Author: bharati

  • सेमीफाइनल से पहले टीम इंडिया के लिए मंदिरों में पूजा: उज्जैन में खिलाड़ियों की फोटो रखकर जीत की प्रार्थना

    सेमीफाइनल से पहले टीम इंडिया के लिए मंदिरों में पूजा: उज्जैन में खिलाड़ियों की फोटो रखकर जीत की प्रार्थना

    नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल मुकाबले को लेकर देशभर में क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह चरम पर है। इसी उत्साह के बीच मध्यप्रदेश के उज्जैन में क्रिकेट फैंस ने टीम इंडिया की जीत के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। उज्जैन के प्रसिद्ध अंगारेश्वर मंदिर में गुरुवार को क्रिकेट प्रेमियों, पुजारियों और श्रद्धालुओं ने मिलकर भारतीय टीम की सफलता के लिए भगवान से प्रार्थना की।

    टी-20 विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में भारत का सामना इंग्लैंड से होना है। यह महत्वपूर्ण मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में शाम 7 बजे खेला जाएगा, जबकि टॉस 6:30 बजे होगा। इस मुकाबले को लेकर देशभर के क्रिकेट प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। करो या मरो की स्थिति वाले इस मैच से पहले फैंस ने मंदिर में विशेष अनुष्ठान कर टीम इंडिया की जीत की कामना की।

    अंगारेश्वर मंदिर में आयोजित इस पूजा में करीब 50 से अधिक पंडित, पुजारी, श्रद्धालु और क्रिकेट प्रेमी शामिल हुए। सभी ने मिलकर भगवान शिव का अभिषेक किया और भारतीय टीम की जीत के लिए विशेष प्रार्थना की। इस दौरान टीम इंडिया के खिलाड़ियों की तस्वीरें भी मंदिर में रखी गईं। सूर्यकुमार यादव, अभिषेक शर्मा, हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ियों की फोटो शिवलिंग के पास रखकर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया।

    क्रिकेट प्रेमियों का कहना था कि भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाला यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण है और पूरी उम्मीद है कि टीम इंडिया शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में अपनी जगह बनाएगी। पूजा में शामिल लोगों ने कहा कि टीम इंडिया की जीत के लिए वे भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं और देशवासियों की उम्मीदें खिलाड़ियों के साथ हैं।

    इधर, सेमीफाइनल मुकाबले से पहले भारतीय खिलाड़ियों ने भी भगवान के दर्शन किए। इंग्लैंड के खिलाफ महत्वपूर्ण मैच से एक दिन पहले भारतीय टीम के कुछ खिलाड़ी मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर पहुंचे थे। यहां अक्षर पटेल, ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ने भगवान गणपति के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और टीम की सफलता के लिए प्रार्थना की।

    भारत और इंग्लैंड के बीच यह मुकाबला लगातार तीसरी बार टी-20 विश्व कप के सेमीफाइनल में देखने को मिल रहा है। इससे पहले वर्ष 2022 और 2024 में भी दोनों टीमें सेमीफाइनल में आमने-सामने आ चुकी हैं। इन मुकाबलों में दोनों टीमों ने एक-एक जीत हासिल की थी और खास बात यह रही कि सेमीफाइनल जीतने वाली टीम ने फाइनल मुकाबला भी अपने नाम किया था।

    ऐसे में इस बार का सेमीफाइनल भी बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार दोनों टीमों के पास मजबूत बल्लेबाजी और गेंदबाजी लाइनअप है, जिससे मुकाबला काफी कड़ा रहने की संभावना है।

    देशभर के क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस अहम मुकाबले पर टिकी हुई हैं। फैंस को उम्मीद है कि भारतीय टीम शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को हराएगी और टी-20 विश्व कप के फाइनल में अपनी जगह बनाएगी। इसी उम्मीद के साथ मंदिरों में प्रार्थनाएं और दुआओं का सिलसिला जारी है।

  • मुरैना पुलिस लाइन में रंगों की धूम पुलिसकर्मियों ने खेली जमकर होली दमकल की फुहार में भीगे अफसर और जवान

