Author: bharati

  • पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर, एयर इंडिया ने सऊदी अरब के तीन शहरों की उड़ानें 14 नवंबर तक रोकीं

    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर, एयर इंडिया ने सऊदी अरब के तीन शहरों की उड़ानें 14 नवंबर तक रोकीं

    नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात का असर हवाई सेवाओं पर पड़ने लगा है। सऊदी अरब आने-जाने वाले यात्रियों को अब अपनी यात्रा की योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सऊदी अरब के तीन प्रमुख शहरों के लिए अपनी उड़ानें 14 नवंबर 2026 तक निलंबित कर दी हैं। इस फैसले से जेद्दा, रियाद और दम्माम के लिए हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। वहीं, इंडिगो और अकासा एयर ने भी सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए अपनी कुछ सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं।

    एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने पहले भी इन शहरों के लिए उड़ानों पर रोक लगाई थी। उस समय रियाद और दम्माम की उड़ानें 7 नवंबर तक, जबकि जेद्दा की उड़ानें 31 अक्टूबर तक निलंबित की गई थीं। अब क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए इस अवधि को बढ़ाकर 14 नवंबर 2026 कर दिया गया है। एयरलाइंस का यह निर्णय यात्रियों और विमान संचालन की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

    प्रभावित यात्रियों को राहत देने के लिए टिकट की तारीख बदलने और पूरा रिफंड लेने का विकल्प दिया गया है। इसके लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं। यह सुविधा उन यात्रियों को मिलेगी जिनके टिकट 30 अक्टूबर 2026 या उससे पहले जारी हुए हैं और जिनकी यात्रा की तारीख 14 नवंबर 2026 तक निर्धारित थी। ऐसे यात्री एक बार बिना अतिरिक्त शुल्क के अपनी यात्रा की तारीख बदल सकते हैं। नई यात्रा 29 नवंबर 2026 तक पूरी करनी होगी। हालांकि, मुफ्त रीबुकिंग की सुविधा सीटों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।

    जो यात्री अपनी यात्रा नहीं करना चाहते, वे टिकट रद्द कर पूरा रिफंड प्राप्त कर सकते हैं। एयर इंडिया के यात्री सऊदी अरब में एयरलाइन के किसी भी चालू स्टेशन से आने-जाने के लिए टिकट की वैकल्पिक व्यवस्था करा सकते हैं। वहीं, एयर इंडिया एक्सप्रेस के यात्रियों को सऊदी अरब या बहरीन में एयरलाइन के किसी भी चालू स्टेशन के लिए रीबुकिंग का विकल्प दिया गया है। प्रभावित यात्रियों की सहायता के लिए दोनों कंपनियों ने संपर्क केंद्र और शहरों में टिकट बुकिंग कार्यालयों की सुविधा उपलब्ध कराई है।

    सऊदी अरब में हाल के हमलों के बाद सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं। 21 अक्टूबर को दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और शायबाह तेल क्षेत्र को निशाना बनाए जाने की घटना सामने आई थी। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य घायल हुए थे। शायबाह तेल क्षेत्र में हुए हमले में भी एक भारतीय नागरिक घायल हुआ था। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में नागरिक और ऊर्जा से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है।

    उड़ानों पर रोक लगाने वाली कंपनियों में इंडिगो भी शामिल है। कंपनी ने जेद्दा, दम्माम और मदीना आने-जाने वाली अपनी उड़ानें 14 नवंबर तक रद्द की हैं। दूसरी ओर, अकासा एयर ने रियाद के लिए अपनी उड़ानों पर 30 नवंबर तक और जेद्दा के लिए 10 नवंबर तक रोक लगाने का फैसला किया है। इस तरह अलग-अलग एयरलाइंस की उड़ानों के निलंबन की अवधि अलग-अलग रखी गई है।

    प्रभावित यात्री टिकट में बदलाव या रिफंड से संबंधित जानकारी के लिए एयर इंडिया के संपर्क नंबर +91 11 69329333 और +91 11 69329999 पर संपर्क कर सकते हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस के यात्रियों के लिए +91 124 6935600 नंबर उपलब्ध कराया गया है।

    यात्रियों को सलाह दी गई है कि हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें। टिकट बदलने या रद्द कराने से पहले संबंधित एयरलाइन की निर्धारित शर्तों और उपलब्ध विकल्पों की जानकारी लेना भी जरूरी है। पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात के बीच उड़ानों के संचालन में आगे भी बदलाव हो सकते हैं।

  • कपड़ा उद्योग को दिवाली का बड़ा तोहफा, सरकार ने 31 दिसंबर तक बढ़ाई कपास आयात शुल्क छूट की अवधि

    कपड़ा उद्योग को दिवाली का बड़ा तोहफा, सरकार ने 31 दिसंबर तक बढ़ाई कपास आयात शुल्क छूट की अवधि

    नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने दिवाली से पहले देश के कपड़ा और परिधान उद्योग को बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्रालय ने कच्चे कपास के आयात पर सीमा शुल्क से मिलने वाली छूट की अवधि दो महीने बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 तक कर दी है। इससे पहले यह छूट 31 अक्टूबर 2026 तक लागू थी। सरकार के इस फैसले से कपड़ा मिलों, धागा निर्माताओं और रेडीमेड गारमेंट बनाने वाली इकाइयों को सस्ती दरों पर कच्चा माल उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही घरेलू कपड़ा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

    कपास आयात पर सामान्य रूप से 11 प्रतिशत की दर से कस्टम ड्यूटी लगती है। सरकार ने पहले इस शुल्क को 31 अक्टूबर तक हटाने का फैसला किया था। अब समय-सीमा समाप्त होने से पहले वित्त मंत्रालय ने 30 अक्टूबर को अधिसूचना जारी कर छूट को 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया। इस निर्णय का प्रमुख उद्देश्य कपड़ा उद्योग को कच्चे माल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है, ताकि उत्पादन गतिविधियों पर असर न पड़े।

    कपास कपड़ा उद्योग का प्रमुख कच्चा माल है। इसके दाम बढ़ने पर धागे, कपड़े और तैयार परिधानों की उत्पादन लागत भी बढ़ जाती है। ऐसे में आयात शुल्क से छूट मिलने पर विदेशी बाजारों से कपास मंगाना अपेक्षाकृत सस्ता होगा। इससे कताई मिलों और गारमेंट निर्माताओं को अपनी लागत नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी। खासतौर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को इस फैसले से राहत मिलने की उम्मीद है। ये इकाइयां कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण वित्तीय दबाव का सामना कर रही थीं।

    आयात शुल्क में छूट बढ़ाने के पीछे घरेलू बाजार में कपास की सीमित उपलब्धता भी एक प्रमुख वजह मानी जा रही है। सामान्य तौर पर अक्टूबर से कृषि मंडियों में नई कपास की आवक बढ़ने लगती है, लेकिन इस साल आवक उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। पैदावार में संभावित कमी और बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद में किसानों द्वारा फसल रोककर रखने के कारण मंडियों में कपास की दैनिक आवक करीब 70 हजार से 80 हजार गांठों तक सीमित रही। एक गांठ का वजन 170 किलोग्राम बताया गया है।

    उद्योग से जुड़े अनुमानों के मुताबिक, कपास की घरेलू आपूर्ति और खपत के बीच अंतर बना हुआ था। ऐसे में उत्पादन इकाइयों की जरूरत पूरी करने के लिए आयातित कपास पर निर्भरता बढ़ाना जरूरी हो गया था। सरकार के इस फैसले से मिलों को कच्चे माल की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। साथ ही उत्पादन प्रक्रिया में रुकावट आने की आशंका भी कम होगी।

    भारतीय कपड़ा उद्योग को वैश्विक बाजार में बांग्लादेश, वियतनाम और कंबोडिया जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है। इन देशों में कच्चे माल की लागत और शुल्क व्यवस्था अपेक्षाकृत अनुकूल होने के कारण उनके उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम कीमत पर उपलब्ध हो पाते हैं। भारत में कपास के शुल्क-मुक्त आयात की सुविधा जारी रहने से घरेलू निर्माताओं को उत्पादन लागत पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी। इससे भारतीय निर्यातक समय पर विदेशी ऑर्डर पूरे कर सकेंगे और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर परिधान उपलब्ध करा सकेंगे।

    हालांकि, सरकार ने उद्योग को राहत देने के साथ घरेलू कपास किसानों के हितों का संतुलन बनाए रखने पर भी जोर दिया है। उम्मीद है कि दिवाली के बाद कृषि मंडियों में नई फसल की आवक बढ़ेगी और कपड़ा मिलों की घरेलू खरीद भी जारी रहेगी। सरकार आयातित और घरेलू कपास की कीमतों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए बाजार की स्थिति पर नजर रखेगी।

    कुल मिलाकर, कपास आयात शुल्क में छूट को 31 दिसंबर तक बढ़ाने का फैसला कपड़ा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे कच्चे माल की उपलब्धता, उत्पादन लागत और निर्यात प्रतिस्पर्धा से जुड़ी चुनौतियों को कम करने में मदद मिल सकती है।

  • ‘सड़क पर संसद’ कार्यक्रम को लेकर भाजपा का इंडिया गठबंधन पर हमला, गुरु प्रकाश ने बताया लोकतंत्र का मजाक

    ‘सड़क पर संसद’ कार्यक्रम को लेकर भाजपा का इंडिया गठबंधन पर हमला, गुरु प्रकाश ने बताया लोकतंत्र का मजाक


    नई दिल्ली ।बिहार में इंडिया गठबंधन के प्रस्तावित ‘सड़क पर संसद’ कार्यक्रम और रैली को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने विपक्षी गठबंधन के इस आयोजन पर सवाल उठाते हुए इसे निराधार और तर्कहीन आंदोलन बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतंत्र के नाम पर ऐसा कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जिसका कोई औचित्य नहीं है। वहीं, जनता दल यूनाइटेड के एमएलसी नीरज कुमार ने भी विपक्षी गठबंधन की एकजुटता और उसकी राजनीतिक भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।

    गुरु प्रकाश ने कहा कि इंडिया गठबंधन का प्रस्तावित ‘सड़क पर संसद’ कार्यक्रम कोई मॉक पार्लियामेंट नहीं है, बल्कि लोकतंत्र का मजाक है। उनके मुताबिक, विपक्ष झूठ और निराधार दावों के आधार पर आंदोलन खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कई बार अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है और संविधान पीठ भी संबंधित विषय को संवैधानिक बता चुकी है। ऐसे में इस मुद्दे पर आंदोलन करने का कोई तर्कसंगत आधार नहीं बनता।

    भाजपा प्रवक्ता ने विपक्षी गठबंधन के भीतर आपसी तालमेल की कमी का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में न तो समन्वय दिखाई देता है और न ही सहयोग की भावना है। उनके अनुसार, प्रस्तावित रैली राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन की हठधर्मिता का परिणाम है। उन्होंने विपक्ष की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि गठबंधन के नेताओं के बीच एकराय का अभाव नजर आता है।

    रैली की प्रस्तावित तारीख एक नवंबर को लेकर भी गुरु प्रकाश ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह तारीख सिख समुदाय के इतिहास से जुड़ी संवेदनशील घटनाओं की याद दिलाती है। उनके मुताबिक, वर्ष 1984 में दिल्ली में सिख समुदाय की महिलाओं और अन्य लोगों के साथ हुई घटनाओं को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी ऐतिहासिक संवेदनशीलता के बावजूद इसी दिन कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर देना विपक्ष की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।

    इंडिया गठबंधन की रैली को यूट्यूबर ध्रुव राठी का समर्थन मिलने के सवाल पर भी गुरु प्रकाश ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ध्रुव राठी, नेहा बोरा और अन्य लोगों की विचारधारा को लेकर सवाल उठाए। गुरु प्रकाश ने कहा कि जनता को यह समझना चाहिए कि इन लोगों की वैचारिक पृष्ठभूमि क्या है। उन्होंने नेहा बोरा के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि वह विपक्षी गठबंधन की रैली के मंच पर दिखाई देती हैं, तो इससे गठबंधन की संवैधानिक प्रतिबद्धता पर सवाल उठेंगे।

    गुरु प्रकाश ने शरजील इमाम का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वह भारतीय संविधान को फासीवादी दस्तावेज बताते रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के समर्थन को लेकर इंडिया गठबंधन को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता के अनुसार, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान के प्रति विपक्षी गठबंधन की निष्ठा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

