Author: bharati

  • आचार्य बालकृष्ण के हेल्थ टिप्स: रोजाना पपीता खाने से घटे कोलेस्ट्रॉल और दिल स्वस्थ

    आचार्य बालकृष्ण के हेल्थ टिप्स: रोजाना पपीता खाने से घटे कोलेस्ट्रॉल और दिल स्वस्थ


    नई दिल्ली । आचार्य बालकृष्ण ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कोलेस्ट्रॉल कम करने और दिल को स्वस्थ रखने का आसान उपाय बताया है। उनका सुझाव है कि प्रतिदिन पपीता खाने से शरीर में जमा बुरा कोलेस्ट्रॉल LDL नियंत्रित होता है और ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है।

    पपीता क्यों खाएं?

    पपीता एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिनों का प्राकृतिक स्रोत है। इसमें विटामिन C फाइबर और कई पोषक तत्व होते हैं। आचार्य बालकृष्ण के अनुसार नियमित रूप से पपीता खाने से कोलेस्ट्रॉल स्तर नियंत्रित रहता है और दिल से जुड़े रोगों का खतरा भी कम होता है। पपीता आयुर्वेद में पाचन सुधारने वाला फल माना जाता है। यह शरीर में जमा गंदा कोलेस्ट्रॉल बाहर निकालने में मदद करता है और कब्ज एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत देता है। इसके अलावा पपीते में मौजूद फाइबर गुड कोलेस्ट्रॉल HDL बढ़ाने में मदद करता है और ब्लड सर्कुलेशन को सुधारता है।

    प्रतिदिन कितना पपीता खाएं?

    आचार्य बालकृष्ण के अनुसार: रोजाना 1 कटोरी पपीता सुबह या शाम खाया जा सकता है। इसे बिना नमक के खाना चाहिए। सर्दी-जुकाम में पपीते पर थोड़ा काली मिर्च पाउडर छिड़ककर खाया जा सकता है। पपीता तले-भुने भोजन के साथ न मिलाएं।

    आसान और किफायती उपाय

    पपीता घर में आसानी से उपलब्ध होता है और इसका सेवन सरल प्राकृतिक और किफायती तरीका है कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने का। यह न केवल दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है बल्कि पाचन तंत्र और कब्ज जैसी सामान्य समस्याओं में भी राहत देता है।

  • आज से बुध कुंभ राशि में चलेंगे वक्री की चाल, इन राशियों को रहना होगा सतर्क, ये होंगी मालामाल

    आज से बुध कुंभ राशि में चलेंगे वक्री की चाल, इन राशियों को रहना होगा सतर्क, ये होंगी मालामाल


    नई दिल्‍ली । ज्योतिष के अनुसार, बुध ग्रह बुद्धि, तर्क और बातचीत का कारक माना जाता है। द्रिक पंचांग के मुताबिक, 26 फरवरी 2026 से बुध कुंभ राशि में वक्री चाल चलेंगे, जो लगभग 21 मार्च 2026 तक बनी रहेगी। इस दौरान लोगों की सोच, निर्णय लेने की क्षमता और संवाद पर असर दिख सकता है। पुराने अधूरे काम सामने आ सकते हैं, गलतफहमियां बढ़ सकती हैं, इसलिए जल्दबाजी करने की बजाय सोच-समझकर कदम उठाना जरूरी होगा।

    इन राशियों को मिलेगा फायदा या सामान्य परिणाम
    मेष: आमदनी बढ़ सकती है, पुराने पैसे वापस मिल सकते हैं। दोस्तों से मुलाकात खुशियाँ लाएगी। निवेश सोच-समझकर करें।

    वृषभ: करियर में मेहनत रंग लाएगी। अधिकारियों के साथ संबंध बेहतर रहेंगे, लेकिन जल्दबाजी से बचें।

    मिथुन: रुके काम धीरे-धीरे पूरे होंगे। धार्मिक यात्रा का योग बन सकता है। कागजी काम में सावधानी रखें।

    सिंह: पार्टनरशिप में लाभ, जीवनसाथी के साथ रिश्ते मधुर रहेंगे। अहंकार से बचें।

    तुला: लव और क्रिएटिव फील्ड में समय अच्छा। अचानक धन लाभ और नए मौके मिल सकते हैं।

    वृश्चिक: घर-परिवार से जुड़ी समस्याओं का समाधान, प्रॉपर्टी या वाहन मामलों में राहत मिल सकती है।

    इन राशियों को रहना होगा ज्यादा सतर्क
    कर्क: काम में लापरवाही नुकसान दे सकती है। बड़े फैसले से पहले सलाह लें। थकान और नींद की कमी से परेशानी बढ़ सकती है।

