Author: bharati

  • अब टाइम आ गया है': ट्रंप ने डेनमार्क को दी अंतिम चेतावनी, ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए रूस और नाटो का दिया हवाला

    अब टाइम आ गया है': ट्रंप ने डेनमार्क को दी अंतिम चेतावनी, ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए रूस और नाटो का दिया हवाला


    नई दिल्ली ।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण पाने की अपनी महात्वाकांक्षा को अब एक बेहद आक्रामक और रणनीतिक मोड़ दे दिया है। सोमवार को ट्रंप ने सीधे तौर पर डेनमार्क को आखिरी चेतावनी देते हुए कहा कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे का समय आ गया है। ट्रंप ने इस बार न केवल क्षेत्रीय संप्रभुता को चुनौती दी, बल्कि रूस और चीन के खतरे का हवाला देते हुए नाटो NATO की प्रासंगिकता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रंप की इस आक्रामकता के बाद ट्रांसअटलांटिक संबंधों में शीत युद्ध के बाद की सबसे बड़ी दरार नजर आ रही है।

    रूस का डर और नाटो की ‘नाकामी’ का तर्क ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक के बाद एक कई पोस्ट साझा करते हुए डेनमार्क पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि “नाटो पिछले 20 वर्षों से डेनमार्क को चेतावनी दे रहा है कि उसे ग्रीनलैंड से रूसी खतरे को दूर करना होगा, लेकिन डेनमार्क इसमें विफल रहा है।” ट्रंप का तर्क है कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की बढ़ती सैन्य मौजूदगी अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा,अब समय आ गया है, और यह होकर रहेगा

    टैरिफ के जरिए आर्थिक ब्लैकमेलिंग ट्रंप ने डेनमार्क और उसका समर्थन करने वाले सात अन्य नाटो सहयोगियोंब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड और नीदरलैंडपर कड़े आर्थिक प्रतिबंधों का जाल बुनना शुरू कर दिया है।1 फरवरी 2026 से: इन देशों से आने वाले सभी सामानों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का आदेश। जून 2026 से: यदि ग्रीनलैंड पर अमेरिका की शर्तें नहीं मानी गईं, तो यह शुल्क बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा। यूरोपीय नेताओं ने इसे ‘खुली ब्लैकमेलिंग’ करार दिया है।

    ‘गोल्डन डोम’ के लिए ग्रीनलैंड क्यों है जरूरी ट्रंप ने ग्रीनलैंड के प्रति अपनी जिद के पीछे एक बड़ा सैन्य कारण बताया हैगोल्डन डोम मल्टी-लेयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि अमेरिका को एक अभेद्य सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति अनिवार्य है। यहाँ स्थित पिटुफ़िक स्पेस बेस पूर्व में थूले एयर बेस को अपग्रेड कर पूरे अमेरिका को रूसी हाइपरसोनिक मिसाइलों से सुरक्षित करने की योजना है। ट्रंप ने कहा कि लीज पर ली गई जमीन सुरक्षा के लिए पर्याप्त नहीं है, अमेरिका को “स्थायी स्वामित्व” चाहिए।

    यूरोप का जवाब: ‘बाजुका’ तैयार है डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री म्यूटे बोरुप एगेडे ने एक बार फिर दोहराया है कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है। वहीं, यूरोपीय संघ EU ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए अपने ‘ट्रेड बाजुका एंटी-कोर्शन इंस्ट्रूमेंट को सक्रिय करने की धमकी दी है। यूरोपीय संघ के नेताओं का कहना है कि वे किसी भी देश के आगे घुटने नहीं टेकेंगे और अंतरराष्ट्रीय कानून की रक्षा करेंगे।इस घटनाक्रम ने नाटो के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ट्रंप ने हार्ड वे बल प्रयोग या कड़े प्रतिबंध का रास्ता अपनाया, तो यह दूसरे विश्व युद्ध के बाद बनी वैश्विक व्यवस्था का अंत हो सकता है।

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण पाने की अपनी महात्वाकांक्षा को अब एक बेहद आक्रामक और रणनीतिक मोड़ दे दिया है। सोमवार को ट्रंप ने सीधे तौर पर डेनमार्क को आखिरी चेतावनी देते हुए कहा कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे का समय आ गया है। ट्रंप ने इस बार न केवल क्षेत्रीय संप्रभुता को चुनौती दी, बल्कि रूस और चीन के खतरे का हवाला देते हुए नाटो NATO की प्रासंगिकता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रंप की इस आक्रामकता के बाद ट्रांसअटलांटिक संबंधों में शीत युद्ध के बाद की सबसे बड़ी दरार नजर आ रही है।

  • Do Deewane Seher Mein’ टीजर रिलीज़: Siddhant और Mrunal की ‘इम्परफेक्टली परफेक्ट’ लव स्टोरी

    Do Deewane Seher Mein’ टीजर रिलीज़: Siddhant और Mrunal की ‘इम्परफेक्टली परफेक्ट’ लव स्टोरी


    नई दिल्ली। Zee Studio ने सोमवार को रोमांटिक ड्रामा Do Deewane Seher Mein का टीजर रिलीज़ किया। फिल्म में Siddhant Chaturvedi और Mrunal Thakur मुख्य भूमिका में हैं। टीजर में आधुनिक रिश्तों की जटिलताओं को बखूबी दिखाया गया है, जहां दो असंपूर्ण इंसान अपनी भावनाओं और अस्थिरताओं के बीच प्यार को समझते हैं। मेकर्स ने सोशल मीडिया पर लिखा:क्योंकि हर इश्क परफेक्ट नहीं होता, पर काफी होता है। 
    Zee Studio ने सोमवार को रोमांटिक ड्रामा Do Deewane Seher Mein का टीजर रिलीज़ किया। फिल्म में Siddhant Chaturvedi और Mrunal Thakur मुख्य भूमिका में हैं। टीजर में आधुनिक रिश्तों की जटिलताओं को बखूबी दिखाया गया है, जहां दो असंपूर्ण इंसान अपनी भावनाओं और अस्थिरताओं के बीच प्यार को समझते हैं। मेकर्स ने सोशल मीडिया पर लिखा:

    क्योंकि हर इश्क परफेक्ट नहीं होता, पर काफी होता है। Witness iss seher ki ek imperfectly perfect love story. Teaser out now. This Valentines Day, isq se isq ho jayega!

    टीजर की खासियत:

    1977 की क्लासिक फिल्म Gharonda के iconic गीत Do Deewane Sheher Mein, जिसे Gulzar ने लिखा और Bhupinder Singh व Runa Laila ने गाया।

    गीत पुराने जमाने के रोमांस को आधुनिक संवेदनशीलता के साथ जोड़ता है।

    टीजर में मुंबई के sea-link जैसे शहरी दृश्य और बर्फ से ढके प्राकृतिक दृश्य शामिल हैं, जो कहानी की भावनात्मक गहराई और रोज़मर्रा के खूबसूरत पलों को बखूबी दिखाते हैं।

    निर्देशन और प्रोडक्शन:

    निर्देशक: Ravi Udyawar

    प्रोड्यूसर: Sanjay Leela Bhansali, Prerna Singh, Umesh Kumar Bansal, Bharat Kumar Ranga

    रिलीज़ डेट:

    20 फरवरी 2026, Valentines week में सिनेमाघरों में।

    टीजर दर्शकों को एक इम्परफेक्ट लेकिन बेहद खूबसूरत रोमांस का अनुभव देने के लिए तैयार है, जिसमें सरल कहानी और संगीत के माध्यम से दिल को छू लेने वाले पल पेश किए गए हैं।

    टीजर की खासियत:

    1977 की क्लासिक फिल्म Gharonda के iconic गीत Do Deewane Sheher Mein, जिसे Gulzar ने लिखा और Bhupinder Singh व Runa Laila ने गाया।गीत पुराने जमाने के रोमांस को आधुनिक संवेदनशीलता के साथ जोड़ता है।टीजर में मुंबई के sea-link जैसे शहरी दृश्य और बर्फ से ढके प्राकृतिक दृश्य शामिल हैं, जो कहानी की भावनात्मक गहराई और रोज़मर्रा के खूबसूरत पलों को बखूबी दिखाते हैं।

    निर्देशन और प्रोडक्शन:निर्देशक: Ravi Udyawar
    प्रोड्यूसर: Sanjay Leela Bhansali, Prerna Singh, Umesh Kumar Bansal, Bharat Kumar Ranga

    रिलीज़ डेट:

    20 फरवरी 2026, Valentines week में सिनेमाघरों में।टीजर दर्शकों को एक इम्परफेक्ट लेकिन बेहद खूबसूरत रोमांस का अनुभव देने के लिए तैयार है, जिसमें सरल कहानी और संगीत के माध्यम से दिल को छू लेने वाले पल पेश किए गए हैं।

  • ट्रंप की 'ग्रीनलैंड' जिद और यूरोप का पलटवार: क्या चलने वाला है दुनिया का सबसे बड़ा व्यापारिक हथियार?

    ट्रंप की 'ग्रीनलैंड' जिद और यूरोप का पलटवार: क्या चलने वाला है दुनिया का सबसे बड़ा व्यापारिक हथियार?


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उस समय भूचाल आ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड के मुद्दे पर डेनमार्क और उसके सहयोगी यूरोपीय देशों को सीधी चेतावनी दे डाली। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की शर्तों पर समझौता नहीं हुआ, तो यूरोप को भारी आर्थिक कीमत चुकानी होगी। इसके जवाब में यूरोपीय संघ EUने भी अपने इतिहास के सबसे घातक आर्थिक हथियार ‘एंटी-कोर्शन इंस्ट्रूमेंट’ ACI जिसे ‘ट्रेड बाजुका’ कहा जा रहा है, को चलाने के संकेत दे दिए हैं।

    विवाद की जड़: क्या है ट्रंप का ग्रीनलैंड प्लान

    राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि रूस और चीन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए ग्रीनलैंड का अमेरिकी नियंत्रण में होना उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। शनिवार को ट्रंप ने घोषणा की कि:1 फरवरी 2026 से: डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, फिनलैंड, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और यूके से आने वाले सामानों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा।1 जून 2026 से: यदि तब तक ‘डील’ नहीं होती, तो इस टैरिफ को बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा।उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि सुरक्षा के लिए वे ‘बल प्रयोग’ की संभावना से भी पीछे नहीं हटेंगे।

    क्या है यूरोपीय संघ का ट्रेड बाजुका ACI

    यूरोपीय संघ ने 2023 में एक विशेष कानून बनाया था जिसे एंटी-कोर्शन इंस्ट्रूमेंट कहा जाता है। इसे ‘ट्रेड बाजुका’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह EU को किसी भी देश के खिलाफ सामूहिक और कड़ी आर्थिक कार्रवाई करने की शक्ति देता है।

    इसके तहत EU क्या कर सकता है

    प्रतिशोधी टैरिफ: अमेरिकी उत्पादों पर भारी आयात शुल्क लगाना। बाजार पर प्रतिबंध: अमेरिकी कंपनियों को यूरोपीय सिंगल मार्केट से बाहर करना या उन पर सीमाएं लगाना। सरकारी टेंडर पर रोक: अमेरिकी फर्मों को EU के किसी भी सरकारी प्रोजेक्ट या टेंडर में हिस्सा लेने से रोकना बौद्धिक संपदा IPअधिकार: अमेरिकी कंपनियों के आईपी अधिकारों या सेवाओं पर प्रतिबंध लगाना।

    अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: ‘खतरनाक मोड़ पर दुनिया

    इस टकराव ने नाटो NATO सहयोगियों के बीच दरार पैदा कर दी है: यूरोपीय आयोग उर्सुला वॉन डेर लेयेन उन्होंने चेतावनी दी है कि ट्रंप के ये कदम ट्रांसअटलांटिक संबंधों को “खतरनाक और कभी न सुधरने वाले विनाशकारी मोड़” पर ले जाएंगे। ब्रिटेन प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर उन्होंने ट्रंप से फोन पर बात कर इसे ‘पूरी तरह गलत’ बताया और कहा कि नाटो सहयोगियों के खिलाफ टैरिफ का इस्तेमाल अस्थिरता पैदा करेगा।फ्रांस इमैनुएल मैक्रों:फ्रांस इस ‘ट्रेड बाजुका’ को चलाने के पक्ष में सबसे मुखर है, उनका तर्क है कि संप्रभुता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

    आगे क्या होगा
    फिलहाल ब्रसेल्स में यूरोपीय देशों के राजदूतों की आपातकालीन बैठकें चल रही हैं। यदि 1 फरवरी से ट्रंप अपने टैरिफ लागू करते हैं, तो दुनिया एक ऐसी ‘ट्रेड वॉर’ देखेगी जिसकी मिसाल आधुनिक इतिहास में नहीं मिलती। ग्रीनलैंड की बर्फ पर शुरू हुई यह जंग अब वैश्विक अर्थव्यवस्था को पिघलाने की कगार पर है।
  • कर्नल सोफिया कुरैशी विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने MP सरकार को फटकारा मंत्री विजय शाह की माफी पर उठाए सवाल

    कर्नल सोफिया कुरैशी विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने MP सरकार को फटकारा मंत्री विजय शाह की माफी पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली। कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने नाराजगी जताई कि एसआईटी ने मंत्री विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन राज्य सरकार ने 19 अगस्त 2025 से अब तक कोई निर्णय नहीं लिया।

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत का सख्त रुख

    CJI सूर्यकांत ने कहा कि एसआईटी ने पूरी जांच कर विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की सिफारिश राज्य सरकार को भेजी थी।

    अब तक लंबित निर्णय के चलते कानून के अनुसार कार्रवाई नहीं हो सकी।

    खुफिया विभाग के डीआईजी डी. कल्याण चक्रवर्ती से कोर्ट ने मामले के अन्य पहलुओं पर ध्यान रखने के निर्देश दिए।

    विजय शाह की माफी पर सवाल

    मंत्री की ओर से माफी पेश करने का दावा किया गया, लेकिन कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड में कोई माफीनामा मौजूद नहीं है।

    सुप्रीम कोर्ट ने उनकी माफी को मगरमच्छ के आंसू बताते हुए इसे कानूनी राहत से अलग करार दिया।

    ऑनलाइन माफी पर भी कोर्ट ने असंतोष जताया और स्पष्ट किया कि ऐसे कदमों से कार्रवाई से राहत नहीं मिल सकती।

    सुप्रीम कोर्ट का आदेश

    मध्य प्रदेश सरकार को अभी तुरंत कार्रवाई करने और एसआईटी की सिफारिशों के मुताबिक मंजूरी देने का निर्देश।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब लंबित मामलों में विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • SBI Home Loan: ₹40 लाख का लोन लेने के लिए कितनी होनी चाहिए सैलरी, EMI कितनी आएगी?

    SBI Home Loan: ₹40 लाख का लोन लेने के लिए कितनी होनी चाहिए सैलरी, EMI कितनी आएगी?


    नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक SBI ने होम लोन की शुरुआती ब्याज दर 7.25 प्रतिशत रखी है। रिजर्व बैंक की रेपो रेट में कटौती के बाद होम लोन की ब्याज दरें कम हुई हैं, जिससे EMI पर बोझ घटा है। अगर आप SBI से 30 साल के लिए ₹40 लाख का होम लोन लेने की सोच रहे हैं तो जानना जरूरी है कि आपकी मंथली सैलरी कितनी होनी चाहिए और EMI कितनी लगेगी।₹40 लाख का होम लोन लेने के लिए मंथली सैलरी

    SBI के मुताबिक 7.25% की ब्याज दर से 30 साल के लिए ₹40 लाख का होम लोन लेने के लिए आपकी मंथली सैलरी कम से कम ₹55,000 होनी चाहिए।ध्यान दें कि यह तभी संभव है जब आपके नाम पर कोई अन्य एक्टिव लोन न हो।

    EMI का हिसाब
    30 साल 360 महीने के लिए ₹40 लाख के होम लोन पर मासिक EMI लगभग ₹27,500 होगी। होम लोन की EMI आमतौर पर आपकी सैलरी का लगभग आधा हिस्सा होती है।

    क्रेडिट स्कोर और अन्य जरूरी बातें
    होम लोन लेने के लिए आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा होना जरूरी है। खराब क्रेडिट स्कोर होने पर बैंक आवेदन रिजेक्ट कर सकता है।बैंक आपके पुराने लोन अकाउंट और भुगतान इतिहास की भी जांच करता है।अच्छे क्रेडिट स्कोर पर ब्याज दर में छूट भी मिल सकती है।बेहतर ऑफर पाने के लिए अलग-अलग बैंकों के लोन प्रोडक्ट्स की तुलना करना फायदेमंद है।SBI का नया होम लोन प्लान उन लोगों के लिए आकर्षक है जो लंबी अवधि के लिए बड़ा लोन लेना चाहते हैं और अपनी EMI को नियंत्रित रखना चाहते हैं।

  • बसंत पंचमी 2026: 23 जनवरी को ज्ञान की देवी माँ सरस्वती का होगा पूजन; जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पीले रंग का महत्व

    बसंत पंचमी 2026: 23 जनवरी को ज्ञान की देवी माँ सरस्वती का होगा पूजन; जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पीले रंग का महत्व


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और पावन पर्वों में से एक ‘बसंत पंचमी’ इस वर्ष 23 जनवरी 2026 को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व विद्या, बुद्धि, कला और संगीत की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, इसी दिन से ऋतुराज वसंत का आगमन होता है, जो प्रकृति में नवजीवन और उल्लास का संचार करता है।

    पूजा का शुभ मुहूर्त और तिथि श्री लक्ष्मीनारायण एस्ट्रो सॉल्यूशन, अजमेर की निदेशिका एवं ज्योतिषाचार्या नीतिका शर्मा के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 23 जनवरी 2026 को अर्धरात्रि 02:28 बजे से प्रारंभ होगी और इसका समापन 24 जनवरी को अर्धरात्रि 01:46 बजे होगा। उदया तिथि की गणना के अनुसार, बसंत पंचमी का पर्व 23 जनवरी को ही मनाया जाएगा। माँ सरस्वती की पूजा के लिए प्रातः 06:43 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक का समय सबसे उत्तम और फलदायी माना गया है।

    धार्मिक मान्यता: जब सृष्टि को मिली वाणी पौराणिक कथाओं के अनुसार, सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा ने जब संसार की रचना की, तो उन्हें चारों ओर मौन और नीरसता महसूस हुई। तब उन्होंने अपने कमंडल से जल छिड़का, जिससे श्वेत वस्त्रधारिणी माँ सरस्वती प्रकट हुईं। माँ ने अपनी वीणा का मधुर स्वर छेड़ा, जिससे समस्त संसार को वाणी, ध्वनि और चेतना प्राप्त हुई। इसी कारण बसंत पंचमी को ज्ञान और संगीत के उदय का पर्व माना जाता है।

    शुभ कार्यों के लिए ‘अबूझ मुहूर्त ज्योतिषाचार्या नीतिका शर्मा के अनुसार, यह दिन विद्या आरंभ, विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ (अबूझ मुहूर्त) माना जाता है। इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का लग्न भी लिखा गया था। छोटे बच्चों के ‘अक्षरारंभ’ और ‘अन्नप्राशन’ संस्कार के लिए भी यह तिथि सर्वश्रेष्ठ है। पीले रंग का विशेष महत्व बसंत पंचमी पर चारों ओर पीला रंग छाया रहता है। पीला रंग सकारात्मक ऊर्जा, उल्लास और नवजीवन का प्रतीक है। इस दिन श्रद्धालु पीले वस्त्र धारण करते हैं और माँ सरस्वती को पीले पुष्प (विशेषकर गेंदा और सरसों के फूल), पीला चंदन, हल्दी और केसरिया मीठे चावल अर्पित करते हैं।

    पूजा विधि और मंत्र

    स्थापना: माँ सरस्वती की प्रतिमा को पीले वस्त्र पर स्थापित करें। र्पण: रोली, हल्दी, केसर और श्वेत या पीले पुष्प चढ़ाएं। पूजा स्थल पर अपनी पुस्तकें और वाद्य यंत्र अवश्य रखें। वंदना: ‘कुंदेंदुतुषारहारधवला. वंदना का पाठ करें। मंत्र जाप: ‘ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः’ मंत्र का जाप करने से बुद्धि और एकाग्रता में वृद्धि होती है। सकारात्मक ऊर्जा के उपाय घर में रचनात्मक माहौल के लिए वीणा रखना शुभ होता है। ज्योतिषाचार्या बताती हैं कि मंदिर में मोर पंख रखने से नकारात्मकता समाप्त होती है और हंस की तस्वीर मानसिक शांति और एकाग्रता को बढ़ाती है। बसंत पंचमी से शुरू होने वाला यह वसंतोत्सव होलिका दहन तक जारी रहता है।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने NDRF के स्थापना दिवस पर जवानों को सराहा; बोले– चुनौतीपूर्ण समय में 'आशा का संचार' है यह बल

    प्रधानमंत्री मोदी ने NDRF के स्थापना दिवस पर जवानों को सराहा; बोले– चुनौतीपूर्ण समय में 'आशा का संचार' है यह बल


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज राष्ट्रीय आपदा मोचन बल NDRF के स्थापना दिवस के अवसर पर बल के वीर कर्मियों को नमन किया। प्रधानमंत्री ने संकट की घड़ियों में NDRF के जवानों द्वारा दिखाए जाने वाले अदम्य साहस पेशेवर दक्षता और निस्वार्थ सेवा भाव की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्र का सच्चा रक्षक बताया।

    संकट में अग्रिम पंक्ति के योद्धा प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में लिखा कि NDRF के पुरुष और महिला कर्मियों का दृढ़ संकल्प विपरीत परिस्थितियों में भी स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय ये जवान सदैव अग्रिम पंक्ति में तैनात रहकर अपने परिश्रम से न केवल मानव जीवन की रक्षा करते हैं और राहत कार्य संचालित करते हैं, बल्कि अत्यंत चुनौतीपूर्ण और निराशाजनक परिस्थितियों में भी आम जनमानस के बीच ‘आशा का संचार’ करते हैं।

    वैश्विक स्तर पर अर्जित किया सम्मान प्रधानमंत्री ने बल की कार्यप्रणाली को सेवा के सर्वोच्च मानकों का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों के दौरान NDRF ने न केवल देश के भीतर आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और तैयारी के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है, बल्कि अपनी कार्यकुशलता के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक सम्मान और ख्याति अर्जित की है। चाहे भूकंप हो चक्रवात हो या कोई अन्य प्राकृतिक विपदा, NDRF के जवानों ने हमेशा अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा परमो धर्म के मंत्र को सिद्ध किया है।

    साहस और कर्तव्यनिष्ठा को नमन स्थापना दिवस पर दी गई इस बधाई में प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से जवानों के कौशल और कर्तव्यनिष्ठा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश को अपने इस बल पर गर्व है जो हर विषम परिस्थिति में नागरिकों के लिए सुरक्षा कवच बनकर खड़ा रहता है।उल्लेखनीय है कि NDRF आज अपना स्थापना दिवस मना रहा है। 2006 में गठित इस बल ने अपनी विशेषज्ञता के माध्यम से देश के आपदा प्रबंधन तंत्र को एक नई शक्ति प्रदान की है।

  • नोएडा बेसमेंट हादसा: SDRF-NDRF के सामने डूबता रहा युवराज, पिता बोले– मेरा बेटा तड़पता रहा कोई नहीं बचा पाया

    नोएडा बेसमेंट हादसा: SDRF-NDRF के सामने डूबता रहा युवराज, पिता बोले– मेरा बेटा तड़पता रहा कोई नहीं बचा पाया


    नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुआ बेसमेंट हादसा पूरे शहर को झकझोर कर रख देने वाला है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद उनके पिता राजकुमार मेहता का दर्द छलक पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर SDRF और NDRF की टीमें मौजूद थीं, लेकिन उनके बेटे को समय रहते नहीं बचाया गया। राजकुमार मेहता का कहना है कि उनके सामने ही युवराज पानी में तड़पता रहा और मदद के इंतजार में उसकी जान चली गई।

    हादसे की रात करीब 12 बजे युवराज ने अपने पिता को फोन कर बताया कि उसकी कार गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई है। सूचना मिलते ही राजकुमार मेहता रात 12:40 बजे मौके पर पहुंचे, लेकिन घना कोहरा और अंधेरा रास्ता बन गया। युवराज ने फोन की टॉर्च जलाकर यह संकेत दिया कि वह पानी में फंसा है और लगातार मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन कोई ठोस रेस्क्यू शुरू नहीं हो सका।पिता का आरोप है कि पुलिस दमकल विभाग SDRF और NDRF मौके पर तो पहुंचे लेकिन उनके पास न तो गोताखोर थे और न ही पर्याप्त उपकरण। बचाव दल ने पानी के अंदर सरिया और अत्यधिक ठंड का हवाला देकर अंदर जाने से मना कर दिया। इसी देरी में युवराज की हालत बिगड़ती चली गई और वह कार समेत डूब गया।

    राजकुमार मेहता ने बताया कि हादसा जिस जगह हुआ, वहां करीब 50 फीट गहरा गड्ढा था, जिसमें पहले से पानी भरा हुआ था। न तो वहां कोई बैरिकेडिंग थी, न रिफ्लेक्टर और न ही चेतावनी बोर्ड। यह इलाका एमजेड विशटाउन प्लानर्स और लोटस ग्रीन से जुड़ा बताया जा रहा है। पिता ने आरोप लगाया कि बिल्डरों और प्राधिकरण की घोर लापरवाही की वजह से उनके बेटे की जान गई।बचाव के दौरान पहले रस्सी फेंकी गई लेकिन वह कार तक नहीं पहुंची। इसके बाद क्रेन मंगाई गई मगर वह भी नाकाम साबित हुई। कई घंटे बाद SDRF और NDRF ने सर्च ऑपरेशन चलाया और युवराज को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

    इस मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने दोनों बिल्डर कंपनियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से जुड़े धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। वहीं, इलाके के लोगों और सोसाइटी निवासियों ने कैंडल मार्च निकालकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे की जांच जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा- उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन युवराज के पिता का सवाल अब भी कायम है-अगर समय पर सही इंतजाम होते तो क्या उनका बेटा आज जिंदा होता?

  • प्रधानमंत्री मोदी ने 'ओडिशा की मदर टेरेसा' पार्वती गिरि को दी श्रद्धांजलि; स्वतंत्रता संग्राम और समाज सेवा में उनके योगदान को सराहा

    प्रधानमंत्री मोदी ने 'ओडिशा की मदर टेरेसा' पार्वती गिरि को दी श्रद्धांजलि; स्वतंत्रता संग्राम और समाज सेवा में उनके योगदान को सराहा


    नई दिल्ली/भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक पार्वती गिरि जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनकी अदम्य साहसपूर्ण भूमिका और आजादी के बाद समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए किए गए उनके कार्यों को याद किया। स्वतंत्रता संग्राम की प्रखर नायिका प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पूर्व में ट्विटर पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि पार्वती गिरि जी ने विदेशी शासन के खिलाफ आंदोलन में बेहद सराहनीय भूमिका निभाई थी। मात्र 16 वर्ष की आयु में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में सक्रिय भागीदारी करने वाली पार्वती गिरि अपनी अटूट देशभक्ति के लिए जानी जाती हैं। उन्हें उनके सेवा भाव के कारण ‘ओडिशा की मदर टेरेसा’ के नाम से भी जाना जाता है।

    महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सेवा में उल्लेखनीय कार्य प्रधानमंत्री ने पार्वती गिरि के सामुदायिक सेवा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तिकरण और संस्कृति के संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उनके कार्य आज भी प्रेरणा देते हैं। उन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा को ही अपना धर्म माना। प्रधानमंत्री ने यह भी साझा किया कि उन्होंने पिछले महीने अपने प्रसिद्ध रेडियो कार्यक्रम मन की बात में भी पार्वती गिरि जी के जीवन संघर्ष और उनकी महानता का विशेष उल्लेख किया था।   एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व पार्वती गिरि जी का जन्म 19 जनवरी 1926 को हुआ था। उन्होंने अपना पूरा जीवन अनाथों की सेवा और जेल सुधार जैसे रचनात्मक कार्यों में समर्पित कर दिया। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि उनकी जन्म शताब्दी पर देशवासी उनके आदर्शों को अपनाकर एक समावेशी समाज के निर्माण का संकल्प लेंगे।

  • ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम, भारत में वर्ल्ड कप खेलो या टूर्नामेंट से रहो बाहर; 21 जनवरी आखिरी तारीख

    ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम, भारत में वर्ल्ड कप खेलो या टूर्नामेंट से रहो बाहर; 21 जनवरी आखिरी तारीख

    नई दिल्ली । आगामी टी20 विश्व कप 2026 को लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ICC और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड BCB के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ICC ने बांग्लादेश को साफ शब्दों में अल्टीमेटम दे दिया है कि उसे भारत में अपने निर्धारित मैच खेलने को लेकर 21 जनवरी तक अंतिम फैसला करना होगा। तय समयसीमा तक सहमति न देने की स्थिति में बांग्लादेश की विश्व कप भागीदारी पर खतरा मंडरा सकता है।

    भारत में खेलने से BCB का इनकार
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को ICC का एक प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचा, जहां BCB अधिकारियों के साथ अहम बैठक हुई। इस बैठक में बांग्लादेश बोर्ड ने टी20 विश्व कप खेलने की इच्छा तो जताई, लेकिन भारत में मैच खेलने पर सहमति नहीं दी। BCB ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने मैच किसी अन्य देश में कराने की मांग रखी और वैकल्पिक स्थल के तौर पर श्रीलंका का नाम सुझाया।हालांकि ICC ने स्पष्ट कर दिया कि ग्रुप C में शामिल बांग्लादेश को तय कार्यक्रम के अनुसार मुंबई और कोलकाता में ही अपने मुकाबले खेलने होंगे।

    तीन हफ्तों से चल रहा है विवाद
    यह विवाद पिछले करीब तीन हफ्तों से चल रहा है। मामला तब गरमाया जब BCCI ने कोलकाता नाइट राइडर्स को मुस्ताफिजुर रहमान को स्क्वॉड से हटाने को कहा। इसके बाद BCB ने ICC को पत्र लिखकर सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और चेतावनी दी कि उनकी मांगें न मानी गईं तो वे टूर्नामेंट से हट सकते हैं। यह मुद्दा पहली बार 4 जनवरी को सामने आया था।

    ग्रुप बदलने की मांग भी खारिज
    ICC ने बांग्लादेश की ग्रुप बदलने की मांग को भी सिरे से खारिज कर दिया है। BCB चाहता था कि उसकी ग्रुपिंग आयरलैंड के साथ बदली जाए, क्योंकि आयरलैंड के सभी मैच श्रीलंका में होने हैं। ICC ने साफ किया कि टूर्नामेंट शेड्यूल में किसी भी तरह का बदलाव संभव नहीं है और भारत में बांग्लादेश टीम की सुरक्षा को लेकर कोई खतरा नहीं है।ICC अब 21 जनवरी तक BCB के अंतिम फैसले का इंतजार करेगा। अगर बांग्लादेश टूर्नामेंट से हटता है, तो ICC मौजूदा रैंकिंग के आधार पर किसी दूसरी टीम को मौका देगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसी स्थिति में स्कॉटलैंड को विश्व कप में जगह मिल सकती है।

    पाकिस्तान का बांग्लादेश को समर्थन
    इस बीच एक और अहम मोड़ तब आया, जब खबरें सामने आईं कि अगर बांग्लादेश का विवाद नहीं सुलझता है तो पाकिस्तान भी अपनी भागीदारी पर पुनर्विचार कर सकता है। बताया जा रहा है कि बांग्लादेश सरकार ने सुरक्षा मुद्दे को लेकर पाकिस्तान से संपर्क किया था, जिस पर पाकिस्तान ने समर्थन का भरोसा दिया।इसके अलावा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्डPCB ने ICC को औपचारिक रूप से यह भी बताया है कि यदि श्रीलंका उपलब्ध नहीं होता, तो वह बांग्लादेश के विश्व कप मैचों की मेजबानी के लिए तैयार है।अब सबकी नजरें 21 जनवरी पर टिकी हैं जब यह तय होगा कि बांग्लादेश भारत में खेलेगा या टी20 विश्व कप से बाहर हो जाएगा।