Author: bharati

  • बजट से पहले निवेशकों में सतर्कता, बैंकिंग और एनर्जी शेयर कमजोर

    बजट से पहले निवेशकों में सतर्कता, बैंकिंग और एनर्जी शेयर कमजोर


    नई दिल्ली :घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को गिरावट का रुख देखने को मिला। शुरुआती कारोबार से ही बिकवाली के दबाव में प्रमुख सूचकांक कमजोर नजर आए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स करीब 100 अंकों की गिरावट के साथ 82,250 के आसपास कारोबार करता दिखा। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 30 अंक फिसलकर 25,250 के स्तर पर बना रहा।
    बाजार की इस कमजोरी के पीछे बैंकिंग, एनर्जी और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में दबाव को प्रमुख वजह माना जा रहा है।कारोबार के दौरान बैंकिंग सेक्टर के दिग्गज शेयरों में बिकवाली देखी गई, जिससे बाजार को कोई ठोस सहारा नहीं मिल सका। निजी और सरकारी दोनों बैंकों के शेयरों में दबाव बना रहा। इसके अलावा तेल गैस और ऊर्जा कंपनियों में मुनाफावसूली ने भी बाजार की चाल को प्रभावित किया। एफएमसीजी शेयरों में सुस्ती के चलते निवेशकों की धारणा कमजोर रही और व्यापक बाजार पर इसका असर साफ दिखाई दिया।

    बजट से पहले बाजार में असमंजस
    विशेषज्ञों का मानना है कि 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले शेयर बाजार फिलहाल स्पष्ट दिशा के अभाव में है। निवेशक बड़े फैसले लेने से बच रहे हैं और सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। इसी कारण आने वाले सत्रों में भी बाजार में उतार चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है।तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी के लिए 25,000 का स्तर एक अहम सपोर्ट माना जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो बाजार में गिरावट और गहरी हो सकती है। वहीं ऊपर की ओर 25,400 से 25,500 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञ निवेशकों को फिलहाल केवल मजबूत फंडामेंटल वाले चुनिंदा लार्ज कैप शेयरों में ही निवेश की सलाह दे रहे हैं।

    ग्लोबल बाजारों से मिले मिले जुले संकेत
    जहां घरेलू शेयर बाजार दबाव में रहा, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूती का रुख देखने को मिला। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 0.84 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,994 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। जापान का निक्केई भी 0.34 प्रतिशत की बढ़त के साथ 53,870 पर पहुंच गया।हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.29 प्रतिशत चढ़कर 26,706 के स्तर पर रहा, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.27 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,133 पर कारोबार कर रहा था। अमेरिकी बाजारों में भी गुरुवार को मजबूती देखने को मिली थी। डाउ जोंस 0.63 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ था, जबकि नैस्डेक कंपोजिट और एसएंडपी 500 में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई।

    FII की बिकवाली, DII बने सहारा
    निवेश प्रवाह की बात करें तो 22 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बाजार में बिकवाली की। एफआईआई ने करीब 2,549 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 4,222 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया।आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 में एफआईआई ने कुल 34,350 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे, जबकि डीआईआई ने 79,620 करोड़ रुपये की मजबूत खरीदारी की थी। इससे साफ है कि घरेलू निवेशक बाजार में स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

    पिछले सत्र में दिखी थी तेजी
    इससे पहले गुरुवार को बाजार में अच्छी मजबूती देखने को मिली थी। सेंसेक्स 398 अंक की तेजी के साथ 82,307 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 132 अंक चढ़कर 25,290 के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि बजट से पहले मौजूदा सत्र में बाजार ने फिर से सतर्क रुख अपना लिया है।कुल मिलाकर बजट से जुड़ी उम्मीदें और वैश्विक संकेत आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

  • शुक्रवार के प्रभावी उपाय: मां लक्ष्मी की कृपा से खुलेगा सुख और समृद्धि का द्वार

    शुक्रवार के प्रभावी उपाय: मां लक्ष्मी की कृपा से खुलेगा सुख और समृद्धि का द्वार


    नई दिल्ली :सनातन परंपरा और ज्योतिष शास्त्र में शुक्रवार का दिन विशेष महत्व रखता है। यह दिन शुक्र ग्रह और धन वैभव सुख समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी मां लक्ष्मी को समर्पित माना गया है। शुक्र ग्रह को भोग विलास सौंदर्य प्रेम और आर्थिक समृद्धि का कारक माना जाता है। मान्यता है कि शुक्रवार को विधिपूर्वक और श्रद्धा से किए गए उपाय जीवन में आर्थिक स्थिरता सुख शांति और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं। जो लोग धन रुकावट वैवाहिक तनाव या भौतिक सुखों की कमी से जूझ रहे हैं उनके लिए शुक्रवार के उपाय विशेष फलदायी माने जाते हैं।

    मां लक्ष्मी की कृपा और धन वृद्धि के उपाय
    शुक्रवार के दिन प्रातः या संध्या काल में मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। पूजा में कमल का फूल सफेद पुष्प सुगंधित इत्र और खीर या सफेद मिठाई अर्पित करें। पूजन के समय मन को शांत रखें और कृतज्ञता भाव बनाए रखें। माना जाता है कि सच्चे भाव से की गई आराधना मां लक्ष्मी को शीघ्र प्रसन्न करती है।

    मंत्र जाप और स्तोत्र पाठ
    धन ऐश्वर्य और सुख समृद्धि की प्राप्ति के लिए
    ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
    मंत्र का 108 बार जाप करना लाभकारी माना गया है। इसके साथ कनकधारा स्तोत्र का पाठ आर्थिक अवरोधों को दूर करने और रुके धन को प्रवाहित करने में सहायक होता है। नियमित रूप से यह पाठ करने से धीरे धीरे आर्थिक स्थिति में सुधार देखा जाता है।

    दीपक और द्वार उपाय
    शुक्रवार की संध्या में घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। दीपक में केसर या इलायची डालने से इसका प्रभाव और बढ़ जाता है। यह उपाय घर में सकारात्मक ऊर्जा समृद्धि और सौभाग्य के प्रवेश का प्रतीक माना जाता है।

    दान और पुण्य कर्म
    शुक्रवार को सफेद वस्तुओं का दान विशेष फलदायी होता है। दूध दही चावल चीनी सफेद वस्त्र या मिठाई जरूरतमंदों को दें। सामर्थ्य अनुसार भोजन या धन का दान भी पुण्यकारी माना गया है। श确定्रों के अनुसार दान से शुक्र ग्रह की कृपा प्राप्त होती है।

    कन्या पूजन का महत्व
    शुक्रवार को 7 या 11 कन्याओं को भोजन कराना और उन्हें सफेद वस्त्र व मिठाई देना अत्यंत शुभ माना जाता है। कन्याओं को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है और उनका आशीर्वाद घर में सुख समृद्धि लाता है।

    सुख समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के उपाय
    मां लक्ष्मी स्वच्छता और व्यवस्था को प्रिय मानती हैं। शुक्रवार को घर की विशेष सफाई करें कबाड़ हटाएं और सुगंधित धूप या अगरबत्ती जलाएं। इस दिन सफेद क्रीम या हल्के रंग के वस्त्र पहनना शुक्र ग्रह को मजबूत करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है।

    अन्य शुभ उपाय
    जीव सेवा जैसे चींटियों को आटा चीनी गाय को चारा और पक्षियों के लिए दाना पानी की व्यवस्था करना पुण्यकारी माना गया है। यदि शुक्रवार को प्रदोष या शिव उपासना का संयोग बने तो शिवलिंग पर पंचामृत या शहद से अभिषेक करना भी शुभ फल देता है।श्रद्धा नियमितता और सात्त्विक भाव से किए गए ये उपाय धीरे धीरे जीवन में धन स्थिरता पारिवारिक सुख और मानसिक संतुलन को बढ़ाते हैं। मान्यता है कि मां लक्ष्मी केवल धन ही नहीं बल्कि सद्बुद्धि संतोष और शांति भी प्रदान करती हैं।

  • मंदसौर के हर घर तक पहुँचेगा शुद्ध जल: उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने किया 11 करोड़ के फिल्टर प्लांट का भूमि-पूजन

