Author: bharati

  • गुप्त नवरात्र 2026: घटस्थापना पर विशेष मंत्र जप से दूर होंगे दुख, घर में आएगी सुख-समृद्धि

    गुप्त नवरात्र 2026: घटस्थापना पर विशेष मंत्र जप से दूर होंगे दुख, घर में आएगी सुख-समृद्धि


    नई दिल्ली । गुप्त नवरात्र 2026 का पावन पर्व इस वर्ष 19 जनवरी से आरंभ होकर 27 जनवरी तक श्रद्धा और साधना के साथ मनाया जाएगा। माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक चलने वाले गुप्त नवरात्र को शक्ति उपासना का अत्यंत महत्वपूर्ण काल माना गया है। इस दौरान दस महाविद्याओं और मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की गुप्त साधना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस कालखंड में की गई उपासना साधक को शीघ्र फल प्रदान करती है और जीवन से नकारात्मक शक्तियों का नाश करती है। गुप्त नवरात्र की शुरुआत घटस्थापना से होती है, जिसे अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि घटस्थापना के समय यदि विशेष मंत्रों का जप किया जाए तो घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। घटस्थापना के दौरान मां दुर्गा का आवाहन कर उनके बीज मंत्रों का जप करने से मानसिक, आर्थिक और पारिवारिक कष्ट दूर होते हैं। शास्त्रों में उल्लेख है कि इस समय श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई साधना व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाती है।

    गुप्त नवरात्र को अन्य नवरात्रों से अलग इसलिए माना जाता है क्योंकि इसमें साधना को गोपनीय रखा जाता है। विशेष रूप से तांत्रिक साधक, सिद्धि प्राप्त करने वाले उपासक और शक्ति आराधक इस समय मंत्र, तंत्र और यंत्र साधना करते हैं। माना जाता है कि इन नौ दिनों में दस महाविद्याएंकाली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, त्रिपुर भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला अपने साधकों पर विशेष कृपा करती हैं। धार्मिक विश्वास है कि गुप्त नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना करने से न केवल मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, बल्कि जीवन में आ रही बाधाएं भी दूर होती हैं। जो भक्त श्रद्धा से व्रत रखते हैं और नियमपूर्वक पूजा करते हैं, उन्हें आत्मिक शांति के साथ-साथ भौतिक सुखों की भी प्राप्ति होती है। विशेषकर जिन लोगों के जीवन में लंबे समय से कष्ट, रोग या आर्थिक समस्याएं बनी हुई हैं, उनके लिए यह साधना काल अत्यंत फलदायी माना गया है।

    माघ माह में सूर्य उत्तरायण रहता है, जिसे शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ समय माना गया है। इसी कारण माघी गुप्त नवरात्र का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दौरान देवी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, हवन और मंत्र जप किए जाते हैं। कई श्रद्धालु इन नौ दिनों तक संयम, सात्विक आहार और नियमित पूजा के माध्यम से मां शक्ति की आराधना करते हैं। कुल मिलाकर गुप्त नवरात्र 2026 साधना, तप और श्रद्धा का ऐसा पावन अवसर है, जिसमें घटस्थापना से लेकर नवमी तक मां दुर्गा और दस महाविद्याओं की उपासना कर भक्त अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर सकते हैं।

  • 55 साल की उम्र में सुनीता आहूजा कर रही हैं धमाल बोलीं– भूल गई हूं गोविंदा की पत्नी हूं

    55 साल की उम्र में सुनीता आहूजा कर रही हैं धमाल बोलीं– भूल गई हूं गोविंदा की पत्नी हूं


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा हमेशा अपने बेबाक और खुले अंदाज के लिए जानी जाती हैं। पिछले कुछ सालों से वह मीडिया और इंटरव्यूज में चर्चा में हैंलेकिन हाल ही में उन्होंने अपने जीवन और पहचान को लेकर एक खास खुलासा किया। सुनीता ने कहा कि अब वह 55 साल की उम्र में अपनी अलग पहचान बना रही हैंऔर लोग उन्हें सिर्फ गोविंदा की पत्नी नहीं बल्कि सुनीता आहूजा के नाम से जानने लगे हैं।मिस मालिनी के साथ बातचीत में सुनीता ने बतायाआज मेरे नसीब ने 55 साल में नामइज्जत और शोहरत देने का मौका दिया है। लोग मुझे अब सुनीता आहूजा के नाम से जानते हैं। गोविंदा की पत्नी तो हूंयह सबको पता है। लेकिन मैंने अपनी भी तो पहचान बनानी है। यहां तक कि अब मैं भूल गई हूं कि मैं गोविंदा की पत्नी हूं! पति हैं लेकिन अपनी भी तो पहचान होनी चाहिए ना।

    सुनीता ने अपने उदाहरण में जया बच्चन को भी बताया। उन्होंने कहाजैसे जया जी को संसद में एक बार जया अमिताभ बच्चन कहकर बुलाया गया था। लेकिन वह जया भादुड़ी हैं! प्लीज सभी को यह समझना चाहिए कि उनके पास अमिताभ हैंलेकिन अपनी भी तो पहचान होनी चाहिए। दरअसलयह वह घटना थी जब जया बच्चन को उनके पति अमिताभ बच्चन के नाम से जोड़ा गया था और उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि वह अपने नाम और पहचान की वजह से अलग हैं।सुनीता आहूजा अब इसी रास्ते पर चल रही हैं। वह खुद को एक स्वतंत्र और पहचान बनाने वाली महिला के रूप में स्थापित करना चाहती हैं। उन्होंने अपने इंटरव्यूज में पति गोविंदा के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर पर भी बात की थीजिसके बारे में गोविंदा ने सफाई दी कि उनकी पत्नी किसी साजिश का शिकार हुई हैं।

    इस बीच सुनीता को उनके फैंस और मीडिया द्वारा मिली पहचान ने उन्हें और भी प्रेरित किया है। वह कहती हैं कि अब लोग उन्हें सिर्फ गोविंदा की पत्नी के रूप में नहीं देखतेबल्कि उनके अपने व्यक्तित्व और उपलब्धियों की वजह से जानते हैं। सुनीता का यह बेबाक अंदाज और अपने नाम के लिए जुझारूपन उन्हें और भी लोकप्रिय बनाता है।55 साल की उम्र में अपनी पहचान बनाने की यह कहानी बताती है कि उम्र कभी भी किसी की पहचान या महत्व को कम नहीं कर सकती। सुनीता आहूजा का यह उदाहरण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकता हैजो अपने जीवन में व्यक्तिगत पहचान बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।

  • सर्वार्थसिद्धि योग में माघी गुप्त नवरात्र आरंभ, नौ दिनों में बनेंगे छह शुभ योग

    सर्वार्थसिद्धि योग में माघी गुप्त नवरात्र आरंभ, नौ दिनों में बनेंगे छह शुभ योग


    उज्जैन । साधना, तंत्र और मंत्र आराधना के लिए विशेष माने जाने वाले माघी गुप्त नवरात्र का शुभारंभ इस वर्ष सर्वार्थसिद्धि योग में हुआ है। सोमवार से प्रारंभ हुए इन गुप्त नवरात्रों में पूरे नौ दिनों तक देवी उपासना का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से इस बार ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति अत्यंत शुभ मानी जा रही है, जिसके कारण साधकों को मनवांछित फल मिलने की प्रबल संभावना है।

    माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवमी तक चलने वाले इन गुप्त नवरात्रों का उल्लेख श्रीमद् देवी भागवत महापुराण में भी मिलता है। शास्त्रों के अनुसार वर्षभर में चार नवरात्र होते हैं, जिनमें चैत्र और अश्विन मास के नवरात्र प्राकट्य नवरात्र कहलाते हैं, जबकि माघ और आषाढ़ मास के नवरात्र गुप्त नवरात्र माने गए हैं। गुप्त नवरात्र विशेष रूप से तांत्रिक साधना, मंत्र-सिद्धि और यंत्र आराधना के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, जिन्हें साधक सामान्य जन से गुप्त रूप से करते हैं।

    इस बार पंचांग की गणना के अनुसार 19 जनवरी, सोमवार को प्रतिपदा तिथि पर उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, वज्र योग और मकर राशि में चंद्रमा की साक्षी में माघी गुप्त नवरात्र का शुभारंभ हुआ। नवरात्र के दौरान कुल छह शुभ योगों का संयोग बन रहा है, जो साधना को और अधिक प्रभावशाली बना रहा है। साथ ही सूर्य का उत्तरायण काल भी इसी समय चल रहा है, जिसे शास्त्रों में शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना गया है।

    शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में नवरात्र को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। शक्तिपीठ हरसिद्धि माता मंदिर सहित उज्जैन के अन्य देवी मंदिरों में प्रतिदिन माता का नित्य नए स्वरूप में श्रृंगार किया जाएगा। हरसिद्धि मंदिर में संध्या आरती के समय दीपमालिका प्रज्वलन का विशेष आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। मंदिर परिसर में पूरे नौ दिनों तक भक्तिमय वातावरण बना रहेगा।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुप्त नवरात्र के दौरान की गई साधना अत्यंत शीघ्र फल देने वाली होती है। साधक इस अवधि में शक्ति उपासना के साथ-साथ अपने आत्मिक और आध्यात्मिक विकास के लिए भी विशेष अनुष्ठान करते हैं। माना जाता है कि इन दिनों मां दुर्गा अपने साधकों की गुप्त तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें सिद्धि, सफलता और बाधाओं से मुक्ति का वरदान देती हैं। इस प्रकार सर्वार्थसिद्धि योग और अनेक शुभ ग्रह संयोगों के बीच प्रारंभ हुए माघी गुप्त नवरात्र श्रद्धालुओं और साधकों के लिए आध्यात्मिक उन्नति का श्रेष्ठ अवसर लेकर आए हैं।

  • शाहरुख खान की ‘किंग’ 25 दिसंबर 2026 को होगी रिलीज, रामायण से बनाई दूरी

    शाहरुख खान की ‘किंग’ 25 दिसंबर 2026 को होगी रिलीज, रामायण से बनाई दूरी

    नई दिल्ली। शाहरुख खान पिछले ढाई सालों से बड़े पर्दे से गायब थे, लेकिन अब उनके फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी है। साल 2023 में आई उनकी फिल्मों पठान और जवान ने बॉक्स ऑफिस पर धमाका किया, और अब दर्शक शाहरुख को किंग में देखने के लिए उत्साहित हैं। इस फिल्म की कास्ट और कहानी के बारे में चर्चा लंबे समय से जारी है। शाहरुख के साथ फिल्म को निर्देशित कर रहे हैं सिद्धार्थ आनंद, जिन्होंने इससे पहले पठान और रॉवर जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है।

    किंग की रिलीज डेट
    हाल ही में सामने आई जानकारी के मुताबिक, शाहरुख और सिद्धार्थ आनंद ने फिल्म की रिलीज डेट तय करने के लिए कई विकल्पों पर विचार किया। शुरुआती तौर पर फिल्म 4 और 25 दिसंबर 2026 को रिलीज हो सकती थी। सभी पहलुओं पर चर्चा करने के बाद दोनों ने 25 दिसंबर 2026 को फाइनल डेट तय की।

    रामायण से क्यों बनाई दूरी
    रिपोर्ट्स के अनुसार, शाहरुख ने अपनी फिल्म को 4 दिसंबर को रिलीज नहीं किया क्योंकि उसी समय रणबीर कपूर की रामायण रिलीज होने वाली है। रणबीर की यह फिल्म दिवाली के समय रिलीज होगी और ऐतिहासिक कमाई करने की उम्मीद जताई जा रही है। शाहरुख और मेकर्स ने यह खास ख्याल रखा कि दोनों फिल्मों के बीच लगभग 45 दिनों का अंतर रहे, ताकि दोनों फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अपना बिजनेस कमाल कर सकें और किसी तरह का नुकसान न हो।

    किंग की जबरदस्त कास्ट
    शाहरुख खान की यह फिल्म कई मायनों में खास होने वाली है। इसमें शाहरुख एक ग्रे शेड किरदार निभाते नजर आएंगे। हाल ही में उनके बर्थडे पर फिल्म का पहला लुक भी जारी किया गया था, जिसे फैंस ने खूब पसंद किया।फिल्म में शाहरुख के अलावा दीपिका पादुकोण, रानी मुखर्जी, अभिषेक बच्चन, अरशद वारसी, जयदीप अहलावत समेत कई बड़े स्टार्स की मौजूदगी होगी। खास बात यह है कि शाहरुख की बेटी सुहाना खान भी इस फिल्म का हिस्सा होंगी।

