Author: bharati

  • PMUY योजना में सब्सिडी प्राप्त करने वालों की संख्या 2025 में बढ़कर 10.35 करोड़ हुई

    PMUY योजना में सब्सिडी प्राप्त करने वालों की संख्या 2025 में बढ़कर 10.35 करोड़ हुई


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पीएमयूवाई के तहत लाभ पाने वाले लोगों की संख्या 2025 में बढ़कर 10.25 करोड़ हो गई है। यह जानकारी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को दी गई। पीएमयूवाई के तहत सरकार गरीब परिवारों को 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर पर 300 रुपए की सब्सिडी देती है और एक साल में एक परिवार अधिकतम नौ सिलेंडर्स पर यह सब्सिडी ले सकता है।

    इससे देश में एलपीजी की खपत बढ़ाने में मदद मिली है। वित्त वर्ष 2024-25 में देश में प्रति परिवार औसत खपत बढ़कर 4.47 सिलेंडर हो गई है जो कि पहले वित्त वर्ष 2019-20 में 3 थी। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में इसके 4.85 प्रति परिवार तक पहुंचने की उम्मीद है।सरकार ने बयान में कहा कि बकाया आवेदन को निपटाने और ज्यादा परिवारों तक एलपीजी गैस को पहुंचाने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने को मंजूरी दी है। आधार ऑथेंटिकेशन में तेजी लाकर सब्सिडी टारगेटिंग और पारदर्शिता में सुधार किया गया।

    1 दिसंबर 2025 तक बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन ने पीएमयूवाई के 71 प्रतिशत और नॉन-पीएमयूवाई के 62 प्रतिशत उपभोक्ताओं को कवर किया।सरकार ने बताया कि देश भर में चलाए गए ‘बेसिक सेफ्टी चेक’ अभियान ने ग्राहक सुरक्षा को मजबूत किया है। ग्राहकों के घरों पर 12.12 करोड़ से अधिक फ्री सेफ्टी इंस्पेक्शन किए गए और 4.65 करोड़ से अधिक एलपीजी होज रियायती दरों पर बदले गए जिससे घरेलू एलपीजी इस्तेमाल में जागरूकता और सेफ्टी स्टैंडर्ड में काफी सुधार हुआ।

    मंत्रालय ने पेट्रोलियम मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया। 90000 से अधिक रिटेल आउटलेट्स को डिजिटल पेमेंट की सुविधा दी गई जिन्हें 2.71 लाख से ज्यादा पीओएस टर्मिनलों का सपोर्ट मिला।मंत्रालय ने आगे कहा कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कवरेज बढ़कर 307 ज्योग्राफिकल इलाकों तक पहुंच गई है। सितंबर 2025 तक पीएमजी घरेलू कनेक्शन की संख्या बढ़कर 1.57 करोड़ और सीएनजी स्टेशन की संख्या बढ़कर 8400 से अधिक हो गई है।

  • शनिवार पूजा शनि देव की टेढ़ी दृष्टि से बचने के लिए अपनाएं यह नियम

    शनिवार पूजा शनि देव की टेढ़ी दृष्टि से बचने के लिए अपनाएं यह नियम


    नई दिल्ली । शनिवार पूजा शनि की टेढ़ी दृष्टि से बचने के नियम धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनि देव की दृष्टि काफी महत्वपूर्ण होती है. शनि संतुलन और न्याय का ग्रह है. ऐसे में अक्सर शनि की शक्ति को ना पहचानने वाले लोग शनि देव की टेढ़ी दृष्टि का शिकार हो जाते हैं.कहा जाता है कि शनि देव की टेढ़ी नजर उन लोगों पर पड़ती है जो बुरे कर्मों से लिपटे रहते हैं चाहे वो काम जाने-अनजाने ही क्यों ना हुई हो. ऐसे में आइए जानते हैं
    शनि देव की टेढ़ी दृष्टि से बचने के नियम
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    शनिवार के दिन गलती से भी तामसिक भोजन ना करें. खासतौर पर इस दिन मदिरापान और नशीली चीजों से परहेज करें. जीवन में ईमानदार बनें सत्य बोलें और बड़े बुजुर्गों को सम्मान दें. इसके अलावा शनि देव को प्रसन्न करने के लिए किसी भी तरह का गलत कार्य नहीं करना चाहिए. क्योंकि बुरे कर्मों पर शनि कंगाल बना देंगे.
    मान्यता है कि अगर आप शनि देव कृपा की पाना चाहते हैं तो उनकी आराधना शाम के समय करें क्योंकि शाम के वक्त शनि देव की पूजा ज्यादा फलदायी मानी जाती है. शनिवार के दिन शाम को सरसों के तेल का दीपक पीपल के नीचे जलाएं और 7 बार उसकी परिक्रमा करें.
    खासतौर पर इस दिन शनि चालीसा पाठ करें और शनि देव के मूल मंत्र ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ का जाप करें. आरती के साथ पूजा का समापन करें. मान्यता है कि 7 शनिवार ऐसा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं साथ ही उनकी टेढ़ी दृष्टि भी कभी नहीं पड़ती है.

