Author: bharati

  • MP: सतना में भीषण हादसा…. बेकाबू ट्रक डिवाइडर तोड़ नहर में गिरा, 3 लोगों की मौत

    MP: सतना में भीषण हादसा…. बेकाबू ट्रक डिवाइडर तोड़ नहर में गिरा, 3 लोगों की मौत


    सतना।
    एमपी (MP) में सतना जिले (Satna district) के नेशनल हाईवे-39 (National Highway-39) पर बुधवार की सुबह एक भयावह मंजर देखने को मिला है। सतना से रीवा की ओर जा रहा सरिया लदा एक तेज रफ्तार ट्रक नेमुआ मोड़ के पास बेकाबू होकर डिवाइडर लांघते हुए सीधे गहरी नहर में जा गिरा। इस भीषण हादसे में ट्रक के केबिन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चालक, क्लीनर व मजदूर की मौके पर ही सांसें थम गईं। मलबे और भारी सरियों के बीच फंसे शवों को निकालने के लिए प्रशासन को करीब 4 घंटे तक कड़ा संघर्ष करना पड़ा।


    कटर मशीन से काटकर निकाली लाश

    हादसा इतना भीषण था कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया था। सूचना पर रामपुर बघेलान थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी जब पुलिस बल के साथ पहुंचे, तो ट्रक के भीतर शव लोहे के जाल में फंसे हुए थे। पुलिस ने पहले बड़ी क्रेन के जरिए ट्रक को सीधा कराया, लेकिन एक शव ऐसी जगह फंसा था जिसे सामान्य रूप से निकालना नामुमकिन था। इसके बाद मौके पर गैस कटर मशीन बुलाई गई और ट्रक की बॉडी को काटकर शव बाहर निकाले गए।


    मैहर जिले के है दो मृतक

    हादसे का शिकार हुए तीन लोगों में से दो की पहचान मैहर जिले के निवासियों के रूप में हुई है। मृतकों की शिनाख्त पडरी निवासी दिलीप केवट (पिता राजेश केवट) और रामगढ़ निवासी विष्णु केवट (पिता माखनलाल केवट) के रूप में की गई है। तीसरे मृतक की शिनाख्त फिलहाल नहीं हो सकी है, पुलिस उसके परिजनों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।


    5 घंटे तक थमा रहा हाईवे का सफर

    सुबह करीब 8 बजे हुए इस हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, जिससे सतना-रीवा मार्ग पर लंबा जाम लग गया। हालात का जायजा लेने एडिशनल एसपी और तहसीलदार सुजीत नागेश भी पहुंचे। पुलिस ने एम्बुलेंस के जरिए शवों को मरचुरी भिजवाया और क्षतिग्रस्त ट्रक को हटवाने के बाद करीब 5 घंटे बाद यातायात बहाल कराया।


    जांच के घेरे में हादसे की वजह

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अंदेशा जताया जा रहा है कि या तो ट्रक की स्टेयरिंग फेल हुई या फिर अलसुबह चालक को झपकी आने के कारण यह भीषण हादसा हुआ। ट्रक में लदे भारी भरकम लोहे के सरियों ने केबिन पर दबाव बनाया, जिससे बचाव का कोई मौका नहीं मिला है।

  • भीषण गर्मी से वैश्विक कृषि सिस्टम तबाही की कगार पर… 100 करोड़ लोगों की आजीविका पर संकट

    भीषण गर्मी से वैश्विक कृषि सिस्टम तबाही की कगार पर… 100 करोड़ लोगों की आजीविका पर संकट


    रोम।
    भीषण गर्मी (Extreme Heat) वैश्विक कृषि प्रणालियों (Global Agricultural Systems) को तबाही की कगार पर धकेल रही हैं। इससे वैश्विक खाद्य तंत्र बिगड़ने लगा है। इसके चलते दुनियाभर में 100 करोड़ से अधिक लोगों की आजीविका और उनके स्वास्थ्य पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।

    संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) और विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अत्यधिक गर्मी अब केवल मौसम ही नहीं, बल्कि खेती, मछली पालन और वानिकी के लिए एक अस्तित्वगत खतरा बन गई है। एफएओ के जलवायु परिवर्तन कार्यालय के प्रमुख कावेह जाहेदी ने कहा, भीषण गर्मी यह तय कर रही है कि किसान और मछुआरे क्या उगा सकते हैं और कब काम कर सकते हैं।


    समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र भी खतरे में

    गर्मी का असर केवल जमीन तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में दुनिया के 91 फीसदी महासागरों ने कम से कम एक समुद्री लू का सामना किया। इससे पानी में ऑक्सीजन का स्तर कम हो रहा है, जिससे मछलियों का अस्तित्व खतरे में है और समुद्री खाद्य प्रणालियां चरमरा रही हैं।


    प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों की आवश्यकता

    कृषि से संबंधित रिपोर्ट में बताया गया कि किसानों को मौसम का सटीक डेटा समय पर मिलना चाहिए ताकि वे बुवाई और कटाई के समय में बदलाव कर सकें। अगर तापमान 1.5 डिग्री के बजाय 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ता है, तो भीषण गर्मी की तीव्रता और आवृत्ति चार गुना तक बढ़ सकती है।


    चार प्रमुख फसलों पर पड़ता है असर

    वैश्विक औसत तापमान में प्रत्येक एक डिग्री की वृद्धि से चार प्रमुख फसलों मक्का, चावल, सोयाबीन और गेहूं की पैदावार में लगभग 6% की कमी आती है। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 अब तक के तीन सबसे गर्म वर्षों में से एक रहा है। जब तापमान 30 डिग्री की सीमा को पार कर जाता है, तो प्रमुख फसलों की पैदावार में तेजी से गिरावट आने लगती है।

  • गुरुवार पूजा विधि: सही तरीके से करें आराधना, विष्णु की कृपा से पूरी अपेक्षित मनोकामनाएं

    गुरुवार पूजा विधि: सही तरीके से करें आराधना, विष्णु की कृपा से पूरी अपेक्षित मनोकामनाएं


    नई दिल्ली। गुरुवार का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माना जाता है क्योंकि यह दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है, कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है और विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं।

    गुरुवार पूजा की सही विधि
    गुरुवार के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। स्नान के पानी में हल्दी मिलाना शुभ माना जाता है, जिससे सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
    इसके बाद पूजा का संकल्प लें और पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें। एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
    भगवान विष्णु को जल अर्पित करें और हल्दी या केसर से तिलक लगाएं। घी का दीपक जलाकर पीले फूल और पीले अक्षत (हल्दी से रंगे चावल) अर्पित करें।

    भोग और पूजा सामग्री
    भगवान विष्णु को चने की दाल, गुड़, केला और पीली मिठाई का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह भोग समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है।

     गुरुवार व्रत कथा और मंत्र जाप
    पूजा के दौरान गुरुवार व्रत कथा का पाठ अवश्य करें। इसके बाद भगवान विष्णु की आरती करें और मंत्रों का जाप करें।

     प्रमुख मंत्र

    ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

    ॐ विष्णवे नमः

    ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात्

    ॐ बृं बृहस्पतये नमः

    इन मंत्रों के जाप से मानसिक शांति और ग्रह दोषों में कमी आती है।

    गुरुवार को क्या करें और क्या नहीं
    गुरुवार के दिन कुछ नियमों का पालन करना जरूरी माना गया है:
     करें–
    केले के पेड़ की पूजा करें
    पीले वस्त्र, हल्दी और चने की दाल का दान करें
    व्रत रखें और सकारात्मक विचार रखें

    न करें

    बाल और नाखून न काटें
    कपड़े न धोएं
    घर में पोछा लगाने से बचें
    व्रत के दौरान नमक का सेवन न करें

    गुरुवार के दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन में स्थिरता, सुख-समृद्धि और शुभ फल प्राप्त होते हैं। यह व्रत विशेष रूप से विवाह में बाधा, आर्थिक समस्या और ग्रह दोष दूर करने में सहायक माना जाता है।

  • Summer Skincare Tips: रूखी त्वचा से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये आसान और असरदार नुस्खे

    Summer Skincare Tips: रूखी त्वचा से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये आसान और असरदार नुस्खे