    मंदसौर के हर घर तक पहुँचेगा शुद्ध जल: उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने किया 11 करोड़ के फिल्टर प्लांट का भूमि-पूजन


    मंदसौर। मंदसौर वासियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने शहर को बड़ी सौगात दी है। गुरुवार को रामघाट पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में उन्होंने अमृत 2.0 योजना के तहत 11 करोड़ 11 लाख रुपये की लागत से बनने वाले नवीन फिल्टर प्लांट, वॉटर टैंक और डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइन का भूमि-पूजन किया। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नगर की बढ़ती आबादी को आगामी कई दशकों तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि सरकार का संकल्प हर परिवार की दहलीज तक शुद्ध पानी पहुँचाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस यह नया फिल्टर प्लांट मंदसौर की पेयजल व्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से मजबूती प्रदान करेगा। श्री देवड़ा ने प्रधानमंत्री के विजन का उल्लेख करते हुए बताया कि शहरी क्षेत्रों में अमृत 2.0 और ग्रामीण इलाकों में ‘जल जीवन मिशन’ के माध्यम से जल क्रांति लाई जा रही है, जो वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प का आधार है।

    उप मुख्यमंत्री ने केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित न रहते हुए नागरिकों से भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बिजली, स्वच्छता और जल जैसी मूलभूत सुविधाओं का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें अपने शहर और संसाधनों को स्वच्छ व व्यवस्थित रखने के लिए सक्रिय सहभागिता निभानी होगी।

    विकास की अन्य कड़ियाँ: 16 MLD क्षमता और सौंदर्यीकरण कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर ने परियोजना की तकनीकी बारीकियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह नया फिल्टर प्लांट 16 एमएलडी क्षमता का होगा। इसके साथ ही शहर में तीन नई जल टंकियों का निर्माण और प्रसिद्ध तेलिया तालाब का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा। वर्तमान में शहर की 60% जलापूर्ति चंबल नदी से हो रही है लेकिन भविष्य की जरूरतों के लिए 3300 करोड़ रुपये की मंदसौर बैराज परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। साथ ही शहर को गंदगी से मुक्त करने के लिए सीवरेज प्रोजेक्ट भी शुरू हो चुका है।

    सामाजिक सरोकार: जागरूकता रथ की रवानगी विकास कार्यों की घोषणाओं के बीच उप मुख्यमंत्री ने सामाजिक उत्थान की ओर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने विमुक्त घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों के शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए संचालित एक विशेष जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ संबंधित समुदायों को सरकारी योजनाओं और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेगा। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी गुर्जर सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में उत्साहित नागरिक मौजूद रहे।

  • आज का पंचांग: बसंत पंचमी पर सरस्वती वंदना का शुभ संयोग..

    आज का पंचांग: बसंत पंचमी पर सरस्वती वंदना का शुभ संयोग..


    नई दिल्ली :आज शुक्रवार 23 जनवरी 2026 को माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के साथ बसंत पंचमी का पावन पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन ज्ञान विद्या संगीत और कला की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी से ऋतुओं के परिवर्तन की शुरुआत होती है और जीवन में नई ऊर्जा सृजनशीलता और सकारात्मकता का प्रवेश होता है। सूर्य उत्तरायण में स्थित है और शिशिर ऋतु का प्रभाव बना हुआ है जिससे आज के दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

    तिथि वार और संवत
    आज माघ शुक्ल पंचमी तिथि रात्रि 1 बजकर 47 मिनट तक रहेगी इसके बाद षष्ठी तिथि का आरंभ होगा।
    वार शुक्रवार है।
    विक्रम संवत 2082
    शक संवत 1947
    राष्ट्रीय मिति माघ 03
    हिजरी तारीख शब्बन 03 1447
    सौर मास माघ मास प्रविष्टे 10

    नक्षत्र योग और करण
    दिन की शुरुआत पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में होगी जो दोपहर 2 बजकर 33 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र आरंभ होगा।
    योग की बात करें तो परिधि योग अपराह्न 3 बजकर 59 मिनट तक रहेगा इसके पश्चात शिव योग का शुभ संयोग बनेगा।
    करण बव करण दोपहर 2 बजकर 8 मिनट तक रहेगा इसके बाद कौलव करण प्रभावी होगा।

