Author: bharati

  • ट्रंप का समुद्री मार्ग पर नियंत्रण का दावा…. बोले- होर्मुज में अमेरिका ने खड़ी की स्टील की दीवार

    ट्रंप का समुद्री मार्ग पर नियंत्रण का दावा…. बोले- होर्मुज में अमेरिका ने खड़ी की स्टील की दीवार


    वाशिंगटन।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने कहा है कि अल्लाह का शुक्र है कि अमेरिका (America) ने होर्मुज समुद्री मार्ग (Strait of Hormuz Maritime Route) में स्टील की दीवार खड़ी कर दी है और आगे भी उसे बरकरार रखेगा। उन्होंने इस अहम समुद्री मार्ग पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा किया है। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में उन्होंने अमेरिकी नौसेना की इस कार्रवाई की सफलता की तारीफ की और दावा किया कि इसे “स्टील की दीवार” बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब ईरान इसके बारे में कुछ नहीं कर सकता।

    ट्रंप ने बार-बार दावा किया है कि अमेरिका इस अहम जल मार्ग को कंट्रोल करता है, जो मिडिल ईस्ट से तेल-गैस और दूसरी चीज़ों के निर्यात के के लिए ज़रूरी है। दूसरी तरफ ईरान ने ट्रंप के दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। दरअसल, ईरान होर्मुज जलमार्ग में एक टोल सिस्टम लागू करना चाहता है। इसीलिए उसने कई बार उन जहाज़ों पर हमला किया है। ईरान का कहना है कि वह 28 फरवरी को ट्रंप द्वारा शुरू किए गए युद्ध के जवाब में उसके पसंदीदा रास्ते को रोक रहा है।


    ईरान को कीमत चुकानी होगी

    इस बीच, ट्रंप ने होर्मुज पर नियंत्रण का दावा करते हुए कहा कि अगर ईरान स्थिति बदलने की कोशिश करता है तो उसे इसकी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमारा पूरा नियंत्रण है। उनका इसपर कोई नियंत्रण नहीं। हम उसे चला रहे हैं। अगर ईरान कभी कुछ करने की कोशिश करता है तो उसे ‘उड़ा दिया’ जायेगा।” उन्होंने कहा कि अमेरिका इस समय मजबूत स्थिति में है और दावा किया कि ईरान ने क्षेत्र में अपना पिछला प्रभाव खो दिया है। ट्रंप ने कहा, “अभी हमारी स्थिति बहुत अच्छी है। हमारे सामने एक ऐसा देश है जो 50 वर्षों से मध्य पूर्व में दबंग बना हुआ था… अब वह पश्चिम एशिया का दबंग नहीं रहा।”


    अमेरिका और ईरान में अंतिम समझौता नहीं

    गौरतलब है कि फरवरी के अंत में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद क्षेत्र में जारी तनाव के बीच उनकी इस तरह की टिप्पणियां आई हैं। अमेरिका और ईरान अब तक टकराव खत्म करने के लिए किसी अंतिम समझौते पर नहीं पहुंच सके हैं, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास जारी व्यवधानों से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा बना हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के एक बड़े हिस्से की कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति गुजरती है।


    ईरानी मीडिया क्या कह रहा

    ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई के हवाले से कहा है कि 28 फरवरी, 2026 तक यह जलमार्ग खुला रहा था। उन्होंने पश्चिमी प्रतिबंधों की भी आलोचना की। बघाई ने कहा, “यह नहीं भूलना चाहिए कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की स्थिति और उसके साथ जो कुछ हुआ, वह अमेरिका और इजरायली शासन की सैन्य आक्रामकता के कारण हुआ है, जो अब भी जारी है। जहां तक ईरान द्वारा शर्तें रखे जाने के दावों का सवाल है, उन्हें यह मामला अपनी ही सरकार के समक्ष उठाना चाहिए।” रणनीतिक जलमार्ग को लेकर तनाव अब भी संघर्ष का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इस बीच, तेहरान और ओमान के बीच इस महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही के लिए व्यवस्थाओं को लेकर बातचीत जारी है।

  • US खुफिया एजेंसी का दावा….नाटो समिट के दौरान ईरानी मिसाइल के निशाने पर थे ट्रंप!

    US खुफिया एजेंसी का दावा….नाटो समिट के दौरान ईरानी मिसाइल के निशाने पर थे ट्रंप!


    वॉशिंगटन।
    नाटो शिखर सम्मेलन (NATO Summit) के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर खतरे का दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को कई इनपुट मिले थे कि ईरान (Iran) को तुर्किये (Türkiye) की राजधानी अंकारा में ट्रंप के ठिकाने की सटीक जानकारी थी। बताया गया कि ईरानी एजेंटों को उस होटल की मंजिल तक की जानकारी थी, जहां ट्रंप ठहरे हुए थे। सुरक्षा अधिकारियों ने इसी दौरान ट्रंप को निशाना बनाने वाले संभावित सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल खतरे का भी पता लगाया।


    क्या ट्रंप को मिसाइल से निशाना बनाने की तैयारी थी?

    खतरे का आकलन इतना गंभीर बताया गया कि अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने असाधारण सुरक्षा योजना तैयार की। रिपोर्ट के मुताबिक, नाटो सम्मेलन के आसपास एक व्यक्ति को कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल के साथ भी देखा गया था। साथ ही ऐसी जानकारी सामने आई कि ट्रंप को ले जाने वाले विमान को निशाना बनाया जा सकता है। इसके बाद ट्रंप की आवाजाही को सार्वजनिक रूप से सामान्य दिखाते हुए उन्हें गुप्त तरीके से दूसरे विमान में भेजने की योजना बनाई गई।


    ट्रंप को एयरपोर्ट से गुप्त तरीके से कैसे निकाला गया?

    सुरक्षा योजना के तहत ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से पुराने एयरफोर्स वन में सवार होने का दृश्य दिया। इसके बाद उन्हें एयरपोर्ट के अंदर एक कैटरिंग कंटेनर के जरिए गुप्त रूप से बाहर निकाला गया और सैन्य विमान से तुर्किये से बाहर ले जाया गया। दूसरी ओर, मूल एयरफोर्स वन को अंकारा से ब्रिटेन के लिए रवाना किया गया। इसमें विदेश मंत्री मार्को रुबियो, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सहयोगी स्टीफन मिलर तथा स्टीवन च्यूंग समेत कई अधिकारी मौजूद थे।


    क्या एयरफोर्स वन में बैठे लोगों को खतरे की जानकारी थी?

    रिपोर्ट के मुताबिक, मूल एयरफोर्स वन में मौजूद सभी यात्रियों को खतरे की पूरी गंभीरता की जानकारी नहीं दी गई थी। 8 जुलाई को अंकारा से ब्रिटेन की उड़ान के दौरान यात्रियों को विमान की खिड़कियों के पर्दे बंद रखने का निर्देश दिया गया। बाद में ट्रंप गुप्त रूप से फिर एयरफोर्स वन में शामिल हो गए और कैमरों के सामने ऐसे दिखाई दिए, जैसे वह पूरे समय उसी विमान में रहे हों। इस पूरी कार्रवाई को लेकर पूर्व व्हाइट हाउस अधिकारियों के बीच भी सवाल उठे हैं।


    क्या ट्रंप की सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम सही था?

    इस सुरक्षा अभियान को लेकर दो तरह की राय सामने आई है। कुछ पूर्व अधिकारियों का मानना है कि जिस विमान को डिकॉय बनाया गया, उसमें मौजूद लोगों को खतरे की जानकारी दी जानी चाहिए थी। वहीं, इस फैसले का बचाव करने वालों का तर्क है कि अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए विश्वसनीय खतरे की स्थिति में असाधारण कदम उठाना जरूरी था। ट्रंप ने बाद में कहा कि उन्होंने सीक्रेट सर्विस के निर्देशों का पालन किया और इस दावे को खारिज किया कि विमान में मौजूद लोगों को जानबूझकर ज्यादा खतरे में डाला गया।

  • वायुसेना के बेड़े में पुराने कार्गो विमानों की जगह लेंगे 60 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट….₹1 लाख करोड़ का टेंडर जारी

    वायुसेना के बेड़े में पुराने कार्गो विमानों की जगह लेंगे 60 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट….₹1 लाख करोड़ का टेंडर जारी


    नई दिल्ली ।
    भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के पुराने हो रहे कार्गो विमानों (Cargo planes) के बेड़े को बदलने की तैयारी तेज हो गई है। रक्षा मंत्रालय ने करीब 1 लाख करोड़ रुपये की लागत से 60 मल्टीरोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (Multirole Transport Aircraft) खरीदने के लिए टेंडर जारी किया है। इस परियोजना में भारतीय कंपनियों को प्रमुख भूमिका दी गई है। HAL, टाटा और महिंद्रा इस दौड़ में शामिल हैं।


    किन भारतीय कंपनियों के साथ कौन-सी विदेशी कंपनियां मैदान में हैं?

    महिंद्रा डिफेंस ने ब्राजील की एम्ब्राएर के साथ साझेदारी की है और उसके C-390 ट्रांसपोर्ट विमान की पेशकश की जाएगी। वहीं, टाटा ने लॉकहीड मार्टिन के साथ हाथ मिलाया है और C-130 विमान की पेशकश करेगा। C-130 पहले से ही भारतीय वायुसेना में विशेष अभियानों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।


    कितने विमान भारत में बनाए जाएंगे?

    इस कार्यक्रम के तहत करीब 20 प्रतिशत विमान सीधे तैयार स्थिति में भारतीय वायुसेना को मिलेंगे। बाकी विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा। इनमें 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री इस्तेमाल करने का लक्ष्य रखा गया है। विमानों का निर्माण भारतीय कंपनियों और मूल विमान निर्माता कंपनियों के बीच संयुक्त उपक्रमों के जरिए किया जाएगा। इस परियोजना में HAL की भी भूमिका रहेगी।


    वायुसेना के पास अभी कितने C-130J विमान हैं?

    भारतीय वायुसेना के बेड़े में फिलहाल 12 C-130J Super Hercules विमान हैं। इसके अलावा, वायुसेना Airbus के साथ C-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट कार्यक्रम पर भी काम कर रही है। करीब 70 C-295 विमान वायुसेना में शामिल किए जाने हैं, जिनमें अधिकांश का निर्माण भारत में किया जाएगा।


    क्या वायुसेना के आधुनिकीकरण का हिस्सा है यह योजना?

    मल्टीरोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की खरीद वायुसेना के व्यापक आधुनिकीकरण कार्यक्रम का हिस्सा है। वायुसेना ने 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए भी टेंडर जारी किया है। इसके अलावा, पुराने हॉक ट्रेनर विमानों को बदलने और पायलट प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने के लिए 100 से अधिक ट्रेनर विमानों को शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है।


    क्या इन विमानों से हवा में ईंधन भरने का काम भी लिया जाएगा?

    मल्टीरोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल केवल सैनिकों और उपकरणों की तेज आवाजाही तक सीमित नहीं रहेगा। भारतीय वायुसेना इन विमानों का इस्तेमाल हवाई ईंधन भरने वाले टैंकर के रूप में भी कर सकती है। इसके अलावा, इनसे उपकरणों और सैनिकों को तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

  • बालों की चमक और मजबूती बढ़ाने के लिए घर पर बनाएं ये 8 आसान हेयर रिंस, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका

    बालों की चमक और मजबूती बढ़ाने के लिए घर पर बनाएं ये 8 आसान हेयर रिंस, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका

    नई दिल्ली । बालों की चमक, मुलायमपन और खूबसूरती बनाए रखने के लिए नियमित हेयर केयर रूटीन जरूरी है। बदलते मौसम, धूल, प्रदूषण और बालों में इस्तेमाल होने वाले अलग-अलग उत्पादों के कारण कई बार बाल रूखे और बेजान नजर आने लगते हैं। ऐसे में महंगे उत्पादों के अलावा कुछ आसान घरेलू रिंस भी सामान्य हेयर केयर रूटीन का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। रोजमेरी, आंवला, चावल और ग्रीन टी जैसी चीजों से घर पर आसानी से रिंस तैयार किया जा सकता है।

    ग्रीन टी रिंस बालों और स्कैल्प की सामान्य देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसे तैयार करने के लिए ग्रीन टी बनाकर पूरी तरह ठंडा कर लें। बालों में शैंपू करने के बाद इसे अंतिम रिंस के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को पहली बार इस्तेमाल करने से पहले थोड़ी मात्रा में परीक्षण करना चाहिए।

    राइस वॉटर यानी चावल का पानी भी बालों की देखभाल में लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे बालों में लगाने से बालों में मुलायमपन और स्मूदनेस महसूस हो सकती है। चावल को पानी में भिगोकर या उबालकर तैयार किए गए पानी को ठंडा करने के बाद इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे बालों पर लगाने के बाद कुछ समय तक रखने के बजाय अच्छी तरह धोना बेहतर है।

    आंवला वॉटर भी पारंपरिक हेयर केयर का हिस्सा रहा है। आंवले में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं और इसका इस्तेमाल बालों की सामान्य देखभाल के लिए किया जाता है। आंवले को पानी में उबालकर या आंवला पाउडर को पानी में मिलाकर रिंस तैयार किया जा सकता है। इसे बालों की लंबाई और स्कैल्प पर लगाया जा सकता है।

    रोजमेरी वॉटर इन दिनों हेयर केयर रूटीन में काफी लोकप्रिय है। इसे रोजमेरी की पत्तियों को पानी में उबालकर तैयार किया जा सकता है। पानी ठंडा होने के बाद इसे छानकर बालों पर इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि किसी भी हर्बल मिश्रण से हर व्यक्ति को एक जैसा फायदा मिले, यह जरूरी नहीं है। जलन या लालिमा महसूस होने पर इसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

    मेथी वॉटर भी रूखे बालों की सामान्य देखभाल में इस्तेमाल किया जा सकता है। मेथी के दानों को कुछ घंटे पानी में भिगोकर रखने के बाद पानी छान लें। तैयार पानी को बालों पर लगाया जा सकता है। मेथी का इस्तेमाल बालों को मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है, लेकिन इसे लगाने के बाद बालों को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है।

    प्याज का पानी भी घरेलू हेयर केयर में इस्तेमाल किया जाता है। कुछ लोग इसे बालों की ग्रोथ और स्कैल्प केयर के लिए आजमाते हैं। हालांकि प्याज का रस या पानी कुछ लोगों की त्वचा में जलन पैदा कर सकता है। इसलिए इसे लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है और तेज जलन या खुजली होने पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

