कंपनी का सर्वे किया जो बिलिंग सॉफ्टवेयर बनाती है। इसमें पाया कि कुछ होटल और रेस्टोरेंट कथित तौर पर अपनी आय कम दिखाने के लिए सॉफ्टवेयर में हेरफेर कर रहे थे।

    अधिकारियों का अनुमान है कि अकेले हैदराबाद में मौजूद रेस्टोरेंट के लिए संदिग्ध कर चोरी हजारों करोड़ रुपये की हो सकती है। उन्होंने बताया कि यह सर्वे और वेरिफिकेशन रविवार से कई शहरों में शुरू किया गया है और इसका मकसद यह पता लगाना है कि कर चोरी कितनी हो सकती है।


    एआई टूल्स से 1.77 लाख रेस्टोरेंट के लेनदेन खंगाले

    सीबीडीटी ने बयान में कहा कि एआई टूल्स के जरिये करीब 1.77 लाख रेस्टोरेंट के लेनदेन डाटा का एडवांस्ड एनालिसिस किया गया। इस डाटा की तुलना इन आउटलेट्स की ओर से बताए गए टर्नओवर से की गई, जिससे आय की बड़े पैमाने पर कम रिपोर्टिंग का पता चला। कुछ मामलों में, रिकॉर्ड की गई बिक्री वित्तीय खातों या कर फाइलिंग में पूरी तरह से दिखाई नहीं दी और कुछ लेनदेन को रिपोर्ट की गई बिक्री से बाहर रखा गया।

    मीशो को आयकर विभाग से मिला 1,500 करोड़ का कर नोटिस
    ई-कॉमर्स कंपनी मीशो को आयकर विभाग से करीब 1,500 करोड़ रुपये की कर मांग का नोटिस मिला है। कंपनी ने इस नोटिस को चुनौती देने का फैसला किया है। मीशो ने शेयर बाजार को बताया कि उसे छह मार्च को वर्ष 2023-24 के लिए आयकर विभाग से नोटिस मिला। इसमें विभाग ने ब्याज सहित 14,99,73,82,840 (1,499.73 करोड़) रुपये की कर मांग रखी है। यह कर मांग नोटिस कंपनी की ओर से घोषित आय में कुछ बढ़ोतरी और समायोजन के आधार पर जारी किया गया है। मीशो ने बताया कि वह इस आदेश की समीक्षा कर रही है और उसमें की गई टिप्पणियों और समायोजनों से सहमत नहीं है। कंपनी का कहना है कि उसके पास इसे चुनौती देने के लिए पर्याप्त कानूनी एवं तथ्यात्मक आधार हैं और अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।

  • पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से LNG सप्लाई को बड़ा झटका… भारत में 40% घटी सप्लाई

    पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से LNG सप्लाई को बड़ा झटका… भारत में 40% घटी सप्लाई


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध (West Asia War) के कारण भारत में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (Liquefied Natural Gas) यानी LNG की सप्लाई को बड़ा झटका लगा है। लगभग 40% LNG सप्लाई प्रभावित होने के बाद, सरकार उर्वरक (फर्टिलाइजर) जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों सहित विभिन्न उद्योगों के लिए एक गैस वितरण योजना (‘ऑप्टिमाइजेशन प्लान’) पर तेजी से काम कर रही है।


    फर्टिलाइजर क्षेत्र पर प्रभाव और सरकार की रणनीति

    टाइम्स ऑफ इंडिया ने मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से लिखा है कि पेट्रोलियम मंत्रालय जल्द ही नई वितरण व्यवस्था को अंतिम रूप दे सकता है। हो सकता है कि ये व्यवस्था आज ही यानी मंगलवार तक लागू भी हो जाए। इसमें उर्वरक क्षेत्र की सप्लाई में कुछ कमी किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, इस कटौती का असर खेती पर नहीं पड़ेगा।

    पर्याप्त गैस आपूर्ति: उर्वरक इकाइयों को उनकी क्षमता के इष्टतम स्तर पर काम करने के लिए पर्याप्त गैस दी जाएगी।

    रखरखाव का समय: गैस की कम उपलब्धता फिलहाल बड़ी चिंता का विषय नहीं है क्योंकि कुछ उर्वरक कंपनियां इस समय का इस्तेमाल अपने कारखानों के नियमित रखरखाव (मेंटेनेंस शटडाउन) के लिए कर रही हैं।

    सुस्ती का दौर: फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FAI) के अनुसार, कृषि क्षेत्र में अभी मांग कम है। खरीफ फसलों की बुवाई जून में शुरू होगी। इस दौरान खपत मध्यम रहती है, जिससे उद्योग को अपना स्टॉक भरने और रखरखाव का समय मिल जाता है।


    बंपर स्टॉक से दूर हुई चिंता

    आंकड़ों के अनुसार, भारत के पास उर्वरकों का पर्याप्त भंडार है, जो संकट के समय एक बड़े ‘कुशन’ (सुरक्षा कवच) का काम करेगा। शुक्रवार तक कुल उर्वरक स्टॉक 36.5% बढ़कर 17.7 मिलियन टन (MT) हो गया है, जो पिछले साल इसी समय लगभग 13 MT था। FAI के मुताबिक, DAP और NPK का भंडार पिछले साल की तुलना में 70-80% अधिक है।