    दूसरी ओर, जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने भी इंडिया गठबंधन की राजनीतिक सक्रियता पर सवाल उठाए। उन्होंने पश्चिम बंगाल के हालिया चुनावों का उल्लेख करते हुए पूछा कि वहां विपक्षी गठबंधन की एकजुटता कहां दिखाई दी। उन्होंने कहा कि गठबंधन की वास्तविक राजनीतिक स्थिति उसके अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन और आपसी तालमेल से स्पष्ट होती है।

    नीरज कुमार ने संसद के स्थान पर मॉक पार्लियामेंट आयोजित करने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जनता अपने प्रतिनिधियों को संसद में बैठकर काम करने के लिए चुनती है। ऐसे में विपक्ष को संसद के बाहर समानांतर आयोजन करने के बजाय अपनी मांगों को सदन में उठाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री विपक्ष की सहमति से संसद का विशेष सत्र बुलाने की बात कह रहे हैं। ऐसे में विपक्ष को स्पष्ट करना चाहिए कि उसकी वास्तविक मांग क्या है।

    नीरज कुमार ने आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाकर देश में राजनीतिक अराजकता का माहौल तैयार करना चाहता है। इस दौरान उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के योगदान को भी याद किया। उन्होंने बताया कि जेडीयू के कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ की ओर से सरदार पटेल के सम्मान में प्रतियोगिता आयोजित की गई है। उन्होंने देशी रियासतों के एकीकरण, प्रशासनिक ढांचे के निर्माण और सामाजिक सद्भाव स्थापित करने में पटेल की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

  • दिवाली से पहले घर के इन 5 हिस्सों की जरूर करें सफाई, वास्तु मान्यताओं के अनुसार मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए हैं खास

    दिवाली से पहले घर के इन 5 हिस्सों की जरूर करें सफाई, वास्तु मान्यताओं के अनुसार मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए हैं खास

    नई दिल्ली । दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में साफ-सफाई और सजावट की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। हिंदू धर्म में दीपावली को मां लक्ष्मी के स्वागत और सुख-समृद्धि का पर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साफ-सुथरे और व्यवस्थित घर में मां लक्ष्मी का वास होता है। यही वजह है कि लोग त्योहार से पहले घर के हर हिस्से की सफाई करते हैं। वास्तु शास्त्र में भी घर को स्वच्छ रखने पर जोर दिया गया है। मान्यता है कि गंदगी और अनुपयोगी सामान जमा रहने से घर का वातावरण प्रभावित हो सकता है।

    दिवाली की सफाई के दौरान कुछ ऐसी जगहें होती हैं, जिन पर अक्सर लोगों का ध्यान नहीं जाता। घर के इन हिस्सों की अनदेखी करने से धूल-मिट्टी और कबाड़ जमा होता रहता है। वास्तु से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, त्योहार से पहले इन पांच स्थानों को साफ और व्यवस्थित रखना शुभ माना जाता है।

    मुख्य दरवाजे की सफाई जरूरी
    घर का मुख्य दरवाजा वास्तु शास्त्र में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। मान्यता है कि इसी रास्ते से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इसलिए दिवाली से पहले दरवाजे और उसके आसपास की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। वहां जमा धूल-मिट्टी, जाले और गंदगी को हटाना जरूरी है। दरवाजे के पास पुराने जूते-चप्पल, टूटे गमले और बेकार सामान जमा नहीं रखना चाहिए। सफाई के बाद मुख्य द्वार पर रंगोली बनाई जा सकती है और दीपक जलाकर सजावट की जा सकती है।

    पूजा घर को भी करें साफ

    दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। ऐसे में घर के मंदिर की सफाई को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पूजा स्थल में रखी देवी-देवताओं की मूर्तियों और तस्वीरों को साफ करें। पूजा के बर्तन भी अच्छी तरह धोकर व्यवस्थित रखें। वहां रखे पुराने फूल, माला और इस्तेमाल की जा चुकी पूजन सामग्री को हटा दें। मंदिर में साफ कपड़ा बिछाकर दीपक, धूपबत्ती और पूजा में इस्तेमाल होने वाली अन्य वस्तुएं सही जगह पर रखें। धार्मिक मान्यता है कि स्वच्छ पूजा स्थल पर पूजा करने से मन को शांति मिलती है।

    ईशान कोण से हटाएं अनुपयोगी सामान
    वास्तु शास्त्र में घर की उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है। इसे पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों के लिए शुभ माना जाता है। दिवाली से पहले इस हिस्से की विशेष सफाई करनी चाहिए। यहां रखे पुराने डिब्बे, बेकार सामान और कबाड़ को हटा देना चाहिए। कोशिश करें कि यह स्थान खाली, साफ और व्यवस्थित रहे। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, ईशान कोण में गंदगी और अव्यवस्था रहने से घर की सकारात्मकता प्रभावित हो सकती है।

    अलमारी और तिजोरी के आसपास रखें सफाई
    दिवाली पर मां लक्ष्मी के साथ भगवान कुबेर की पूजा भी की जाती है। इसलिए घर में धन रखने वाली जगह की सफाई पर भी ध्यान देना चाहिए। अलमारी और तिजोरी में रखे पुराने कागज, अनुपयोगी रसीदें और फालतू सामान बाहर निकाल दें। इसके बाद तिजोरी और अलमारी को साफ कपड़े से पोंछें। पैसे और जरूरी दस्तावेजों को व्यवस्थित तरीके से रखें। वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में धन रखने के स्थान को साफ-सुथरा बनाए रखना शुभ माना गया है।

    छत, बालकनी और स्टोर रूम को न भूलें
    दिवाली की सफाई में छत, बालकनी और स्टोर रूम अक्सर छूट जाते हैं। इन जगहों पर पुराने डिब्बे, टूटे-फूटे सामान और कबाड़ जमा हो सकता है। त्योहार से पहले इन सभी हिस्सों की अच्छी तरह सफाई करें। बालकनी में रखे पौधों की सूखी पत्तियां हटा दें और गमलों को व्यवस्थित करें। छत पर जमा कचरा और बेकार सामान भी साफ कर दें। स्टोर रूम में लंबे समय से रखी अनुपयोगी वस्तुओं को अलग करना बेहतर रहता है।

    दिवाली की तैयारियों में इन पांच जगहों की सफाई करने से घर अधिक व्यवस्थित और स्वच्छ दिखाई देता है। साथ ही सजावट और पूजा की व्यवस्था करना भी आसान हो जाता है। धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार, साफ-सुथरा घर मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए शुभ माना जाता है। इसलिए त्योहार की तैयारी करते समय केवल दिखाई देने वाली जगहों पर ही नहीं, बल्कि घर के उन कोनों पर भी ध्यान देना चाहिए, जहां आमतौर पर सफाई नहीं हो पाती।

  • कार्तिक अमावस्या पर याद की जाती है भगवान कृष्ण की दामोदर लीला, जब माता यशोदा के प्रेम के आगे छोटी पड़ गई रस्सी..

    कार्तिक अमावस्या पर याद की जाती है भगवान कृष्ण की दामोदर लीला, जब माता यशोदा के प्रेम के आगे छोटी पड़ गई रस्सी..

    नई दिल्ली । कार्तिक अमावस्या और दीपावली का संबंध केवल भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की परंपरा तक सीमित नहीं है। द्वापर युग में इस पर्व को भगवान श्रीकृष्ण की दामोदर लीला के स्मरण से भी जोड़ा जाता है। यह वही प्रसंग है, जिसमें माता यशोदा ने बालकृष्ण को बांधने के लिए रस्सी का सहारा लिया था, लेकिन हर बार रस्सी छोटी पड़ जाती थी। अंत में माता के प्रेम और समर्पण को देखकर भगवान स्वयं बंधने के लिए तैयार हो गए। इसी लीला के कारण भगवान श्रीकृष्ण का एक नाम दामोदर पड़ा।

    कार्तिक मास को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और उनकी बाल लीलाओं के स्मरण के लिए विशेष माना जाता है। इस महीने मंदिरों में भगवान के दामोदर स्वरूप की पूजा की जाती है। श्रद्धालु प्रतिदिन दीपक जलाकर भगवान के सामने अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास में दीपदान और हरिनाम संकीर्तन का विशेष महत्व है। भक्त इस अवधि में भगवान के प्रति प्रेम, समर्पण और आत्मीयता का भाव रखते हुए पूजा-अर्चना करते हैं।

    माता यशोदा के प्रेम से बंधे भगवान
    श्रीमद्भागवत महापुराण में वर्णित दामोदर लीला के अनुसार, बालकृष्ण अपनी शरारतों से माता यशोदा को परेशान करते रहते थे। एक दिन उनकी शरारतों से तंग आकर माता यशोदा ने उन्हें बांधने का निश्चय किया। उन्होंने रस्सी से बालकृष्ण को बांधने की कोशिश की, लेकिन हर बार रस्सी दो अंगुल छोटी रह जाती थी।

    माता यशोदा ने हार नहीं मानी। वह एक रस्सी के साथ दूसरी रस्सी जोड़ती गईं, लेकिन हर प्रयास के बाद भी रस्सी भगवान के पेट तक पहुंचने के लिए छोटी पड़ जाती थी। इस तरह कई बार प्रयास करने के बाद भी वह बालकृष्ण को बांध नहीं सकीं। आखिरकार माता की थकान, स्नेह और निष्कपट प्रयास देखकर भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं को बंधने दिया। इसके बाद माता ने उन्हें ओखल से बांध दिया।

    इसी प्रसंग से भगवान का नाम दामोदर प्रचलित हुआ। धार्मिक व्याख्या के अनुसार, ‘दाम’ का अर्थ रस्सी और ‘उदर’ का अर्थ पेट होता है। इस तरह दामोदर नाम का संबंध उस लीला से है, जिसमें भगवान को पेट के पास रस्सी से बांधा गया था। यह कथा भगवान की असीम शक्ति और माता के वात्सल्य के बीच प्रेम के महत्व को दर्शाती है।

    दो अंगुल छोटी रस्सी का धार्मिक संदेश
    दामोदर लीला में बार-बार रस्सी का छोटी पड़ना भी विशेष अर्थ रखता है। भक्तिभाव से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, भगवान को केवल बाहरी शक्ति या साधना के माध्यम से प्राप्त नहीं किया जा सकता। इसके लिए निष्कपट प्रेम, समर्पण और सच्ची भक्ति का भाव आवश्यक है। माता यशोदा ने अपने मातृत्व और स्नेह के बल पर भगवान को अपने प्रेम के बंधन में बांध लिया था।

    कार्तिक मास में कृष्ण की लीलाओं का स्मरण
    कार्तिक महीने में भगवान श्रीकृष्ण की कई लीलाओं को याद करने की परंपरा है। गोपाष्टमी पर गौचारण लीला से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार गौमाता का पूजन किया जाता है। गोवर्धन पूजा के अवसर पर भगवान के गिरिराज धरण स्वरूप का स्मरण होता है। मान्यता है कि भगवान ने ब्रजवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत धारण किया था।

    इसी महीने भगवान द्वारा इंद्र के अभिमान का दमन करने, कालिया नाग का मर्दन करने और ब्रज में महारास लीला रचाने जैसे प्रसंगों का भी स्मरण किया जाता है। ये सभी कथाएं कृष्णभक्ति की परंपरा में विशेष स्थान रखती हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास में मनाया जाता है, जबकि उनके नामकरण का संबंध कार्तिक महीने से बताया जाता है। इस माह में उनकी बाल लीलाओं का विशेष महत्व माना गया है। इसी कारण कार्तिक मास में दामोदर स्वरूप के दर्शन, पूजा और दीपदान की परंपरा निभाई जाती है। श्रद्धालु दीपक जलाकर भगवान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हैं और उनके प्रेम तथा भक्ति से जुड़े संदेश को जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं।

  • धनतेरस से भाई दूज तक अपनाएं ये 5 वास्तु उपाय, दिवाली पर घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता बनाए रखने में मिलेगी मदद

    धनतेरस से भाई दूज तक अपनाएं ये 5 वास्तु उपाय, दिवाली पर घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता बनाए रखने में मिलेगी मदद

    नई दिल्ली । दिवाली का त्योहार रोशनी, खुशियों और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर लोग अपने घरों की साफ-सफाई करने के साथ ही दीपक, रंगोली और फूलों से सजावट करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। वहीं, वास्तु शास्त्र में भी धनतेरस से लेकर भाई दूज तक कुछ विशेष बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इन उपायों को अपनाने से घर का वातावरण साफ-सुथरा, सकारात्मक और खुशनुमा बना रहता है।