    निर्देशक सिद्धार्थ आनंद का कहना है कि किंग में दर्शकों को एक्शन, ड्रामा और इमोशन का बेमिसाल मिश्रण देखने को मिलेगा। फिल्म की कहानी शाहरुख के किरदार और उनके आसपास के जटिल रिश्तों पर केंद्रित होगी, जो दर्शकों के लिए रोमांचक अनुभव साबित होगी।इस रिलीज डेट के फैसले से यह भी साफ हो गया है कि बॉलीवुड में बड़े स्टार्स और मेकर्स अब बॉक्स ऑफिस टकराव से बचने के लिए पहले से रणनीति बना रहे हैं। शाहरुख खान के फैंस के लिए 25 दिसंबर 2026 एक सुपरहिट और धमाकेदार क्रिसमस लेकर आने वाला है।

  • पॉल्यूशन पर आमिर खान का चुटीला जवाब हुआ वायरल, बोले– “हां तो अभी क्या करें”

    पॉल्यूशन पर आमिर खान का चुटीला जवाब हुआ वायरल, बोले– “हां तो अभी क्या करें”


    नई दिल्ली। बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान और उनकी पत्नी किरण राव हाल ही में मुंबई में आयोजित एक मैराथन में शामिल हुए। इस इवेंट में उनके तीनों बच्चे-जुनैद आइरा और आजाद भी उनके साथ मौजूद थे। मैराथन में हिस्सा लेने के बाद जब मीडिया ने आमिर खान से मुंबई की लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता यानी एयर क्वालिटी पर सवाल किया तो आमिर का जवाब वायरल हो गया। उन्होंने कहा हां अभी क्या करें।

    मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे कहा गया कि मुंबईवाले इस तरह के हालातों के आदी नहीं हैं तो आमिर ने सहजता से जवाब दिया मुझे पता है। वहीं किरण राव ने पॉल्यूशन पर थोड़ा विस्तार से अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा हम सभी को अपनी आवाज उठानी होगी। इसमें शामिल होना होगा और कारणों को समझना होगा। शहर के नागरिक होने के नाते हमें अपना योगदान देना चाहिए।आमिर खान ने अपनी पत्नी की बात से सहमति जताते हुए कहा कि हर किसी को पॉजिटिव तरीके से अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी आइरा ने उन्हें इस साल की मैराथन में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। परिवार के साथ मैराथन में भाग लेने का अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा।

    मैराथन इवेंट के दौरान आमिर ने अपनी मोटिवेशन और अनुभव के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा हमने स्पेशली एबल्ड लोगों और सीनियर सिटीजन्स की दौड़ में जो उत्साह देखा वह बहुत प्रेरणादायक था। मुझे लगा कि हर साल इस इवेंट का हिस्सा बनना चाहिए। मुंबई का जज्बा वाकई कमाल का है।वर्क फ्रंट की बात करें तो आमिर खान इन दिनों अपनी प्रोडक्शन फिल्म हैप्पी पटेल – खतरनाक जासूस को लेकर सुर्खियों में हैं। इस फिल्म में वीर दास ने लीड रोल निभाया है। वहीं आमिर खान और उनके भांजे इमरान खान ने फिल्म में कैमियो रोल किया है। फिल्म की रिलीज़ को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बढ़ रही है।

    इस मैराथन इवेंट में आमिर और उनके परिवार ने न केवल खेल और फिटनेस को प्रमोट किया बल्कि पर्यावरण और पॉल्यूशन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी जागरूकता फैलाने की कोशिश की। आमिर के सहज और चुटीले अंदाज वाले जवाब ने सोशल मीडिया पर भी ध्यान खींचा। लोग उनके सीधे और सरल तरीके से पॉल्यूशन पर प्रतिक्रिया देने की तारीफ कर रहे हैं।इस पूरे इवेंट ने यह दिखा दिया कि आमिर खान न केवल फिल्म इंडस्ट्री में बल्कि समाज और पर्यावरण के मुद्दों पर भी सक्रिय और संवेदनशील हैं। उनके साथ उनके परिवार का होना इस संदेश को और मजबूत बनाता है कि छोटी-छोटी पहलें भी बड़े बदलाव ला सकती हैं।