    फरवरी के अंत तक एजेंसियों ने 9.8 MT उर्वरक का आयात किया है। इसके अलावा, अगले तीन महीनों के लिए 1.7 MT का अतिरिक्त आयात तय किया जा चुका है। उर्वरक विभाग ने स्पष्ट किया है कि भारत ने फॉस्फेटिक उर्वरकों के आयात स्रोतों में विविधता लाई है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण किसानों को खाद की कमी का सामना न करना पड़े।


    गैर-प्राथमिकता वाले उद्योगों की चुनौतियां

    विशेषज्ञों की मानें तो उर्वरक सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए इसमें भारी कटौती नहीं होगी। हालांकि, गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को कम गैस सप्लाई से ही काम चलाना होगा। इन उद्योगों को अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए तुरंत वैकल्पिक ईंधन की व्यवस्था करनी होगी।


    नए LNG स्रोतों की तलाश और बाधाएं

    भारत वर्तमान में अपनी कुल जरूरत का 60% LNG पश्चिम एशिया के अलावा अन्य स्रोतों से प्राप्त करता है। अब सरकार और कंपनियां बचे हुए हिस्से की भरपाई के लिए ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों से अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही हैं।

    इसमें दो मुख्य चुनौतियां हैं:

    शिपिंग: गैस के परिवहन के लिए विशेष LNG टैंकरों की व्यवस्था करना।
    क्षमता: यह सुनिश्चित करना कि नए सप्लायर देशों के पास जहाजों पर लादने से पहले गैस को लिक्विफाई (तरलीकृत) करने की अतिरिक्त क्षमता हो।


    संकट का मुख्य कारण क्या है?

    भारत में यूरिया निर्माण के लिए इस्तेमाल होने वाली 60% LNG कतर से आयात की जाती है। हाल ही में ईरान द्वारा कतर की कतरएनर्जी फैसिलिटी पर किए गए हमले के बाद, कतर को अपना उत्पादन रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इसी कारण भारत की सप्लाई चेन में यह बड़ी रुकावट आई है।

  • तेहरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला…. ट्रंप का दावा- पूरी तरह हुई तबाह ईरानी सेना

    तेहरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला…. ट्रंप का दावा- पूरी तरह हुई तबाह ईरानी सेना


    तेहरान।
    अमेरिकी (American) और इजरायली (Israeli) ने सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात को ईरान की राजधानी तेहरान (Tehran) पर अब तक का सबसे भीषण हमला करते हुए 20 से अधिक भारी धमाके किए. शहर के पश्चिमी हिस्सों में हुए इन हमलों के दौरान करीब आधे घंटे तक बमवर्षक विमानों की गूंज सुनाई देती रही, जिससे कई इलाकों की बिजली गुल हो गई. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने दावा किया है कि ईरानी सेना पूरी तरह तबाह हो चुकी है और वॉर का अंत करीब है, जबकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने युद्ध का अंत खुद तय करने की हुंकार भरी है।

    दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीबीएस न्यूज से बात करते हुए सोमवार को कहा कि ईरान के साथ युद्ध अब अपने अंतिम चरण में है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना उनके द्वारा तय किए गए 4-5 हफ्तों के समय से काफी आगे चल रही है।


    ‘मिटा देंगे ईरान का नामोनिशान’

    ट्रंप के अनुसार, ईरान के पास अब न तो नौसेना बची है और न ही एयरफोर्स, उनके मिसाइल भंडार और ड्रोन बनाने की फैक्ट्रियां भी तबाह कर दी गई हैं. ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अब कोई ‘चालाकी’ की तो उस देश का नामोनिशान मिटा दिया जाएगा और दुनिया फिर कभी ईरान का नाम नहीं सुनेगी।

    ट्रंप ने आगे कहा कि वो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण लेने के बारे में सोच रहे हैं और चेतावनी दी कि अगर ईरान तेल शिपमेंट रोकने की कोशिश करता है तो ये ईरान के लिए अंत होगा।


    हम तय करेंगे युद्ध का अंत

    ट्रंप के इसी बयान पर पलटवार करते हुए ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जोरदार हमला किया है. आईआरजीसी के प्रवक्ता ने कहा, ‘युद्ध का अंत हम ही तय करेंगे, अगर अमेरिका और इजरायल के हमले जारी रहे तो तेहरान इस क्षेत्र से ‘एक लीटर तेल’ का निर्यात भी नहीं होने देगा। उन्होंने ट्रंप की टिप्पणियों को बेतुका बताते हुए चेतावनी दी कि इस इलाके में सुरक्षा या तो सभी के लिए होगी या किसी के लिए नहीं होगी।


    ईरान में 20 बड़े धमाके

    वहीं, इसी बयानबाजी के बीच अमेरिकी और इजरायली सेना ने बड़े हमले किए. बताया जा रहा है कि इजरायली सेना ने तेहरान के आसपास के इलाके में एयर स्ट्राइक कर 20 से ज्यादा इलाकों में बम बरसाए. ये हमले युद्ध की शुरुआत के बाद तेहरान पर अब तक के सबसे भीषण हमला है। एक रिपोर्ट में स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि पश्चिमी इलाकों में विस्फोट हुए हैं, जहां लगभग आधे घंटे तक बमवर्षक विमानों और लड़ाकू विमानों की आवाजें लगातार सुनाई दीं. कुछ इलाकों में बिजली गुल हो गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए।