Author: bharati

  • Surya Grahan 2026 Timing: रात 9:04 बजे से शुरू होगा सूर्य ग्रहण, भारत में नहीं दिखेगा; जानें क्या होंगे नियम

    Surya Grahan 2026 Timing: रात 9:04 बजे से शुरू होगा सूर्य ग्रहण, भारत में नहीं दिखेगा; जानें क्या होंगे नियम


    नई दिल्ली। साल 2026 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात को लगने जा रहा है। यह खगोलीय घटना भारतीय समय के अनुसार रात 9 बजकर 4 मिनट से शुरू होगी और 13 अगस्त की मध्य रात्रि के बाद समाप्त होगी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक ग्रहण का मध्य समय रात करीब 11 बजकर 16 मिनट रहेगा और इसकी कुल अवधि लगभग 4 घंटे 24 मिनट बताई जा रही है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसे में भारत में रहने वाले लोगों को इसे लेकर सूतक काल और धार्मिक नियमों का पालन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

    सूर्य ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है। जब सूर्य चंद्रमा और पृथ्वी लगभग एक सीध में आ जाते हैं और चंद्रमा सूर्य तथा पृथ्वी के बीच आ जाता है तब सूर्य की रोशनी का कुछ हिस्सा पृथ्वी तक पहुंचने से रुक जाता है। इसी दौरान पृथ्वी के कुछ हिस्सों से सूर्य ग्रहण दिखाई देता है। इस बार ग्रहण दक्षिण अफ्रीका जिम्बाब्वे जाम्बिया तंजानिया मॉरीशस अंटार्कटिका तथा दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। अर्जेंटीना और चिली के कुछ क्षेत्रों में भी इसकी दृश्यता बताई गई है।

    भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। इसका मतलब है कि मंदिरों के कपाट बंद करने भोजन को लेकर विशेष प्रतिबंध लगाने या सामान्य दिनचर्या रोकने की जरूरत नहीं होगी। गर्भवती महिलाओं के लिए भी केवल ग्रहण के नाम पर किसी विशेष तरह की पाबंदी वैज्ञानिक रूप से जरूरी नहीं मानी जाती। स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए बच्चे बुजुर्ग और मरीज अपनी जरूरत के अनुसार भोजन और पानी लेते रह सकते हैं।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस सूर्य ग्रहण को कर्क राशि और शतभिषा नक्षत्र से जोड़ा जा रहा है। ज्योतिष में सूर्य को आत्मबल नेतृत्व प्रतिष्ठा प्रशासन और ऊर्जा का कारक माना जाता है। इसलिए ग्रहण को लेकर राजनीतिक प्रशासनिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े क्षेत्रों पर प्रभाव की चर्चाएं भी की जा रही हैं। हालांकि प्राकृतिक आपदाओं राजनीतिक बदलाव या दुर्घटनाओं जैसी घटनाओं की निश्चित भविष्यवाणी केवल ग्रहण के आधार पर वैज्ञानिक रूप से नहीं की जा सकती।

    ग्रहण के दौरान धार्मिक आस्था रखने वाले लोग ध्यान मंत्र जाप और अपने इष्ट देव का स्मरण कर सकते हैं। ऊं घृणि सूर्याय नमः ऊं सूर्याय नमः या गायत्री मंत्र का जाप करने की परंपरा बताई जाती है। जरूरतमंदों को भोजन वस्त्र या आवश्यक सामग्री का दान भी धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है।

    जहां सूर्य ग्रहण दिखाई देगा वहां आंखों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना जरूरी होगा। सूर्य को बिना प्रमाणित सोलर व्यूइंग ग्लास या उचित फिल्टर के सीधे देखने से आंखों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा इसलिए यहां रहने वाले लोगों को इसे देखने के लिए किसी विशेष व्यवस्था की जरूरत नहीं होगी।

    ज्योतिषीय आकलन में कन्या तुला और कुंभ राशि के लिए ग्रहण को अपेक्षाकृत शुभ बताया जा रहा है जबकि कुछ अन्य राशियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हालांकि किसी व्यक्ति पर ग्रहण का प्रभाव उसकी जन्म कुंडली से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए केवल राशि के आधार पर भय या चिंता करने के बजाय इसे एक खगोलीय घटना के रूप में समझना और धार्मिक मान्यताओं का पालन अपनी आस्था के अनुसार करना बेहतर है।

  • जेवर एयरपोर्ट की पहली भारी बारिश में जलभराव से मचा हड़कंप, AAP ने उठाए निर्माण और भ्रष्टाचार पर सवाल

    जेवर एयरपोर्ट की पहली भारी बारिश में जलभराव से मचा हड़कंप, AAP ने उठाए निर्माण और भ्रष्टाचार पर सवाल


    उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र को जोड़ने वाले मार्ग पर जलभराव की स्थिति बन गई। अचानक बड़ी मात्रा में पानी जमा होने के बाद एयरपोर्ट का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया और इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई। हालांकि एयरपोर्ट प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए करीब 30 मिनट के भीतर जलभराव को दूर कर दिया और यात्री तथा वाहनों की आवाजाही को सामान्य बनाए रखा। एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक जलभराव के दौरान वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकाला गया था, जिससे उड़ानों के संचालन पर किसी तरह का असर नहीं पड़ा।

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर से बताया गया कि मंगलवार को अचानक हुई भारी बारिश के कारण टर्मिनल और पार्किंग के बीच के रास्ते पर पानी जमा हो गया था। स्थिति की जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट की टीमों ने मौके पर पहुंचकर पानी निकालने का काम शुरू किया। आधे घंटे से भी कम समय में जलभराव को साफ कर दिया गया। प्रशासन के अनुसार इस दौरान यात्रियों के पिकअप और ड्रॉप की व्यवस्था भी जारी रही तथा किसी उड़ान को प्रभावित नहीं होना पड़ा। पानी निकलने के बाद टर्मिनल और पार्किंग के बीच वाहनों और यात्रियों की आवाजाही पहले की तरह सामान्य हो गई।

    एयरपोर्ट प्रशासन ने यह भी कहा कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बारिश के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए संबंधित टीमें अलर्ट पर हैं। एयरपोर्ट की ओर से दावा किया गया कि जलभराव के बावजूद परिचालन व्यवस्था सुचारु रही और यात्रियों को किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

    हालांकि जलभराव का वीडियो सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और एयरपोर्ट के निर्माण पर सवाल खड़े कर दिए। AAP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए एयरपोर्ट की पहली ही भारी बारिश में जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। पार्टी ने इसे कथित तौर पर घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा है। हालांकि AAP के इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

    जेवर एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में गिना जाता है। करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन 28 मार्च 2026 को हुआ था। इसके बाद 15 जून से इंडिगो की उड़ानों के साथ यहां व्यावसायिक परिचालन शुरू हुआ। एयरपोर्ट से जुड़ी सुविधाओं और कनेक्टिविटी को लेकर इसे दिल्ली एनसीआर के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।

    ऐसे में एयरपोर्ट परिसर में भारी बारिश के बाद जलभराव की घटना ने निर्माण गुणवत्ता और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर बहस जरूर छेड़ दी है। फिलहाल प्रशासन की ओर से पानी समय रहते निकाल दिया गया और उड़ानों का संचालन प्रभावित नहीं हुआ। आने वाले दिनों में बारिश के दौरान जलनिकासी व्यवस्था किस तरह काम करती है और क्या ऐसी स्थिति दोबारा सामने आती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

  • द ट्रेटर्स 2 में मल्लिका शेरावत का चौंकाने वाला खुलासा, टॉम क्रूज को लेकर कही ये बात

    द ट्रेटर्स 2 में मल्लिका शेरावत का चौंकाने वाला खुलासा, टॉम क्रूज को लेकर कही ये बात


    नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस मल्लिका शेरावत इन दिनों रियलिटी शो द ट्रेटर्स 2 को लेकर लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। शो से सामने आए एक वीडियो में मल्लिका शेरावत ने हॉलीवुड के मशहूर अभिनेता टॉम क्रूज को लेकर ऐसा दावा किया है जिसने वहां मौजूद बाकी कंटेस्टेंट्स को भी हैरान कर दिया। मल्लिका ने बातचीत के दौरान कहा कि टॉम क्रूज को उन पर क्रश है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी दावा किया कि हॉलीवुड स्टार उन्हें वीडियोज भेजते हैं। मल्लिका की यह बात सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर खूब चर्चा हो रही है।

    दरअसल शो में कंटेस्टेंट्स के बीच बातचीत चल रही थी। इसी दौरान आदित्य कुलश्रेष्ठ ने मल्लिका से पूछा कि क्या उन्हें कभी किसी पर क्रश हुआ है। इस सवाल पर मल्लिका ने कहा कि नहीं। इसके बाद आदित्य ने मजाकिया अंदाज में पूछा कि क्या सिर्फ दूसरे लोगों को ही उन पर क्रश होता है। इस पर मल्लिका ने जवाब देते हुए कहा कि सभी को उन पर क्रश होता है। इसके बाद उन्होंने टॉम क्रूज का जिक्र करते हुए कहा कि हाल ही में टॉम क्रूज को भी उन पर क्रश हुआ है।

    मल्लिका के इस जवाब के बाद वहां बैठे दूसरे कंटेस्टेंट्स चौंक जाते हैं। हालांकि मल्लिका अपनी बात पर कायम रहती हैं और कहती हैं कि वह झूठ नहीं बोल रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर उनके पास फोन होता तो वह सभी को टॉम क्रूज के भेजे हुए वीडियोज दिखा सकती थीं। मल्लिका के इस दावे ने बातचीत को और दिलचस्प बना दिया।

    जब उनसे पूछा गया कि टॉम क्रूज किस तरह के वीडियोज भेजते हैं तो मल्लिका ने बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि ऐसा कुछ खास नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने और टॉम क्रूज ने साथ में पार्टी की थी और उसी से जुड़े वीडियोज की बात हो रही है। मल्लिका ने टॉम क्रूज की तारीफ करते हुए उन्हें काफी अच्छा इंसान भी बताया।

    मल्लिका शेरावत के इस बयान का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद यूजर्स अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग मल्लिका की बात को मजाकिया अंदाज में ले रहे हैं तो कुछ लोग उनके दावे पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि मल्लिका ने बातचीत के दौरान जिस आत्मविश्वास के साथ यह बात कही उससे शो का यह हिस्सा काफी चर्चा में आ गया है।

    मल्लिका शेरावत की बात करें तो वह द ट्रेटर्स 2 के जरिए लंबे समय बाद एक अलग तरह के रियलिटी फॉर्मेट में नजर आने वाली हैं। शो में उनके साथ रिया चक्रवर्ती अभिषेक मल्हान शालिनी पस्सी श्वेता तिवारी दलीप ताहिल इक्का सिंह क्रिस्टल डिसूजा मुनव्वर फारूकी पारुल गुलाटी रणवीर बरार और आदित्य कुलश्रेष्ठ समेत कई चर्चित चेहरे शामिल हैं। शो में सभी कंटेस्टेंट्स के बीच रणनीति विश्वास और धोखे का खेल देखने को मिलेगा।

