Author: bharati

  • होली पर बसें थमेंगी: नई परिवहन नीति के विरोध में 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल

    होली पर बसें थमेंगी: नई परिवहन नीति के विरोध में 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल


    जबलपुर । मध्यप्रदेश में होली के त्यौहार से पहले बसों के पहिए थम सकते हैं। बस एसोसिएशन ने 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। संगठन ने यह कदम नई परिवहन नीति के विरोध में उठाया है। इसके कारण पूरे प्रदेश में त्योहार के दौरान सार्वजनिक परिवहन बाधित रहेगा, और यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ सकते हैं।

    बस एसोसिएशन का आरोप है कि नई नीति के तहत बसों का राष्ट्रीयकरण कर छोटे बस मालिकों को बाहर किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि नई पॉलिसी में परमिट का काम एक ही कंपनी को सौंपा जा रहा है और मल्टीनेशनल कंपनियों के आने से छोटे बस मालिक किराएदार बन जाएंगे। इसके अलावा, निजी बसों के परमिट रद्द कर उन्हें अनुबंध पर चलाने की योजना बनाई जा रही है। बस मालिकों का आरोप है कि सरकार बस संचालकों का शोषण कर उन्हें कमजोर करने पर तुली है।

    नई परिवहन नीति में बस संचालन को पूरी तरह डिजिटल मॉनिटरिंग के तहत रखा जाएगा। बसों में अतिरिक्त यात्रियों को बैठने पर पाबंदी रहेगी और ओवरलोडिंग रोकने के लिए चालान का प्रावधान होगा। नीति के अनुसार किसी भी रूट का किराया परिवहन विभाग तय करेगा और बस संचालन के दौरान सरकार का पूरा नियंत्रण रहेगा।

    बस मालिकों और सरकार के बीच विवाद के कारण होली पर यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। त्योहार के दौरान घर लौटने वाले लोग समय से पहले अपने यात्रा प्रबंध करने को मजबूर हैं, क्योंकि हड़ताल की अनिश्चित अवधि को देखते हुए बसों की उपलब्धता नहीं रहेगी।

  • दिल्ली में सड़क हादसे: 2025 में 649 मौतें, 1,738 घायल, पैदल यात्री सबसे असुरक्षित

    दिल्ली में सड़क हादसे: 2025 में 649 मौतें, 1,738 घायल, पैदल यात्री सबसे असुरक्षित


    नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी में सड़क हादसों ने 2025 में चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जनवरी 2026 के न्यूजलेटर के अनुसार बीते साल 649 लोगों की मौत हुई और 1 738 लोग घायल हुए। इनमें पैदल यात्रियों की संख्या सबसे अधिक रही। आंकड़े बताते हैं कि निजी कारों की चपेट में आने से 92 दोपहिया वाहनों से 75 और भारी वाहनों से 43 पैदल यात्रियों की मौत हुई।

    तेज रफ्तार लापरवाही यातायात नियमों का उल्लंघन और सुरक्षित पारपथों की कमी हादसों के मुख्य कारण हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने 13 जनवरी को दोपहिया वाहनों की जागरूकता रैली का आयोजन किया। इस रैली में 70 पुलिस कर्मियों और 200 से अधिक लोग शामिल हुए। रैली का उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों के बीच सड़क सुरक्षा नियमों और हेलमेट के इस्तेमाल के प्रति जागरूकता फैलाना था। अधिकारियों ने जोर दिया कि आईएसआई प्रमाणित हेलमेट पहनना अनिवार्य है।

    सड़क सुरक्षा सुधारने के लिए सख्ती भी बढ़ाई गई। दिसंबर 2025 में गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ 42 945 चालान किए गए जो पिछले साल के 8 854 मामलों से कई गुना अधिक है। इनमें दोपहिया वाहन चालक सबसे आगे थे जिनके खिलाफ 30 224 चालान किए गए। जनवरी 2026 में पहली बार भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 के तहत 173 FIR दर्ज की गईं। इस धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर छह महीने तक की कैद या 1 000 रुपये तक का जुर्माना और वाहन ज़ब्त किया जा सकता है।

    ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि गलत दिशा में वाहन चलाना सड़क हादसों की बड़ी वजह है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें सतर्क रहें और सुरक्षित ड्राइविंग अपनाएं। सड़क पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब सबसे बड़ा चुनौती बन चुका है।
    यह आंकड़े और उपाय दर्शाते हैं कि दिल्ली में सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए केवल कानून नहीं बल्कि जागरूकता और बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर भी उतना ही जरूरी है

  • बोलीविया में नोटों से भरा कार्गो विमान हुआ क्रैश, 15 लोगों की मौत…

    बोलीविया में नोटों से भरा कार्गो विमान हुआ क्रैश, 15 लोगों की मौत…


    ला पाज।
    बोलीविया (Bolivia) की राजधानी ला पाज (La Paz) के पास शुक्रवार को बड़ा विमान हादसा (Major Plane Crash) हो गया. नकदी से भरा एक कार्गो विमान (Cargo Plane) उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद क्रैश हो गया. हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. फायर चीफ पावेल टोवर ने बताया कि अभी यह साफ नहीं है कि मरने वाले लोग विमान में सवार थे या फिर हाईवे पर चल रहे वाहनों में मौजूद थे. विमान ला पाज़ एयरपोर्ट से उड़ान भर रहा था, तभी रनवे से फिसलकर एल आल्टो शहर की ओर बढ़ गया और सड़क पर चल रहे कई वाहनों से टकरा गया।


    प्लेन में किसके रुपये भरे थे?

    यह हरक्यूलिस विमान बोलीविया वायुसेना का था और सेंट्रल बैंक से नई छपी करेंसी देश के अन्य शहरों में ले जा रहा था. यानी यह बैंकों को मिलने वाला नोट था. टेकऑफ के तुरंत बाद विमान रनवे से फिसल गया और एल आल्टो शहर के पास हाईवे पर जा गिरा. हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. कई वाहन भी इसकी चपेट में आ गए. हादसे के बाद विमान में आग लग गई और सड़क पर मलबा बिखर गया. लेकिन इसी बीच एक और चौंकाने वाला दृश्य सामने आया. विमान में मौजूद बड़ी मात्रा में नकदी सड़क पर बिखर गई।

    नोट बटोरने के लिए टूट पड़े लोग
    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग नोट बटोरने के लिए मौके पर टूट पड़े. कुछ लोग जलते मलबे के पास तक पहुंच गए. पुलिस दंगा-रोधी गियर में पहुंची और भीड़ को हटाने की कोशिश की. जहां एक ओर दमकलकर्मी आग बुझाने और राहत कार्य में जुटे थे, वहीं दूसरी ओर कई लोग जमीन पर पड़े नोट समेटने में लगे थे. प्रशासन ने हादसे के बाद एयरपोर्ट से उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दीं और जांच शुरू कर दी है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दुर्घटना की असली वजह क्या थी।

  • दुनिया पर कर्ज के बोझ बढ़कर रिकॉर्ड 348 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा, US-चीन सबसे आगे

    दुनिया पर कर्ज के बोझ बढ़कर रिकॉर्ड 348 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा, US-चीन सबसे आगे


    वॉशिंगटन।
    वैश्विक अर्थव्यवस्था (Global Economy) के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। वॉशिंगटन स्थित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान Institute of International Finance (IIF) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 के अंत तक दुनिया का कुल कर्ज बढ़कर रिकॉर्ड 348 ट्रिलियन डॉलर (Record $348 trillion) तक पहुंच गया है। यह वृद्धि कोविड-19 महामारी (COVID-19 Pandemic) के बाद सबसे तेज मानी जा रही है, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन का सबसे बड़ा योगदान रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और चीन के तेजी से कर्ज बढ़ाने से ग्लोबल कर्ज में सिर्फ एक साल में करीब 29 ट्रिलियन डॉलर का नया कर्ज जुड़ा है। इसमें 10 ट्रिलियन डॉलर से अधिक सरकारी उधारी रही। अमेरिका, चीन और यूरो जोन ने मिलकर कुल कर्ज वृद्धि में लगभग तीन-चौथाई हिस्सा जोड़ा है, जिससे वैश्विक वित्तीय संतुलन पर दबाव और बढ़ गया है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन से निपटने और बुनियादी ढांचे में भारी निवेश के कारण कर्ज तेजी से बढ़ रहा है। यह “कैपिटल एक्सपेंडिचर सुपर साइकिल” आने वाले वर्षों में भी कर्ज बढ़ाने वाला प्रमुख कारक बना रह सकता है। इस रिपोर्ट में चीन की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया है, जहां सरकारी कर्ज GDP के 88.4% से बढ़कर 96.8% तक पहुंच गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका अकेले वैश्विक सार्वजनिक ऋण (Global Public Debt) के एक-तिहाई से अधिक हिस्से के लिए जिम्मेदार है। चीन इस सूची में दूसरे स्थान पर है, जिसका सरकारी कर्ज लगभग 18.68 ट्रिलियन डॉलर है।