    मुरैना पुलिस लाइन में रंगों की धूम पुलिसकर्मियों ने खेली जमकर होली दमकल की फुहार में भीगे अफसर और जवान


    मुरैना में पुलिस लाइन गुरुवार को रंगों और उल्लास से सराबोर नजर आई जब पुलिस अधिकारियों और जवानों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ होली का पर्व मनाया। परंपरा के अनुसार आम लोगों की होली के एक दिन बाद पुलिसकर्मियों की होली खेली जाती है क्योंकि होली के दिन पुलिस बल शहर में कानून व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी निभाता है। इसी परंपरा को निभाते हुए इस बार भी पुलिस लाइन में रंग और गुलाल के साथ होली का आयोजन किया गया जहां अनुशासन में रहने वाली पुलिस फोर्स आज मस्ती और उल्लास के रंग में डूबी दिखाई दी।

    कार्यक्रम की शुरुआत सुबह करीब नौ बजे हुई जब पुलिस अधिकारी और कर्मचारी पुलिस लाइन में एकत्रित हुए। इसके बाद सभी अधिकारी और जवान एक साथ पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ के बंगले पहुंचे और उन्हें होली खेलने के लिए आमंत्रित किया। आमंत्रण के बाद एसपी समीर सौरभ को पुलिस लाइन लाया गया जहां रंग और गुलाल लगाकर उनके साथ होली की शुरुआत की गई। इस दौरान माहौल पूरी तरह उत्साह और उमंग से भरा हुआ दिखाई दिया और पुलिसकर्मियों ने एक दूसरे को रंग लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं।

    होली के इस आयोजन में एडिशनल एसपी सुरेंद्र प्रताप सिंह सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी एसडीओपी डीएसपी और विभिन्न थाना प्रभारियों ने भी हिस्सा लिया। सभी अधिकारियों ने एसपी को गुलाल लगाकर होली की शुरुआत की और इसके बाद पूरा परिसर रंगों से सराबोर हो गया। खास बात यह रही कि आयोजन में दमकल वाहन को भी बुलाया गया और उसकी मदद से पानी की तेज फुहार चलाकर पुलिसकर्मियों को भिगोया गया। दमकल की इस बारिश ने होली के जश्न को और भी रोमांचक बना दिया और सभी अधिकारी और जवान बच्चों की तरह मस्ती करते नजर आए।

    पुलिस लाइन में डीजे की धुनों पर भी खूब रंग जमाया गया। पुलिस अधिकारी और कर्मचारी एक साथ गानों पर थिरकते दिखाई दिए। सामान्य दिनों में अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभाने वाले पुलिसकर्मी इस मौके पर पूरी तरह त्योहार की मस्ती में डूबे नजर आए। रंगों से सने चेहरे और गूंजते गीतों के बीच पूरा माहौल उत्साह और भाईचारे से भर गया।

    इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ ने सभी पुलिसकर्मियों को होली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि होली का त्योहार जीवन में खुशियां और रंग भरने का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि आम जनता सुरक्षित और शांति से होली मना सके इसके लिए पुलिसकर्मी पूरे दिन ड्यूटी निभाते हैं और कानून व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहते हैं। यही कारण है कि पुलिस की होली एक दिन बाद पुलिस लाइन में मनाई जाती है ताकि सभी पुलिसकर्मी एक साथ मिलकर इस पर्व का आनंद ले सकें।

    होली के इस आयोजन ने पुलिसकर्मियों के बीच आपसी सौहार्द और भाईचारे की भावना को भी मजबूत किया। रंगों और खुशियों के इस माहौल में अधिकारी और जवानों ने मिलकर त्योहार की उमंग को साझा किया और पूरे परिसर में उत्सव का वातावरण बना रहा।

  • डॉ. रश्मि वर्मा आत्महत्या मामले में NHRC का नोटिस, एम्स और भोपाल पुलिस को 15 दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश

    डॉ. रश्मि वर्मा आत्महत्या मामले में NHRC का नोटिस, एम्स और भोपाल पुलिस को 15 दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश

    भोपाल एम्स में महिला असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा की आत्महत्या का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के संज्ञान में आया है आयोग ने एम्स भोपाल के संचालक और भोपाल पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर इस घटना की जांच करने और 15 दिनों में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है आयोग ने FIR और पॉश कमेटी की रिपोर्ट के साथ पीएम की रिपोर्ट भी दिल्ली तलब की है

    मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग की प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव, एम्स संचालक और पुलिस कमिश्नर को नोटिस भेजा है ताकि पूरी जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो सके

    मामला 11 दिसंबर 2025 का है जब भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा ने आत्महत्या कर ली थी डॉ. रश्मि पर उनके विभाग के HOD डॉ. यूनुस द्वारा लगातार प्रताड़ना किए जाने के आरोप लगे थे इस घटना ने संस्थान में हड़कंप मचा दिया और उच्चस्तरीय जांच की मांग उठी

    जानकारी के अनुसार, घटना वाले दिन डॉ. रश्मि ने अपनी ड्यूटी पूरी कर घर लौटने के बाद एनेस्थीसिया की उच्च मात्रा इंजेक्ट कर ली उनके दिल करीब 7 मिनट तक बंद रहे जिससे उनके मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंचा MRI रिपोर्ट में ग्लोबल हाइपोक्सिया ब्रेन डैमेज की पुष्टि हुई डॉ. रश्मि का करीब तीन सप्ताह तक इलाज चलने के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका

    इस मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रॉमा और इमरजेंसी विभाग के HOD डॉ. यूनुस को उनके पद से हटा दिया गया था इसके अलावा हाई लेवल कमेटी का गठन किया गया था ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके

    NHRC ने निर्देश दिए हैं कि जांच में प्रताड़ना के सभी पहलुओं की समीक्षा की जाए और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए आयोग ने 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने का समय तय किया है ताकि जल्द से जल्द इस मामले का निपटारा हो सके

    यह मामला एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर उत्पीड़न की गंभीर समस्याओं को उजागर करता है विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थानों में ऐसे मामलों की समय पर पहचान और कार्रवाई बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में किसी भी कर्मचारी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके

    भोपाल एम्स में हुई इस घटना ने पूरे चिकित्सा समुदाय को झकझोर दिया है और कार्यस्थल पर उत्पीड़न, मानसिक दबाव और प्रताड़ना के मामलों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता को रेखांकित किया है

  • रतनगढ़ मंदिर दर्शन के दौरान नहर में हादसा: 15 घंटे की रेस्क्यू के बाद युवक का शव मिला

    रतनगढ़ मंदिर दर्शन के दौरान नहर में हादसा: 15 घंटे की रेस्क्यू के बाद युवक का शव मिला


    दतिया जिले के सेंथरी नहर से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने लोगों को हिला कर रख दिया। झांसी निवासी राहुल यादव अपने दोस्तों के साथ रतनगढ़ माता मंदिर के दर्शन करने आया था, लेकिन नहर में नहाते समय पैर फिसल जाने से वह पानी में डूब गया।

    सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर घटनास्थल पर पहुंचे और 15 घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद राहुल यादव का शव नहर से बाहर निकाला। शव सेंथरी नहर से लगभग 50 मीटर दूर पुलिया के पास मिला।

    थरेट थाना प्रभारी अरविन्द भदौरिया ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। घटनास्थल पर पहुंचे स्थानीय लोग भी राहत और सदमे की स्थिति में थे।

    मित्रों के साथ मंदिर दर्शन आया राहुल यादव नहर में नहाते समय संतुलन खो बैठा और पानी में गिर गया। आसपास के लोग और दोस्त तुरंत उसे बचाने की कोशिश में जुट गए, लेकिन गहरे पानी और तेज धारा के कारण उसे बाहर निकालना संभव नहीं हो सका।

    एसडीआरएफ टीम और गोताखोरों ने रात-दिन की मेहनत के बाद आखिरकार शव को बरामद किया। यह घटना यह याद दिलाती है कि नहर और जलाशयों में सुरक्षा मानकों का पालन न करने से जान का जोखिम कितना बढ़ जाता है।

    स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नहर या किसी भी जलस्रोत के पास सावधानी बरतें, बच्चों और युवाओं को पानी में नहाते समय सतर्क रहें और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाएं।

    राहुल यादव के परिजन झांसी से दतिया पहुंचे और उन्होंने अपने प्रियजन की मौत से गहरा शोक व्यक्त किया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया और क्या कोई लापरवाही हुई।

    यह घटना जिले और आसपास के इलाकों के लिए चेतावनी है कि जलाशयों और नहरों में नहाते समय सतर्कता ही जीवन बचाने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है।

    English Tags
    Datia, Drowning Accident, Rahul Yadav, SDRF Rescue, Temple Visit

  • श्री मनकामनेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धा की मिसाल, चूल पार कर पूरी हुई पारंपरिक रस्म..

    श्री मनकामनेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धा की मिसाल, चूल पार कर पूरी हुई पारंपरिक रस्म..

    उज्जैन जिले के घोंसला गांव में इस बार धुलेंडी पर्व पर श्रद्धा और भक्ति का अनोखा नजारा देखने को मिला पूरे देश में रंगों का उत्सव मनाया जा रहा था, वहीं घोंसला गांव में श्रद्धालुओं ने दहकते अंगारों पर चलकर अपने विश्वास की मिसाल पेश की

    श्री मनकामनेश्वर महादेव मंदिर के सामने लगभग 30 से 35 फीट लंबा गड्ढा तैयार किया गया था वैदिक मंत्रोच्चार और पूजन के साथ मंदिर के अखंड दीप से प्रज्वलित अग्नि ने इस गड्ढे को अंगारों में बदल दिया मंदिर के पुजारी ने नंगे पांव इस अग्नि पर चलकर परंपरा का शुभारंभ किया और इसके बाद श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी

    श्रद्धालु अपनी मन्नतों के साथ अग्नि पर कदम रखते रहे घी का छिड़काव करने से आग की लपटें और तेज होती रहीं जिससे दृश्य और भी दिव्य हो गया सूरज की तपिश और अंगारों की गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के चेहरों पर विश्वास की चमक दिखाई दी

    ग्रामीणों का कहना है कि बाबा श्री मनकामनेश्वर की कृपा से इस परंपरा में अब तक किसी बड़ी घटना की सूचना नहीं मिली है यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग इसे देखने आए ताकि नई पीढ़ी भी इसे देख सके

    इस बार चंद्रग्रहण और सूतक के बीच भी यह परंपरा अपने निर्धारित समय पर संपन्न हुई और इसका श्रेय श्रद्धालुओं की अटूट भक्ति को दिया गया श्रद्धालु अग्नि पार करने के बाद मंदिर में जल अर्पित कर बाबा का आशीर्वाद लेते रहे और पूरा माहौल मेले जैसा बन गया

    आयोजन के दौरान प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी रही, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और श्रद्धालुओं को कोई असुविधा नहीं हुई धुलेंडी, सूतक और चंद्रग्रहण के विशेष संयोग में यह चूल पार करने की परंपरा केवल रस्म नहीं, बल्कि विश्वास और भक्ति का प्रतीक बन गई

    इस अवसर पर हर तरफ “भक्ति और विश्वास” का गूंजता स्वर सुनाई दिया श्रद्धालु और ग्रामीण इस दृश्य को देखकर भावविभोर हो उठे यह परंपरा उज्जैन के सांस्कृतिक और धार्मिक जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी

  • नीतीश कुमार का राज्यसभा नामांकन: अमित शाह ने स्वागत किया, JDU कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा

    नीतीश कुमार का राज्यसभा नामांकन: अमित शाह ने स्वागत किया, JDU कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा


    नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा सदस्य के लिए नामांकन दाखिल किया। उनके साथ बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेन्द्र कुशवाहा और शिवेश कुमार भी मौजूद रहे। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कार्यक्रम में शिरकत की और नीतीश कुमार के लंबे और भ्रष्टाचार-मुक्त राजनीतिक सफर की सराहना की। शाह ने कहा कि नीतीश का कार्यकाल बिहार के इतिहास में स्वर्णिम पृष्ठ के रूप में लिखा जाएगा और उन्होंने बिहार को जंगलराज से मुक्त करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बिहार की सड़कों और ग्रामीण विकास में भी योगदान दिया और अपनी राजनीतिक यात्रा में किसी तरह के भ्रष्टाचार का आरोप कभी नहीं लगा।