    चंद्रमा की स्थिति
    चंद्रमा सुबह 8 बजकर 34 मिनट तक कुंभ राशि में रहेगा इसके बाद गुरु की राशि मीन में प्रवेश करेगा। इससे भावनात्मक संतुलन आध्यात्मिक झुकाव और रचनात्मक सोच में वृद्धि देखी जा सकती है। बसंत पंचमी पर चंद्रमा का मीन राशि में गोचर सरस्वती आराधना के लिए विशेष शुभ माना गया है।

    सूर्य समय
    सूर्योदय सुबह 7 बजकर 13 मिनट
    सूर्यास्त शाम 5 बजकर 52 मिनट

    आज के पर्व
    बसंत पंचमी
    श्री पंचमी
    सरस्वती पूजा
    लक्ष्मी पूजन
    आज विद्यारंभ पुस्तक पूजन और पीले वस्त्र धारण करने की परंपरा विशेष रूप से मानी जाती है।

    शुभ मुहूर्त
    ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:11 से 6:04
    विजय मुहूर्त दोपहर 2:08 से 2:52
    गोधूलि बेला शाम 5:42 से 6:08
    निशीथ काल रात्रि 11:54 से 12:47

    अशुभ समय
    राहुकाल सुबह 10:30 से 12:00
    गुलिक काल सुबह 7:30 से 9:00
    यमगंड दोपहर 3:30 से 4:30
    दुर्मुहूर्त सुबह 9:06 से 9:50
    पंचक पूरे दिन प्रभावी रहेगा।

    अमृत काल
    सुबह 9:53 से 11:13 तक

    धार्मिक दृष्टि से आज का दिन पूजा साधना और शुभ संकल्प के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की आराधना से बुद्धि विवेक स्मरण शक्ति और विद्या में वृद्धि होने का विश्वास किया जाता है।

    आज शुक्रवार 23 जनवरी 2026 को माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के साथ बसंत पंचमी का पावन पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन ज्ञान विद्या संगीत और कला की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी से ऋतुओं के परिवर्तन की शुरुआत होती है और जीवन में नई ऊर्जा सृजनशीलता और सकारात्मकता का प्रवेश होता है। सूर्य उत्तरायण में स्थित है और शिशिर ऋतु का प्रभाव बना हुआ है जिससे आज के दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

    तिथि वार और संवत
    आज माघ शुक्ल पंचमी तिथि रात्रि 1 बजकर 47 मिनट तक रहेगी इसके बाद षष्ठी तिथि का आरंभ होगा।
    वार शुक्रवार है।
    विक्रम संवत 2082
    शक संवत 1947
    राष्ट्रीय मिति माघ 03
    हिजरी तारीख शब्बन 03 1447
    सौर मास माघ मास प्रविष्टे 10

    नक्षत्र योग और करण
    दिन की शुरुआत पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में होगी जो दोपहर 2 बजकर 33 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र आरंभ होगा।
    योग की बात करें तो परिधि योग अपराह्न 3 बजकर 59 मिनट तक रहेगा इसके पश्चात शिव योग का शुभ संयोग बनेगा।
    करण बव करण दोपहर 2 बजकर 8 मिनट तक रहेगा इसके बाद कौलव करण प्रभावी होगा।

    चंद्रमा की स्थिति
    चंद्रमा सुबह 8 बजकर 34 मिनट तक कुंभ राशि में रहेगा इसके बाद गुरु की राशि मीन में प्रवेश करेगा। इससे भावनात्मक संतुलन आध्यात्मिक झुकाव और रचनात्मक सोच में वृद्धि देखी जा सकती है। बसंत पंचमी पर चंद्रमा का मीन राशि में गोचर सरस्वती आराधना के लिए विशेष शुभ माना गया है।

    सूर्य समय
    सूर्योदय सुबह 7 बजकर 13 मिनट
    सूर्यास्त शाम 5 बजकर 52 मिनट

    आज के पर्व
    बसंत पंचमी
    श्री पंचमी
    सरस्वती पूजा
    लक्ष्मी पूजन
    आज विद्यारंभ पुस्तक पूजन और पीले वस्त्र धारण करने की परंपरा विशेष रूप से मानी जाती है।