    2031 तक US का कर्ज GDP का 140% तक पहुंच सकता है

    रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका में यह आंकड़ा और अधिक है, जो जीडीपी के 122% से भी ऊपर चला गया है। इसके अलावा International Monetary Fund (IMF) ने भी चेतावनी दी है कि अमेरिका का बढ़ता सार्वजनिक कर्ज वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए गंभीर जोखिम बन सकता है। IMF के अनुसार, यदि यही रुझान जारी रहा तो 2031 तक अमेरिका का कर्ज GDP के 140% तक पहुंच सकता है। संस्था ने अमेरिकी सरकार को तत्काल और ठोस वित्तीय सुधार (fiscal consolidation) लागू करने की सलाह दी है।


    ट्रंप का टैरिफ दांव भी बेअसर

    साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन स्थित संस्था ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ से कर्ज के बढ़ते ट्रेंड को पलटने के लिए कोई उल्लेखनीय आमदनी नहीं हो पायी है और इससे “अफ़ोर्डेबिलिटी की चिंताएँ बढ़ गई हैं। इसमें आगे कहा गया है कि 2036 तक जनता पर मौजूद US फ़ेडरल कर्ज में और 20 परसेंट पॉइंट की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जो GDP के 120 परसेंट से ज़्यादा हो जाएगा।


    वैश्विक स्तर पर अमेरिकी बॉन्ड्स में भरोसा कायम

    हालांकि, बढ़ते कर्ज के बावजूद अमेरिकी ट्रेजरी बाजार अब भी निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बना हुआ है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर अमेरिकी बॉन्ड्स में भरोसा कायम है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि वैश्विक स्तर पर कर्ज-से-GDP अनुपात लगातार पांचवें साल घटकर 308% पर आ गया है, लेकिन उभरती अर्थव्यवस्थाओं में यह अनुपात रिकॉर्ड 235% से अधिक पहुंच गया है, जो भविष्य में वित्तीय अस्थिरता का संकेत दे सकता है।

  • मॉरीशस ने मालदीव के साथ तोड़े सभी राजनयिक रिश्ते, चागोस द्वीप विवाद बना वजह

    मॉरीशस ने मालदीव के साथ तोड़े सभी राजनयिक रिश्ते, चागोस द्वीप विवाद बना वजह


    नई दिल्ली/माले। मॉरीशस सरकार ने शुक्रवार 27 फरवरी को एक बड़ा कूटनीतिक फैसला लिया और मालदीव के साथ अपने सभी राजनयिक संबंधों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कदम मालदीव के चागोस द्वीप समूह की संप्रभुता को लेकर बदलते रुख के बाद उठाया गया। ध्यान दें कि दोनों देश भारत के मित्र हैं।

    विवाद का कारण

    मॉरीशस के विदेश मंत्रालय के अनुसार मालदीव ने हाल ही में चागोस द्वीप समूह पर मॉरीशस की संप्रभुता को मान्यता देना बंद कर दिया है। साथ ही मालदीव ने मॉरीशस और ब्रिटेन के बीच चागोस को लेकर हुए हालिया समझौते पर आपत्ति जताई। मॉरीशस की कैबिनेट ने इस कदम को राष्ट्रीय हितों की रक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन के लिए आवश्यक बताया।

    मालदीव का रुख

    मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मुइज्जू ने 5 फरवरी को स्टेट ऑफ द नेशन संबोधन में कहा कि चागोस पर मालदीव का दावा मॉरीशस या किसी अन्य देश से अधिक मजबूत है। उन्होंने 2022 में मालदीव की पिछली सरकार द्वारा मॉरीशस की मान्यता को औपचारिक रूप से वापस ले लिया और इसे समुद्री हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया।