    नामांकन के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि राज्यसभा में जाने के बावजूद वे बिहार की नई सरकार को हर तरह से सहयोग देंगे। उन्होंने अपने संसदीय जीवन के महत्व और जनता के प्रति जिम्मेदारी पर जोर दिया। नीतीश के इस ऐलान के बाद तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में महाराष्ट्र मॉडल लागू किया गया है और बीजेपी ने नीतीश को हाईजैक कर दिया। उनका कहना था कि सहयोगी पार्टी को ताकत से दबाकर नीतीश को राज्यसभा भेजा गया।

    नीतीश के राज्यसभा नामांकन की खबर मिलते ही सुबह से ही JDU कार्यकर्ता उनके मुख्यमंत्री आवास पर इकट्ठा होने लगे। कार्यकर्ताओं ने अपने नेता के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि वे नीतीश कुमार को कहीं नहीं जाने देंगे। इस दौरान CM हाउस के बाहर भावुक दृश्य देखने को मिले और कई कार्यकर्ता रोते हुए नजर आए। कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कोटे के मंत्रियों सुरेंद्र मेहता, JDU MLC संजय गांधी और JDU विधायक प्रेम मुखिया को भी CM हाउस से बाहर निकाल दिया।

    JDU कार्यालय में भी नाराज कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की और हंगामा किया। कई जिलों जैसे बेगूसराय और नालंदा में नीतीश के राज्यसभा जाने का विरोध हुआ। कार्यकर्ताओं ने ललन सिंह, विजय चौधरी, संजय झा मुर्दाबाद के नारे लगाए, जिसके कारण JDU ऑफिस का गेट बंद कर दिया गया। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि नीतीश कुमार के योगदान की चर्चा दशकों तक होती रहेगी और कार्यकर्ताओं के लिए यह फैसला सहज रूप से अपनाना मुश्किल है, लेकिन वे इसे स्वीकार करेंगे।

    अमित शाह ने इस अवसर पर कहा कि नीतीश कुमार 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री रहे और अब लंबे अरसे के बाद राज्यसभा सांसद के रूप में राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश कर रहे हैं। शाह ने उनके प्रशासनिक कौशल, सादगी और बिहार में विकास कार्यों के लिए किए गए योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के हर गांव और घर में बिजली पहुंचाई और पीएम मोदी के नेतृत्व में सभी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाया।

    नीतीश कुमार ने भी अपने पोस्ट में कहा कि संसदीय जीवन के लिए उनका सपना है कि वे दोनों सदनों का अनुभव लें और बिहार के विकास के लिए काम करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं और जनता से अपील की कि वे बिहार की नई सरकार को सहयोग दें और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखें।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राज्यसभा के लिए नीतीश का नामांकन और JDU कार्यकर्ताओं का गुस्सा बिहार में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। यह घटना न केवल राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि आगामी दिनों में बिहार की सियासत में हलचल और बढ़ सकती है।

    नीतीश कुमार का यह कदम उनके समर्थकों और आलोचकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। राज्यसभा में जाने के साथ ही वे राष्ट्रीय स्तर पर फिर से सक्रिय भूमिका निभाएंगे, वहीं कार्यकर्ताओं का विरोध और नाराजगी बीजेपी और JDU के बीच संबंधों की जटिलता को भी दर्शाता है।

  • ग्वालियर सेंट्रल जेल में भाईदूज का उल्लास, एक हजार से अधिक बहनों ने बंदी भाइयों को किया मंगल तिलक

    ग्वालियर सेंट्रल जेल में भाईदूज का उल्लास, एक हजार से अधिक बहनों ने बंदी भाइयों को किया मंगल तिलक



