Author: bharati

  • Zomato-Swiggy ने किया बड़ा ऐलान… गिग वर्कर्स को मिलेगा ज्यादा पेमेंट, जानिए कितना

    Zomato-Swiggy ने किया बड़ा ऐलान… गिग वर्कर्स को मिलेगा ज्यादा पेमेंट, जानिए कितना


    नई दिल्ली।नए साल 2026 की पूर्व संख्‍या यानी बुधवार 31 दिसंबर 2025 को ऑनलाइन फूड और ग्रॉसरी ऑर्डर पहुंचाने के काम करने वाले गिग और डिलीवरी वर्कर्स ने देशभर में हड़ताल का आह्वान क्या किया इस सेक्टर की बड़ी कंपनियों के होश उड़ गए. रिपोर्ट के मुताबिक New Year Eve पर डिलीवरी में रुकावट आने की आशंका के बीच ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों जोमैटो और स्विगी ने आनन-फानन में बड़ा ऐलान कर दिया. जी हां दोनों ही कंपनियों ने अब गिग वर्कस को ज्यादा पेमेंट देने का ऑफर दिया है.रिपोर्ट की मानें तो ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफ़ॉर्म ज़ोमैटो और स्विगी अपने डिलीवरी पार्टनर्स को अब ज्यादा इंसेंटिव देंगे. ये त्योहारों के समय में उनका एक स्टैंडर्ड तरीका है ताकि गिग वर्कर्स यूनियनों की हड़ताल के आह्वान के बीच न्यू ईयर ईव पर ऑर्डर डिीवरी सर्विस में कम से कम रुकावट आए.

    कंपनियों के सताने लगी ये चिंता 

    गौरतलब है कि तेलंगाना गिग एंड प्लेटफ़ॉर्म वर्कर्स यूनियन TGPWU और इंडियन फ़ेडरेशन ऑफ़ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स IFAT ने दावा किया था कि लाखों वर्कर्स बेहतर पेमेंट और काम करने के बेहतर हालात की मांग को लेकर देश भर में हड़ताल में शामिल होने वाले हैं. इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इस हड़ताल से New Year Eve पर ज़ोमैटो स्विगी ब्लिंकिट इंस्टामार्ट और ज़ेप्टो जैसी फ़ूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स फर्मों के कामकाज पर असर पड़ सकता है. ये कंपनियों के लिए इसलिए भी बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि इस मौक पर डिमांड सबसे ज्यादा हाई लेवल पर होती है.
    Zomato ने दिया ये ऑफर
    ज़ोमैटो ने न्यू ईयर ईव पर शाम 6 बजे से रात 12 बजे के बीच पीक आवर्स में डिलीवरी पार्टनर्स को हर ऑर्डर पर 120 से 150 रुपये का पेमेंट देने का ऑफ़र दिया है. अचानक लिए गए इस फैसे की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि प्लेटफॉर्म ने दिन भर में 3000 रुपये तक की कमाई का भी वादा किया है जो ऑर्डर की संख्या और वर्कर की उपलब्धता पर निर्भर करेगा.इसके सा ही जोमैटो ने ऑर्डर रिजेक्ट करने और कैंसल करने पर लगने वाली पेनल्टी को कुछ समय के लिए माफ भी कर दिया है. PTI की रिपोर्ट में जोमैटो की पैरेंट कंपनी इटरनल के प्रवक्ता ने बताया कि यह ज्यादा डिमांड वाले त्योहारों और साल के आखिर के समय में फॉलो किया जाने वाला एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल है.

    स्विगी ने बढ़ाया इंसेंटिव

    Zomato की तरह ही Swiggy ने भी साल के आखिरी समय में इंसेंटिव बढ़ा दिए हैं और इस डेवलपमेंट से जुड़े लोगों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि 31 दिसंबर और 1 जनवरी के बीच डिलीवरी वर्कर्स को 10000 रुपये तक की कमाई का ऑफर दिया है. उन्होंने कहा कि नए साल की शाम को प्लेटफॉर्म शाम 6 बजे से रात 12 बजे के बीच छह घंटे के समय के लिए 2000 रुपये तक की पीक-आवर कमाई का ऐड कर रहा है ताकि साल के सबसे बिजी ऑर्डरिंग टाइम में से एक के दौरान काफी राइडर मौजूद रह सकें.

  • 2026 में 18 मैचों में मैदान पर दिखेंगे रोहित शर्मा और विराट कोहली, नोट कर लीजिए डेट!

    2026 में 18 मैचों में मैदान पर दिखेंगे रोहित शर्मा और विराट कोहली, नोट कर लीजिए डेट!

    नई दिल्ली। भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा ने टेस्ट और टी-20 क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। अब ये स्टार प्लेयर सिर्फ वनडे क्रिकेट में नजर आते हैं। विराट कोहली और रोहित शर्मा को देखने के लिए दर्शकों में काफी उत्साह रहता है। ऐसे में साल 2026 में भारत कितने वनडे मैच खेलेगा और कितने मैचों में विराट कोहली और रोहित शर्मा खेलते हुए नजर आएंगे यह जानने की दिलचस्पी ज्यादातर क्रिकेट प्रशंसकों में होगी। साल 2026 कैलेंडर के लिए भारतीय टीम का शेड्यूल जारी हो चुका है। टीम इंडिया इस साल भी बहुत व्यस्त रहने वाली है। अभी तक निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक भारत को 2026 में 18 वनडे मैच खेलने हैं। इस दौरान अगर दोनों दिग्गजों को किसी मैच में आाराम नहीं दिया गया या चोटिल नहीं हुए तो सभी में एक्शन में दिखेंगे।

    2026 में निर्धारित 18 वनडेODI मैच:

    न्यूजीलैंड का भारत दौराजनवरी 2026:

    – 11 जनवरी: पहला वनडेवडोदरा।

    – 14 जनवरी: दूसरा वनडेराजकोट।

    – 18 जनवरी: तीसरा वनडेइन्दौर।

    अफगानिस्तान का भारत दौराजून 2026:

    इस दौरान 3 वनडे मैच खेले जाएंगेतारीखें अभी तय नहीं हैं

    भारत का इंग्लैंड दौराजुलाई 2026:

    – 14 जुलाई: पहला वनडेबर्मिंघम।

    – 16 जुलाई: दूसरा वनडेकार्डिफ।

    – 19 जुलाई: तीसरा वनडेलंदन।

    वेस्टइंडीज का भारत दौरासितंबर 2026:

    – इस श्रृंखला में 3 वनडे मैच खेले जाने हैं।

    भारत का न्यूजीलैंड दौराअक्टूबर-नवंबर 2026:

    – इस दौरे पर 3 वनडे मैच निर्धारित हैं।

    श्रीलंका का भारत दौरादिसंबर 2026:

    – साल के अंत में 3 वनडे मैच खेले जाएंगे।

    विराट कोहली और रोहित शर्मा 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं। रो-को ने विजय हजारे ट्रॉफी में भी शिरकत की है। दोनों इस समय शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। एक तरफ जहां विराट कोहली ने अपनी पिछली 6 पारियों में 3 शतक और 3 अर्धशतक लगाए हैं, वहीं रोहित शर्मा ने भी ऑस्ट्रेलिया में शतक, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अर्धशतकीय पारी और विजय हजारे ट्रॉफी में सेंचुरी लगातार शानदार फॉर्म में हैं।

  • 100 mg से ज्यादा निमेसुलाइड पर सरकार की सख्ती, मैन्युफैक्चरिंग और बिक्री पर तत्काल रोक



    नई दिल्ली। दर्द और बुखार में तेजी से राहत देने वाली निमेसुलाइड (Nimesulide) दवा को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 100 मिलीग्राम से अधिक डोज वाली सभी ओरल निमेसुलाइड दवाओं की मैन्युफैक्चरिंग और बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 29 दिसंबर से प्रभावी होगा।
    हालांकि 100 mg या उससे कम डोज की दवाएं डॉक्टर की सलाह पर उपलब्ध रहेंगी।

