कटक टी20 में तूफानी प्रदर्शन‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने हार्दिक
इंजरी पर बोले पंड्यापार्टनर का किया खास जिक्र
माहिका शर्मा का रिएक्शन
कौन हैं माहिका शर्मा

थरूर का पक्ष
शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्हें मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से ही पता चला कि उन्हें अवॉर्ड के लिए चुना गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इसके बारे में कोई पूर्व जानकारी नहीं थी और न ही उन्होंने इसे स्वीकार किया था। थरूर ने इसे आयोजकों की गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाई बताया।
उन्होंने कहा, “पुरस्कार की प्रकृति, इसे देने वाले संगठन या अन्य विवरणों की जानकारी न होने के कारण, मेरे शामिल होने या पुरस्कार स्वीकार करने का सवाल ही नहीं उठता।”
आयोजकों का पलटवार
वहीं, पुरस्कार आयोजक हाई रेंज रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी (HRDS) इंडिया ने थरूर के आरोपों को खारिज कर दिया। HRDS के सचिव अजी कृष्णन ने कहा कि थरूर को काफी पहले ही सूचित किया गया था। उन्होंने दावा किया कि संगठन और जूरी के चेयरमैन ने थरूर से उनके आवास पर मुलाकात कर उन्हें समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था।
कृष्णन ने कहा कि थरूर ने उस समय अन्य अवॉर्ड विजेताओं की सूची भी मांगी और उन्हें वह सूची दे दी गई। उन्होंने सीधे आरोप लगाया कि शायद थरूर कांग्रेस की प्रतिक्रिया के डर से अवॉर्ड लेने से पीछे हटे।
राजनीतिक बहस
सावरकर पर अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए जाने जाने वाले थरूर का यह कदम अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस पार्टी, जो ऐतिहासिक रूप से सावरकर की विचारधारा की आलोचक रही है, के एक सांसद का पुरस्कार ठुकराना पार्टी लाइन के अनुरूप है।
हालांकि आयोजकों के दावे ने विवाद को नया आयाम दिया है। अब यह मामला केवल पुरस्कार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक बहस और मीडिया में बड़े पैमाने पर चर्चा का केंद्र बन गया है।

अटकोट गाँव में दरिंदगी की हद
गंभीर हालत में अस्पताल में इलाज जारी
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टीम इंडिया का ऐलान और सीरीज का शेड्यूल
भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली पांच मैचों की सीरीज के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया गया है। यह सीरीज 21 दिसंबर को विशाखापट्टनम में होने वाले पहले टी20 मैच से शुरू होगी और 30 दिसंबर तक चलेगी। इस सीरीज के शेड्यूल का पहले ही ऐलान हो चुका थालेकिन अब टीम का भी ऐलान कर दिया गया है। यह भारतीय महिला टीम का वनडे विश्व कप के बाद पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा। टीम की कमान हरमनप्रीत कौर के हाथों में रहेगीजबकि स्मृति मंधाना उपकप्तान के रूप में उनकी मदद करेंगी।
स्मृति मंधाना का ध्यान आकर्षित करना व्यक्तिगत जीवन और क्रिकेट
स्मृति मंधाना इस समय चर्चा का केंद्र बनी हुई हैंन केवल अपनी क्रिकेटिंग उपलब्धियों के लिएबल्कि उनके व्यक्तिगत जीवन के कारण भी। हाल ही मेंमंधाना अपनी शादी को लेकर सुर्खियों में थीं। हालांकिउनके पिता की अचानक तबीयत खराब हो जाने के कारण शादी की तारीख को टाल दिया गया था। बाद मेंमंधाना ने खुद सोशल मीडिया पर यह स्पष्ट किया कि अब उनकी शादी नहीं हो रही हैलेकिन इस घटनाक्रम ने मीडिया में काफी हलचल मचाई।
टी20 इंटरनेशनल में स्मृति मंधाना के शानदार आंकड़े
स्मृति मंधाना ने अब तक अपने टी20 इंटरनेशनल करियर में 154 मुकाबले खेले हैंजिसमें उन्होंने कुल 3984 रन बनाए हैं। इस दौरानउनके नाम एक शतक और 31 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका औसत और स्ट्राइक रेट शानदार रहा हैजो उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टार बनाता है। इस समयस्मृति मंधाना आईसीसी की टी20 रैंकिंग में तीसरे नंबर पर हैंऔर उनकी रेटिंग 767 है। अगर मंधाना इस सीरीज में शानदार प्रदर्शन करती हैंतो वह जल्द ही पहले नंबर पर भी काबिज हो सकती हैं।
टी20 सीरीज का पूरा शेड्यूल
पहला टी20 मैच 21 दिसंबरविशाखापट्टनम
दूसरा टी20 मैच 23 दिसंबरविशाखापट्टनम
तीसरा टी20 मैच 26 दिसंबरतिरुवनंतपुरम
चौथा टी20 मैच 28 दिसंबरतिरुवनंतपुरम
पांचवां टी20 मैच 30 दिसंबरतिरुवनंतपुरम
भारतीय महिला टीम का स्क्वॉड
भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर हैंजबकि उपकप्तान स्मृति मंधाना हैं। इसके अलावा टीम में दीप्ति शर्मास्नेह राणाजेमिमा रोड्रिग्सशेफाली वर्माहरलीन देयोलअमनजोत कौरअरुंधति रेड्डीक्रांति गौड़रेणुका सिंह ठाकुरऋचा घोष विकेटकीपर जी कमलिनी विकेटकीपर श्री चरणीऔर वैष्णवी शर्मा भी शामिल हैं।
स्मृति मंधाना पर सबकी नजरें
स्मृति मंधाना के लिए यह सीरीज एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकती है। भारत की स्टार ओपनर पर सभी की नजरें रहेंगीखासकर उनकी व्यक्तिगत और क्रिकेटिंग उपलब्धियों के संदर्भ में। मंधाना की बल्लेबाजी में जो आकर्षण हैवह हर मैच में दर्शकों को अपने साथ जोड़े रखता है। अगर मंधाना अपनी शानदार फॉर्म जारी रखती हैंतो न केवल भारत को सीरीज जीतने में मदद मिल सकती हैबल्कि वह अपनी रैंकिंग में और ऊपर भी जा सकती हैं। टी20 सीरीज के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगाजिसमें मंधाना की टीम के प्रति महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह सीरीज निश्चित ही महिला क्रिकेट के प्रशंसकों के लिए रोमांचक होने वाली है।

बजट डे पर बाजार खुलने का मकसद
सरकार का यह कदम निवेशकों को सीधे बजट के प्रभाव को बाजार में तुरंत देखने का मौका देने के लिए है। आम दिनों में शनिवार और रविवार को बाजार बंद रहते हैं, लेकिन बजट जैसे अहम आर्थिक दिन को अपवाद माना गया है।
बजट के फैसले सीधे शेयर बाजार पर असर डालते हैं। टैक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कैपिटल मार्केट से जुड़े एलानों के आधार पर निवेशक अपनी रणनीति बनाते हैं। इसलिए बजट के दिन बाजार खुला रहने से अगले दिन बड़े उतार-चढ़ाव से बचा जा सकेगा।
इकोनॉमिक सर्वे की तारीख
आम बजट के दिन इकोनॉमिक सर्वे भी पेश किया जाता है। इस बार यह संभवत: 31 जनवरी (शनिवार) या 30 जनवरी (शुक्रवार) को संसद में पेश किया जाएगा। इकोनॉमिक सर्वे देश की आर्थिक स्थिति और नीतिगत दिशा का संकेत देता है, जिस पर निवेशकों की खास नजर रहती है।
पहले भी खुल चुका है बाजार
पहले भी बजट के दिन शेयर बाजार रविवार या शनिवार को खुल चुका है। उदाहरण के लिए, 1 फरवरी 2025 को शनिवार था और बाजार खुला था। वहीं, 28 फरवरी 1999 को रविवार को बजट पेश किया गया था।
बजट की थीम पर कयास
हालांकि बजट में अभी करीब 50 दिन बाकी हैं, लेकिन निवेशक पहले से ही अटकलें लगाने लगे हैं। उम्मीद है कि बजट में आयकर में राहत, इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े खर्च, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और कैपिटल मार्केट सुधार जैसे फैसले हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, रविवार को बजट पेश होना और शेयर बाजार खुलना निवेशकों के लिए रोमांचक रहेगा। सरकार का मकसद है कि बजट का असर अर्थव्यवस्था और बाजार पर तुरंत स्पष्ट रूप से दिखाई दे।