  • दोस्तों के साथ नए साल की शुरुआत को बनाएं यादगार भारत की इन 5 जगहों पर करें न्यू ईयर ट्रिप प्लान

    दोस्तों के साथ नए साल की शुरुआत को बनाएं यादगार भारत की इन 5 जगहों पर करें न्यू ईयर ट्रिप प्लान


    नई दिल्ली । नया साल आने में अब गिनती के ही दिन बचे हैं और ऐसे में घूमने-फिरने की प्लानिंग जोरों पर है. ज्यादातर लोग चाहते हैं कि साल की शुरुआत किसी ऐसी जगह से हो जहां मस्ती सुकून और नए अनुभव एक साथ मिलें

    मनाली कसोल

    बर्फ से ढकी वादियां बोनफायर और पहाड़ी कैफे मनाली और कसोल नए साल के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन हैं. यहां दिन में स्नो एक्टिविटीज और रात में म्यूजिक व पार्टी का माहौल मिलता है.

    उदयपुर

    राजस्थान का रॉयल अंदाज न्यू ईयर को यादगार बना देता है. महलों में खास डिनर लोक कलाकारों की प्रस्तुति और आतिशबाजी सेलिब्रेशन को अलग रंग देती है.

    पुडुचेरी

    यहां नया साल शोर से नहीं बल्कि सुकून और खूबसूरती से मनाया जाता है. बीच के किनारे जश्न और व्हाइट टाउन की गलियां अलग ही अनुभव देती हैं.
    ग्रेट रण ऑफ कच्छ
    अगर कुछ हटकर करना चाहते हैं तो रण उत्सव बेहतरीन विकल्प है. सफेद रेगिस्तान लोक संगीत और टेंट स्टे न्यू ईयर को खास बनाते हैं.

    गोकर्ण


    कम भीड़ और शांत माहौल पसंद करने वालों के लिए गोकर्ण सही जगह है. यहां बीच पर म्यूजिक बोनफायर और दोस्तों के साथ लंबी बातचीत का मजा लिया जा सकता है. चाहे पहाड़ हों समंदर या रेगिस्तान ये डेस्टिनेशन नए साल की शुरुआत को यादगार बना सकती हैं.

  • मुंबई-उत्तराखंड मुकाबले में रोहित शर्मा का फ्लॉप शो गोल्डन डक पर आउट हुए हिटमैन

    मुंबई-उत्तराखंड मुकाबले में रोहित शर्मा का फ्लॉप शो गोल्डन डक पर आउट हुए हिटमैन


    नई दिल्ली । विजय हजारे ट्रॉफी 2025–26 में मुंबई को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब टीम के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा पहली ही गेंद पर शून्य पर आउट हो गए. उत्तराखंड के खिलाफ खेले जा रहे इस मुकाबले में रोहित का गोल्डन डक पर पवेलियन लौटना सभी के लिए चौंकाने वाला रहा. यह मैच सवाई मानसिंह स्टेडियम जयपुर में खेला जा रहा है जहां बड़ी संख्या में फैंस रोहित को बल्लेबाजी करते देखने पहुंचे थे.

    रोहित शर्मा गोल्डन डक पर हुए आउट

    पहले राउंड में सिक्किम के खिलाफ 155 रनों की धमाकेदार पारी खेलने वाले रोहित से एक बार फिर बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन इस बार कहानी बिल्कुल उलट रही. पारी की पहली ही ओवर की आखिरी गेंद पर दाएं हाथ के मध्यम गति के गेंदबाज बोरा ने रोहित को फंसाया. रोहित ने गेंद को फाइन लेग की दिशा में खेला जहां जगमोहन नागरकोटी ने एक बेहतरीन कैच पकड़ा. हालांकि नागरकोटी से गेंद पहले छूट गई लेकिन उन्होंने दूसरे प्रयास में अपना कैच पूरा कर लिया.
    रोहित के आउट होते ही स्टेडियम में मौजूद फैंस मायूस नजर आए. घरेलू क्रिकेट में रोहित की वापसी को लेकर जो उत्साह था उसे यह झटका किसी को भी रास नहीं आया.

    युवा बल्लेबाजों पर जिम्मेदारी

    रोहित के जल्दी आउट होने के बाद मुंबई की पारी को संभालने की जिम्मेदारी युवा बल्लेबाजों पर आ गई है. अंगकृष रघुवंशी और मुशीर खान क्रीज पर टिके हुए हैं और पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. टीम की कमान इस मैच में शार्दुल ठाकुर के हाथों में है जबकि सरफराज खान अभी बल्लेबाजी के लिए आना बाकी हैं. मुंबई के लिए यह मुकाबला काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि टीम मजबूत शुरुआत के इरादे से उतरी थी. रोहित का जल्दी आउट होना न सिर्फ रणनीति पर असर डालता है बल्कि टीम के मनोबल के लिए भी चुनौती बन सकता है. वहीं उत्तराखंड की टीम ने शुरुआती सफलता हासिल कर मैच में दबाव बनाने की कोशिश की है.

  • कुमार विश्वास ने बिना नाम लिए गांधी परिवार को बताया 'फर्जी गांधी' सीएम योगी के सामने कसा तंज

    कुमार विश्वास ने बिना नाम लिए गांधी परिवार को बताया 'फर्जी गांधी' सीएम योगी के सामने कसा तंज


    नई दिल्ली ।
    देश के जाने-माने कवि और पूर्व नेता कुमार विश्वास ने एक बार फिर अपने तीखे अंदाज में कांग्रेस पर निशाना साधा है. इस बार उनका तंज सीधे देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल और महात्मा गांधी को लेकर था. लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान कुमार विश्वास ने कांग्रेस की विचारधारा और इतिहास को लेकर व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि कांग्रेस ने कभी सरदार पटेल को अपना बताया ही नहीं.उन्होंने कहा ये लोग तो इतने तेज हैं कि कांग्रेस कार्यालय के बाहर एक पुरखा बिठा रखा था. सरदार पटेल बाहर बैठे थे तो बीजेपी वाले उठा लाए. कांग्रेस बोली पटेल तो हमारे थे.

    नामों में ही उलझी रही कांग्रेस

    कुमार विश्वास ने आगे कहा कि कांग्रेस अपने ही परिवार और नामों में उलझी रही. उन्होंने कहा तुम तो अपने नानाजी पापाजी मम्मीजी चाचीजी में ही लगे रहे. पटेल बाहर बैठे थे तो कोई पूछने वाला ही नहीं था कुमार विश्वास का इशारा कांग्रेस के परिवारवाद की ओर था जिस पर वे पहले भी कई बार सवाल उठा चुके हैं.अपने बयान में कुमार विश्वास यहीं नहीं रुके. उन्होंने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी को गांधी जी को भी ले आना चाहिए. उन्होंने कहा गांधी जी स्वदेशी भी कह रहे हैं आयुर्वेद भी गीता भी पढ़ रहे हैं खादी भी पहन रहे हैं. सारा काम तो वही है जो बीजेपी वाले कहते हैं.

    कांग्रेस के पास फर्जी गांधी कुमार विश्वास
    इसके साथ ही उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस के पास पहले से ही तीन फर्जी गांधी’ है इसलिए असली गांधी को लेने में बीजेपी को क्या दिक्कत है.कुमार विश्वास का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में इतिहास और महापुरुषों की विरासत को लेकर राजनीति तेज है. उनके इस तंज को कांग्रेस पर सीधा हमला माना जा रहा है. समर्थक जहां इसे सटीक व्यंग्य बता रहे हैं वहीं कांग्रेस समर्थकों को यह बयान नागवार गुजर रहा है.