    चागोस द्वीप समूह: विवाद की पृष्ठभूमि

    चागोस द्वीप समूह हिंद महासागर में स्थित 60 से अधिक छोटे द्वीपों का समूह है जिसमें सबसे बड़ा डिएगो गार्सिया है। रणनीतिक रूप से इसका महत्व बहुत अधिक है क्योंकि यहां से मध्य पूर्व दक्षिण एशिया और अफ्रीका पर सैन्य और सुरक्षा निगरानी आसान है।

    1965 में ब्रिटेन ने मॉरीशस से चागोस को अलग कर दिया और इसे ब्रिटिश-हिंद महासागर क्षेत्र का हिस्सा बना दिया। डिएगो गार्सिया पर अमेरिका ने 1966 में 50 साल के पट्टे पर सैन्य अड्डा बनाया जो आज भी अमेरिकी रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है। इसके लिए ब्रिटेन ने 1967-1973 के बीच द्वीप के 1,500–2,000 मूल निवासियों को मॉरीशस और सेशेल्स में विस्थापित कर दिया।

    अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप

    मॉरीशस ने दशकों तक चागोस पर अपनी संप्रभुता के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी। 2019 में ICJ ने ब्रिटेन को द्वीप को मॉरीशस को सौंपने की सलाह दी। UN महासभा ने भी ब्रिटेन से मॉरीशस को चागोस सौंपने का प्रस्ताव पारित किया।

    हालिया ब्रिटेन-मॉरीशस समझौता

    ब्रिटेन और मॉरीशस ने समझौता किया जिसमें मॉरीशस की संप्रभुता को मान्यता दी गई लेकिन डिएगो गार्सिया पर अमेरिकी सैन्य बेस लंबे पट्टे (99 साल) के तहत संचालित होता रहेगा।

    मालदीव का विवाद
    मालदीव ने अब चागोस पर मॉरीशस की संप्रभुता और ब्रिटेन के साथ हुए समझौते पर आपत्ति जताई। इससे मॉरीशस ने मालदीव के साथ सभी राजनयिक संबंध तोड़ दिए।

  • अफगानिस्तान ने पाकिस्तान में सैन्य ठिकानों को किया ध्‍वस्‍त, दी सख्त चेतावनी

    अफगानिस्तान ने पाकिस्तान में सैन्य ठिकानों को किया ध्‍वस्‍त, दी सख्त चेतावनी


    नई दिल्ली। दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक तनाव अब गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। शुक्रवार सुबह अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान की सीमा के भीतर कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस कदम ने दोनों देशों के बीच तनाव को संभावित पूर्ण युद्ध की स्थिति में खड़ा कर दिया है।

    हवाई हमले का विवरण

    अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार हमला शुक्रवार सुबह लगभग 11:00 बजे किया गया। तालिबानी लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान की सीमा के भीतर गहरी पैठ बनाते हुए राजधानी इस्लामाबाद के पास फैजाबाद के सैन्य शिविर नौशेरा के सैन्य मुख्यालय जम़रुद की सैन्य टाउनशिप और एबटाबाद के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। प्रवक्ता इनायतुल्ला ख्वारज्मी ने कहा ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। हमने पाकिस्तान सेना के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण केंद्रों और सुविधाओं को ध्वस्त किया।तालिबान प्रशासन ने इस हमले को प्रतिशोध बताया। अफगान अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान ने हाल ही में अफगान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था और यह कार्रवाई उसी का जवाब है।

    सख्त चेतावनी

    अफगान सेना के प्रमुख फसीहुद्दीन फितरत ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि यदि कोई भी सैन्य गतिविधि दोबारा हुई तो जवाब और भी भयानक होगा। उन्होंने कहा हम किसी भी आक्रामकता का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेंगे। अगर हमला दोहराया गया तो इस्लामाबाद समेत अन्य प्रमुख शहर भी निशाने पर होंगे।”

