Author: bharati

  • दीपिका पादुकोण की प्रेग्नेंसी को लेकर एटली का खास प्लान, फिल्म में होगा बॉडी डबल का इस्तेमाल

    दीपिका पादुकोण की प्रेग्नेंसी को लेकर एटली का खास प्लान, फिल्म में होगा बॉडी डबल का इस्तेमाल


    नई दिल्ली | दीपिका पादुकोण ने हाल ही में अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी की खुशखबरी साझा की थी, जिसके बाद से ही वह लगातार सुर्खियों में हैं। रणवीर सिंह और बेटी दुआ के साथ एक भावुक तस्वीर साझा कर उन्होंने यह खुशखबरी फैंस तक पहुंचाई थी। इसके बावजूद दीपिका अपने प्रोफेशनल कमिटमेंट्स से पीछे नहीं हटी हैं और अब वह निर्देशक एटली की बड़ी एक्शन फिल्म ‘राका’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस फिल्म में उनके साथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन भी नजर आने वाले हैं, जिससे प्रोजेक्ट को लेकर पहले ही भारी उत्साह बना हुआ है।

    एक्शन सीन्स के लिए बॉडी डबल का इस्तेमाल, सेफ्टी को दी प्राथमिकता

    रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म के मेकर्स ने दीपिका की प्रेग्नेंसी को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया है। अब फिल्म के हाई-ऑक्टेन एक्शन सीन्स में दीपिका की जगह बॉडी डबल का इस्तेमाल किया जाएगा। यह कदम पूरी तरह उनकी और होने वाले बच्चे की सेहत को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लिया गया है।

    मेकर्स का कहना है कि फिल्म की भव्यता और एक्शन में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी, लेकिन किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाया जाएगा। वहीं दीपिका केवल उन हिस्सों की शूटिंग करेंगी, जिनमें फिजिकल स्ट्रेस या जोखिम शामिल नहीं है।

    स्क्रीन स्पेस में कोई कटौती नहीं, किरदार रहेगा उतना ही अहम

    दिलचस्प बात यह है कि इन सभी एडजस्टमेंट्स के बावजूद दीपिका के किरदार की अहमियत में कोई कमी नहीं की गई है। उनके रोल को उतना ही मजबूत रखा गया है जितना पहले तय किया गया था। इतना ही नहीं, फिल्म में उनकी एंट्री को बेहद भव्य और प्रभावशाली तरीके से डिजाइन किया जा रहा है।

    सूत्रों के मुताबिक दीपिका ने पहले ही अपने कई महत्वपूर्ण सीन पूरे कर लिए हैं, और अब केवल कुछ सीमित शूटिंग बची है, जो उनकी प्रेग्नेंसी के अनुकूल है।

    शाहरुख खान के साथ एक और हिट की तैयारी में दीपिका

    वर्कफ्रंट की बात करें तो दीपिका आखिरी बार फिल्म ‘सिंघम अगेन’ में नजर आई थीं, जहां उनका रोल सीमित था। अब वह शाहरुख खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘किंग’ में भी दिखाई देंगी, जिसमें सुहाना खान, अभिषेक बच्चन और रानी मुखर्जी जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं।

    खास बात यह है कि ‘किंग’ दीपिका और शाहरुख की साथ में छठी फिल्म होगी। इससे पहले दोनों ‘ओम शांति ओम’, ‘चेन्नई एक्सप्रेस’, ‘हैप्पी न्यू ईयर’, ‘पठान’ और ‘जवान’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में साथ नजर आ चुके हैं। दिलचस्प यह भी है कि दीपिका ने अपने करियर की शुरुआत ही शाहरुख की फिल्म ‘ओम शांति ओम’ से की थी।

    प्रेग्नेंसी के इस खास दौर में भी दीपिका पादुकोण का काम के प्रति समर्पण उनके प्रोफेशनल रवैये को दर्शाता है। वहीं मेकर्स द्वारा उठाए गए सुरक्षा कदम यह दिखाते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री अब कलाकारों की हेल्थ को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क और जिम्मेदार हो रही है। ‘राका’ को लेकर दर्शकों की उत्सुकता अब और भी बढ़ गई है।

  • ‘जी ले जरा’ पर बड़ा अपडेट: प्रियंका-आलिया-कटरीना के बिना फिल्म बनाएंगे फरहान अख्तर?

