अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह कुछ गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों की ओर भी इशारा कर सकती है। कई मामलों में नसों के सिकुड़ने की समस्या देखी जाती है, जिसमें रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है। ऐसी स्थिति में हाथ और पैरों में दर्द, कमजोरी और असहजता बढ़ सकती है।
Author: bharati
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गर्मियों में भी ठंडे हाथ-पैर? शरीर दे रहा है ये चेतावनी संकेत..
नई दिल्ली। अक्सर कुछ लोगों को यह समस्या महसूस होती है कि उनके हाथ और पैर सामान्य मौसम में भी ठंडे बने रहते हैं या कभी-कभी उनमें सुन्नपन जैसा अनुभव होता है। कई लोग इसे मामूली स्थिति मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह शरीर के अंदर चल रही कुछ गहरी समस्याओं का संकेत भी हो सकता है।जब शरीर में रक्त का प्रवाह सही तरीके से नहीं होता, तो हाथ और पैरों तक पर्याप्त गर्माहट और पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते। इसी कारण ये अंग ठंडे महसूस होने लगते हैं। सामान्य परिस्थितियों में रक्त संचार शरीर के तापमान को संतुलित बनाए रखता है, लेकिन इसमें गड़बड़ी होने पर शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है।पाचन तंत्र की कमजोरी भी इस समस्या का एक महत्वपूर्ण कारण मानी जाती है। जब शरीर को भोजन से पर्याप्त ऊर्जा और पोषण नहीं मिल पाता, तो इसका असर पूरे शरीर पर दिखाई देता है। ऊर्जा की कमी के कारण हाथ और पैरों में ठंडापन महसूस होना आम लक्षण बन सकता है।इसके साथ ही तनाव और मानसिक दबाव भी इस स्थिति को बढ़ा सकते हैं। लंबे समय तक तनाव में रहने से शरीर की नसों पर असर पड़ता है और रक्त प्रवाह बाधित हो सकता है। इससे हाथ और पैरों में ठंडक के साथ-साथ झुनझुनी या सुन्नपन की समस्या भी महसूस हो सकती है।
अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह कुछ गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों की ओर भी इशारा कर सकती है। कई मामलों में नसों के सिकुड़ने की समस्या देखी जाती है, जिसमें रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है। ऐसी स्थिति में हाथ और पैरों में दर्द, कमजोरी और असहजता बढ़ सकती है।इसके अलावा शरीर में आयरन और विटामिन की कमी भी इस समस्या का बड़ा कारण हो सकती है। पोषण की कमी से शरीर की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है और रक्त निर्माण तथा संचार प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है।इस समस्या से बचाव के लिए जीवनशैली में सुधार बेहद जरूरी माना जाता है। नियमित रूप से हल्का व्यायाम या पैदल चलना रक्त संचार को बेहतर बनाने में मदद करता है। इससे शरीर में गर्माहट बनी रहती है और हाथ-पैर सामान्य महसूस होते हैं।संतुलित और पोषक आहार लेना भी इस समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आयरन, विटामिन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर भोजन शरीर को मजबूत बनाता है और ऊर्जा स्तर को बनाए रखता है।इसके अलावा हल्की मालिश और शरीर को गर्म रखने वाले उपाय भी अस्थायी राहत दे सकते हैं। लेकिन यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो इसे सामान्य समझकर अनदेखा करना उचित नहीं है और समय पर विशेषज्ञ सलाह लेना आवश्यक होता है। -

जम्मू-कश्मीर में बड़ी कार्रवाई, 17 पूर्व छात्रों के आतंकी संगठनों से जुड़े होने पर मदरसा अवैध घोषित