    सीमा पर तैयारियाँ

    सिर्फ हवाई हमले तक सीमित नहीं अफगान सेना ने सीमावर्ती इलाकों में टैंक और भारी हथियार तैनात कर दिए हैं। किसी भी संभावित जवाबी हमले के लिए इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। सुरक्षा विश्लेषक अब्दुल सादिक हामिदजोय का कहना है कि तालिबान पिछले चार दशकों से युद्धरत रहे हैं और उनके पास आधुनिक सैन्य क्षमताओं से निपटने का अनुभव है।

    बढ़ता क्षेत्रीय संकट

    काबुल और इस्लामाबाद की इस भिड़ंत ने वैश्विक समुदाय की चिंताएं बढ़ा दी हैं। दोनों देश एक-दूसरे पर आतंकवाद को पनाह देने और जवाबी हमलों के आरोप लगाते रहे हैं। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि यह संघर्ष तुरंत नियंत्रित नहीं हुआ तो यह पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए खतरा बन सकता है। फिलहाल पाकिस्तान की ओर से हमले के नुकसान को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं।

  • होली पर मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश की संभावना, पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ के चलते बदलेगा मौसम

    होली पर मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश की संभावना, पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ के चलते बदलेगा मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में होली के दिनों में आंधी और बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 मार्च से हिमालयी क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय हो रहा है, जिसका असर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में महसूस हो सकता है।IMD भोपाल की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में पश्चिमी भारत में दो सक्रिय चक्रवातिक प्रणाली और एक ट्रफ सक्रिय हैं। इस वजह से शुक्रवार को भोपाल समेत कई जिलों में बादल छाए रहे, हालांकि तापमान पर इसका खास असर नहीं पड़ा।

    गर्मी का असर: तापमान 34°C पार
    आंधी-बारिश और ओलों के दौर के बाद प्रदेश में अप्रैल जैसी गर्मी देखने को मिली। शुक्रवार को कई शहरों में दिन का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के ऊपर दर्ज किया गया, जबकि रात का तापमान 18 डिग्री से अधिक रहा। पचमढ़ी में 27.6°C, खरगोन में 34.8°C (सबसे गर्म), भोपाल में 32.4°C, इंदौर में 31.2°C, ग्वालियर में 32.7°C, उज्जैन और जबलपुर में 33°C दर्ज किया गया। रात के तापमान में पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा (9.6°C), जबकि सागर और नर्मदापुरम में क्रमशः 18.4°C और 18.2°C दर्ज हुआ। श्योपुर, सिवनी, गुना, खंडवा-टीकमगढ़ में रात का पारा 16°C और रतलाम-धार में 17°C या उससे अधिक रहा।

    20 जिलों में प्रभावित मौसम

    24-25 फरवरी को सक्रिय चक्रवात और ट्रफ की वजह से 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी-बारिश रही, कुछ जगहों पर ओले भी गिरे। इससे गेहूं और चने की फसलों पर असर पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को मौसम साफ रहेगा और किसी भी जिले में बारिश का कोई अलर्ट नहीं है।

  • Holi: होली पर दो बड़े राजयोग, ये चार राशि के जातक बनेंगे धनवान, जीवन में आएगी खुशहाली

    Holi: होली पर दो बड़े राजयोग, ये चार राशि के जातक बनेंगे धनवान, जीवन में आएगी खुशहाली


    नई दिल्ली। इस बार होली सिर्फ रंग और खुशियां ही नहीं बल्कि चुनिंदा राशियों के लिए सुनहरी किस्मत भी लेकर आ रही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार होली के दिन कुंभ राशि में सूर्य बुध और शुक्र की दुर्लभ संगति देखने को मिलेगी। इस समय कुंभ राशि में बन रहे ‘बुधादित्य’ और ‘शुक्रादित्य’ नामक दो शक्तिशाली राजयोग होली के दिन अपने चरम पर होंगे। इन राजयोगों का प्रभाव चार राशियों के जातकों पर ऐसा पड़ेगा कि धन सफलता और सुख-समृद्धि की बौछार उनके जीवन में रंग भर देगी।