    शुभ मुहूर्त
    ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:11 से 6:04
    विजय मुहूर्त दोपहर 2:08 से 2:52
    गोधूलि बेला शाम 5:42 से 6:08
    निशीथ काल रात्रि 11:54 से 12:47

    अशुभ समय
    राहुकाल सुबह 10:30 से 12:00
    गुलिक काल सुबह 7:30 से 9:00
    यमगंड दोपहर 3:30 से 4:30
    दुर्मुहूर्त सुबह 9:06 से 9:50
    पंचक पूरे दिन प्रभावी रहेगा।

    अमृत काल
    सुबह 9:53 से 11:13 तक

    धार्मिक दृष्टि से आज का दिन पूजा साधना और शुभ संकल्प के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की आराधना से बुद्धि विवेक स्मरण शक्ति और विद्या में वृद्धि होने का विश्वास किया जाता है।

  • बुजुर्गों को समर्पित 'संध्या छाया': मुख्यमंत्री डॉ. यादव कल करेंगे अत्याधुनिक वृद्धाश्रम का लोकार्पण

    बुजुर्गों को समर्पित 'संध्या छाया': मुख्यमंत्री डॉ. यादव कल करेंगे अत्याधुनिक वृद्धाश्रम का लोकार्पण


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी में बुजुर्गों के सम्मानजनक और सुविधापूर्ण जीवन की दिशा में शनिवार को एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 24 जनवरी को प्रातः 11 बजे भोपाल के पॉश इलाके पत्रकार कॉलोनी लिंक रोड नंबर 3 में नवनिर्मित सशुल्क वृद्धाश्रम संध्या छाया का भव्य लोकार्पण करेंगे। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा तैयार किया गया यह वृद्धाश्रम आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस है, जिसे विशेष रूप से उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो सशुल्क आधार पर एक सुरक्षित और संभ्रांत वातावरण में रहना चाहते हैं।

    लोकार्पण का यह कार्यक्रम केवल एक भवन के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह सामाजिक सरोकारों का एक बड़ा संगम बनेगा। इसी मंच से मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य स्तरीय स्पर्श मेला-2026 की विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत कर उनकी प्रतिभा का सम्मान करेंगे। साथ ही प्रदेश के लाखों बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए राहत की खबर यह है कि मुख्यमंत्री एक सिंगल क्लिक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन के हितग्राहियों के खातों में 327 करोड़ रुपये की विशाल राशि सीधे अंतरित DBT करेंगे।

    इस गरिमामयी समारोह में शासन और प्रशासन के कई दिग्गज शामिल होंगे। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण तथा उद्यानिकी मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय और स्थानीय विधायक श्री भगवान दास सबनानी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

    संध्या छाया वृद्धाश्रम का निर्माण इस सोच के साथ किया गया है कि ढलती उम्र में बुजुर्गों को न केवल आवास, बल्कि स्वास्थ्य मनोरंजन और आध्यात्मिक शांति का परिवेश भी मिले। यह केंद्र राजधानी में वरिष्ठ नागरिक सेवा का एक मॉडल बनकर उभरेगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर पत्रकार कॉलोनी क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और विभाग ने लोकार्पण समारोह को लेकर सभी आवश्यक प्रबंध पूर्ण कर लिए हैं।

  • बसंत पंचमी पर विद्या की अधिष्ठात्री मां सरस्वती की आराधना

    बसंत पंचमी पर विद्या की अधिष्ठात्री मां सरस्वती की आराधना


    नई दिल्ली :आज देशभर में बसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा आस्था और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व विद्या ज्ञान वाणी और विवेक की देवी मां सरस्वती की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी तिथि को मां सरस्वती का पृथ्वी पर प्राकट्य हुआ था। इसलिए इस दिन की गई पूजा आराधना और दान को अत्यंत फलदायी बताया गया है।