  • अक्षय खन्ना RACE 4 में नहीं करेंगे कमबैक, प्रोड्यूसर तौरानी ने दिया स्पष्ट जवाब

    अक्षय खन्ना RACE 4 में नहीं करेंगे कमबैक, प्रोड्यूसर तौरानी ने दिया स्पष्ट जवाब


    नई दिल्ली। अक्षय खन्ना की अपकमिंग फिल्मों को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्सुकता है। धुरंधर-2की ब्लॉकबस्टर हिट के बाद उनके अगले कदम को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। गॉसिप गलियारों में खबरें थीं कि वह फ्रैंचाइज़ी के चौथे पार्ट में बतौर लीड विलेन नजर आ सकते हैं। लेकिन क्या वाकई ऐसा होने वाला है?

    जानकारी के मुताबिकअक्षय खन्ना ने अपनी अगली फिल्मों के चुनाव में काफी सोच-समझकर कदम रखा है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी ‘धुरंधरने उन्हें खूब हाइप दी है। क्रिएटिव कारणों के चलते उन्होंने ‘दृश्यम 3() से अपना नाम वापस लियाहालांकि इस पर मेकर्स की राय अलग है।फिल्म 4 में अक्षय खन्ना की वापसी को लेकर चल रही अफवाहों पर प्रोड्यूसर रमेश तौरानी ने पूरी तरह से विराम लगा दिया। उन्होंने साफ कहा कि अक्षय खन्ना इस फ्रैंचाइज़ी के अगले पार्ट का हिस्सा नहीं होंगे। तौरानी ने एक इंटरव्यू में कहानहींहमने अक्षय से संपर्क नहीं किया है। इसकी कोई गुंजाइश ही नहीं थी।

    कुछ अफवाहें यह भी थीं कि फिल्म के कहानी में बदलाव करके अक्षय के किरदार को वापस लाया जा सकता है। लेकिन रमेश तौरानी ने इसे भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहाउन्हें वापस लाने के बारे में सोचा ही नहीं गया। पहली फिल्म में उनके किरदार का एक्सीडेंट हो जाता है। उनकी कहानी वहीं खत्म हो गई थी और वहीं रहेगी।RACE 4 की स्टार कास्ट को लेकर भी प्रोड्यूसर ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी एक्टर को फाइनल नहीं किया गया है और स्क्रिप्ट पर काम जारी है। यह बयान फैंस और मीडिया में चल रही कयासबाजी को रोकने के लिए आया है।

    अक्षय खन्ना के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है। धुरंधर-2 की सफलता ने उनके करियर को नया मुकाम दिया है और अब वह अपनी अगली फिल्मों का चुनाव बहुत सोच-समझकर कर रहे हैं। RACE फ्रैंचाइज़ी में उनके ना होने के बावजूद फैंस उन्हें बड़े पर्दे पर देखने के लिए उत्साहित हैं।फिल्म इंडस्ट्री में अक्षय खन्ना की छवि अब भी मजबूत है। चाहे वह एक्शन रोल हो या ड्रामेटिक किरदारउनके फैंस उनकी हर फिल्म का बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस समय यह साफ है कि RACE 4 में उनका नाम शामिल नहीं होगालेकिन अक्षय खन्ना अपनी आने वाली फिल्मों से फैंस को जरूर रोमांचित करने वाले हैं।

  • उज्जैन में बदमाशों का दुस्साहस: घर के बाहर खड़ी कारोबारी की 11 लाख की कार फूंकी; एक ने लगाई आग

    उज्जैन में बदमाशों का दुस्साहस: घर के बाहर खड़ी कारोबारी की 11 लाख की कार फूंकी; एक ने लगाई आग


    उज्जैन । महाकाल की नगरी उज्जैन में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। शहर के भार्गव नगर इलाके में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात बदमाशों ने सरेराह गुंडागर्दी का ऐसा नंगा नाच दिखाया, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने एक कपड़ा कारोबारी के घर के बाहर खड़ी कीमती कार को आग के हवाले कर दिया। वारदात की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जहाँ एक बदमाश आग लगा रहा था, वहीं उसका साथी मोबाइल से इस पूरी घटना का वीडियो बना रहा था, जिससे यह मामला आपसी रंजिश या दहशत फैलाने की साजिश प्रतीत हो रहा है।