जम्मू-कश्मीर। राज्य में सुरक्षा एजेंसियों ने एक मदरसे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। शोपियां जिले के इमाम साहिब स्थित दारुल उलूम जामिया सिराजुल उलूम को गैरकानूनी गतिविधियों के आरोप में प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी UAPA के तहत की गई है।एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस संस्थान के 17 पूर्व छात्र अलग-अलग आतंकी संगठनों में शामिल हो गए थे और बाद में विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए। अधिकारी का कहना है कि यह मामला विचारधारा के प्रभाव और भर्ती के एक पैटर्न की ओर इशारा करता है।
कश्मीर के संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग ने शोपियां के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर यह आदेश जारी किया। जांच में मदरसे की गतिविधियों को संदिग्ध बताते हुए उसके प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी से कथित संबंधों के प्रमाण होने का दावा किया गया है। इस संगठन पर केंद्र सरकार ने 2019 में प्रतिबंध लगाया था।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रतिबंधित संगठन से जुड़े लोगों का संस्थान के प्रशासन और शैक्षणिक ढांचे पर प्रभाव था। आरोप है कि संस्थान में समय के साथ ऐसा माहौल विकसित हुआ, जिसने कट्टरपंथ को बढ़ावा दिया और कई छात्र आतंकी गतिविधियों की ओर आकर्षित हुए। हालांकि, संस्थान के अध्यक्ष मोहम्मद शफी लोन ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि संस्थान का किसी भी प्रतिबंधित संगठन से कोई संबंध नहीं है और यह पूरी तरह कानून का पालन करने वाला शिक्षण संस्थान है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यहां 814 छात्र अध्ययनरत हैं और संस्थान स्कूल शिक्षा बोर्ड तथा कश्मीर स्कूल फेडरेशन से संबद्ध है।
लोन के अनुसार, संस्थान को पहले कारण बताओ नोटिस मिला था, जिसका जवाब दिया जा चुका है। उन्होंने मांग की कि यदि सरकार को संदेह है तो एक स्वतंत्र जांच समिति बनाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि समय-समय पर मिली रिपोर्टों में संस्थान की गतिविधियों को राष्ट्रीय सुरक्षा और राज्य की अखंडता के लिए खतरा बताया गया है। साथ ही यह भी आरोप है कि प्रतिबंधित संगठन से जुड़े लोग बिचौलियों के माध्यम से गुप्त रूप से सक्रिय थे और संस्थान के जरिए अपना प्रभाव बनाए हुए थे। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और एजेंसियां सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
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बंगाल चुनाव 2026: दूसरे चरण की वोटिंग शुरू, 142 सीटों पर जनता कर रही फैसला
नई दिल्ली | पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण शुरू होते ही सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है। मंगलवार सुबह से पश्चिम बंगाल की 142 सीटों पर मतदान जारी है, जहां करीब 3.21 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस चरण में 1448 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनकी किस्मत का फैसला आज जनता के हाथ में है।चुनाव आयोग ने इस बड़े मतदान प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए 41 हजार से अधिक मतदान केंद्र बनाए हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।वोटर लिस्ट पर जारी विवाद
इस चुनाव में मतदाता सूची को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। जानकारी के अनुसार, वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए 12.90 लाख से ज्यादा आवेदन लंबित थे, लेकिन अब तक बेहद कम आवेदनों को ही मंजूरी मिल सकी है। इस मुद्दे ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
पहले चरण में भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई थीं, जहां बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची में शामिल नहीं हो पाए थे। विपक्षी दलों ने इसे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जोड़कर सवाल उठाए हैं।क्यों अहम है दूसरा चरण?
