Author: bharati

  • 100 करोड़ी ‘राजा शिवाजी’ की कास्ट फीस का खुलासा, सबसे ज्यादा कमाई किसने की?

    100 करोड़ी ‘राजा शिवाजी’ की कास्ट फीस का खुलासा, सबसे ज्यादा कमाई किसने की?


    नई दिल्ली| रितेश देशमुख स्टारिंग यह फिल्म 1 मई, 2026 को थिएटर में रिलीज होने वाली है। रितेश देशमुख ही इस फिल्म को डायरेक्ट भी कर रहे हैं। फिल्म में संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, विद्या बालन और जेनेलिया डिसूजा जैसी दमदार स्टार लीड रोल में हैं।

    100 करोड़ी ‘राजा शिवाजी’ का सबसे महंगा एक्टर है ये?
    हिस्टोरिकल एक्शन ड्रामा ‘राजा शिवाजी’ बॉलीवुड की सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली फिल्मों में से एक है। इस मल्टीस्टारर फिल्म को लेकर हर किसी में एक्साइटमेंट देखने को मिल रही है।

    इस दिन थिएटर में होगी रिलीज
    रितेश देशमुख स्टारिंग यह फिल्म 1 मई, 2026 को थिएटर में रिलीज होने वाली है। रितेश देशमुख ही इस फिल्म को डायरेक्ट भी कर रहे हैं। फिल्म में संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, विद्या बालन और जेनेलिया डिसूजा जैसी दमदार स्टार लीड रोल में हैं। इस बीच आइए जानते हैं कि फिल्म के लिए किसने कितनी फीस ली है?

    रितेश देशमुख
    ‘राजा शिवाजी’ में रितेश देशमुख छत्रपति शिवाजी महाराज का रोल कर रहे हैं। टाइम्स नाउ के मुताबिक, एक्टर ने इस रोल के लिए मोटी फीस ली है। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने फिल्म के लिए 15 करोड़ रुपये से 18 करोड़ रुपये के बीच कमाई की है। वो फिल्म के सबसे महंगे एक्टर हैं।

    जेनेलिया डिसूजा
    रितेश देशमुख की पत्नी और एक्ट्रेस जेनेलिया डिसूजा भी इस फिल्म में लीड रोल में हैं। एक्ट्रेस मूवी में सईबाई भोसले का अहम रोल निभा रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने अपनी परफॉर्मेंस के लिए लगभग 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये चार्ज किए हैं।

    अभिषेक बच्चन
    अभिषेक बच्चन फिल्म में संभाजी शाहजी भोसले के रोल में दिखेंगे। यह उनका मराठी सिनेमा में डेब्यू है। खबर है कि उन्हें इस रोल के लिए 6 करोड़ से 8 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

    संजय दत्त
    बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर संजय दत्त इस हिस्टोरिकल ड्रामा में अफजल खान का रोल कर रहे हैं। ट्रेलर में उनकी एक्टिंग की पहले ही तारीफ हो चुकी है। खबर है कि उन्होंने फिल्म के लिए 8 करोड़ से 10 करोड़ रुपये चार्ज किए हैं। इसके अलावा संजय ‘खलनायक 2’ को लेकर भी खबरों में हैं।

    फरदीन खान
    एक्टर फरदीन खान मूवी में मुगल बादशाह शाहजहां का रोल कर रहे हैं। खबर है कि उन्हें अपनी एक्टिंग के लिए 2 करोड़ से 3 करोड़ रुपये मिले हैं।

    भाग्यश्री

    ‘मैंने प्यार किया’ एक्टर भाग्यश्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज की मां जीजाबाई का अहम रोल किया है। खबर है कि उन्होंने फिल्म के लिए लगभग 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये कमाए हैं।

    महेश मांजरेकर
    एक्टर महेश मांजरेकर राजा शिवाजी में लखुजीराव जाधव का रोल करेंगे। खबर है कि उन्होंने अपने रोल के लिए 2 करोड़ से 3 करोड़ रुपये कमाए हैं।

    विद्या बालन
    फिल्म में विद्या बालन, मोहम्मद आदिल शाह (संजय दत्त) की मां ताजुल मुक्खिदारत हाजी बड़ी साहिबा के रोल में नजर आएंगी। मूवी के लिए उनकी फीस लगभग 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

  • कच्चा माल महंगा होने से ऑटो इंडस्ट्रीज पर संकट… बढ़ सकती हैं कारों की कीमतें

    कच्चा माल महंगा होने से ऑटो इंडस्ट्रीज पर संकट… बढ़ सकती हैं कारों की कीमतें


    नई दिल्ली।
    ऑटोमोबाइल कंपनियों (Automobile Companies) के सामने लागत का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। मार्च 2026 से स्टील, मेटल और प्लास्टिक जैसे जरूरी कच्चे माल की कीमतों (Raw Materials Prices) में तेज उछाल आया है। इससे कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ेगा और गाड़ियों की मांग भी घट सकती है। यह जानकारी सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) (Society of Indian Automobile Manufacturers – SIAM) के ताजा आंकड़ों में सामने आई है।


    पश्चिम एशिया में जंग का सीधा असर

    एक खबर के मुताबिक पश्चिम एशिया में जंग के चलते स्टील के दाम बढ़े हैं। मार्च 2026 में स्टील का भाव करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 60,000 रुपये प्रति टन पर पहुंच गया। वहीं, स्टेनलेस स्टील 16 प्रतिशत महंगा होकर 2 लाख रुपये प्रति टन से ऊपर निकल गया, जिससे गाड़ियों के बॉडी और दूसरे पुर्जों की लागत बढ़ गई।


    कोकिंग कोल से लेकर कीमती धातु तक, सब हुआ महंगा

    स्टील बनाने में इस्तेमाल होने वाले कोकिंग कोल की कीमत में 31 प्रतिशत का उछाल देखा गया। एल्युमीनियम (27 प्रतिशत) और कॉपर (28 प्रतिशत) के दाम लगभग एक-तिहाई बढ़ चुके हैं। गाड़ियों के इंटीरियर और पुर्जों में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के दाम और भी तेजी से बढ़े हैं। पॉलीप्रोपाइलीन जैसे थर्मोप्लास्टिक 34 प्रतिशत महंगा होकर 136.2 रुपये प्रति किलो (पिछले साल 102 रुपये था) हो गया है, जबकि पॉलीकार्बोनेट 9 प्रतिशत बढ़कर 227 रुपये प्रति किलो पहुंच गया।


    एमिशन कंट्रोल पर भारी पड़ेगी कीमती धातुओं की महंगाई

    गाड़ियों में प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली में उपयोग होने वाली कीमती धातुओं के दामों में भी उछाल आया है। प्लैटिनम 124 प्रतिशत बढ़कर 6,196 रुपये प्रति ग्राम, रोडियम 121 प्रतिशत बढ़कर 33,000 रुपये प्रति ग्राम से अधिक और पैलेडियम 74 प्रतिशत बढ़कर 4,712 रुपये प्रति ग्राम हो गया है। इससे कारों में लगने वाले एमिशन कंट्रोल डिवाइस की लागत काफी बढ़ गई है।


    रुपये की कमजोरी से और बढ़ेगी मुश्किल

    एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल इस कीमत बढ़ोतरी का तुरंत असर मांग पर नहीं दिखेगा, लेकिन अगर यह दबाव लंबा चला तो लोग गाड़ी खरीदने में देरी कर सकते हैं। एसएंडपी ग्लोबल मोबिलिटी के गौरव बांगर ने बताया कि धातुओं, पॉलिमर और कीमती धातुओं की बढ़ती कीमतें कार निर्माताओं के मुनाफे को निचोड़ रही हैं। कमजोर रुपये ने समस्या और बढ़ा दी है, जिससे कंपनियों को अपने मार्जिन बचाने के लिए गाड़ियों के दाम बढ़ाने होंगे।


    कुल इनपुट लागत का 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा स्टील का

    उद्योग के जानकारों का कहना है कि वैल्यू चेन पर इसका असर साफ दिख रहा है। अकेले स्टील ही गाड़ी की कुल इनपुट लागत का 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा होता है। टीओआई को एक कारोबारी ने बताया, “यह दबाव बिल्कुल असली है और कंपनियां इसकी मार झेल रही हैं।”

  • UP: पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त हुई ज्यादा आसान और पारदर्शी… सरकार ने बदले नियम

    UP: पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त हुई ज्यादा आसान और पारदर्शी… सरकार ने बदले नियम


    लखनऊ।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में अब पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त पहले से कहीं ज्यादा आसान और पारदर्शी (More Simple and Transparent) होने जा रही है. केंद्र सरकार द्वारा मोटर वाहन नियमों में बदलाव के बाद अब यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट की जा रही है. इसका मकसद है लोगों को तेज, सुरक्षित और बिना झंझट के वाहन खरीदने-बेचने की सुविधा देना।


    क्या है नई ADRV व्यवस्था?

    सरकार ने अधिकृत पंजीकृत वाहन डीलर यानी ADRV system को कानूनी मान्यता दी है. इस सिस्टम के लागू होने के बाद पुराने वाहनों की बिक्री से जुड़ी लगभग सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन पूरी होंगी. अब वाहन ट्रांसफर, दस्तावेजों की जांच और रजिस्ट्रेशन जैसे काम डिजिटल तरीके से होंगे. इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी भी बनेगी।


    डीलरों के लिए ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट जरूरी

    नई व्यवस्था के तहत अब जो भी डीलर पुरानी गाड़ियों की खरीद-फरोख्त करेंगे, उन्हें रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी से ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होगा. यह सर्टिफिकेट ऑनलाइन आवेदन के जरिए ही जारी किया जाएगा. इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल वैध और अधिकृत डीलर ही इस बाजार में काम करें, जिससे ग्राहकों को ठगी का सामना न करना पड़े।


    पांच साल तक मान्य रहेगा सर्टिफिकेट

    डीलरों को मिलने वाला यह ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट पांच साल तक वैलिड रहेगा. इससे उनकी जिम्मेदारी तय होगी और किसी भी तरह के फर्जी लेनदेन पर रोक लगेगी. अगर कोई डीलर नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करना भी आसान हो जाएगा.


    वाहन मालिकों को मिलेगा सीधा फायदा

    इस नई डिजिटल व्यवस्था से वाहन मालिकों को बड़ा फायदा होगा. अब वे अपने वाहन से जुड़े जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आसानी से प्राप्त कर सकेंगे. उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और घर बैठे ही पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. इससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी.


    पारदर्शिता की ओर बड़ा कदम

    सरकार का यह कदम पुराने वाहन बाजार को संगठित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है. ऑनलाइन प्रक्रिया से हर लेनदेन का रिकॉर्ड रहेगा, जिससे विवाद और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी. कुल मिलाकर, यह नई व्यवस्था यूपी में वाहन खरीद-फरोख्त को आसान, तेज और सुरक्षित बनाएगी।

  • अपनी सेना में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले देशों में भारत दुनिया में 5वें स्थान पर….

    अपनी सेना में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले देशों में भारत दुनिया में 5वें स्थान पर….


    नई दिल्ली।
    साल 2025 में दुनिया भर में अपनी सेनाओं पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाले देशों (Countries Spend Most Military) की सूची में भारत (India) पांचवें स्थान पर रहा है। भारत से आगे केवल चार देश हैं। वहीं पाकिस्तान (Pakistan) इस मामले में भारत के आसपास भी नहीं ठहरता है। पिछले साल दुनिया भर में हुए कुल सैन्य खर्च में भारत की हिस्सेदारी 3.2% रही है। आइए इस खबर को विस्तार से समझते हैं।


    भारत का रक्षा खर्च और ‘ऑपरेशन सिंदूर’

    स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) द्वारा सोमवार को जारी की गई एक नई रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका (USA), चीन, रूस और जर्मनी इस लिस्ट में सबसे आगे यानी टॉप 4 देश हैं। इसके बाद भारत नंबर 5 पर है। 2025 में भारत का सैन्य खर्च 92.1 अरब डॉलर रहा, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 8.9% अधिक है।

    बढ़ोतरी का कारण: इस वृद्धि का एक बड़ा कारण पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ चलाया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ था। इस सैन्य अभियान के दौरान सेना को युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार रखने हेतु सशस्त्र बलों ने आपातकालीन आधार पर हथियारों और साजो-सामान की कई महत्वपूर्ण खरीदारियां कीं।


    पड़ोसी देशों (चीन और पाकिस्तान) की क्या स्थिति है?

    सिपरी के आंकड़े बताते हैं कि भारत के पड़ोसियों ने भी अपनी सेना पर खर्च बढ़ाया है।

    चीन: दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश चीन है। उसने अपने रक्षा बजट में 7.4% की वृद्धि की है, जिससे उसका कुल खर्च 336 अरब डॉलर हो गया है।

    पाकिस्तान: आर्थिक चुनौतियों के बावजूद पाकिस्तान के सैन्य खर्च में 11% की वृद्धि देखी गई है। 11.9 अरब डॉलर के खर्च के साथ पाकिस्तान इस सूची के 40 देशों में 31वें स्थान पर है।


    वैश्विक परिदृश्य: दुनिया भर में रक्षा खर्च रिकॉर्ड स्तर पर

    शीर्ष तीन देश: अमेरिका, चीन और रूस मिलकर वैश्विक सैन्य खर्च का 51% हिस्सा कवर करते हैं। इन तीनों देशों ने कुल मिलाकर 1,480 अरब डॉलर खर्च किए। साल 2025 में पूरी दुनिया का सैन्य खर्च बढ़कर 2,887 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।


    यूरोप में भारी वृद्धि

    वैश्विक स्तर पर खर्च बढ़ने का सबसे बड़ा कारण यूरोप रहा, जहां सैन्य खर्च में 14% की वृद्धि (कुल 864 अरब डॉलर) हुई। रूस-यूक्रेन युद्ध के चौथे साल में प्रवेश करने और यूरोपीय नाटो देशों द्वारा खुद को फिर से हथियारों से लैस करने की कोशिशों के कारण शीत युद्ध के बाद से मध्य और पश्चिमी यूरोप में यह सबसे तेज वार्षिक वृद्धि है।


    हथियारों के आयात में भारत अभी भी आगे

    मार्च में प्रकाशित सिपरी की एक अन्य रिपोर्ट “ट्रेंड्स इन इंटरनेशनल आर्म्स ट्रांसफर्स” के अनुसार- 2016-20 और 2021-25 की अवधि के बीच भारत के हथियारों के आयात में 4% की गिरावट आई है। गिरावट के बावजूद, भारत अभी भी सैन्य हार्डवेयर का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आयातक (Importer) बना हुआ है, जिसकी वैश्विक हथियारों के आयात में 8.2% हिस्सेदारी है। इसका मुख्य कारण चीन और पाकिस्तान के साथ सीमा पर चल रहा तनाव है।


    रूस पर निर्भरता कम कर रहा है भारत

    पिछले एक दशक में भारत ने अपने हथियारों की खरीद नीति में बड़ा बदलाव किया है। भारत अब रूस के बजाय पश्चिमी देशों (खासकर फ्रांस, इजरायल और अमेरिका) की ओर रुख कर रहा है। 2011-15 के दौरान भारत के कुल हथियार आयात में रूस की हिस्सेदारी 70% थी, जो 2016-20 में घटकर 51% और 2021-25 में 40% रह गई है। इसके बावजूद, वर्तमान में भारत को सैन्य हार्डवेयर की आपूर्ति करने वाले शीर्ष तीन देश रूस, फ्रांस और इजरायल ही हैं।


    भविष्य की तैयारियां: रक्षा बजट 2026-27

    ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पृष्ठभूमि और मौजूदा चुनौतियों को देखते हुए, भारत सरकार ने 1 फरवरी को पेश किए गए 2026-27 के केंद्रीय बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए भारी-भरकम राशि आवंटित की है: रक्षा बजट में 15% से अधिक की बढ़ोतरी की गई है।

    इस महत्वपूर्ण क्षेत्र के लिए कुल 7.85 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
    इसमें से ₹2.19 लाख करोड़ का ‘पूंजीगत परिव्यय’ रखा गया है। इस फंड का इस्तेमाल सीधे तौर पर सशस्त्र बलों की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए किया जाएगा, जिसमें नए लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर, युद्धपोत, पनडुब्बियां, आर्टिलरी गन, स्मार्ट हथियार, मिसाइलें, रॉकेट और कई तरह के मानव रहित (ड्रोन) सिस्टम खरीदना शामिल है।

  • ब्रिटिश PM कीर स्टार्मर पर लटकी जांच की तलवार… एपस्टीन के चक्कर में जा सकती है कुर्सी

    ब्रिटिश PM कीर स्टार्मर पर लटकी जांच की तलवार… एपस्टीन के चक्कर में जा सकती है कुर्सी


    लंदन।
    अमेरिका (America) का बदनाम यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) के चक्कर में अब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (British Prime Minister Keir Starmer) पर जांच की तलवार लटकी हुई है। जल्दी ही ब्रिटिश संसद इस बात पर वोटिं करने वाली है कि क्या एपस्टीन के सहयोगी की नियुक्ति करने के लिए स्टार्मर के खिलाफ जांच की जाए या फिर नहीं। दरअसल, स्टार्मर पर आरोप हैं कि उन्होंने एपस्टीन के पूर्व सहयोगी और ब्रिटिश सिविस सेवक पीटर मेंडेलसन के संबंध में संसद को गुमराह किया है।

    ब्रिटिश संसद के स्पीकर होयल ने इस वोटिंग के बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए बताया कि तमाम सांसदों ने इसकी मांग की थी। इसमें विपक्षी कंजरवेटिव पार्टी के वरिष्ठ नेता केमी बेडेनॉक भी शामिल थे। विपक्षी पार्टी का आरोप है कि कीर स्टार्मर 2024 में मेंडलसन को अमेरिका में ब्रिटिश राजदूत नियुक्त किया था। इस दौरान स्टार्मर ने संसद को भरोसा दिलाया था कि मेंडेलसन के खिलाफ सभी जांच की जा चुकी हैं। लेकिन अब उसका नाम एपस्टीन फाइल्स में आया है। ऐसे में विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि या तो स्टार्मर ने जानबूझकर इस तथ्य को नजरअंदाज किया है। या फिर उन्होंने जांच के नाम पर संसद को गुमराह किया है।

    गौरतलब है कि 2025 में जेफ्री एपस्टीन फाइल्स में पीटर मेंडलसन का नाम सामने आने के बाद स्टार्मर ने ब्रिटिश विदेश विभाग के तमाम अधिकारियों पर ऐक्शन लिया था। स्टार्मर ने आरोप लगाया कि इन अधिकारियों ने इस तथ्य को छिपाया था कि मेंडलसेन जांच रिपोर्ट में पास नहीं हुआ है। मेंडेलसन के ऊपर आरोप हैं कि उसने दस साल तक मंत्री पद पर रहते हुए अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन को गोपनीय जानकारी लीक की थी।

    बता दें, ट्रंप के साथ बयानबाजी वाले संघर्ष में उलझे स्टार्मर के लिए यह मुद्दा भी संगीन होता जा रहा है। विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे पर लगातार इस्तीफे की मांग कर रहा है। अगर मतदान स्टार्मर के खिलाफ जाता है, तो उन्हें इस जांच का सामना करना पड़ सकता है। यह कमेटी दोषी पाए जाने पर स्टार्मर को पद छोड़ने के लिए भी कह सकती है। हालांकि, ब्रिटिश संसद में इस वक्त स्टार्मर के पास बहुमत है। ऐसे में वोटिंग में हारने के आशंका कम है।

    गौरतलब है कि जिस प्रिविलेजेस कमेटी के पास स्टार्मर को भेजे जाने का प्रस्ताव भेजा गया है। उसकी वजह से पूर्व ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी। 2023 कोविड काल के दौरान पार्टी गेट मामले में संसद ने उन पर गुमराह करने के आरोपों की जांच की थी। बाद में जब इस रिपोर्ट में उनके निलंबन की सिफारिश की जाने वाली थी, लेकिन उसके पहले ही जॉनसन ने इस्तीफा दे दिया था।

  • ‘स्त्री’ को पीछे छोड़ा, क्या ‘भूल भुलैया 2’ का किला फतह कर पाई ‘भूत बंगला’?

    ‘स्त्री’ को पीछे छोड़ा, क्या ‘भूल भुलैया 2’ का किला फतह कर पाई ‘भूत बंगला’?

    नई दिल्ली| बॉलीवुड में इन दिनों हॉरर-कॉमेडी फिल्मों का ट्रेंड लगातार मजबूत हो रहा है और इसी कड़ी में Bhoot Bangla ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी शुरुआत की थी। Akshay Kumar और निर्देशक Priyadarshan की इस फिल्म से लंबे समय बाद कमबैक देखने को मिला। हालांकि, रिलीज के दूसरे हफ्ते में फिल्म की कमाई की रफ्तार धीमी पड़ती नजर आई है। खासकर डे 11 पर फिल्म के कलेक्शन में करीब 75% की गिरावट दर्ज की गई, जिसने इसके आगे के सफर पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    ‘भूत बंगला’ का अब तक का बॉक्स ऑफिस सफर

    डे 11 पर Bhoot Bangla ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 3.65 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म की कुल कमाई 117.05 करोड़ रुपये (नेट) तक पहुंच गई है। वहीं वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें तो फिल्म ने करीब 184.75 करोड़ रुपये का ग्रॉस कारोबार कर लिया है। फिल्म की ओपनिंग और शुरुआती वीकेंड काफी मजबूत रहे, लेकिन वीकडेज में कलेक्शन में गिरावट ने इसकी रफ्तार को धीमा कर दिया है।

    ‘स्त्री’ को पीछे छोड़ा, लेकिन…

    अगर तुलना करें Stree से, तो Bhoot Bangla ने बेहतर प्रदर्शन किया है। Shraddha Kapoor और Rajkummar Rao की फिल्म ‘स्त्री’ ने 11 दिनों में 85.59 करोड़ रुपये कमाए थे, जबकि ‘भूत बंगला’ 117.05 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। इस हिसाब से देखा जाए तो ‘भूत बंगला’ ने ‘स्त्री’ के पहले पार्ट को पीछे छोड़ दिया है।

    ‘भूल भुलैया 2’ से अब भी पीछे

    हालांकि, असली मुकाबला Bhool Bhulaiyaa 2 से है, जिसमें Kartik Aaryan ने शानदार प्रदर्शन किया था। इस फिल्म ने 11 दिनों में 129.83 करोड़ रुपये की कमाई कर ली थी, जो ‘भूत बंगला’ से ज्यादा है। डे 11 के कलेक्शन की बात करें तो ‘भूल भुलैया 2’ ने 7 करोड़ रुपये कमाए थे, जबकि ‘भूत बंगला’ सिर्फ 3.65 करोड़ रुपये ही जुटा पाई। ऐसे में साफ है कि ‘भूल भुलैया 2’ अभी भी इस जॉनर की मजबूत दावेदार बनी हुई है।

    ‘स्त्री 2’ और ‘भूल भुलैया 3’ के सामने फीकी

    अगर आगे की फिल्मों से तुलना करें तो Stree 2 और Bhool Bhulaiyaa 3 के आंकड़े कहीं ज्यादा बड़े हैं। ‘स्त्री 2’ ने जहां 11 दिनों में 384.55 करोड़ रुपये की कमाई की, वहीं ‘भूल भुलैया 3’ ने भी 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था। इन आंकड़ों के सामने ‘भूत बंगला’ की कमाई थोड़ी फीकी नजर आती है।

    क्या आगे बना पाएगी रिकॉर्ड?

    कुल मिलाकर Bhoot Bangla ने अच्छी शुरुआत के बाद ‘स्त्री’ को पीछे छोड़ दिया है, लेकिन ‘भूल भुलैया 2’ का रिकॉर्ड तोड़ने में अभी पीछे है। अब सबकी नजरें आने वाले दिनों पर टिकी हैं कि क्या फिल्म वीकेंड पर फिर से रफ्तार पकड़ पाएगी या नहीं। अगर फिल्म को मजबूत वर्ड ऑफ माउथ मिला, तो यह आगे बेहतर प्रदर्शन कर सकती है, वरना बड़े रिकॉर्ड तोड़ना मुश्किल होगा।

  • SRK को बताया शानदार, आमिर बोले-तीनों खान का साथ आना मुमकिन

    SRK को बताया शानदार, आमिर बोले-तीनों खान का साथ आना मुमकिन


    नई दिल्ली हिंदी सिनेमा के इतिहास में अगर तीन सबसे बड़े सुपरस्टार्स का नाम लिया जाए तो Shah Rukh Khan, Salman Khan और Aamir Khan का नाम सबसे ऊपर आता है। पिछले तीन दशकों से ये तीनों खान इंडस्ट्री पर राज कर रहे हैं और हर पीढ़ी के दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाए हुए हैं। हालांकि, आज तक इन तीनों को एक साथ किसी फिल्म में नहीं देखा गया, जो फैंस के लिए हमेशा एक अधूरी ख्वाहिश रही है। अब इस अधूरी ख्वाहिश को पूरा करने के संकेत खुद आमिर खान ने दिए हैं, जिससे फैंस के बीच उत्साह और बढ़ गया है।
    शाहरुख की एक्टिंग के कायल हुए आमिर
    हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान Aamir Khan ने Shah Rukh Khan की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि शाहरुख एक शानदार अभिनेता हैं, जिनका अपना अलग चार्म है और जो दर्शकों के साथ गहराई से जुड़ने की क्षमता रखते हैं। आमिर ने यह भी कहा कि शाहरुख सिर्फ एक स्टार नहीं बल्कि बेहतरीन आर्टिस्ट हैं, जो हर किरदार में जान डाल देते हैं। आमिर के इस बयान से दोनों सितारों के बीच आपसी सम्मान और दोस्ती साफ झलकती है।
    अच्छी स्क्रिप्ट बनी सबसे बड़ी शर्त
    इंटरव्यू में आमिर खान ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने और शाहरुख खान ने साथ काम करने को लेकर बातचीत की है। हालांकि, दोनों ही किसी भी प्रोजेक्ट को लेकर बेहद चयनात्मक हैं और एक दमदार स्क्रिप्ट की तलाश में हैं। आमिर ने कहा कि जैसे ही उन्हें एक मजबूत कहानी मिलेगी, वे शाहरुख के साथ काम करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि शाहरुख और सलमान पहले साथ काम कर चुके हैं, वहीं आमिर और सलमान भी स्क्रीन शेयर कर चुके हैं, लेकिन आमिर और शाहरुख अब तक किसी फिल्म में साथ नजर नहीं आए।
    क्या सच होगा तीनों खान का सपना?
    सबसे दिलचस्प बात यह रही कि आमिर खान ने तीनों खान को एक साथ स्क्रीन पर लाने के विचार पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि करीब एक साल पहले जब Shah Rukh Khan और Salman Khan उनके साथ बैठे थे, तब तीनों ने इस संभावना पर चर्चा की थी। आमिर का मानना है कि दर्शकों के लिए यह एक बेहद खास और यादगार अनुभव होगा। हालांकि, फिल्म का स्केल कितना बड़ा होगा, यह अलग मुद्दा है, लेकिन तीनों का साथ आना ही अपने आप में एक बड़ी घटना होगी। अगर यह सपना साकार होता है तो यह बॉलीवुड इतिहास की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक साबित हो सकती है।
    वर्क फ्रंट पर आमिर खान
    वर्क फ्रंट की बात करें तो Aamir Khan इन दिनों अपने प्रोडक्शन में बन रही फिल्म ‘एक दिन’ को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में उनके बेटे जुनैद खान के साथ साउथ की चर्चित अभिनेत्री Sai Pallavi नजर आएंगी। खास बात यह है कि यह साई पल्लवी की पहली हिंदी फिल्म होगी, जिससे फिल्म को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है। फिल्म 1 मई को रिलीज होने वाली है और इसकी एडवांस बुकिंग पहले ही शुरू हो चुकी है।
  • कोल एलन पर राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की कोशिश का आरोप, केस दर्ज, जांच में और खुलासों के संकेत

    कोल एलन पर राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की कोशिश का आरोप, केस दर्ज, जांच में और खुलासों के संकेत



    वॉशिंगटन । वॉशिंगटन डीसी में आयोजित संवाददाता डिनर के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कोशिश के मामले में 31 वर्षीय कोल थॉमस एलन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, उस पर राष्ट्रपति की हत्या का प्रयास, आपराधिक इरादे से हथियार रखने और फायरिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

    यह वारदात शनिवार शाम वाशिंगटन हिल्टन होटल में हुई, जहां राष्ट्रपति ट्रंप, उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। आरोपी एलन सुरक्षा जांच को चकमा देकर अंदर घुस गया। उसके पास एक लंबी बंदूक थी और मेटल डिटेक्टर पार करते ही उसने गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान सीक्रेट सर्विस के एक अधिकारी के सीने में गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से उनकी जान बच गई। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए हमलावर को पकड़ लिया।

    जांच में सामने आए तथ्य
    प्रारंभिक जांच से पता चला है कि एलन पूरी योजना के साथ इस हमले को अंजाम देने पहुंचा था। वह 21 से 24 अप्रैल के बीच लॉस एंजिल्स से शिकागो होते हुए ट्रेन के जरिए वाशिंगटन पहुंचा। घटना वाले दिन ही उसने होटल में कमरा बुक किया था। उसके पास से एक शॉटगन, पिस्टल और तीन चाकू बरामद किए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि उसका निशाना सिर्फ राष्ट्रपति ही नहीं, बल्कि अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी थे।

    राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया
    घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने हमलावर को कट्टरपंथी और मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया। उन्होंने कहा कि आरोपी के एक घोषणापत्र से संकेत मिलता है कि उसके विचारों में हाल के समय में बड़ा बदलाव आया था। ट्रंप ने सुरक्षाकर्मियों की तत्परता और बहादुरी की सराहना की और बताया कि खतरे के तुरंत बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।

    कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहती हैं। उन्होंने समाज में बढ़ती हिंसक भाषा और मीडिया के कुछ हिस्सों को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। एफबीआई इस मामले की गहन जांच कर रही है। आरोपी एलन फिलहाल हिरासत में है और उसकी अगली पेशी गुरुवार को निर्धारित है।

  • MP में 100 साल पहले विलुप्त हो चुके जंगली भैंसों की वापसी…. CM आज सूखपार में करेंगे रिलीज

    MP में 100 साल पहले विलुप्त हो चुके जंगली भैंसों की वापसी…. CM आज सूखपार में करेंगे रिलीज


    बालाघाट।
    मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh) के वन्यजीव इतिहास (Wildlife History) में 28 अप्रैल का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है. ‘टाइगर’ और ‘चीता’ स्टेट के बाद अब मध्यप्रदेश ( Madhya Pradesh) अपनी धरती पर ‘जंगली भैंसों’ को दोबारा बसाने जा रहा है. मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) बालाघाट के सूपखार क्षेत्र में 4 जंगली भैंसों को उनके नए प्राकृतिक आवास में छोड़कर इस अभियान का आगाज करेंगे.

    तकरीबन 100 साल पहले मध्यप्रदेश से विलुप्त हो चुकी इस प्रजाति को वापस लाने के लिए असम सरकार के साथ एक खास समझौता हुआ है.

    इसके तहत पहले चरण में असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से 4 भैंसों (3 मादा, 1 नर) का दल कान्हा पहुंच रहा है. ‘फाउंडर पॉपुलेशन’ के रूप में कुल 50 जंगली भैंसों को लाने का लक्ष्य है, जिनमें से इस सीजन में 8 भैंसें लाई जाएंगी. काजीरंगा और कान्हा के विशेषज्ञ डॉक्टरों और अधिकारियों की टीम इस पूरे ‘ट्रांसलोकेशन’ की निगरानी कर रही है।


    MP-असम के बीच वाइल्ड लाइफ एक्सचेंज

    मुख्यमंत्री मोहन यादव और असम के सीएम हिमंता विश्व सरमा के बीच हुए समझौते के तहत दोनों राज्यों के बीच वन्यजीवों का आदान-प्रदान होगा।


    कान्हा ही क्यों बना पहली पसंद?

    भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII), देहरादून के अध्ययन के अनुसार, कान्हा टाइगर रिजर्व का सूपखार और टोपला क्षेत्र जंगली भैंसों के लिए देश में सबसे उपयुक्त स्थान है. यहां के बड़े घास के मैदान (Grasslands) और प्रचुर जल स्रोत इस प्रजाति के फलने-फूलने के लिए अनुकूल हैं.


    विलुप्ति की कगार से वापसी

    मध्यप्रदेश में आखिरी बार 1979 में सूपखार क्षेत्र में एक जंगली भैंसा देखा गया था. शिकार और आवास की कमी के कारण यह प्रजाति यहां खत्म हो गई थी. वर्तमान में इनकी मुख्य आबादी केवल असम में है. इस पहल से न केवल एक दुर्लभ प्रजाति बचेगी, बल्कि कान्हा का इकोसिस्टम भी सशक्त होगा.

  • एक मई को बुद्ध पूर्णिमा पर अस्त होंगे बुध…. 27 दिनों तक इन राशियों पर पड़ेगा बुरा असर….

    एक मई को बुद्ध पूर्णिमा पर अस्त होंगे बुध…. 27 दिनों तक इन राशियों पर पड़ेगा बुरा असर….


    नई दिल्ली।
    एक मई को बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) का पर्व मनाया जाएगा. संयोगवश इसी दिन बुध (Budh Asta 2026) मेष राशि (Aries) में अस्त हो रहे हैं, जिससे बुध की स्थिति अगले 27 दिनों तक बहुत ही कमजोर हो जाएगी. ज्योतिष के अनुसार जब बुध ग्रह अस्त होते हैं, तो इसका असर खासतौर पर हमारी सोचने-समझने की क्षमता और बातचीत के तरीके पर पड़ता है.

    मई में बुध के अस्त होने से कुछ राशियों के लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होगी. इस दौरान जल्दबाजी में लिए गए फैसले परेशानी बढ़ा सकते हैं. आइए जानते हैं किन राशियों को संभलकर रहने की सलाह दी जा रही है।

    वृषभ राशि: इस समय आपके खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे बजट बिगड़ सकता है. पैसों के मामले में सतर्क रहें. बड़े निवेश या जोखिम लेने से बचें. छोटी-छोटी लापरवाही भी आर्थिक दबाव बढ़ा सकती है।

    मिथुन राशि: आपकी योजनाएं इस दौरान पूरी तरह सफल नहीं हो पाएंगी. सेहत में उतार-चढ़ाव आ सकता है. कामकाज में भी अड़चनें आ सकती हैं. आत्मविश्वास ठीक है, लेकिन ओवरकॉन्फिडेंस से बचें, वरना गलत फैसले नुकसान दे सकते हैं.

    कन्या राशि: रिश्तों के मामले में सावधानी जरूरी है. छोटी-छोटी बातों पर गलतफहमी बढ़ सकती है. मन में नकारात्मक सोच हावी हो सकती है, इसलिए बातचीत के जरिए चीजों को संभालने की कोशिश करें।

    वृश्चिक राशि: कार्यक्षेत्र में दबाव बढ़ सकता है. तनाव के कारण आपका ध्यान भटक सकता है. काम प्रभावित हो सकता है. सहकर्मियों के साथ बहस या टकराव से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा।

    मीन राशि: इस दौरान मन थोड़ा उलझा हुआ रह सकता है. किसी भी फैसले को लेने से पहले अच्छे से सोच-विचार करें. जल्दबाजी में लिया गया निर्णय बाद में परेशानी दे सकता है, इसलिए धैर्य रखना जरूरी है।