    मेष राशि

    मेष राशि के जातकों के लिए यह होली आर्थिक समृद्धि और भाग्य का समय लेकर आ रही है। कहीं फंसा हुआ पैसा अचानक वापस मिल सकता है और पुराने निवेश अब मुनाफे के रूप में सामने आएंगे। संतान की ओर से कोई गौरवशाली समाचार मिलने की संभावना है। ससुराल पक्ष से रिश्तों में मधुरता आएगी और लंबे समय से सोचे हुए प्रोजेक्ट्स अब हकीकत में बदलने का समय है।

    सिंह राशि
    सिंह राशि वालों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है। धन के नए स्रोत खुलेंगे और बैंक बैलेंस तेजी से बढ़ेगा। अगर कोई पुरानी बीमारी परेशान कर रही थी तो राहत मिलेगी। नई व्यावसायिक शुरुआत के लिए समय बेहद शुभ है साथ ही प्रॉपर्टी के लेन-देन में भी बड़ा लाभ मिल सकता है। घर का माहौल खुशहाल रहेगा और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

    तुला राशि

    तुला राशि के जातकों पर ‘शुक्रादित्य’ और ‘बुधादित्य’ दोनों राजयोग मेहरबान रहने वाले हैं। अटके हुए सरकारी या निजी काम अब गति पकड़ेंगे और नौकरी की तलाश में थके लोग मनचाहा अवसर प्राप्त करेंगे। बिजनेस में कोई बड़ी पार्टनरशिप या डील फाइनल हो सकती है। परिवार के साथ धार्मिक या मनोरंजक यात्रा के योग भी बन रहे हैं।

    धनु राशि

    धनु राशि वालों के लिए यह होली करियर में बड़ी उपलब्धि का संकेत देती है। वर्किंग प्रोफेशनल्स को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के प्रबल संकेत हैं। लंबे समय से चल रहा पैतृक संपत्ति का विवाद अब आपके पक्ष में सुलझ सकता है जिससे वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। मामा पक्ष से आर्थिक या मानसिक सहयोग मिलेगा और कानूनी मामलों में चल रही भागदौड़ समाप्त होगी। अंततः आपको मानसिक शांति का अनुभव होगा।

  • 16 मार्च से इन 3 राशियों की चकेगी किस्मत, मंगल-चंद्र की युति से होगी धन और सफलता की बौछार

    16 मार्च से इन 3 राशियों की चकेगी किस्मत, मंगल-चंद्र की युति से होगी धन और सफलता की बौछार


    नई दिल्ली। 16 मार्च 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से भाग्य बदलने वाला साबित हो सकता है। द्रिक पंचांग के अनुसार इस दिन ग्रहों के सेनापति मंगल और मन के कारक चंद्रमा मिलकर महालक्ष्मी राजयोग बना रहे हैं जिसे धन ऐश्वर्य और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस राजयोग का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा लेकिन खासतौर पर तीन राशियों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में अप्रत्याशित सुधार देखने को मिलेगा।

    महालक्ष्मी राजयोग क्या है?

    जब कुंडली में मंगल और चंद्रमा एक दूसरे के केंद्र या त्रिकोण भाव में होते हैं या एक दूसरे पर शुभ दृष्टि डालते हैं तो महालक्ष्मी राजयोग बनता है। मंगल साहस ऊर्जा और संपत्ति का प्रतीक है जबकि चंद्रमा मन शीतलता और धन का कारक। इन दोनों ग्रहों की युति से जातक को केवल आर्थिक लाभ नहीं मिलता बल्कि समाज में पद प्रतिष्ठा और मान सम्मान भी बढ़ता है।

    वृषभ राशि के लिए अवसर

    वृषभ राशि के जातकों के लिए यह राजयोग किसी वरदान से कम नहीं है। पुराने निवेशों से अब बड़े लाभ मिलने की संभावना है वहीं नौकरीपेशा लोग बॉस से तारीफ और बढ़ी हुई सैलरी की खुशखबरी पा सकते हैं। अधूरे काम पूरे होंगे और यदि इच्छा हो तो नई प्रॉपर्टी या गाड़ी खरीदने का मन बन सकता है।

    कर्क राशि का सुनहरा समय

    कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय मेहनत का मीठा फल देने वाला है। करियर में उन्नति और व्यवसाय में बड़ी डील मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और परिवारिक तनाव कम होगा। रुके प्रोजेक्ट्स फिर से पटरी पर लौट आएंगे और दोस्तों का सहयोग मिलेगा।

