Author: bharati

  • स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मामले में ओपी राजभर का बड़ा बयान, कहा फिर चोला छोड़कर

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मामले में ओपी राजभर का बड़ा बयान, कहा फिर चोला छोड़कर


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओमप्रकाश राजभर ने बड़ा राजनीतिक बयान दिया है. एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत में उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अगर किसी को राजनीति करनी है और राजनीतिक नेताओं पर आरोप लगाने हैं तो फिर चोला छोड़कर कुर्ता-पायजामा पहनकर सीधे राजनीति के मैदान में आना चाहिए. मेरठ पहुंचे राजभर ने कहा कि बटुकों के साथ हुई मारपीट गलत थी लेकिन उस घटना के पीछे की सच्चाई भी समझनी चाहिए.

    सदानंद सरस्वती ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का किया समर्थन

    इस बीच मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के सूखाखैरी ग्राम में आयोजित श्री रामचरितमानस एवं विष्णु यज्ञ कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य सदानंद सरस्वती ने बिना नाम लिए अपने गुरुभाई अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि हमारे आचार्यों के प्रति ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए जिससे सनातन धर्म को ठेस पहुंचे. उन्होंने यह भी कहा कि देश के अनेक हिंदू मंदिर सरकार के अधीन हैं जबकि अन्य धर्मों के धार्मिक स्थलों पर ऐसा नियंत्रण नहीं है क्या यह अन्याय नहीं है.  गो रक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस विषय पर होने वाले आंदोलनों को कुचलना या किसी प्रकार का षड्यंत्र करना उचित नहीं है. अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि कल्पना कभी सिद्ध नहीं होती सत्य को प्रताड़ित किया जा सकता है पराजित नहीं किया जा सकता.

    साध्वी ने आरोपों को बताया गलत

    इन सबके बीच शंकराचार्य के मठ में रहने वाली साध्वी श्री अम्बा ने शंकराचार्य पर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है. उन्होंने कहा कि जिन व्यक्ति ने आरोप लगाए हैं वही स्वयं दोषी हैं और सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है. साध्वी ने कहा कि इन आरोपों से मठ से जुड़े सभी लोग बेहद दुखी और आहत हैं. मठ परिसर की ओर इशारा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां किसी भी प्रकार का स्विमिंग पूल नहीं है और झूठे तथ्यों के आधार पर भ्रम फैलाया जा रहा है.

  • Arjun Tendulkar Wedding: अर्जुन-सानिया की शादी की तैयारियां शुरू, सचिन ने बेटे को लेकर कही दिल छू लेने वाली बात

    Arjun Tendulkar Wedding: अर्जुन-सानिया की शादी की तैयारियां शुरू, सचिन ने बेटे को लेकर कही दिल छू लेने वाली बात


    नई दिल्ली । सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. अर्जुन की प्री-वेडिंग रस्में शुरू हो चुकी हैं और परिवार में जश्न का माहौल है. उनकी शादी सानिया चांदोक के साथ 5 मार्च 2026 को होने की उम्मीद है.

    सचिन ने दिया खास संदेश

    हाल ही में आईपीएल फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस ने अर्जुन और सानिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जिसमें दोनों साथ नजर आ रहे हैं. वीडियो में सचिन तेंदुलकर ने अपने बेटे के लिए भावुक संदेश भी दिया है. उन्होंने कहा कि जब बेटा किसी लड़की को घर पर मिलवाने लाता है तो समझ में जाता है कि वह अब बड़ा हो गया है. सचिन ने यह भी कहा कि दोनों एक-दूसरे के प्यार में पूरी तरह डूबे हुए लगते हैं और उन्हें अर्जुन पर गर्व है कि उसने अपने लिए एक खास साथी चुना.