  • जोमाटो-स्विगी को बाजार में भी मिलेगी टक्कर होश उड़ाने आ रहा Zepto IPO

    जोमाटो-स्विगी को बाजार में भी मिलेगी टक्कर होश उड़ाने आ रहा Zepto IPO


    नई दिल्ली । जहां एक ओर जोमाटो और स्विगी को डिलीवरी के मोर्चे पर सड़क पर तगड़ी टक्कर मिल रही है. वहीं अब शेयर बाजार में भी बड़ी चुनौती का सामना भी करना पड़ सकता है. दोनों कंपनियों का होश उड़ाने के लिए रोजमर्रा की जरूरत के सामान डिलीवर करने वाली कंपनी जेप्टो अपना आईपीओ लेकर आ रही है. शुक्रवार यानी आज कंपनी गुपचुप तरीके से अपना ड्राफ्ट पेपर सेबी दफ्तर में दाखिल करेगी. जानकारों का कहना है कि जेप्टो आईपीओ का साइज 11 हजार करोड़ या उससे ऊपर जा सकता है.
    लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. अभी तक जितनी भी जानकारी सामने आई है वो सभी सूत्रों के हवाले से की गई है.कंपनी का अगले साल शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का इरादा है. मामले से परिचित सूत्रों ने जानकारी देते हुए कहा कि जेप्टो 26 दिसंबर को सेबी के पास निर्गम संबंधी मसौदा प्रस्ताव डीआरएचपी दाखिल करने जा रही है.

    जोमैटो-स्विगी की राह पर जेप्टो

    आईपीओ संबंधी मसौदा प्रस्ताव को सेबी की मंजूरी मिलने की स्थिति में जेप्टो भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने वाले सबसे नई स्टार्टअप फर्मों में से एक बन जाएगी. आईपीओ लाने के साथ ही जेप्टो वह अपने क्षेत्र के प्रतिद्वंद्वियों जोमैटो एवं स्विगी की कतार में खड़ी हो जाएगी जो पहले से ही शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं. कंपनी का अगले साल शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का इरादा है. मामले से परिचित सूत्रों ने जानकारी देते हुए कहा कि जेप्टो 26 दिसंबर को सेबी के पास निर्गम संबंधी मसौदा प्रस्ताव डीआरएचपी दाखिल करने जा रही है. अभी तक कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.
    गुपचुप तरीका अपना आईपीओ
    सूत्रों के मुताबिक जेप्टो गोपनीय मार्ग से आईपीओ के लिए आवेदन करने की तैयारी में है. इस मार्ग के तहत कंपनी सेबी के साथ अपने मसौदा दस्तावेज को सार्वजनिक किए बगैर उस पर शुरुआती चर्चा कर सकती है. हाल के वर्षों में गोपनीय मार्ग से आईपीओ लाने का तरीका उन कंपनियों के बीच लोकप्रिय हुआ है जो आईपीओ से पहले बाजार की स्थिति को देखते हुए अधिक लचीलापन चाहती हैं और नियामक से प्रारंभिक सुझाव लेना चाहती हैं.
    कंपनी कितना जुटा सकी पैसा
    जेप्टो का मौजूदा मूल्यांकन सात अरब अमेरिकी डॉलर आंका गया है. कंपनी अपने गठन से लेकर अब तक कुल 1.8 अरब डॉलर करीब 16000 करोड़ रुपये का कोष जुटा चुकी है. कंपनी ने अगस्त 2023 में एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाली कंपनी यानी यूनिकॉर्न होने का दर्जा हासिल किया था. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई अधूरी छोड़ने वाले युवाओं आदित पलिचा और कैवल्य वोहरा ने इस कंपनी की स्थापना की थी. जेप्टो ने 10 मिनट में किराना के सामान की आपूर्ति का मॉडल अपनाकर बड़े भारतीय शहरों में तेजी से विस्तार किया.

  • कैटरीना कैफ क्रिसमस सेलिब्रेशन मां बनने के बाद पहला क्रिसमस

    कैटरीना कैफ क्रिसमस सेलिब्रेशन मां बनने के बाद पहला क्रिसमस


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा कैटरीना कैफ ने इस बार क्रिसमस कुछ अलग ही अंदाज में सेलिब्रेट किया। नवंबर में बेटे को जन्म देने के बाद यह उनका पहलाक्रिसमस था जो उन्होंने पति विक्की कौशल और परिवार के साथ घर पर बेहद सादगी से मनाया। गुरुवार को कैटरीना ने इंस्टाग्राम पर एक खास तस्वीर साझा कर अपने फैंस को इस यादगार पल की झलक दिखाई। तस्वीर ने फैंस का दिल जीत लिया वहीं कपल की पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ दोनों ही वजहों से वे लगातार चर्चा में बने हुए हैं।

