Author: bharati

  • असम केरल और पुडुचेरी में वोटिंग सीएम मोहन यादव ने मतदाताओं से की अहम अपील

    असम केरल और पुडुचेरी में वोटिंग सीएम मोहन यादव ने मतदाताओं से की अहम अपील


    भोपाल । देश में लोकतंत्र के महापर्व का उत्साह एक बार फिर देखने को मिल रहा है जहां असम केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी है इन तीनों राज्यों में सुबह से ही मतदाताओं में खासा उत्साह नजर आ रहा है मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लोकतंत्र के प्रति लोगों की आस्था को दर्शा रही हैं

    इसी बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों खासकर इन राज्यों के मतदाताओं से मतदान करने की अपील की है उन्होंने अपने संदेश में पारंपरिक और प्रभावी नारे पहले मतदान फिर जलपान को दोहराते हुए लोगों को अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि असम केरल और पुडुचेरी में आज लोकतंत्र का महापर्व है विधानसभा चुनाव 2026 के इस महत्वपूर्ण अवसर पर सभी मतदाताओं से विनम्र आग्रह है कि वे अपने मताधिकार का अवश्य प्रयोग करें उन्होंने यह भी कहा कि हर एक वोट केवल सरकार चुनने का माध्यम नहीं होता बल्कि यह विकास और सुशासन की मजबूत नींव रखने का भी आधार बनता है

    दरअसल इन तीनों राज्यों में चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से जोरदार प्रचार अभियान चल रहा था जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता सक्रिय रूप से जुटे हुए थे इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी चुनाव प्रचार में शामिल हुए जिनमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मौजूदगी भी उल्लेखनीय रही

    मतदान के दिन उनकी यह अपील खास मायने रखती है क्योंकि यह न केवल मतदाताओं को जागरूक करने का प्रयास है बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने का संदेश भी देती है चुनाव आयोग द्वारा भी लगातार मतदाताओं को जागरूक करने के लिए विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोग मतदान में हिस्सा लें

    आज का दिन इन राज्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि मतदाताओं का निर्णय आने वाले वर्षों की राजनीति और विकास की दिशा तय करेगा ऐसे में हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने अधिकार के साथ अपने कर्तव्य का भी पालन करे

    लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब नागरिक सक्रिय रूप से इसमें भाग लें और मतदान के जरिए अपनी आवाज दर्ज कराएं यही कारण है कि पहले मतदान फिर जलपान जैसा संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक है जितना पहले था यह केवल एक नारा नहीं बल्कि जागरूक नागरिक बनने की पहचान भी है

  • नीतीश कुमार का दिल्ली रवाना होना और राज्यसभा सदस्य के रूप में नई पारी

    नीतीश कुमार का दिल्ली रवाना होना और राज्यसभा सदस्य के रूप में नई पारी


    नई दिल्ली:पटना /बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। करीब दो दशकों तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज रहे नीतीश कुमार अब राज्य की बागडोर छोड़ दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। सुशासन और विकास के लिए पहचाने जाने वाले नीतीश कुमार अब केंद्र में नई भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। उनका यह कदम न केवल बिहार बल्कि देश की राजनीति में भी महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।

    नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी नई पारी शुरू करेंगे। वह दिल्ली पहुंच चुके हैं और 10 अप्रैल को उच्च सदन में शपथ लेंगे। इसके बाद 11 अप्रैल को पटना लौटने की संभावना है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 14 अप्रैल को एनडीए विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। इसके बाद 15 अप्रैल को नई सरकार का गठन और शपथ ग्रहण होने की संभावना प्रबल है।

    राज्य में सत्ता समीकरण अब पूरी तरह बदलने वाला है। जेडीयू ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि बिहार में अब नेतृत्व की भूमिका भारतीय जनता पार्टी के हाथ में होगी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने स्वीकार किया है कि राज्य की सत्ता अब भाजपा के प्रभुत्व में होगी। नीतीश कुमार के इस निर्णय के बाद राज्य में दो दशक तक उनके इर्द-गिर्द घूमने वाला सत्ता केंद्र बदलने वाला है।