    इस वर्ष दिवाली 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाएगी। दीपावली से पहले धनतेरस, छोटी दिवाली और अन्य पर्वों की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। ऐसे में घर की व्यवस्था और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। वास्तु से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, पांच दिवसीय दीपावली पर्व के अलग-अलग दिनों में कुछ खास उपाय अपनाए जा सकते हैं।

    धनतेरस से दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत होती है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा की जाती है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर घर के मुख्य द्वार को साफ-सुथरा रखना शुभ माना जाता है। मुख्य दरवाजे को फूलों या तोरण से सजाया जा सकता है। इससे घर का प्रवेश स्थान सुंदर और व्यवस्थित दिखाई देता है।

    इस दिन सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन और अन्य उपयोगी वस्तुएं खरीदने की परंपरा भी है। खरीदारी के बाद नए सामान को साफ जगह पर रखना चाहिए। घर में धन रखने वाली तिजोरी और अलमारी को भी व्यवस्थित करना चाहिए। वास्तु मान्यताओं में इसे घर में समृद्धि का वातावरण बनाए रखने से जोड़कर देखा जाता है।

    छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी पर घर की सफाई का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन घर के कोनों, खिड़कियों और दरवाजों के आसपास जमा धूल-मिट्टी को साफ करना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का उत्तर-पूर्व दिशा वाला हिस्सा, जिसे ईशान कोण कहा जाता है, साफ और व्यवस्थित रखना शुभ माना जाता है। शाम के समय घर में दीपक जलाने और मुख्य द्वार पर रंगोली बनाने की भी परंपरा है। घर में अनावश्यक सामान और कबाड़ जमा नहीं होने देना चाहिए।

    दिवाली के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। पूजा से पहले घर के पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। इसके बाद देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित कर दीपक, फूल, मिठाई और अन्य पूजन सामग्री तैयार रखनी चाहिए। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर के उत्तर-पूर्व दिशा में पूजा स्थल होना शुभ माना जाता है। हालांकि, पूजा की व्यवस्था करते समय घर में उपलब्ध जगह और परिवार की परंपराओं का ध्यान रखना भी जरूरी है।

    शाम को पूजा के बाद घर के मुख्य द्वार, खिड़कियों और बालकनी में दीपक जलाकर रोशनी की जाती है। धन रखने वाली अलमारी और तिजोरी को भी व्यवस्थित रखना चाहिए। घर में पर्याप्त रोशनी और साफ-सफाई का ध्यान रखने से त्योहार का माहौल बेहतर बनता है।

    दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा मनाई जाती है। इस दिन भगवान कृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा करने की परंपरा है। कई घरों में अन्नकूट तैयार कर भगवान को भोग लगाया जाता है। वास्तु से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, इस दिन रसोई की सफाई करनी चाहिए और अनाज तथा खाद्य सामग्री को व्यवस्थित रखना चाहिए। भोजन बनाते समय स्वच्छता का ध्यान रखने के साथ घर में लगे तुलसी सहित अन्य पौधों की देखभाल भी करनी चाहिए।

    भाई दूज दीपावली पर्व का अंतिम महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस दिन बहनें भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। परिवार के सदस्य एक साथ समय बिताते हैं और खुशियां साझा करते हैं। इस दिन घर को साफ-सुथरा रखने और परिवार के बीच प्रेमपूर्ण वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया जाता है। भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, सम्मान और विश्वास इस पर्व का मुख्य संदेश है।

    दिवाली की सजावट के दौरान टूटे-फूटे और अनुपयोगी सामान को हटा देना चाहिए। पूजा स्थल को साफ रखें और दीपक ऐसी जगह जलाएं, जहां आग लगने का खतरा न हो। बिजली की झालरों और सजावटी लाइटों के तारों की भी जांच कर लेनी चाहिए। इन सावधानियों और पारंपरिक उपायों के साथ त्योहार की तैयारियां अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाई जा सकती हैं।

  • शिवपुरी के सालोदा गांव में मंदिर विवाद से तनाव, भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ने और पुजारी को गोली मारने की धमकी का आरोप

    शिवपुरी के सालोदा गांव में मंदिर विवाद से तनाव, भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ने और पुजारी को गोली मारने की धमकी का आरोप

    शिवपुरी जिले: की पोहरी तहसील के ग्राम सालोदा में मंदिर और पूजा-अर्चना को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। गांव के ग्रामीणों ने वीरू बाथम और दिनेश जाटव पर शराब पीकर उत्पात मचाने, महिलाओं को परेशान करने, प्राचीन भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ने और हनुमान जी की पूजा-अर्चना रोकने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को सामूहिक आवेदन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और गांव के लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

    ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार, ग्राम सालोदा में पहले कथित तौर पर अवैध रूप से देशी और विदेशी शराब की बिक्री की जा रही थी। गांव के लोगों ने इसका विरोध करते हुए शराब की बिक्री बंद कराई थी। आरोप है कि इसके बाद वीरू बाथम पुत्र जालम बाथम और दिनेश जाटव पुत्र रमेश जाटव शराब पीकर गांव में हंगामा करने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों लोगों का व्यवहार लगातार परेशानी का कारण बन रहा है।

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोग गांव की महिलाओं को रास्ते में परेशान करते हैं। जब कोई ग्रामीण इस व्यवहार का विरोध करता है तो उसके साथ गाली-गलौज और विवाद किया जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक, इस तरह की घटनाओं के कारण गांव में असहज स्थिति बनी हुई है और लोगों में नाराजगी है।

    भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ने का आरोप
    ग्रामीणों ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि विरोध करने पर दोनों लोगों ने गांव के प्राचीन भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ दिए। इसके साथ ही मंदिर में स्थापित मूर्ति को उखाड़ने का प्रयास किए जाने की बात भी कही गई है। ग्रामीणों का दावा है कि इस घटना से संबंधित वीडियो उनके पास मौजूद है, जिसे जरूरत पड़ने पर पुलिस के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

    मामले में हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना रोकने का आरोप भी लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के हनुमान मंदिर में पिछले दो दिनों से पूजा नहीं हो पा रही है। इससे धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। ग्रामीणों ने मंदिर में नियमित पूजा शुरू कराने और इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।

