Author: bharati

  • विमानन सुरक्षा पर मंडराया नशीले पदार्थों का खतरा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के क्रू मेंबर्स की डोप टेस्टिंग बढ़ाने की मांग

    विमानन सुरक्षा पर मंडराया नशीले पदार्थों का खतरा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के क्रू मेंबर्स की डोप टेस्टिंग बढ़ाने की मांग

    नई दिल्ली । फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान में हुई हालिया घटना के बाद देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सुरक्षा और जांच मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विमान के पायलट के नशीले पदार्थों के शुरुआती डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद विमानन नियामक ने सख्त कदम उठाने के संकेत दिए हैं।

    विमानन विशेषज्ञों के अनुसार थाईलैंड और नीदरलैंड जैसे देशों में कुछ पदार्थों की कानूनी सुलभता एयरलाइंस कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। शराब की उपस्थिति जांचने के लिए नियमित ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट उपलब्ध हैं, लेकिन अन्य साइकोएक्टिव पदार्थों का परीक्षण अपेक्षाकृत जटिल प्रक्रिया माना जाता है।

    अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के दिशा-निर्देशों के मुताबिक किसी भी नशीले पदार्थ के प्रभाव में विमान का संचालन यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है। ऐसे पदार्थों का असर शरीर में लंबे समय तक बना रहता है जिससे चालक दल की निर्णय क्षमता प्रभावित हो सकती है।

    वर्तमान में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के नियमों के तहत सभी अनुसूचित वाणिज्यिक एयरलाइंस को अपने कम से कम 10 प्रतिशत क्रू मेंबर्स और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स का वार्षिक रूप से रैंडम डोप टेस्ट कराना अनिवार्य है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के प्रमुख हवाई अड्डों पर अब इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

    विमानन अधिकारियों का मानना है कि केवल स्व-घोषणा या नशामुक्ति अभियानों के भरोसे इस समस्या से नहीं निपटा जा सकता। इसके लिए रैंडम डोप जांच की आवृत्ति बढ़ाने और नियमों को अधिक कठोर बनाने की आवश्यकता जताई जा रही है ताकि उड़ानों के दौरान यात्रियों की सुरक्षा पूरी तरह से सुनिश्चित की जा सके।

    नियामक संस्थाएं अब चिकित्सा अधिकारियों के साथ मिलकर परीक्षण प्रक्रियाओं को और अधिक सटीक बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। संदिग्ध मामलों में कानूनी कार्रवाई और लाइसेंस निलंबन जैसे कड़े प्रावधान लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है।

  • पेट की अंदरूनी चर्बी विसरल फैट बढ़ा सकती है मेटाबॉलिक बीमारियां जानिए बचाव के तरीके

    पेट की अंदरूनी चर्बी विसरल फैट बढ़ा सकती है मेटाबॉलिक बीमारियां जानिए बचाव के तरीके

    नई दिल्ली ।स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पेट की गहराई में जमा होने वाली आंतरिक चर्बी यानी विसरल फैट को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। चिकित्सीय अध्ययनों के अनुसार यह चर्बी त्वचा के ठीक नीचे जमा होने वाले सामान्य फैट से पूरी तरह भिन्न होती है और शरीर के आंतरिक अंगों जैसे लिवर, आंत और अग्न्याशय के आसपास जमा होती है।

    चिकित्सकों के मुताबिक देखने में सामान्य या पतले नजर आने वाले व्यक्तियों में भी विसरल फैट की समस्या हो सकती है। चिकित्सा विज्ञान में इस स्थिति को थिन आउटसाइड-फैट इनसाइड कहा जाता है। कमर का घेरा बढ़ना और पेट का बाहर निकलना इस समस्या का प्रमुख प्राथमिक संकेत हो सकता है।

    शोधकर्ताओं ने पाया है कि शरीर में विसरल फैट की अत्यधिक मात्रा इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ावा देती है। इससे शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति कम संवेदनशील हो जाती हैं जिसके परिणामस्वरूप ब्लड शुगर का स्तर अनियंत्रित होने लगता है और व्यक्ति टाइप-2 डायबिटीज का शिकार हो सकता है।