    ग्वालियर। होली की दूज पर ग्वालियर सेंट्रल जेल में भाईदूज का विशेष पर्व बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर जेल में बंद अपने भाईयों से मिलने के लिए एक हजार से अधिक बहनें जेल पहुंचीं। जेल प्रशासन ने इस आयोजन को सफल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विशेष तैयारियां की थीं। जेल के बाहर सुबह से ही काउंटर लगाकर बहनों का पूरी तरह से सत्यापन (वैरिफिकेशन) किया गया। केवल सत्यापित बहनों को ही जेल के अंदर प्रवेश की अनुमति दी गई।

    जेल परिसर में बहनों ने परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन करते हुए रंग, गुलाल, रोली, चावल और चंदन से भाइयों का तिलक किया और मिठाई खिलाकर उनके लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना की।जेल परिसर में बहनों ने परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन करते हुए रंग, गुलाल, रोली, चावल और चंदन से भाइयों का तिलक किया और मिठाई खिलाकर उनके लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना की। हालांकि जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि बाहर से कोई भी पूजन सामग्री लाई नहीं जा सकती। इसके चलते बहनों ने जेल परिसर में ही शुल्क देकर लड्डू और अन्य पूजन सामग्री खरीदी। जेल प्रशासन ने सुरक्षा और सुव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम की पूरी मॉनीटरिंग की।

    भाईदूज का यह पर्व उन कैदियों के लिए विशेष महत्व रखता है, जो संगीन मामलों में जेल में बंद हैं और लंबे समय से अपने परिवार से मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इस अवसर ने जेल में बंद भाइयों के चेहरे पर मुस्कान और खुशी की लहर दौड़ा दी। जेल अधिकारियों ने बताया कि इस आयोजन से कैदियों और उनके परिवारों के बीच भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होता है। यह न केवल भाई-बहन के रिश्तों को सशक्त बनाता है, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है।

    जेल के अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम को व्यवस्थित करने के लिए सुबह से ही विशेष काउंटर लगाए गए थे। बहनों का नाम, पहचान पत्र और संबंध की पुष्टि करने के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया गया। जेल प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी अनुचित घटना न हो और कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो। जेल में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने पूरे आयोजन पर नजर रखी और आवश्यकतानुसार बहनों और कैदियों की मदद भी की।

    कार्यक्रम में कई बहनों ने बताया कि यह उनके भाईयों से मिलने का एक दुर्लभ अवसर होता है। लॉकडाउन और अन्य सुरक्षा कारणों से पिछले साल या महीनों में कई बार मिलने का अवसर नहीं मिला। इसलिए आज का दिन उनके लिए बेहद खास और भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण था। बहनों ने अपने भाईयों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य की कामना करते हुए उन्हें स्नेहपूर्वक तिलक किया।

    जेल प्रशासन ने बताया कि इस आयोजन में हिस्सा लेने वाली बहनों की संख्या पहली बार इतनी बड़ी रही है। इससे पहले के वर्षों में इस कार्यक्रम में कुछ सौ बहनें ही शामिल होती थीं। इस बार बड़ी संख्या में बहनों की भागीदारी ने भाईदूज के पर्व की गरिमा और उल्लास को और बढ़ा दिया।

    भाईदूज पर जेल में आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रम से यह संदेश जाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी परिवार का महत्व और पारंपरिक रीति-रिवाजों की गरिमा कायम रहनी चाहिए। जेल प्रशासन ने भी इस अवसर को शांति और अनुशासन के साथ सफल बनाने का प्रयास किया।

    इस आयोजन ने साबित कर दिया कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, भाई-बहन का स्नेह और त्यौहारों का महत्व कभी कम नहीं होता। जेल में बंद कैदियों के लिए यह एक सुखद और यादगार अनुभव बन गया, जिसने उनके और उनके परिवार के बीच भावनात्मक दूरी को कम किया।

  • छिंदवाड़ा में भीषण सड़क हादसा: दो बाइक की आमने-सामने टक्कर में 4 युवकों की मौत, 1 गंभी

    छिंदवाड़ा में भीषण सड़क हादसा: दो बाइक की आमने-सामने टक्कर में 4 युवकों की मौत, 1 गंभी