    ‘जी ले जरा’ पर बड़ा अपडेट: प्रियंका-आलिया-कटरीना के बिना फिल्म बनाएंगे फरहान अख्तर?

    नई दिल्ली | बॉलीवुड के चर्चित निर्देशक और अभिनेता फरहान अख्तर की बहुचर्चित फिल्म ‘जी ले ज़रा’ एक बार फिर सुर्खियों में है। साल 2021 में जब इस फिल्म की घोषणा हुई थी, तब इसमें प्रियंका चोपड़ा, आलिया भट्ट और कटरीना कैफ जैसी बड़ी एक्ट्रेसेस को एक साथ देखने की खबर से फैंस बेहद उत्साहित थे।

    हालांकि समय के साथ फिल्म को लेकर अपडेट्स कम होते गए और प्रोजेक्ट की स्थिति को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगने लगीं कभी इसे बंद बताया गया तो कभी इसमें नई कास्ट के साथ दोबारा शुरू होने की चर्चा हुई।

    अब इन सभी अफवाहों पर खुद फरहान अख्तर ने प्रतिक्रिया दी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उन्हें अफवाहों या “सीक्रेट्स छुपाने” में भरोसा नहीं है। उनका कहना है कि जब भी कोई प्रोजेक्ट पूरी तरह तैयार होगा, वह खुद इसकी घोषणा करेंगे।

    फरहान ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल वह एक ऐसे चरण में हैं जहां वह बतौर निर्देशक अपने अगले प्रोजेक्ट को लेकर सोच-समझकर निर्णय ले रहे हैं और वह सिर्फ वही काम करना चाहते हैं जो उनके दिल के करीब हो।

    स्टार कास्ट की मौजूदा स्थिति

    फिल्म से जुड़ी मूल स्टार कास्ट को लेकर भी स्थिति बदल चुकी है: प्रियंका चोपड़ा अब लंबे समय बाद भारतीय सिनेमा में वापसी कर रही हैं और वह एसएस राजामौली की फिल्म ‘वाराणसी’ में नजर आएंगी। आलिया भट्ट के पास फिलहाल ‘लव एंड वॉर’ और ‘अल्फा’ जैसी बड़ी फिल्में हैं। कटरीना कैफ फिलहाल मातृत्व अवकाश पर हैं और फिल्मी काम से दूर हैं

    आगे क्या?

    फरहान अख्तर की तरफ से अभी तक यह साफ नहीं है कि ‘जी ले ज़रा’ उसी स्टार कास्ट के साथ बनेगी या नए कलाकारों के साथ इसे दोबारा शुरू किया जाएगा। फिलहाल प्रोजेक्ट अनिश्चितता के दौर में है।

    इसी बीच फरहान ‘डॉन 3’ को लेकर भी चर्चा में हैं, जहां कास्टिंग और कानूनी विवादों ने इस प्रोजेक्ट को भी सुर्खियों में ला दिया है।

  • पाक में भारत विरोधी आतंकियों की हो रही रहस्यमयी मौतें, अब हाफिज सईद के करीबी अफरीदी का खात्मा

    पाक में भारत विरोधी आतंकियों की हो रही रहस्यमयी मौतें, अब हाफिज सईद के करीबी अफरीदी का खात्मा


    नई दिल्ली। पाकिस्तान में पिछले कुछ समय से भारत में वांटेड आतंकियों और उनके सहयोगियों की लगातार रहस्यमयी हत्याओं का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक बड़े नेता शेख यूसुफ अफरीदी की हत्या ने एक बार फिर सुरक्षा और खुफिया तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    मामला 26 अप्रैल 2026 का है, जब पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लांडी कोतल क्षेत्र में अज्ञात हमलावरों ने अफरीदी पर गोलियां चला दीं। इस हमले में उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हमलावर आसानी से फरार हो गए। अफरीदी को लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख चेहरे और हाफिज सईद का करीबी सहयोगी माना जाता था।

    सूत्रों के अनुसार, अफरीदी संगठन के लिए भर्ती और स्थानीय नेटवर्क संभालने में अहम भूमिका निभाता था। वह खैबर क्षेत्र में लश्कर की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सक्रिय था और प्रतिबंधित संगठन के ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता था। इससे पहले भी संगठन को बड़ा झटका लगा था, जब लश्कर-ए-तैयबा के सह-संस्थापक अमीर हमजा पर लाहौर में जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। माना जाता है कि वह कई बड़े आतंकी हमलों की रणनीति और प्रचार गतिविधियों से जुड़ा रहा है।