    सीसीटीवी में कैद हुई लाइव वारदात पूरी घटना भार्गव नगर निवासी कारोबारी नरेश धनवानी के घर के बाहर रात करीब ढाई बजे घटित हुई। उनकी हुंडई वर्ना कार क्रमांक एमपी 13 पी 1313 घर के बाहर पार्क थी। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि दो युवक बाइक पर सवार होकर आते हैं। एक बदमाश बाइक से उतरता है और कार पर कोई ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर माचिस मार देता है। देखते ही देखते कार आग के गोले में तब्दील हो जाती है। इस दौरान बाइक पर बैठा दूसरा बदमाश भागने के बजाय स्थिर होकर अपने मोबाइल से आगजनी का वीडियो रिकॉर्ड करता रहा, मानो वह अपनी इस करतूत का ‘जश्न’ मना रहा हो।

    पूरी तरह जलकर खाक हुई 11 लाख की कार धमाके और आग की लपटें देख कारोबारी के परिजनों की नींद खुली और वे आनन-फानन में बाहर आए। तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। जब तक दमकल की गाड़ी मौके पर पहुँचती और आग पर काबू पाया जाता, तब तक 11 लाख रुपये मूल्य की कार पूरी तरह जलकर लोहे के ढांचे में तब्दील हो चुकी थी। गनीमत यह रही कि आग की लपटें घर के भीतर तक नहीं पहुँची, अन्यथा कोई बड़ी जनहानि हो सकती थी।

    रंजिश या दहशत फैलाने की कोशिश? घटना के बाद से क्षेत्र के निवासियों में डर का माहौल है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। वीडियो बनाने की मंशा यह संकेत देती है कि आरोपी इसे किसी को डराने के लिए साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल करना चाहते थे या सोशल मीडिया पर रील बनाकर दहशत फैलाना चाहते थे। पुलिस कारोबारी के पुराने विवादों और व्यावसायिक रंजिश के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। नीलगंगा थाना पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

  • OTT पर देखें ये 5 क्राइम फिल्में, सच्ची घटनाओं पर आधारित और IMDb रेटिंग में टॉप

    OTT पर देखें ये 5 क्राइम फिल्में, सच्ची घटनाओं पर आधारित और IMDb रेटिंग में टॉप


    नई दिल्ली। आज के समय में रोमांटिक फिल्मों की तुलना में दर्शक क्राइम और सच्ची घटनाओं पर आधारित थ्रिलर फिल्मों और वेब सीरीज को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसी ट्रेंड को देखते हुए फिल्ममेकर नई-नई क्राइम कहानियों को बड़े पर्दे और OTT प्लेटफॉर्म पर ला रहे हैं। ऐसी फिल्में न केवल दर्शकों को झकझोर देती हैं बल्कि सोचने पर मजबूर भी करती हैं। अगर आप भी क्राइम थ्रिलर के शौकीन हैं तो हम आपको आज ऐसे ही 5 क्राइम फिल्मों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आप आसानी से OTT पर देख सकते हैं।

    बाटला हाउस
    बाटला हाउस साल 2008 के वास्तविक बाटला हाउस मुठभेड़ पर आधारित है। इस फिल्म ने क्राइम की जटिलताओं को बड़े पर्दे पर रियलिस्टिक तरीके से पेश किया है। जॉन अब्राहम, मृणाल ठाकुर मनोज पाहवा, राजेश शर्मा और अपारशक्ति खुराना इसमें मुख्य भूमिका में हैं। इसे Amazon Prime Video पर देखा जा सकता है। IMDb पर इसे 7.2/10 रेटिंग मिली है।

    तलवार
    2008 के आरुषि तलवार और हेमराज के दोहरे हत्याकांड पर आधारित ‘तलवार’ पूरी तरह से सच्ची घटना पर आधारित है। इस फिल्म में इरफान खान एक ऐसे जांचकर्ता का किरदार निभाते हैं जो एक 14 वर्षीय लड़की की हत्या के मामले को सुलझाने की कोशिश करता है। फिल्म में कोइना मित्रा और तब्बू भी लीड रोल में हैं। इसे Amazon Prime Video पर देखा जा सकता है। IMDb रेटिंग 8.1/10 है।