    अगले महीने शादी के बंधन में बंधेंगे दोनो

    अर्जुन और सानिया की सगाई अगस्त 2025 में हुई थी. सानिया चांदोक एक सफल उद्यमी हैं और मुंबई के कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखती हैं. बताया जाता है कि वह काफी समय से तेंदुलकर परिवार के करीब रही हैं.

    क्रिकेट करियर में भी बना रहे हैं अलग पहचान

    क्रिकेट की बात करें तो अर्जुन तेंदुलकर ने घरेलू क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज और उपयोगी बल्लेबाज के रूप में उन्होंने गोवा की ओर से रणजी ट्रॉफी खेलते हुए अपने डेब्यू मैच में शतक जड़ा था. इस उपलब्धि के साथ उन्होंने अपने पिता की तरह पहले ही फर्स्ट क्लास मैच में सेंचुरी बनाने का रिकॉर्ड बनाया.

    आईपीएल में अर्जुन ने मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई थी. अब वह अगले सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स की जर्सी में नजर आएंगे क्योंकि हाल ही में उन्हें ट्रेड किया गया है. फिलहाल तेंदुलकर परिवार में खुशियों का माहौल है. क्रिकेट के मैदान से हटकर अर्जुन अपनी जिंदगी की नई पारी शुरू करने जा रहे हैं और फैंस भी इस खास मौके का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

  • छुट्टी कैंसिल तो GenZ का काउंटर अटैक! एयरपोर्ट से बोलीं अब 10 दिन बाद ही खुलेगा लैपटॉप

    छुट्टी कैंसिल तो GenZ का काउंटर अटैक! एयरपोर्ट से बोलीं अब 10 दिन बाद ही खुलेगा लैपटॉप


    नई दिल्ली । कल्पना कीजिए आप बोर्डिंग गेट पर खड़े हों बैग पैक हो चुका हो दोस्त डेस्टिनेशन पर पहुंच चुके हों और तभी फोन पर मैसेज आए कि आपकी छुट्टी रद्द कर दी गई है। आमतौर पर ऐसी स्थिति में लोग या तो गुस्से में कॉल मिलाते हैं या मैनेजर से बहस कर समाधान निकालने की कोशिश करते हैं। लेकिन एक GenZ कर्मचारी ने इस पूरे मामले को अलग ही अंदाज में संभाला। बहस करने के बजाय उन्होंने एयरपोर्ट से ही वीडियो रिकॉर्ड किया और साफ शब्दों में कहा अब मेरा लैपटॉप 10 दिन बाद ही खुलेगा। यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और वर्क-लाइफ बैलेंस पर नई बहस छेड़ चुका है।

    पहले से दी थी सूचना फिर भी रद्द हुई छुट्टी

    वायरल वीडियो में सिमरन नाम की कर्मचारी एयरपोर्ट से अपनी बात रखती नजर आती हैं। उनका कहना है कि उन्होंने 22 जनवरी को ही अपने मैनेजर को सूचित कर दिया था कि 19 फरवरी से वह वियतनाम यात्रा पर रहेंगी। उस समय कोई आपत्ति नहीं जताई गई। टिकट बुक हो चुकी थी दोस्त पहले ही पहुंच चुके थे और वह खुद फ्लाइट पकड़ने के लिए तैयार थीं। तभी आखिरी समय पर मैसेज आया कि उनकी छुट्टी कैंसिल कर दी गई है।

    सिमरन ने वीडियो में स्पष्ट कहा कि वह काम इसलिए करती हैं ताकि जिंदगी को खुलकर जी सकें। उनका बयान मैं सिर्फ काम करने के लिए नहीं कमाती मैं अपनी आजादी महसूस करने के लिए कमाती हूं कई युवाओं को छू गया। उन्होंने अपने माता-पिता से मिली आजादी का जिक्र करते हुए कहा कि जब परिवार ने भरोसा दिया है तो वह बेवजह डरकर अपने प्लान नहीं बदलेंगी। उनके शब्द मैनेजर हैं मैनेजर ही रहेंगे… क्या अब उनसे भी डरूं? सोशल मीडिया पर खूब शेयर किए जा रहे हैं।

    सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

    वीडियो वायरल होते ही इंटरनेट दो हिस्सों में बंट गया। एक पक्ष का कहना है कि नौकरी में प्रोफेशनलिज्म और जिम्मेदारी सर्वोपरि होती है। अगर कंपनी को जरूरत हो तो कर्मचारी को सहयोग करना चाहिए। वहीं दूसरा पक्ष मानता है कि अगर छुट्टी पहले से स्वीकृत थी या समय रहते सूचना दी गई थी तो आखिरी वक्त पर बदलाव करना अनुचित है।

    कई यूजर्स ने लिखा कि GenZ अपनी प्राथमिकताओं को लेकर स्पष्ट है और मी टाइम को महत्व देना सीख चुका है। वहीं कुछ लोगों ने इसे कम्युनिकेशन गैप बताया संभव है कि छुट्टी की औपचारिक मंजूरी स्पष्ट न हुई हो या टीम में समन्वय की कमी रही हो।

    बदलती कार्यसंस्कृति की झलक

    यह घटना सिर्फ एक वायरल वीडियो भर नहीं है बल्कि बदलती कार्यसंस्कृति की झलक भी दिखाती है। नई पीढ़ी जहां काम के प्रति प्रतिबद्ध है वहीं वह मानसिक संतुलन और निजी जीवन को भी बराबर महत्व देती है। कंपनियों के लिए भी यह संकेत है कि पारदर्शी संवाद और स्पष्ट छुट्टी नीति कितनी जरूरी है।

  • लव ऑफ माय लाइफ… मीरा का रोमांटिक अंदाज़, शाहिद का 45वां बर्थडे खास

    लव ऑफ माय लाइफ… मीरा का रोमांटिक अंदाज़, शाहिद का 45वां बर्थडे खास


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के चहेते स्टार शाहिद कपूर ने 25 फरवरी को अपना 45वां जन्मदिन मनाया और इस खास मौके पर उनकी पत्नी मीरा राजपूत ने सोशल मीडिया पर बेहद रोमांटिक पोस्ट शेयर कर फैंस का दिल जीत लिया। मीरा ने शाहिद के साथ बिताए खूबसूरत पलों की तस्वीरें साझा करते हुए उन्हें लव ऑफ माय लाइफ बताया। पोस्ट में दोनों की केमिस्ट्री साफ झलक रही थी कभी गले लगते तो कभी हल्की फुल्की मस्ती करते हुए। मीरा ने इंस्टाग्राम पर तस्वीरों के साथ लिखा सिंपल द बेस्ट हैप्पी बर्थडे लव ऑफ माय लाइफ। इन तस्वीरों में शाहिद मीरा को बाहों में उठाए नजर आए तो कहीं मीरा उन्हें प्यार से गले लगाती दिखीं। कपल का यह अंदाज़ फैंस को बेहद पसंद आया और कमेंट सेक्शन में बधाइयों की बाढ़ आ गई।

    ईशान खट्टर का क्यूट सरप्राइज
    शाहिद के सौतेले भाई और अभिनेता ईशान खट्टर ने भी खास अंदाज में जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एक थ्रोबैक तस्वीर शेयर की जिसमें बचपन के ईशान शाहिद की गोद में बैठे किताब पढ़ रहे हैं। इसके साथ हाल की एक तस्वीर भी जोड़ी जिसमें बड़े हो चुके ईशान फिर से भाई की गोद में नजर आए। कैप्शन में उन्होंने लिखा ज्यादा कुछ नहीं बदला लव यू बड़े भाई। भाईयों की यह बॉन्डिंग फैंस को बेहद भावुक कर गई।