    बिहार के नए मुख्यमंत्री के लिए कई नाम चर्चा में हैं। सूत्रों के अनुसार वर्तमान उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी इस रेस में सबसे आगे हैं। उनके नाम के पीछे जातीय समीकरण और राज्य के बड़े वोट बैंक को साधने की रणनीति काम कर रही है। अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं, लेकिन अंतिम निर्णय 10 अप्रैल को दिल्ली में प्रस्तावित केंद्रीय बैठक में तय हो सकता है।

    दिल्ली में प्रस्तावित बैठक में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की मौजूदगी संभव है। इस बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर के साथ ही नई सरकार के मंत्रिमंडल के स्वरूप पर भी रणनीति तय की जाएगी। इसके बाद राज्य में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज होगी और नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 14 या 15 अप्रैल को आयोजित होने की संभावना है।

    भव्य शपथ ग्रहण समारोह में केंद्र और राज्य के कई दिग्गज नेताओं की उपस्थिति की संभावना है। कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री खुद भी इस ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बनने पटना आ सकते हैं। नीतीश कुमार के दिल्ली जाने और राज्य में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया ने बिहार की राजनीति को एक नए अध्याय की ओर धकेल दिया है।

  • समर्थन मूल्य पर खरीदी ने बदली तस्वीर किसानों ने जश्न में किया डांडिया स्वागत

    समर्थन मूल्य पर खरीदी ने बदली तस्वीर किसानों ने जश्न में किया डांडिया स्वागत


    इछावर । मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की शुरुआत ने किसानों के चेहरे पर लंबे समय बाद सच्ची मुस्कान ला दी है सीहोर जिले के चंदेरी गांव में इसका अनोखा और उत्साहपूर्ण नजारा देखने को मिला जहां किसानों ने खुशी में डांडिया नृत्य कर जश्न मनाया खेतों की मेहनत का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद ने पूरे गांव का माहौल उत्सव में बदल दिया

    दरअसल बीते दिनों सीहोर जिले के किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया था किसानों का कहना था कि उनकी फसल तैयार होने के बावजूद खरीदी में देरी हो रही थी और बाजार में उन्हें गेहूं का सही दाम नहीं मिल पा रहा था मंडियों में गेहूं 2000 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा था जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था वहीं दूसरी ओर कर्ज का दबाव और खराब होती फसल ने उनकी चिंता और बढ़ा दी थी

    इस स्थिति को देखते हुए किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से जल्द खरीदी शुरू कराने की मांग की थी किसानों की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए सरकार ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू कर दी है अब किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल का मूल्य मिलेगा जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद जगी है

    खरीदी शुरू होते ही चंदेरी गांव समेत आसपास के राम खेड़ी और अन्य गांवों के किसानों ने एकजुट होकर अपनी खुशी का इजहार किया पारंपरिक डांडिया नृत्य के माध्यम से किसानों ने न केवल जश्न मनाया बल्कि सरकार के प्रति आभार भी जताया यह दृश्य न केवल गांव के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बन गया जहां मेहनत करने वाले अन्नदाता अपनी जीत का जश्न मना रहे थे

    किसानों ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का धन्यवाद किया उनका कहना है कि सरकार के इस कदम से उन्हें बड़ी राहत मिली है और अब वे अपनी मेहनत का सही मूल्य प्राप्त कर सकेंगे

    यह पहल केवल आर्थिक राहत ही नहीं बल्कि किसानों के आत्मविश्वास को भी मजबूत करने वाली साबित हो रही है लंबे समय से संघर्ष कर रहे किसानों के लिए यह फैसला उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है गांवों में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल है और किसान भविष्य को लेकर अब पहले से ज्यादा आश्वस्त नजर आ रहे हैं

    गेहूं खरीदी की यह शुरुआत प्रदेश के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है जो न केवल उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगी बल्कि कृषि क्षेत्र को भी नई दिशा देगी इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि जब किसानों की आवाज सुनी जाती है तो उसका परिणाम खुशहाली और उत्सव के रूप में सामने आता है