    रमन राघव 2.0
    साइकोलॉजिकल थ्रिलर के शौकीनों के लिए ‘रमन राघव 2.0’ बेहतरीन ऑप्शन है। यह फिल्म 1960 के दशक में मुंबई में हुए कुख्यात सीरियल किलर रमन राघव की क्राइम स्टोरी पर आधारित है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी और विक्की कौशल ने इसमें लीड रोल निभाया है। इसे YouTube और Zee5 पर देखा जा सकता है। IMDb रेटिंग 7.3/10 है।

    नो वन किल्ड जेसिका
    दिल्ली की मॉडल और बारटेंडर जेसिका लाल हत्या कांड पर आधारित नो वन किल्ड जेसिका ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया। राज कुमार गुप्ता निर्देशित इस फिल्म में रानी मुखर्जी और विद्या बालन ने मुख्य भूमिका निभाई है। इसे Netflix पर देखा जा सकता है। IMDb रेटिंग 7.2/10 है।

    ब्लैक फ्राइडे
    ब्लैक फ्राइडे साल 1993 के मुंबई बम धमाकों पर आधारित है। फिल्म ने धमाकों और उनके बाद हुई जांच को बारीकी से पेश किया है। केकट मेनन, पवन मल्होत्रा, आदित्य श्रीवास्तव और श्वेता मेनन इसमें मुख्य भूमिका में हैं। इसे YouTube पर देखा जा सकता है। IMDb रेटिंग 8.4/10 है।इन पांचों फिल्मों ने न केवल दर्शकों को क्राइम और थ्रिल का सशक्त अनुभव दिया है बल्कि सच्ची घटनाओं को पर्दे पर जीवंत रूप में पेश करके सोचने पर मजबूर भी किया है। अगर आप भी क्राइम थ्रिलर और सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्में पसंद करते हैं तो ये टॉप-5 फिल्में आपके OTT वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए।

  • पांगरी बांध परियोजना: अब बच्चों ने संभाली आंदोलन की कमान; CM को लिखा पत्र, माँगा जमीन का दोगुना मुआवजा

    पांगरी बांध परियोजना: अब बच्चों ने संभाली आंदोलन की कमान; CM को लिखा पत्र, माँगा जमीन का दोगुना मुआवजा


    बुरहानपुर । मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में पांगरी बांध परियोजना को लेकर चल रहा विवाद अब एक भावुक मोड़ पर पहुँच गया है। अपनी पुश्तैनी जमीन और आजीविका बचाने की जंग लड़ रहे किसानों के बाद अब उनके मासूम बच्चों ने भी आंदोलन के मैदान में कदम रख दिया है। रविवार को प्रभावित किसानों के छोटे-छोटे बच्चों ने हाथों में विरोध की तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम पत्र लिखकर अपनी व्यथा सुनाई। बच्चों की एक ही मांग है हमारी जमीन का सही दाम दो, हमें दोगुना मुआवजा दो।

    अनोखे प्रदर्शनों के बाद भी सरकार मौन मुआवजे की मांग को लेकर पांगरी बांध प्रभावित किसान लंबे समय से संघर्षरत हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकलने के कारण आक्रोश बढ़ता जा रहा है। किसान इससे पहले अपनी बात सरकार तक पहुँचाने के लिए ‘पत्थर खाओ आंदोलन’, ‘भैंस के आगे बीन बजाना’ और ‘अर्धनग्न प्रदर्शन’ जैसे कई अनूठे तरीके अपना चुके हैं। इन तमाम कोशिशों के बावजूद जब शासन-प्रशासन की नींद नहीं टूटी, तो अब घर के नौनिहालों ने अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए मोर्चा खोल दिया है।

    हाथों में तख्तियां और आँखों में भविष्य की चिंता रविवार का नजारा बेहद हृदयविदारक था, जब स्कूल जाने की उम्र वाले बच्चे अपने माता-पिता के साथ आंदोलन स्थल पर डटे नजर आए। बच्चों के हाथों में मौजूद तख्तियों पर मुख्यमंत्री से गुहार लगाते संदेश लिखे थे। बच्चों का कहना है कि उनकी जमीन ही उनके भविष्य का आधार है; यदि उसका उचित मुआवजा नहीं मिला, तो उनकी पढ़ाई और जीवन पर संकट आ जाएगा। उन्होंने पत्र के माध्यम से मांग की है कि वर्तमान बाजार दर के हिसाब से जमीन का दोगुना मुआवजा दिया जाए ताकि विस्थापन के बाद परिवार दोबारा खड़ा हो सके।

    बढ़ता दबाव और प्रशासनिक चुनौती किसानों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास की कीमत उनकी बर्बादी से न चुकाई जाए। बच्चों के आंदोलन में कूदने से इस मामले ने अब मानवीय और नैतिक रूप ले लिया है, जिससे जिला प्रशासन और राज्य सरकार पर दबाव बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर बच्चों के प्रदर्शन की तस्वीरें वायरल होने के बाद अब इस मुद्दे पर प्रदेश भर की नजरें टिकी हैं। पांगरी बांध परियोजना का भविष्य फिलहाल अधर में नजर आ रहा है, क्योंकि किसान अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन बच्चों की पुकार पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या प्रशासन संवाद का कोई नया रास्ता खोज पाता है।

  • परेश रावल ने कहा आप हमारी शान हैं एआर रहमान को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल

    परेश रावल ने कहा आप हमारी शान हैं एआर रहमान को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल


    नई दिल्ली। म्यूजिक कंपोजर और सिंगर एआर रहमान AR Rahman इन दिनों अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में एआर रहमान ने कहा था कि उन्हें पिछले 8 साल से बॉलीवुड में काम नहीं मिल रहा है और इसके पीछे उनकी राय में सांप्रदायिक कारण भी हो सकते हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने उनके इस बयान को विवादास्पद मानाजबकि कुछ ने उन्हें सपोर्ट किया।

    बयान के कारण घिरे एआर रहमान ने खुद सामने आकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। रहमान ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल अपने अनुभव साझा करना था। इस सफाई वीडियो के सामने आने के बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा।इसी बीच बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता परेश रावल ने एआर रहमान के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी। एक फैन पेज द्वारा साझा किए गए रहमान के सफाई वीडियो को शेयर करते हुए परेश रावल ने लिखा,हम आपको प्यार करते हैं सर। आप हमारी शान हैं। इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर नया बवाल शुरू हो गया। कई यूजर्स ने परेश रावल की इस तारीफ पर अपनी नाराजगी जाहिर की।

    कुछ यूजर्स ने सीधे तौर पर सवाल उठाए कि क्यों परेश रावल ने तब चुप्पी साधी जब रहमान ने कहा कि मुस्लिम होने के कारण उन्हें भारत में काम नहीं मिल रहा। एक यूजर ने लिखा,आप उनसे प्यार कर सकते हैंठीक हैलेकिन तब आपने कुछ क्यों नहीं कहा? वहींएक अन्य ने लिखा,परेश जीआप इन्हें देश की शान कैसे कह सकते हैंइन्होंने हिंदुओं और भारत का अपमान किया है।इस पूरे विवाद ने एक बार फिर बॉलीवुड और सोशल मीडिया पर धर्मपहचान और पेशेवर अवसरों पर बहस को जन्म दिया है। एआर रहमान की सफाई वीडियो और परेश रावल के समर्थन ने दोनों ही पक्षों को सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना दिया है।हालांकि परेश रावल का कहना है कि उनका यह बयान सिर्फ एआर रहमान की कला और संगीत की गुणवत्ता की सराहना के लिए थान कि उनके किसी बयान का समर्थन। उन्होंने रहमान कोप्राइड बताते हुए उनके योगदान को सराहा।

    इस मामले ने यह भी दिखाया कि सोशल मीडिया पर किसी भी बड़े हस्ती के बयान या रिएक्शन को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया कितनी तीव्र हो सकती है। जहां एक तरफ एआर रहमान अपने अनुभव साझा करने के लिए सामने आएवहीं दूसरी तरफ उनके समर्थक और आलोचक दोनों ही अपनी राय में अडिग नजर आए।वास्तव मेंयह घटना बॉलीवुड में धर्म और पेशेवर अवसरों को लेकर चल रही संवेदनशील बहस का एक और उदाहरण है। एआर रहमान के बयान और परेश रावल के समर्थन ने इस बहस को और तेज कर दिया है।