    छिंदवाड़ा जिले के चौरई क्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने सभी को हिला कर रख दिया। यहां दो बाइक आमने-सामने टकरा गईं, जिसमें चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई और एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा सिहोरा-माचागोरा रोड पर धनोरा गोसाई पुलिया के पास हुआ।

    जानकारी के अनुसार, एक बाइक पर तीन युवक और दूसरी बाइक पर दो युवक सवार थे। दोनों बाइक तेज रफ्तार में विपरीत दिशा से आ रही थीं। पुलिया के पास जब वे आमने-सामने टकराए, तो टक्कर इतनी भीषण थी कि सभी युवक सड़क से दूर तक जा गिरे। आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस तथा एंबुलेंस को सूचना दी।

    घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार युवकों को मृत घोषित कर दिया। जबकि एक युवक का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। अस्पताल में घायलों की आपातकालीन स्थिति देखी गई, जैसे किसी फिल्म का सीन हो। घायल को बाइक सहित इमरजेंसी वार्ड तक ले जाना पड़ा।

    प्रारंभिक जांच में पुलिस ने हादसे का मुख्य कारण तेज रफ्तार बताया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। यह हादसा इस बात का प्रमाण है कि सड़क पर तेज गति, सुरक्षा नियमों की अनदेखी और लापरवाही जीवन के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकती है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुलिया और रोड अक्सर दुर्घटनाग्रस्त होते रहते हैं। कुछ ग्रामीणों ने प्रशासन से रोड पर सुरक्षा उपायों और चेतावनी संकेत लगाने की मांग की है। परिवारों में मातम का माहौल है और मृतकों के परिजन हादसे की इस भयावहता से सदमे में हैं।

    हादसे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सड़क सुरक्षा और वाहन की गति पर नियंत्रण न होने पर परिणाम हमेशा गंभीर होते हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना छिंदवाड़ा जिले और आसपास के इलाकों के लिए चेतावनी है कि सड़क पर सतर्कता, हेलमेट का उपयोग और निर्धारित गति सीमा का पालन जीवन बचाने में अहम भूमिका निभाता है।

  • शहडोल में ऑनलाइन गेम्स की वजह से परिवार हुआ तबाह, मासूम अनिकेत अकेला रह गया

    शहडोल में ऑनलाइन गेम्स की वजह से परिवार हुआ तबाह, मासूम अनिकेत अकेला रह गया


    शहडोल की पुरानी बस्ती में एक हंसता-खेलता परिवार ऑनलाइन गेमिंग की खतरनाक लत के चलते हमेशा के लिए उजड़ गया 24 फरवरी की रात हुई इस दर्दनाक घटना में पहले पिता शंकर लाल गुप्ता और बेटी स्वाति गुप्ता की मौत हो चुकी थी अब आठ दिन बाद मां राजकुमारी भी अपनी जिंदगी की लड़ाई हार गई

    जानकारी के अनुसार, शंकर लाल गुप्ता को BDG और AVIATOR नामक ऑनलाइन गेम की लत लग गई थी इस दौरान उन्होंने लाखों रुपये गंवा दिए और कर्ज के बोझ तले दबते चले गए लगातार बढ़ता आर्थिक तनाव और मानसिक दबाव उन्हें और उनके परिवार को असहनीय स्थिति में ले गया इसके चलते उन्होंने कथित तौर पर कोल्डड्रिंक में जहर मिलाकर पहले अपनी पत्नी और बेटी को पिलाया और फिर खुद भी पी लिया

    घटना के बाद परिवार के तीनों सदस्य गंभीर हालत में अस्पताल ले जाए गए जहां पिता और बेटी ने अगले ही दिन दम तोड़ दिया लेकिन मां राजकुमारी का इलाज मेडिकल कॉलेज शहडोल में जारी रहा आठ दिन की जिंदगी और मौत से जूझने के बाद राजकुमारी भी अपनी जान हार गई इस हृदय विदारक घटना के बाद परिवार में अब केवल 15 वर्षीय बेटा अनिकेत गुप्ता ही बचा है