    ऐसे शुरू हुई थी लव स्टोरी

    शाहिद और मीरा की मुलाकात एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान परिवारों के जरिए हुई थी। शुरुआत में उम्र के 13 14 साल के अंतर को लेकर हिचकिचाहट थी लेकिन बातचीत और मुलाकातों के बाद दोनों के बीच खास रिश्ता बन गया। 7 जुलाई 2015 को दिल्ली में एक निजी समारोह में दोनों ने शादी कर ली। आज यह कपल अपनी सादगी और मजबूत रिश्ते के लिए जाना जाता है।

    फिल्मों में व्यस्त हैं शाहिद
    वर्क फ्रंट की बात करें तो शाहिद हाल ही में निर्देशक विशाल भारद्वाज की फिल्म ओ रोमियो में नजर आए जिसमें त्रिप्ति डिमरी और नाना पाटेकर भी अहम भूमिकाओं में थे। फिल्म को मिले जुले रिव्यू मिले। अब शाहिद जल्द ही होमी अदजानिया के निर्देशन में बन रही कॉकटेल 2 में नजर आएंगे जिसमें कृति सेनन और रश्मिका मंदाना भी साथ होंगी।

  • MP में गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन तेज, 4.42 लाख से अधिक किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन; 7 मार्च अंतिम तिथि

    MP में गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन तेज, 4.42 लाख से अधिक किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन; 7 मार्च अंतिम तिथि


    मध्यप्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। राज्य सरकार द्वारा किसानों के पंजीयन की सुविधा पहले से अधिक सरल और सुगम बनाए जाने का दावा किया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार अब तक 4 लाख 42 हजार 288 किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए अपना पंजीयन करा लिया है। किसानों को 7 मार्च तक पंजीयन कराने का अवसर दिया गया है।

    इस वर्ष केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य किसानों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में 3186 पंजीयन केंद्र स्थापित किए हैं, ताकि किसानों को रजिस्ट्रेशन के लिए दूर-दराज न जाना पड़े और प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    संभागवार आंकड़ों पर नजर डालें तो उज्जैन संभाग में सर्वाधिक 1,48,905 किसानों ने पंजीयन कराया है। भोपाल संभाग में 1,09,134 किसान, इंदौर संभाग में 54,587 किसान और जबलपुर संभाग में 39,885 किसान रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इसके अलावा नर्मदापुरम में 34,181, सागर में 25,398, रीवा में 13,260, ग्वालियर में 9,695, चंबल में 4,692 और शहडोल संभाग में 2,551 किसानों ने पंजीयन कराया है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेशभर में किसान खरीदी व्यवस्था को लेकर सक्रिय हैं।

    किसानों की सुविधा के लिए पंजीयन की दोहरी व्यवस्था की गई है। नि:शुल्क पंजीयन ग्राम पंचायतों के सुविधा केंद्रों, जनपद पंचायत कार्यालयों, तहसील कार्यालयों और सहकारी समितियों में किया जा सकता है। वहीं सशुल्क पंजीयन के लिए एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर CSC, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे की सुविधा उपलब्ध है। किसान अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी माध्यम से पंजीयन करा सकते हैं।

    खाद्य मंत्री ने बताया कि जिन किसानों के मोबाइल नंबर पिछले रबी और खरीफ सीजन से उपलब्ध हैं, उन्हें पंजीयन संबंधी जानकारी SMS के माध्यम से भेजी जा रही है। इसके साथ ही गांवों में डोंडी पिटवाकर, ग्राम पंचायत सूचना पटल पर सूचना चस्पा कर तथा समितियों और मंडियों में बैनर लगाकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि कोई भी किसान इस प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।

    राज्य सरकार का कहना है कि इस बार खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। पंजीयन से लेकर खरीदी और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके और किसी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

    किसानों से अपील की गई है कि वे अंतिम तिथि 7 मार्च से पहले अपना पंजीयन अवश्य करा लें, ताकि समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने में किसी प्रकार की बाधा न आए।

  • स्व से सृष्टि तक मंगल ही हमारा संकल्प, सेवा ही हमारा परम धर्म: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    स्व से सृष्टि तक मंगल ही हमारा संकल्प, सेवा ही हमारा परम धर्म: मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव गुरुवार को राजस्थान के भीलवाड़ा में आयोजित सनातन मंगल महोत्सव, संत समागम एवं दीक्षा महोत्सव में शामिल हुए। यह कार्यक्रम हरिशेवा उदासीन आश्रम में महामण्डलेश्वर स्वामी हंसरामजी महाराज की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जहां मुख्यमंत्री ने संतों, विद्वतजनों और श्रद्धालुओं को एकजुट कर भारतीय संस्कृति के मूल्यों पर आधारित संदेश दिया।

    भीलवाड़ा में स्व से सृष्टि तक मंगल ही हमारा संकल्प, सेवा ही हमारा परम धर्म के मूल मंत्र के साथ डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति ही वह महान संस्कृति है, जो सबके मंगल की कामना करती है। उनका कहना था कि वसुधैव कुटुंबकम् के सिद्धांत से प्रेरणा लेकर हमें केवल मानव नहीं, पृथ्वी के सभी प्राणियों, पेड़ पौधों और समस्त सृष्टि के कल्याण के लिए जीना चाहिए। यही जीवन का उच्चतम लक्ष्य एवं परम सेवा धर्म है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति की जड़ें सेवा, समर्पण, विश्व बंधुत्व और सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय जैसी परोपकारी भावनाओं में निहित हैं। वे बोले कि जीवमात्र की सेवा ही श्रीहरि की सेवा है और सम्पूर्ण मानवता की सेवा धर्म है। उन्होंने यह भी बताया कि रा से राजस्थान और म से मध्यप्रदेश मिलकर राम की महिमा को आगे बढ़ा रहे हैं।

    डॉ. यादव ने संतों की समाज में भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि संतों के उपदेश नैतिक मूल्यों, करुणा, सद्भाव और समरसता को बढ़ावा देते हैं। पूज्य हंसरामजी महाराज ने धर्म, भक्ति, सेवा, सत्य तथा अहिंसा को जीवन में जीने का संदेश दिया है और हजारों असहायों को आश्रम के माध्यम से सहारा दिया है।

    कार्यक्रम में तीन युवा संतों ईशानराम जी महाराज, केशवराम जी महाराज और सुमज्ञराम जी महाराज को दीक्षा दी गई, जिनका मुख्यमंत्री ने माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ में देश विदेश के सभी साधु संतों का स्वागत किया जाएगा और उनकी आशीष रूपी ऊर्जा से देश को आगे बढ़ाने का आग्रह किया है।

    राजस्थान सरकार के सहकारिता राज्यमंत्री गौतम कुमार दक ने भी मुख्यमंत्री का सम्मान किया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सामाजिक समरसता और धार्मिक पुनरुद्धार पर जोर दिया कार्यक्रम में सांसद दामोदर अग्रवाल, साधु संत, महामंडलेश्वर, मंडलेश्वर, महंत और बड़ी संख्या में धर्म श्रद्धालु मौजूद रहे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीर विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीर विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि


    भोपाल । मोहन यादव ने स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने सावरकर को प्रखर राष्ट्रभक्त, समाज सुधारक और दूरदर्शी चिंतक बताते हुए कहा कि उनका जीवन त्याग, समर्पण और राष्ट्रसेवा का अनुपम उदाहरण है।

    डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि मातृभूमि की स्वतंत्रता और स्वाभिमान के लिए वीर सावरकर ने जो संघर्ष किया वह भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने अदम्य साहस और अटूट संकल्प का परिचय दिया। उनका जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज सुधार, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना के लिए सावरकर का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सावरकर के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