    स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, निमेसुलाइड एक नॉन-स्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग (NSAID) है, जो दर्द और सूजन कम करने में असरदार है, लेकिन इसकी ज्यादा मात्रा से लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट और फार्माकोविजिलेंस डाटा के आधार पर यह फैसला लिया गया है, क्योंकि बाजार में इसके कई सुरक्षित विकल्प मौजूद हैं।

    सरकारी आदेश के बाद निमेसुलाइड के हाई डोज ब्रांड बेचने वाली दवा कंपनियों को तुरंत प्रोडक्शन बंद करना होगा। साथ ही, बाजार में पहले से मौजूद 100 mg से ज्यादा डोज वाली दवाओं को रिकॉल करना अनिवार्य होगा।

    नियमों का उल्लंघन करने पर कंपनियों और मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

    इस फैसले का असर आम मरीजों पर भी पड़ेगा। कुछ बड़ी फार्मा कंपनियों की दर्द निवारक दवाएं मेडिकल स्टोर्स से हट सकती हैं। अब मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के निमेसुलाइड लेना मुश्किल होगा और चिकित्सक जरूरत के अनुसार पैरासिटामोल, आइबुप्रोफेन या अन्य विकल्प लिखेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि हाई डोज दर्द निवारक दवाओं का लंबे समय तक सेवन लिवर के लिए खतरनाक हो सकता है।

    बच्चों के मामले में यह फैसला ज्यादा प्रभावी नहीं होगा, क्योंकि निमेसुलाइड बच्चों के लिए पहले से ही प्रतिबंधित है। वहीं, जानवरों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली सभी तरह की निमेसुलाइड दवाओं पर सरकार फरवरी 2025 में ही पूरी तरह रोक लगा चुकी है।

    इसी बीच दवाओं की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता बढ़ी है। पैरासिटामोल सहित 53 दवाएं क्वालिटी टेस्ट में फेल पाई गई हैं। इनमें विटामिन, शुगर, ब्लड प्रेशर और एंटीबायोटिक दवाएं शामिल हैं। देश की शीर्ष ड्रग रेगुलेटरी संस्था सीडीएससीओ (CDSCO) ने इन दवाओं की सूची जारी कर संबंधित कंपनियों से जवाब तलब किया है।

    सरकार का कहना है कि इन कदमों का मकसद मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और दवाओं के दुरुपयोग पर सख्ती से रोक लगाना है।

  • अनू मलिक ने 'Border 2' में Sandese Aate Hai रीक्रिएशन के लिए क्रेडिट की उम्मीद जताई

    अनू मलिक ने 'Border 2' में Sandese Aate Hai रीक्रिएशन के लिए क्रेडिट की उम्मीद जताई



    Ghar Kab Aaoge में रीक्रिएशन पर अनू मलिक की प्रतिक्रिया
    फिल्म Border 2 में पुराने गाने Sandese Aate Hai का रीक्रिएशन Ghar Kab Aaoge के रूप में किया गया है। इस नए संस्करण में संगीत मिथून ने तैयार किया है और अतिरिक्त बोल मनोज मुनताशिर ने लिखे हैं। मूल गाने के संगीतकार अनू मलिक और गीतकार जावेद अख्तर हैं। अनू मलिक ने PTI को दिए इंटरव्यू में कहा कि वह इस नए गाने के क्रेडिट में अपना नाम देखना चाहते हैं। उनका कहना है किगाने का मूल क्रेडिट अनू मलिक और जावेद अख्तर का है इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। Border 2 बिना Sandese Aate Hai के पूरा नहीं हो सकता।