यह विवद तब शुरू हुआ जब संजय कपूर की पहली पत्नी और बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्म कपूर के बच्चे समयर और कियनअपनी मं को अभिभवक बनकर अदलत पहुंचे। उन्होंने आरोप लगय कि प्रिय। कपूर ने संजय की वसीयत को फर्जी तरीके से तैयर किय हैऔर वह इस वसीयत के आधर पर विदेशों में स्थित करोड़ों रुपये की संपत्तियों पर मलिकन हक जतन चहती हैं।
दिल्ली हई कोर्ट में सुनवई और दलीलें
मंगलवर को दिल्ली हई कोर्ट में सुनवई के दौरन प्रिय। कपूर और उनके नबलिग बेटे के वकील ने यह दलील दी कि विदेशों में स्थित अचल संपत्तियों को लेकर किसी भी प्रकर क आदेश विदेशी न्ययलयों के अधिकर क्षेत्र में आत है। ऐसे में दिल्ली हई कोर्ट इन संपत्तियों पर कोई स्टेटस-को य प्रतिबंध लगने क आदेश नहीं दे सकती। इस पर न्ययमूर्ति ज्योति सिंह ने सभी पक्षकरों की दलीलें सुनीं और सभी को लिखित जवब दखिल करने क निर्देश दिय। कोर्ट ने ममले को 22 दिसंबर के लिए सूचीबद्ध कियजब यह तय किय जएग कि दिल्ली हई कोर्ट विदेशी संपत्तियों पर कोई अंतरिम रहत दे सकती है य नहीं।
करिश्म कपूर के बच्चों क पक्ष
इस दौरन करिश्म कपूर के बच्चों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्त महेश जेठमलनी ने अदलत से अनुरोध किय कि यदि कोर्ट सीधे विदेशी संपत्तियों पर आदेश नहीं दे सकतीतो कम से कम प्रिय कपूर को फर्जी वसीयत क इस्तेमल करके विदेशों में स्थित संपत्तियों क मलिकन हक लेने से रोक जए। करिश्म के बच्चों क आरोप है कि संजय कपूर द्वर तैयर की गई कथित वसीयत में लगभग 30000 करोड़ रुपये की संपत्तियों क उल्लेख हैऔर इस वसीयत की सत्यत पर गंभीर सवल उठए ज रहे हैं।
AIPL में शेयरों क विवद
प्रिय। कपूर के नबलिग बेटे के वकील अखिल सिब्बल ने कोर्ट में यह स्पष्ट किय कि प्रिय कपूर क में स्थित शेयरों को बेचने क कोई इरद नहीं है। उनके अनुसरये शेयर संजय कपूर की मृत्यु के बद कनूनी रूप से प्रिय के नम ट्रंसफर हुए हैं। यह विवद केवल विदेशों में स्थित अचल संपत्तियों के संबंध में हैजिन पर दिल्ली हई कोर्ट कोई आदेश नहीं दे सकती।
संजय कपूर क परिवर और संपत्ति क विवद
इस ममले में केवल करिश्म कपूर के बच्चे ही नहींबल्कि संजय कपूर की मं और बहन भी वसीयत की प्रमणिकत पर सवल उठ चुकी हैं। संजय कपूरजो Sona Comstar के चेयरमैन थेइस वर्ष जून में लंदन में एक पोलो मैच के दौरन निधन हो गए थे। संजय की शदी पहले करिश्म कपूर से 2003 से 2016 तक रहीऔर फिर 2017 में प्रिय सचदेव कपूर से हुई थी।
आने वली सुनवई और संभवित कनूनी मोड़
22 दिसंबर को अदलत यह तय करेगी कि क्य दिल्ली हई कोर्ट विदेशी संपत्तियों के संबंध में कोई अंतरिम रहत दे सकती हैय फिर इस ममले को संबंधित विदेशी न्ययलयों के अधिकर क्षेत्र में भेज जएग। यह ममल संजय कपूर की संपत्ति को लेकर कनूनी दंव-पेच क हिस्स बन चुक है और कपूर परिवर को कई हिस्सों में बंटने वल है। आने वले दिनों में यह ममल और भी महत्वपूर्ण कनूनी मोड़ ले सकत हैजिससे परिवर के रिश्तों और संपत्तियों की भविष्यवणी करन मुश्किल हो सकत है। संपत्ति विवदों के इस जटिल ममले ने कपूर परिवर में दररें पैद कर दी हैं और यह पूरी कनूनी लड़ई न केवल एक परिवरबल्कि भरतीय फिल्म इंडस्ट्री के एक प्रमुख परिवर के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

इस वजह से सरकारी अस्पतालों में मरीज दवा लेने और इलाज कराने के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं और कई जगहों पर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डॉक्टरों की मुख्य मांगें
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजेश ख्यालिया ने कहा कि सरकार ने पिछले साल लिखित रूप में कहा था कि सरकारी डॉक्टरों की पदोन्नति के लिए Assured Career Progression (ACP) लागू किया जाएगा, लेकिन अब तक यह लागू नहीं हुआ है।
डॉ. ख्यालिया ने कहा कि सरकार ने हाल ही में 200 SMO (Senior Medical Officer) भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें 160 पद सीधे भरे जाएंगे। उनका कहना है कि यह मौजूदा सरकारी डॉक्टरों के साथ अन्याय है, क्योंकि इन पदों पर उनकी पदोन्नति होनी चाहिए थी।
खाली पदों की समस्या
राज्य में लगभग 600 मेडिकल ऑफिसर्स के पद खाली हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पहले इन पदों को भरा जाना चाहिए, न कि हड़ताल करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
भूख हड़ताल का ऐलान
डॉ. ख्यालिया ने बताया कि स्वास्थ्य निदेशालय पंचकूला में तीन डॉक्टरों ने हड़ताल के समर्थन में भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
सरकार की प्रतिक्रिया
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने डॉक्टरों की कुछ मांगें मान ली हैं और शेष पर बातचीत जारी है। इसके बावजूद डॉक्टर अपनी हड़ताल जारी रखेंगे।
इस हड़ताल के चलते हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी असर पड़ रहा है और मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

सरकार का यह प्रयास न सिर्फ तकनीकी शिक्षा को आधुनिक बनाएगा, बल्कि गोरखपुर को कौशल विकास का नया केंद्र बनाने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा।
GIDA के अनुरूप तैयार होगा आधुनिक वर्कफोर्स
सीएम योगी ने कहा कि यह नया ITI, गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) में तेजी से बढ़ते औद्योगिक माहौल के हिसाब से युवाओं को भविष्य की तकनीकों में दक्ष बनाएगा।
उन्होंने कहा-
अब युवाओं को सिर्फ पारंपरिक हुनर नहीं, बल्कि ड्रोन, AI, रोबोटिक्स, 3D प्रिंटिंग और IoT जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए ITI में अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रकार के कोर्स शुरू किए गए हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि हर युवा नई टेक्नोलॉजी पर पकड़ बनाए और रोजगार की नई संभावनाओं का लाभ उठा सके।
GIDA में 15,000 करोड़ का निवेश-50,000 को मिली नौकरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि बीते आठ वर्षों में गोरखपुर के GIDA क्षेत्र में अब तक 12–15 हजार करोड़ का निवेश हो चुका है।
इससे सीधे 50,000 युवाओं को नौकरी मिली है।
उन्होंने कहा-
“UP अब निवेश का नया गढ़ बन चुका है। उद्योगों के स्थापित होने से युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिल रहा है।”
यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि योगी सरकार प्रदेश में उद्योग, तकनीकी प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट को मजबूत करने पर बेहद जोर दे रही है।
UP में हर गांव से निकलेगा नया टैलेंट
हाल ही में सीएम योगी ने 75 जिलों में एक साथ बड़े पैमाने पर कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव, हर ब्लॉक और हर जिले से तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवा निकलकर रोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों को अपनाएं।
राज्य में सांस्कृतिक प्रोजेक्ट्स को भी बढ़ावा
इसी बीच योगी सरकार ने सांस्कृतिक विकास के लिए भी बड़े कदम उठाए हैं-
दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में शामिल किए जाने पर CM ने प्रसन्नता जताई।
बरेली के छह प्राचीन मंदिरों के विकास के लिए 11.98 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
गोरखपुर ITI का उद्घाटन, GIDA में बढ़ता निवेश और हजारों युवाओं को मिली नौकरी-ये सब दर्शाते हैं कि योगी सरकार तकनीक, कौशल और रोजगार को लेकर तेजी से आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में UP का हर जिला आधुनिक शिक्षा और औद्योगिक विकास का बड़ा केंद्र बन सकता है।