    फैमिली के साथ शेयर की खास तस्वीर

    कैटरीना कैफ ने अपने मुंबई स्थित घर से एक कोजी फैमिली सेल्फी शेयर की जिसमें वह पति विक्की कौशल उनके भाई सनी कौशल और अपने भाई सेबेस्टियन लॉरेंट मिशेल के साथ नजर आईं। सभी लोग सजे-धजे क्रिसमस ट्री के सामने खड़े हैं और सिर पर रेड और व्हाइट सांता हैट पहने हुए हैं। तस्वीर में कैटरीना रेड आउटफिट में मुस्कुराती नजर आ रही हैं और उनका हाथ विक्की के कंधे पर टिका हुआ है। वहीं विक्की सनग्लासेस में मस्तीभरे अंदाज में पोज देते दिखे जिससे तस्वीर में फैमिली बॉन्डिंग और खुशियों की झलक साफ दिखाई दी।

    इस तस्वीर को शेयर करते हुए कैटरीना ने कैप्शन में लिखा सभी को प्यार खुशी और शांति यह एक मेरी क्रिसमस । यह पोस्ट मां बनने के बाद कैटरीना की पहली इंस्टाग्राम पोस्ट भी मानी जा रही है जिस वजह से फैंस के बीच इसे लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।

    सोशल मीडिया पर फैंस का रिएक्शन

    कैटरीना की इस पोस्ट पर फैंस जमकर प्यार लुटा रहे हैं। किसी ने लिखा यकीन नहीं होता कि कैटरीना अब मां बन चुकी हैं तो किसी ने इसे सबसे ज्यादा इंतजार की गई क्रिसमस पिक बताया। एक यूजर ने कमेंट किया आपको देखकर अच्छा लगा मम्मा आप बहुत खूबसूरत लग रही हैं। वहीं कई फैंस ने विक्की और कैटरीना को पहली बार पैरेंट्स के तौर पर क्रिसमस सेलिब्रेट करने पर बधाइयां दीं। हालांकि कपल ने अभी तक अपने बेटे की कोई तस्वीर सार्वजनिक नहीं की है लेकिन फैंस बेसब्री से उसकी झलक देखने का इंतजार कर रहे हैं।

    विक्की-कैटरीना बने पैरेंट्स

    विक्की कौशल और कैटरीना कैफ ने नवंबर 2025 में अपने बेटे के जन्म की खुशखबरी साझा की थी। कपल ने एक प्यारे पोस्ट के जरिए लिखा था हमारा नन्हा राजकुमार आ गया है। बहुत प्यार और आभार के साथ हम अपने बेटे का स्वागत करते हैं। इस खबर के सामने आते ही प्रियंका चोपड़ा करण जौहर आयुष्मान खुराना समेत कई सेलेब्स ने उन्हें बधाई दी थी।

    शादी से पैरेंटहुड तक का सफर

    विक्की और कैटरीना ने 9 दिसंबर 2021 को राजस्थान के सिक्स सेंस फोर्ट बरवाड़ा में बेहद निजी समारोह में शादी की थी। शादी से पहले दोनों ने अपने रिश्ते को पूरी तरह प्राइवेट रखा था। अब पैरेंट्स बनने के बाद यह कपल अपनी जिंदगी के नए और खूबसूरत दौर में कदम रख चुका है।

    पिता बनने पर विक्की कौशल का अनुभव

    हाल ही में एक इंटरव्यू में विक्की कौशल ने पिता बनने के अनुभव पर बात की। उन्होंने कहा कि हर दिन उनके लिए एक नया एहसास लेकर आता है। विक्की के मुताबिक यह एक ऐसा अनुभव है जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है और जो इंसान को जमीन से जोड़ देता है।

    वर्क फ्रंट पर भी शानदार साल

    काम की बात करें तो विक्की कौशल के लिए 2025 बेहद शानदार रहा। उनकी फिल्म ‘छावा’ साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल रही जिसने दुनियाभर में करीब 807 करोड़ रुपये का बिजनेस किया। अब वह संजय लीला भंसाली की फिल्म लव एंड वॉर में रणबीर कपूर और आलिया भट्ट के साथ नजर आएंगे। वहीं कैटरीना कैफ आखिरी बार फिल्म ‘मेरी क्रिसमस’ में दिखाई दी थीं। कुल मिलाकर मां बनने के बाद कैटरीना कैफ का यह पहला क्रिसमस न सिर्फ उनके लिए बल्कि उनके फैंस के लिए भी बेहद खास बन गया जहां परिवार प्यार और सुकून की झलक साफ देखने को मिली।