    इसके अतिरिक्त यह आंतरिक चर्बी शरीर में पुरानी सूजन और मेटाबॉलिक सिंड्रोम का कारण बनती है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर और कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने का जोखिम काफी हद तक बढ़ जाता है जो आगे चलकर गंभीर हृदय रोगों में बदल सकता है।

    असंतुलित खानपान, बहुत ज्यादा कैलोरी युक्त भोजन, मीठे पेय पदार्थों का अत्यधिक सेवन और शारीरिक गतिविधि की कमी को विसरल फैट बढ़ने का मुख्य कारण माना गया है। घंटों बैठकर काम करने की आधुनिक जीवनशैली के कारण दिल्ली और मध्य प्रदेश सहित देश भर के शहरी इलाकों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि इस समस्या से निपटने के लिए नियमित शारीरिक व्यायाम जैसे वॉक, साइकिलिंग और एरोबिक्स बेहद जरूरी हैं। साथ ही आहार में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों, फलों, हरी सब्जियों और साबुत अनाज को शामिल कर तथा मीठे पेय पदार्थों से परहेज रखकर इस जोखिम से बचा जा सकता है।

  • भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा के भविष्य पर संशय एंटरटेनमेंट डेब्यू की चर्चाओं के बीच संन्यास की खबरें तेज

    भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा के भविष्य पर संशय एंटरटेनमेंट डेब्यू की चर्चाओं के बीच संन्यास की खबरें तेज


    नई दिल्ली ।
    भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर खेल जगत में एक बार फिर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। आगामी एकदिवसीय विश्व कप से पूर्व उनके भविष्य को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं।

    हालिया रिपोर्टों के अनुसार रोहित शर्मा के एक मनोरंजन कार्यक्रम से जुड़ने की खबरों के बाद उनके खेल करियर को लेकर संशय गहरा गया है। मीडिया में यह दावा किया जा रहा है कि गैर-क्रिकेट गतिविधियों में व्यस्तता के कारण वे आगामी दौरों से दूरी बना सकते हैं।

    हालांकि इस प्रकार की अटकलें पहले भी सामने आ चुकी हैं जिन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों द्वारा खारिज किया जा चुका है। इंग्लैंड के खिलाफ हालिया श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने अपने फॉर्म और प्रतिबद्धता का प्रमाण भी प्रस्तुत किया था।

    विश्व कप 2027 में खेलने की इच्छा जता चुके रोहित शर्मा को लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उनके इस संभावित कदम को लेकर उत्सुकता और चिंता दोनों देखी जा रही है।

    आगामी घरेलू एकदिवसीय श्रृंखलाओं को देखते हुए उनके चयन और भविष्य की योजनाओं पर चयनकर्ताओं की नजरें टिकी हुई हैं। आधिकारिक तौर पर अभी तक न तो बोर्ड और न ही खिलाड़ी की ओर से किसी प्रकार के संन्यास की घोषणा की गई है।

    खेल विश्लेषकों का मानना है कि व्यस्त कार्यक्रम और एक ही प्रारूप में खेलने की चुनौतियों के बावजूद रोहित शर्मा के अनुभव की टीम को आवश्यकता बनी हुई है। आने वाले दिनों में ही स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • चीफ जस्टिस की कॉकरोच टिप्पणी के दुरुपयोग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और सीबीआई को भेजा नोटिस

    चीफ जस्टिस की कॉकरोच टिप्पणी के दुरुपयोग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और सीबीआई को भेजा नोटिस


    नई दिल्ली । 
    भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने वर्चुअल अदालती कार्यवाही के वीडियो को संपादित कर सोशल मीडिया पर गलत संदर्भ में प्रसारित करने और उसका व्यावसायिक उपयोग करने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने इस विषय पर केंद्र सरकार और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से विस्तृत जवाब तलब किया है।