    पाकिस्तान में पिछले कुछ वर्षों से भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों और उनके नेटवर्क से जुड़े लोगों की लगातार टारगेटेड हत्याएं हो रही हैं। इनमें कई कमांडर, फाइनेंसर और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले लोग शामिल हैं। हाल ही में सामने आए मामलों में कराची, खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में कई आतंकियों की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या हुई है। इनमें लश्कर, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों से जुड़े नाम शामिल बताए जाते हैं।

    इन घटनाओं का पैटर्न लगभग एक जैसा बताया जाता है अज्ञात हमलावर, सटीक निशाना, और वारदात के बाद बिना किसी जिम्मेदारी का दावा किए हमलावरों का फरार हो जाना। इन हत्याओं को लेकर अलग-अलग थ्योरी सामने आती रही हैं। कुछ विशेषज्ञ इसे आतंकी संगठनों के भीतर की आपसी रंजिश और शक्ति संघर्ष से जोड़ते हैं, जबकि कुछ इसे सुरक्षा एजेंसियों की रणनीतिक कार्रवाई मानते हैं। हालांकि किसी भी थ्योरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल यह सिलसिला पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क के लिए बड़ी चिंता का कारण बना हुआ है, क्योंकि एक के बाद एक प्रमुख नामों के निशाने पर आने से पूरे ढांचे में अस्थिरता और डर का माहौल देखा जा रहा है।

  • बंगाल चुनाव: सुबह 9 बजे तक 18% मतदान, खरगे की अपील- बिना डर के करें वोट; TMC-BJP में जुबानी जंग तेज

    बंगाल चुनाव: सुबह 9 बजे तक 18% मतदान, खरगे की अपील- बिना डर के करें वोट; TMC-BJP में जुबानी जंग तेज

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में बुधवार को 142 सीटों पर मतदान जारी है। सुबह 9 बजे तक राज्य में करीब 18 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस चरण में कुल 1,448 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। राज्य की सियासत में इस समय मुकाबला बेहद दिलचस्प है एक ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।

    शुभेंदु अधिकारी ने मतदान प्रक्रिया पर उठाए सवाल
    भाजपा नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मतदान केंद्रों के आसपास मौजूद रहने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जहां धारा 163 लागू है, वहां मुख्यमंत्री का इस तरह घूमना नियमों पर सवाल खड़ा करता है। शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियां चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रभाव डाल सकती हैं।

    खरगे की अपील- बिना डर लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करें
    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पश्चिम बंगाल के मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग बिना किसी डर या दबाव के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करें। खरगे ने कहा कि यह समय उन ताकतों के खिलाफ खड़े होने का है जो जनता के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने युवाओं और पहली बार वोट डालने वालों से विशेष रूप से सक्रिय भागीदारी की अपील की। खरगे ने अपने संदेश में कहा कि मतदाता विकास, प्रगतिशील मूल्यों, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव के लिए मतदान करें। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल हमेशा बदलाव और लोकतांत्रिक चेतना का केंद्र रहा है और यह चुनाव भी उसी दिशा में महत्वपूर्ण अवसर है।

    मिथुन चक्रवर्ती का बड़ा दावा
    भाजपा नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने मतदान के दौरान दावा किया कि इस बार मतदान प्रतिशत 90 प्रतिशत से अधिक जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो चुनाव के नतीजे बड़े बदलाव का संकेत देंगे।

    अभिषेक बनर्जी का भाजपा पर हमला
    तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने भवानीपुर सीट पर मतदान के बाद भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में टीएमसी की जीत तय है और भाजपा 50 से भी कम सीटों पर सिमट सकती है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भाजपा हर चुनाव में बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन नतीजे हमेशा टीएमसी के पक्ष में आते हैं। उन्होंने पिछले चुनावों के आंकड़े गिनाते हुए अपनी पार्टी की जीत का भरोसा जताया।
    तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने भवानीपुर सीट पर मतदान के बाद भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में टीएमसी की जीत तय है और भाजपा 50 से भी कम सीटों पर सिमट सकती है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भाजपा हर चुनाव में बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन नतीजे हमेशा टीएमसी के पक्ष में आते हैं। उन्होंने पिछले चुनावों के आंकड़े गिनाते हुए अपनी पार्टी की जीत का भरोसा जताया।