दूसरे चरण को चुनाव का सबसे निर्णायक चरण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कई शहरी और राजनीतिक रूप से संवेदनशील इलाके शामिल हैं। कोलकाता, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हुगली और नदिया जैसे जिलों में मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है।
इन्हीं क्षेत्रों को चुनावी परिणामों का “गेम चेंजर” भी कहा जाता है, क्योंकि यहां के नतीजे अक्सर सत्ता की दिशा तय करते हैं।सियासी दावे और आरोप-प्रत्यारोप
चुनाव के इस चरण में प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का दावा है कि यह उसका मजबूत गढ़ है और यहां से उसे बड़ी जीत मिलेगी। वहीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का कहना है कि दक्षिण बंगाल में मजबूत प्रदर्शन के बिना सत्ता तक पहुंचना संभव नहीं है।मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर भी विवाद गहरा गया है। कई जिलों में लाखों नाम हटाए जाने का दावा किया गया है, जिस पर टीएमसी ने आरोप लगाया है कि अल्पसंख्यकों और प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया गया है। वहीं बीजेपी का कहना है कि यह कार्रवाई फर्जी और अवैध नामों को हटाने के लिए की गई है।निर्णायक साबित हो सकता है यह चरण
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल चुनाव का यह चरण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बड़े पैमाने पर मतदान, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सियासी घमासान के बीच यह चरण चुनाव के अंतिम परिणामों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। -

पेट्रोल 100 के पार, सोना-चांदी में नरमी-जानिए आज के ताजा भाव
नई दिल्ली | देशभर में आज 29 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन कुछ शहरों में पेट्रोल 110 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है, जिससे निवेशकों और आम लोगों दोनों की नजर बाजार पर बनी हुई है।पेट्रोल-डीजल की कीमतें: कहां कितना रेट?
तेल कंपनियां हर रोज सुबह 6 बजे नए रेट जारी करती हैं। आज भी कई शहरों में कीमतें स्थिर हैं, लेकिन राज्यों के हिसाब से फर्क देखने को मिल रहा है।दिल्ली: पेट्रोल ₹94.77 | डीजल ₹87.67
मुंबई: पेट्रोल ₹103.54 | डीजल ₹90.03
चेन्नई: पेट्रोल ₹100.80 | डीजल ₹92.39
कोलकाता: पेट्रोल ₹105.45 | डीजल ₹92.02
बेंगलुरु: पेट्रोल ₹102.92 | डीजल ₹90.99
अमरावती: पेट्रोल ₹110.10 | डीजल ₹97.92
जयपुर: पेट्रोल ₹104.88 | डीजल ₹90.36
लखनऊ: पेट्रोल ₹94.65 | डीजल ₹87.76क्या चुनाव के बाद बढ़ेंगी कीमतें?
सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और कंपनियों के नुकसान को देखते हुए भविष्य में बढ़ोतरी की अटकलें बनी हुई हैं।सोने की कीमत में गिरावट
देश में सोने के भाव में गिरावट आई है। 18 से लेकर 24 कैरेट तक सभी कैटेगरी में कीमतें नीचे आई हैं।दिल्ली: 24 कैरेट: ₹1,51,070 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट: ₹1,38,490 प्रति 10 ग्राम
मुंबई/कोलकाता: 24 कैरेट: ₹1,50,920
22 कैरेट: ₹1,38,340
चेन्नई: 24 कैरेट: ₹1,53,810
22 कैरेट: ₹1,40,990
बेंगलुरु/पुणे: 24 कैरेट: ₹1,50,920
22 कैरेट: ₹1,38,340क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मजबूत डॉलर के कारण सोने-चांदी पर दबाव बना है। जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो निवेशक बॉन्ड की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं, जिससे सोने-चांदी की मांग घटती है।चांदी भी हुई सस्ती
चांदी की कीमत में भी गिरावट दर्ज की गई है आज का भाव: ₹2,59,900 प्रति किलोग्राम, अंतरराष्ट्रीय बाजार: $73.18 प्रति औंस, एक तरफ जहां पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं, वहीं सोना और चांदी सस्ते हुए हैं। ऐसे में निवेश करने वालों के लिए यह अच्छा मौका हो सकता है, जबकि आम लोगों को ईंधन की कीमतों में राहत बनी हुई है। -