    पुजारी को गोली मारने की धमकी देने का आरोप
    शिकायत में सबसे गंभीर आरोप मंदिर के पुजारी को धमकी देने से जुड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित लोग पुजारी के घर पहुंचे और कथित तौर पर चेतावनी दी कि यदि उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की तो उन्हें गोली मारकर जान से खत्म कर दिया जाएगा। ग्रामीणों का दावा है कि इस धमकी से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास उपलब्ध है। उन्होंने इसे पुलिस के समक्ष प्रस्तुत करने की बात कही है।

    पहले भी थाना पोहरी में दी थी शिकायत
    ग्रामीणों ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर 27 अक्टूबर को थाना पोहरी में लिखित शिकायत दी गई थी। हालांकि, उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित लोग खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें लगातार धमका रहे हैं।

    शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया है कि हनुमान जी की मूर्ति तोड़ने की बात कही जा रही है। इसके अलावा ग्रामीणों को झूठे हरिजन एक्ट के मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।

    शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक को सामूहिक आवेदन सौंपने के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोपों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, मंदिर में पूजा-अर्चना दोबारा शुरू कराने और पुजारी सहित गांव के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों की मांग बनी हुई है।

  • रणबीर कपूर की रामायण को बिना कट मिला U सर्टिफिकेट, 3 घंटे 15 मिनट होगी फिल्म, रिलीज से पहले बढ़ा दर्शकों का उत्साह

    रणबीर कपूर की रामायण को बिना कट मिला U सर्टिफिकेट, 3 घंटे 15 मिनट होगी फिल्म, रिलीज से पहले बढ़ा दर्शकों का उत्साह

    नई दिल्ली । रणबीर कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण रिलीज से पहले ही चर्चा में बनी हुई है। फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से U सर्टिफिकेट मिल गया है। खास बात यह है कि फिल्म को बिना किसी कट के प्रदर्शन की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा फिल्म की अवधि भी सामने आ गई है। हिंदी भाषा में इसका रनटाइम 3 घंटे 15 मिनट रखा गया है। यानी दर्शकों को बड़े पर्दे पर रामायण की कहानी देखने के लिए तीन घंटे से ज्यादा समय देना होगा।

    निर्देशक नितेश तिवारी की इस फिल्म का नाम रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड है। फिल्म 5 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इसमें रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी माता सीता की भूमिका निभा रही हैं। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है। प्रमाणन मिलने और रनटाइम की जानकारी सामने आने के बाद फिल्म से जुड़ी चर्चाओं को और गति मिली है।

    बिना किसी कट के मिला U सर्टिफिकेट

    फिल्म को 30 अक्टूबर 2026 को सीबीएफसी से प्रमाणपत्र मिला। इसे U श्रेणी में रखा गया है, जिसका अर्थ है कि फिल्म सभी आयु वर्ग के दर्शकों के लिए उपयुक्त मानी गई है। फिल्म को प्रमाणित करते समय किसी दृश्य को हटाने या उसमें बदलाव करने की जरूरत नहीं बताई गई। इसके अलावा ऑडियो और विजुअल सामग्री में भी किसी तरह के संशोधन का निर्देश नहीं दिया गया। इस तरह फिल्म अपने मूल स्वरूप में सिनेमाघरों तक पहुंचेगी।

    3 घंटे 15 मिनट का होगा हिंदी वर्जन

    रामायण का हिंदी संस्करण 3 घंटे 15 मिनट लंबा होगा। इतने लंबे रनटाइम के साथ फिल्म में कहानी को विस्तार से प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। पौराणिक कथा पर आधारित इस बड़े प्रोजेक्ट में कई महत्वपूर्ण किरदार और घटनाक्रम शामिल किए गए हैं। फिल्म के दो भागों में रिलीज होने की योजना है। पहला भाग नवंबर में दर्शकों के सामने आएगा, जबकि दूसरे भाग के लिए अगले साल तक इंतजार करना पड़ सकता है।

    एडवांस बुकिंग में भी दिख रही हलचल

    फिल्म की रिलीज से पहले टिकटों की बिक्री को लेकर भी चर्चा हो रही है। उपलब्ध एडवांस बुकिंग आंकड़ों के अनुसार, पहले दिन के लिए 3.50 लाख से अधिक टिकट बिक चुके हैं। ओपनिंग डे की बुकिंग से ब्लॉक सीटों सहित 17.67 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की गई है। वहीं, ब्लॉक सीटों को हटाकर यह आंकड़ा 14.75 करोड़ रुपये बताया गया है। ये आंकड़े फिल्म की शुरुआती दर्शक मांग को दर्शाते हैं। हालांकि, वास्तविक बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन का पता रिलीज के बाद ही चलेगा।

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फिल्म की तैयारी

    निर्माता रामायण को केवल भारतीय दर्शकों तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहुंचाने की तैयारी की गई है। इसी उद्देश्य से 27 अक्टूबर 2026 को अमेरिका के लॉस एंजेलिस स्थित एकेडमी म्यूजियम ऑफ मोशन पिक्चर्स में फिल्म का प्रीमियर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश शामिल हुए। यश अपनी पत्नी राधिका पंडित के साथ पहुंचे थे। प्रीमियर के बाद फिल्म को सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिलने की बात सामने आई।

    4000 करोड़ रुपये बताया जा रहा दोनों भागों का बजट

    रामायण को बड़े स्तर पर तैयार किया जा रहा है। इसके दोनों भागों का कुल बजट लगभग 4000 करोड़ रुपये बताया गया है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। इनके अलावा अरुण गोविल, सनी देओल, रकुल प्रीत, लारा दत्ता, कुणाल कपूर और काजल अग्रवाल भी फिल्म का हिस्सा हैं।

    कुल मिलाकर रामायण को लेकर रिलीज से पहले कई अहम जानकारियां सामने आ चुकी हैं। बिना कट के U सर्टिफिकेट, 3 घंटे 15 मिनट का रनटाइम, बड़े कलाकारों की मौजूदगी और अंतरराष्ट्रीय प्रीमियर ने फिल्म को चर्चा में ला दिया है। अब दर्शकों की नजर 5 नवंबर को होने वाली इसकी सिनेमाघर रिलीज पर है।

  • टी20 अंतरराष्ट्रीय में राशिद खान का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, 200 विकेट लेकर बने दुनिया के नंबर-1 गेंदबाज, अर्शदीप भी शीर्ष 10 में शामिल..