    नई दिल्ली।  गर्मियां आते ही कई तरह की स्किन संबंधी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। जहां एक तरफ धूल-मिट्टी और पसीने के कारण कई लोगों की त्वचा ऑयली और चिपचिपी हो जाती है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें गर्मियों में भी ड्राई स्किन से परेशान होना पड़ता है। दरअसल, त्वचा में नमी की कमी के कारण स्किन रूखी हो जाती है। इसकी वजह से चेहरा बेजान और डल नजर आने लगता है। ऐसे में लोग ऑयल बेस्ड क्रीम और मॉइश्चराइजर यूज करना शुरू कर देते हैं। लेकिन इनसे त्वचा पर दाने और रैशेज की समस्या हो सकती है। गर्मी में रूखी त्वचा की देखभाल करना बहुत जरूरी है। ऐसे में आप चाहें तो गर्मी में स्किन की ड्राईनेस दूर करने के लिए कुछ प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आपकी त्वचा में नमी बनी रहेगी। साथ ही, त्वचा काफी सॉफ्ट और ग्लोइंग भी बनेगी। तो आइए, जानते हैं गर्मियों में रूखी त्वचा पर क्या लगाना चाहिए?

    एलोवेरा जेल
    गर्मियों में ड्राई स्किन से छुटकारा पाने के लिए आप एलोवेरा जेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें मॉइश्चराइजिंग गुण होता है, जो त्वचा को अंदर से नमी प्रदान करता है। इसके अलावा, इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं। यह पिंपल्स, रैशेज, खुजली और जलन की समस्या को दूर करने में काफी प्रभावी होता है। इसके लिए आप ताजे एलोवेरा जेल को चेहरे पर लगाकर मसाज करें। 10-15 मिनट बाद पानी से चेहरा धो लें। इसके रेगुलर इस्तेमाल से आपकी स्किन मुलायम और चमकदार बनेगी।

    शहद
    शहद एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है। यह त्वचा की गहराई से सफाई करने के साथ ही स्किन को मॉइश्चराइज भी करता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो पिंपल्स, रैशेज और त्वचा के संक्रमण से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं। इसके लिए आप एक से दो चम्मच शहद लेकर चेहरे पर लगाएं। हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में 10 मिनट तक मसाज करें। उसके बाद पानी से चेहरा धो लें। इसके नियमित इस्तेमाल से स्किन की ड्राइनेस से छुटकारा मिलेगा।

    चंदन
    चंदन को त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह न सिर्फ स्किन को ठंडक पहुंचाता है, बल्कि मुलायम भी बनाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं, जो त्वचा को ड्राई होने से बचाने में मदद करते हैं। चेहर पर चंदन पाउडर लगाने से दाग-धब्बे दूर होते हैं और त्वचा में निखार आता है। इसके लिए आप 2 चम्मच चंदन पाउडर लें। इसमें 2 चम्मच दूध डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। इस पेस्ट को अपने पूरे चेहरे पर लगाएं। 10-15 मिनट बाद पानी से धो लें। आप हफ्ते में 2 से 3 बार इसका प्रयोग कर सकते हैं।

    दही
    गर्मियों में ड्राई स्किन से राहत पाने के लिए आप चेहरे पर दही लगा सकते हैं। इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा में नमी को बरकरार रखने में मदद करते हैं। दही का इस्तेमाल करने से चेहरे का कालापन दूर होता है और त्वचा का निखार भी बढ़ता है। इसके लिए आप 2 चम्मच गाढ़ा दही लेकर अपने चेहरे पर लगाएं। इससे कम से कम 5 मिनट तक मसाज करें। उसके बाद पानी से चेहरा धो लें। बेहतर रिजल्ट के लिए सप्ताह में 2-3 बार इसका इस्तेमाल करें।

  • कड़वाहट में छुपा सेहत का राज: बीमारियों का काल है नीम, लिवर के लिए बनता है सुरक्षा कवच

    कड़वाहट में छुपा सेहत का राज: बीमारियों का काल है नीम, लिवर के लिए बनता है सुरक्षा कवच