कश्मीर में शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर के समर्थन में लगे पोस्टर, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, जांच शुरू
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में संदिग्ध पोस्टर सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पुल डोडा क्षेत्र की एक दीवार पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर के समर्थन में पोस्टर चिपकाए जाने का मामला सामने आया है।इससे जुड़ी एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत जांच शुरू कर दी। वीडियो में दावा किया गया है कि ‘जम्मू कश्मीर यूथ मूवमेंट’ नाम के एक आजादी समर्थक संगठन ने यह पोस्टर लगाया है। पोस्टर में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने में पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की गई है और कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के मुद्दे पर पाकिस्तान के समर्थन के लिए आभार जताया गया है।
मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। एक रिपोर्ट के अनुसार, डोडा पुलिस ने BNS की धारा 353(1) के तहत केस (FIR नंबर 95/2026) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डोडा के डीएसपी कृष्ण रतन ने बताया कि वीडियो में आपत्तिजनक सामग्री है, जिससे क्षेत्र में तनाव या अफरा-तफरी फैल सकती है। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वायरल वीडियो असली है या फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है।
अब तक किसी भी संदिग्ध को हिरासत में नहीं लिया गया है, क्योंकि मौके से ऐसा कोई पोस्टर बरामद नहीं हुआ है। पुलिस वीडियो की जियो-टैग लोकेशन की भी जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना वास्तव में वहीं हुई या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही सच्चाई सामने लाने की कोशिश की जा रही है।
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मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर, भोपाल में मंगलवार रहा सीजन का सबसे गर्म दिन
भोपाल। मध्य प्रदेश में गर्मी लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। राज्य का प्रमुख पर्यटन स्थल खजुराहो इस समय सबसे ज्यादा तप रहा है, जहां मंगलवार को तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में भी पारा 43.6 डिग्री तक पहुंच गया, जो पिछले 10 वर्षों में दूसरा सबसे अधिक और इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा।मौसम में बदलाव का कारण सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन है, जिसकी वजह से राज्य के उत्तरी क्षेत्रों ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिली है। हालांकि, बुधवार को प्रदेश के 15 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, विदिशा, सागर, रायसेन, मंडला और छिंदवाड़ा शामिल हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) भोपाल केंद्र के अनुसार, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना और रीवा में दिन के समय लू का प्रभाव रहेगा, जबकि शाम के बाद मौसम में बदलाव के संकेत हैं। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, बालाघाट, सिवनी और बैतूल में भी वर्षा की संभावना जताई गई है।
भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष रूप से दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि इस समय लू का असर सबसे ज्यादा रहता है। भोपाल सहित कई शहरों में गर्मी का प्रभाव अभी जारी रहने वाला है।
मंगलवार को खजुराहो के अलावा कई शहरों में तापमान 44 डिग्री के पार दर्ज किया गया। सीधी में 44.6 डिग्री और श्योपुर में 44 डिग्री तापमान रहा। वहीं रायसेन में 43.8, उमरिया में 43.5, खंडवा में 43.4, मुरैना में 43.3, मंडला में 43.2 और रतलाम-दमोह में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल 43.6 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि इंदौर में 42.2, जबलपुर में 42.7 और ग्वालियर व उज्जैन में 41 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