    4 मई को आएंगे नतीजे
    राज्य में दूसरे और अंतिम चरण का मतदान जारी है। इससे पहले पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है। सभी सीटों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

  • संघर्ष से सुपरस्टार तक: राजेश खन्ना के घर AC ठीक करने पहुंचे थे इरफान खान

    संघर्ष से सुपरस्टार तक: राजेश खन्ना के घर AC ठीक करने पहुंचे थे इरफान खान


    नई दिल्ली | भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता इरफान खान की कहानी केवल सफलता की नहीं, बल्कि संघर्ष और आत्मनिर्माण की एक प्रेरणादायक दास्तान है। 29 अप्रैल 2020 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी यादें और जीवन से जुड़ी कहानियां आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं।

    एक समय ऐसा भी था जब इरफान खान फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले इलेक्ट्रिशियन का काम करते थे। इसी दौरान उन्हें एक ऐसा मौका मिला, जिसने उनकी जिंदगी की दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाई। बताया जाता है कि वह सुपरस्टार राजेश खन्ना के घर एयर कंडीशनर (AC) ठीक करने गए थे।

    राजेश खन्ना के घर काम करते हुए इरफान ने पहली बार यह महसूस किया कि फिल्मी दुनिया और स्टारडम कितना अलग और आकर्षक हो सकता है। उसी दौरान उनके मन में यह विचार आया कि अगर वह कोई हुनर सीख लें, तो अपने जीवन में आगे बढ़ सकते हैं।

    इरफान ने अपने शुरुआती दिनों में कई छोटे-मोटे काम किए। जयपुर लौटने के बाद भी उन्होंने मेहनत जारी रखी, लेकिन जीवन आसान नहीं था। उन्होंने यह भी महसूस किया कि केवल पैसा कमाना ही जीवन का लक्ष्य नहीं हो सकता, बल्कि कुछ बड़ा हासिल करना जरूरी है।

    धीरे-धीरे उनका रुझान अभिनय की ओर बढ़ा और उन्होंने दूरदर्शन से अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने कई प्रसिद्ध टीवी सीरियल्स जैसे श्रीकांत, भारत एक खोज, चाणक्य, चंद्रकांता और बनेगी अपनी बात में काम किया।

    बड़े पर्दे पर उन्होंने फिल्म सलाम बॉम्बे से शुरुआत की और धीरे-धीरे अपनी दमदार एक्टिंग से पहचान बनाई। बाद में पान सिंह तोमर जैसी फिल्मों ने उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाई।

    हालांकि, मार्च 2018 में उन्हें एक गंभीर बीमारी न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर का पता चला, जिसके बाद उन्होंने दो साल तक संघर्ष किया। अंततः 2020 में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

    इरफान खान की जिंदगी इस बात का उदाहरण है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से कोई भी इंसान साधारण जीवन से असाधारण मुकाम तक पहुंच सकता है।

  • नानी का आजमाया नुस्खा: एलोवेरा और केसर से पाएं बेदाग त्वचा, दूर करें दाग-धब्बे और पिगमेंटेशन

    नानी का आजमाया नुस्खा: एलोवेरा और केसर से पाएं बेदाग त्वचा, दूर करें दाग-धब्बे और पिगमेंटेशन


    नई दिल्ली| आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, बढ़ता प्रदूषण और अनियमित खानपान का सबसे ज्यादा असर हमारी त्वचा पर दिखाई देता है। खासतौर पर चेहरे पर काले धब्बे, झाइयां और पिगमेंटेशन जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। इनसे छुटकारा पाने के लिए लोग महंगे और केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार ये स्किन को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। ऐसे में दादी-नानी के पुराने घरेलू नुस्खे आज भी एक सुरक्षित और असरदार विकल्प माने जाते हैं।

    इन्हीं पारंपरिक उपायों में एलोवेरा और केसर का मिश्रण बेहद फायदेमंद माना जाता है। आयुर्वेद में एलोवेरा को त्वचा के लिए अमृत समान बताया गया है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स और हाइड्रेटिंग गुण त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं और उसे रिपेयर करने में मदद करते हैं। वहीं केसर को रंगत निखारने और त्वचा में प्राकृतिक चमक लाने के लिए जाना जाता है। जब ये दोनों एक साथ मिलते हैं, तो त्वचा पर गहरा सकारात्मक असर डालते हैं।