    डॉ. यादव ने अंत में कहा कि वीर सावरकर का जीवन युगों युगों तक देशवासियों विशेषकर युवाओं को प्रेरित करता रहेगा और उनका त्याग सदैव श्रद्धा के साथ याद किया जाएगा।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की 7वीं वर्षगांठ पर वायुसेना के शौर्य को किया नमन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की 7वीं वर्षगांठ पर वायुसेना के शौर्य को किया नमन


    भोपाल । मोहन यादव ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की 7वीं वर्षगांठ पर भारतीय वायुसेना के अद्वितीय साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और स्वाभिमान की रक्षा के लिए हमारे वीर जवानों ने जिस बहादुरी और संकल्प का परिचय दिया, वह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि भारत के शूरवीर सैनिकों ने कठिन परिस्थितियों में भी अदम्य साहस का प्रदर्शन करते हुए मातृभूमि की गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखा। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना का पराक्रम केवल सैन्य शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकजुटता, दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मसम्मान का भी प्रतीक है।

    उन्होंने आगे कहा कि देश के जवानों का साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। राष्ट्र की सुरक्षा में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश को अपने वीर सपूतों पर सदैव गर्व रहेगा।

    डॉ. यादव ने इस अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान देशवासियों के लिए अमिट स्मृति है और राष्ट्र उनकी वीरता को सदैव याद रखेगा।

  • मार्च में बनाएं घूमने का प्लान, सुकून और फ्रेशनेस देंगे ये खास डेस्टिनेशन

    मार्च में बनाएं घूमने का प्लान, सुकून और फ्रेशनेस देंगे ये खास डेस्टिनेशन


    नई दिल्ली । अगर आप रोजमर्रा की भागदौड़ से थोड़ा ब्रेक लेना चाहते हैं तो मार्च का महीना ट्रैवल के लिए बेहतरीन माना जाता है। न कड़ाके की ठंड न चिलचिलाती गर्मी हल्का सुहावना मौसम सफर को आरामदायक बना देता है। यही वजह है कि इस समय पहाड़ हरियाली और आध्यात्मिक स्थलों की खूबसूरती और भी निखर जाती है। अगर आप भी मन को तरोताजा करने और तनाव को पीछे छोड़ने का प्लान बना रहे हैं तो ये तीन जगहें आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होनी चाहिए।

    कूर्ग भारत का स्कॉटलैंड

    कर्नाटक में बसा कूर्ग अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है। इसे भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। मार्च के महीने में यहां का मौसम बेहद खुशनुमा रहता है। चारों ओर फैले कॉफी के बागान धुंध से ढकी पहाड़ियां झरनों की कलकल ध्वनि और हरियाली से भरा वातावरण मन को सुकून देता है। अगर आप भीड़भाड़ से दूर प्रकृति के बीच समय बिताना चाहते हैं तो कूर्ग एक परफेक्ट चॉइस है। यहां एबी फॉल्स राजा सीट और दुबारे एलीफेंट कैंप जैसे दर्शनीय स्थल आपकी यात्रा को यादगार बना सकते हैं।

    ऋषिकेश अध्यात्म और एडवेंचर का संगम

    उत्तराखंड का ऋषिकेश मार्च में और भी आकर्षक हो जाता है। वसंत ऋतु में यहां का मौसम सुहावना रहता है जिससे गंगा किनारे बिताया गया समय खास बन जाता है। सुबह की गंगा आरती और शांत वातावरण मन को गहरी शांति देता है। सिर्फ आध्यात्म ही नहीं रोमांच के शौकीनों के लिए भी यह जगह खास है। रिवर राफ्टिंग बंजी जंपिंग और कैंपिंग जैसी गतिविधियां एडवेंचर का अलग ही अनुभव कराती हैं। अगर आप आध्यात्मिक सुकून और रोमांच दोनों चाहते हैं तो ऋषिकेश आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन है।