    गाने में सिंगर्स और अनू मलिक की उम्मीदें

    अनू मलिक ने कहा कि नए गाने में सोनू निगम और अरिजित सिंह की आवाज़ें शामिल हैं जिससे यह एक शानदार अनुभव होगा। उन्होंने कहासोनू एक बेहतरीन गायक हैं और अरिजित जादुई आवाज़ वाले हैं। इन दोनों का मिश्रण गाने को और भी खूबसूरत बना देगा। लेकिन धुन का मूल अनू मलिक का है इसे कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता। गाने में विशाल मिश्रा और दिलजीत दोसांझ की आवाजें भी शामिल हैं।

    Sandese Aate Hai की यादें और महत्व
    मूल गाना Sandese Aate Hai सोनू निगम और रूपकुमार राठौड़ ने गाया था और इसे अपनी मधुरता बोल और फिल्मांकन के लिए याद किया जाता है। अनू मलिक ने कहा कि उन्होंने इस गाने को बनाने में पूरी मेहनत लगाई थी और इसे उन्होंने अपने देश के लिए समर्पित किया।

    Border 2 का विवरण और रिलीज़

    मूल फिल्म Border का निर्देशन जेपी दत्ता ने किया था और इसमें सनी देओल जैकी श्रॉफ सुनील शेट्टी और अक्षय खन्ना जैसे कलाकार थे। नई फिल्म Border 2 का निर्देशन अनुराग सिंह कर रहे हैं और इसमें सनी वरुण धवन दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म T-Series और JP Films के बैनर तले 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

  • ग्वालियर हाईकोर्ट ने 48 साल पुराने भूमि विवाद में किया फैसला, कब्जा अवैध, नगर निगम को कार्रवाई की अनुमति

    ग्वालियर हाईकोर्ट ने 48 साल पुराने भूमि विवाद में किया फैसला, कब्जा अवैध, नगर निगम को कार्रवाई की अनुमति



    ग्वालियर।
    ग्वालियर के तानसेन रोड पर नेचुरोपैथी अस्पताल के सामने की जमीन को लेकर 48 साल से चल रहे विवाद में हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लीज की अवधि समाप्त होने के बाद जमीन पर कब्जा रखना पूरी तरह गैरकानूनी है। हाईकोर्ट ने कहा कि लीज खत्म होते ही उसका स्वतः अंत हो जाता है और उसके बाद जमीन पर बने रहना अतिक्रमण माना जाएगा।

    हाईकोर्ट ने निचली अदालतों के फैसले को सही ठहराते हुए अपीलकर्ताओं की दूसरी अपील खारिज कर दी।

    कोर्ट ने साथ ही नगर निगम ग्वालियर को जमीन पर कानून के अनुसार कार्रवाई करने की पूरी अनुमति दे दी है। अब नगर निगम इस जमीन पर उचित कार्रवाई कर सकता है और भविष्य में ऐसे मामलों को नियंत्रित कर सकेगा।

    यह विवाद तानसेन रोड पर स्थित नेचुरोपैथी अस्पताल के सामने की 3161.6 वर्गफुट जमीन को लेकर था। अपीलकर्ता, डॉ. मणिकांत शर्मा के वारिस, नगर निगम के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर रहे थे। उनका दावा था कि यह जमीन उनके पिता को लीज पर दी गई थी और बाद में इसका नवीनीकरण भी हुआ।

    सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि लीज केवल 31 मार्च 1977 तक वैध थी और उसके बाद कोई वैध नवीनीकरण नहीं हुआ।

    अपीलकर्ताओं के वकील ने भी कोर्ट में माना कि लीज बढ़ाने से जुड़े कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर मान भी लिया जाए कि 1976 में लीज को 30 साल के लिए बढ़ाया गया था, तो वह 2007 में समाप्त हो चुकी थी।

    इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि बिना वैध लीज के जमीन पर कब्जा अवैध है, और अब नगर निगम को कानून के अनुसार कार्रवाई करने का अधिकार है। इस निर्णय से ग्वालियर में भूमि विवादों को लेकर प्रशासनिक स्पष्टता बढ़ेगी और भविष्य में ऐसे मामलों में कानून के पालन को मजबूती मिलेगी।