    द ट्रेटर्स 2 का प्रीमियर 13 अगस्त 2026 से प्राइम वीडियो पर होने जा रहा है। शो का नया एपिसोड हर गुरुवार रिलीज किया जाएगा। वहीं शो शुरू होने से पहले श्वेता तिवारी की तबीयत खराब होने की खबर भी सामने आई है। उन्हें डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है। फैंस उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

  • सुबह 4 से 5:30 बजे के बीच इन कामों से रहें दूर, ब्रह्म मुहूर्त को लेकर शास्त्रों में बताई गई खास मान्यताएं

    सुबह 4 से 5:30 बजे के बीच इन कामों से रहें दूर, ब्रह्म मुहूर्त को लेकर शास्त्रों में बताई गई खास मान्यताएं


    नई दिल्ली। सनातन धर्म और ज्योतिषीय मान्यताओं में ब्रह्म मुहूर्त को दिन का बेहद पवित्र और शुभ समय माना गया है। मान्यता है कि इस दौरान वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा रहती है और व्यक्ति का मन भी अपेक्षाकृत शांत रहता है। यही वजह है कि इस समय पूजा पाठ ध्यान और मंत्र जाप करने को विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में दिन की शुरुआत जिस तरह के विचारों और कार्यों से होती है उसका प्रभाव पूरे दिन की मानसिक स्थिति और व्यवहार पर पड़ सकता है। हालांकि कुछ ऐसे कार्य भी बताए गए हैं जिन्हें इस समय करने से बचना चाहिए।

    आम तौर पर ब्रह्म मुहूर्त का समय सुबह करीब 4 बजे से 5:30 बजे के बीच माना जाता है। हालांकि सूर्योदय के समय में होने वाले बदलाव के कारण इसका वास्तविक समय स्थान और मौसम के अनुसार अलग हो सकता है। धार्मिक परंपराओं में इसे जागने ध्यान करने और ईश्वर का स्मरण करने के लिए उपयुक्त समय माना गया है। ऐसे में इस दौरान मन को शांत रखने और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

    ब्रह्म मुहूर्त में भोजन से बचने की मान्यता

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में उठने के तुरंत बाद भोजन करने से बचना चाहिए। इस समय को पूजा ध्यान और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त माना जाता है। परंपरा के अनुसार व्यक्ति को पहले दैनिक क्रियाओं से निवृत्त होकर ध्यान और ईश्वर स्मरण करना चाहिए। हालांकि स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरतों में व्यक्तिगत परिस्थिति को प्राथमिकता देना जरूरी है।

    किसी के साथ बुरा व्यवहार न करें

    ब्रह्म मुहूर्त में किसी का अपमान करने या कटु व्यवहार करने से भी बचने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यताओं में माना जाता है कि सुबह का समय मन को सकारात्मक दिशा देने का अवसर होता है। इसलिए इस दौरान क्रोध विवाद और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाकर रखना बेहतर माना जाता है। शांत मन से दिन की शुरुआत करने से व्यक्ति पूरे दिन अधिक संतुलित रहने की कोशिश कर सकता है।

    प्रणय संबंध से जुड़ी धार्मिक मान्यता

    कुछ धार्मिक मान्यताओं में ब्रह्म मुहूर्त को आध्यात्मिक साधना और ईश्वर के ध्यान के लिए समर्पित समय माना गया है। इसी कारण इस समय प्रणय संबंध बनाने से बचने की बात कही गई है। परंपरा में सलाह दी जाती है कि नींद खुलने के बाद सबसे पहले भगवान का स्मरण और अपने दिन की सकारात्मक शुरुआत पर ध्यान दिया जाए।

    हथेलियों के दर्शन के साथ मंत्र जाप

    ब्रह्म मुहूर्त में जागने के बाद हथेलियों के दर्शन करते हुए एक पारंपरिक मंत्र का जाप करने की मान्यता है। मंत्र है ओम कराग्रे वसते लक्ष्मी करमध्ये सरस्वती करमूले तु गोविंद प्रभाते कर दर्शनम्। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस मंत्र के माध्यम से व्यक्ति अपने दिन की शुरुआत लक्ष्मी सरस्वती और भगवान विष्णु के स्मरण से करता है। इसे शुभ और सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

    हनुमान चालीसा का पाठ भी माना जाता है शुभ

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन में सकारात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिलती है। हनुमान जी को संकटमोचक और भय का नाश करने वाला माना जाता है। परंपरा में हनुमान जी की आराधना से पहले भगवान राम का नाम लेने को भी विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि राम नाम के स्मरण के साथ हनुमान जी की पूजा करने से भक्त के मन में भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

  • जब बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को चौंकाया था, शाकिब ने बल्ले से 89 रन और गेंद से झटके 10 विकेट

    जब बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को चौंकाया था, शाकिब ने बल्ले से 89 रन और गेंद से झटके 10 विकेट


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 13 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर बांग्लादेश के लिए यह सीरीज बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है। हाल ही में खेले गए वॉर्मअप मुकाबले में बांग्लादेश को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ पारी से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद बांग्लादेश के पास ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में एक ऐसी जीत है जिसे वह इस सीरीज से पहले जरूर याद करना चाहेगा। साल 2017 में बांग्लादेश ने घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया को हराकर बड़ा उलटफेर किया था और इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक शाकिब अल हसन रहे थे।

    दोनों टीमों के बीच 2017 में दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया बांग्लादेश के दौरे पर आया था। ढाका के शेरे बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट में बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 260 रन बनाए। तमीम इकबाल ने 71 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली जबकि शाकिब अल हसन ने 84 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया।

    इसके जवाब में बांग्लादेश के गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम पहली पारी में 217 रन पर सिमट गई और बांग्लादेश को 43 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई। ऑस्ट्रेलिया की ओर से रेनशॉ ने 45 और एस्टन एगर ने 41 रन बनाए। बांग्लादेश के लिए शाकिब अल हसन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट झटके जबकि मेहदी हसन ने तीन विकेट लेकर उनका अच्छा साथ दिया।

    दूसरी पारी में बांग्लादेश की टीम 221 रन पर ऑलआउट हो गई। तमीम इकबाल ने एक बार फिर बल्ले से योगदान दिया और 78 रन की पारी खेली। हालांकि ऑस्ट्रेलिया के नाथन लियोन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए छह विकेट हासिल किए। बांग्लादेश की दूसरी पारी जल्दी सिमटने के बावजूद पहली पारी की बढ़त उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।

    बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 265 रन का लक्ष्य रखा। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम में डेविड वॉर्नर ने शानदार शतक लगाते हुए 112 रन बनाए और ऐसा लगा कि मेहमान टीम मुकाबला अपने नाम कर लेगी। लेकिन बांग्लादेश के गेंदबाजों ने आखिरी समय में पूरा खेल पलट दिया। ऑस्ट्रेलियाई टीम 244 रन पर सिमट गई और बांग्लादेश ने यह मुकाबला 20 रन से अपने नाम कर लिया।

    इस ऐतिहासिक जीत में शाकिब अल हसन का योगदान सबसे खास रहा। उन्होंने पहली पारी में पांच विकेट लेने के बाद दूसरी पारी में भी पांच बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। इस तरह पूरे मुकाबले में उनके नाम 10 विकेट रहे। इसके अलावा उन्होंने बल्ले से भी 84 और पांच रन की पारियां खेलते हुए कुल 89 रन बनाए। उनके शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बांग्लादेश की यह टेस्ट क्रिकेट में अब तक की एकमात्र जीत है। दोनों टीमों के बीच खेले गए छह टेस्ट मैचों में बांग्लादेश को पांच मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है जबकि एक मैच में उसने ऐतिहासिक जीत हासिल की। अब जब दोनों टीमें फिर टेस्ट सीरीज में आमने सामने हैं तो बांग्लादेश इस पुराने प्रदर्शन से आत्मविश्वास हासिल करना चाहेगा।

    हालांकि इस बार परिस्थितियां अलग हैं और मुकाबला ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर होना है। बांग्लादेश के सामने ऑस्ट्रेलिया के मजबूत बल्लेबाजी और गेंदबाजी आक्रमण की बड़ी चुनौती होगी। फिर भी 2017 की जीत उसे यह भरोसा जरूर देगी कि मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ भी टेस्ट क्रिकेट में बड़ा उलटफेर किया जा सकता है।

  • चोट से उबरे शान मसूद, नेट्स में लौटे; इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में खेलने की बढ़ी उम्मीद

    चोट से उबरे शान मसूद, नेट्स में लौटे; इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में खेलने की बढ़ी उम्मीद


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली तीन टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले पाकिस्तान क्रिकेट टीम को बड़ी राहत मिली है। चोटिल बल्लेबाज शान मसूद ने ट्रेनिंग पर वापसी करते हुए बल्लेबाजी का अभ्यास शुरू कर दिया है। मेडिकल टीम की निगरानी में नेट्स पर अभ्यास करते नजर आए मसूद की वापसी से उनके पहले टेस्ट में खेलने की उम्मीद काफी बढ़ गई है। पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट 19 अगस्त से शुरू होना है और मुकाबले में अभी करीब एक सप्ताह का समय बाकी है। ऐसे में टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि मसूद समय रहते पूरी तरह फिट होकर मैदान पर उतर सकते हैं।

    पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय टेस्ट टीम ने बेकेनहम स्थित केंट काउंटी क्रिकेट क्लब में अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी नेट्स में जमकर पसीना बहाया। इस दौरान शान मसूद ने भी मेडिकल टीम की निगरानी में बल्लेबाजी की। चोट के बाद उनका नेट्स में लौटना पाकिस्तान के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वह टीम के शीर्ष क्रम के अहम बल्लेबाज हैं और इंग्लैंड की परिस्थितियों में उनका अनुभव टीम के काम आ सकता है।

    मसूद को वेस्टइंडीज दौरे के पहले टेस्ट के दौरान उंगली में चोट लगी थी। उस मुकाबले में उन्होंने शतक भी लगाया था लेकिन दूसरी पारी में चोट के कारण वह अपने निर्धारित नंबर पर बल्लेबाजी करने नहीं उतर सके। बाद में बल्लेबाजी के दौरान भी उन्हें परेशानी महसूस हुई। चोट की गंभीरता को देखते हुए उन्हें दूसरे टेस्ट से बाहर रहना पड़ा था। अब इंग्लैंड सीरीज से पहले उनका फिट होकर अभ्यास शुरू करना पाकिस्तान के लिए राहत की खबर है।

    शान मसूद का अनुभव इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। वह लंबे समय तक इंग्लैंड की काउंटी क्रिकेट में खेल चुके हैं और वहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित हैं। इंग्लैंड में गेंद स्विंग होने और पिचों पर तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की स्थिति में मसूद का अनुभव पाकिस्तान के बल्लेबाजी क्रम को मजबूती दे सकता है। वह शीर्ष क्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनके पास नई गेंद का सामना करने के साथ लंबी पारी खेलने का अनुभव भी है।

    पाकिस्तान की टीम इस समय विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में आठवें स्थान पर है। टीम के लिए इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज इसलिए भी अहम है क्योंकि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में अपनी स्थिति सुधारने के लिए उसे लगातार अच्छे नतीजों की जरूरत होगी। वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के दूसरे टेस्ट में जीत हासिल करने के बाद पाकिस्तान का आत्मविश्वास बढ़ा है और अब टीम इंग्लैंड में भी उसी प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश करेगी।

    पहले टेस्ट से पहले पाकिस्तान को बेकेनहम में तीन दिन का टूर मैच भी खेलना है। यह मुकाबला खिलाड़ियों को इंग्लैंड की परिस्थितियों में खुद को ढालने का मौका देगा। शान मसूद के लिए भी यह अभ्यास उनकी फिटनेस और बल्लेबाजी लय को परखने का अहम अवसर हो सकता है। अगर वह इस दौरान बिना किसी परेशानी के बल्लेबाजी करते हैं तो पहले टेस्ट में उनकी वापसी लगभग तय मानी जा सकती है।

    पाकिस्तान के बल्लेबाजी क्रम में बाबर आजम इमाम उल हक अब्दुल्ला शफीक सऊद शकील और मोहम्मद रिजवान जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी है। ऐसे में शान मसूद के फिट होने से टीम के पास अनुभव और विकल्प दोनों बढ़ेंगे। इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पाकिस्तान को मजबूत शुरुआत की जरूरत होगी और मसूद का अनुभव इसमें अहम भूमिका निभा सकता है। अब सबकी नजर उनकी फिटनेस और अगले कुछ अभ्यास सत्रों पर रहेगी।

  • आज संसद में पेश होगी जस्टिस वर्मा ‘कैश कांड’ की रिपोर्ट, मानसून सत्र के सिर्फ 3 दिन बाकी

    आज संसद में पेश होगी जस्टिस वर्मा ‘कैश कांड’ की रिपोर्ट, मानसून सत्र के सिर्फ 3 दिन बाकी


    नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के अब सिर्फ तीन दिन शेष हैं, लेकिन सदन में जारी गतिरोध खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। राम मंदिर के कथित चढ़ावे की चोरी और 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज समेत कई मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। विपक्ष की ओर से गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग भी की जा रही है।

    इस बीच बुधवार को संसद में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जांच कमेटी की रिपोर्ट पेश की जाएगी। दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास में मार्च 2025 में आग लगने के बाद स्टोर रूम से कथित तौर पर जली हुई नकदी मिलने के मामले में यह जांच शुरू हुई थी। घटना के बाद जस्टिस वर्मा को पद से हटाने की मांग तेज हो गई थी।

    लोकसभा और राज्यसभा में रखी जाएगी रिपोर्ट
    जस्टिस वर्मा के खिलाफ मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने जांच के दौरान दस्तावेज और मौखिक साक्ष्य जुटाए हैं। अब इसकी रिपोर्ट बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा के पटल पर रखी जाएगी। रिपोर्ट सामने आने के बाद संसद में इस मामले को लेकर चर्चा होने की संभावना है। खास तौर पर यह सवाल अहम होगा कि जस्टिस वर्मा के इस्तीफा देने के बावजूद क्या उनके खिलाफ पद से हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

    इस्तीफा दे चुके हैं जस्टिस वर्मा
    कैश बरामदगी के समय जस्टिस यशवंत वर्मा दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश थे। विवाद सामने आने के बाद उनका तबादला इलाहाबाद हाई कोर्ट कर दिया गया था। उनके खिलाफ 200 से ज्यादा सांसदों ने महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की थी। जस्टिस वर्मा ने 9 अप्रैल 2026 को इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, राष्ट्रपति ने अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। ऐसे में जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद उनके मामले को लेकर संसद में आगे की कार्रवाई पर भी चर्चा हो सकती है।

    अमित शाह आज दे सकते हैं जवाब
    छात्र आंदोलन के मुद्दे पर भी बुधवार को संसद में सरकार का पक्ष सामने आने की संभावना है। गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब दे सकते हैं। सरकार का कहना है कि वह छात्रों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री जवाब देने को भी तैयार हैं। वहीं सरकार ने विपक्ष पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर विपक्ष लगातार जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है।

    FCRA बिल पर भी नजर
    संसद में आज के घटनाक्रम के अलावा अगले दिन की कार्यवाही भी महत्वपूर्ण रहने वाली है। सरकार गुरुवार को FCRA बिल पेश कर सकती है। कांग्रेस और TMC इस बिल को वापस लेने की मांग कर रही हैं। सरकार बिल पेश करने के बाद इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेज सकती है। ऐसे में मॉनसून सत्र के बचे तीन दिन सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं।

  • 12 अगस्त का राशिफल: सूर्य ग्रहण के बीच किसकी चमकेगी किस्मत और कौन रहे सावधान, पढ़ें सभी 12 राशियों का भविष्यफल

    12 अगस्त का राशिफल: सूर्य ग्रहण के बीच किसकी चमकेगी किस्मत और कौन रहे सावधान, पढ़ें सभी 12 राशियों का भविष्यफल