    नई दिल्ली। नीम को आयुर्वेद में “कड़वा जरूर, लेकिन गुणों से भरपूर” पौधा माना गया है, जो खासकर लिवर की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद बताया जाता है। आज की अनियमित जीवनशैली, तला-भुना खाना, तनाव और कम शारीरिक गतिविधि के कारण लिवर पर लगातार दबाव बढ़ रहा है, ऐसे में नीम को एक प्राकृतिक सहायक उपाय के रूप में देखा जाता है।
    आयुर्वेद के अनुसार नीम की पत्तियों में डिटॉक्स करने वाले गुण होते हैं, जो शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। रोज सुबह खाली पेट 5 से 7 नीम की पत्तियां चबाना या उनका हल्का रस लेना लिवर को साफ रखने में सहायक माना जाता है। इससे पाचन तंत्र बेहतर होता है और शरीर में हल्कापन महसूस होता है।
    नीम सिर्फ लिवर ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर के लिए उपयोगी माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर में सूजन कम करने और इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं। यह खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में भी सहायक बताया जाता है, जिससे हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है।
    त्वचा के लिए भी नीम काफी उपयोगी माना जाता है। मुंहासे, दाग-धब्बे और त्वचा संक्रमण जैसी समस्याओं में नीम की पत्तियों का पेस्ट या नीम के पानी से चेहरा धोना लाभकारी हो सकता है। इसके जीवाणुरोधी गुण त्वचा को साफ और स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
    नीम को कई रूपों में दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है, जैसे पत्तियों का काढ़ा, नीम के फूलों का शर्बत या हल्का उबालकर सेवन। यह शरीर को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स करने में मदद करता है और लंबे समय तक स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक माना जाता है।
    विशेषज्ञों का मानना है कि नीम जैसी प्राकृतिक जड़ी-बूटियां लिवर को मजबूत करने में सहायक हो सकती हैं, लेकिन किसी भी औषधीय पौधे का नियमित सेवन शुरू करने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है।

  • Sai Baba Puja: गुरुवार को क्यों माना जाता है सबसे शुभ दिन, जानिए Sai Baba of Shirdi की पूजा विधि

    Sai Baba Puja: गुरुवार को क्यों माना जाता है सबसे शुभ दिन, जानिए Sai Baba of Shirdi की पूजा विधि


    नई दिल्ली। शिरडी के साईं बाबा भारत के सबसे पूजनीय संतों में से एक माने जाते हैं, जिन्होंने जीवनभर “सबका मालिक एक” का संदेश देकर प्रेम, करुणा और एकता का प्रचार किया। उनकी शिक्षाएं आज भी करोड़ों श्रद्धालुओं के जीवन का आधार हैं। साईं बाबा की पूजा के लिए गुरुवार का दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन आध्यात्मिक गुरु बृहस्पति देव से जुड़ा है, जिन्हें ज्ञान, धर्म और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

     गुरुवार को साईं बाबा की पूजा क्यों होती है विशेष
    गुरुवार का संबंध देवताओं के गुरु बृहस्पति से माना जाता है, जो ज्ञान, विवेक और आध्यात्मिक शक्ति के कारक ग्रह हैं। साईं बाबा को भी एक आध्यात्मिक गुरु के रूप में देखा जाता है, जिन्होंने समाज को सत्य, सेवा और प्रेम का मार्ग दिखाया। इसलिए गुरुवार को साईं बाबा की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।

     शिरडी में गुरुवार का विशेष महत्व
    महाराष्ट्र के शिरडी में हर गुरुवार को साईं बाबा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन भव्य पालकी यात्रा भी निकाली जाती है, जो द्वारकामाई से साईं समाधि मंदिर तक जाती है। इस शोभायात्रा में हजारों भक्त शामिल होते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और फूलों से सजी पालकी में बाबा की मूर्ति का स्वागत करते हैं। यह आयोजन साईं भक्ति और श्रद्धा का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।

    घर पर कैसे करें साईं बाबा की पूजा
    गुरुवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ या हल्के पीले रंग के वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को साफ कर साईं बाबा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
    इसके बाद दीपक जलाएं और बाबा को फूल अर्पित करें। पीले या सफेद फूल सबसे शुभ माने जाते हैं। भोग के रूप में सात्विक भोजन जैसे खिचड़ी, खीर, हलवा, फल या बेसन के लड्डू अर्पित किए जा सकते हैं।
    पूजा के दौरान श्रद्धा के साथ “ॐ साईं राम” मंत्र का जाप करें और साईं चालीसा का पाठ करें। इससे मन शांत होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    साईं बाबा की शिक्षाएं और उनका महत्व
    साईं बाबा ने हमेशा सभी धर्मों को समान माना और लोगों को जाति-धर्म से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करने का संदेश दिया। उनका प्रसिद्ध संदेश “सबका मालिक एक” आज भी एकता और भाईचारे का प्रतीक है। यही कारण है कि देश-दुनिया में उनके लाखों मंदिर स्थापित हैं और भक्तों की आस्था दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।