    इस वर्ष बसंत पंचमी पर ज्योतिषीय दृष्टि से भी शुभ संयोग बना हुआ है। पंचमी तिथि पूरे दिन प्रभावी है और चंद्रमा का संचार गुरु की राशि मीन में हो रहा है। ऐसे में ज्ञान और बुद्धि के कारक ग्रहों का यह योग सरस्वती साधना के लिए विशेष फल प्रदान करने वाला माना जा रहा है। मान्यता है कि इस योग में मां सरस्वती की आराधना करने से स्मरण शक्ति तेज होती है और शिक्षा कला लेखन व संगीत जैसे क्षेत्रों में प्रगति के मार्ग खुलते हैं।देशभर के विद्यालयों शिक्षण संस्थानों मंदिरों और घरों में सरस्वती पूजन का आयोजन किया गया है। विद्यार्थी अपने अध्ययन उपकरण पुस्तकों और वाद्य यंत्रों को मां सरस्वती के चरणों में समर्पित कर विद्या में सफलता की कामना कर रहे हैं। कलाकार और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोग भी इस दिन विशेष रूप से मां सरस्वती की उपासना करते हैं।

    प्रयागराज में माघ मेले का प्रमुख स्नान पर्व
    तीर्थराज प्रयागराज में बसंत पंचमी माघ मेले का प्रमुख स्नान पर्व माना जाता है। गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। साधु संतों के सान्निध्य में वेद पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान कर ज्ञान और सद्बुद्धि की कामना की। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

    पूजन की परंपरा और धार्मिक महत्व
    धार्मिक ग्रंथों के अनुसार बसंत पंचमी के दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ और पीले वस्त्र धारण कर पूजा करना शुभ माना जाता है। पीला रंग बसंत ऋतु उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। पूजा में पीले पुष्प अक्षत धूप दीप और पीले मिष्ठान अर्पित किए जाते हैं। कई स्थानों पर भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण राधा के पूजन की भी परंपरा है।

    शिक्षा संस्कृति और चेतना का पर्व
    बसंत पंचमी को बच्चों के विद्यारंभ संस्कार से भी जोड़ा जाता है। इस दिन छोटे बच्चों को पहली बार अक्षर ज्ञान कराया जाता है। धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार शुद्ध मन सात्त्विक आचरण और संयम के साथ की गई आराधना से मां सरस्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यही कारण है कि बसंत पंचमी को केवल धार्मिक पर्व नहीं बल्कि शिक्षा संस्कृति और चेतना के जागरण का दिन माना जाता है।

  • बसंत पंचमी पर मीन राशि में प्रवेश करेगा चंद्रमा, तीन राशियों पर बरसेगी मां सरस्वती की कृपा

    बसंत पंचमी पर मीन राशि में प्रवेश करेगा चंद्रमा, तीन राशियों पर बरसेगी मां सरस्वती की कृपा


    नई दिल्ली :ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन भावनाओं और बुद्धि का कारक ग्रह माना गया है। इसकी चाल भले ही तेज हो लेकिन इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर गहरा और त्वरित होता है। इस वर्ष बसंत पंचमी के पावन अवसर पर चंद्रमा एक महत्वपूर्ण राशि परिवर्तन करने जा रहा है। 23 जनवरी 2026 की सुबह 8 बजकर 34 मिनट पर चंद्रमा शनि की राशि कुंभ से निकलकर गुरु की राशि मीन में प्रवेश करेगा।

    ज्योतिषीय दृष्टि से यह गोचर बेहद शुभ माना जा रहा है क्योंकि मीन राशि ज्ञान आध्यात्म और रचनात्मकता की प्रतीक मानी जाती है। बसंत पंचमी स्वयं विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित पर्व है और ऐसे में चंद्रमा का मीन राशि में प्रवेश विशेष फलदायी माना जा रहा है। इस गोचर का प्रभाव खासतौर पर शिक्षा कला लेखन संगीत शोध और करियर से जुड़े लोगों पर सकारात्मक रूप से दिखाई देगा।ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस चंद्र गोचर से तीन राशियों पर मां सरस्वती की विशेष कृपा बनी रहेगी। इन राशियों के जातकों को मानसिक स्पष्टता नई सोच और आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का यह गोचर लाभ भाव में होगा। इससे आय में वृद्धि और करियर में सकारात्मक बदलाव के योग बन रहे हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा मिल सकती है और कुछ लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी भी मिल सकती है। व्यापार से जुड़े जातकों के लिए यह समय नए सौदे और लाभ के अवसर लेकर आ सकता है। विद्यार्थियों की एकाग्रता बढ़ेगी और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को नई पहचान मिल सकती है।

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि के जातकों के लिए चंद्रमा पंचम भाव में गोचर करेगा जो शिक्षा बुद्धि और प्रेम का भाव माना जाता है। इस दौरान मानसिक स्पष्टता बढ़ेगी और लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। करियर में भी स्थितियां अनुकूल रहेंगी और यात्रा से लाभ के योग बनेंगे।

    धनु राशि
    धनु राशि के जातकों के लिए चंद्रमा चतुर्थ भाव में प्रवेश करेगा जो सुख परिवार और मानसिक शांति का कारक है। पारिवारिक जीवन में सौहार्द बना रहेगा और माता पिता का सहयोग मिलेगा। करियर में भी सकारात्मक बदलाव संभव हैं। शिक्षा कला और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को मान सम्मान मिलने के योग हैं। मां सरस्वती की कृपा से सीखने की क्षमता और एकाग्रता में वृद्धि होगी।कुल मिलाकर बसंत पंचमी पर होने वाला यह चंद्र गोचर ज्ञान बुद्धि और प्रगति का मार्ग प्रशस्त करने वाला सिद्ध हो सकता है।

  • पन्ना टाइगर रिजर्व के पास खौफ: वन्यजीव के हमले में 12 साल के मासूम की मौत, ग्रामीणों में भारी दहशत

    पन्ना टाइगर रिजर्व के पास खौफ: वन्यजीव के हमले में 12 साल के मासूम की मौत, ग्रामीणों में भारी दहशत

    पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है, जहाँ टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र से सटे एक गांव में वन्यजीव के जानलेवा हमले ने एक मासूम की जान ले ली। शुक्रवार की सुबह ग्राम जरधोवा में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब 12 साल के एक बच्चे पर किसी अज्ञात शिकारी वन्यजीव ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं।

    यह दुखद घटना पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र की सीमा से लगे जरधोवा गांव की है। बताया जा रहा है कि बच्चा सुबह जब गांव के बाहरी हिस्से के पास था, तभी झाड़ियों में छिपे किसी हिंसक जानवर ने उस पर झपट्टा मार दिया। शोर सुनकर जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक वन्यजीव बच्चे को लहूलुहान कर जंगल की ओर भाग चुका था। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस प्रशासन की टीमें सक्रिय हो गई हैं।

    वन अधिकारी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और बारीकी से साक्ष्य जुटा रहे हैं। विभाग के विशेषज्ञों द्वारा मौके पर मिले पगमार्क की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हमला तेंदुए ने किया है, बाघ ने या किसी अन्य जंगली जानवर ने। वन अधिकारियों का कहना है कि हमले की परिस्थितियों का आकलन किया जा रहा है और हमलावर जानवर की पहचान के लिए गश्त बढ़ा दी गई है।

    इस घटना ने एक बार फिर ‘इंसान और वन्यजीव’ के बीच बढ़ते संघर्ष को उजागर कर दिया है। पन्ना टाइगर रिजर्व के करीब स्थित गांवों में जंगली जानवरों की हलचल अक्सर देखी जाती है, लेकिन इस जानलेवा हमले ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। ग्रामीण प्रशासन से सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को जंगल की सीमा की ओर न जाने और समूह में रहने की सख्त हिदायत दी है।

  • रायपुर में शब्दों का महाकुंभ: 'आदि से अनादि तक' थीम के साथ रायपुर साहित्य उत्सव 2026 शुरू

    रायपुर में शब्दों का महाकुंभ: 'आदि से अनादि तक' थीम के साथ रायपुर साहित्य उत्सव 2026 शुरू

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर आज से देश भर के जाने-माने शब्द-साधकों और बुद्धिजीवियों के जमावड़े का केंद्र बन गई है। शुक्रवार को बसंत पंचमी के पावन और शुभ अवसर पर रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का भव्य आगाज हुआ। आदि से अनादि तक की बेहद गहरी और प्रासंगिक केंद्रीय थीम पर आधारित इस तीन दिवसीय साहित्यिक महाकुंभ का शुभारंभ अतिथियों द्वारा ज्ञान की देवी मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