    हाईकोर्ट का यह फैसला यह संदेश देता है कि जमीन पर कब्जा कानून और दस्तावेजों के आधार पर ही वैध माना जाएगा और किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 48 साल पुराने इस विवाद का यह निपटारा ग्वालियर के भूमि विवाद मामलों में नियम और अनुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • जिया शंकर ने बॉयफ्रेंड के साथ पोस्ट की फोटो, अभिषेक मल्हान संग सगाई की अफवाहों को कहा- झूठा

    जिया शंकर ने बॉयफ्रेंड के साथ पोस्ट की फोटो, अभिषेक मल्हान संग सगाई की अफवाहों को कहा- झूठा


    नई दिल्ली।रियलिट शो ‘बिग बॉस OTT 2’ में नजर आए अभिषेक मल्हान का नाम जिया शंकर के साथ फिर से जोड़ा गया। सोशल मीडिया पर दावा किया जाने लगा कि इनकी सगाई हो गई। लेकिन एक्ट्रेस ने अपने इंस्टाग्राम पर 30 दिसंबर को एक मिस्ट्री मैन के साथ फोटो शेयर की है, जिससे ये साफ हो गया है कि वह किसी और के साथ ही रिलेशन में हैं। फुकरा इंसान के साथ उनके रिश्ते की बात गलत है, जो बेवजह फैलाई जा रही है।जिया शंकर ने इंस्टाग्राम पर जो फोटो पोस्ट की है, उसमें वह शख्स उनके माथे को चूमते दिख रहा है और उस जगह पर एक्ट्रेस ने रेड हार्ट इमोजी लगाया हुआ है। इसके साथ कैप्शन में लिखा, ‘झूठी अफवाहों को 2025 में ही छोड़ देते हैं।’ यानी उन्होंने अभिषेक मल्हान के साछ उड़ रही खबरों पर सीधे तौर पर तो नहीं लेकिन इनडायरेक्टली बता दिया कि वो झूठ है। उनकी सगाई नहीं हुई है।

    अभिषेक और जिया की सगाई को लेकर दावा
    दरअसल, ‘टेली खजाना’ नाम के पोर्टल ने दावा किया था कि जिया और अभिषेक सगाई करने वाले हैं और जल्द ही शादी भी करेंगे। लिखा था ये ऑफिशिल है। फुकरा इंसान और जिया शंकर ने अपने रिश्ते तो पब्लिक कर दिया है और खबरों के मुताबिक सगाई भी हो सकती है। साथ ही कुछ और पोस्ट वायरल हुए जिसमें दावा किया हया कि दोनों की सगाई हो चुकी है।
    जिया शंकर-अभिषेक मल्हान की दोस्ती टूटी
    बता दें कि दोनों को बिग बॉस ओटीटी 2 में देखा गया था। जहां ये अच्छे दोस्त थे। लेकिन बाहर आते ही इन्होंने एक-दूसरे को ब्लॉक कर दिया था। एक्ट्रेस ने कहा था कि वह और फुकरा कभी दोस्त से ज्यादा कुछ नहीं थे। और उन्होंने यूट्यूबर के फैंस को फटकारते हुए कहा था कि वह हद में रहें और उनसे-उनकी मां का नाम गंदी जुबान से दूर रखें।