    वृश्चिक राशि को मिलेगा गोल्डन पीरियड
    वृश्चिक राशि के लिए यह समय प्रोफेशनल लाइफ में ‘गोल्डन पीरियड’ जैसा रहेगा। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी लोग आपकी सलाह मानेंगे और कानूनी या पुराने विवादों में लाभ मिलने की संभावना है। व्यापार बढ़ाने के लिए कर्ज आसानी से मिल जाएगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगेगी।
    इस महालक्ष्मी राजयोग का पूरा लाभ उठाने के लिए 16 मार्च को लक्ष्मी जी के सामने घी का दीपक जलाना और “ॐ महालक्ष्म्यै नमः” का जाप करना शुभ माना गया है।
  • होली पर चंद्र ग्रहण का साया, सूतक काल ने बदला होलिका दहन का समय, जानें पूजा का सही मुहूर्त

    होली पर चंद्र ग्रहण का साया, सूतक काल ने बदला होलिका दहन का समय, जानें पूजा का सही मुहूर्त


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में होलिका दहन का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, लेकिन इस साल 3 मार्च 2026 को होलिका दहन पर भद्रा और चंद्र ग्रहण का एक साथ होना चिंता का विषय बना हुआ है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भद्रा काल और ग्रहण का सूतक काल दोनों ही समय किसी भी मांगलिक या शुभ कार्य के लिए वर्जित माने जाते हैं।

    ऐसे में भक्तों के मन में यह सवाल है कि दोष से बचने के लिए होलिका कब जलाई जाए। पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 3 मार्च को शाम 05:07 बजे समाप्त हो जाएगी, लेकिन शास्त्रों के नियम और ग्रहण की शुद्धि के अनुसार ही दहन का समय तय करना उचित रहेगा।

    सूतक काल और चंद्र ग्रहण का प्रभाव

    भारतीय के समय के अनुसार, 3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण का प्रभाव शाम 06:26 बजे चंद्रोदय के साथ ही दिखने लगेगा और यह शाम 06:46 बजे समाप्त होगा। हालांकि, ग्रहण की विभिन्न अवस्थाएं दोपहर 02:16 बजे से ही शुरू हो जाएंगी, लेकिन सूतक काल का विशेष महत्व होता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सूतक काल सुबह 09:39 बजे से ही प्रारंभ हो जाएगा, जो शाम 06:46 बजे ग्रहण की समाप्ति तक रहेगा। सूतक काल के दौरान किसी भी प्रकार की पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान की मनाही होती है, इसलिए होलिका दहन की रस्में शाम 06:46 बजे के बाद ही की जानी चाहिए।

    भद्रा का समय और दहन का मुहूर्त

    होलिका दहन के लिए भद्रा का विचार करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि भद्रा मुख में किया गया दहन अशुभ फल दे सकता है। इस वर्ष 3 मार्च को भद्रा देर रात यानी 4 मार्च की सुबह 01:25 बजे से शुरू होगी। इसलिए शाम के समय भद्रा का कोई दोष नहीं रहेगा।

    होलिका दहन का सबसे सटीक और शुभ मुहूर्त शाम 06:47 बजे (ग्रहण समाप्ति) के बाद से लेकर रात 08:50 बजे तक रहेगा। यह वह समय है जब आप बिना किसी भय या दोष के होलिका दहन कर सकते हैं। ग्रहण के तुरंत बाद किया गया यह दहन नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने की प्रबल संभावना रखता है।

    दोष से मुक्ति के सरल नियम

    भद्रा और सूतक के दोष से बचने के लिए सहजता के साथ कुछ नियमों का पालन करना चाहिए। ग्रहण काल के दौरान ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का निरंतर मानसिक जाप करते रहें, जिससे वातावरण की नकारात्मकता का आप पर प्रभाव न पड़े। शाम को ग्रहण समाप्त होने के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें और फिर शुद्ध मुहूर्त में होलिका पूजन करें।

    होलिका की अग्नि में अनाज और नारियल अर्पित करना घर में सुख-शांति लाता है। माना जाता है कि इन नियमों का पालन करने से किसी भी प्रकार के ग्रहों की उग्रता शांत होती है और घर के संचालन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।