    नया रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन के खुले और कलात्मक वातावरण में आयोजित यह महोत्सव अपनी ऐतिहासिकता और आधुनिकता के संगम के कारण पहले ही दिन चर्चा में आ गया है। 23 जनवरी से शुरू होकर 25 जनवरी तक चलने वाले इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और देश की व्यापक साहित्यिक परंपराओं का अद्भुत मेल देखने को मिल रहा है। आयोजन स्थल की सजावट और साहित्यिक सत्रों की रूपरेखा ने राजधानी के साहित्यिक प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित किया है।

    इस तीन दिवसीय उत्सव की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें देशभर से 120 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार दिग्गज कवि, मर्मज्ञ लेखक अनुभवी पत्रकार, प्रखर शिक्षाविद और चिंतक सहभागिता कर रहे हैं। उद्घाटन सत्र के दौरान वक्ताओं ने आदि से अनादि तक विषय की प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए कहा कि साहित्य ही वह सेतु है जो हमारी आदिम जड़ों को अनंत भविष्य से जोड़ता है।

    अगले दो दिनों तक पुरखौती मुक्तांगन के विभिन्न मंचों पर कविता पाठ, कहानी चर्चा, वैचारिक विमर्श छत्तीसगढ़ी साहित्य का भविष्य और पत्रकारिता की चुनौतियों जैसे विषयों पर गहन संवाद होगा। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के मंच न केवल स्थापित लेखकों को जगह देते हैं, बल्कि नए उभरते रचनाकारों को भी एक नई दृष्टि प्रदान करते हैं। वसंत की बयार के बीच शुरू हुए इस उत्सव ने रायपुर को साहित्यिक चेतना से सराबोर कर दिया है।

  • बैतूल छात्रवृत्ति घोटाला: पुलिस के हत्थे चढ़ा तीसरा आरोपी, 'गांव की बेटी योजना' में हुआ था बड़ा गबन

    बैतूल छात्रवृत्ति घोटाला: पुलिस के हत्थे चढ़ा तीसरा आरोपी, 'गांव की बेटी योजना' में हुआ था बड़ा गबन


    बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाले करीब डेढ़ करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में पुलिस ने आज एक और बड़ी सफलता हासिल की है। ‘गांव की बेटी योजना’ के तहत छात्राओं के हक की राशि डकारने वाले इस जालसाजी मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान प्रकाश बंजारे के रूप में हुई है, जो जिले के प्रतिष्ठित जेएच कॉलेज जयवंती हक्सर कॉलेज में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ था।

    यह पूरा मामला सरकारी खजाने में सेंधमारी और उन बेटियों के भविष्य से खिलवाड़ का है, जिनके लिए सरकार प्रोत्साहन राशि भेजती है। जांच के दौरान सामने आया कि यह घोटाला करीब 1 करोड़ 44 लाख 65 हजार रुपये का है। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से दस्तावेजों में हेरफेर कर ‘गांव की बेटी योजना’ के लिए आवंटित राशि का गबन किया। प्रकाश बंजारे पर आरोप है कि उसने पद का दुरुपयोग करते हुए इस वित्तीय अनियमितता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सरकारी धन को अवैध रूप से ठिकाने लगाने में मदद की।

    बैतूल पुलिस इस मामले में पहले ही दो आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। विभाग के भीतर चल रहे इस सिंडिकेट का भंडाफोड़ होने के बाद से ही पुलिस की टीमें कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई थीं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी प्रकाश से पूछताछ में इस घोटाले के कुछ और बड़े नामों और बैंक खातों की जानकारी सामने आ सकती है, जहाँ गबन की गई राशि ट्रांसफर की गई थी। इस गिरफ्तारी के बाद जेएच कॉलेज और शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। छात्राओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं में इतने बड़े स्तर पर सेंधमारी ने प्रशासनिक सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब यह पड़ताल कर रही है कि क्या इस घोटाले की जड़ें कॉलेज प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों तक भी फैली हुई हैं। फिलहाल, प्रकाश बंजारे की गिरफ्तारी को इस करोड़ों के घोटाले के खुलासे में एक अहम कड़ी माना जा रहा है।