Author: bharati

  • अश्लीलता के आरोप में ‘सरके चुनर’ गाना घिरा विवाद में महिला आयोग ने जारी किया समन

    अश्लीलता के आरोप में ‘सरके चुनर’ गाना घिरा विवाद में महिला आयोग ने जारी किया समन


    नई दिल्ली: फिल्म ‘KD The Devil’ के आइटम नंबर ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह गाना अब सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसकी गूंज अब राजनीतिक और कानूनी गलियारों तक पहुंच चुकी है। गाने की सामग्री को लेकर उठे सवालों के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाया है।

    रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय महिला आयोग ने गाने को उत्तेजक और आपत्तिजनक करार देते हुए कहा है कि इसकी सामग्री भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करती प्रतीत होती है। आयोग का कहना है कि इस तरह की सामग्री समाज में गलत संदेश देती है और विशेषकर महिलाओं की गरिमा को प्रभावित करती है।

    इसी के चलते आयोग ने फिल्म से जुड़े प्रमुख लोगों को नोटिस जारी किया है। इसमें अभिनेता संजय दत्त, अभिनेत्री नोरा फतेही और फिल्म के निर्देशक को आयोग के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। सभी को 24 मार्च को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर संबंधित व्यक्ति निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

    इस पूरे मामले में गाने को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी विरोध देखने को मिला है। आलोचकों का कहना है कि गाने के बोल और प्रस्तुति अश्लीलता की सीमा को पार करते हैं। बढ़ते विवाद के बाद फिल्म के हिंदी वर्जन को कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया भी जा चुका है।

    वहीं अभिनेत्री नोरा फतेही ने इस मामले पर अपनी सफाई देते हुए कहा है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि हिंदी वर्जन में गाना इस तरह से पेश किया जाएगा। उनके अनुसार गाने की शूटिंग कन्नड़ वर्जन के लिए की गई थी और हिंदी वर्जन के कंटेंट की जानकारी उन्हें पहले से नहीं दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा है कि वह इस गाने का प्रचार नहीं करेंगी।

    इससे पहले यह मामला संसद तक भी पहुंच चुका है, जहां केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री ने स्पष्ट किया था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर अश्लील या आपत्तिजनक सामग्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी के तहत संबंधित गाने पर कार्रवाई करते हुए इसे प्रतिबंधित भी किया गया है।

    कुल मिलाकर ‘सरके चुनर’ गाना अब एक बड़े विवाद का केंद्र बन चुका है, जहां एक ओर रचनात्मक स्वतंत्रता और दूसरी ओर सामाजिक जिम्मेदारी के बीच बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मामले में क्या निर्णय सामने आता है, यह देखना अहम होगा और यह तय करेगा कि इस तरह के कंटेंट पर आगे किस तरह की सख्ती बरती जाएगी

  • इंदौर अग्निकांड: सीएम डॉ. मोहन यादव ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, SOP बनाने के दिए संकेत

    इंदौर अग्निकांड: सीएम डॉ. मोहन यादव ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, SOP बनाने के दिए संकेत


    भोपाल। डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर गहरा शोक व्यक्त किया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान पीड़ित परिवारों ने फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस के देर से पहुंचने की शिकायत भी की जिस पर मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीर जांच का आश्वासन दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना के मद्देनजर ईवी चार्जिंग इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग को लेकर एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलती तकनीक के साथ नई चुनौतियां सामने आ रही हैं और सरकार इनसे निपटने के लिए ठोस कदम उठाएगी।

    घटना के तुरंत बाद सीएम ने अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए थे और भोपाल से विशेषज्ञों की टीम इंदौर भेजी गई। उन्होंने कहा कि डिजिटल लॉक और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग जैसी सुविधाएं आधुनिक जीवन का हिस्सा हैं लेकिन इनके उपयोग में सावधानी बेहद जरूरी है।

    गौरतलब है कि इंदौर के तिलक नगर क्षेत्र में बुधवार तड़के एक भीषण हादसा हुआ था। रबर कारोबारी मनोज पुगलिया के घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ जिससे आग लग गई। देखते ही देखते आग ने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में मनोज पुगलिया उनकी गर्भवती बहू सिमरन समेत कुल 8 लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पीड़ित परिवारों को राहत देना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है। साथ ही उन्होंने लोगों से भी अपील की कि आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते समय सतर्कता बरतें।

  • चांद देख लेना में सलमान खान और चित्रांगदा सिंह की जोड़ी ने दिखाया गहरा भावनात्मक रिश्ता

    चांद देख लेना में सलमान खान और चित्रांगदा सिंह की जोड़ी ने दिखाया गहरा भावनात्मक रिश्ता


    नई दिल्ली : सलमान खान ने ईद के मौके पर अपने प्रशंसकों को एक खास तोहफा दिया है। उनकी आने वाली फिल्म ‘मातृभूमि: मे वार रेस्ट इन पीस’ का नया गीत ‘चांद देख लेना’ रिलीज हो चुका है, जिसने अपने भावनात्मक अंदाज से दर्शकों का ध्यान खींच लिया है। यह गीत केवल एक संगीत रचना नहीं बल्कि एक ऐसी कहानी है जो प्यार, जुदाई और उम्मीद की गहराई को बेहद सजीव तरीके से प्रस्तुत करता है।

    इस गीत में सलमान खान और चित्रांगदा सिंह की जोड़ी एक ऐसे रिश्ते को दर्शाती है, जिसमें दूरी तो है लेकिन दिलों का जुड़ाव बेहद मजबूत है। कहानी एक सैनिक और उसकी पत्नी के इर्द गिर्द घूमती है। जहां एक ओर सैनिक सरहद पर देश की रक्षा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उसकी पत्नी घर पर उसके सुरक्षित लौटने की आस लगाए बैठी है। यह भावनात्मक जुड़ाव ही गीत की आत्मा है, जो हर उस परिवार की कहानी को छूता है जो अपने प्रियजनों की वापसी का इंतजार करते हैं।

    ‘चांद देख लेना’ में चांद को एक भावनात्मक प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। ईद का चांद जहां खुशी और मिलन का संदेश देता है, वहीं करवा चौथ का चांद प्यार, विश्वास और इंतजार की गहराई को दर्शाता है। गीत इन दोनों भावनाओं को एक साथ पिरोकर एक खूबसूरत अनुभव बनाता है, जो दर्शकों के दिल को छू जाता है।

    इस गीत का संगीत मशहूर संगीतकार हिमेश रेशमिया ने तैयार किया है, जिनकी धुनें हमेशा से ही श्रोताओं के दिलों में खास जगह बनाती हैं। गीत को निहाल टौरो और अंकोना मुखर्जी ने अपनी मधुर आवाज दी है, जिन्होंने इस गीत के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है।

    फिल्म से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पहले आए गीतों को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया था और अब यह नया गीत फिल्म के भावनात्मक पक्ष को और मजबूत करता है। ‘मातृभूमि: मे वार रेस्ट इन पीस’ का नाम पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ रखा गया था, लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया ताकि फिल्म की कहानी में मौजूद मानवीय पहलुओं को अधिक गहराई से दिखाया जा सके।

    सलमान खान द्वारा निर्मित और अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बनी यह फिल्म बहादुरी, त्याग और रिश्तों की मजबूती की कहानी को सामने लाने का प्रयास करती है। ‘चांद देख लेना’ इसी कहानी का एक अहम हिस्सा है, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने में सफल होता है।
     

    यह गीत उन अनगिनत परिवारों की भावनाओं का आईना है, जो अपने प्रियजनों की सुरक्षा और वापसी के लिए प्रार्थना करते हैं और गर्व के साथ उनके कर्तव्य को स्वीकार करते हैं। यह सिर्फ एक गाना नहीं बल्कि एक गहरी भावना है, जो लंबे समय तक लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए रखेगा

  • बंगाली फिल्म ‘केउ बोले बिप्लोबी केउ बोले डाकात’ का टीजर आउट क्रांति और अपराध की उलझी कहानी

    बंगाली फिल्म ‘केउ बोले बिप्लोबी केउ बोले डाकात’ का टीजर आउट क्रांति और अपराध की उलझी कहानी


    नई दिल्ली: बंगाली सिनेमा के दर्शकों के लिए एक नई और दिलचस्प पेशकश के रूप में फिल्म ‘केउ बोले बिप्लोबी केउ बोले डाकात’ का टीजर जारी कर दिया गया है। इस टीजर ने रिलीज होते ही दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है क्योंकि इसमें एक ऐसी कहानी की झलक दिखाई गई है जो समाज, अपराध और क्रांति के बीच की जटिल रेखा को दर्शाती है। फिल्म की कहानी 1960 के दशक के कोलकाता की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जो उस समय के सामाजिक और राजनीतिक परिवेश को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है।