    कन्या: जॉब बदलाव या ट्रांसफर का संकेत। विदेश से जुड़े काम में देरी हो सकती है। धैर्य बनाए रखें।

    धनु: यात्रा में रुकावट और भाई-बहनों से विवाद की स्थिति। बोलते समय संयम रखें।

    मकर: बातों को गलत समझा जा सकता है, विवाद बढ़ सकता है। गले या आवाज की समस्या संभव।

    कुंभ: बुध आपकी राशि में वक्री हैं, मन में उलझन और फैसले में दुविधा रह सकती है। शांत रहें।

    मीन: पैसों के मामलों में सावधानी। वाहन चलाते समय सतर्क रहें और परिवार की सेहत का ध्यान रखें।

  • पूरे शरीर के लिए योग का वरदान: सर्वांगपुष्टि आसन के फायदे और अभ्यास

    पूरे शरीर के लिए योग का वरदान: सर्वांगपुष्टि आसन के फायदे और अभ्यास


    नई दिल्ली ।आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां अनियमित दिनचर्या, तनाव और लंबे समय तक बैठे रहने की आदत आम हो गई है, वहीं शरीर कमजोर और सुस्त महसूस करना भी आम बात हो गई है। ऐसे समय में रोजाना 10 से 15 मिनट का योगाभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक ऊर्जा बढ़ाने में भी कारगर साबित होता है ।

    मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ योगा के अनुसार, सर्वांगपुष्टि आसन एक सरल लेकिन प्रभावी योगासान है। यह पूरे शरीर को सक्रिय कर मांसपेशियों की ताकत, रक्त संचार और स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। इस आसन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है, जिससे कमर और पीठ दर्द में राहत मिलती है।

    सर्वांगपुष्टि आसन पूरे शरीर की मांसपेशियों को टोन करता है, खासकर पेट, कमर और पैरों की चर्बी घटाने में मदद करता है। बेहतर रक्त संचार के कारण शरीर में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति बढ़ती है, जिससे त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है और इम्यूनिटी मजबूत होती है। इसके अलावा, मोटापा, कब्ज और शारीरिक दुर्बलता जैसी समस्याओं में सुधार आता है।

    बच्चों और युवाओं में हाइट और शारीरिक विकास को बढ़ावा देने में भी यह आसन सहायक है। जोड़ों की जकड़न दूर होती है, लचीलापन बढ़ता है और थकान एवं तनाव कम होकर ऊर्जा का स्तर बनाए रहता है।

    हालांकि, इसे करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। गर्दन, पीठ या कंधे में चोट, उच्च रक्तचाप, सिरदर्द, गंभीर हृदय रोग या हाल ही में सर्जरी हुई हो तो यह आसन न करें। गर्भवती महिलाएं और पीरियड्स के दौरान भी इसे टालें। शुरुआत में अभ्यास को ज्यादा लंबा न रखें, सांस पर ध्यान दें और खाली पेट या हल्के व्यायाम के बाद ही करें। असुविधा या चक्कर आने पर तुरंत रुक जाएं।

    सर्वांगपुष्टि आसन शरीर को मजबूत बनाता है, सुस्ती दूर करता है और मानसिक ऊर्जा बढ़ाता है। रोजाना 10 मिनट का नियमित अभ्यास आधुनिक जीवन की चुनौतियों से निपटने और स्वास्थ्य को संतुलित रखने का सरल और प्रभावी तरीका है।

  • हार्ट हेल्थ और उम्र कम करने के लिए जरूरी एंटीऑक्सिडेंट रिच डाइट: कैसे लें रोजाना

    हार्ट हेल्थ और उम्र कम करने के लिए जरूरी एंटीऑक्सिडेंट रिच डाइट: कैसे लें रोजाना


    नई दिल्ली एक मशहूर कहावत है ‘ईट द रेनबो’। इसका मतलब है अपनी थाली में अलग-अलग रंगों वाले नेचुरल फूड शामिल करें। यह सिर्फ कहावत नहीं बल्कि साइंस-बेस्ड सलाह भी है। रेड स्ट्रॉबेरी, बैंगनी प्लम, हरी पत्तेदार सब्जियां और नीली ब्लूबेरी जैसे रंगीन फूड्स में पॉलीफेनॉल्स जैसे पावरफुल एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं। लंदन के किंग्स कॉलेज की हालिया स्टडी के मुताबिक लंबे समय तक पॉलीफेनॉल रिच डाइट लेने से हार्ट हेल्थ बेहतर रहती है।

    डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ के अनुसार, एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। फ्री रेडिकल्स अनस्टेबल मॉलिक्यूल होते हैं जो सेल्स को डैमेज करते हैं और ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस पैदा करते हैं। एंटीऑक्सिडेंट्स इन्हें न्यूट्रलाइज कर शरीर को सुरक्षा प्रदान करते हैं। विटामिन A, C, E, बीटा-कैरोटीन, लाइकोपीन, ल्यूटिन, सेलेनियम और पॉलीफेनॉल जैसे तत्व इन फूड्स में होते हैं।

    एंटीऑक्सिडेंट्स सेल्स को डैमेज होने से बचाते हैं, ब्लड वेसल्स को हेल्दी रखते हैं और इंफ्लेमेशन कम करते हैं। जब शरीर में स्तर बैलेंस्ड रहता है, तो इम्यून सिस्टम भी प्रभावी ढंग से काम करता है।

    हार्ट हेल्थ के लिए यह बेहद जरूरी है क्योंकि हार्ट डिजीज की शुरुआत अक्सर आर्टरीज में इंफ्लेमेशन और अंदरूनी डैमेज से होती है। LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल जब ऑक्सिडाइज्ड होता है तो आर्टरीज की वॉल्स पर जमाव बनता है और ब्लड फ्लो प्रभावित होता है। एंटीऑक्सिडेंट्स इस प्रोसेस को कंट्रोल करते हैं, ब्लड फ्लो बेहतर रखते हैं और दिल पर दबाव कम करते हैं।

    एंटीऑक्सिडेंट्स इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मदद करते हैं। विटामिन C, E और बीटा-कैरोटीन संक्रमण से लड़ने वाली इम्यून सेल्स को मजबूत बनाते हैं। इसके अलावा, एजिंग स्पीड कम करने में भी यह सहायक होते हैं। ऑक्सिडेटिव डैमेज की वजह से सेल्स, डीएनए, प्रोटीन और बॉडी फैट डैमेज होते हैं जिससे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया तेज होती है। एंटीऑक्सिडेंट रिच फूड यह डैमेज कम कर सेल्स की उम्र बढ़ाते हैं।

    सप्लीमेंट की जरूरत आमतौर पर तब होती है जब डाइट संतुलित न हो, या व्यक्ति प्रदूषण, स्मोकिंग, क्रॉनिक स्ट्रेस या कमजोर इम्यून सिस्टम से प्रभावित हो। रोजाना पर्याप्त एंटीऑक्सिडेंट्स के लिए 4-5 सर्विंग फल और सब्जियां लेना पर्याप्त माना जाता है। हाई-डोज सप्लीमेंट्स लेने से नेचुरल बैलेंस बिगड़ सकता है, जिससे मेटाबॉलिक प्रोसेस और इम्यून सिस्टम पर असर पड़ सकता है।

    एंटीऑक्सिडेंट फूड को डाइट में शामिल करने के लिए किसी महंगे प्लान की जरूरत नहीं। कोशिश करें कि थाली में अलग-अलग रंग के फल और सब्जियां हों और प्रोसेस्ड स्नैक्स की जगह नेचुरल ऑप्शन चुनें।एंटीऑक्सिडेंट्स रिच फूड कोई ट्रेंड नहीं बल्कि हेल्थ स्ट्रैटेजी है। यह हार्ट हेल्थ बेहतर रखता है, इम्यूनिटी मजबूत करता है और उम्र बढ़ने की रफ्तार को संतुलित करता है। रंगीन और नेचुरल डाइट लंबे समय तक सेहतमंद रहने में अहम भूमिका निभाती है।

  • Holi 2026: रंगों से पहले स्किन को करें प्रोटेक्ट, अपनाएं ये आसान Pre-Holi स्किन केयर रूटीन

    Holi 2026: रंगों से पहले स्किन को करें प्रोटेक्ट, अपनाएं ये आसान Pre-Holi स्किन केयर रूटीन


    नई दिल्ली । Holi का त्योहार खुशियों उमंग और रंगों से भरा होता है लेकिन बाजार में मिलने वाले केमिकल युक्त रंग त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। साल 2026 में होली 4 मार्च को मनाई जाएगी जबकि मथुरा-वृंदावन में उत्सव की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में जरूरी है कि आप त्योहार से 5-7 दिन पहले अपनी स्किन को तैयार करें ताकि रंगों का असर कम से कम हो और त्वचा हेल्दी बनी रहेनई दिल्ली

    होली से 5-7 दिन पहले क्या करें?

    डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार होली से एक हफ्ता पहले से ही स्किन को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है।
    रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। माइल्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें। फेस और बॉडी पर नियमित मॉइश्चराइजर लगाएं। किसी नए ब्यूटी प्रोडक्ट केमिकल पील या हार्श ट्रीटमेंट को ट्राई न करें।अगर पहले से एक्ने एलर्जी या रैश की समस्या है तो पहले उसका इलाज कराएं क्योंकि सेंसिटिव स्किन पर रंग ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं।

    रंग खेलने से पहले ये 3 चीजें जरूर लगाएं

    तेल की पतली परत: होली खेलने से 20-30 मिनट पहले चेहरे गर्दन हाथ-पैरों पर नारियल या बादाम का तेल लगाएं। इससे स्किन पर एक प्रोटेक्टिव लेयर बनती है और रंग सीधे त्वचा में नहीं चिपकते।

    मॉइश्चराइजर: तेल के बाद वॉटर-बेस्ड मॉइश्चराइजर लगाएं।

    सनस्क्रीन: धूप में खेलने से पहले कम से कम SPF 30 या उससे ज्यादा का सनस्क्रीन 15-20 मिनट पहले अप्लाई करें। जरूरत हो तो दोबारा लगाएं।अलग-अलग स्किन टाइप के लिए खास टिप्स 

    ड्राई स्किन
    हेवी मॉइश्चराइजर और क्रीम-बेस्ड प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें। रात में स्किन रिपेयर क्रीम लगाएं ताकि नमी बरकरार रहे।

    ऑयली स्किन

    हल्का नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइश्चराइजर चुनें। ज्यादा ऑयलिंग से बचें लेकिन एक पतली प्रोटेक्टिव लेयर जरूर रखें।

    सेंसिटिव स्किन
    खुशबूदार या केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स से बचें। पहले पैच टेस्ट करें और जहां तक संभव हो हर्बल या ऑर्गेनिक रंगों का ही उपयोग करें।

    केमिकल रंगों से बचाव क्यों जरूरी?

    विशेषज्ञों के अनुसार कई रंगों में लेड मरकरी और अन्य हानिकारक केमिकल मिलाए जाते हैं जो स्किन एलर्जी रैश और पिगमेंटेशन का कारण बन सकते हैं। अगर रंग लगाने के बाद जलन या खुजली हो तो त्वचा को जोर से रगड़ने के बजाय सादे पानी से धोएं और जरूरत पड़ने पर स्किन स्पेशलिस्ट से सलाह लें।

    क्या बिल्कुल न करें?

    रंग छुड़ाने के लिए स्किन को जोर से न रगड़ें।हार्श स्क्रब या केरोसिन जैसे घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल न करें।बहुत गर्म पानी से चेहरा न धोएं।सही तैयारी के साथ आप होली के रंगों का आनंद भी ले सकते हैं और अपनी त्वचा को सुरक्षित भी रख सकते हैं।

  • गुरुवार 26 फरवरी 2026: रवि योग, अमृतकाल, राहुकाल और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी

    गुरुवार 26 फरवरी 2026: रवि योग, अमृतकाल, राहुकाल और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी


    नई दिल्ली। सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। यह दिन-प्रतिदिन के कार्यों के लिए शुभ और अशुभ समय बताता है। 26 फरवरी गुरुवार को नारायण और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है। इस दिन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रात 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगी, उसके बाद एकादशी आरंभ होगी।

    पंचांग के पांच अंग होते हैं-तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इनका मिलकर शुभ-अशुभ समय निर्धारित करने में उपयोग होता है। 26 फरवरी को नक्षत्र मृगशिरा दोपहर 12 बजकर 11 मिनट तक रहेगा, उसके बाद आर्द्रा नक्षत्र प्रारंभ होगा। योग प्रीति रात 10 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। यह दिन रवि योग से युक्त है, जो अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। सूर्योदय 6 बजकर 49 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 19 मिनट पर होगा।

    मुहूर्त का ज्ञान भी पंचांग से ही मिलता है। गुरुवार के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं- अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 29 मिनट से 3 बजकर 15 मिनट तक। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 9 मिनट से 5 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 16 मिनट से 6 बजकर 42 मिनट तक है। अमृत काल रात 1 बजकर 23 मिनट से 2 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। पूरे दिन रवि योग का प्रभाव बना रहेगा।

    पंचांग में अशुभ काल का विशेष महत्व होता है। राहुकाल दोपहर 2 बजे से 3 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। यमगंड सुबह 6 बजकर 49 मिनट से 8 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 9 बजकर 42 मिनट से 11 बजकर 8 मिनट तक है। दुर्मुहूर्त सुबह 10 बजकर 39 मिनट से 11 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य से परहेज करना चाहिए।

    गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति और नारायण को समर्पित पूजन का विधान है। पीले रंग का भोजन करना, पीले वस्त्र धारण करना और मस्तक पर पीला चंदन या हल्दी लगाना शुभ माना जाता है। इस दिन दान करना और नारायण की विशेष पूजा करना अत्यंत फलदायी होता है।संपूर्ण दिन के पंचांग का पालन करके व्यक्ति अपने कार्यों में सफलता और समृद्धि प्राप्त कर सकता है। शुभ मुहूर्त और रवि योग का ध्यान रखते हुए गुरुवार को किए गए कार्य विशेष फलदायी माने जाते हैं।

  • जानिए आज गुरुवार का राशिफल

    जानिए आज गुरुवार का राशिफल

    युगाब्ध-5126, विक्रम संवत 2082, राष्ट्रीय शक संवत-1947, सूर्योदय 06.44, सूर्यास्त 06.04, ऋतु – शीत
    फाल्गुन शुक्ल पक्ष नवमी, गुरुवार, 26 फरवरी 2026 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है, आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें आज का भविष्यफल।

    मेष राशि :- पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। किसी से कहा सुनी न हो यही ध्यान रहे। अपना कार्य दूसरों के सहयोग से बना लेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। शुभांक-1-4-6

    वृष राशि :- अपने संघर्ष में स्वयं को अकेला महसूस करेंगे। विशेष परिश्रम से ही अभिष्ट कार्य सिद्घ होंगे। व्यर्थ प्रपंच में समय नहीं गंवाकर अपने काम पर ध्यान दीजिए। बनते हुए कार्यों में बाधा आएगी। विरोधियों के सक्रिय होने की संभावना है। चल-अचल सम्पति में वृद्घि होगी। बाहरी सहयोग की अपेक्षा रहेगी। शुभांक-2-4-6

    मिथुन राशि :- रोजगार में तरक्की मिलेगी। जमीन जायदाद का लाभ भी हो सकता है। अपने संघर्ष में स्वयं के आर्थिक उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। आवास, मकान तथा वाहन की सुविधाएं मिलेंगी। कर्ज तथा रोगों से मुक्ति भी संभव है। शत्रुओं की पराजय होगी। कुछ आर्थिक चिंताएं भी कम होगी। शुभांक-2-5-6

    कर्क राशि :- उच्चमनोबल रखकर कार्य करें, सफल होंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। शुभांक-2-5-7

    सिंह राशि :- सुविधा और समन्वय बना रहने से कामकाज में प्रगति बनेगी। यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। कामकाज में आ रही बाधा को दूर कर लेंगे। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। बुद्घितत्व की सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। कुछ महत्त्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। शुभांक-4-6-7

    कन्या राशि :- घर-परिवार में प्रसन्नता व सहयोग का वातावरण बनेगा। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। व्ययाधिक्य का अवसर आ सकता है। कामकाज की अधिकता रहेगी। लाभ भी होगा और पुराने मित्रों का समागम भी। बाहरी सहयोग की अपेक्षा रहेगी। श्रम अधिक करना पड़ सकता है। शुभांक-4-6-8

    तुला राशि :- वरिष्ठजनों से मतभेद उभर सकते हैं। शांतिपूर्वक नित्य कार्य करें। संतान की प्रगति से संतोष होगा। व्यर्थ की भाग-दौड़ में समय व्यतीत होगा। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बन रहा है। कलह विवाद का डर बना रहेगा। पारिवारिक तनाव, अलगाव का सामना करना पड़ सकता है। शुभांक-4-6-7

    वृश्चिक राशि :- अपना कार्य दूसरों के सहयोग से बना लेंगे। प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। आमोद-प्रमोद का दिन होगा और व्यावसायिक प्रगति भी होगी। ज्ञान-विज्ञान की वृद्घि होगी और सज्जनों का साथ भी रहेगा। कुछ कार्य भी सिद्घ होंगे। किसी अपने की सलाह उपयोगी सिद्घ होगी। शुभांक-1-5-9

    धनु राशि :- बुद्घि और धन का दुरूपयोग न करें व्यर्थ के आडम्बरों से बचें। परिवार में किसी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। मानसिक तनाव में बढ़ोतरी होगी। किसी का अभद्र व्यवहार खिन्नता व तनाव बढ़ायेगा। विरोधियों के सक्रिय होने की संभावना है। आज का परिश्रम आगे लाभ देगा। शुभांक-2-5-7

    मकर राशि :- आगे बढ़ने के अवसर लाभकारी सिद्घ हो रहे हैं। कुछ आर्थिक संकोच पैदा हो सकते हैं। कोई प्रिय वस्तु अथवा नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। मान-सम्मान बढ़ेगा। धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। सुख-आनंद कारक समय है। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। आय के अच्छे योग बनेंगे। शुभांक-3-7-9