    एलोवेरा रिंस ड्राई स्कैल्प और बेजान बालों की सामान्य देखभाल में उपयोगी हो सकता है। एलोवेरा जेल को पानी में अच्छी तरह मिलाकर हल्का मिश्रण तैयार किया जा सकता है। इसे बालों पर लगाने के बाद अच्छी तरह धोना चाहिए, ताकि कोई अवशेष न रह जाए।

    केला और तेल आधारित रिंस या हेयर पैक भी रूखे बालों में नमी और मुलायमपन देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। केले को अच्छी तरह मैश करके थोड़ी मात्रा में तेल मिलाया जा सकता है। इसे मुख्य रूप से बालों की लंबाई पर लगाया जाए और कुछ समय बाद अच्छी तरह धो लिया जाए। इस्तेमाल से पहले किसी भी घरेलू मिश्रण का पैच टेस्ट करना बेहतर है। खुजली, जलन, लालिमा या सूजन होने पर इसे तुरंत धो दें। लगातार बाल झड़ने या स्कैल्प संबंधी समस्या रहने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।

  • वैश्विक सूचकांक प्रदाता एमएससीआई ने अगस्त समीक्षा के तहत भारतीय शेयर बाजार में किया बड़ा फेरबदल, 31 अगस्त से प्रभावी होंगे बदलाव।

    वैश्विक सूचकांक प्रदाता एमएससीआई ने अगस्त समीक्षा के तहत भारतीय शेयर बाजार में किया बड़ा फेरबदल, 31 अगस्त से प्रभावी होंगे बदलाव।


    नई दिल्ली ।
    वैश्विक सूचकांक प्रदाता एमएससीआई अर्थात मॉर्गन स्टेनली कैपिटल इंटरनेशनल ने अपनी अगस्त की आवधिक समीक्षा के तहत भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। इस नवीनतम समीक्षा के अंतर्गत अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस सहित चार नई कंपनियों को एमएससीआई इंडिया इंडेक्स में स्थान दिया गया है। इसके विपरीत तीन कंपनियों को इस सूचकांक से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। यह सभी पुनर्संतुलन 31 अगस्त के कारोबार की समाप्ति के पश्चात आधिकारिक रूप से प्रभावी कर दिए जाएंगे।

    एमएससीआई द्वारा जारी विवरण के अनुसार, मुख्य सूचकांक में शामिल की गई अन्य कंपनियां मुख्य रूप से पूंजी बाजार और फार्मास्यूटिकल्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबद्ध रखती हैं। वैश्विक सूचकांक में कंपनियों का चयन उनके बाजार पूंजीकरण, तरलता और फ्री-फ्लोट जैसे कड़े वैश्विक मानकों के आधार पर किया जाता है। इन्हीं मानकों के आधार पर यह निर्धारित होता है कि किस कंपनी का सूचकांक में प्रवेश होगा अथवा किसे बाहर किया जाएगा।

    मुख्य सूचकांक के साथ-साथ एमएससीआई इंडिया डोमेस्टिक स्मॉल कैप इंडेक्स में भी बड़ा पुनर्गठन देखने को मिला है। इस स्मॉल कैप सूचकांक में 12 नए शेयरों को स्थान दिया गया है, जबकि 19 शेयरों को सूचकांक से हटा दिया गया है। इस प्रकार स्मॉल कैप श्रेणी में सात कंपनियों की शुद्ध कमी दर्ज की गई है। इस बदलाव से भारतीय शेयर बाजार में बड़े पैमाने पर पोर्टफोलियो पुनर्संतुलन की प्रक्रिया प्रारंभ होने की संभावना है।

    एमएससीआई इंडेक्स को दुनिया भर के बड़े संस्थागत निवेशक और पैसिव फंड मुख्य बेंचमार्क के रूप में उपयोग करते हैं। जब भी इस सूचकांक में कोई बदलाव होता है, तब अंतरराष्ट्रीय फंड प्रबंधक अपने पोर्टफोलियो को नए वेटेज के अनुसार पुनर्संतुलित करते हैं। इसके परिणामस्वरूप संबंधित कंपनियों के शेयरों में भारी मात्रा में विदेशी पूंजी का आगमन या निकासी देखने को मिलती है। एमएससीआई का भारत केंद्रित सूचकांक भारतीय इक्विटी बाजार के लगभग 85 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।

    बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस समीक्षा के बाद भारतीय शेयर बाजार में अरबों रुपये का पैसिव निवेश प्रवाह आ सकता है। पूर्व में भी यह संभावना व्यक्त की गई थी कि कुछ बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनियां स्मॉल कैप श्रेणी से पदोन्नत होकर स्टैंडर्ड इंडेक्स का हिस्सा बन सकती हैं। मध्य प्रदेश सहित देश भर के निवेशकों और बाजार विश्लेषकों की नजरें इन बदलावों के बाद होने वाले पूंजी प्रवाह पर टिकी हुई हैं।