    सिक्किम वादियों में सजा स्वर्ग
    पूर्वोत्तर भारत का सिक्किम मार्च में रंग-बिरंगे फूलों और साफ आसमान के साथ किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता। ऊंचे-ऊंचे पहाड़ बर्फ से ढकी चोटियां और शांत वातावरण यहां की पहचान हैं। गंगटोक त्सोमगो लेक और प्राचीन बौद्ध मठों की खूबसूरती यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देती है। साफ हवा और प्राकृतिक नज़ारे तनाव को दूर कर मन को पूरी तरह रिफ्रेश कर देते हैं। अगर आपकी ट्रैवल लिस्ट में सिक्किम अब तक सिर्फ नाम भर था तो मार्च इसे सच में देखने का सही समय है।

  • नई परिवहन नीति के विरोध में बस ऑपरेटर्स की हड़ताल, होली भीड़ के लिए स्पेशल ट्रेनें घोषित

    नई परिवहन नीति के विरोध में बस ऑपरेटर्स की हड़ताल, होली भीड़ के लिए स्पेशल ट्रेनें घोषित


    मध्यप्रदेश में होली के त्योहार से पहले यात्रियों के लिए राहत और चिंता दोनों तरह की खबरें सामने आई हैं। एक ओर जहां रेलवे ने बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए भोपाल मंडल से चार जोड़ी स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की है, वहीं दूसरी ओर नई परिवहन नीति के विरोध में 2 मार्च को बस ऑपरेटरों ने हड़ताल का ऐलान किया है। इससे यात्रियों को यात्रा योजना बनाने में सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    जानकारी के अनुसार, नई परिवहन नीति के विरोध में प्रदेश के बस ऑपरेटर्स 2 मार्च को बस सेवा बंद रखेंगे। कई बसों पर हड़ताल संबंधी पर्चे भी चिपकाए गए हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से 2 मार्च को बस संचालन ठप रखने की बात कही गई है। होली जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले बस सेवा बंद होने की स्थिति में यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्वाभाविक रूप से बस सेवा प्रभावित होने पर यात्रियों का रुख रेलवे की ओर बढ़ेगा, जिससे ट्रेनों में भीड़ बढ़ने की संभावना है।

    इसी को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने अतिरिक्त भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष ट्रेनों की घोषणा की है। भोपाल मंडल से रीवा, भोपाल और दानापुर के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। गाड़ी संख्या 02192/02191 एक-एक ट्रिप 28 फरवरी 2026 को संचालित करेगी। वहीं गाड़ी संख्या 02186/02185 नंबर की स्पेशल ट्रेन 2 और 3 मार्च 2026 को दो-दो ट्रिप चलेगी।

    इसके अलावा भोपाल-रीवा स्पेशल ट्रेन (01704/01703) 5 मार्च 2026 को एक ट्रिप करेगी। वहीं रानी कमलापति-दानापुर स्पेशल ट्रेन (01667/01668) 27 फरवरी और 2 मार्च को रवाना होगी। वापसी में यह ट्रेन 28 फरवरी और 3 मार्च को चलेगी। रेलवे के इस फैसले से त्योहार के दौरान घर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

    हालांकि बस हड़ताल और ट्रेनों में बढ़ती भीड़ की संभावना को देखते हुए यात्रियों को समय रहते टिकट बुक कराने और वैकल्पिक यात्रा योजना तैयार रखने की सलाह दी जा रही है। विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को रेलवे की वेबसाइट या अधिकृत काउंटर से अपडेट लेते रहना चाहिए।

    होली के अवसर पर हर वर्ष यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि देखी जाती है। ऐसे में बस सेवा बंद रहने और ट्रेनों में अतिरिक्त भीड़ के चलते यात्रा प्रबंधन प्रशासन के लिए भी चुनौती बन सकता है। फिलहाल रेलवे की ओर से की गई अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था को राहत भरा कदम माना जा रहा है, जबकि बस ऑपरेटरों की हड़ताल से परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ना तय है।