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रोहित शर्मा की वापसी पर सस्पेंस, टॉस के समय होगा बड़ा फैसला
नई दिल्ली | आईपीएल 2026 में बुधवार को वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच होने वाले मुकाबले से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है क्या रोहित शर्मा मैदान पर उतरेंगे? फिलहाल इस पर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है और अंतिम फैसला टॉस के समय लिया जाएगा।टीम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, रोहित शर्मा की फिटनेस में लगातार सुधार देखा गया है, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाएगा या नहीं, यह मैच से ठीक पहले तय होगा। उनकी वापसी मुंबई के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, खासकर तब जब टीम इस सीजन में संघर्ष कर रही है।
रोहित शर्मा पिछले तीन मैचों से हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण टीम से बाहर हैं। उनकी गैरमौजूदगी में मुंबई ने कई ओपनिंग संयोजन आजमाए, लेकिन कोई भी सफल साबित नहीं हुआ। ओपनिंग जोड़ी की अस्थिरता टीम के खराब प्रदर्शन की एक बड़ी वजह रही है। पिछले मुकाबलों में डिकॉक के साथ नए चेहरों को मौका दिया गया, लेकिन टीम को अपेक्षित शुरुआत नहीं मिल सकी।
रोहित ने इस सीजन की शुरुआत शानदार अंदाज में की थी और कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ अर्धशतक जड़ा था। हालांकि, चौथे मैच में चोट के कारण उन्हें रिटायर हर्ट होना पड़ा और तब से वह मैदान पर वापसी नहीं कर सके हैं। उन्होंने अब तक खेले 4 मैचों में 137 रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक शामिल है।
अगर रोहित फिट होकर टीम में लौटते हैं, तो वह ओपनिंग में स्थिरता ला सकते हैं और टीम के बल्लेबाजी क्रम को मजबूती दे सकते हैं। उनकी मौजूदगी न सिर्फ रन बनाने में मदद करेगी, बल्कि टीम का मनोबल भी बढ़ाएगी।
मुंबई इंडियंस का इस सीजन में प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। टीम 7 मैचों में सिर्फ 2 जीत के साथ 4 अंक लेकर अंकतालिका में निचले पायदान पर है। कप्तान हार्दिक पांड्या, सूर्यकुमार यादव और जसप्रीत बुमराह जैसे बड़े खिलाड़ियों का फॉर्म में न होना भी टीम के लिए चिंता का विषय है।
अब स्थिति ऐसी बन गई है कि प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए मुंबई को अपने सभी बचे हुए मैच जीतने होंगे। ऐसे में रोहित शर्मा की वापसी टीम के लिए किसी “टर्निंग पॉइंट” से कम नहीं होगी।
कुल मिलाकर, फैंस की निगाहें अब टॉस पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो जाएगा कि मुंबई का सबसे अनुभवी बल्लेबाज इस अहम मुकाबले में टीम का हिस्सा होगा या नहीं।
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त्वचा पर आएगा हीरे जैसा नेचुरल निखार, अपनाएं ये ट्रिक
नई दिल्ली| आज के समय में ऐसे कई बड़े और महंगे प्रोडक्ट हैं जिनका उपयोग हम अपने चेहरे और त्वचा को चमकाने के लिए करते हैं। लेकिन कई बार पैसे ना होने की वजह से हम इन प्रोडक्ट को नहीं खरीदते हैं। लेकिन आप परेशान होने की बात नहीं है अगर आप अपनी त्वचा को और ज्यादा चमकना चाहती हैं तब आपके लिए एक छोटा सा नींबू ही काफी कारगर साबित हो सकता है बस इससे जुड़ा आपको यह उपाय और यह ट्रिक अपनाना चाहिए।नींबू के छिलके का कमाल
हम। अक्सर नींबू के रस का इस्तेमाल स्वाद के लिए करते हैं, लेकिन हम अक्सर उसके छिलकों को बेकार समझकर कूड़े में फेंक देते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है नींबू का छिलका ही आपके चेहरे और स्किन को काफी हद तक चमक सकता है। विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, नींबू के छिलके आपकी त्वचा के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। चलिए जानते हैं कैसे।नींबू के छिलके के फायदे