    एमएससीआई की आधिकारिक घोषणा के तुरंत बाद संबंधित कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी का रुझान देखा गया। विशेष रूप से अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयर में शुरुआती सत्र में ही बढ़त दर्ज की गई। लंबे समय के वित्तीय प्रदर्शन के दृष्टिकोण से देखा जाए तो कंपनी के शेयर ने पिछले वर्षों में निवेशकों को लगातार बेहतर रिटर्न प्रदान किया है। इस वैश्विक सूचकांक में शामिल होने से कंपनी के शेयरों में अंतरराष्ट्रीय निवेश प्रवाह और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • घर पर सिर्फ 15 मिनट में बनाएं होटल जैसा खिला-खिला जीरा राइस, स्वाद और खुशबू से मेहमान भी पूछेंगे रेसिपी

    घर पर सिर्फ 15 मिनट में बनाएं होटल जैसा खिला-खिला जीरा राइस, स्वाद और खुशबू से मेहमान भी पूछेंगे रेसिपी

    नई दिल्ली । घर पर मेहमान आने वाले हों और खाने की टेबल पर कुछ स्वादिष्ट और खास परोसना हो तो जीरा राइस एक बेहतरीन विकल्प है। इसकी खुशबूदार महक, लंबे और खिले-खिले चावल के दाने और घी में भुने जीरे का स्वाद साधारण खाने को भी खास बना देता है। अच्छी बात यह है कि सही तरीका अपनाकर इसे घर पर कम समय में आसानी से तैयार किया जा सकता है।

    जीरा राइस बनाने के लिए सबसे पहले लंबे दाने वाले बासमती चावल लें। करीब दो कप चावल को दो से तीन बार साफ पानी से धो लें, ताकि अतिरिक्त स्टार्च निकल जाए। इसके बाद चावल को लगभग 15 से 20 मिनट के लिए पानी में भिगोकर रखें। इससे चावल के दाने अच्छी तरह फूलते हैं और पकने के बाद लंबे दिखाई देते हैं।

    अब चावल को पर्याप्त पानी और थोड़ा नमक डालकर पकाएं। ध्यान रखें कि चावल को पूरी तरह गलने तक न पकाएं। जीरा राइस के लिए चावल लगभग 90 प्रतिशत पकना चाहिए। जब दाने अंदर से हल्के कड़े रहें, तब अतिरिक्त पानी निकाल दें। पके हुए चावल को कुछ देर खुला रखने से उनकी भाप निकल जाएगी और वे आपस में चिपकेंगे नहीं।

    अब एक चौड़ी कड़ाही या पैन को मध्यम आंच पर गर्म करें। इसमें करीब दो बड़े चम्मच घी डालें। घी गर्म होने के बाद उसमें एक से डेढ़ चम्मच जीरा डालें। जब जीरा चटकने लगे तो इसमें तेजपत्ता, हरी इलायची, छोटी दालचीनी और लौंग डालकर कुछ सेकंड भूनें। इसके बाद लंबाई में कटी हुई हरी मिर्च डालें। साबुत मसालों का यह तड़का जीरा राइस की खुशबू को काफी बढ़ा देता है।

    तड़का तैयार होने के बाद पके हुए चावल को कड़ाही में धीरे-धीरे डालें। यहां सबसे ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत होती है। चावल को तेज हाथ से चलाने के बजाय हल्के हाथ से पलटें। ज्यादा चलाने से बासमती के लंबे दाने टूट सकते हैं और चावल देखने में चिपचिपे लगने लगते हैं।

    अब स्वाद के अनुसार नमक डालें और थोड़ा सा नींबू का रस मिलाएं। नींबू की हल्की खटास जीरा राइस के स्वाद को संतुलित करने में मदद करती है। इसके बाद कड़ाही को ढककर धीमी आंच पर करीब दो से तीन मिनट तक पकाएं। फिर गैस बंद कर दें और चावल को कुछ मिनट के लिए ढका रहने दें।

    जीरा राइस को होटल जैसा बनाने की सबसे महत्वपूर्ण ट्रिक यही है कि चावल ज्यादा न पकाएं और उन्हें तड़के के साथ मिलाते समय ज्यादा न चलाएं। साथ ही चौड़े बर्तन का इस्तेमाल करने से चावल आसानी से फैल जाते हैं और दाने टूटने की संभावना कम रहती है। घी में जीरे और साबुत मसालों को सही समय तक भूनना भी इसके स्वाद में बड़ा अंतर पैदा करता है।

    तैयार जीरा राइस को ऊपर से बारीक कटे हरे धनिये से सजाकर गरमा-गरम परोसें। इसे दाल तड़का, राजमा, छोले, मटर पनीर या शाही पनीर के साथ सर्व किया जा सकता है। चाहें तो परोसते समय ऊपर से थोड़ा गर्म घी डाल सकते हैं। इस आसान तरीके से घर पर तैयार जीरा राइस न केवल स्वादिष्ट लगेगा, बल्कि इसके लंबे और अलग-अलग दाने इसे बिल्कुल होटल स्टाइल लुक भी देंगे।

  • वॉशिंग मशीन में ज्यादा डिटर्जेंट डालना कपड़ों की सफाई नहीं बढ़ाता, मशीन के ड्रम और ड्रेनेज सिस्टम को पहुंचा सकता है नुकसान

    वॉशिंग मशीन में ज्यादा डिटर्जेंट डालना कपड़ों की सफाई नहीं बढ़ाता, मशीन के ड्रम और ड्रेनेज सिस्टम को पहुंचा सकता है नुकसान

    नई दिल्ली । वॉशिंग मशीन ने कपड़े धोने का काम काफी आसान कर दिया है, लेकिन मशीन का सही इस्तेमाल न किया जाए तो सुविधा देने वाला यह उपकरण धीरे-धीरे खराब भी हो सकता है। ऐसी ही एक आम गलती जरूरत से ज्यादा डिटर्जेंट डालना है। कई लोगों को लगता है कि अधिक डिटर्जेंट से कपड़े ज्यादा साफ और चमकदार होंगे, जबकि वास्तविकता में ज्यादा डिटर्जेंट सफाई बढ़ाने के बजाय कपड़ों और मशीन दोनों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है।

    वॉशिंग मशीन में आवश्यकता से अधिक डिटर्जेंट डालने पर सामान्य से ज्यादा झाग बन सकता है। यह झाग कपड़ों के रेशों के बीच फंस सकता है और कई बार पूरी तरह पानी के साथ बाहर नहीं निकल पाता। इसका असर कपड़ों पर सफेद अवशेष, कड़ापन या अजीब गंध के रूप में दिखाई दे सकता है। खासकर गहरे रंग के कपड़ों पर डिटर्जेंट के निशान आसानी से नजर आ सकते हैं।

    अतिरिक्त डिटर्जेंट का असर केवल कपड़ों तक सीमित नहीं रहता। लंबे समय तक ज्यादा डिटर्जेंट इस्तेमाल करने पर इसके अवशेष मशीन के ड्रम, पाइप, फिल्टर और ड्रेनेज सिस्टम के कुछ हिस्सों में जमा हो सकते हैं। इससे पानी की निकासी प्रभावित हो सकती है और मशीन को अपना सामान्य चक्र पूरा करने में परेशानी हो सकती है।

    मशीन के अंदर लगातार नमी और डिटर्जेंट के अवशेष जमा होने से रबर गैसकेट और दूसरे हिस्सों के आसपास गंदगी तथा सूक्ष्मजीवों की वृद्धि के लिए अनुकूल वातावरण भी बन सकता है। इसका एक संकेत मशीन के अंदर से आने वाली बदबू हो सकता है। खासकर फ्रंट लोड मशीन में दरवाजे के आसपास मौजूद रबर सील की नियमित सफाई नहीं करने पर यह समस्या अधिक महसूस हो सकती है।

    डिटर्जेंट की सही मात्रा हर स्थिति में एक जैसी नहीं होती। यह मशीन के प्रकार, कपड़ों की संख्या, पानी की गुणवत्ता और कपड़ों पर मौजूद गंदगी की मात्रा पर निर्भर करती है। इसलिए डिटर्जेंट के पैकेट पर दिए गए निर्देश और वॉशिंग मशीन के निर्माता की सलाह को प्राथमिकता देना बेहतर होता है।

    फ्रंट लोड मशीनें सामान्यतः कम पानी का इस्तेमाल करती हैं। इसलिए इनमें अत्यधिक डिटर्जेंट डालने से झाग बनने की समस्या ज्यादा हो सकती है। दूसरी ओर टॉप लोड मशीनों में पानी की मात्रा अलग होती है, इसलिए डिटर्जेंट की जरूरत भी मशीन और उसके वॉश प्रोग्राम के अनुसार बदल सकती है।

    अगर कपड़े बहुत ज्यादा गंदे हैं तो केवल डिटर्जेंट की मात्रा बढ़ाना सही तरीका नहीं है। कपड़ों को उपयुक्त तरीके से पहले भिगोना या मशीन में सही वॉश प्रोग्राम चुनना बेहतर विकल्प हो सकता है। इससे कम डिटर्जेंट में भी प्रभावी सफाई मिल सकती है।

    मशीन की बेहतर कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए डिटर्जेंट डालने वाले ड्रॉअर, फिल्टर और रबर सील की समय-समय पर सफाई करना भी जरूरी है। वॉशिंग साइकल पूरा होने के बाद मशीन का दरवाजा कुछ समय खुला रखने से अंदर की नमी कम होने में मदद मिल सकती है।

    इसलिए अगली बार कपड़े ज्यादा साफ करने के इरादे से डिटर्जेंट की मात्रा बढ़ाने से पहले मशीन और डिटर्जेंट के निर्देश जरूर देखें। सही मात्रा में डिटर्जेंट का इस्तेमाल न केवल कपड़ों पर अवशेष और बदबू की समस्या कम कर सकता है, बल्कि मशीन की सफाई व्यवस्था और लंबे समय तक उसकी कार्यक्षमता बनाए रखने में भी मदद कर सकता है।

  • कैरोलीन लेविट छोड़ेंगी व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी का पद, ट्रंप ने किया ऐलान

    कैरोलीन लेविट छोड़ेंगी व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी का पद, ट्रंप ने किया ऐलान


    वॉशिंगटन। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट अगस्त के अंत में अपने पद से इस्तीफा देंगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को सोशल मीडिया के जरिए उनके फैसले की जानकारी दी। ट्रंप के मुताबिक, लेविट परिवार को ज्यादा समय देने के लिए यह जिम्मेदारी छोड़ रही हैं। हालांकि, वह रिपब्लिकन पार्टी में उनकी शीर्ष सलाहकार के तौर पर काम करती रहेंगी।

    लेविट ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर अपने फैसले को ‘कड़वा-मीठा’ अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि पिछले करीब डेढ़ साल तक व्हाइट हाउस प्रेस सचिव के तौर पर काम करना उनके जीवन के सबसे बड़े सम्मान और रोमांच में से एक रहा है।

    ‘बच्चों को वह समय नहीं दे पा रही थी, जिसके वे हकदार हैं’

    लेविट ने अपनी बेटी के जन्म के बाद दोबारा काम पर लौटने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक बच्चे का स्वागत करने के साथ दुनिया के सबसे demanding पदों में से एक की जिम्मेदारी संभालना सम्मानजनक होने के साथ बेहद चुनौतीपूर्ण भी था।

    उन्होंने कहा कि व्हाइट हाउस प्रेस सचिव की जिम्मेदारियों के लिए लगातार समय, ऊर्जा और ध्यान देना पड़ता है। ऐसे में वह अपने दोनों बच्चों को वह समय और ध्यान नहीं दे पा रही थीं, जिसके वे हकदार हैं। इसी वजह से उन्होंने यह कठिन फैसला लिया।

    ट्रंप बोले- भरोसेमंद सहयोगियों में से एक

    राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने Truth Social अकाउंट पर लेविट के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कैरोलीन उनकी सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक रही हैं और परिवार को प्राथमिकता देने के उनके फैसले का वह पूरी तरह सम्मान करते हैं।

    ट्रंप ने 2018 से लेकर 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान तक लेविट के योगदान की तारीफ की और उन्हें इतिहास की बेहतरीन प्रेस सचिवों में से एक बताया।

    व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद भी ट्रंप की सलाहकार रहेंगी

    ट्रंप ने कहा कि व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद भी लेविट उनकी शीर्ष बाहरी सलाहकार बनी रहेंगी। आगामी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की जीत के लिए वह पार्टी के भीतर प्रभावशाली भूमिका निभाएंगी।

    लेविट ने भी कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी के खिलाफ उनकी राजनीतिक लड़ाई एक नए चरण में प्रवेश कर रही है, लेकिन यह खत्म नहीं हुई है।

    सबसे कम उम्र की व्हाइट हाउस प्रेस सचिव बनी थीं

    कैरोलीन लेविट 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में ट्रंप के साथ जुड़ी थीं। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने ट्रांजिशन टीम की प्रवक्ता के तौर पर काम किया। इसके बाद ट्रंप ने उन्हें व्हाइट हाउस प्रेस सचिव नियुक्त किया।

    इस नियुक्ति के साथ लेविट इस पद पर पहुंचने वाली सबसे कम उम्र की व्यक्ति बनी थीं। उन्होंने अपनी भूमिका के दौरान पति, परिवार, चीफ ऑफ स्टाफ सूसी विल्स और पूरे ट्रंप परिवार का समर्थन के लिए आभार जताया।

  • आज का राशिफल 13 अगस्त 2026: इन राशियों के लिए बन रहा है लाभ का योग, जानें मेष से मीन तक का हाल

    आज का राशिफल 13 अगस्त 2026: इन राशियों के लिए बन रहा है लाभ का योग, जानें मेष से मीन तक का हाल


    नई दिल्ली। आज का राशिफल 13 अगस्त 2026: गुरुवार का दिन कई राशियों के लिए आर्थिक और करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण रह सकता है। कुछ जातकों को काम में सफलता और धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं, जबकि कुछ लोगों को खर्च और वाणी पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी। जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का आज का राशिफल।

    मेष राशि
    आज का दिन आपके लिए उत्साह और नई उम्मीद लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। किसी पुराने संपर्क से लाभ मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर रहेगी, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचें। परिवार में किसी सदस्य के साथ चल रहा मतभेद बातचीत से दूर हो सकता है।

    वृषभ राशि
    आज आपको अपने काम में धैर्य बनाए रखना होगा। जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान पहुंचा सकता है। व्यापार करने वालों को कोई अच्छा अवसर मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा और मन प्रसन्न रहेगा।

    मिथुन राशि
    आज आपकी वाणी और समझदारी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में किसी नई योजना पर काम शुरू करने का मौका मिलेगा। धन से जुड़ा कोई रुका हुआ काम पूरा हो सकता है। हालांकि किसी पर आंख बंद करके भरोसा करने से बचें।

    कर्क राशि
    कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन मिला-जुला रह सकता है। काम का दबाव थोड़ा अधिक रहेगा लेकिन आप अपनी मेहनत से स्थिति संभाल लेंगे। परिवार में किसी सदस्य की मदद करनी पड़ सकती है। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें और पर्याप्त आराम करें।

    सिंह राशि
    आज आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिभा की तारीफ हो सकती है। किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने के संकेत हैं। धन लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं। निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। दांपत्य जीवन में प्रेम और सहयोग बढ़ेगा।

    कन्या राशि
    आज का दिन आपके लिए योजनाओं को पूरा करने का है। अधूरे काम पूरे होने से राहत मिलेगी। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी की चर्चा हो सकती है। कारोबार में लाभ मिलने की संभावना है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। किसी पुराने मित्र से मुलाकात मन को खुश कर सकती है।

    तुला राशि
    आज आपको अपनी प्राथमिकताएं तय करके आगे बढ़ना चाहिए। काम में व्यस्तता रहेगी लेकिन इसका लाभ भी मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। किसी पुराने निवेश से फायदा मिलने की संभावना है। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। विवादित मामलों से दूरी बनाए रखना बेहतर रहेगा।

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण हो सकता है। कार्यक्षेत्र में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। आपकी मेहनत अधिकारियों की नजर में आएगी। धन संबंधी मामलों में लाभ के योग हैं। परिवार के किसी सदस्य से अच्छी खबर मिल सकती है। क्रोध पर नियंत्रण रखना आपके लिए जरूरी होगा।

    धनु राशि
    आज आपको भाग्य का साथ मिल सकता है। लंबे समय से अटका कोई काम पूरा होने की संभावना है। नौकरी और कारोबार में नए अवसर सामने आएंगे। धार्मिक या आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। यात्रा का योग बन सकता है। आर्थिक मामलों में दिन अच्छा रहेगा।

    मकर राश
    आज कामकाज में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। शुरुआत में कुछ अड़चनें आएंगी लेकिन धैर्य से स्थिति आपके पक्ष में हो सकती है। खर्च बढ़ने की संभावना है इसलिए बजट बनाकर चलें। परिवार के साथ किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

    कुंभ राशि
    कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन लाभकारी रह सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या अवसर मिल सकता है। कारोबारियों को कोई अच्छा सौदा मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। दोस्तों के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। किसी भी महत्वपूर्ण फैसले में जल्दबाजी न करें।

    मीन राशि
    आज आपका मन रचनात्मक कार्यों में लगेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। धन लाभ के अवसर मिलेंगे लेकिन साथ ही खर्च भी बढ़ सकता है। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी। विद्यार्थियों के लिए दिन अच्छा रहने वाला है और पढ़ाई में मन लगेगा।

  • अब MP के पूर्वी हिस्से में बरसेंगे बदरा, जबलपुर-रीवा-शहडोल में कल से 3 दिन भारी बारिश, आज शिवपुरी-श्योपुर में अलर्ट

    अब MP के पूर्वी हिस्से में बरसेंगे बदरा, जबलपुर-रीवा-शहडोल में कल से 3 दिन भारी बारिश, आज शिवपुरी-श्योपुर में अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में अच्छी बारिश के बाद अब मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय होने जा रहा है। शुक्रवार से जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में तीन दिन तक भारी बारिश का अलर्ट है। इससे पहले गुरुवार को शिवपुरी और श्योपुर में तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, दोनों जिलों में अगले 24 घंटे में 4 इंच या इससे ज्यादा बारिश हो सकती है।

    वहीं प्रदेश के भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    खरगोन में 8.1 इंच बारिश
    पिछले 24 घंटे में खरगोन में प्रदेश में सबसे ज्यादा 8.1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। खंडवा में 5.5 इंच और गुना में 4.6 इंच पानी गिरा। भोपाल में 70.6 मिमी यानी 2.8 इंच बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा धार, राजगढ़, शिवपुरी, दतिया, उज्जैन, सीधी और इंदौर समेत प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्सों में तेज बारिश हुई।

    लो प्रेशर और मानसून ट्रफ एक्टिव
    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ सक्रिय है। दक्षिणी हिस्से से भी एक ट्रफ गुजर रही है। इसके प्रभाव से पिछले 48 घंटे से प्रदेश में बारिश का दौर जारी है और गुरुवार को भी इसका असर बना रहेगा। आने वाले दिनों में एक और लो प्रेशर एरिया सक्रिय होने की संभावना है। इसका असर खासतौर पर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में देखने को मिलेगा।

    पूर्वी MP में 19% तक कम बारिश
    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 5% से 52% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के भी कई जिले पीछे
    पश्चिमी मध्य प्रदेश के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 4% से 46% तक कम बारिश हुई है।

    सिर्फ 12 जिलों में औसत से ज्यादा पानी
    IMD के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के सिर्फ 12 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हुई है। इनमें भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन शामिल हैं।