    टी20 अंतरराष्ट्रीय में राशिद खान का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, 200 विकेट लेकर बने दुनिया के नंबर-1 गेंदबाज, अर्शदीप भी शीर्ष 10 में शामिल..

    नई दिल्ली । टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बल्लेबाजों के आक्रामक अंदाज और चौके-छक्कों की भरमार के बीच गेंदबाजों ने भी अपनी अलग पहचान बनाई है। इस प्रारूप में लगातार विकेट हासिल करना किसी भी गेंदबाज के लिए बड़ी चुनौती होती है। इसके बावजूद कई खिलाड़ियों ने अपनी सटीक गेंदबाजी, गति और स्पिन के दम पर शानदार रिकॉर्ड कायम किए हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में अफगानिस्तान के राशिद खान पहले स्थान पर हैं। उन्होंने 200 विकेट हासिल करके इतिहास रच दिया है। वहीं भारतीय गेंदबाजों में अर्शदीप सिंह ने सबसे ज्यादा विकेट लेकर शीर्ष स्थान हासिल किया है।

    राशिद खान के नाम ऐतिहासिक उपलब्धि

    अफगानिस्तान के लेग स्पिनर राशिद खान टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 200 विकेट लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने 29 अक्टूबर 2026 को जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में अपना 200वां विकेट हासिल किया। राशिद ने यह उपलब्धि 120 मैचों में दर्ज की है। उनकी गेंदबाजी में गति, टर्न और गुगली का खास मेल देखने को मिलता है, जिसके कारण बल्लेबाजों के लिए उन्हें समझना आसान नहीं होता।

    सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में इंग्लैंड के आदिल राशिद दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 153 मैचों में 171 विकेट हासिल किए हैं। इस तरह राशिद खान और आदिल राशिद के बीच 29 विकेट का अंतर है। हांगकांग के एहसान खान और न्यूजीलैंड के ईश सोढ़ी 165-165 विकेट के साथ अगले स्थानों पर हैं।

    टी20 अंतरराष्ट्रीय में सर्वाधिक विकेट लेने वाले टॉप-10 गेंदबाज
    गेंदबाज देश मैच विकेट
    राशिद खान अफगानिस्तान 120 200
    आदिल राशिद इंग्लैंड 153 171
    एहसान खान हांगकांग 119 165
    ईश सोढ़ी न्यूजीलैंड 142 165
    टिम साउदी न्यूजीलैंड 126 164
    वानिंदु हसरंगा श्रीलंका 101 163
    मुस्तफिजुर रहमान बांग्लादेश 130 163
    एडम जम्पा ऑस्ट्रेलिया 118 153
    अर्शदीप सिंह भारत 103 150
    शाकिब अल हसन बांग्लादेश 129 149

    भारतीय गेंदबाजों में अर्शदीप सिंह सबसे आगे

    भारतीय खिलाड़ियों की बात करें तो बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने इस प्रारूप में सबसे ज्यादा विकेट हासिल किए हैं। उन्होंने 31 अक्टूबर 2026 को न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में अपना 150वां विकेट पूरा किया। इस उपलब्धि के साथ वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में 150 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन गए। अर्शदीप ने 103 मैचों में यह आंकड़ा हासिल किया है।

    भारत की सूची में दूसरे स्थान पर जसप्रीत बुमराह हैं। उन्होंने 100 मैचों में 126 विकेट लिए हैं। वहीं अक्षर पटेल 116 मैचों में 116 विकेट के साथ तीसरे और हार्दिक पांड्या 138 मैचों में 114 विकेट के साथ चौथे स्थान पर हैं।

    भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय में सर्वाधिक विकेट
    गेंदबाज मैच विकेट
    अर्शदीप सिंह 103 150
    जसप्रीत बुमराह 100 126
    अक्षर पटेल 116 116
    हार्दिक पांड्या 138 114

    लगातार अच्छा प्रदर्शन करना बड़ी चुनौती

    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजों के सामने बल्लेबाजों के आक्रामक रवैये से निपटने की चुनौती रहती है। कम ओवरों के इस प्रारूप में बल्लेबाज तेजी से रन बनाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में गेंदबाजों को अपनी रणनीति और गेंदबाजी में लगातार बदलाव करना पड़ता है। राशिद खान ने लेग स्पिन के दम पर लंबे समय तक अपनी प्रभावशाली मौजूदगी बनाए रखी है। आदिल राशिद और ईश सोढ़ी ने भी निरंतर विकेट हासिल किए हैं।

    तेज गेंदबाजों में टिम साउदी, मुस्तफिजुर रहमान और अर्शदीप सिंह ने अपनी उपयोगिता साबित की है। वहीं भारतीय टीम में जसप्रीत बुमराह का अनुभव और निरंतरता महत्वपूर्ण रही है। अक्षर पटेल और हार्दिक पांड्या जैसे ऑलराउंडर भी गेंदबाजी में टीम को अतिरिक्त विकल्प देते हैं।

    क्या टूट सकता है राशिद खान का रिकॉर्ड?

    राशिद खान के 200 विकेट का आंकड़ा फिलहाल इस प्रारूप में सबसे आगे है। दूसरे स्थान पर मौजूद आदिल राशिद उनसे 29 विकेट पीछे हैं। इस अंतर को कम करने के लिए उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। भारतीय गेंदबाजों में अर्शदीप सिंह ने 150 विकेट पूरे कर अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके करियर में अभी आगे और मुकाबले खेलने के अवसर हैं, जिनमें वह अपने विकेटों की संख्या बढ़ा सकते हैं।

  • नवंबर में Netflix पर मनोरंजन का बड़ा धमाका, एक्शन, रोमांस, क्राइम और थ्रिलर से भरपूर फिल्में-सीरीज होंगी रिलीज

    नवंबर में Netflix पर मनोरंजन का बड़ा धमाका, एक्शन, रोमांस, क्राइम और थ्रिलर से भरपूर फिल्में-सीरीज होंगी रिलीज