  • अक्षर पटेल का हौसला कायम: हार से निराश नहीं, चेन्नई में करेंगे नई शुरुआत

    अक्षर पटेल का हौसला कायम: हार से निराश नहीं, चेन्नई में करेंगे नई शुरुआत


    नई दिल्ली।आईपीएल 2026 में दिल्ली कैपिटल्स को अपने घरेलू मैदान अरुण जेटली स्टेडियम में गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले गए रोमांचक मुकाबले में सिर्फ 1 रन से हार का सामना करना पड़ा। जीत के करीब पहुंचकर मुकाबला गंवाने से टीम के खिलाड़ी निराश जरूर दिखे, लेकिन कप्तान Axar Patel ने टीम को हौसला देते हुए आगे बढ़ने का संदेश दिया।

    हार से टूटे नहीं, कप्तान ने दिया पॉजिटिव मैसेज

    मैच के बाद अक्षर पटेल ने कहा कि यह टूर्नामेंट लंबा है और टीम को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना होगा। उन्होंने कहा,
    “हम सभी निराश हैं, लेकिन हमें शांत रहना होगा। यह सिर्फ एक मैच है, हम चेन्नई में फिर से शुरुआत करेंगे। उनका यह बयान साफ करता है कि टीम हार के बावजूद पॉजिटिव माइंडसेट के साथ आगे बढ़ना चाहती है।

    आखिरी ओवर में फिसली जीत

    मैच बेहद रोमांचक मोड़ पर खत्म हुआ। Gujarat Titans ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 210 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। जवाब में Delhi Capitals ने शानदार संघर्ष किया और मैच को आखिरी ओवर तक पहुंचाया।

    आखिरी ओवर में दिल्ली को जीत के लिए 13 रन चाहिए थे।

    पहली गेंद पर विप्राज निगम ने चौका जड़ दिया
    दूसरी गेंद पर वह आउट हो गए
    तीसरी गेंद पर कुलदीप यादव ने सिंगल लेकर स्ट्राइक डेविड मिलर को दी

    इसके बाद मैच पूरी तरह रोमांचक हो गया।

    डेविड मिलर की पारी, लेकिन आखिरी गलती भारी

    David Miller ने चौथी गेंद पर शानदार छक्का लगाकर मैच दिल्ली की ओर मोड़ दिया। अब टीम को 2 गेंदों पर सिर्फ 2 रन चाहिए थे।

    लेकिन यहीं मैच पलट गया। मिलर ने पांचवीं गेंद पर सिंगल नहीं लिया, जिससे दबाव बढ़ गया। आखिरी गेंद पर रन लेने की कोशिश में कुलदीप यादव रन आउट हो गए। विकेटकीपर Jos Buttler की तेज़ी ने दिल्ली की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। मिलर ने 20 गेंदों पर 41 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।

    गुजरात को मिली सीजन की पहली जीत

    इस जीत के साथ Gujarat Titans ने सीजन में अपना खाता खोल लिया, जबकि Delhi Capitals को इस सीजन की पहली हार झेलनी पड़ी।

    हालांकि दिल्ली की टीम ने जिस तरह से बड़े लक्ष्य का पीछा किया, उसने यह साबित कर दिया कि टीम में दम है और वह आगे बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।

    चेन्नई में नई शुरुआत का मौका

    दिल्ली कैपिटल्स का अगला मुकाबला अब Chennai Super Kings के खिलाफ 11 अप्रैल को खेला जाएगा। अक्षर पटेल ने साफ कर दिया है कि टीम इस हार को पीछे छोड़कर नई ऊर्जा के साथ वापसी करेगी।

    लंबा टूर्नामेंट, वापसी का पूरा मौका

    आईपीएल जैसे लंबे टूर्नामेंट में एक हार से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। अहम बात यह है कि टीम अपनी गलतियों से सीखकर आगे बेहतर प्रदर्शन करे। दिल्ली के पास मजबूत बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों है, ऐसे में टीम जल्द ही वापसी कर सकती है।

  • ओटीटी पर मौजूद पांच बेहतरीन फिल्में जो रहस्य, रोमांच और अलौकिक शक्तियों का मिश्रण पेश करती हैं