    यह मामला मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा तीन माह पूर्व एक सुनवाई के दौरान की गई कॉकरोच टिप्पणी से जुड़ा हुआ है। दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि अदालती कार्यवाही की चुनिंदा वीडियो क्लिप्स को चालाकी से एडिट कर सार्वजनिक किया गया जिसका मूल संदर्भ से कोई संबंध नहीं था।

    याचिकाकर्ता के अनुसार 15 मई को फर्जी वकीलों और अदालती प्रक्रियाओं के दुरुपयोग पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह टिप्पणी की थी। हालांकि बाद में इस वक्तव्य को तोड़-मरोड़कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मीम्स और व्यावसायिक सामग्री के रूप में प्रचारित किया गया।

    याचिका में दलील दी गई है कि न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने और जजों की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से ऐसी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। वर्तमान में अदालती कार्यवाहियों के अनधिकृत उपयोग और उससे होने वाली कमाई को रोकने के लिए कोई प्रभावी कानूनी तंत्र उपलब्ध नहीं है।

    मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न विधिक हलकों में न्यायालयीन कार्यवाहियों की लाइव स्ट्रीमिंग के दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई जा रही है। शीर्ष अदालत से मांग की गई है कि संस्थागत गरिमा की रक्षा के लिए ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों से इस प्रकार के दुरुपयोग को रोकने तथा संबंधित संस्थाओं की गतिविधियों की जांच करने के संबंध में रुख स्पष्ट करने को कहा है।

  • पेट साफ न होने से त्वचा पर पड़ता है बुरा असर कब्ज के कारण मुंहासे और दाग-धब्बे संभव

    पेट साफ न होने से त्वचा पर पड़ता है बुरा असर कब्ज के कारण मुंहासे और दाग-धब्बे संभव

    नई दिल्ली । मानव स्वास्थ्य में पाचन तंत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। हालिया चिकित्सीय अध्ययनों और मेडिकल रिपोर्टों से यह स्पष्ट हुआ है कि क्रोनिक कब्ज यानी लंबे समय से चली आ रही पेट की समस्या केवल पाचन तंत्र को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि त्वचा के स्वास्थ्य पर भी इसका सीधा असर पड़ता है।

    चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार पाचन तंत्र में गड़बड़ी होने पर शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा होने लगते हैं। जब आंतें इन अपशिष्ट पदार्थों को प्रभावी ढंग से बाहर नहीं निकाल पातीं, तो शरीर अन्य माध्यमों से इन्हें बाहर करने का प्रयास करता है, जिससे त्वचा पर मुंहासे, दाग-धब्बे, काले घेरे और चकत्ते जैसी समस्याएं उभरने लगती हैं।

    ताइवान में किए गए एक व्यापक अध्ययन के आंकड़ों का हवाला देते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि कब्ज से पीड़ित व्यक्तियों में सामान्य लोगों की तुलना में एक्जिमा जैसी त्वचा संबंधी बीमारी विकसित होने का जोखिम दो गुना तक अधिक देखा गया है। हालांकि इसके सटीक कारणों पर शोध अभी जारी है।

    चिकित्सकों के मुताबिक आंत और त्वचा दोनों ही शरीर में बाह्य तत्त्वों और एलर्जी के खिलाफ सुरक्षा कवच का कार्य करते हैं। जब आंतों के सामान्य कामकाज में रुकावट आती है, तो इसका प्रतिकूल असर चेहरे की चमक और त्वचा की रंगत पर साफ दिखाई देने लगता है।

    दिल्ली, मुंबई और मध्य प्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों का मानना है कि असंतुलित खानपान और आधुनिक जीवनशैली के कारण कब्ज की समस्या आम होती जा रही है। महिलाओं और पुरुषों दोनों में ही यह समस्या त्वचा की नई जटिलताओं को जन्म दे रही है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि इस प्रकार की समस्याओं से बचने के लिए आहार में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों, फलों और प्रोबायोटिक्स की मात्रा बढ़ानी चाहिए। भरपूर पानी का सेवन करने और नियमित दिनचर्या अपनाने से पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है जिससे त्वचा स्वस्थ बनी रहती है।

  • बस कंडक्टर रहते भी था रजनीकांत का जलवा, टिकट देने के अंदाज पर फिदा थे यात्री; स्ट्रगल के दिनों में भी कायम था थलाइवा का स्वैग

    बस कंडक्टर रहते भी था रजनीकांत का जलवा, टिकट देने के अंदाज पर फिदा थे यात्री; स्ट्रगल के दिनों में भी कायम था थलाइवा का स्वैग


    नई दिल्ली। साउथ सिनेमा के सुपरस्टार रजनीकांत को आज दुनिया भर में उनके खास अंदाज और जबरदस्त स्वैग के लिए जाना जाता है। फिल्मों में उनका चश्मा पहनने से लेकर सिक्का उछालने और उसे शानदार अंदाज में पकड़ने तक के स्टाइलिश मूव्स दर्शकों के बीच उनकी पहचान बन चुके हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि उनका यह अंदाज सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं था। फिल्मी दुनिया में कदम रखने से कई साल पहले जब रजनीकांत बस कंडक्टर के तौर पर काम करते थे तब भी उनका अंदाज यात्रियों को खूब आकर्षित करता था। यही वजह थी कि कई लोग खास तौर पर उस बस में सफर करना पसंद करते थे जिसमें रजनीकांत कंडक्टर हुआ करते थे।

    रजनीकांत के संघर्ष के दिनों से जुड़ा यह किस्सा बताता है कि लोगों को आकर्षित करने की उनकी कला कितनी स्वाभाविक थी। बस में यात्रियों को टिकट देने का उनका अंदाज सामान्य कंडक्टरों से बिल्कुल अलग बताया जाता है। वह टिकट को सीधे यात्री के हाथ में देने के बजाय उसे खास स्टाइल में फ्लिप करके पहुंचाते थे। उनके इस छोटे से अंदाज में भी एक अलग तरह का आत्मविश्वास और मनोरंजन नजर आता था। यात्रियों के लिए टिकट लेना महज रोजमर्रा की प्रक्रिया नहीं रह जाता था बल्कि रजनीकांत का अंदाज उसे देखने लायक बना देता था।

    कहा जाता है कि रजनीकांत पैसे और सिक्के लौटाते समय भी अपने खास मूव्स दिखाते थे। अगर किसी यात्री से सिक्का लेना होता या उसे खुले पैसे वापस करने होते तो वह उसे सामान्य तरीके से देने के बजाय हवा में उछालकर अपने अंदाज में पकड़ते और फिर यात्री को सौंपते थे। उनकी यह कला धीरे धीरे यात्रियों के बीच चर्चा का विषय बन गई। कई लोग सिर्फ उनका स्टाइल देखने के लिए उनकी बस में बैठना पसंद करने लगे थे।

    रजनीकांत के बातचीत करने का अंदाज भी लोगों को पसंद आता था। वह यात्रियों से मजेदार बातें करते और अपने जिंदादिल व्यवहार से माहौल को खुशनुमा बनाए रखते थे। यही वजह थी कि धीरे धीरे बस के नियमित यात्रियों के बीच उनकी अलग पहचान बन गई। उस समय किसी ने शायद नहीं सोचा होगा कि यात्रियों का मनोरंजन करने वाला यही बस कंडक्टर आगे चलकर भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में शामिल होगा।

    रजनीकांत के इस पुराने अंदाज और उनके फिल्मी करियर के बीच एक दिलचस्प समानता भी देखने को मिलती है। फिल्मों में आने के बाद उनके वही स्टाइलिश मूव्स उनकी पहचान बन गए जिन्हें वह कथित तौर पर बस में टिकट देते समय इस्तेमाल किया करते थे। सिक्का उछालने से लेकर टिकट को अलग अंदाज में देने तक उनकी सहज शैली बाद में बड़े पर्दे पर उनके सिग्नेचर स्टाइल का हिस्सा बन गई।

    रजनीकांत की कहानी इस मायने में भी खास है कि उन्होंने बेहद सामान्य नौकरी से शुरुआत करके सिनेमा की दुनिया में अपनी अलग जगह बनाई। उनका सफर बताता है कि किसी व्यक्ति की प्रतिभा और व्यक्तित्व मुश्किल परिस्थितियों में भी अपनी पहचान बना सकते हैं। आज जिस स्वैग के लिए रजनीकांत को थलाइवा कहा जाता है उसकी झलक उनके संघर्ष के दिनों में भी दिखाई देती थी।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो रजनीकांत की आने वाली फिल्मों को लेकर फैंस के बीच काफी उत्साह है। उनकी चर्चित फिल्म जेलर 2 के अलावा अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स भी चर्चा में हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी रजनीकांत का स्टारडम बरकरार है और उनकी फिल्मों से दर्शकों को हमेशा की तरह जबरदस्त मनोरंजन की उम्मीद रहती है।

  • अमेरिका में साइक्लोस्पोरा संक्रमण से दो मौतें दूषित लेट्यूस और पत्तेदार सब्जियों के सेवन से बढ़ा खतरा

    अमेरिका में साइक्लोस्पोरा संक्रमण से दो मौतें दूषित लेट्यूस और पत्तेदार सब्जियों के सेवन से बढ़ा खतरा


    नई दिल्ली । हरी पत्तेदार सब्जियों और सलाद के सेवन को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। अमेरिका के मिशिगन में साइक्लोस्पोरा नामक सूक्ष्म परजीवी के प्रकोप से दो लोगों की मौत की खबर के बाद आंतों के इस संक्रमण को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता व्यक्त की जा रही है।

    स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार साइक्लोस्पोरियासिस एक आंतों का संक्रमण है जो साइक्लोस्पोरा नामक सूक्ष्म परजीवी के कारण होता है। यह परजीवी मुख्य रूप से दूषित पानी, फलों और कच्ची पत्तेदार सब्जियों के माध्यम से मानव शरीर में प्रवेश करता है।

    प्रारंभिक जांच में मैक्सिको से आपूर्ति किए गए आइसबर्ग लेट्यूस यानी सलाद के पत्ते को इस संक्रमण का मुख्य जरिया माना गया था। यद्यपि बाद की प्रयोगशाला जांच में कुछ विरोधाभासी परिणाम सामने आए, लेकिन महामारी विज्ञान के साक्ष्य इसी आपूर्ति श्रृंखला की ओर संकेत कर रहे हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह संक्रमण सामान्यतः जानलेवा नहीं होता, लेकिन इसके कारण मरीज को गंभीर दस्त, पेट दर्द, मतली, थकान और अत्यधिक निर्जलीकरण की समस्या हो सकती है। पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए यह स्थिति अधिक जोखिम भरी साबित हो सकती है।

    भारत में भी विशेषकर मानसून के मौसम में दूषित पानी और सब्जियों के जरिए इस प्रकार के परजीवी संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। दिल्ली, मुंबई और मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरी इलाकों के बाजारों में लेट्यूस और कच्ची सब्जियों की भारी मांग के चलते सावधानी बरतने की आवश्यकता जताई जा रही है।

    चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि ताजी सब्जियों का सेवन पूरी तरह बंद करने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन करना जरूरी है। कच्चे सलाद और सब्जियों को पकाने या खाने से पहले स्वच्छ पानी से अच्छी तरह धोना बेहद आवश्यक है।

    खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार होटलों, रेस्तरां और घरों में उपयोग किए जाने वाले सलाद पत्ता, बर्गर और रैप्स में इस्तेमाल होने वाली सब्जियों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। संक्रमण के लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सीय परामर्श लेने की सलाह दी गई है।

  • चिल मूड में नजर आए सुपरस्टार सलमान खान फैंस के बीच वायरल हुआ थिरकते हुए अनसीन वीडियो

    चिल मूड में नजर आए सुपरस्टार सलमान खान फैंस के बीच वायरल हुआ थिरकते हुए अनसीन वीडियो