    एलोवेरा जेल त्वचा को ठंडक देता है, हाइड्रेट करता है और डेड स्किन सेल्स को हटाने में मदद करता है। इससे स्किन साफ, मुलायम और फ्रेश नजर आती है। दूसरी ओर, केसर में मौजूद प्राकृतिक गुण पिगमेंटेशन को कम करने और डार्क स्पॉट्स को हल्का करने में सहायक होते हैं। नियमित उपयोग से झाइयों में कमी आने लगती है और त्वचा पर नैचुरल ग्लो दिखने लगता है।

    इस घरेलू फेस पैक को बनाना बेहद आसान है। इसके लिए एक चम्मच ताजा एलोवेरा जेल लें और उसमें 5-6 केसर के धागे डालकर करीब 10 मिनट तक छोड़ दें, ताकि केसर के गुण अच्छे से मिल जाएं। रात को सोने से पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ करें और इस मिश्रण को हल्के हाथों से लगाएं। सुबह गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।

    अगर इस उपाय को नियमित रूप से अपनाया जाए, तो 15-20 दिनों में त्वचा में सुधार नजर आने लगता है। लगभग एक महीने के अंदर स्किन अधिक साफ, मुलायम और चमकदार दिखाई दे सकती है। हालांकि, हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है, इसलिए असर में थोड़ा फर्क संभव है।

    घरेलू उपाय होने के बावजूद कुछ सावधानियां जरूरी हैं। पहली बार इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर करें, ताकि किसी तरह की एलर्जी से बचा जा सके। अगर आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील है, तो इसका उपयोग सावधानी से करें। साथ ही दिन में बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लगाना न भूलें। अगर किसी प्रकार की जलन या परेशानी महसूस हो, तो तुरंत इसका इस्तेमाल बंद कर दें।

    यह नुस्खा प्राकृतिक स्किन केयर का एक आसान और किफायती तरीका है, लेकिन इसे किसी मेडिकल ट्रीटमेंट का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। त्वचा से जुड़ी गंभीर समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना हमेशा बेहतर रहता है।

  • फैमिली मोमेंट वायरल: आमिर खान के साथ दिखीं गौरी, आयरा ने बढ़ाया अपनापन

    फैमिली मोमेंट वायरल: आमिर खान के साथ दिखीं गौरी, आयरा ने बढ़ाया अपनापन


    नई दिल्ली | मुंबई में 28 अप्रैल को एक्टर जुनैद खान की अपकमिंग फिल्म ‘एक दिन’ की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई, जहां पूरा खान परिवार उन्हें सपोर्ट करने पहुंचा। इस मौके पर सबसे ज्यादा चर्चा में रहे आमिर खान, जो अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ पहुंचे और दोनों की बॉन्डिंग ने सभी का ध्यान खींच लिया।
    स्क्रीनिंग के दौरान आमिर खान की बेटी आयरा खान और दामाद नुपुर शिखरे भी मौजूद रहे। खास बात यह रही कि आयरा और गौरी स्प्रैट के बीच गर्मजोशी से गले मिलने का पल कैमरे में कैद हो गया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
    इवेंट के कई वीडियो और तस्वीरों में पूरा परिवार एक साथ पोज देता नजर आया। आमिर खान, गौरी स्प्रैट का हाथ थामे हुए दिखाई दिए और दोनों स्क्रीनिंग हॉल तक भी साथ-साथ पहुंचे। परिवार के अन्य सदस्य आयरा, नुपुर और जुनैद भी इस दौरान काफी खुश नजर आए।
    एक और वीडियो में सभी ने मिलकर पैपराजी के सामने ग्रुप फोटो खिंचवाई। इस दौरान आयरा और नुपुर ने भी साथ में तस्वीरें क्लिक कराईं, जबकि आमिर और जुनैद मुस्कुराते हुए कैमरे के सामने पोज देते दिखे।
    फिल्म ‘एक दिन’ को लेकर आमिर खान ने इवेंट में काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी के अभिनय की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें देश की बेहतरीन एक्ट्रेस बताया। वहीं जुनैद के काम पर हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने भी अच्छा काम किया है, लेकिन वह उनके बेटे हैं इसलिए ज्यादा कुछ नहीं कह सकते।
    यह फिल्म One Day का हिंदी रीमेक है और इसका निर्देशन सुनील पांडे ने किया है। इसे आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले मंसूर खान, आमिर खान और अपर्णा पुरोहित ने मिलकर प्रोड्यूस किया है।
    फिल्म की कहानी एक ऐसे शख्स की है जो अपनी ऑफिस कलीग से प्यार करता है लेकिन अपने जज़्बात जाहिर नहीं कर पाता और बस एक दिन उसके साथ बिताने की ख्वाहिश रखता है, जो एक अनोखे मोड़ पर पूरी होती है।
    ‘एक दिन’ 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है और इसके लिए एडवांस बुकिंग पहले ही शुरू हो चुकी है।
  • बंगाल चुनाव 2026: दूसरे चरण की वोटिंग के बीच हिंसा, नादिया में BJP प्रत्याशी पर हमला, हावड़ा में बवाल

    बंगाल चुनाव 2026: दूसरे चरण की वोटिंग के बीच हिंसा, नादिया में BJP प्रत्याशी पर हमला, हावड़ा में बवाल


    नई दिल्ली | पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान हालात कई जगहों पर तनावपूर्ण हो गए। जहां एक ओर 142 सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहने की कोशिश की जा रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ इलाकों से हिंसा और हंगामे की खबरों ने माहौल गरमा दिया है।

    सबसे गंभीर घटना नादिया जिले से सामने आई, जहां मतदान के बीच एक बीजेपी प्रत्याशी पर हमले की सूचना मिली है। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।

    वहीं हावड़ा के बाली विधानसभा क्षेत्र में स्थित डॉन बॉस्को लिलुआ सहनलाल विद्यालय के एक मतदान केंद्र पर EVM में तकनीकी खराबी आ गई। मशीन खराब होने के कारण कुछ समय के लिए मतदान प्रक्रिया बाधित हो गई, जिससे मतदाताओं में नाराजगी फैल गई।

    स्थिति बिगड़ने पर लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया, जिसके बाद सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। हालात को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज किया गया और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। प्रशासन ने आसपास के बूथों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार, 152, 153 और 154 नंबर बूथों पर भी EVM से जुड़ी शिकायतें और गड़बड़ी की घटनाएं सामने आई हैं, जिन्हें लेकर चुनाव अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।

     राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

    घटनाओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय सुरक्षा बल चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं और उनके कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है।

    वहीं सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि इस बार राज्य में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है और लोगों से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की है। तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने भी दावा किया है कि उनकी पार्टी को इस बार भारी जनसमर्थन मिल रहा है और सत्ता में वापसी तय है।

    कई सीटों पर हाई-प्रोफाइल मुकाबला

    चुनाव के इस चरण में कई हाई-प्रोफाइल सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। कोलकाता, हावड़ा, नदिया और अन्य जिलों में मतदान प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।

    स्थिति पर नजर

    हालांकि अधिकांश जगहों पर मतदान सामान्य रूप से जारी है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में हुई हिंसा और तकनीकी गड़बड़ियों ने चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इन घटनाओं का असर अंतिम नतीजों पर कितना पड़ता है।

  • शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 358 अंक उछला, निफ्टी ने पकड़ी रफ्तार

    शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 358 अंक उछला, निफ्टी ने पकड़ी रफ्तार


    नई दिल्ली | हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में मजबूत तेजी दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में ही खरीदारी का दबाव देखने को मिला, जिससे पूरा बाजार सकारात्मक रुख में आ गया।

    BSE Sensex में आज करीब 358 अंकों की तेजी देखने को मिली और यह मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया। वहीं Nifty 50 भी 101 अंकों की बढ़त के साथ हरे निशान में रहा। इस तेजी ने निवेशकों के बीच भरोसा बढ़ाया और बाजार में उत्साह का माहौल बना रहा।

    बाजार में खरीदारी का दबदबा

    सुबह से ही बाजार में बैंकिंग, आईटी और एनर्जी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली, जिससे इंडेक्स को सपोर्ट मिला। कई लार्जकैप शेयरों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई, जिससे पूरे बाजार का मूड सकारात्मक रहा।

     वैश्विक संकेतों का मिला-जुला असर

    वैश्विक बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। मिडिल ईस्ट में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और तेल बाजार में हलचल ने निवेशकों को सतर्क रखा। इसके बावजूद घरेलू बाजार ने मजबूती दिखाई।

    अमेरिकी बाजारों में हाल की गिरावट जहां Nasdaq Composite और Dow Jones Industrial Average में कमजोरी देखने को मिली उसका भी हल्का असर एशियाई बाजारों पर पड़ा, लेकिन भारत में इसका प्रभाव सीमित रहा।

    एशियाई बाजारों का रुख

    एशिया के अन्य बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। कुछ इंडेक्स में हल्की बढ़त रही, जबकि कुछ में गिरावट दर्ज की गई। जापान के बाजार अवकाश के कारण बंद रहे।

    निवेशकों के लिए संकेत

    विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तेजी सकारात्मक संकेत है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसलिए निवेशकों को सतर्क रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

  • “ये धर्मेंद्र और अमिताभ की नकल कर रहा है…” – पहली फिल्म के सेट पर ऋषि कपूर को मिली कड़ी सीख

    “ये धर्मेंद्र और अमिताभ की नकल कर रहा है…” – पहली फिल्म के सेट पर ऋषि कपूर को मिली कड़ी सीख


    नई दिल्ली | कपूर खानदान ने चार पीढ़ियों से दर्शकों को एंटरटेन किया है और आज भी कर रही है। इसी खानदान ने बहुमुखी प्रतिभा के धनी फिल्म निर्माता और एक्टर निकले, लेकिन ऋषि कपूर अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने बेबाक अंदाज के लिए भी जाने गए।

    बात चाहे निजी जिंदगी से जुड़ी हो या देश से, उन्होंने हर मामले पर खुलकर राय रखी, लेकिन बेबाक राय रखने वाले ऋषि कपूर को पहली ही फिल्म बॉबी में बड़ी सीख मिली थी, लेकिन पहले उनके हाथ और पैर बुरी तरीके से फूल गए थे। बता दें कि 30 अप्रैल को अभिनेता ऋषि कपूर की पुण्यतिथि है।

    ऋषि कपूर ने अपने करियर में कई शानदार और रोमांटिक फिल्में दीं, और जब 70-80 के दशक में अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र जैसे अभिनेता पर्दे पर सिर्फ एक्शन कर रहे थे, तब ऋषि कपूर ने सिनेमा को म्यूजिकल और रोमांस से भरी फिल्में दीं और हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान बनाई, लेकिन पहली फिल्म के दौरान उनके पिता राज कपूर ने उन्हें खुले समंदर में अकेला हाथ- पैर मारने के लिए छोड़ दिया था।

    दरअसल ऋषि कपूर की बतौर मुख्य अभिनेता पहली फिल्म ‘बॉबी’ थी और सेट पर उनके लिए काम करना भी मुश्किल था क्योंकि भले ही वे फिल्मी खानदान से थे, लेकिन सेट पर काम करने का अनुभव नहीं था। सेट पर पिता राज कपूर को पिता कहने की भी इजाजत नहीं थी और वे उन्हें साहब बुलाते थे। इसी फिल्म का पहला गाना शूट होना था और अभिनेता को लगा कि गाना फिल्माने के लिए कोई कोरियोग्राफर बुलाया जाएगा, लेकिन काफी इंतजार करने के बाद सेट पर कोई नहीं आया और राज कपूर ने आदेश दिया कि कोई कोरियोग्राफर नहीं आएगा और जो करना है वो तुम्हें खुद करना है।

    ये सुनकर ऋषि कपूर के हाथ-पैर सुन्न हो गए। पहले तो उन्होंने इनकार किया, लेकिन राज कपूर की एक सीख ने उन्हें जिंदगी की सबसे बड़ी सीख दी। राज कपूर ने कहा कि अगर किसी कोरियोग्राफर को बुलाता तो वो तुम्हें वैसा करने के लिए कहता, जो उसने धर्मेंद्र या अमिताभ ने किया, क्योंकि उसने बहुत सारे लोगों को सिखाया है। ऐसे में लोग कहेंगे कि नया लड़का धर्मेंद्र या अमिताभ की नकल कर रहा है, तो इसलिए जो करना है, वो खुद को करो और पूरी आजादी के साथ करो। उस दिन से लेकर आने वाली फिल्मों में ऋषि कपूर ने गानों की लिप-सिंकिंग, डांस और स्टाइल को खुद से किया और पर्दे पर अपनी अलग पहचान बनाई।