    गुरुवार के दिन साईं बाबा की पूजा करने से आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक सोच और जीवन में स्थिरता प्राप्त होती है। यह दिन गुरु तत्व से जुड़ा होने के कारण विशेष फलदायी माना जाता है, जिससे भक्तों की आस्था और विश्वास और भी मजबूत होता है।

  • गर्मियों में राहत का देसी उपाय: शिकंजी से पाचन बेहतर और शरीर रहेगा एनर्जी से भरपूर

    गर्मियों में राहत का देसी उपाय: शिकंजी से पाचन बेहतर और शरीर रहेगा एनर्जी से भरपूर


    नई दिल्ली। गर्मियों की तपती धूप में शरीर को ठंडक और एनर्जी देने के लिए देसी पेय शिकंजी को सबसे आसान और असरदार उपाय माना जाता है। तापमान बढ़ने के साथ जब पानी की कमी, थकान और पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ने लगती हैं, तब शिकंजी एक प्राकृतिक राहत देने वाला पेय साबित होती है।

    नींबू, पानी, काला नमक, जीरा पाउडर और हल्की चीनी या गुड़ से बनने वाली शिकंजी न सिर्फ स्वाद में ताजगी देती है, बल्कि शरीर को हाइड्रेट भी रखती है। कई लोग इसमें पुदीना और अदरक मिलाकर इसके फायदे और बढ़ा देते हैं। उत्तर भारत में तो गर्मियों के दिनों में सड़क किनारे मिट्टी के बर्तनों में रखी ठंडी शिकंजी आम दृश्य होती है, जो लोगों को तुरंत राहत देती है।

    घर पर इसे बनाना भी बेहद आसान है। एक जग ठंडे पानी में नींबू का रस मिलाएं, फिर स्वादानुसार काला नमक, भुना जीरा पाउडर और थोड़ी चीनी डालें। चाहें तो पुदीना पत्ते और अदरक का रस मिलाकर इसे और पौष्टिक बनाया जा सकता है। बिना चीनी के भी यह उतनी ही फायदेमंद रहती है।

    शिकंजी के नियमित सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। नींबू में मौजूद विटामिन C रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है, जबकि जीरा और अदरक पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं और गैस-एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाते हैं। यह शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में भी मदद करती है, जिससे त्वचा साफ और स्वस्थ रहती है।

    गर्मी में शरीर के तापमान को संतुलित रखने और डिहाइड्रेशन से बचाने में शिकंजी बेहद कारगर है। यह तुरंत एनर्जी देती है और थकान को कम करती है। साथ ही मेटाबॉलिज्म को तेज कर वजन नियंत्रण में भी सहायक मानी जाती है।

    आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार, घर की बनी ताजी शिकंजी बाजार के पैक्ड ड्रिंक्स की तुलना में कहीं ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद है। इसलिए गर्मी के मौसम में इसे रोजाना की दिनचर्या में शामिल करना सेहत के लिए लाभकारी हो सकता है।

  • 23 अप्रैल राशिफल: किस राशि के लिए रहेगा शुभ दिन और किसे रहना होगा सावधान, पढ़ें डेली भविष्यफल

    23 अप्रैल राशिफल: किस राशि के लिए रहेगा शुभ दिन और किसे रहना होगा सावधान, पढ़ें डेली भविष्यफल


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की चाल का सीधा प्रभाव 12 राशियों पर पड़ता है। 23 अप्रैल 2026, गुरुवार का दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए विशेष माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विष्णु पूजा करने से सुख-समृद्धि और धन लाभ के योग बनते हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर कुछ राशियों के लिए यह दिन अत्यंत शुभ रहेगा, जबकि कुछ को सतर्क रहने की जरूरत होगी।

     मेष राशि (Aries)
    आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहेगा। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और आर्थिक मामलों में सुधार होगा। हालांकि खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। प्रेम जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

     वृषभ राशि (Taurus)
    नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं जो भविष्य में लाभ देंगी। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी। रिश्तों में स्थिरता बनी रहेगी, लेकिन जल्दबाजी से निर्णय न लें।

     मिथुन राशि (Gemini)
    आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। किसी भी निवेश से पहले सोच-विचार करें। प्रेम संबंधों में पुराने विवाद खत्म हो सकते हैं। कार्यस्थल पर मेहनत का पूरा फल मिलेगा।

     कर्क राशि (Cancer)
    आज का दिन शुभ संकेत लेकर आया है। वरिष्ठों से प्रशंसा मिलेगी और धन लाभ के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बीतेगा।

     सिंह राशि (Leo)
    आर्थिक स्थिति मजबूत होगी लेकिन स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी।

     कन्या राशि (Virgo)
    नए प्रोजेक्ट शुरू करने का सही समय है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं। स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है। कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखें।

     तुला राशि (Libra)
    सामाजिक और पारिवारिक जीवन में खुशियां बढ़ेंगी। कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। वित्तीय मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें।

     वृश्चिक राशि (Scorpio)
    रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे। विवाह के योग बन सकते हैं। मानसिक शांति बनी रहेगी।

     धनु राशि (Sagittarius)
    खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। स्वास्थ्य में हल्की समस्या हो सकती है। करियर में चुनौतियों के बावजूद सफलता मिलेगी।

     मकर राशि (Capricorn)
    स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिलेंगी। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी।

     कुंभ राशि (Aquarius)
    आर्थिक फैसलों में सतर्क रहें। कार्यस्थल पर मेहनत रंग लाएगी। प्रेम संबंधों में सुधार होगा।

     मीन राशि (Pisces)
    व्यक्तिगत विकास के लिए अच्छा दिन है। पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी लेकिन वरिष्ठों से बहस से बचें।

    23 अप्रैल 2026 का दिन कुछ राशियों के लिए आर्थिक और करियर में उन्नति लेकर आएगा, जबकि कुछ को स्वास्थ्य और खर्चों पर ध्यान देने की जरूरत होगी। विष्णु पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होने की संभावना बढ़ती है।

  • आंवला से पपीता तक, लिवर के लिए 'सुरक्षा कवच' हैं ये फल, रोजाना सेवन से मिलेंगे कई फायदे

    आंवला से पपीता तक, लिवर के लिए 'सुरक्षा कवच' हैं ये फल, रोजाना सेवन से मिलेंगे कई फायदे


    नई दिल्ली। लिवर हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो न केवल खून को साफ करता, पाचन क्रिया को बेहतर करता बल्कि हानिकारक तत्वों को शरीर से बाहर निकालने में भी मदद करता है। लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, बाहर का तला-भुना खाना और अनियमित दिनचर्या धीरे-धीरे हमारे लिवर को नुकसान पहुंचा रही है।

    लिवर की सेहत के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ चुनिंदा फल और पत्ते लिवर को स्वस्थ रखने में बेहद फायदेमंद साबित होते हैं। आंवला से लेकर पपीता तक ये फल लिवर के लिए वरदान की तरह काम करते हैं।

    भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, आयुर्वेदिक ज्ञान और माइंडफुल ईटिंग अपनाकर हम लिवर को मजबूत बना सकते हैं। विश्व लिवर दिवस पर आयुष मंत्रालय लोगों को सही आहार और प्राकृतिक चीजों के जरिए लिवर की देखभाल करने की सलाह दे रहा है।

    विशेषज्ञों का सुझाव है कि इन फलों और पत्तों को अपनी रोजाना की डाइट में शामिल करें। ताजा फल खाएं, जूस बनाकर पीएं या सलाद में डालकर खाएं। साथ ही तला-भुना, जंक फूड और ज्यादा शराब से बचें। नियमित व्यायाम और अच्छी नींद भी लिवर की सेहत के लिए जरूरी है।

    आंवला: लिवर का सबसे बड़ा दोस्त माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं। रोजाना आंवला का सेवन या आंवला जूस लिवर को स्वस्थ रखता है।

    पपीता: यह पाचन शक्ति बढ़ाता है और लिवर में जमा विषाक्त पदार्थों को शरीर से निकालने में सहायक है। यह लिवर की सूजन कम करने में भी मददगार है।

    अनार: अनार के रस में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट लिवर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं और खून को शुद्ध रखते हैं।

    अंगूर: अंगूर में मौजूद कंपाउंड लिवर को डिटॉक्स करने और सूजन कम करने में मदद करते हैं।

    संतरा और नींबू: ये दोनों फल विटामिन सी से भरपूर होते हैं। नींबू पानी सुबह खाली पेट पीने से लिवर अच्छी तरह साफ होता है। फलों के साथ ही लिवर के लिए पत्ते भी फायदेमंद हैं। इनमें माकोय के पत्ते हैं, जो लिवर की सूजन और संबंधित समस्याओं में राहत देते हैं। आयुर्वेद में इन्हें लिवर टॉनिक माना जाता है। वहीं मोरिंगा के पत्तों में पोषक तत्वों की भरमार होती है। ये लिवर को मजबूत बनाते हैं और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं।

  • भोजशाला परिसर विवाद पर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी, सभी पक्षों को दस्तावेज सौंपने के निर्देश

    भोजशाला परिसर विवाद पर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी, सभी पक्षों को दस्तावेज सौंपने के निर्देश


    मध्य प्रदेश/धार: मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला परिसर से जुड़े विवाद मामले में इंदौर हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान अदालत ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं, जिनसे मामले की जांच और पारदर्शिता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को आदेश दिया है कि 98 दिनों तक चले सर्वे की पूरी वीडियोग्राफी संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पक्षों को वीडियो रिकॉर्डिंग सौंप दी जाए, ताकि वे अपने तर्क और दावे इन साक्ष्यों के आधार पर प्रस्तुत कर सकें।

    इस मामले में भोजशाला परिसर के अधिकार को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद जारी है और अदालत में इस विषय पर नियमित सुनवाई हो रही है। याचिका मुस्लिम पक्ष की ओर से कमाल मौला वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा दायर की गई है, जिस पर डबल बेंच में सुनवाई की जा रही है। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से अपने कानूनी तर्क और ऐतिहासिक तथ्यों को प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न न्यायिक निर्णयों और पूर्व मामलों का उल्लेख भी शामिल है।

    सुनवाई के दौरान कानूनी बहस मुख्य रूप से टाइटल विवाद, साक्ष्यों की स्वीकार्यता और याचिका की वैधता जैसे मुद्दों पर केंद्रित रही। मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत दलीलों में यह कहा गया कि एएसआई सर्वे की रिपोर्ट और उसकी प्रक्रिया को लेकर पहले भी न्यायालयों द्वारा कुछ मानक निर्धारित किए गए हैं, जिन्हें इस मामले में भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

    मुस्लिम पक्ष की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि सर्वे प्रक्रिया के दौरान कुछ पहलुओं को लेकर आपत्तियां दर्ज की गई थीं। उनका कहना है कि सर्वे के दौरान की गई खुदाई और रिकॉर्डिंग में कुछ अवशेषों को लेकर असमानता देखने को मिली है, जिससे मामले की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि वीडियोग्राफी से वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और अदालत के समक्ष सभी पक्षों के दावों का सही मूल्यांकन संभव हो सकेगा।

    दूसरी ओर, पक्षकारों का कहना है कि सर्वे के दौरान विभिन्न धार्मिक और ऐतिहासिक अवशेषों को रिकॉर्ड किया गया है और इन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत प्रस्तुत किया गया है। इस पूरे मामले में दोनों पक्ष अपने अपने दावों को मजबूत करने के लिए उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों पर आधारित दलीलें पेश कर रहे हैं।

    अदालत के इस आदेश के बाद अब सभी पक्षों को 27 अप्रैल तक संबंधित वीडियो क्लिप्स उपलब्ध कराई जाएंगी, जिसके बाद मामले की आगे की सुनवाई में इन साक्ष्यों के आधार पर तर्क प्रस्तुत किए जाएंगे। यह निर्णय मामले की पारदर्शिता और निष्पक्ष सुनवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आगे की कानूनी प्रक्रिया और स्पष्ट हो सकेगी।