  • दिल्ली में छोटे अपराधों पर अब नहीं होगी जेल, रेखा कैबिनेट ने पास किया नया बिल

    दिल्ली में छोटे अपराधों पर अब नहीं होगी जेल, रेखा कैबिनेट ने पास किया नया बिल




    नई दिल्ली।
    दिल्ली में छोटे अपराधों और मामूली नियम उल्लंघनों के लिए अब किसी को जेल नहीं जाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को दिल्ली मंत्रिमंडल ने दिल्ली जन विश्वास उपबंध संशोधन विधेयक-2026 को मंजूरी दी। इस बिल का उद्देश्य छोटे-मोटे अपराधों को आपराधिक श्रेणी से बाहर निकालकर उन्हें सिविल पेनाल्टी में बदलना है, ताकि आम लोगों और व्यवसायों को गैरजरूरी कानूनी परेशानियों से राहत मिल सके।
    मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह बिल न केवल बिजनेस करना आसान बनाएगा, बल्कि आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी भी सरल होगी। छोटे नियमों के उल्लंघन के लिए अब आपराधिक केस दर्ज नहीं किए जाएंगे, जिससे अदालतों पर बोझ कम होगा और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बिल दिल्ली विधानसभा के विंटर सेशन में पेश किया जाएगा, जिसकी शुरुआत 5 जनवरी से होगी।
    बिल के दायरे में कई महत्वपूर्ण कानून शामिल किए गए हैं। इनमें दिल्ली इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एक्ट, दिल्ली शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट, ‘इनक्रेडिबल इंडिया’ बेड एंड ब्रेकफास्ट एक्ट, दिल्ली जल बोर्ड एक्ट, दिल्ली प्रोफेशनल कॉलेजेज एक्ट, डिप्लोमा लेवल टेक्निकल एजुकेशन एक्ट और दिल्ली एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केटिंग एक्ट जैसे कानून शामिल हैं। इन कानूनों के अंतर्गत अब मामूली उल्लंघनों के लिए जेल या आपराधिक कार्रवाई की बजाय जुर्माने का प्रावधान होगा।

    बिल में यह भी प्रावधान किया गया है कि जुर्माने की राशि हर तीन साल में 10 प्रतिशत बढ़ेगी, ताकि महंगाई के साथ पेनाल्टी प्रभावी बनी रहे। सरकार का मानना है कि इससे कानूनों का पालन बढ़ेगा, लेकिन लोगों को गैरजरूरी डर या उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ेगा।

    सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि यह बिल केंद्र सरकार के जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम की तर्ज पर तैयार किया गया है। दिल्ली सरकार का मकसद है कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग दोनों को बढ़ावा मिले। इस कदम को दिल्ली में विश्वास, सरल और व्यावहारिक प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

  • नए साल का जश्न शुरू: गूगल का न्यू ईयर ईव डूडल लाइव, 2026 को पार्टी थीम में वेलकम

    नए साल का जश्न शुरू: गूगल का न्यू ईयर ईव डूडल लाइव, 2026 को पार्टी थीम में वेलकम


    नई दिल्ली ।आज, 31 दिसंबर 2025 को गूगल होमपेज पर एक खास न्यू ईयर ईव डूडल सजा हुआ है, जो दुनियाभर में 2026 के आगमन की उलटी गिनती को सेलिब्रेट कर रहा है. यह इंटरएक्टिव डूडल पार्टी थीम पर आधारित है. रंग-बिरंगे गुब्बारे, चमकदार डेकोरेशंस, और बीच में 2025 से 2026 की मजेदार ट्रांजिशन.

    हर साल बदलता है डूडल


    यह डूडल गूगल की वार्षिक परंपरा का हिस्सा है, जो न्यू ईयर ईव को समर्पित होता है. इसमें 2025 और 2026 दोनों नंबर प्रमुखता से दिखाए गए हैं, साथ ही एनिमेटेड एलिमेंट्स जैसे चमकती लाइट्स और पार्टी डेकोर जो नए साल की उम्मीदों और उत्साह को दर्शाते हैं.

    कई देशों में दिख रहा नया डूडल


    गूगल का कहना है कि यह डूडल उस पल को सेलिब्रेट करता है जब अरबों लोग परिवार-दोस्तों के साथ बीते साल को अलविदा कहते हैं और नए साल का स्वागत करते हैं. फिलहाल सुबह होने के बावजूद, यह डूडल New Years Eve 2025 नाम से दुनिया भर के कई देशों में दिख रहा है.पिछले वर्षों की तरह, गूगल के न्यू ईयर डूडल अब एक डिजिटल रिवाज बन चुके हैं. ये साधारण लेकिन प्रभावशाली डिजाइन से पूरी दुनिया को एक साझा जश्न से जोड़ते हैं.
    बस आने को है नया साल

    2026 की काउंटडाउन शुरू हो चुकी है. चाहे आतिशबाजी हो, परिवार के साथ डिनर हो या शांतिपूर्ण आत्मचिंतन, यह डूडल हमें याद दिलाता है कि नया साल, नई शुरुआत, नई उम्मीदें और नए संकल्प लेकर आता है.