  • 1 जनवरी से ब्लैक लिस्ट हो जाएंगे ये राशन कार्ड फ्री अनाज और 7 बड़ी योजनाओं का लाभ मिलेगा रुक

    1 जनवरी से ब्लैक लिस्ट हो जाएंगे ये राशन कार्ड फ्री अनाज और 7 बड़ी योजनाओं का लाभ मिलेगा रुक


    नई दिल्ली । राशन कार्ड धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई हैजिससे हजारों लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अगर आप राशन कार्ड का लाभ उठाते हैंतो 31 दिसंबर से पहले एक जरूरी काम पूरा करना होगा। इस समय सीमा के बाद अगर आप यह काम नहीं करतेतो 1 जनवरी से राशन मिलना बंद हो सकता है और सात प्रमुख सरकारी योजनाओं का लाभ भी रुक सकता है।

    ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य

    दरअसलसरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी इलेक्ट्रॉनिक-नो योर कस्टमरको अनिवार्य कर दिया है। इसका मतलब है कि सभी राशन कार्ड धारकों को अपनी पहचान और अन्य जानकारी ऑनलाइन अपडेट करनी होगी। यदि यह प्रक्रिया 31 दिसंबर तक पूरी नहीं होतीतो 1 जनवरी से आपके राशन कार्ड का लाभ रुक सकता हैऔर आप फ्री राशन और अन्य योजनाओं से वंचित हो सकते हैं।

    किसे-किसे पर पड़ेगा असर

    राशन कार्ड से जुड़ी यह प्रक्रिया हर परिवार के लिए लागू हैजिनके पास सरकारी राशन कार्ड है। इसका सीधा असर उन लाभार्थियों पर होगा जो अब तक अपनी ई-केवाईसी नहीं करवा पाए हैं। इन लाभार्थियों को 1 जनवरी से राशन मिलने में समस्या हो सकती है। इसके अलावासात बड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ भी इन कार्ड धारकों को नहीं मिल पाएगाजिनमें प्रमुख रूप से फ्री राशन योजनापेंशन योजनाएंबीमा योजनाएं अन्य सरकारी मदद शामिल हैं।

    ई-केवाईसी कैसे करें

    खुशखबरी यह है कि इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आपको किसी सरकारी दफ्तर या केंद्र पर जाने की जरूरत नहीं है। ई-केवाईसी मोबाइल फोन से भी किया जा सकता है। इसके लिए आपको निम्नलिखित कदम उठाने होंगे

    स्मार्टफोन या कंप्यूटर का इस्तेमाल करें।

    राज्य सरकार के आधिकारिक राशन कार्ड पोर्टल या एप्लिकेशन पर जाएं। अपना राशन कार्ड नंबर और अन्य जरूरी जानकारी डालें। आधार कार्ड और फोटो अपलोड करें।
     एक बार जब यह प्रक्रिया पूरी हो जाएतो आपको एक कन्फर्मेशन मैसेज मिलेगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद आपको कोई परेशानी नहीं होगी और आप बिना किसी रुकावट के सभी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते रहेंगे।

    क्यों जरूरी है ई-केवाईसी

    ई-केवाईसी से राशन कार्ड की जानकारी को सही तरीके से अपडेट किया जा सकेगा और यह सुनिश्चित होगा कि केवल असली और पात्र लाभार्थी ही सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। इस प्रक्रिया से राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी।

    समय रहते सुधार लें
    अगर आपने अभी तक अपनी ई-केवाईसी नहीं करवाई हैतो यह समय है कि आप इसे जल्दी से जल्दी पूरा कर लें। ऐसा करने से आप 1 जनवरी से होने वाली किसी भी परेशानी से बच सकते हैं और आपके राशन कार्ड से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी रुकावट के मिलता रहेगा।

  • दमोह में क्रिकेट टूर्नामेंट से अनाथ बेटियों को मिल रही नई जिंदगीफाइनल में दो बेटियों की शादी

    दमोह में क्रिकेट टूर्नामेंट से अनाथ बेटियों को मिल रही नई जिंदगीफाइनल में दो बेटियों की शादी


    दमोह । मध्यप्रदेश के दमोह में एक ऐसा क्रिकेट टूर्नामेंट हो रहा हैजिसने सभी का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है। यह केवल खेल का मुकाबला नहीं हैबल्कि यह एक समाजिक पहल का हिस्सा बन चुका हैजहां क्रिकेट के मैदान पर जीतने वालों को नहींबल्कि समाज की मदद से दो अनाथ बेटियों को एक नई जिंदगी मिल रही है। इस टूर्नामेंट को “विवाह क्रिकेट टूर्नामेंट” के नाम से जाना जा रहा हैजिसमें फाइनल मैच में बराती आएंगे और दो बेटियों की शादी कराई जाएगी।

    समाज के सामूहिक प्रयास से बेटियों की मदद
    यह टूर्नामेंट न सिर्फ एक खेल की प्रतियोगिता हैबल्कि यह समाज की एक सामूहिक जिम्मेदारी का हिस्सा बन चुका है। इस पहल का उद्देश्य उन गरीब और अनाथ बेटियों को एक बेहतर भविष्य देना हैजिन्हें घर की स्थिति या समाजिक असमानताओं के कारण अपना जीवन साथी नहीं मिल पाता। इस प्रतियोगिता के दौरानस्थानीय लोग और समाज के अन्य लोग एकजुट होकर इन बेटियों के विवाह की व्यवस्था करेंगे।

    फाइनल में रोमांच और उम्मीद का संगम

    मकर संक्रांति के बाद इस टूर्नामेंट का रोमांचक पहलू देखने को मिलेगाक्योंकि उसी समय इसका फाइनल मैच खेला जाएगा। टूर्नामेंट का फाइनल मैच एक बड़ा उत्सव होगाजिसमें जीत और हार से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण यह होगा कि इस टूर्नामेंट के जरिए दो अनाथ बेटियों की शादी की जाएगी। यह पहल समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर आई हैजिसमें समाज के लोग अपनी सामूहिक मदद से बेटियों की ज़िंदगी में एक नई उम्मीद और उज्जवल भविष्य की शुरुआत करेंगे।

    विवाह क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत

    यह टूर्नामेंट कुछ खास उद्देश्य के तहत शुरू किया गया था। इस टूर्नामेंट का आयोजन एक क्रिकेट क्लब और समाज के कुछ स्थानीय लोगों ने मिलकर किया हैजिनका मुख्य उद्देश्य उन बेटियों की मदद करना थाजिनका विवाह सामान्य परिस्थितियों में नहीं हो पा रहा था। टूर्नामेंट में भाग लेने वाले खिलाड़ी और दर्शक इस बात को महसूस कर रहे हैं कि वे सिर्फ क्रिकेट का मैच नहीं देख रहेबल्कि वे एक सामाजिक बदलाव का हिस्सा बन रहे हैं।

    समाज के सहयोग से बेटियों को मिलेगा जीवन साथी  

    इस टूर्नामेंट की खास बात यह है कि यहां सिर्फ खेल का मुकाबला नहीं हैबल्कि यह समाज का एक खूबसूरत उदाहरण हैजहां लोग अपनी सामूहिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। टूर्नामेंट के फाइनल के दौरानजहां एक तरफ क्रिकेट खिलाड़ियों का मुकाबला होगावहीं दूसरी तरफ समाज के लोग इन बेटियों के विवाह की व्यवस्था करेंगे। यह दृश्य दर्शाता है कि खेल भी समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता हैऔर एक जश्न का हिस्सा बन सकता हैजिसमें समाज के लोग एकजुट होकर बेटियों को उनके जीवन में नई दिशा दे सकते हैं।

    समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा

    यह टूर्नामेंट सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं हैबल्कि यह समाज में एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाने का प्रयास है। जब समाज के लोग एकजुट होते हैं और दूसरों की मदद करते हैंतो यह बदलाव बड़े स्तर पर दिखाई देता है। इस पहल के जरिए समाज को यह संदेश दिया जा रहा है कि हमें अपनी सामूहिक जिम्मेदारी का पालन करते हुए जरूरतमंद और अनाथ बेटियों को उनके जीवन में खुशियों का हिस्सा बनाना चाहिए।