    नई दिल्ली । 
    हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता सलमान खान का एक अनसीन वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे इस वीडियो में अभिनेता बेहद चिल मूड में नजर आ रहे हैं और अपने लोकप्रिय गाने ‘जीने के हैं चार दिन’ का मशहूर हुक स्टेप रिक्रिएट करते दिख रहे हैं।

    वीडियो क्लिप में सलमान खान नीले रंग की टी-शर्ट और डेनिम जींस के साथ ब्राउन जैकेट और फ्रेंच स्टाइल हैट पहने हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके डांस मूव्स को देखकर वहां मौजूद लोग काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं और तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ा रहे हैं।

    हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो कब और किस स्थान पर रिकॉर्ड किया गया है। वीडियो के समय और अवसर को लेकर इंटरनेट पर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। फैंस इस वीडियो पर लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और इसे खूब शेयर कर रहे हैं।

    मध्य प्रदेश सहित देशभर में सलमान खान के चाहने वालों के बीच यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर उनके इस अंदाज को काफी पसंद किया जा रहा है और प्रशंसक इसे पुरानी यादों से जोड़कर देख रहे हैं।

    आगामी प्रोजेक्ट्स की बात करें तो सलमान खान जल्द ही बड़े पर्दे पर एक पैन-इंडिया एक्शन फिल्म में नजर आने वाले हैं। इसके अलावा वे टेलीविजन के चर्चित रियलिटी शो के आगामी सीजन की मेजबानी के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं जिसका प्रसारण जल्द शुरू होने वाला है।

  • राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा एक्शन, 8 आरोपियों के 54 रिश्तेदार और करीबी जांच के घेरे में; संपत्तियों का मांगा गया पूरा ब्योरा

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा एक्शन, 8 आरोपियों के 54 रिश्तेदार और करीबी जांच के घेरे में; संपत्तियों का मांगा गया पूरा ब्योरा


    नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर(Ayodhya Ram Mandir) के चढ़ावे में कथित चोरी और आर्थिक अनियमितताओं के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों के बाद अब उनके रिश्तेदार और करीबी भी जांच एजेंसियों की नजर में आ गए हैं। अयोध्या पुलिस और एसआईटी ने लखनऊ में आरोपियों तथा उनसे जुड़े 54 लोगों की संपत्तियों की पड़ताल शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित आर्थिक अनियमितताओं से जुड़ी रकम का इस्तेमाल कहीं जमीन मकान फ्लैट या दूसरी अचल संपत्तियां खरीदने में तो नहीं किया गया।

    जानकारी के मुताबिक आठ नामजद आरोपियों के साथ उनके 54 रिश्तेदारों और करीबियों के नाम की सूची लखनऊ प्रशासन को भेजी गई है। अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की ओर से लखनऊ के जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में पिछले दो वर्षों के दौरान आरोपियों और उनके परिजनों के नाम दर्ज या नामांतरण की गई कृषि और गैर कृषि भूमि समेत दूसरी अचल संपत्तियों का विवरण मांगा गया है। पत्र के साथ क्षेत्राधिकारी अयोध्या की रिपोर्ट भी भेजी गई है, जिसमें संबंधित लोगों की संपत्तियों की विस्तृत जांच कराने का अनुरोध किया गया है।

    जांच का दायरा केवल राजस्व रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रखा गया है। लखनऊ की संबंधित तहसीलों के एसडीएम और निबंधन कार्यालयों के सब रजिस्ट्रारों से भी रिकॉर्ड जुटाए जा रहे हैं। इसके अलावा लखनऊ विकास प्राधिकरण, नगर निगम और आवास विकास परिषद से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि पिछले दो वर्षों में सूची में शामिल लोगों ने जमीन, मकान, फ्लैट या किसी अन्य अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री की है या नहीं।

    एसआईटी यह भी जोड़ने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों के कथित आर्थिक लेनदेन और संपत्तियों में हुई गतिविधियों के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं। जांच एजेंसियों की नजर इस बात पर है कि आरोपियों या उनके करीबियों की संपत्ति में हाल के वर्षों में अचानक या असामान्य बढ़ोतरी हुई है या नहीं। अगर रिकॉर्ड में कोई संदिग्ध लेनदेन सामने आता है तो वह मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है।

    इस मामले में आठ प्रमुख आरोपियों के अलावा 54 रिश्तेदारों और करीबियों को जांच के दायरे में लाया गया है। सूची में शामिल लोगों के नाम और पते के आधार पर अलग-अलग विभागों से जानकारी जुटाई जा रही है। अयोध्या के साथ लखनऊ और दूसरे जिलों से जुड़े संपत्ति रिकॉर्ड भी जांचे जा रहे हैं। जांच एजेंसियां कथित गबन की रकम के संभावित इस्तेमाल और उसके स्रोत के बीच कड़ी तलाश रही हैं।

    इसी बीच आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के मामले में भी अदालत की कार्रवाई महत्वपूर्ण हो गई है। विवेचना के दौरान बंद किए गए पेंशन खाते को दोबारा खोलने के लिए आरोपी की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने विवेचक और सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी को 13 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। अदालत ने बैंक खाते में आई धनराशि के सत्यापन से संबंधित रिपोर्ट और आवश्यक कार्रवाई पूरी कर आख्या पेश करने को कहा है।

    अदालत के आदेश के मुताबिक आरोपी के जेल जाने के बाद खाते में आई पेंशन राशि से जुड़े तथ्य भी जांच का हिस्सा हैं। अब विवेचक को बैंक रिकॉर्ड के सत्यापन से संबंधित स्थिति स्पष्ट करनी होगी। ऐसे में राम मंदिर दान चोरी मामले में एक तरफ एसआईटी आरोपियों और उनके करीबियों की संपत्तियों की जांच आगे बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ अदालत में बैंक खातों और धनराशि से जुड़े पहलुओं पर भी सुनवाई जारी है। आने वाले दिनों में संपत्ति और वित्तीय रिकॉर्ड से सामने आने वाले तथ्य इस मामले की जांच की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकते हैं।

  • दस साल के लंबे इंतजार के बाद शादी के बंधन में बंधे दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो

    दस साल के लंबे इंतजार के बाद शादी के बंधन में बंधे दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो

    नई दिल्ली ।अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपनी लंबे समय से साथी रही जॉर्जिना रोड्रिगेज के साथ विवाह कर लिया है। दोनों का विवाह समारोह पुर्तगाल के तटीय शहर कास्काइस में आयोजित किया गया। इस अत्यंत निजी सिविल सेरेमनी में परिवार के करीबी सदस्यों की मौजूदगी रही।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग एक दशक लंबे रिश्ते के बाद दोनों ने एक-दूसरे को जीवनसाथी चुना है। इस खास अवसर पर कपल के पांचों बच्चे भी मौजूद रहे। रोनाल्डो ने सोशल मीडिया के माध्यम से विवाह की अंगूठियों की तस्वीर साझा कर इस घटनाक्रम की पुष्टि की है।

    दोनों की पहली मुलाकात वर्ष 2016 में मैड्रिड में हुई थी जिसके बाद से वे लगातार साथ हैं। खेल जगत में इस बहुप्रतीक्षित विवाह को लेकर लंबे समय से अटकलें लगाई जा रही थीं। अगस्त 2025 में सगाई की घोषणा के बाद से ही इस समारोह का इंतजार किया जा रहा था।

    मध्य प्रदेश सहित भारत भर में फुटबॉल फैंस के बीच रोनाल्डो की शादी की खबर काफी चर्चा में बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी इस गोपनीय विवाह समारोह की पुष्टि की है। रोनाल्डो पूर्व में दिए साक्षात्कार में सादगीपूर्ण तरीके से विवाह करने की इच्छा जाहिर कर चुके थे।

    पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक यह आयोजन किसी भव्य पार्टी या दिखावे से पूरी तरह दूर रखा गया। केवल अति निकटतम लोगों की उपस्थिति में विवाह की औपचारिकताएं पूरी की गईं। 41 वर्षीय रोनाल्डो और 32 वर्षीय जॉर्जिना अब आधिकारिक तौर पर दंपति बन चुके हैं।