    ओटीटी पर मौजूद पांच बेहतरीन फिल्में जो रहस्य, रोमांच और अलौकिक शक्तियों का मिश्रण पेश करती हैं


    नई दिल्ली:फोरम पर क्रिएचर-ड्रामा और हॉरर फिल्मों का एक अनोखा खजाना मौजूद है, जो दर्शकों को रहस्य, रोमांच और अलौकिक शक्तियों की दुनिया में ले जाता है। साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की आने वाली फिल्म ‘राका’ का फर्स्ट लुक सामने आते ही दर्शकों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। पोस्टर में उनके रहस्यमयी लुक और न्यूकीले नॉक के प्रति दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ रही है। इस मशीन पर ऐसी ही पांच बेहतरीन क्रिएचर-ड्रामा फिल्मों का ज़िक्र जारी है, जिसे देखकर आप अलौकिक रोमांच का अनुभव ले सकते हैं।

    ‘भेड़िया’ में वरुण धवन और कृति सेनन मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म एक युवा की कहानी है, जो जंगल में हुए हमलों के बाद भेड़ जैसी शक्तियां प्राप्त कर लेती है। फिल्म में पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी छिपा है, साथ ही हॉरर और कॉमेडी का मिश्रण दर्शकों को आकर्षित करता है। अरुणाचल प्रदेश के खूबसूरत जंगल में फिल्म की शूटिंग ने इसे विजुअली शानदार बना दिया है।

    ‘क्रिएचआर 3डी’ में बिपाशा बसु और इमरान अब्बास हैं। यह कहानी एक हिल स्टेशन के होटल के आसपास घूमती है, जहां रहस्यमयी ब्रह्मराक्षस लोग अपना शिकार बनाते हैं। बिपाशा का किरदार उनके होटल और जीवन की रक्षा के लिए है ये खतरनाक जीव से लड़ाई। फिल्म की अवधारणा और दृश्य प्रभाव इसे क्रिएचर-नाटक प्रेमियों के लिए आकर्षक बना देते हैं।

    ‘थामा’ में आयुष्मान खुराना, रश्मिका मंदाना और नवाजुद्दीन सिद्दीकी हैं। यह फिल्म बेतालों की एक काल्पनिक दुनिया में ले जाती है, जहां एक किशोर से रहस्यमयी दुनिया का हिस्सा बनता है। इसमें प्रिय, क्रांतिकारी और अलौकिक शक्तियों का युद्धाभ्यास दर्ज किया गया है। दर्शकों ने इसकी कहानी और कलाकारों की सलाह को शेयर किया है।

    ‘काल’ फिल्म में अजय देवगन, जॉन अब्राहम और विवेक ओबेरॉय हैं। कहानी एक नेशनल पार्क में रहस्यमयी स्कूटरों के अपार्टमेंट-गिर घूमती है। शुरुआत में यह जंगली जानवरों के हमलों के रूप में दिखाई देता है, लेकिन धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे सामने आने लगती है। फिल्म में डॉक्टर के साथ-साथ सैद्धांतिक संरक्षण का संदेश भी प्रभावी ढंग से दिया गया है।

    ‘जानी दुश्मन एक अनोखी कहानी’ फैंटेसी और सुपरनैचुरल फिल्म है, जिसमें सनी देओल, अक्षय कुमार और मनीषा कोइराला नजर आते हैं। पुनर्जन्म, बदलाब और अलौकिक शक्तियों के उलट-घेरे घूमते हैं, जिसमें नाग और नागिन के बीच अन्याय की कहानियां शामिल हैं। यह फिल्म क्रिएचर-ड्रामा प्रेमियों के मनोरंजन और रोमांच के लिए पूरी फिल्म पेश करती है।

  • भारत के खिलाफ टेस्ट से बाहर रह सकते हैं राशिद खान, खुद बताई बड़ी वजह

    भारत के खिलाफ टेस्ट से बाहर रह सकते हैं राशिद खान, खुद बताई बड़ी वजह


    नई दिल्ली।अफगानिस्तान के स्टार लेग स्पिनर Rashid Khan ने भारत के खिलाफ जून में होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि वह इस मुकाबले से बाहर रह सकते हैं। उनकी यह बात क्रिकेट फैंस के लिए चौंकाने वाली है, खासकर तब जब वह मौजूदा समय के सबसे खतरनाक स्पिनर्स में से एक माने जाते हैं।

    रेड-बॉल क्रिकेट से दूरी बना सकते हैं राशिद

    राशिद खान ने साफ कहा कि रेड-बॉल क्रिकेट (टेस्ट फॉर्मेट) उनके करियर के लिए जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने अपनी पीठ की समस्या को लेकर चिंता जताई और बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें लंबे फॉर्मेट से दूरी बनाने की सलाह दी है।

    राशिद ने कहा, “मैं नहीं चाहता कि मेरी पीठ में दोबारा चोट आए। मैं 100 टेस्ट मैच नहीं खेल सकता। रेड-बॉल क्रिकेट मेरे लिए थोड़ा मुश्किल है।”

    डॉक्टर की सलाह बनी बड़ी वजह

    राशिद खान ने खुलासा किया कि उनकी पीठ की सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने उन्हें टेस्ट क्रिकेट कम खेलने की सलाह दी थी। हालांकि, उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ एक मैच में 67 ओवर गेंदबाजी की थी, जिसे देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए थे।

    यही वजह है कि अब वह अपने वर्कलोड को लेकर ज्यादा सतर्क हैं और करियर को लंबा बनाए रखने के लिए सोच-समझकर फैसले लेना चाहते हैं।

    वनडे और टी20 पर रहेगा फोकस

    राशिद खान ने यह भी साफ कर दिया है कि उनका मुख्य फोकस अब वनडे और टी20 क्रिकेट पर रहेगा। उन्होंने कहा कि इन फॉर्मेट्स में वह ज्यादा समय तक खेल सकते हैं और टीम के लिए बेहतर योगदान दे सकते हैं।

    उन्होंने कहा, “अगर साल में एक टेस्ट मैच है तो मैं खेल सकता हूं, लेकिन उससे ज्यादा खेलना मेरे लिए मुश्किल होगा।”

    भारत के खिलाफ टेस्ट पर संशय

    गौरतलब है कि भारत और अफगानिस्तान के बीच 6 से 10 जून तक न्यू चंडीगढ़ में एकमात्र टेस्ट मैच खेला जाना है। ऐसे में राशिद खान की उपलब्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    अगर वह इस मैच से बाहर रहते हैं, तो यह अफगानिस्तान टीम के लिए बड़ा झटका होगा, क्योंकि वह टीम के सबसे अनुभवी और प्रभावशाली गेंदबाजों में से एक हैं।

    IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन

    फिलहाल Gujarat Titans का हिस्सा राशिद खान IPL 2026 में शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। हाल ही में उन्होंने दिल्ली के खिलाफ मैच में बेहतरीन गेंदबाजी कर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

    उनका यह प्रदर्शन दिखाता है कि वह लिमिटेड ओवर फॉर्मेट में अब भी बेहद खतरनाक और असरदार खिलाड़ी हैं।

    करियर मैनेजमेंट को दे रहे प्राथमिकता

    राशिद खान का यह फैसला बताता है कि वह अपने करियर को लंबा और फिट बनाए रखने के लिए वर्कलोड मैनेजमेंट पर ध्यान दे रहे हैं। आधुनिक क्रिकेट में जहां तीनों फॉर्मेट खेलना चुनौतीपूर्ण हो गया है, वहां खिलाड़ियों को अपने शरीर और फिटनेस के हिसाब से फैसले लेने पड़ रहे हैं।

    राशिद खान ने पीठ की चोट और डॉक्टर की सलाह के चलते टेस्ट क्रिकेट से दूरी के संकेत दिए हैं। उनका फोकस अब वनडे और टी20 पर है, जिससे भारत के खिलाफ जून में होने वाले टेस्ट में उनका खेलना संदिग्ध हो गया है।