  • उपेंद्र कुशवाहा की RLM पर संकट: तीन नाराज विधायक दिल्ली में BJP से मिले, पार्टी में टूट की अटकलें तेज!

    उपेंद्र कुशवाहा की RLM पर संकट: तीन नाराज विधायक दिल्ली में BJP से मिले, पार्टी में टूट की अटकलें तेज!




    नई दिल्ली।
     बिहार की सियासत में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के लिए संकट के बादल गहरे होते जा रहे हैं। पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के चार विधायकों में से तीन के नाराज चलने की खबरों ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। बाजपट्टी से रामेश्वर महतो, मधुबनी से माधव आनंद और दिनारा से आलोक कुमार सिंह की नाराजगी ने RLM के भीतर विभाजन की आशंका बढ़ा दी है।

    शपथ ग्रहण समारोह में असंतोष
    सूत्रों के अनुसार, नाराजगी की जड़ हालिया शपथ ग्रहण समारोह में देखने को मिली।

    उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे दीपक प्रकाश को बिना सदन सदस्य के मंत्री बनवाया, जबकि तीनों विधायकों की उम्मीद थी कि उन्हें ही मंत्री बनाया जाएगा। इस फैसले से पार्टी के भीतर ठंडा माहौल बन गया और विधायकों ने असंतोष जाहिर करना शुरू कर दिया।

    दिल्ली में BJP से मुलाकात
    नाराज विधायकों की राजनीतिक सक्रियता चर्चा में आई। हाल ही में ये तीनों विधायक भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से मिलने दिल्ली गए। इस मुलाकात ने बिहार की राजनीति में कयासों का बाजार गर्म कर दिया।

    खास बात यह है कि ये विधायक उपेंद्र कुशवाहा द्वारा आयोजित लिट्टी भोज कार्यक्रम में भी शामिल नहीं हुए, जिससे उनकी असहमति और स्पष्ट हुई।

    एकजुटता की तस्वीर
    तीनों विधायकों ने दिल्ली में एक तस्वीर साझा की, जिसमें वे एक साथ बैठे नजर आए। तस्वीर के कैप्शन में लिखा हम सब एकजुट हैं, आज भी साथ हैं और आगे भी साथ रहेंगे। एनडीए की मजबूती और बिहार के सर्वांगीण विकास के संकल्प के साथ, हम साथ-साथ हैं। जय एनडीए। राजनीतिक विश्लेषक इसे संकेत मान रहे हैं कि ये विधायक कुशवाहा का साथ छोड़कर सीधे BJP में शामिल हो सकते हैं या पार्टी पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहे हैं।

    RLM में टूट की संभावना
    अब सवाल यह है कि क्या ये विधायक उपेंद्र कुशवाहा पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं? क्या वे BJP के साथ जा सकते हैं या अपना अलग गुट बना सकते हैं? विशेषज्ञ मानते हैं कि RLM के चार विधायकों में से तीन की नाराजगी पार्टी की राजनीतिक स्थिति कमजोर कर सकती है। कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता फिलहाल पार्टी के भीतर स्थिर सदस्य मानी जा रही हैं।

    महायुति गठबंधन पर असर
    राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अगर ये विधायक कुशवाहा का साथ छोड़ते हैं, तो RLM की सियासी पकड़ कमजोर हो जाएगी और बिहार में महायुति गठबंधन संकट में पड़ सकता है। पार्टी नेतृत्व की रणनीति और विधायकों के फैसलों पर पूरी नजर रखी जा रही है।
    बिहार की राजनीति में यह घटनाक्रम साफ करता है कि छोटे दलों की आंतरिक असहमति बड़े गठबंधन को भी प्रभावित कर सकती है। RLM के भविष्य और उपेंद्र कुशवाहा की सियासी मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं। आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर उठाए गए कदम और विधायकों की गतिविधियां बिहार की सियासी दिशा तय करेंगी।

  • सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स का सेवन: लाभ तो हैं, लेकिन ज्यादा खाने से बढ़ सकता है वजन और शुगर

    सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स का सेवन: लाभ तो हैं, लेकिन ज्यादा खाने से बढ़ सकता है वजन और शुगर

    नई दिल्ली । सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स का क्रेज हर उम्र के लोगों में बढ़ जाता है। बाजार में बादाम, अखरोट, काजू, किशमिश और खजूर की मांग तेजी से बढ़ जाती है। लोग सोचते हैं कि रोजाना इन्हें खाने से शरीर को गर्माहट, ऊर्जा और स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। लेकिन क्या यह आदत सभी के लिए सुरक्षित है? डॉक्टरों की राय इसे लेकर साफ है – मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

    विशेषज्ञ बताते हैं कि ड्राई फ्रूट्स पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनमें मौजूद फाइबर पाचन को दुरुस्त रखता है, जबकि अखरोट और पिस्ता हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। सर्दियों में रोजाना थोड़ी मात्रा में मेवे खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और इम्यूनिटी भी मजबूत रहती है।दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एंड एसोसिएट हॉस्पिटल्स के वरिष्ठ डॉक्टरों के अनुसार, आम व्यक्ति के लिए रोजाना लगभग 30 ग्राम ड्राई फ्रूट्स पर्याप्त हैं। इससे अधिक खाने पर वजन बढ़ने, ब्लड शुगर लेवल प्रभावित होने और लंबे समय में स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है।

    डॉक्टर यह भी कहते हैं कि ड्राई फ्रूट्स में प्रोटीन की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। औसतन 100 ग्राम ड्राई फ्रूट्स में केवल 15-16 ग्राम प्रोटीन होता है। ऐसे में सामान्य व्यक्ति के लिए रोजाना 30 ग्राम मेवा खाने से प्रोटीन की मात्रा सीमित ही रहती है। हालांकि एथलीट या शारीरिक श्रम करने वाले लोग इसे 40-50 ग्राम तक बढ़ा सकते हैं।जहां तक वजन और शुगर की चिंता है, तो सभी ड्राई फ्रूट्स इसका कारण नहीं बनते। किशमिश और खजूर जैसे मीठे मेवे कैलोरी में अधिक होते हैं। अधिक मात्रा में सेवन करने से यह मोटापा और ब्लड शुगर लेवल बढ़ा सकते हैं। इसलिए डायबिटीज के मरीजों और वजन कम करने वाले लोगों को इनका सेवन बहुत सीमित मात्रा में करना चाहिए।

    सभी के लिए ड्राई फ्रूट्स सुरक्षित नहीं हैं। पाचन संबंधी समस्याओं, एलर्जी, अस्थमा या किडनी रोग वाले मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के मेवे नहीं खाने चाहिए। खासकर काजू कुछ लोगों में एलर्जी और पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ा सकता है।निष्कर्ष यह है कि ड्राई फ्रूट्स सर्दियों में सेहत के लिए लाभकारी हो सकते हैं, लेकिन संतुलन और मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। सही चयन और सीमित मात्रा में सेवन करने पर ही ये शरीर के लिए फायदेमंद साबित होते हैं। वरना इन्हें ज्यादा खाने से वजन, शुगर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

    डॉक्टरों का सुझाव है कि रोजाना 30 ग्राम मेवे पर्याप्त हैं। इसमें बादाम, अखरोट, पिस्ता और थोड़ा सा किशमिश शामिल किया जा सकता है। खजूर का सेवन भी सीमित मात्रा में करना चाहिए। इसके साथ ही, किसी भी प्रकार की एलर्जी या स्वास्थ्य समस्या होने पर हमेशा डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
    सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स का सेवन तभी सुरक्षित और लाभकारी है जब इसे संतुलित मात्रा, सही चयन और अपनी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाए।