Author: bharati

  • 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन, आंध्र प्रदेश में प्रस्ताव पर चर्चा..

    16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन, आंध्र प्रदेश में प्रस्ताव पर चर्चा..


    नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाने की योजना पर गंभीरता से विचार कर रही है। राज्य के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान बताया कि बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास पर सोशल मीडिया का नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा एक निश्चित उम्र से कम के बच्चों को इन प्लेटफॉर्म्स पर नहीं होना चाहिए। वे यह नहीं समझ पाते कि किस तरह का कंटेंट उनके संपर्क में आ रहा है। ऐसे में मजबूत कानूनी ढांचे की जरूरत है।

    सरकार का यह कदम ऑस्ट्रेलिया के अंडर-16 सोशल मीडिया कानून से प्रेरित है। ऑस्ट्रेलिया ने पिछले महीने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए TikTok X (ट्विटर) फेसबुक इंस्टाग्राम यूट्यूब और स्नैपचैट जैसी प्रमुख सोशल मीडिया साइट्स पर प्रतिबंध लगाया था। इस कानून के तहत न तो बच्चे नए अकाउंट बना सकते हैं और न ही पुराने अकाउंट चालू रख सकते हैं। आंध्र प्रदेश सरकार इसी मॉडल का अध्ययन कर रही है। यदि यह लागू होता है तो यह भारत का पहला राज्य होगा जो बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर कानूनी पाबंदी लगाएगा।

    तेलुगु देशम पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक रेड्डी ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि पिछली सरकार के दौरान सोशल मीडिया का दुरुपयोग हुआ था और विशेषकर महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक हमले किए गए। उन्होंने कहा कम उम्र के बच्चे भावनात्मक रूप से इतने परिपक्व नहीं होते कि वे ऑनलाइन नकारात्मक और नुकसानदायक कंटेंट को समझ सकें। इसलिए सरकार दुनिया के बेहतरीन उदाहरणों का अध्ययन कर रही है।दीपक रेड्डी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस कदम को सेंसरशिप के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनका कहना था कि इसका उद्देश्य केवल बच्चों को जहरीले कंटेंट ऑनलाइन नफरत और मानसिक नुकसान से बचाना है।

    आंध्र प्रदेश सरकार फिलहाल इस प्रस्ताव पर विचार और अध्ययन के चरण में है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल युग में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम ऐतिहासिक साबित हो सकता है। अगर इसे लागू किया गया तो राज्य के छोटे बच्चों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल पूरी तरह नियंत्रित होगा और उन्हें मानसिक एवं भावनात्मक रूप से सुरक्षित रखा जा सकेगा।विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बच्चों को डिजिटल दुनिया के खतरे से बचाने और उनके स्वस्थ मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम बच्चों की सुरक्षा के लिए डिजिटल युग में एक नया मील का पत्थर साबित हो सकता है।

  • Peace या Piece? एलन मस्क ने ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' का उड़ाया मजाक

    Peace या Piece? एलन मस्क ने ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' का उड़ाया मजाक


    नई दिल्ली: दावोस में विश्व आर्थिक मंच के मंच पर एलन मस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए बोर्ड ऑफ पीस पर मजेदार तंज कसा। ब्लैक रॉक के सीईओ लैरी फिंक के साथ पैनल में शामिल मस्क ने कहा कि बोर्ड का नाम Peace शांति के बजाय Piece टुकड़ा होना चाहिए। मस्क ने हंसी मजाक में कहा कि जब उन्होंने पीस समिट के गठन के बारे में सुना तो सोचा क्या यह P-I-E-C-E है? ग्रीनलैंड एक छोटा टुकड़ा या वेनेजुएला का एक छोटा टुकड़ा? आखिर हम सब तो बस एक पीस ही चाहते हैं।

    मस्क का यह तंज ट्रंप के उन पुराने बयानों पर आधारित था जिनमें उन्होंने ग्रीनलैंड खरीदने या वेनेजुएला पर दावा करने जैसी बातें की थीं। यह बयान ट्रंप द्वारा दावोस में ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का चार्टर साइन करने के कुछ घंटे बाद आया जिसे गाजा युद्धविराम और पुनर्निर्माण की निगरानी के लिए शुरू किया गया है। अब तक इसमें 21 से ज्यादा देश शामिल हो चुके हैं और इसे वैश्विक शांति मध्यस्थ के रूप में पेश किया जा रहा है।