    नई दिल्ली। 12 अगस्त 2026 का दिन ग्रहों की स्थिति और सूर्य ग्रहण के प्रभाव के कारण कई राशियों के लिए खास रहने वाला है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार कुछ राशि के जातकों को जहां करियर कारोबार और आर्थिक मामलों में अच्छे अवसर मिल सकते हैं वहीं कुछ लोगों को जल्दबाजी फैसलों और लेनदेन में विशेष सावधानी बरतनी होगी। इस दिन अपनी बात स्पष्ट तरीके से रखने वादों को पूरा करने और करीबियों का भरोसा बनाए रखने पर विशेष जोर देना होगा। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का दिन कैसा रहेगा और किस राशि को किन बातों का ध्यान रखना होगा।

    मेष राशि के जातकों के लिए दिन सामान्य रहने वाला है। घर परिवार में हल्की भावनात्मक असहजता बनी रह सकती है लेकिन जरूरी सुविधाओं को जुटाने पर ध्यान रहेगा। भौतिक वस्तुओं की खरीदारी के योग बन सकते हैं। पारिवारिक मामलों में स्पष्टता बनाए रखें और अनावश्यक बहस से बचें। सत्ता और प्रशासन से जुड़े कामों में गति आ सकती है। परीक्षा या महत्वपूर्ण कार्य में धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा। शुभ अंक 3 और 9 हैं।

    वृष राशि वालों के लिए सामाजिक संपर्क और संवाद के जरिए नए अवसर बन सकते हैं। लोगों के साथ बेहतर तालमेल काम को आसान बनाएगा। परिवार और निजी रिश्तों को समय देंगे। स्वजनों के साथ किसी तरह के आरोप प्रत्यारोप से बचना बेहतर रहेगा। तार्किक सोच और संतुलित व्यवहार से दिन को बेहतर बनाया जा सकता है। शुभ अंक 3 5 और 6 हैं।

    मिथुन राशि के जातक अपनी वाणी और व्यवहार से लोगों को प्रभावित करेंगे। आत्मविश्वास बढ़ेगा और परिवार में सुखद समाचार मिलने की संभावना है। घर में उत्सव जैसा माहौल बन सकता है। रिश्तेदारों और करीबियों के साथ मधुरता बढ़ेगी। निजी मामलों में सकारात्मकता बनी रहेगी। शुभ अंक 3 5 और 6 हैं।

    कर्क राशि के लिए दिन सकारात्मक रहने वाला है। नई सोच को बढ़ावा मिलेगा और महत्वपूर्ण मामलों में करीबियों का सहयोग प्राप्त होगा। विरोधियों की सक्रियता कम रहेगी। मुलाकात और बातचीत में आपका प्रभाव बना रहेगा। मान सम्मान बढ़ सकता है और घर का वातावरण सुखद रहेगा। शुभ अंक 2 3 5 और 6 हैं।

    सिंह राशि के जातकों को इस दिन विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आर्थिक खर्च बढ़ सकता है और जल्दबाजी में कोई फैसला नुकसान पहुंचा सकता है। निवेश से जुड़े प्रस्तावों को अच्छी तरह जांचने के बाद ही आगे बढ़ें। न्यायिक मामलों और लेनदेन में लापरवाही से बचें। विदेश से जुड़े कार्यों में रुचि बढ़ सकती है लेकिन जिद और अहंकार से दूर रहना जरूरी होगा। अपने वचन का पालन करें।

    कन्या राशि वालों के लिए करियर और कारोबार के लिहाज से दिन अच्छा रह सकता है। महत्वपूर्ण गतिविधियों में तेजी आएगी और वित्तीय अवसरों का लाभ उठाने की स्थिति बनेगी। पेशेवर लोगों से संपर्क बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में साख और प्रभाव मजबूत होगा। लेनदेन में पारदर्शिता रखें और कामकाजी यात्रा के योग बन सकते हैं। शुभ अंक 3 5 और 6 हैं।

    तुला राशि के जातकों को पेशेवरों और अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। प्रशासनिक मामलों में प्रदर्शन बेहतर रहेगा। कारोबार से जुड़े प्रस्तावों को समर्थन मिलने के संकेत हैं। परीक्षा और प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में अधिक समय देने से आय में बढ़ोतरी के रास्ते खुलेंगे। शुभ अंक 3 5 और 6 हैं।

    वृश्चिक राशि के जातक धार्मिक कार्यों और आयोजनों से जुड़ सकते हैं। कारोबारी चर्चाओं में सक्रियता बढ़ेगी और पद प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। वरिष्ठों की सलाह उपयोगी साबित होगी। सरकारी मामलों में भी राहत मिलने के संकेत हैं। सूझबूझ और सामंजस्य के साथ आगे बढ़ें। शुभ अंक 3 6 और 9 हैं।

    धनु राशि वालों को इस दिन विशेष सतर्क रहना होगा। किसी भी काम में जल्दबाजी के बजाय सूझबूझ और धैर्य से आगे बढ़ें। ठगी करने वाले लोगों और संदिग्ध प्रस्तावों से दूरी बनाए रखें। परिवार का सहयोग मिलेगा। कार्य विस्तार की योजनाएं आगे बढ़ सकती हैं लेकिन किसी भी निर्णय से पहले तथ्यों की जांच जरूर करें। अपनी बात स्पष्ट रखें और वादे पूरे करें।