  • न्यूनतम 20 वर्ष और अधिकतम 37 वर्ष आयु वाले योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं

    न्यूनतम 20 वर्ष और अधिकतम 37 वर्ष आयु वाले योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं


    नई दिल्ली/गांधीनगर:गुजरात लोक सेवा आयोग ने अकाउंट्स ऑफिसर (क्लास-2) के कुल 20 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 7 अप्रैल से शुरू हो गए हैं और इच्छुक उम्मीदवार 21 अप्रैल तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे योग्य अभ्यर्थी समय रहते अपने रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरकर आगामी अवसर का लाभ उठा सकते हैं।

    पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से कॉमर्स में स्नातक की डिग्री (बीकॉम), चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए), इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट एंड वर्क्स अकाउंट्स (आईसीडब्ल्यूए)/कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट (सीएमए) या कंपनी सेक्रेटरी की योग्यता होनी चाहिए। इसके अलावा आयोग द्वारा निर्धारित अन्य पात्रता और कौशल की पूर्ति करना अनिवार्य है।

    उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम 37 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसकी गणना 21 अप्रैल को आधार मानकर की जाएगी। आरक्षित श्रेणी से संबंधित अभ्यर्थियों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

    चयन प्रक्रिया में योग्य उम्मीदवारों का मूल्यांकन प्रीलिमिनरी परीक्षा, मेंस लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और अंतिम मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को मासिक 44,900 से 1,42,400 रुपए वेतन मिलेगा। प्रारंभिक परीक्षा पेपर-1 7 जून को और पेपर-2 28 जून को आयोजित होने की संभावना है, जबकि मेंस परीक्षा 13 से 16 दिसंबर के बीच आयोजित होने की उम्मीद है।

    आवेदन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को अपने वर्ग के अनुसार निर्धारित आवेदन शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा। सामान्य और अन्य श्रेणी के लिए शुल्क 100 रुपए है, जबकि एससी/एसटी/एसईबीसी/ईडब्ल्यूएस, पीडब्ल्यूडी और गुजरात के पूर्व सैनिकों को शुल्क में छूट प्रदान की गई है।

    ऑनलाइन आवेदन करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर दिए गए सक्रिय एप्लीकेशन लिंक पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करें। फॉर्म में आवश्यक जानकारियां दर्ज करें और संबंधित सभी डॉक्यूमेंट्स सही साइज में अपलोड करें। इसके बाद निर्धारित शुल्क का भुगतान कर फॉर्म को सबमिट कर दें। अंत में आवेदन पत्र का प्रिंट आउट सुरक्षित स्थान पर रख लें, जो भविष्य के संदर्भ में आवश्यक होगा।

  • केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान जारी, मतदाता कतारों में दिखाई दिए

    केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान जारी, मतदाता कतारों में दिखाई दिए


    नई दिल्ली/केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान गुरुवार सुबह 7 बजे से शुरू हो गया है। असम में 126 सीटों, केरल में 140 सीटों और पुडुचेरी में 30 सीटों के लिए मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। मतदान शाम 5 बजे तक चलेगा और नतीजों की घोषणा 4 मई को होगी। इन चुनावों में कुल 1,899 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं और राज्य-केन्द्रीय स्तर पर राजनीतिक संतुलन पर बड़ा असर डालने की संभावना है।

    केरल में इस बार 883 उम्मीदवार मैदान में हैं, यानी प्रति सीट औसतन छह से सात प्रत्याशी चुनावी मुकाबले में हैं। हालांकि, बागी और निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या के कारण कई निर्वाचन क्षेत्र बेहद प्रतिस्पर्धी बन गए हैं। कुल 27 लाख मतदाता राज्य के 30,000 से अधिक मतदान केंद्रों में फैले हुए हैं। मतदाता सुबह से ही अपने मतदान केंद्रों पर कतारों में खड़े नजर आए। केरल में तीन मुख्य गठबंधन- लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ), यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) और नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) के बीच कड़ा मुकाबला है। एलडीएफ लगातार पांचवीं बार सत्ता में बने रहने का लक्ष्य लेकर चुनाव लड़ रहा है, जबकि यूडीएफ और एनडीए उसे चुनौती दे रहे हैं।

    पुडुचेरी में कुल 9.50 लाख से अधिक मतदाता हैं, जिनमें 24,919 प्रथम बार वोट डालने वाले शामिल हैं। यहां कुल 294 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश चार क्षेत्रों- पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यानम से मिलकर बना है। वर्तमान में ‘ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस’ (AINRC) के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में है, जिसकी कमान मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के हाथों में है और भाजपा का समर्थन उसे प्राप्त है।

    असम विधानसभा चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 59 महिलाएं शामिल हैं। लगभग 2.5 करोड़ पंजीकृत मतदाता इन चुनावों में भाग लेने के लिए योग्य हैं। राज्य ने मतदान प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 31,490 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं। असम में यह चुनाव अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा अपनी सत्ता बरकरार रखने का प्रयास कर रही है, जबकि कांग्रेस सरकार में वापसी की कोशिश कर रही है। यह चुनाव 2023 में हुए परिसीमन के बाद पहला चुनाव है, जिससे क्षेत्रीय राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव की संभावना है।

    मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता इस बार भी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। तीनों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं, जो लोकतंत्र में नागरिकों की मजबूत भागीदारी को दर्शाती हैं। इस चुनाव का परिणाम न केवल राज्य सरकारों के भविष्य को तय करेगा बल्कि देश के राजनीतिक संतुलन पर भी प्रभाव डालेगा।

  • राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर शेयर की खास रील, अब राजनीतिक भविष्य को लेकर लग रही ये नई अटकलें

    राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर शेयर की खास रील, अब राजनीतिक भविष्य को लेकर लग रही ये नई अटकलें


    नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और पार्टी के बीच चल रहे विवाद के बीच अब सबकी निगाहें उनके अगले कदम पर लगी हैं। हाल ही में चड्ढा ने सोशल मीडिया पर शेयर की गई एक रील ने उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर नई अटकलों को जन्म दिया है।

    सोशल मीडिया पर की रील शेयर


    चड्ढा ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक रील शेयर की जिसे seedhathok नाम के यूजर रिहान ने बनाया था। रील में सुझाव दिया गया कि चड्ढा को अपनी खुद की पार्टी बनानी चाहिए जिससे उन्हें व्यापक जनसमर्थन मिल सकता है। वीडियो में सीधे चड्ढा को संबोधित करते हुए कहा गया कि जेन-जी पार्टी या कोई अन्य उपयुक्त नाम से नई पार्टी शुरू करना युवाओं का समर्थन पाने का सही तरीका होगा।

    दूसरी पार्टी में शामिल होने का खतरा

    वीडियो में यह भी कहा गया कि अगर चड्ढा किसी अन्य पार्टी में शामिल होते हैं तो उन्हें वर्तमान समर्थन नहीं मिलेगा और जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि चड्ढा ने रील शेयर की लेकिन अभी तक उन्होंने आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की कि वे क्या कदम उठाएंगे।

    AAP ने उठाए कठोर कदम
    करीब एक हफ्ते पहले AAP ने चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया और उनकी जगह अशोक कुमार मित्तल को नियुक्त किया। इसके साथ ही उन्हें संसद में पार्टी के कोटे से बोलने की अनुमति भी नहीं मिली।

    पार्टी के आरोपों की लंबी सूची

    AAP ने चड्ढा पर कई आरोप लगाए हैं:- बीजेपी के प्रति नरम रुख: पार्टी का कहना है कि चड्ढा ने संसद में पार्टी का समय हवाई अड्डों पर समोसे की कीमत जैसे मामूली मुद्दों के लिए इस्तेमाल किया।
    मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग: चड्ढा ने महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया।
    अतिशी के सवाल: AAP नेता अतिशी ने चड्ढा से पूछा कि वे पीएम नरेंद्र मोदी या लोकतंत्र पर हो रहे सवालों पर बोलने में क्यों डरते हैं।
    केजरीवाल की गिरफ्तारी पर गैरमौजूदगी: ED द्वारा अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के दौरान चड्ढा की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए गए।