    नई दिल्ली । नवंबर का पहला पखवाड़ा ओटीटी दर्शकों के लिए मनोरंजन से भरपूर रहने वाला है। 1 से 13 नवंबर के बीच नेटफ्लिक्स पर कई नई फिल्में और सीरीज रिलीज होने जा रही हैं। इस सूची में जासूसी और क्राइम थ्रिलर से लेकर डार्क कॉमेडी, रोमांस, एनिमेशन, डॉक्यूमेंट्री और ऐतिहासिक ड्रामा तक शामिल हैं। अलग-अलग विषयों और कहानियों पर आधारित ये फिल्में और सीरीज दर्शकों को मनोरंजन के कई विकल्प देंगी। इस दौरान कुछ लोकप्रिय कहानियों के नए सीजन भी देखने को मिलेंगे।

    ब्लैक डोव्स सीजन 2
    डार्क कॉमेडी और जासूसी पर आधारित थ्रिलर सीरीज ब्लैक डोव्स का दूसरा सीजन 5 नवंबर को रिलीज होगा। इसमें हेलेन और सैम की कहानी आगे बढ़ेगी। कीरा नाइटली एक बार फिर हेलेन और बेन विशॉ सैम की भूमिका में नजर आएंगे। सीरीज में जासूसी, रहस्य और रोमांच का मेल देखने को मिलेगा।

    बास एक्स माकिना
    एनिमेटेड सीरीज बास एक्स माकिना 3 नवंबर से स्ट्रीम होगी। इसमें ब्रायन टायरी हेनरी और जेनेल मोनाए की आवाजें सुनाई देंगी। इसकी कहानी वाइल्ड वेस्ट के एक काल्पनिक स्टीमपंक संसार पर आधारित है। इस दुनिया में खतरनाक अपराधियों, भाप से चलने वाले रोबोटों और अलौकिक शक्तियों का प्रभाव दिखाई देता है। अनोखी काल्पनिक दुनिया और एनिमेशन पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह एक अलग तरह की पेशकश होगी।

    माइक टायसन: रिटर्न ऑफ द माइक
    बॉक्सिंग जगत के दिग्गज माइक टायसन इस विशेष कार्यक्रम के जरिए अपनी जिंदगी से जुड़े अनुभव साझा करेंगे। इसमें उन्हें अपने जीवन की कहानी खुलकर बताने का मौका मिलेगा। कार्यक्रम में उनका बेबाक अंदाज और हास्य से भरी बातचीत भी देखने को मिलेगी।

    अ डॉग्स परफेक्ट क्रिसमस
    यह फिल्म 4 नवंबर को रिलीज होगी। इसमें डेनिस क्वैड मुख्य भूमिका में हैं। कहानी गॉस परिवार, प्यार और उनके वफादार कुत्ते विनस्टेड के इर्द-गिर्द घूमती है। एक आपातकालीन स्थिति के कारण परिवार के सदस्य एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं। इसके बाद विनस्टेड क्रिसमस से पहले सभी को फिर से मिलाने की कोशिश करता है। फिल्म में पारिवारिक रिश्तों और एक पालतू जानवर के लगाव को दिखाया गया है।

    टेकन: नताली होलोवे
    तीन भागों वाली यह डॉक्यूमेंट्री 4 नवंबर से स्ट्रीम होगी। इसमें नताली होलोवे के लापता होने का मामला दिखाया गया है। वह मई 2005 में अरूबा में स्कूल की ग्रेजुएशन यात्रा के दौरान गायब हो गई थीं। उनकी मां बेथ ने इस मामले का जवाब तलाशने में कई साल बिताए। डॉक्यूमेंट्री में मामले से जुड़े लोगों के साक्षात्कार और बयानों के माध्यम से इस घटना को दोबारा सामने लाया गया है।

    पॉसिबल लव
    6 नवंबर को रिलीज होने वाली इस फिल्म में दो दंपतियों की कहानी दिखाई गई है। एक नौकरी से निकाला गया कर्मचारी अपनी पत्नी के साथ एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता और उसके पति से मिलता है। इस मुलाकात के बाद चारों के जीवन में कई निजी सवाल और दबी हुई इच्छाएं सामने आने लगती हैं। कहानी रिश्तों, व्यक्तिगत फैसलों और जीवन को लेकर लोगों की सोच पर केंद्रित है।

    एवेडन
    11 नवंबर को रिलीज होने वाली यह डॉक्यूमेंट्री प्रसिद्ध फोटोग्राफर रिचर्ड एवेडन के जीवन और काम पर आधारित है। उन्हें 20वीं सदी के प्रभावशाली फोटोग्राफरों में गिना जाता है। मशहूर हस्तियों, राजनीतिक नेताओं और मॉडलों के पोर्ट्रेट के लिए उनकी विशेष पहचान रही। फैशन फोटोग्राफी और लोकप्रिय संस्कृति को आकार देने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

    द बॉडी
    11 नवंबर को स्ट्रीम होने वाली इस फिल्म की कहानी एक डांस टीम के कार्यक्रम में हुई गड़बड़ी के बाद शुरू होती है। इसके बाद पूरा शहर ग्रेस से जुड़े सवालों के जवाब तलाशने लगता है। अफवाहें फैलने के साथ रहस्य गहराता जाता है और पूरे समुदाय पर इसका असर पड़ने का खतरा पैदा हो जाता है।

    द एम्प्रेस सीजन 3
    यह सीरीज 12 नवंबर को रिलीज होगी। कहानी ऑस्ट्रिया की एलिजाबेथ की वापसी से आगे बढ़ती है। शाही परिवार एक विनाशकारी युद्ध के बाद के हालात से जूझ रहा है। एलिजाबेथ अपने सदमे से परेशान पति फ्रांज को संभालने के साथ शाही दरबार में बदलाव लाने की कोशिश करती है। इसी दौरान हंगेरियन क्रांतिकारी काउंट एंड्रासी के साथ उसका अप्रत्याशित संबंध निजी जीवन और शाही जिम्मेदारियों के बीच नई चुनौतियां खड़ी करता है।

    मर्डर इन गैलिसिया
    13 नवंबर को रिलीज होने वाला यह क्राइम ड्रामा सच्ची घटनाओं से प्रेरित है। इसकी कहानी गैलिसिया के एक शांत कस्बे में होने वाली सिलसिलेवार चोरियों और आइरीन पर हुए हिंसक हमले के बाद शुरू होती है। अस्पताल में भर्ती आइरीन के मामले की जांच के दौरान सिविल गार्ड के सार्जेंट एलियास को उसके पति एनिसेटो पर शक होता है। इसके बाद घटनाओं के पीछे की सच्चाई तलाशने की कोशिश शुरू होती है।