    मकर राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण चर्चा में पहल करने का समय है। नए लोगों से संपर्क बढ़ेगा और आपसी सहयोग से काम आगे बढ़ेंगे। लाभ की स्थिति मजबूत हो सकती है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें और वरिष्ठ लोगों का मार्गदर्शन लेते रहें। शुभ अंक 5 6 और 8 हैं।

    कुंभ राशि वालों को कार्यक्षेत्र में अनुशासन और समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना होगा। छोटी सी लापरवाही भी काम बिगाड़ सकती है। करियर और कारोबार में अपनी कला और कौशल का बेहतर इस्तेमाल करें। पेशेवर लोगों से संबंध मजबूत होंगे। व्यवहार में विनम्रता बनाए रखना सफलता के लिए जरूरी रहेगा। शुभ अंक 2 3 5 और 8 हैं।

    मीन राशि के जातकों के जरूरी काम गति पकड़ सकते हैं। मित्रों के सहयोग से आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे और कोई शुभ सूचना मिल सकती है। प्रस्तावों को समर्थन मिलने के संकेत हैं। बजट के अनुसार आगे बढ़ना फायदेमंद रहेगा। कारोबार और व्यवस्था में सुधार आएगा। विरोधियों की सक्रियता कम होगी। स्मार्ट वर्किंग और तथ्यों पर आधारित निर्णय लेने से लाभ मिलेगा। शुभ अंक 3 6 और 9 हैं।

    सूर्य ग्रहण के इस विशेष दिन सभी राशि के जातकों के लिए संयमित व्यवहार और सकारात्मक सोच बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा। धार्मिक आस्था रखने वाले लोग भगवान गणेश की पूजा कर उन्हें पान और मोदक अर्पित कर सकते हैं तथा ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप कर सकते हैं। हालांकि राशिफल को सामान्य ज्योतिषीय संकेत के तौर पर ही लेना चाहिए और महत्वपूर्ण आर्थिक या व्यक्तिगत निर्णय वास्तविक परिस्थितियों और उचित सलाह के आधार पर लेने चाहिए।

  • दूध से ज्यादा कैल्शियम देने वाली 6 भारतीय चीजें, हड्डियों की मजबूती के लिए डाइट में शामिल करना हो सकता है फायदेमंद

    दूध से ज्यादा कैल्शियम देने वाली 6 भारतीय चीजें, हड्डियों की मजबूती के लिए डाइट में शामिल करना हो सकता है फायदेमंद

    नई दिल्ली । हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने के लिए कैल्शियम बेहद जरूरी पोषक तत्व है। आमतौर पर कैल्शियम की जरूरत पूरी करने के लिए दूध को सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है, लेकिन भारतीय खानपान में कई ऐसे खाद्य पदार्थ मौजूद हैं जो कैल्शियम से भरपूर होते हैं। इनमें से कुछ खाद्य पदार्थों में प्रति 100 ग्राम कैल्शियम की मात्रा दूध की तुलना में काफी अधिक हो सकती है। हालांकि किसी भोजन में मौजूद कैल्शियम और शरीर द्वारा अवशोषित होने वाले कैल्शियम की मात्रा अलग-अलग हो सकती है।

    रागी यानी नाचनी कैल्शियम का एक प्रमुख गैर-डेयरी स्रोत है। इसमें कैल्शियम की मात्रा काफी अधिक होती है और इसे भारतीय भोजन में आसानी से शामिल किया जा सकता है। रागी से रोटी, डोसा, चीला, दलिया और लड्डू तैयार किए जा सकते हैं। इसके अलावा इसमें फाइबर और कई अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, इसलिए संतुलित आहार में इसका इस्तेमाल उपयोगी हो सकता है।

    तिल यानी सफेद या काले तिल भी कैल्शियम से भरपूर माने जाते हैं। इन्हें चटनी, लड्डू, सब्जी, सलाद या रोटी में मिलाकर खाया जा सकता है। तिल में कैल्शियम के साथ प्रोटीन, स्वस्थ वसा और कई खनिज भी पाए जाते हैं। हालांकि तिल ऊर्जा और वसा से भरपूर होते हैं, इसलिए इन्हें जरूरत के अनुसार सीमित मात्रा में खाना बेहतर है।

    बादाम भी कैल्शियम उपलब्ध कराने वाले खाद्य पदार्थों में शामिल हैं। इनमें कैल्शियम के साथ प्रोटीन, फाइबर, विटामिन ई और स्वस्थ वसा पाए जाते हैं। रोजाना कुछ बादाम स्नैक के तौर पर खाए जा सकते हैं। इन्हें दूध, दही, दलिया या अन्य व्यंजनों में मिलाकर भी आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।

    पनीर कैल्शियम और प्रोटीन दोनों का अच्छा स्रोत है। दूध से बने इस खाद्य पदार्थ को भारतीय भोजन में कई तरह से इस्तेमाल किया जाता है। सब्जी, पराठे, सलाद या हल्के स्नैक के रूप में पनीर लिया जा सकता है। हालांकि अलग-अलग प्रकार के पनीर में वसा और कैलोरी की मात्रा अलग हो सकती है, इसलिए संतुलित मात्रा में इसका सेवन करना बेहतर माना जाता है।

    राजगीरा यानी अमरनाथ भी कैल्शियम देने वाले पारंपरिक भारतीय खाद्य पदार्थों में शामिल है। इसके दानों का इस्तेमाल आटा, दलिया और लड्डू बनाने में किया जाता है। राजगीरा को भोजन में शामिल करने से कैल्शियम के साथ प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व भी मिल सकते हैं। इसी तरह चना और राजमा जैसी फलियां भी कैल्शियम के साथ प्रोटीन और फाइबर प्रदान करती हैं।