    दरअसल ट्रंप की अध्यक्षता में गठित बोर्ड की शुरुआती अवधारणा केवल गाजा में युद्धविराम योजना की निगरानी करने वाले विश्व नेताओं के छोटे समूह के रूप में थी। लेकिन ट्रंप प्रशासन की महत्वाकांक्षाएं बढ़ गई हैं। उन्होंने दर्जनों देशों को बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है और इसे भविष्य में संघर्ष मध्यस्थता की भूमिका निभाने वाला बनाया है।

    मस्क की टिप्पणियां ऐसे वक्त में आई हैं जब उनके और ट्रंप के संबंध पिछले साल सार्वजनिक विवाद के बाद धीरे-धीरे सुधार की ओर हैं। मस्क की उपस्थिति WEF में खासतौर पर ध्यान खींच रही थी क्योंकि उन्होंने इस वार्षिक सम्मेलन की सार्वजनिक आलोचना की है और इसे अभिजात वर्ग का गैर-जिम्मेदार और आम लोगों से कटा हुआ बताया है। मस्क ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बार-बार दावोस का मजाक उड़ाया और इसे उबाऊ बताया।पैनल चर्चा में मस्क ने भविष्यवाणी की कि रोबोट समाज को पूरी तरह बदल देंगे। उन्होंने कहा कि मानव श्रम की जरूरत कम हो जाएगी और मानवता को मदद मिलेगी। मस्क ने बताया कि एक दिन रोबोट खुद और अधिक रोबोट बनाएंगे जिससे वस्तुओं और सेवाओं की इतनी अधिकता होगी कि इंसानों से ज्यादा रोबोट होंगे।

    उन्होंने यह भी कहा कि हर कोई धरती पर अपने बुजुर्ग माता-पिता और बच्चों की देखभाल के लिए रोबोट चाहेगा। मस्क ने बताया कि टेस्ला अगले साल के अंत तक आम लोगों को रोबोट बेचना शुरू करेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उनकी कंपनी xAI द्वारा विकसित AI ‘ग्रोक’ को यौन रूप से स्पष्ट सामग्री बनाने को लेकर विवादों का सामना करना पड़ रहा है।एलन मस्क का यह मजाकिया और भविष्यसूचक अंदाज एक बार फिर दर्शाता है कि वह वैश्विक मंचों पर अपनी अलग और चुनौतीपूर्ण सोच रखने में पीछे नहीं हटते।

  • चन्नी के बयान पर कांग्रेस हाईकमान सख्त, राहुल गांधी ने दी क्लास, पंजाब में कोई बदलाव नहीं

    चन्नी के बयान पर कांग्रेस हाईकमान सख्त, राहुल गांधी ने दी क्लास, पंजाब में कोई बदलाव नहीं


    नई दिल्ली: पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के बयान को लेकर मचा हंगामा आज नई दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान की बैठक के बाद कुछ हद तक शांत हुआ। बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई जिसमें राहुल गांधी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

    सूत्रों के मुताबिक चन्नी के उस बयान के बाद ही पंजाब कांग्रेस के कई नेताओं को दिल्ली तलब किया गया था। बैठक में राहुल गांधी ने नेताओं को अनुशासन और जिम्मेदारी के पाठ पढ़ाते हुए साफ कर दिया कि कांग्रेस में किसी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चन्नी के बयान पर नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि पंजाब कांग्रेस के प्रमुख पदों पर कोई बदलाव नहीं होगा। राज्य अध्यक्ष महासचिव नेता प्रतिपक्ष और महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैसे पद ज्यों के त्यों बने रहेंगे।बैठक में शामिल नेताओं में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी महासचिव केसी वेणुगोपाल पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब प्रभारी भूपेश सिंह बघेल सुखजिंदर सिंह रंधावा पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी और अन्य नेता शामिल थे।

    चन्नी ने हाल ही में एक वीडियो में कहा था कि पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष महासचिव नेता प्रतिपक्ष और महिला विंग की अध्यक्ष सभी अपर कास्ट से हैं। उनका सवाल था कि बड़े पदों पर दलितों का प्रतिनिधित्व क्यों नहीं है जबकि पंजाब में दलित आबादी लगभग 38 प्रतिशत है। उनके इस बयान ने पार्टी में विभिन्न प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया। कुछ नेताओं ने इसे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया तो कुछ ने इसे जातीय राजनीति से जोड़ने की कोशिश करार दिया।विवाद बढ़ने पर चन्नी ने सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी के खिलाफ बात करना नहीं था। उन्होंने बताया कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और उन्हें जातीय राजनीति से जोड़ने की कोशिश की गई। चन्नी ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने हमेशा उन्हें सम्मान और जिम्मेदारी दी जिन्हें उन्होंने ईमानदारी से निभाया।

    पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और चन्नी के बयान ने पार्टी के भीतर नेतृत्व और जातीय संतुलन के सवाल को फिर से ताजा कर दिया। हाईकमान ने स्थिति को संभालते हुए साफ किया कि पार्टी का ढांचा स्थिर रहेगा और किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा।इस बैठक के बाद कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि संगठन में अनुशासन सर्वोपरि है और सभी नेताओं से उम्मीद की जाती है कि वे पार्टी के हित में काम करें।

  • धुरंधर 2 को लेकर सस्पेंस खत्म? आदित्य धर ने साफ किया बॉर्डर 2 से कनेक्शन का सच

    धुरंधर 2 को लेकर सस्पेंस खत्म? आदित्य धर ने साफ किया बॉर्डर 2 से कनेक्शन का सच

    नई दिल्ली। रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना स्टारर बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘धुरंधर 2’ के टीजर को लेकर फैंस का इंतजार और लंबा हो गया है। सोशल मीडिया पर खबरें थीं कि इसका टीजर सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ के साथ थिएटर्स में दिखाया जाएगा। 23 जनवरी को जैसे ही बॉर्डर 2 रिलीज हुई, दर्शक टीजर की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

    आदित्य धर ने खुद किया कन्फर्म

    टीजर को लेकर चल रही अटकलों पर खुद निर्देशक आदित्य धर ने विराम लगा दिया है। दरअसल, एक फैन ने सोशल मीडिया पर मजेदार रील शेयर करते हुए लिखा—
    “@adityadhar मज़ाक नहीं, टीजर जल्दी!”
    आदित्य धर ने इस रील को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर करते हुए जवाब दिया,
    “Teaser will be out in a few days! ”
    इस अपडेट के बाद साफ हो गया कि ‘धुरंधर 2’ का टीजर बॉर्डर 2 के साथ रिलीज नहीं हुआ है और अब दर्शकों को कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा।

    रिलीज डेट को लेकर कोई बदलाव नहीं

    हाल ही में सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा था कि ‘धुरंधर 2’ की रिलीज डेट 19 मार्च से टलकर 26 मार्च कर दी गई है, ताकि यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ से टकराव न हो।
    हालांकि आदित्य धर के ताजा बयान के बाद इन अफवाहों पर भी विराम लग गया है। निर्देशक ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि ‘धुरंधर 2’ 19 मार्च को ही सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

    दमदार स्टारकास्ट और OTT अपडेट

    ‘धुरंधर 2’ में रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना के साथ अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, आर. माधवन और सारा अर्जुन अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। वहीं, पहली फिल्म ‘धुरंधर’ अपने शानदार थिएट्रिकल रन के बाद अब OTT पर दस्तक देने जा रही है। यह फिल्म 30 जनवरी को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी।

  • हिमंत सरमा का खुलासा: “राहुल और प्रियंका गांधी की आपसी लड़ाई का शिकार रहा”

    हिमंत सरमा का खुलासा: “राहुल और प्रियंका गांधी की आपसी लड़ाई का शिकार रहा”


    नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर तीखा हमला बोला है। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान मीडिया से बातचीत में सरमा ने दावा किया कि भाजपा में शामिल होने से पहले वे राहुल और प्रियंका की अंदरूनी लड़ाई के शिकार रहे।

    सरमा ने कहा, “गांधी परिवार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। हाल के राजनीतिक फैसलों से यह साफ दिखता है कि राहुल गांधी नहीं चाहते कि प्रियंका गांधी केरल में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करें।

    उन्हें असम में भेजा गया, इसका यही मतलब है।”

    उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस में राहुल गांधी अपने करीबी नेताओं और गुट के जरिए सत्ता बनाए रखना चाहते हैं, जबकि प्रियंका उस गुट का हिस्सा नहीं हैं। सरमा ने बताया, “मैं 22 साल तक कांग्रेस में रहा हूं, मुझे अंदर की पूरी जानकारी है। यही वजह है कि प्रियंका को केरल की बजाय असम में जिम्मेदारी दी गई।”

    हिमंत सरमा बीजेपी में शामिल होने के बाद से लगातार कांग्रेस और गांधी परिवार पर हमलावर रहे हैं। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। सियासी जानकार अब इस सवाल पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या वाकई राहुल और प्रियंका के बीच अंदरूनी मतभेद हैं, या यह विपक्ष की रणनीति का हिस्सा है। फिलहाल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

  • खरगे का मोदी पर हमला, कहा- "चायवाला सिर्फ नाटक, मनरेगा खत्म करना गरीबों पर वार"

    खरगे का मोदी पर हमला, कहा- "चायवाला सिर्फ नाटक, मनरेगा खत्म करना गरीबों पर वार"


    नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे वोट पाने के लिए खुद को “चाय वाला” बताते हैं, लेकिन वास्तविकता में यह सिर्फ राजनीति का नाटक है। उन्होंने केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ और मनरेगा (MGNAREGA) के संभावित बदलावों पर भी चिंता जताई।

    खरगे ने कांग्रेस के ‘रचनात्मक कांग्रेस’ प्रकोष्ठ के कार्यक्रम ‘मनरेगा बचाओ मोर्चा’ को संबोधित करते हुए कहा, “वोट पाने के लिए कहते हैं, मैं चायवाला हूँ। क्या उन्होंने कभी चाय बनाई? क्या उन्होंने कभी केतली उठाकर रेल के डिब्बों में लोगों को चाय पिलाई? यह सब सिर्फ नाटक है। गरीबों को सताना उनकी आदत बन चुकी है।”

    उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी चुनाव प्रचार में व्यस्त है और असल काम के मामले में पिछड़ रही है। खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धियों की तुलना पंडित नेहरू के बड़े प्रोजेक्ट्स से करते हुए कहा, “देश को बताओ, मोदी जी ने ऐसा कौन सा काम किया जो इतिहास में याद रखा जाएगा?”

    कांग्रेस ने उनके भाषण के वीडियो और उद्धरण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए। पोस्ट में लिखा गया है कि मोदी और अमित शाह देश के लिए काम नहीं करते, सिर्फ चुनाव प्रचार में लगे रहते हैं। मनरेगा और मजदूरों के हितों के मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    भाजपा का पलटवार:
    खरगे के बयान पर भाजपा नेता टॉम वडक्कन ने जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक साधारण परिवार से आते हैं और इसे नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके नेता शाही परिवारों से हैं, और वे इस विशेषाधिकार को नकार नहीं सकते।

    बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले मोदी अक्सर कहते थे कि उनके पिता वडनगर स्टेशन पर चाय की दुकान चलाते थे और बचपन में उन्होंने पिता की मदद की। कांग्रेस नेताओं ने इस पर कई बार राजनीतिक विवाद खड़े किए हैं, जबकि भाजपा कांग्रेस को “वंशवादी” कहकर पलटवार करती रही है।

    खरगे ने चेतावनी दी कि कांग्रेस पूरे देश में मनरेगा बचाने के लिए आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा, “मनरेगा को खत्म करना सिर्फ कमजोर तबकों पर हमला नहीं है, बल्कि महात्मा गांधी की जन-स्मृति और ग्राम स्वराज की सोच पर हमला है। कोई दल इसका नाम बदलने की हिमाकत करे, देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।”

  • IPL 2026 में बदल सकता है विराट कोहली की RCB का मालिक, अदर पूनावाला के पोस्ट से बढ़ीं अटकलें

    IPL 2026 में बदल सकता है विराट कोहली की RCB का मालिक, अदर पूनावाला के पोस्ट से बढ़ीं अटकलें


    नई दिल्ली। IPL 2026 में बदल सकता है विराट कोहली की RCB का मालिक, अदर पूनावाला के पोस्ट से बढ़ीं अटकलें
    बेंगलुरु। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के स्वामित्व में बदलाव की खबरों ने क्रिकेट प्रेमियों में हलचल मचा दी है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदर पूनावाला ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया पोस्ट में संकेत दिए कि वह RCB के लिए “मजबूत और प्रतिस्पर्धी” बोली लगाने जा रहे हैं।

    पूनावाला ने अपने पोस्ट में लिखा: “आने वाले कुछ महीनों में मैं आईपीएल की सबसे बेहतरीन टीमों में से एक RCB के लिए एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बोली पेश करूंगा।” हालांकि उन्होंने बोली की समय-सीमा या संभावित राशि का जिक्र नहीं किया।

    आईपीएल 2026 की शुरुआत 26 मार्च से प्रस्तावित है, इसलिए यह प्रक्रिया जल्द पूरी करनी होगी।

    RCB की बिक्री की पृष्ठभूमि:
    ‘फोर्ब्स इंडिया’ के अनुसार, RCB का मूल्य लगभग 105 मिलियन डॉलर है। मौजूदा मालिक यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (यूएसएल) है, जो डियाजियो की भारतीय इकाई है। टीम के चार जून 2025 को हुए जीत समारोह में हुई भगदड़ में 11 प्रशंसकों की मौत के बाद बिक्री प्रक्रिया को तेज किया गया था। बता दें कि यूनाइटेड स्पिरिट्स ने 2016 में विजय माल्या के कारोबार के पतन के बाद RCB को अधिग्रहित किया था। 

    https://twitter.com/adarpoonawalla/status/2014318866147742087

    घरेलू मुकाबलों का स्थान भी सवालों में:
    पूनावाला के बयान के साथ ही अटकलें लगाई जा रही हैं कि आईपीएल 2026 में RCB अपने घरेलू मुकाबले बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर खेल सकती है। पुणे, मुंबई और रायपुर ने टीम से अपने शहर में मैचों की मेजबानी के लिए संपर्क किया है।
    कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KCSA) ने RCB से बेंगलुरु में ही मैच आयोजित करने का आग्रह किया है।

    RCB ने कहा, “अभी कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर और विचार करने की जरूरत है। हम सभी सुझावों और पहलुओं पर गौर कर रहे हैं, ताकि टीम और प्रशंसकों के हित में जिम्मेदार निर्णय लिया जा सके।”

    अन्य संभावित दावेदार:
    पूनावाला के अलावा, विजय किरागंदूर की होम्बले फिल्म्स कंपनी भी RCB के स्वामित्व की दौड़ में मानी जा रही है। होम्बले फिल्म्स ‘केजीएफ’ और ‘कांतारा’ जैसी सुपरहिट फिल्मों की निर्माता है।

  • रिमी सेन का खुलासा जॉन अब्राहम के एक्टिंग करियर को लेकर, कहा- बेहद चालाकी से छुपाते थे कमजोरी

    रिमी सेन का खुलासा जॉन अब्राहम के एक्टिंग करियर को लेकर, कहा- बेहद चालाकी से छुपाते थे कमजोरी


    नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री रिमी सेन ने हाल ही में जॉन अब्राहम के शुरुआती करियर और उनकी एक्टिंग को लेकर खुलासा किया। रिमी सेनजिन्होंने जॉन अब्राहम के साथ धूम 4 में काम किया हैने बताया कि जॉन को एक्टिंग नहीं आती थी और वह इसे बड़ी समझदारी से छुपाते थे।

    रिमी सेन ने कहा कि जॉन ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी और शुरुआती दिनों में लोग कहते थे कि उन्हें एक्टिंग नहीं आती। हालांकि जॉन ने कभी इस पर कुछ नहीं कहा और हमेशा अपने काम में पूरी मेहनत की। उन्होंने ऐसे रोल्स चुने जिसमें उन्हें ज्यादा एक्टिंग नहीं करनी पड़ती थीजैसे एक्शन फिल्मों में। रिमी के अनुसार जॉन ने अपनी समझदारी का इस्तेमाल कर ऐसी फिल्में चुनीं जिसमें वह अच्छे लगें और लोग उनकी एक्टिंग की कमियों पर सवाल न कर सकें।

    रिमी ने आगे बताया कि धीरे-धीरे जब जॉन को लोकप्रियता मिली और लोग उन्हें पहचानने लगेतो उन्होंने एक्टिंग सीखना शुरू किया। कैमरे के सामने लगातार काम करने से एक्सपीरियंस आया और इसके बाद जॉन ऐसे रोल्स लेने लगे जिनमें उन्हें एक्टिंग का मौका मिलता। रिमी कहती हैं कि जॉन अपनी लिमिटेशन्स को अच्छी तरह जानते हैं और इसी वजह से उन्होंने अपने करियर को सफल बनाया।

    रिमी ने कहा कि उन्हें जॉन पर्सनली जानती हैं और वह उन्हें एक इंटेलिजेंट एक्टर मानती हैं। जॉन ने अपने करियर में न केवल एक्टिंग बल्कि प्रोडक्शन और बिजनेस में भी हाथ आजमाया और कई हिट फिल्में दी हैं।रिमी ने अपने खुद के करियर के फैसलों के बारे में भी बात की और बताया कि उन्होंने क्यों फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर दुबई शिफ्ट होने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि दुबई एक स्वागत करने वाला शहर हैयहां 95 प्रतिशत आबादी प्रवासियों की है और बाकी अमीराती लोग हैंयही वजह थी कि उन्होंने नई जिंदगी की शुरुआत वहां की।

    जॉन अब्राहम की बात करें तो वह अपनी आखिरी फिल्म तेहरान में नजर आए थे जो पिछले साल रिलीज हुई थी। अब वह रोहित शेट्टी के साथ एक नई फिल्म करने वाले हैं। खबर है कि यह फिल्म पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया की जिंदगी पर आधारित होगी।रिमी सेन के खुलासे से यह साफ हो गया है कि जॉन अब्राहम ने अपने करियर की शुरुआत में काफी मेहनत और समझदारी से काम किया। उन्होंने शुरुआती कमजोरियों को छुपायासही रोल्स चुने और धीरे-धीरे एक्टिंग में खुद को साबित किया।

  • राजनांदगांव-कलमना सेक्शन पर 14 ट्रेनें रद्द, निर्माण कार्य के चलते यात्रियों को अलर्ट

    राजनांदगांव-कलमना सेक्शन पर 14 ट्रेनें रद्द, निर्माण कार्य के चलते यात्रियों को अलर्ट


    नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने राजनांदगांव-कलमना रेल सेक्शन में तीसरी लाइन जोड़ने के निर्माण कार्य के कारण 24 जनवरी से 31 जनवरी तक कुल 14 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। यह कदम भविष्य में ट्रेन की रफ्तार बढ़ाने, भीड़ कम करने और ट्रैफिक सिस्टम बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।

    रेलवे ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक करें। कुछ डेमू और मेमू ट्रेनें अपने तय स्टेशन तक नहीं पहुंचेंगी और रास्ते में ही समाप्त हो जाएंगी। यह सलाह आखिरी मिनट की परेशानी और समय की बर्बादी से बचाने के लिए दी गई है।

    कौन सी ट्रेनें प्रभावित हैं:
    58817 तुमसर रोड–पैसेंजर
    58816 तिरोडी–तुमसर रोड पैसेंजर
    58815 इतवारी–तिरोडी पैसेंजर
    58818 तिरोडी–तुमसर रोड पैसेंजर
    68715 बालाघाट–इतवारी–तिरोडी मेमू
    68714 इतवारी–बालाघाट मेमू
    68741 दुर्ग–गोंदिया मेमू
    68742 गोंदिया–दुर्ग मेमू
    68743 गोंदिया–इतवारी मेमू
    68744 इतवारी–गोंदिया मेमू
    68711 डोंगरगढ़–गोंदिया मेमू
    68712 गोंदिया–डोंगरगढ़ मेमू
    68713 गोंदिया–इतवारी मेमू
    68716 इतवारी–गोंदिया मेमू

    रेलवे ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है ताकि भविष्य में ट्रैफिक सुचारू रहे और यात्रा का समय कम हो। विशेष रूप से छोटे कस्बों के यात्रियों, दफ्तर जाने वाले लोगों और छात्रों को अपने सफर की योजना पहले से बनाकर चलने की सलाह दी गई है।

  • Oscars 2026: हॉरर थ्रिलर ‘सिनर्स’ ने तोड़ा रिकॉर्ड, 16 कैटिगरी में नॉमिनेशन

    Oscars 2026: हॉरर थ्रिलर ‘सिनर्स’ ने तोड़ा रिकॉर्ड, 16 कैटिगरी में नॉमिनेशन


    नई दिल्ली: ऑस्कर्स 2026 की फाइनल नॉमिनेशन लिस्ट का ऐलान हो चुका है और इस बार हॉलीवुड की हॉरर थ्रिलर फिल्म सिनर्स (Sinners) ने इतिहास रच दिया है। साल 2025 में रिलीज़ हुई इस फिल्म को 16 अलग-अलग कैटिगरीज में नॉमिनेट किया गया है जो अब तक किसी भी फिल्म के लिए सबसे ज्यादा नॉमिनेशन का रिकॉर्ड है।इससे पहले सबसे ज्यादा नॉमिनेशन का रिकॉर्ड तीन फिल्मों के नाम था। 1950 में रिलीज़ हुई ऑल अबाउट ईव 1997 की टाइटैनिक और 2016 की ला ला लैंड हर एक को 14 कैटिगरी में नॉमिनेट किया गया था। सिनर्स ने यह रिकॉर्ड तोड़कर अब तक की सबसे ज्यादा नॉमिनेटेड फिल्म बन गई है।

    फिल्म की कहानी और निर्देशन के मामले में इसे व्यापक सराहना मिली है। सिनर्स के लेखक प्रोड्यूसर और डायरेक्टर रयान कूग्लेर हैं। फिल्म की स्टार कास्ट में माइकल बी. जॉर्डन जैक ओ’कोनेल और हैली स्टाइनफेल्ड जैसे नाम शामिल हैं।सिनर्स को कई अहम कैटिगरीज में नॉमिनेट किया गया है। इसमें शामिल हैं-बेस्ट पिक्चर बेस्ट डायरेक्टर बेस्ट ओरिजनल स्क्रीनप्ले बेस्ट एक्टर बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर बेस्ट ओरिजनल स्कोर बेस्ट ओरिजनल सॉन्ग सिनेमेटोग्राफी प्रोडक्शन डिजाइन कॉस्ट्यूम डिजाइन बेस्ट साउंड फिल्म एडिटिंग मेकअप एंड हेयरस्टाइलिंग कास्टिंग और बेस्ट विजुअल इफेक्ट्स।

    भारत में भी सिनर्स को अच्छा रिस्पॉन्स मिला। वैम्पायर और हॉरर शौकीनों के बीच यह फिल्म खास पसंद की गई। sacnilk.com के अनुसार फिल्म ने भारत में नेट 10.47 करोड़ और ग्रॉस 12.5 करोड़ रुपये की कमाई की। वहीं दुनियाभर में इस फिल्म ने 368.3 मिलियन डॉलर का बिज़नेस किया।फिल्म की IMDb रेटिंग भी दर्शकों के अनुभव को दर्शाती है। सिनर्स को 7.5 रेटिंग मिली है और इसे आप जियो हॉटस्टार पर देख सकते हैं।

    इस बार की ऑस्कर्स नॉमिनेशन लिस्ट ने यह साफ कर दिया है कि हॉरर थ्रिलर फिल्में सिर्फ बॉक्स ऑफिस हिट नहीं बल्कि क्रिटिक्स की भी पसंद बन सकती हैं। सिनर्स ने फिल्म निर्माण निर्देशन और कहानी की दृष्टि से सभी मानकों को पार करते हुए इतिहास रच दिया है।सिनर्स की सफलता दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों के लिए एक संदेश है-फिल्म चाहे किसी भी जॉनर की हो अगर कहानी एक्टिंग और निर्देशन दमदार हो तो वह ऑस्कर्स जैसे बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकती है।