प्राकृतिक ब्लीच
ये त्वचा पर मौजूद काले धब्बे और दाग-धब्बे हल्के करने में मदद करते हैं।निखार
ये त्वचा में रक्त संचार को बढ़ाते हैं, जिससे चेहरे पर एक प्राकृतिक चमक आती है।रूखी हुई त्वचा हटाना
छिलकों का पाउडर रूखी त्वचा (डेड स्किन) हटाने के लिए एक बेहतरीन एक्सफ़ोलिएटर का काम करता है।इस प्रकार करें इस्तेमाल
आप नींबू के छिलके के पाउडर से एक फ़ेस पैक बना सकते हैं। इसके लिए, नींबू के छिलकों को धूप में सुखा लें और उन्हें पीसकर बारीक पाउडर बना लें। अब, इस पाउडर का 1 चम्मच, 1 चम्मच शहद और थोड़ा सा गुलाब जल मिलाकर एक मिश्रण तैयार कर लें। इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएँ, 15 मिनट तक लगा रहने दें, और फिर ठंडे पानी से धो लें।नींबू के छिलकों से करें मसाज
एक अच्छा नींबू लेने उसको काटकर उसके अंदरूनी हिस्से पर थोड़ी सी चीनी या शहद छिड़कें।हल्के हाथों से इसे अपने चेहरे पर धीरे-धीरे रगड़ें। इससे आपकी त्वचा से टैनिंग हटाने में मदद मिलेगी और त्वचा मुलायम महसूस होगी। इस प्रकार आप नींबू नींबू के छिलके से अपनी त्वचा का भरपूर ध्यान रख सकती हैं और उसे चमका सकती हैं। -

पंजाब पर जीत से आरआर की छलांग, तीसरे नंबर पर पहुंची टीम
नई दिल्ली | इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में मंगलवार की शाम मोहाली के न्यू पीसीए स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स (आरआर) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) को उसके ही घर में हरा दिया। यह पंजाब की इस सीजन की पहली हार रही, जबकि राजस्थान के लिए यह जीत बेहद अहम साबित हुई।223 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान ने जबरदस्त बल्लेबाजी का नमूना पेश किया और 19.2 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 228 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। टीम की इस जीत के हीरो रहे डोनोवन फरेरा, जिन्होंने सिर्फ 26 गेंदों पर नाबाद 52 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली और प्लेयर ऑफ द मैच बने।
इस जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स ने अंकतालिका में जबरदस्त छलांग लगाई है। अब टीम 9 मैचों में 12 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। हालांकि, हार के बावजूद पंजाब किंग्स 8 मैचों में 13 अंकों के साथ अब भी पहले स्थान पर काबिज है। दूसरे स्थान पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) है, जिसके 8 मैचों में 12 अंक हैं।
अंकतालिका में चौथे स्थान पर सनराइजर्स हैदराबाद है, जिसने 8 मैचों में 10 अंक हासिल किए हैं। वहीं गुजरात टाइटंस पांचवें, चेन्नई सुपर किंग्स छठे, दिल्ली कैपिटल्स सातवें, कोलकाता नाइट राइडर्स आठवें, मुंबई इंडियंस नौवें और लखनऊ सुपर जायंट्स दसवें स्थान पर मौजूद हैं।
गौर करने वाली बात यह है कि कई टीमों के अंक समान होने के बावजूद उनकी रैंकिंग नेट रन रेट के आधार पर तय हो रही है, जिससे अंकतालिका और भी दिलचस्प बन गई है।
इस मुकाबले के बाद ऑरेंज कैप की दौड़ में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राजस्थान रॉयल्स के 15 वर्षीय युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर यह कैप अपने नाम कर ली है। पंजाब के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 16 गेंदों पर 43 रन बनाए और अब 9 मैचों में उनके कुल 400 रन हो गए हैं। इस दौरान उन्होंने 37 छक्के और 34 चौके जड़कर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन किया है।
वहीं पर्पल कैप फिलहाल भुवनेश्वर कुमार के पास है, जो रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए 8 मैचों में 14 विकेट हासिल कर चुके हैं।
कुल मिलाकर, आईपीएल 2026 का यह मुकाबला न सिर्फ रोमांचक रहा, बल्कि इसने अंकतालिका और व्यक्तिगत पुरस्कारों की दौड़ को भी और ज्यादा दिलचस्प बना दिया है।