    अनिकेत उस समय घर पर मौजूद नहीं था जिस वजह से वह जहरीला पेय पीने से बच गया और उसकी जान बच गई यह अकेला बच्चा अब पूरी तरह से अकेला रह गया है इस घटना ने शहर और आसपास के लोगों को झकझोर कर रख दिया

    इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर ऑनलाइन गेमिंग और सट्टा जैसे प्लेटफॉर्म्स की खतरनाक लत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं आर्थिक नुकसान, मानसिक दबाव और परिवारिक तनाव जैसी स्थितियों में ऐसे गेम्स का प्रभाव कैसे विनाशकारी साबित हो सकता है यह घटना इसके लिए एक चेतावनी भी है

    विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन गेमिंग और सट्टा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों और युवाओं की पहुंच को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है और परिवार को समय-समय पर मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया कि लत के चलते किए गए एक गलत निर्णय पूरे परिवार के जीवन को हमेशा के लिए बदल सकता है

    शहडोल की पुरानी बस्ती के लोग अब इस घटना को याद करते हुए केवल सन्नाटा महसूस कर रहे हैं और मासूम अनिकेत की स्थिति पर चिंता जताई जा रही है परिवार की खुशहाल जिंदगी अब केवल यादों में ही रह गई है

    यह घटना समाज और स्थानीय प्रशासन के लिए भी एक चेतावनी है कि ऑनलाइन गेमिंग और सट्टा जैसी लतों के खतरों को गंभीरता से लिया जाए और समय रहते बच्चों और युवाओं को इसके प्रभाव से बचाया जाए

  • भोपाल में होली के दिन युवक की चाकू मारकर हत्या, शव ऑटो से फेंककर बदमाश फरार

    भोपाल में होली के दिन युवक की चाकू मारकर हत्या, शव ऑटो से फेंककर बदमाश फरार



    भोपाल  भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में होली के दिन एक युवक की दर्दनाक हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया। 19 वर्षीय अरविंद मीणा, जो प्रताप नगर में रहता था और गारमेंट्स शॉप में सेल्समैन के रूप में काम करता था, बुधवार रात अपने दोस्तों के साथ होली खेलने के बाद घूमने निकला था। सूत्रों के अनुसार, वह अपने दोस्तों विशाल ठाकुर उर्फ भूरा और सचिन के साथ आखिरी बार देखा गया। रात के अज्ञात समय में अज्ञात बदमाशों ने उसे घेरकर चार चाकू वार किए और उसके बाद उसका शव बेस्ट प्राइस के पास 80 फीट रोड पर ऑटो से फेंककर फरार हो गए। शव अर्धनग्न हालत में मिला, जिसमें उसके ऊपरी हिस्से के कपड़े नहीं थे।

    घटना की जानकारी लगते ही मृतक के पिता हल्केराम मीणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्होंने सड़क किनारे भीड़ देखकर रुके और पास जाकर अपने बेटे का शव देखा। इस दर्दनाक दृश्य ने पूरे मोहल्ले के लोगों को स्तब्ध कर दिया। निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की पहचान के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों से पूछताछ कर संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

    मृतक के मोहल्ले के लोग और परिचितों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे सड़क पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि जांच में देरी से समुदाय में असंतोष और आक्रोश बढ़ रहा है। मोहल्ले के लोग बताते हैं कि अरविंद मीणा एक मेहनती और शांत स्वभाव का युवक था, जिसने अपने परिवार का सहारा बनने के लिए मेहनत की थी।

    घटना ने इलाके में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर होली जैसे बड़े त्योहार के मौके पर। पुलिस ने आसपास के इलाकों में अतिरिक्त गश्त बढ़ा दी है और युवाओं को अशांति फैलाने से रोकने के लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया है।

    परिजन और मोहल्ले वाले पुलिस से लगातार संपर्क में हैं और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच से पता चला है कि हत्या की घटना व्यक्तिगत विवाद या आपराधिक मंशा के चलते हो सकती है, लेकिन सटीक कारण पोस्टमार्टम और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

    यह घटना न केवल भोपाल के निशातपुरा इलाके में तनाव बढ़ा रही है, बल्कि होली जैसे खुशियों के त्योहार पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था की चुनौती को भी उजागर करती है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।