    हरी पत्तेदार सब्जियां भी कैल्शियम वाली डाइट का हिस्सा बनाई जा सकती हैं। मेथी और चौलाई जैसी सब्जियों में कैल्शियम के साथ कई विटामिन और खनिज पाए जाते हैं। हालांकि पालक में कैल्शियम मौजूद होने के बावजूद उसमें पाए जाने वाले ऑक्सालेट के कारण शरीर इसका कैल्शियम पूरी तरह अवशोषित नहीं कर पाता। इसलिए कैल्शियम के लिए अलग-अलग खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना बेहतर है।

    कैल्शियम का इस्तेमाल शरीर में सही तरीके से होने के लिए विटामिन डी भी महत्वपूर्ण है। पर्याप्त विटामिन डी न होने पर भोजन से मिलने वाले कैल्शियम का अवशोषण प्रभावित हो सकता है। इसलिए हड्डियों की मजबूती के लिए केवल कैल्शियम वाली चीजें खाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि संतुलित आहार, पर्याप्त शारीरिक गतिविधि और विटामिन डी पर भी ध्यान देना जरूरी है।

    दूध निश्चित रूप से कैल्शियम का सुविधाजनक स्रोत है, लेकिन इसे कैल्शियम का एकमात्र जरिया मानना जरूरी नहीं है। रागी, तिल, बादाम, पनीर, राजगीरा और फलियों जैसे भारतीय खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रूप में भोजन में शामिल करके कैल्शियम की जरूरत पूरी करने में मदद मिल सकती है। किसी व्यक्ति को कैल्शियम की कमी की आशंका हो या सप्लीमेंट लेने की जरूरत महसूस हो, तो व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।

  • MP में भारी बारिश का दौर, 4 जिलों में स्कूल बंद, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

    MP में भारी बारिश का दौर, 4 जिलों में स्कूल बंद, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात


    भोपाल। मध्यप्रदेश में बारिश का दौर लगातार जारी है। मानसून सीजन का अब तक का सबसे स्ट्रॉन्ग सिस्टम बुधवार को भी एक्टिव रहेगा। इसका सबसे ज्यादा असर इंदौर संभाग में देखने को मिल सकता है। वहीं भोपाल और उज्जैन संभाग में कई जगह बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं और नदियां उफान पर हैं। बारिश को देखते हुए भोपाल, रायसेन, गुना और खंडवा में बुधवार को सभी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।

    मौसम विभाग के मुताबिक इंदौर और उज्जैन संभाग के रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में भारी बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटे में इन जिलों में 4 इंच या उससे ज्यादा बारिश होने की संभावना है। इससे बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।

    527 बाढ़ प्रभावितों का रेस्क्यू
    प्रदेश में पिछले तीन दिनों से बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को भोपाल समेत प्रदेश के आधे हिस्से में तेज बारिश हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य आपदा प्रबंधन के सिचुएशन रूम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति की समीक्षा की और प्रभावित लोगों से भी जानकारी ली। प्रदेश में अब तक 527 बाढ़ प्रभावित लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है।

    भोपाल में दो दिन में 8 इंच बारिश
    भोपाल में पिछले दो दिनों में करीब 8 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। सोमवार और मंगलवार को स्कूल बंद रखे गए थे। लगातार बारिश के कारण करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी भर गया। कई रास्तों पर घंटों आवाजाही बाधित रही। कई इलाकों में ट्रांसफॉर्मर और डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स तक पानी पहुंच गया। सुरक्षा को देखते हुए कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बंद करनी पड़ी।

    राजगढ़ में 9 इंच तक पानी गिरा
    पिछले 24 घंटे में राजगढ़ जिले के ब्यावरा में सबसे ज्यादा 9 इंच बारिश दर्ज की गई। खिलचीपुर में 8 इंच, जीरापुर में 7.7 इंच, राजगढ़ शहर में 4.4 इंच, नरसिंहपुर में 3.7 इंच, पचोर में 3.7 इंच और सारंगपुर में 3.6 इंच बारिश हुई।

    आगर-मालवा के सोयतकलां में 7.7 इंच और आगर शहर में 3.6 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। शाजापुर के गुलाना में 3.8 इंच और शाजापुर शहर में 3.4 इंच, गुना के कुंभराज में 3.7 इंच, मंदसौर के गरोठ में 2.7 इंच तथा उज्जैन के महिदपुर और माकड़ोन में ढाई-ढाई इंच बारिश हुई।

    इंदौर क्षेत्र में लो प्रेशर और मानसून ट्रफ एक्टिव
    मौसम विभाग के अनुसार इंदौर क्षेत्र में लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिणी हिस्से से भी एक ट्रफ गुजर रही है। इन सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में पिछले 72 घंटे से बारिश हो रही है और बुधवार को भी इसका असर बना रहेगा।

    12 अगस्त के आसपास फिर बन सकता है लो प्रेशर
    मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में नया चक्रवातीय सिस्टम सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से करीब 12 अगस्त के आसपास एक नया लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है। ऐसे में मध्यप्रदेश के लिए अगले चार दिन महत्वपूर्ण रहेंगे।

    खंडवा में रातभर बारिश, स्कूल बंद
    खंडवा में रातभर हुई मूसलधार बारिश के बाद प्रशासन ने बुधवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। लगातार बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया। प्रदेश के अन्य प्रभावित जिलों में भी प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।