    चड्ढा का जवाब और किताब के जरिए संदेश

    चड्ढा ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि पार्टी उन्हें चुप कर रही है। उन्होंने बताया कि संसद में जब भी उन्हें बोलने का मौका मिलता है वे जनता के मुद्दों को उठाते हैं। साथ ही सोमवार को उन्होंने अमेरिकी लेखक रॉबर्ट ग्रीन की किताब The 48 Laws of Power पढ़ते हुए अपनी एक तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा किसी ने मुझे इस हफ्ते एक किताब गिफ्ट की मैंने चैप्टर 1 पलटा नेवर आउटशाइन द मास्टर’। कुछ किताबें उसी समय पर आती हैं जब उन्हें आना होता है।

  • कालाष्टमी पर कालभैरव पूजा से मिलती है सुरक्षा और आध्यात्मिक शक्ति..

    कालाष्टमी पर कालभैरव पूजा से मिलती है सुरक्षा और आध्यात्मिक शक्ति..


    नई दिल्ली:सनातन परंपरा में तिथि, नक्षत्र और योग के आधार पर दिनचर्या और धार्मिक अनुष्ठानों का निर्धारण अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी क्रम में बैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाने वाली मासिक कालाष्टमी का विशेष धार्मिक महत्व है। इस बार यह पावन तिथि शुक्रवार, 10 अप्रैल को पड़ रही है, जिसे कालभैरव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन भक्त श्रद्धा और आस्था के साथ उपवास रखकर भगवान कालभैरव की पूजा करते हैं और उनसे सुरक्षा, सुख तथा संकटों से मुक्ति की कामना करते हैं।

    कालाष्टमी को काला अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है और यह हर माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी को आती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव के रौद्र स्वरूप कालभैरव की पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। भक्त इस दिन विशेष रूप से रात्रि पूजा और भैरव स्तुति का पाठ करते हैं, जिससे उन्हें आध्यात्मिक शांति और संरक्षण की अनुभूति होती है।

    इस दिन के पंचांग अनुसार सूर्योदय सुबह 6 बजकर 1 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 44 मिनट पर रहेगा। अष्टमी तिथि रात 11 बजकर 15 मिनट तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ होगी। हालांकि उदयातिथि के आधार पर पूरे दिन अष्टमी का ही मान रहेगा, जिससे दिनभर पूजा और व्रत का विशेष महत्व बना रहेगा। नक्षत्र की बात करें तो पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र सुबह 11 बजकर 8 मिनट तक रहेगा, इसके पश्चात उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का आरंभ होगा। शिव योग शाम 6 बजकर 31 मिनट तक रहेगा, जो पूजा के लिए शुभ संकेत देता है।

    शुभ मुहूर्तों की दृष्टि से यह दिन अत्यंत अनुकूल माना जा रहा है। ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 4 बजकर 31 मिनट से 5 बजकर 16 मिनट तक रहेगा, जो साधना और ध्यान के लिए श्रेष्ठ समय है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा, जबकि विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। इसके अतिरिक्त गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 43 मिनट से 7 बजकर 5 मिनट तक रहेगा, जिसे संध्या पूजा के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। अमृत काल सुबह 6 बजकर 8 मिनट से 7 बजकर 54 मिनट तक रहेगा, जो शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए उपयुक्त है।

    वहीं, इस दिन कुछ अशुभ समय का ध्यान रखना भी आवश्यक है। राहुकाल सुबह 10 बजकर 47 मिनट से दोपहर 12 बजकर 23 मिनट तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्यों से बचना चाहिए। यमगण्ड दोपहर 3 बजकर 33 मिनट से शाम 5 बजकर 9 मिनट तक रहेगा, जबकि गुलिक काल सुबह 7 बजकर 37 मिनट से 9 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 8 बजकर 34 मिनट से 9 बजकर 25 मिनट और दोपहर 12 बजकर 48 मिनट से 1 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। इसके साथ ही वर्ज्य समय रात 8 बजकर 12 मिनट से 9 बजकर 56 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जिसे किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए टालना उचित माना जाता है।