Author: bharati

  • साल का आखिरी शनिवार विशेष संयोग लेकर आया, छोटे उपायों से खुल सकते हैं सौभाग्य के द्वार

    साल का आखिरी शनिवार विशेष संयोग लेकर आया, छोटे उपायों से खुल सकते हैं सौभाग्य के द्वार


    नई दिल्ली।साल का आखिरी शनिवार ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है, लेकिन जब यह दिन शनि से जुड़े उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के प्रभाव में आए, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। 27 दिसंबर का यह शनिवार आत्मसंयम, कर्म और धैर्य से जुड़े कार्यों में सफलता की संभावनाओं को मजबूत करता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार उत्तराभाद्रपद नक्षत्र स्थिरता, गहराई और दीर्घकालिक लाभ देने वाला माना जाता है। ऐसे में इस दिन किए गए सरल उपाय आने वाले समय में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
    शनिवार को कर्मफल से जुड़ा दिन माना जाता है। यह दिन हमें यह सिखाता है कि जल्दबाजी नहीं, बल्कि अनुशासन और निरंतर प्रयास से ही स्थायी परिणाम मिलते हैं। जब यही दिन शनि से जुड़े नक्षत्र में आता है, तो व्यक्ति के प्रयासों में मजबूती आती है और रुकी हुई परिस्थितियों में गति आने लगती है।

    आर्थिक स्थिरता के लिए उपाय

    धन संबंधी परेशानियों से जूझ रहे लोग शनिवार को साफ मन और शांत भाव से एक छोटा सा उपाय कर सकते हैं। एक सिक्के पर तेल की हल्की मात्रा लगाकर उसे किसी मंदिर या शांत स्थान पर अर्पित करना और मन में स्थिर आय की कामना करना लाभकारी माना जाता है। यह उपाय धन के प्रति दृष्टिकोण को संतुलित करने में मदद करता है।

    तनाव और विरोध से राहत

    अगर जीवन में अनावश्यक विरोध, ईर्ष्या या मानसिक दबाव महसूस हो रहा है, तो शनिवार को किसी भारी वस्तु जैसे पत्थर के माध्यम से नकारात्मक विचारों को त्यागने का अभ्यास करें। यह प्रतीकात्मक क्रिया मानसिक बोझ कम करने में सहायक होती है।

    करियर और शिक्षा में बाधा

    जो लोग पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षा या करियर से जुड़े निर्णयों में अटकाव महसूस कर रहे हैं, उनके लिए शनिवार को मंत्र या सकारात्मक शब्दों का जप फायदेमंद माना जाता है। सीमित संख्या में किया गया जप मन को केंद्रित करता है और निर्णय क्षमता को मजबूत बनाता है।

    व्यापार और कार्यक्षेत्र

    यदि नए कार्य या व्यापार में बार-बार रुकावट आ रही है, तो शनिवार को किसी पौधे या वृक्ष के पास समय बिताना उपयोगी होता है। यह प्रकृति के साथ जुड़ाव निर्णयों में स्थिरता और धैर्य लाने का प्रतीक माना जाता है।

    पारिवारिक और संपत्ति से जुड़े मामलों में

    जमीन-जायदाद या पारिवारिक विवादों से परेशान लोग शनिवार को दीपक जलाकर संयम और समाधान की भावना रख सकते हैं। यह उपाय मन को आक्रोश से दूर कर संवाद की दिशा में मदद करता है।
    न्याय और अटके कार्य
    लंबे समय से रुके सरकारी या कानूनी कामों के लिए शनिवार को दिशा विशेष की ओर मुख करके प्रार्थना या पाठ करना लाभकारी माना जाता है। यह अभ्यास आत्मविश्वास और धैर्य बढ़ाने में सहायक है।

    वैवाहिक और व्यक्तिगत जीवन में संतुलन

    यदि रिश्तों में तनाव या भावनात्मक दूरी महसूस हो रही है, तो शनिवार को पुराने नकारात्मक भावों को त्यागने का संकल्प लें। प्रतीकात्मक रूप से किसी पुरानी वस्तु का त्याग करना मानसिक बोझ कम करने में मदद करता है और संबंधों में सामंजस्य लाता है।इस तरह का संयोग जीवन में स्थिरता, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा लाने में महत्वपूर्ण माना जाता है। छोटे लेकिन प्रभावशाली उपाय अपनाकर इस दिन के लाभ को बढ़ाया जा सकता है और आने वाले वर्ष के लिए सफलता और संतुलन की राह आसान हो सकती है।
  • दिल्लीवासियों के लिए खतरे की घंटी: जहरीली हवा और ग्राउंड वाटर में नाइट्रेट की भारी बढ़ोतरी से फेफड़े, लीवर और किडनी पर मंडरा रहा गंभीर खतरा

    दिल्लीवासियों के लिए खतरे की घंटी: जहरीली हवा और ग्राउंड वाटर में नाइट्रेट की भारी बढ़ोतरी से फेफड़े, लीवर और किडनी पर मंडरा रहा गंभीर खतरा




    नई दिल्ली।
    दिल्लीवासियों के लिए चेतावनी: फेफड़ों की समस्याओं के बाद अब लीवर और किडनी पर खतरा मंडरा रहा है। नवंबर से जारी जहरीली हवाओं के बीच अब एक नई रिपोर्ट ने भूजल में नाइट्रेट (Nitrate) की घातक मात्रा का खुलासा किया है, जिससे ब्रेन, किडनी और लीवर पर गंभीर असर पड़ सकता है। सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड (CGWB) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सामने बताया कि दिल्ली के कई जिलों में ग्राउंड वाटर में नाइट्रेट का स्तर सुरक्षित सीमा 45 mg/l से 22 गुना अधिक यानी 994 mg/l तक पहुंच गया है। ।
    दिल्ली के 11 में से 7 जिले नई दिल्ली, उत्तरी, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और पश्चिमी दिल्ली इस जहरीले पानी की चपेट में हैं। स्थिति केवल दिल्ली तक सीमित नहीं, आंध्र प्रदेश में नाइट्रेट का स्तर 2,296.36 mg/l तक पहुंच गया है, जबकि राजस्थान में लगभग आधे नमूने सुरक्षित सीमा से बाहर पाए गए हैं। 2017 में देश के 359 जिलों में नाइट्रेट की समस्या थी, जो अब बढ़कर 440 जिलों तक फैल चुकी है।
    विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के बाद भी भूजल प्रदूषण कम नहीं हो रहा है क्योंकि नाइट्रोजन युक्त उर्वरक और गंदगी बारिश के पानी के साथ जमीन में समा जाती हैं, जिससे मानसून के बाद नाइट्रेट का स्तर और बढ़ जाता है। मानसून से पहले फेल हुए नमूनों की संख्या 30.77% थी, जो मानसून के बाद बढ़कर 32.66% हो गई। दिल्लीवासियों को सलाह दी जा रही है कि पीने के पानी पर विशेष ध्यान दें और यदि संभव हो तो फिल्टर या बोतलबंद पानी का इस्तेमाल करें, ताकि लीवर, किडनी और अन्य अंगों पर खतरे से बचा जा सके।
  • विजय हजारे ट्रॉफी में शतक बनाने वाले बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, कहा–जीवन का सबसे खास पल

    विजय हजारे ट्रॉफी में शतक बनाने वाले बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, कहा–जीवन का सबसे खास पल


    नई दिल्ली।भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जो उनके करियर और जीवन के लिए एक अविस्मरणीय क्षण साबित हुई। पीएम से मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। बिहार के मोतिहारी जिले से ताल्लुक रखने वाले 15 वर्षीय वैभव को हाल ही में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। क्रिकेट के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि के लिए यह सम्मान पाने वाले वे देश के पहले क्रिकेटर बन गए।प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा साझा की गई तस्वीरों में वैभव और पीएम मोदी के बीच आत्मीय बातचीत दिखाई दे रही है। प्रधानमंत्री ने वैभव की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बताया। वैभव ने भी कहा कि पीएम से मिला प्रोत्साहन उन्हें और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।

    वैभव सूर्यवंशी का नाम चर्चा में तब आया, जब उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के मैच में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 84 गेंदों में 190 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 16 चौके और 15 छक्के जड़े। इसके साथ ही वैभव लिस्ट-ए क्रिकेट में शतक बनाने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए और पाकिस्तान के जहूर इलाही का 39 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा।वैभव बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज हैं और कम उम्र में ही उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है। विजय हजारे ट्रॉफी जैसे बड़े मंच पर उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं और क्रिकेट विशेषज्ञों को चौंकाने वाला रहा। माना जा रहा है कि भविष्य में वे भारत के अंडर-19 और सीनियर स्तर के क्रिकेट में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 5 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को कला, खेल, नवाचार, सामाजिक सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है। वैभव का इस सूची में शामिल होना न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के युवा खिलाड़ियों के लिए गर्व की बात है। इससे पहले इस मंच पर शतरंज खिलाड़ी आर प्रज्ञानानंद और आर वैशाली जैसे नाम अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं।वैभव की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2025 की शुरुआत में वे गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले भारतीय क्रिकेटरों में शामिल थे। विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों के बीच एक किशोर खिलाड़ी का इस तरह चर्चा में आना भारतीय क्रिकेट के बदलते परिदृश्य को दर्शाता है।

    बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार, वैभव के प्रदर्शन पर लगातार नजर रखी जा रही है। अगर वह अपनी फॉर्म और फिटनेस बनाए रखते हैं, तो जल्द ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर और बड़े मौके मिल सकते हैं। प्रधानमंत्री से हुई यह मुलाकात और मिला सम्मान उनके करियर को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।इस उपलब्धि और सम्मान ने वैभव सूर्यवंशी को केवल एक क्रिकेटर ही नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बना दिया है। उनका यह सफर यह दिखाता है कि कड़ी मेहनत, टैलेंट और सही दिशा मिलने पर कम उम्र में भी असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

  • दिल्ली में सीएम रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग और पीतमपुरा में अटल कैंटीन का उद्घाटन किया

    दिल्ली में सीएम रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग और पीतमपुरा में अटल कैंटीन का उद्घाटन किया


    नई दिल्ली । दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को शालीमार बाग और पीतमपुरा क्षेत्रों में अटल कैंटीन का उद्घाटन कियाजहां उन्होंने स्थानीय लोगों से मिलकर उनसे संवाद किया और खुद भी भोजन लिया। इस दौरानभाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल भी उनके साथ थे। इस कैंटीन में गरीबों को मात्र 5 रुपए में गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध होगाजो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अंत्योदय के विचार से प्रेरित है।
    मुख्यमंत्री ने शालीमार बाग के अटल कैंटीन में अपने हाथों से एक बुजुर्ग महिला को भोजन कराया। इस स्नेहपूर्ण पल को उन्होंने सोशल मीडिया पर भी साझा किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहल दिल्ली के निर्माण और संचालन में लगे मेहनतकश नागरिकों को सम्मान और सहारा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

    उन्होंने अपने पोस्ट में लिखाहमारी सरकार शालीमार बाग के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैताकि हर परिवार को सुविधाहर श्रमिक को सम्मान और हर नागरिक को भरोसा मिले। साथ हीदिल्ली के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की योजनाओं को लागू किया जा रहा है। सीएम रेखा गुप्ता ने पीतमपुरा में भी अटल कैंटीन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने एक वृद्ध महिला से आत्मीय मुलाकात की और उन्हें खुद हाथों से भोजन कराया। उन्होंने इस पल को बहुत खास बताया और लिखाअटल कैंटीनपीतमपुरा में थाली में खाना परोसा और बदले में जो स्नेह और आशीर्वाद मिलावह हमेशा मेरे साथ रहेगा।

    दिल्ली सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 100 अटल कैंटीन स्थापित करने की योजना बनाई थीजिनमें से 45 कैंटीन का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है। इस पहल का उद्देश्य दिल्ली के नागरिकों को सस्ते और पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करना हैखासकर उन लोगों के लिए जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। यह पहल दिल्ली सरकार की ओर से गरीबों के लिए एक बड़ा कदम साबित हो रही हैजो न केवल भोजन की गुणवत्ता को सुनिश्चित करती हैबल्कि समाज के हर वर्ग को समान अवसर देने का प्रयास भी करती है।

  • श्रेयस अय्यर की टीम इंडिया में वापसी की तैयारी, नेट में दिखाए जोरदार शॉट्स; मेडिकल टीम की निगरानी में फिटनेस पर काम

    श्रेयस अय्यर की टीम इंडिया में वापसी की तैयारी, नेट में दिखाए जोरदार शॉट्स; मेडिकल टीम की निगरानी में फिटनेस पर काम

    नई दिल्ली। भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज और वनडे उपकप्तान श्रेयस अय्यर अब टीम में वापसी की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे में स्प्लीन (प्लीहा) में चोट लगने के बाद लंबे समय तक बाहर रहने वाले अय्यर ने बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नेट प्रैक्टिस शुरू कर दी है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी फिटनेस की तस्वीरें साझा की हैं, जिसमें वह पूरी तरह तैयार और उत्साही नजर आ रहे हैं।

    अय्यर फिलहाल बीसीसीआई की मेडिकल टीम की निगरानी में अभ्यास कर रहे हैं और चोट लगी जगह पर सुरक्षात्मक गियर पहनकर हल्का अभ्यास कर रहे हैं।

    रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने घर के पास अल्ट्रासाउंड स्कैन करवाया था, जिसे खेल चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. दिनशॉ परदीवाला ने देखा। जांच में सुधार के संकेत मिले हैं और उन्हें बेसिक आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज के साथ डेली रूटीन शुरू करने की अनुमति दी गई है।

    हालांकि, उनकी रिकवरी की गति को देखते हुए न्यूजीलैंड के खिलाफ 11 जनवरी से होने वाली तीन वनडे मैचों की सीरीज में अय्यर के खेलने की संभावना कम है। बीसीसीआई की सह-कार्य समिति की अनुमति के बाद ही उन्हें विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने की मंजूरी दी जाएगी।

    अय्यर फिलहाल सिर्फ वनडे टीम के हिस्सा हैं और टेस्ट तथा टी-20 टीम में शामिल नहीं हैं। चोट के दौरान उनकी जगह ऋतुराज गायकवाड़ को टीम में मौका मिला था।

    नेट में अभ्यास के दौरान अय्यर ने हल्के-फुल्के शॉट्स खेलते हुए अपनी तैयारियों का इशारा दिया और फिटनेस पर काम जारी रखा। फैंस और विशेषज्ञों की नजरें अब उनकी पूरी तरह से ठीक होने और टीम में वापसी पर टिकी हैं।

  • बीमा कंपनियों की मनमानी पर रोक, ग्वालियर आयोग ने कहा-दावा खारिज करना सेवा में कमी

    बीमा कंपनियों की मनमानी पर रोक, ग्वालियर आयोग ने कहा-दावा खारिज करना सेवा में कमी


    नई दिल्ली ।ग्वालियर उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनियों की मनमानी पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि बीमाधारक द्वारा बीमारी की जानकारी छिपाने का ठोस सबूत न होने पर बीमा दावा खारिज करना अनुचित है और इसे सेवा में कमी माना जाएगा। इसके तहत आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को निर्देश दिया गया है कि वह बीमाधारक को इलाज में हुए 2 लाख 18 हजार 912 रुपये की राशि 45 दिनों के भीतर अदा करे। समय सीमा में भुगतान न होने पर कंपनी को आदेश की तिथि से छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

    यह फैसला ग्वालियर निवासी सुरेश शर्मा द्वारा दायर उपभोक्ता परिवाद पर सुनाया गया। उनके अनुसार उनकी पत्नी 13 अगस्त 2024 को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत बिगड़ने पर 15 अगस्त को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और 19 अगस्त तक उनका इलाज चला। इस दौरान इलाज पर कुल 2.18 लाख रुपये से अधिक का खर्च आया।सुरेश शर्मा ने अपनी वैध हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत बीमा कंपनी के समक्ष दावा प्रस्तुत किया। लेकिन कंपनी ने दावा खारिज कर दिया और कहा कि बीमाधारक की पत्नी को पॉलिसी लेने से पहले से डायबिटीज थी। कंपनी का तर्क था कि यह प्री-एक्जिस्टिंग डिजीजकी श्रेणी में आती है और पॉलिसी प्रस्ताव पत्र भरते समय इस बीमारी की जानकारी छिपाई गई थी।

    हालांकि मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने बीमा कंपनी के तर्कों को खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि केवल बीमारी का हवाला देकर दावा अस्वीकार नहीं किया जा सकता। बीमा कंपनी की जिम्मेदारी है कि वह यह साबित करे कि पॉलिसी लेने के समय बीमाधारक ने जानबूझकर बीमारी छिपाई थी। इस मामले में कंपनी कोई ठोस मेडिकल रिकॉर्ड पूर्व उपचार का प्रमाण या विश्वसनीय दस्तावेज पेश करने में असफल रही।आयोग ने अपने आदेश में कहा कि सड़क दुर्घटना के कारण किया गया इलाज डायबिटीज से सीधे संबंधित नहीं था। ऐसे में बीमा कंपनी द्वारा दावा अस्वीकार करना उपभोक्ता हितों के खिलाफ और अनुचित है। आयोग ने इसे बीमा सेवा में गंभीर कमी माना और कंपनी को भुगतान का आदेश दिया।

    कानूनी जानकारों का कहना है कि यह फैसला उपभोक्ताओं के अधिकारों को मजबूत करता है और बीमा कंपनियों को चेतावनी देता है कि वे बिना पुख्ता आधार के दावे खारिज नहीं कर सकतीं। अक्सर बीमा कंपनियां प्री-एक्जिस्टिंग डिजीजका हवाला देकर दावों को रोक देती हैं जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।ग्वालियर उपभोक्ता आयोग का यह आदेश न केवल ग्वालियर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल माना जा रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि बीमा पॉलिसीधारकों के साथ पारदर्शिता और निष्पक्षता बरतना कंपनियों की कानूनी जिम्मेदारी है। ऐसे फैसले बीमा दावों में भरोसा बढ़ाने और उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

  • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से श्री आलोक मेहता की भेंट क्रांतिकारी राज की पहली प्रति भेंट की

    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से श्री आलोक मेहता की भेंट क्रांतिकारी राज की पहली प्रति भेंट की


    नई दिल्ली । नई दिल्ली प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से आज यहां एक महत्वपूर्ण भेंट में प्रसिद्ध लेखक और पत्रकार श्री आलोक मेहता ने प्रधानमंत्री को अपनी पुस्तक क्रांतिकारी राजनरेंद्र मोदी के 25 साल की पहली प्रति भेंट की। यह मुलाकात प्रधानमंत्री कार्यालय में हुईजहां आलोक मेहता ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के 25 सालों के सफर को केंद्रित करते हुए अपनी किताब के बारे में चर्चा की।

    श्री आलोक मेहता की यह पुस्तक नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन की प्रमुख घटनाओं और उनकी कार्यशैली को प्रस्तुत करती है। इसमें मोदी के शासन में हुए बदलावों उनकी नीतियों और भारतीय राजनीति में उनकी भूमिका का विस्तार से वर्णन किया गया है। यह पुस्तक प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत दृष्टिकोण और उनके राजनीतिक संघर्ष को भी उजागर करती हैजो उन्होंने अपने शुरुआती दिनों से लेकर देश के सर्वोच्च पद तक का सफर तय किया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पूर्व में ट्विटर पर एक पोस्ट साझा किया जिसमें उन्होंने लिखाश्री आलोक मेहता से मिलकर खुशी हुई और उनकी पुस्तक की प्रति प्राप्त की। प्रधानमंत्री की इस पोस्ट ने किताब और लेखक की सराहना की और इस पुस्तक को लेकर उत्सुकता भी पैदा की।

    इस मुलाकात में दोनों के बीच राजनीतिक और साहित्यिक विषयों पर भी गहन चर्चा हुई। आलोक मेहता ने प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण को समझने का प्रयास किया और उनके कार्यकाल के दौरान जो प्रमुख बदलाव हुए हैंउस पर बातचीत की। यह मुलाकात न केवल साहित्यिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण थीबल्कि भारतीय राजनीति में प्रधानमंत्री मोदी के प्रभाव को समझने का एक बेहतरीन अवसर भी प्रदान करती है।

    श्री आलोक मेहता की यह किताब उनके कई वर्षों के अनुभव और अनुसंधान का परिणाम हैऔर यह भारतीय राजनीति के अध्ययन में एक महत्वपूर्ण योगदान मानी जा रही है। इस किताब को लेकर देशभर में चर्चा शुरू हो गई हैऔर इसे पढ़ने के लिए पाठकों में उत्साह देखा जा रहा है।

  • ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में नया इतिहास! एलेक्स कैरी ने कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक रन बनाने वाले विकेटकीपर का बड़ा रिकॉर्ड बनाया

    ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में नया इतिहास! एलेक्स कैरी ने कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक रन बनाने वाले विकेटकीपर का बड़ा रिकॉर्ड बनाया


    नई दिल्ली।ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज एलेक्स कैरी ने शनिवार को ब्रिसबेन में खेले जा रहे एशेज सीरीज के चौथे टेस्ट मैच के दौरान एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। कैरी अब एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर बल्लेबाजों में दूसरे स्थान पर आ गए हैं। यह रिकॉर्ड पहले एडम गिलक्रिस्ट के नाम था, जिन्होंने पांच बार यह कारनामा कर इतिहास रचा था।

    हालांकि चौथे टेस्ट के दौरान कैरी का प्रदर्शन थोड़ी निराशा वाला रहा। ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में वह जल्दी ही सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौट गए। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने गिलक्रिस्ट के खास क्लब में अपनी जगह पक्की कर ली।एलेक्स कैरी ने 2025 में ऑस्ट्रेलिया के लिए कुल 767 रन बनाए, जिससे वह साल 2005 के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विकेटकीपर बन गए। एडम गिलक्रिस्ट के रिकॉर्ड की बात करें तो उन्होंने 2001 में 870, 2004 में 837, 2005 में 836, 2002 में 792 और 2003 में 714 रन बनाए थे।

    कैरी ने साल 2025 में श्रीलंका, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका WTC फाइनलऔर इंग्लैंड के खिलाफ कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। उनके इस प्रदर्शन के चलते वह आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में टॉप-10 बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो चुके हैं।ब्रिसबेन में खेले जा रहे चौथे टेस्ट मैच का पहला दिन बेहद रोमांचक रहा। पहले दिन ही 20 विकेट गिर गए, और दोनों टीमों की पहली पारी पूरी हो गई। ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन का खेल समाप्त होने तक दूसरी पारी में बिना किसी नुकसान के चार रन बना लिए थे, जिससे उन्हें 46 रन की बढ़त मिली।

    दूसरे दिन भी विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा। लंच ब्रेक तक ऑस्ट्रेलिया ने 25 ओवर में 6 विकेट खोकर 98 रन बनाए। पहले सेशन में टीम ने 94 रन जोड़े और 6 विकेट गंवाए। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया ने कुल मिलाकर 140 रन की बढ़त हासिल कर ली। इंग्लैंड के जोश टंग ने 45 रन देकर पांच विकेट लिए। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड ने मेजबान टीम को 152 रन पर ऑलआउट कर दिया। जवाब में इंग्लैंड की टीम 29.5 ओवर में 110 रन पर ऑलआउट हो गई।इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने पहले तीन टेस्ट मैच जीतकर 11 दिन के भीतर सीरीज अपने नाम कर ली थी। इस जीत के साथ ही टीम के लिए कैरी का प्रदर्शन और भी खास बन गया है, क्योंकि उन्होंने टीम को मजबूत बल्लेबाजी का सहारा दिया और गिलक्रिस्ट के रिकॉर्ड को चुनौती दी।

    एक कैलेंडर ईयर में ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर द्वारा बनाए गए सबसे ज्यादा टेस्ट रन:

    870 – एडम गिलक्रिस्ट, 2001

    837 – एडम गिलक्रिस्ट, 2004

    836 – एडम गिलक्रिस्ट, 2005

    792 – एडम गिलक्रिस्ट, 2002

    767 – एलेक्स कैरी, 2025

    714 – एडम गिलक्रिस्ट, 2003

    इस उपलब्धि से यह साफ हो गया है कि एलेक्स कैरी ने न सिर्फ खुद को टीम का अहम हिस्सा बनाया है, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके इस प्रदर्शन से युवा खिलाड़ियों में भी प्रेरणा मिलेगी और भविष्य में ऑस्ट्रेलिया के लिए कई रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद बढ़ जाएगी।

  • सलमान खान और शक्ति कपूर के बीच विवाद खत्म, शक्ति बोले– अब सब ठीक है

    सलमान खान और शक्ति कपूर के बीच विवाद खत्म, शक्ति बोले– अब सब ठीक है


    नई दिल्ली।सलमान खान और शक्ति कपूर बॉलीवुड के ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में साथ काम किया है। जुड़वा चल मेरे भाई हम साथ-साथ हैं और हैलो ब्रदर जैसी फिल्मों में दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री दर्शकों को खूब पसंद आई। लेकिन बिग बॉस के सीजन में शक्ति कपूर के शो में आने के बाद दोनों के बीच विवाद की खबरें भी सुर्खियों में रही। कहा जाता था कि सलमान शो के दौरान शक्ति कपूर को इग्नोर करते थे जबकि बाकी कंटेस्टेंट्स के साथ अच्छे से बातचीत करते थे।

    मामला तब और बढ़ गया जब सलमान ने शक्ति की पब्लिक इमेज का मजाक उड़ाया। इसके जवाब में शक्ति कपूर ने सोशल मीडिया पर कई गंभीर आरोप लगाए जिनमें उन्होंने महिला को मारने और अन्य हिंसक व्यवहार के आरोपों का जिक्र किया। इन सभी घटनाओं ने फैंस के बीच चर्चा का नया विषय खड़ा कर दिया।हालाँकि सालों बाद शक्ति कपूर ने इस मामले पर खुलकर बात की और कहा कि अब उनके और सलमान खान के बीच सब ठीक है। द पावरफुल ह्यूमन्स पॉडकास्ट में शक्ति ने कहासब हैल्लो-हैल्लो है अच्छे से। हमारे बीच सब सही है और मेरे मन में किसी के प्रति कोई गलत भावना नहीं है। पिछले पांच साल से मैं शराब नहीं पी रहा। अब इंडस्ट्री में कोई शराबी नहीं है सभी हेल्थ फ्रीक और बॉडीबिल्डर हैं। पहले कई स्टार्स सेट पर शराब के नशे में रहते थे।

    शक्ति ने यह भी बताया कि बिग बॉस के दौरान उन्हें किस बात से बुरा लगा। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहासलमान को मुझसे माफी मांगनी चाहिए। पहले तो उन्होंने और संजय दत्त ने मुझे ग्रीट नहीं किया वहीं बाकी कंटेस्टेंट्स के साथ अच्छे से बात कर रहे थे। इसके बाद सलमान ने कहा कि बिग बॉस को मानना पड़ेगा। शक्ति कपूर जैसे लोगों को अपने घर बुलाया हम तो कभी नहीं बुलाएं। अगर वह मुझे घर पर बुलाएंगे भी तो मैं नहीं जाऊंगा। बिना वजह इतनी बातें की गईं इसके लिए उन्हें मुझसे सॉरी बोलना चाहिए।शक्ति ने यह भी याद दिलाया कि शो से बाहर होने के बाद उन्होंने ट्विटर पर सलमान पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने लिखा था किसलमान भी बिग बॉस जैसे फ्रॉड को बचा नहीं सकते। एक इंसान जो महिला को मारता है शराब पीता और लोगों पर गाड़ी चलाता है शेम।

    हालांकि शक्ति ने बिग बॉस में आने के अपने उद्देश्य को स्पष्ट किया। रेडिफ से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने शो में इसलिए हिस्सा लिया ताकि अपने बच्चों को दिखा सकें कि वे शराब से दूर रह सकते हैं। शक्ति ने कहामैं यहां जीतने नहीं आया था बल्कि अपने बच्चों को प्रूव देना चाहता था कि मैं महीने तक शराब से दूर रह सकता हूं। मुझे गर्व है कि मैंने यह प्रूव किया। इसके अलावा घर में लड़ाई भी नहीं की जब मैं कैप्टन था। मेरी बेटी अब कहती है कि वह अगले जन्म में भी मेरी बेटी बनना चाहती है।खैर सलमान खान और शक्ति कपूर की बेटी श्रद्धा कपूर का सलमान के साथ अच्छा रिश्ता रहा है। वह कई बार सलमान के शो में अपनी फिल्मों को प्रमोट करने आती हैं और दोनों के बीच प्रोफेशनल बॉन्ड हमेशा मजबूत रहा है। ऐसे में अब यह साफ है कि पुरानी अनबन और विवाद को पीछे छोड़कर दोनों कलाकारों के बीच रिश्ते में फिर से मित्रवत माहौल बन चुका है।इस खुलासे के बाद फैंस और इंडस्ट्री दोनों ने राहत की सांस ली है और अब सलमान-शक्ति का बॉन्ड फिर से स्क्रीन और ऑफ-स्क्रीन दोनों जगह पर मजबूत नजर आता है।