  • PNR एक… सीटें अलग-अलग, साथ बैठकर हवाई सफर करने वालों को चुकानी पड़ रही बड़ी कीमत…

    PNR एक… सीटें अलग-अलग, साथ बैठकर हवाई सफर करने वालों को चुकानी पड़ रही बड़ी कीमत…


    नई दिल्ली।
    हवाई जहाज (Airplane) से सफर कर रहे यात्रियों को ऑनलाइन चेक इन (Online check-in) के दौरान बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। खासतौर पर एक टिकट पर यदि दो यात्री हैं तो उन्हें भी एकसाथ बैठने के लिए प्रति सीट तीन सौ से 1500 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ रहे हैं। घरेलू उड़ानों के साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ान पर यही नियम: विमानन कंपनियों (Aviation companies) ने घरेलू उड़ानों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ान पर यह नियम बना रखे हैं।

    अधिकांश विमानन कंपनियों ने ऑनलाइन चेक इन का ऐसा सिस्टम बनाया है, जिसमें परिवार व दोस्तों के साथ सफर करे रहे यात्रियों को एक साथ सीट पाने के लिए न चाहते हुए भी अतिरिक्त शुल्क देना पड़ रहा है।

    दरअसल, ऑनलाइन/वेब चेक इन में सिर्फ एक ही व्यक्ति की सीट अपनी पंसद के हिसाब से निःशुल्क चुनने का विकल्प दिया जा रहा है। यदि टिकट का दूसरा व्यक्ति भी सीट बराबर में चाहता है तो फिर उसे अतिरिक्त भुगतान करना होगा। अतिरिक्त भुगतान न करने की स्थिति में विमानन कंपनी दूसरे व्यक्ति की सीट दूसरी जगह पर दे देगी।

    यह है नियम
    नागर विमानन महानिदेशक (डीजीसीए) का प्रावधान यह है कि विमानन कंपनी अपने सिस्टम के जरिए कोशिश करेंगी कि अगर एक ही रिफरेंस व पीएनआर नंबर पर दो यात्रियों ने टिकट बुक कराए हैं तो ऐसे में दोनों यात्रियों को साथ की सीट पर बैठने का अवसर दिया जाएगा। भले ही, दूसरे यात्री को विंडो साइड की सीट न दी जाए। लेकिन विमानन कंपनी ऑनलाइन चेक इन शुरू होने के साथ ही, अतिरिक्त भुगतान के साथ दूसरी सीट को यात्री की पसंद से चुनने का विकल्प देती हैं।


    एक साथ सफर करने पर भुगतान करना यात्रियों की मजबूरी

    विमानन कंपनियों के इस नए चेक इन सिस्टम के हिसाब से परिवार व दोस्तों के साथ सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह मजबूरी है कि वह भुगतान के विकल्प को चुने। ऑनलाइन चेक इन शुरू होने पर दूसरी सीट को अपनी पसंद से चुनने पर तीन से पांच सौ रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है, लेकिन समय बीतने के साथ ही सीट चुनने का विकल्प महंगा होता जाता है। अंतिम समय में यह विकल्प प्रति सीट 1500 से ऊपर भी पहुंच जाता है। इस लिहाज से विमानन कंपनियां पसंद की सीट देने पर भी मोटी कमाई कर रही हैं।


    स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के कारण विमानन कंपनियां उठा रहीं लाभ

    डीजीसीए ने वर्ष 2024 में सीट आवंटन को लेकर वायु परिवहन परिपत्र जारी किया, जिसमें अनुसूचित विमानन कंपनियों द्वारा सेवाओं और शुल्कों का पृथक्करण को लेकर कुछ प्रावधान स्पष्ट किया। जैसे कहा गया कि 12 साल से कम उम्र के बच्चे को बिना किसी शुल्क के माता-पिता के साथ सीट देनी होगी।

    जबकि, अन्य मामलों में विमानन कंपनियों को निर्देश दिया कि एयरलाइन अपने सिस्टम/सर्विस में बेहतर प्रैक्टिस के हिसाब से कोशिश करेगी कि यात्राओं को साथ में सीट दें, लेकिन विमानन कम्पनियां सिर्फ अनिवार्य मामलों को छोड़कर बाकी में सर्विस प्रैक्टिस में दो यात्रियों को एक साथ सीट नहीं देती हैं।