    कुम्भ राशि :- बुद्घितत्व की सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। कुछ महत्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। सुखद समय की अनुभूतियां प्रबल होंगी। मनोविनोद बढ़ेंगे। व्ययाधिक्य का अवसर आ सकता है। शुभ कार्यों का लाभदायक परिणाम होगा। कामकाज की अधिकता रहेगी। संतान की उन्नति के योग हैं। शुभांक-5-7-9

    मीन राशि :- जरा-सी लापरवाही आपको परेशानी में डाल सकती है। व्यर्थ की भाग-दौड़ से यदि बचा ही जाए तो अच्छा है। मानसिक व्यथा व संतान के कारण परेशानी होगी। आवेश में आना आपके हित में नहीं होगा, इसलिए व्यवहार व वाणी पर नियंत्रण रखें। पुरानी गलती का पश्चाताप होगा। शुभांक-3-5-7

     

  • कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पहली बार दिखा दुर्लभ प्रजाति का फॉरेस्ट आउलेट

    कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पहली बार दिखा दुर्लभ प्रजाति का फॉरेस्ट आउलेट


    भोपाल।
    जैव विविधता संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा की दिशा में सतत एवं सुनियोजित प्रयास कर रही मध्य प्रदेश सरकार को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। श्योपुर जिले में स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पहली बार दुर्लभ प्रजाति का फॉरेस्ट ऑउलेट(एथिन ब्लेविटी) को देखा गया है।

    पक्षी विज्ञान के क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। स्थानिक और लुप्त प्राय फॉरेस्ट ऑउलेट(एथिन ब्लेविटी) को पहली बार कूनो राष्ट्रीय उद्यान में देखा गया है, जो इस प्रजाति के ज्ञात वितरण क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार का संकेत है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में फॉरेस्ट ऑउलेट की खोज भारत में जैव विविधता संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पक्षी विश्व के सबसे दुर्लभ शिकारी पक्षियों में से एक है और चीता परियोजना से जुड़े पर्यावास प्रबंधन के साथ इसके संभावित पारिस्थितिक संबंध हैं।

    फॉरेस्ट आउलेट मध्य भारत का एक स्थानिक (endemic) पक्षी है, जिसे 1872 में पहली बार खोजा गया था, लेकिन 1884 के बाद इसे विलुप्त मान लिया गया था। लगभग 113 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, 1997 में इसे महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में फिर से खोजा गया, जिसने पक्षी विज्ञान की दुनिया में सनसनी फैला दी थी। वर्तमान में यह मध्य भारत के खंडित वन क्षेत्रों में पाया जाता है, जिसमें मध्य प्रदेश (खकनार, पीपलोद), महाराष्ट्र (तोरणमाल, मेलघाट) और गुजरात (डांग, पूर्णा वन्य जीव अभयारण्य) के हिस्से शामिल हैं।

    मध्य प्रदेश में फॉरेस्ट ऑउलेट पहले केवल पूर्वी खंडवा, बुरहानपुर और बैतूल जिलों में ही पाया जाता था। इस दुर्लभ पक्षी को सबसे पहले कूनो में स्थानीय पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लाभ यादव ने पारोंद बीट में क्षेत्र भ्रमण के दौरान देखा था, जिससे प्रजाति के अत्यधिक सीमित वितरण और संरक्षण स्थिति के कारण वन विभाग का ध्यान तुरंत आकर्षित हुआ। प्रमुख पहचान लक्षणों के आधार पर,वाइल्ड लाइफ रिसर्च एण्ड कंजर्वेशन सोसायटी, पुणे के विवेक पटेल ने मौके पर ही इसकी पुष्टि की, जिससे यह कूनो राष्ट्रीय उद्यान से प्रजाति का पहला प्रामाणिक रिकॉर्ड बन गया।

    अधिकांश उल्लुओं के व्यवहार के विपरीत, फॉरेस्ट ऑउलेट मुख्य रूप से दिन में सक्रिय रहने वाला पक्षी है। यह सुबह 6:00 से 10:00 बजे के बीच सबसे अधिक सक्रिय रहता है और कड़ी धूप में भी ऊंचे पेड़ों की टहनियों पर बैठा देखा जा सकता है। फॉरेस्ट ऑउलेट को वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ द्वारा ‘लुप्त प्राय’ श्रेणी में रखा गया है। इसकी कुल वैश्विक वयस्क संख्या 250 से 999 के बीच होने का अनुमान है।

    मध्य प्रदेश में इसके वितरण को समझने के लिए और सर्वेक्षण किए जाने की आवश्यकता है। फॉरेस्ट ऑउलेट, जिसे कभी विलुप्त माना जाता था और 1997 में पुनः खोजा गया था, वर्तमान में मध्य भारत के सीमित क्षेत्रों में पाया जाता है और पर्यावास के क्षरण और विखंडन से लगातार खतरे का सामना कर रहा है। यह नया रिकॉर्ड कूनो राष्ट्रीय उद्यान के जंगलों के पारिस्थितिक महत्व को उजागर करता है।

    फॉरेस्ट आउलेट का दिखाई देना संकेत दे रहा है कि चीता के लिये किये जा रहे संरक्षण प्रयासों से पारिस्थितिकीय तंत्र में सुधार होने से अन्य लुप्तप्राय प्रजातियों की भी वापसी हो रही है। मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में इस प्रजाति के मिलने से पक्षी संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों में उत्साह की लहर है।

  • नेतन्याहू ने मोदी को बताया ‘भाई’, कट्टरपंथ के खिलाफ ‘आयरन एलायंस’ बनाने की घोषणा

    नेतन्याहू ने मोदी को बताया ‘भाई’, कट्टरपंथ के खिलाफ ‘आयरन एलायंस’ बनाने की घोषणा


    यरुशलम।
    इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu) ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Indian Prime Minister Narendra Modi) की यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वह इससे पहले कभी इतने भावुक नहीं हुए। इजराइल की संसद नेसेट में अपने संबोधन के दौरान नेतन्याहू ने मोदी को “महान मित्र” और “विश्व मंच के बड़े नेता” की संज्ञा दी।

    उन्होंने कहा, “नरेन्द्र, मेरे प्रिय मित्र, आपके यहां आने से मैं काफी भावुक हूं… मैं यह कहने का साहस करता हूं कि आप केवल मित्र ही नहीं, बल्कि भाई जैसे हैं।” नेतन्याहू ने दोनों देशों के बीच तकनीकी और रणनीतिक सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि हाल के वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना और सहयोग कई गुना बढ़ा है।

    ‘कट्टरपंथी इस्लाम’ के खिलाफ आयरन एलायंस

    नेतन्याहू ने अपने भाषण में कहा कि भारत और इजराइल “कट्टरपंथी इस्लाम” के खतरे के खिलाफ एक “आयरन एलायंस” (मजबूत गठबंधन) का निर्माण करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देश आज पहले से अधिक मजबूत हैं और साझा मूल्यों — प्रगति, मानव गरिमा और पारस्परिक सम्मान — में विश्वास रखते हैं।

    उन्होंने 07 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद भारत के समर्थन के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। नेतन्याहू ने इजराइल की कार्रवाई को “रक्षात्मक युद्ध” बताते हुए कहा कि यह मानवता और सत्य के भविष्य के लिए संघर्ष है।

    आईएमईसी और नए समझौते

    नेतन्याहू ने कहा कि भारत और इजराइल मिलकर अमेरिका समर्थित इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकॉनमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) पहल को आगे बढ़ा रहे हैं। इस परियोजना का उद्देश्य समुद्र और रेल मार्ग के जरिए भारत को मध्य पूर्व के रास्ते यूरोप से जोड़ना है।

    उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर तभी सफल हो सकता है जब इसके मार्ग में स्थिर और सुरक्षित देश हों, और इस धुरी पर भारत और इजराइल से अधिक सुरक्षित देश कोई नहीं है।

    नेतन्याहू ने यह भी बताया कि यात्रा के दौरान पर्यटन, संस्कृति, कृषि, जल प्रबंधन और आव्रजन जैसे क्षेत्रों में कई समझौतों को लागू किया जाएगा। उन्होंने इसे अब्राहम समझौते की भावना के अनुरूप शांति और सहयोग की दिशा में अहम कदम बताया।

    इससे पहले, तेल अवीव एयरपोर्ट पर इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपनी पत्नी सारा नेतन्याहू के साथ पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। नेतन्याहू के आमंत्रण पर 25-26 फरवरी तक हो रहा यह दौरा भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

    तेल अवीव पहुंचने पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ उनका स्वागत किया गया। भारतीय प्रवासी समुदाय में इस दौरे को लेकर खासा उत्साह देखा गया। प्रवासियों ने इसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। इसी मौके पर भारतीय मूल की नेत्रहीन गायिका दीना सेमटे ने पीएम मोदी के समक्ष प्रस्तुति दी। मणिपुर से ताल्लुक रखने वाली दीना ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुति देने पर गर्व है और संगीत लोगों को जोड़ने का माध्यम है।

    उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद यह मोदी का दूसरा इजराइल दौरा है। इससे पहले वे 2017 में इजराइल गए थे, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। वर्ष 2018 में नेतन्याहू ने भारत का दौरा कर संबंधों को और मजबूती दी थी।

    इस बार की यात्रा को केवल द्विपक्षीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत-इजराइल संबंधों की लंबी ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा माना जा रहा है। दोनों देश रक्षा, प्रौद्योगिकी, जल प्रबंधन, कृषि और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। पीएम मोदी ने नेतन्याहू के साथ मुलाकात में टेक्नोलॉजी, वॉटर मैनेजमेंट, एग्रीकल्चर, टैलेंट पार्टनरशिप और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

    इस यात्रा को भारत–इजराइल संबंधों में नई मजबूती और रणनीतिक साझेदारी के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।

  • भारत इजराइल साझेदारी आपसी फायदे के साथ दुनिया को स्थिर और खुशहाल बनाने में दे रही योगदान : PM मोदी

    भारत इजराइल साझेदारी आपसी फायदे के साथ दुनिया को स्थिर और खुशहाल बनाने में दे रही योगदान : PM मोदी


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Indian Prime Minister Narendra Modi) ने बुधवार को इजराइली संसद (नेसेट) (Israeli Parliament (Knesset) को संबोधित किया और कहा कि दोनों देशों की मजबूत साझेदारी आपसी फायदे के साथ ही दुनिया भर में स्थिरता और खुशहाली में भी योगदान देती है। हमें पक्का करना चाहिए कि भारत और इजराइल के बीच दोस्ती अनिश्चित दुनिया में ताकत का जरिया बनी रहे।

    अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने इजराइल में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और गाजा शांति योजना का समर्थन किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि इजराइली संसद को संबोधित करना उनके लिए गरिमा और सम्मान की बात है। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि भारत ने जिस दिन इजराइल को देश के रूप में मान्यता दी थी उसी दिन (17 सितंबर 1950) उनका जन्म हुआ था।

    अपने भाषण में आतंकवाद की कड़ी निंदा करते हुए मोदी ने इजराइल के साथ एकजुटता दिखाई। उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों की हत्या को किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता। आतंकवाद का लक्ष्य समाज को अस्थिर करना, विकास को रोकना और भरोसा खत्म करना है। इस पर किसी भी तरह से दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए। साथ ही समन्वय और सतत प्रयास के साथ आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत गाजा शांति योजना को पूर्ण समर्थन देता है।

    प्रधानमंत्री के भाषण के बाद उन्हें “स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल” से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री मोदी यह मेडल पाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं, जो नेसेट का सबसे बड़ा सम्मान है।

    भारत और इजराइल के बीच के हजारों साल पुराने सभ्यगत संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नागरिक संबंध दोनों देशों की दोस्ती का आधार है। उन्होंने यह भी कहा कि यहूदी भारत में ना सताए गए और ना ही उनके साथ कभी भेदभाव हुआ। इस दौरान भारत की विकास यात्रा में योगदान देने वाले प्रमुख यहूदी के नाम भी उन्होंने उल्लेख किया।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इजराइल के बीच के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदले जाने के बाद से इसका स्तर और दायरा बहुत बढ़ा है। भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है ऐसे में नवाचार और तकनीकी में आगे इजराइल के साथ उसके संबंध स्वभावी तौर पर भविष्य उन्मुख साझेदारी के संकेत हैं। प्रधानमंत्री ने क्वांटम कंप्यूटर, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग की संभावनाओं का जिक्र किया।

    प्रधानमंत्री ने इजराइल में योग को मिलते विस्तार और आयुर्वेद में बढ़ती रुचि का जिक्र करते हुए इजराइली युवाओं को भारत आने और चिकित्सा प्रणाली से जोड़ने का आह्वान किया।

    इससे पहले, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी की बिना कोई इधर-उधर की बात किये इजराइल के साथ खड़े रहने की सराहना की। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने नरेन्द्र मोदी के दोनों देशों के संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने में योगदान की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इसके चलते दोनों देशों का व्यापार दो गुना, सहयोग तीन गुना और समझ चार गुना हुई है।

    इजराइली प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की विश्व नेताओं के साथ गले लगने की विशेष अभिवादन शैली की तारीफ करते हुए कहा कि इस दुनिया में मोदी हग के रूप में जाना जाता है।

    नेतन्याहू ने इस बात को रेखांकित किया कि यहूदी दुनिया में केवल भारत में ही भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा।