Author: bharati

  • मध्यप्रदेश में सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार होगा: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

    मध्यप्रदेश में सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार होगा: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

    विदिशा।केंद्रीय सड़क परिवहन एवं महामार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने विदिशा जिला मुख्यालय में शनिवार को सड़कों के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने यहां 4,400 करोड़ रुपए की सड़कों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर गडकरी ने 13,000 करोड़ रुपए की लागत से कोटा से दिल्ली-मुंबई तक राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की भी घोषणा की।

    मध्यप्रदेश की सड़कों के विकास के लिए विशेष प्रावधान
    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मांग पर मध्यप्रदेश की सड़क परियोजनाओं के लिए 1,600 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। इसमें से 400 करोड़ रुपए विशेष रूप से विदिशा संसदीय क्षेत्र की शहरी और आंतरिक सड़कों के निर्माण के लिए आवंटित किए जाएंगे।गडकरी ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 50 करोड़ रुपए की लागत से नई सड़कें बनाई जाएंगी जिससे प्रदेश के सभी हिस्सों में यातायात सुगम और तेज़ होगा।

    अत्याधुनिक मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का शिलान्यास
    इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने विदिशा में अत्याधुनिक मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का भी शिलान्यास किया। यह केंद्र सड़क सुरक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।नितिन गडकरी ने कहा कि प्रदेश में चारों ओर मजबूत सड़क नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे न केवल यातायात सुगमता बढ़ेगी, बल्कि उद्योग और व्यापार को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों और जनता से कहा कि सड़क सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रति जागरूकता बनाए रखना जरूरी है

  • मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में बवाल: पुलिस ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को रोका, पालकी खींची गई, स्नान से वंचित रहे

    मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में बवाल: पुलिस ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को रोका, पालकी खींची गई, स्नान से वंचित रहे



    प्रयागराज । प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के पावन स्नान के दौरान रविवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी को पुलिस ने संगम जाने से रोक दिया। पुलिस ने भीड़ का हवाला देते हुए शंकराचार्य से रथ से उतरकर पैदल संगम जाने का अनुरोध किया, लेकिन उनके शिष्य इस बात पर सहमत नहीं हुए और पालकी आगे बढ़ाने लगे।

    इसी बात को लेकर पुलिस और शिष्यों के बीच पहले बहस हुई और फिर देखते ही देखते धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कई शिष्यों को हिरासत में ले लिया।

    आरोप है कि इस दौरान एक साधु को चौकी में ले जाकर मारपीट भी की गई, जिससे संत समाज में नाराजगी फैल गई।

    घटना की जानकारी मिलते ही शंकराचार्य स्वयं आक्रोशित हो गए और अपने शिष्यों की रिहाई की मांग पर अड़ गए। मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, हाथ जोड़कर अनुरोध भी किया, लेकिन शंकराचार्य नहीं माने। करीब दो घंटे तक मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा और संगम क्षेत्र में गहमागहमी रही।

    इसके बाद पुलिस ने शंकराचार्य के और समर्थकों को हिरासत में ले लिया और उनकी पालकी को खींचते हुए संगम से लगभग एक किलोमीटर दूर ले जाया गया। इस दौरान पालकी का एक हिस्सा टूट भी गया।

    पूरे घटनाक्रम के कारण शंकराचार्य मौनी अमावस्या का पवित्र स्नान नहीं कर पाए, जिससे उनके अनुयायियों में गहरा आक्रोश देखा गया।

    प्रशासन की ओर से बताया गया कि मौनी अमावस्या के कारण संगम तट पर श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ है। अब तक करीब 3 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं, जबकि प्रशासन का अनुमान है कि दिन खत्म होने तक यह संख्या 4 करोड़ तक पहुंच सकती है। भीड़ नियंत्रण के लिए मेला क्षेत्र में AI आधारित सिस्टम, CCTV कैमरे और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। करीब 800 हेक्टेयर में फैले मेला क्षेत्र को 7 सेक्टरों में बांटा गया है और 8 किलोमीटर लंबे अस्थायी घाट बनाए गए हैं।

  • मुरैना में किन्नर के घर 30 लाख की डकैती, बदमाश फरसी में बात कर रहा था

    मुरैना में किन्नर के घर 30 लाख की डकैती, बदमाश फरसी में बात कर रहा था


    मुरैना।मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के अंबाह में शनिवार रात एक बड़ी डकैती की घटना सामने आई। किन्नर राबिया के घर 8 से 10 नकाबपोश और हथियारबंद बदमाशों ने हमला कर 22 तोला सोना 4 किलो चांदी और करीब 4 लाख रुपये नकद समेत कुल लगभग 30 लाख रुपये का माल लूट लिया।

    हथियारबंद बदमाशों की वारदात
    सूत्रों के अनुसार रात करीब 2 बजे बदमाशों ने छत के रास्ते घर में प्रवेश किया। गैस कटर से छत का दरवाजा काटकर अंदर घुसे और दूसरी मंजिल से सीधे नीचे आए। उन्होंने घर में मौजूद राबिया और तीन अन्य किन्नर चेलों को कट्टे की नोक पर बंधक बना लिया।

    सीसीटीवी और फरसी में बातचीत
    लूटपाट के दौरान बदमाशों ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने साथ ले लिया ताकि उनकी पहचान नहीं हो सके। जानकारी मिली है कि बदमाश फरसी में बात कर रहे थे जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि उनका कोई बाहरी गिरोह से संबंध हो सकता है।

    पुलिस जांच में जुटी
    मुरैना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम और स्थानीय थाने के अधिकारी घर का मुआयना कर रहे हैं। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और जल्द ही बदमाशों की पहचान कर उन्हें पकड़ने का आश्वासन दिया है।

  • जबलपुर में रफ्तार का कहर: तेज कार ने 12 मजदूरों को रौंदा, 2 की मौके पर मौत, 7 की हालत नाजुक

    जबलपुर में रफ्तार का कहर: तेज कार ने 12 मजदूरों को रौंदा, 2 की मौके पर मौत, 7 की हालत नाजुक



    जबलपुर। जबलपुर में रविवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। बरेला थाना क्षेत्र के एकता चौक पर तेज रफ्तार कार ने सड़क डिवाइडर की रेलिंग साफ कर रहे 12 मजदूरों को कुचल दिया। इस भीषण हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।
    घायलों में से 7 की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। सभी को तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया।

    जानकारी के मुताबिक, हादसा दोपहर करीब 2 बजे हुआ। मजदूर डिवाइडर में लगी लोहे की जालियों की सफाई का काम पूरा करने के बाद सड़क किनारे बैठकर लंच कर रहे थे। इसी दौरान बरेला से जबलपुर की ओर आ रही तेज रफ्तार सफेद कार ने अचानक नियंत्रण खो दिया और मजदूरों को टक्कर मारते हुए मौके से फरार हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एकता चौक के पास करीब 24 मजदूर काम कर रहे थे।

    भोजन के समय अचानक कार के चपेट में आने से चारों ओर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और डायल 108 को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनिल पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल भिजवाया।

    घायल मजदूर महंत उइके ने बताया कि कार इतनी तेज थी कि संभलने का मौका तक नहीं मिला। “अचानक कार सामने आई और हमारे साथियों को कुचलते हुए भाग गई। जब तक कुछ समझ पाते, कई लोग सड़क पर लहूलुहान पड़े थे,” उन्होंने बताया।

    बरेला थाना प्रभारी अनिल पटेल ने बताया कि फरार कार चालक की तलाश तेज कर दी गई है। आसपास लगे CCTV कैमरों और टोल नाकों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

    पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    रीवा में भी सड़क हादसा, एक की मौत
    उधर, रीवा जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के हिनौता मोड़ पर भी रविवार को एक और दर्दनाक हादसा हुआ। तेज रफ्तार एम्बुलेंस ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी, जिसमें ज्ञानेंद्र रावत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुलदीप रावत गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का इलाज अस्पताल में जारी है।लगातार हो रहे इन हादसों ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • बैतूल में राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आया अज्ञात व्यक्ति, सिर ट्रेन में फंसने से दर्दनाक मौत

    बैतूल में राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आया अज्ञात व्यक्ति, सिर ट्रेन में फंसने से दर्दनाक मौत

    बैतूल।मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शनिवार को एक दर्दनाक रेल हादसा हुआ। आमला रेलवे स्टेशन के अंतर्गत परसोडा रेलवे ट्रैक पर राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में एक अज्ञात व्यक्ति आ गया। हादसे में मृतक का सिर इंजन में फंस गया और वह लगभग चार किलोमीटर तक ट्रेन के साथ आमला स्टेशन तक चला गया, जबकि उसका धड़ घटनास्थल पर ही ट्रैक पर पड़ा मिला।

    रेलवे सुरक्षा बल ने पहुंचकर किया निकासी का प्रयास
    हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल RPF मौके पर पहुंच गया। हालांकि, राजकीय रेल पुलिस और सिविल पुलिस करीब दो घंटे बाद ही घटना स्थल पर पहुँची, जिससे रेल व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए।रेलवे कर्मचारियों की मदद से इंजन में फंसे मृतक के सिर को बाहर निकाला गया। इस दर्दनाक घटना से आमला और आसपास के लोगों में शोक और चिंता व्याप्त है।

    घटना की जांच शुरू
    मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। रेलवे और पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा ट्रेन के रफ्तार और व्यक्ति की अनदेखी का नतीजा माना जा रहा है।रेल यात्रियों और स्थानीय लोगों को इस ट्रैक के पास सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।

  • रविवार विशेष: सूर्य देव की कृपा से चमकेगा भाग्य; पद, प्रतिष्ठा और अच्छी सेहत के लिए आजमाएं ये अचूक उपाय

    रविवार विशेष: सूर्य देव की कृपा से चमकेगा भाग्य; पद, प्रतिष्ठा और अच्छी सेहत के लिए आजमाएं ये अचूक उपाय


    नई दिल्ली/उज्जैन । सनातन धर्म और ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ‘जगत की आत्मा’ और नवग्रहों का राजा माना गया है। सूर्य केवल एक खगोलीय पिंड नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, पिता, मान-सम्मान और सरकारी सफलता के कारक हैं। रविवार का दिन भगवान सूर्य की उपासना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। मान्यता है कि यदि कुंडली में सूर्य बलवान हो, तो व्यक्ति रंक से राजा बन सकता है, वहीं सूर्य के कमजोर होने पर व्यक्ति को बार-बार अपमान और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

    रविवार का आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व

    सूर्य ऊर्जा का वह केंद्र है, जिससे पूरी सृष्टि संचालित होती है। ज्योतिषियों के अनुसार, सूर्य कमजोर होने पर व्यक्ति में निर्णय लेने की क्षमता कम हो जाती है और उसे हड्डियों या नेत्र संबंधी रोग घेर लेते हैं। रविवार को किए गए उपाय न केवल ग्रह दोषों को शांत करते हैं, बल्कि व्यक्ति के भीतर ‘ब्रह्म तेज’ का संचार भी करते हैं।

    भाग्य बदलने वाले प्रभावशाली उपाय

    अर्घ्य का विधान: सफलता की पहली सीढ़ी रविवार की सुबह सूर्योदय के समय तांबे के लोटे में जल भरकर, उसमें थोड़े अक्षत, लाल फूल और चुटकी भर कुमकुम डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय ॐ घृणि सूर्याय नमः मंत्र का जाप करें। यह उपाय मानसिक तनाव को कम कर निर्णय लेने की शक्ति बढ़ाता है। स्तोत्र पाठ और मंत्र साधना मान-सम्मान में वृद्धि के लिए रविवार को ‘आदित्य हृदय स्तोत्र’ का पाठ करना रामबाण माना जाता है। यदि समय का अभाव हो, तो सूर्य गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे करियर में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

    दान का महत्व: लाल वस्तुओं का करें चयन दान से ग्रहों की प्रतिकूलता समाप्त होती है। रविवार को गेहूं, तांबा, गुड़ और लाल वस्त्र का दान किसी जरूरतमंद को देना अत्यंत शुभ होता है। यह विशेष रूप से प्रशासनिक सेवाओं और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए फलदायी है।संबंधों से मजबूती: पिता का आशीर्वाद सूर्य पिता के कारक हैं। रविवार को अपने पिता, गुरु या वरिष्ठों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लें। उनकी सेवा करने से सूर्य देव स्वतः प्रसन्न होते हैं और समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ती है।

    रविवार को बरतें ये सावधानियां

    शास्त्रों के अनुसार, रविवार को कुछ कार्यों की मनाही है ताकि सूर्य का प्रभाव बना रहेखान-पान इस दिन नमक का त्याग करना या कम सेवन करना लाभकारी है। मांसाहार और मदिरा से पूरी तरह परहेज करें। व्यवहार क्रोध, अहंकार और अपशब्दों के प्रयोग से बचें। किसी का अपमान करने से सूर्य दोष बढ़ता है।आलस्य सूर्योदय के बाद देर तक सोना सौभाग्य को दुर्भाग्य में बदल सकता है।

    उपायों से होने वाले लाभ

    इन नियमों का पालन करने से व्यक्ति की नेतृत्व क्षमतानिखरती है। स्वास्थ्य की दृष्टि से हृदय और हड्डियों के रोगों में लाभ मिलता है। साथ ही, पारिवारिक कलह दूर होती है और समाज में एक नई पहचान स्थापित होती है।
  • डिजिटल डिस्ट्रैक्शन का साइलेंट अटैक: नोटिफिकेशन और मल्टीटास्किंग ने छीना फोकस, छात्र और कर्मचारी मानसिक थकान के शिकार

    डिजिटल डिस्ट्रैक्शन का साइलेंट अटैक: नोटिफिकेशन और मल्टीटास्किंग ने छीना फोकस, छात्र और कर्मचारी मानसिक थकान के शिकार


    नई दिल्ली/भोपाल। वर्तमान दौर में तकनीक ने जहाँ जीवन को आसान बनाया है, वहीं इसने मानवीय क्षमताओं, विशेषकर ‘एकाग्रता पर एक गहरा प्रहार किया है। देशभर के शिक्षण संस्थानों और कॉर्पोरेट जगत से आ रही रिपोर्टों के अनुसार, छात्र और कामकाजी पेशेवर एक नई तरह की चुनौती का सामना कर रहे हैंफोकस की कमी’। मोबाइल नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया की लत और एक साथ कई काम करनेकी होड़ ने उत्पादकता को निचले स्तर पर पहुँचा दिया है, जिससे अब मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है।

    20 मिनट भी नहीं टिक रहा छात्रों का ध्यान विभिन्न शिक्षण संस्थानों द्वारा किए गए आंतरिक सर्वेक्षणों में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। यह पाया गया है कि आज का औसत छात्र किसी एक विषय पर लगातार 20 से 25 मिनट से अधिक समय तक ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहा है। पढ़ाई के दौरान हर कुछ मिनटों में मोबाइल स्क्रीन चेक करने की आदत ने उनकी सीखने की क्षमता को बाधित किया है। शिक्षाविदों का मानना है कि यदि यही स्थिति रही, तो आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक परिणामों में बड़ी गिरावट देखी जा सकती है।

    मल्टीटास्किंग का बोझ और घटती कार्यक्षमता यही स्थिति कॉर्पोरेट कार्यालयों की भी है। दफ्तरों में कर्मचारियों पर एक साथ कई प्रोजेक्ट्स संभालने का दबाव होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ‘मल्टीटास्किंग’ दरअसल एक भ्रम है। जब मस्तिष्क बार-बार एक काम से दूसरे काम पर स्विच करता है, तो वह कॉग्निटिव लोड मानसिक भार बढ़ा देता है, जिससे काम की गुणवत्ता गिर जाती है और कर्मचारी जल्दी मानसिक थकान महसूस करने लगते हैं।

    क्या हैं इस समस्या के मुख्य कारण? मनोवैज्ञानिकों ने फोकस खोने के पीछे तीन प्रमुख कारणों को रेखांकित किया है अनियंत्रित स्क्रीन टाइम: सोशल मीडिया और ऐप्स के नोटिफिकेशन डोपामाइन रिलिज़ करते हैं, जो हमें बार-बार फोन देखने को मजबूर करते हैं। अनियमित दिनचर्या नींद की कमी और शारीरिक गतिविधि का अभाव मानसिक स्पष्टता को खत्म कर देता है। डिजिटल शोर: हर वक्त सूचनाओं के अंबार के बीच मस्तिष्क को ‘विश्राम’ नहीं मिल पा रहा है।

    समाधान की ओर बढ़ते कदम डिजिटल डिटॉक्स और वर्कशॉप इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए अब संस्थानों ने सक्रिय कदम उठाना शुरू कर दिया है। कई स्कूल और कॉलेज अब ‘डिजिटल डिटॉक्स’ सत्र आयोजित कर रहे हैं, जहाँ छात्रों को बिना गैजेट्स के समय बिताने और एकाग्रता बढ़ाने के गुर सिखाए जा रहे हैं। वहीं, सरकारी स्तर पर भी छात्रों के लिए काउंसलिंग और मानसिक सहायता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों की सलाह कैसे बढ़ाएं अपना फोकस करियर काउंसलरों ने इस समस्या से निपटने के लिए कुछ व्यावहारिक सुझाव दिए हैं मोनोटास्किंग’ अपनाएं: एक समय में केवल एक ही काम पर पूरा ध्यान दें।

    फोन को रखें दूर काम या पढ़ाई के समय मोबाइल को न केवल साइलेंट करें, बल्कि उसे अपनी नजरों से दूर रखें। ब्रेक का नियम काम को छोटे हिस्सों में बांटें और हर एक घंटे बाद 5-10 मिनट का ‘स्क्रीन-फ्री’ ब्रेक लें। समय रहते यदि इस ‘डिजिटल डिस्ट्रैक्शन’ पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह न केवल व्यक्तिगत करियर बल्कि देश की समग्र कार्यक्षमता के लिए भी बड़ी चुनौती बन जाएगा।

  • सतना में मामूली विवाद में ऑटो चालक पर गोली, जिला अस्पताल में भर्ती

    सतना में मामूली विवाद में ऑटो चालक पर गोली, जिला अस्पताल में भर्ती

    सतना।मध्यप्रदेश के सतना जिले में शनिवार शाम को एक मामूली सड़क विवाद खूनी झगड़े में बदल गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना लगवां थाना क्षेत्र के गहरा नाला के पास हुई। बताया गया है कि एक ऑटो विपरीत दिशा से आ रही बाइक से टकरा गया। इस मामूली टक्कर को लेकर ऑटो चालक और बाइक सवार युवकों के बीच विवाद हो गया।

    मौके पर हुई गोलीबारी
    विवाद इतना बढ़ गया कि बाइक सवारों में से किसी ने ऑटो चालक पर गोली चला दी। घटना में ऑटो चालक मामूली रूप से घायल हुआ। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बीच-बचाव किया और दोनों पक्षों को अलग किया।

    जिला अस्पताल में भर्ती
    घायल ऑटो चालक को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस की स्थिति
    स्थानीय पुलिस ने बताया कि यह मामूली विवाद अचानक बढ़ गया और गोली चलाने की घटना हुई। मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस CCTV फुटेज और गवाहों के बयान लेने में जुटी हुई है।यह घटना यह याद दिलाती है कि सड़क पर छोटी सी टक्कर भी कभी-कभी गंभीर हिंसक घटनाओं में बदल सकती है, इसलिए सावधानी और शांति बनाए रखना जरूरी है।

  • भोपाल में SC-ST-OBC महासम्मेलन: 20 मांगों का ज्ञापन, सरकार पर आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर हमला

    भोपाल में SC-ST-OBC महासम्मेलन: 20 मांगों का ज्ञापन, सरकार पर आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर हमला



    भोपाल । भोपाल के भेल दशहरा मैदान में रविवार को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (SC-ST-OBC) के संयुक्त मोर्चा का महासम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों लोग शामिल हुए। सम्मेलन में नेताओं ने सामाजिक न्याय, आरक्षण, शिक्षा, रोजगार और न्याय व्यवस्था में समान अधिकार की मांग को लेकर सरकार पर तीखा विरोध जताया। मंच से कहा गया कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग आज भी शिक्षा, नौकरी, प्रशासन और न्याय व्यवस्था में बराबरी का अधिकार नहीं पा रहे हैं और संविधान में दिए गए अधिकारों का लाभ इन्हें पूरी तरह नहीं मिल रहा है।

    संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री के नाम 20 मांगों का ज्ञापन देने की बात कही।

    इसमें मुख्य रूप से आरक्षण को जनसंख्या के अनुसार बढ़ाने, ओबीसी के 13% रोके गए पद तुरंत भरने, सरकारी सेवाओं में पदोन्नति में आरक्षण, निजी और आउटसोर्स कामों में भी आरक्षण, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, सफाई कर्मचारियों को नियमित करने, न्याय व्यवस्था में ओबीसी-एससी-एसटी का उचित प्रतिनिधित्व, छात्रवृत्ति और छात्रावास बढ़ाने जैसी मांगें शामिल हैं। मोर्चा ने चेतावनी भी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा।

    महासम्मेलन के दौरान पूर्व विधायक और संपूर्ण बुंदेलखंड जन जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरडी प्रजापति ने कथावाचकों धीरेंद्र शास्त्री और अनिरुद्ध आचार्य के विवादित बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। प्रजापति ने कहा कि महिलाओं के बारे में “25 साल की लड़कियां” और “100 बार बेचो” जैसे अपमानजनक बयान देना किसी भी धर्म या शास्त्र में स्वीकार्य नहीं है।

    उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विधवा महिला का सिंदूर हटना उसे “खाली प्लॉट” बना देता है और समाज को अपनी बहन-बेटियों को जमीन की तरह ‘खरीदा-बेचा’ जाना चाहिए।

    प्रजापति ने यह भी कहा कि कुछ कथावाचक और धर्मगुरु करोड़ों लोगों की भीड़ जुटाकर महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे बयान देने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो और धर्म-शास्त्र का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए कड़ी निगरानी होनी चाहिए।

    अपने संबोधन में प्रजापति ने प्रधानमंत्री और मौजूदा व्यवस्था पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि मेहनत करने वाला वर्ग हाशिए पर है, जबकि धर्म और चंदे के सहारे प्रभावशाली लोग लाभ ले रहे हैं।

    उन्होंने आदिवासी समाज के मुद्दों पर जंगल कटाई और संसाधनों के दोहन को आदिवासी समुदाय के अस्तित्व के लिए खतरा बताया।

    महासम्मेलन में उपस्थित नेताओं ने यह भी कहा कि आदिवासी सलाहकार परिषद को मजबूत किया जाए और PESA कानून पूरी तरह लागू किया जाए। साथ ही डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाएं ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर हाईकोर्ट परिसर में स्थापित करने और बाबा साहब के अपमान से जुड़े मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई।

    इस तरह भोपाल में हुए इस महासम्मेलन ने सरकार पर आरक्षण, सामाजिक न्याय और संविधानिक अधिकारों के कार्यान्वयन को लेकर दबाव बढ़ा दिया है, साथ ही कथावाचकों के विवादित बयानों को लेकर सामाजिक स्तर पर भी नया राजनीतिक और सांस्कृतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

  • मृणाल ठाकुर-धनुष की वेलेंटाइन वेडिंग का सच: समंदर की लहरों के बीच एक्ट्रेस का मिस्टीरियस पोस्ट, क्या दे दिया बड़ा इशारा

    मृणाल ठाकुर-धनुष की वेलेंटाइन वेडिंग का सच: समंदर की लहरों के बीच एक्ट्रेस का मिस्टीरियस पोस्ट, क्या दे दिया बड़ा इशारा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड और साउथ सिनेमा की गलियों में इन दिनों एक ही नाम गूंज रहा हैमृणाल ठाकुर और धनुष। पिछले कुछ दिनों से यह अफवाह जोरों पर है कि दोनों सितारे जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। चर्चाएं यहाँ तक हैं कि 14 फरवरी 2026, यानी वेलेंटाइन डे के मौके पर दोनों सात फेरे लेंगे। जहां फैंस इस खबर से उत्साहित हैं, वहीं मृणाल ठाकुर के एक ताजा सोशल मीडिया पोस्ट ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

    समंदर के बीच मृणाल का अनशेकन पोस्ट शादी की खबरों के बीच मृणाल ठाकुर ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह समंदर के बीच एक नाव पर सवार नजर आ रही हैं। सुनहरी धूप और लहरों के बीच मुस्कुराते हुए मृणाल ने इस पोस्ट को एक बहुत ही दिलचस्प कैप्शन दिया। उन्होंने लिखाजमीन से जुड़ी, चमकती हुई और अडिगमृणाल के इस अनशेकन यानी ‘अडिग’ शब्द को फैंस उनकी शादी की अफवाहों पर एक परोक्ष प्रतिक्रिया मान रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि एक्ट्रेस यह संदेश दे रही हैं कि वह इन बेसलेस अफवाहों से बिल्कुल भी विचलित नहीं हैं और अपने काम में मस्त हैं।

    क्या है ‘वैलेंटाइन वेडिंग’ की सच्चाई? रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृणाल और धनुष की शादी की खबरें पूरी तरह से निराधार और फेक हैं। मृणाल ठाकुर के करीबी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि एक्ट्रेस का फिलहाल शादी का कोई इरादा नहीं है।काम में व्यस्तता: फरवरी और मार्च 2026 में मृणाल की बैक-टू-बैक फिल्में रिलीज होने वाली हैं। फरवरी में उनकी फिल्म ‘दो दीवाने शहर में’ रिलीज हो रही है, जबकि मार्च में उनकी एक बड़ी तेलुगु फिल्म आने वाली है।करियर पर फोकस सूत्रों का कहना है कि इतने बिजी शेड्यूल के बीच शादी करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। वहीं धनुष के करीबियों ने भी इन खबरों को पूरी तरह बकवास बताया है।

    कैसे शुरू हुईं ये अफवाहें? मृणाल और धनुष के बीच लिंक-अप की खबरें साल 2025 में तब शुरू हुईं, जब दोनों को कई बार एक साथ स्पॉट किया गया। अगस्त 2025 में फिल्म सन ऑफ सरदार 2 के प्रीमियर पर दोनों की बॉन्डिंग ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बाद धनुष की फिल्म ‘तेरे इश्क में’ की रैप-अप पार्टी में भी मृणाल नजर आई थीं। हालांकि, मृणाल पहले ही एक इंटरव्यू में धनुष को अपना ‘अच्छा दोस्त’ बता चुकी हैं।फिलहाल, मृणाल के इस अनशेकन अवतार ने यह साफ कर दिया है कि वह अफवाहों के बजाय अपनी सफलता का जश्न मनाने में यकीन रखती हैं।