    टीजर में अभिनेता जीत एक बिल्कुल नए और प्रभावशाली अवतार में नजर आ रहे हैं। उनका किरदार अनंत सिंह नाम के एक रहस्यमयी शख्स के इर्द गिर्द घूमता है, जिसे समाज का एक हिस्सा अपराधी मानता है जबकि कुछ लोग उसे गरीबों का मसीहा समझते हैं। यह द्वंद्व ही फिल्म की कहानी को और गहराई देता है और दर्शकों के मन में कई सवाल खड़े करता है।

    फिल्म में अनंत सिंह के अतीत और वर्तमान को भी समानांतर रूप से दिखाया गया है। कहानी के अनुसार वह कभी स्वतंत्रता सेनानी रहा था और मास्टरदा सूर्य सेन के नेतृत्व में भारत की आजादी की लड़ाई में सक्रिय रूप से शामिल था। लेकिन आजादी के बाद जब वह उन आदर्शों को टूटते हुए देखता है, जिनके लिए उसने अपना सब कुछ समर्पित किया था, तो उसके भीतर गहरा मोहभंग पैदा होता है। यही मोहभंग उसे एक अलग राह पर ले जाता है, जहां वह समाज के भ्रष्ट और प्रभावशाली लोगों के खिलाफ अपनी लड़ाई शुरू करता है।

    टीजर में दिखाया गया है कि कैसे अनंत सिंह समाज के उन लोगों को निशाना बनाता है जो कमजोर और वंचित वर्ग का शोषण करते हैं। उसके इन कदमों से शहर में एक ओर डर का माहौल बनता है तो दूसरी ओर लोगों के बीच जिज्ञासा भी बढ़ती है। इसी बीच इंस्पेक्टर दुर्गा रॉय की एंट्री होती है, जो अनंत सिंह की तलाश में एक सख्त अभियान शुरू करती हैं। उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि क्या अनंत सिंह वास्तव में एक अपराधी है या फिर वह एक क्रांतिकारी है जो व्यवस्था के खिलाफ लड़ रहा है।

    फिल्म का टीजर अपने विजुअल्स और कहानी के अंदाज से दर्शकों को 1960 के दशक के कोलकाता में ले जाता है, जहां सामाजिक असमानता, भ्रष्टाचार और सत्ता की खामियां साफ दिखाई देती हैं। कहानी का यह पहलू इसे सिर्फ एक थ्रिलर नहीं बल्कि एक विचारोत्तेजक फिल्म भी बनाता है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है।

    कुल मिलाकर ‘केउ बोले बिप्लोबी केउ बोले डाकात’ का टीजर एक मजबूत और गहन कहानी की झलक पेश करता है, जिसमें जीत का किरदार, रहस्यमयी कथानक और सामाजिक संदेश मिलकर इसे एक बहुप्रतीक्षित फिल्म बनाते हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म अपने पूरे स्वरूप में दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है

  • मध्य पूर्व तनाव का असर, भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स 2% से अधिक गिरकर खुला

    मध्य पूर्व तनाव का असर, भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स 2% से अधिक गिरकर खुला


    नई दिल्ली।  भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के निफ्टी सत्र में तेज गिरावट के साथ खुला। सुबह के शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,942.22 अंक या 2.55 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 74,750.92 पर और निफ्टी 50 580 अंक या 2.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,197.75 पर ट्रेड कर रहा था।

    बाजार में चौतरफा दबाव देखा गया। रियल्टी, प्राइवेट बैंक, ऑटो, फाइनेंस सर्विसेज, पीएसयू बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, सर्विसेज, डिफेंस और मेटल सभी सेक्टर्स लाल निशान में रहे। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप रिकवरी में भी गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,194.40 अंक या 2.12 प्रतिशत घटकर 55,095.45 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 246.50 अंक या 1.52 प्रतिशत कमजोर होकर 15,930.95 पर था।

    सेंसेक्स पैक के 30 रिकवरी में से 28 लाल निशान में थे। प्रमुख रिकवरी में HDFC Bank, L&T, Axis Bank, M&M, Trent, Itrannal, Asian Paints, Bajaj Finance, Maruti Suzuki, Kotak Mahindra, Ultratech Engineering, Bajaj Finserv और Indiango शामिल थे। केवल NTPC और पावर ग्रिड हरे निशान में बंद हुए।

    रिटेल्स का मानना ​​है कि बाजार में गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव हैं। अमेरिका और इजरायल ने बुधवार को ईरान के दक्षिणी हिस्से में साउथ पार्स गैस फील्ड और असालुयेह शहर की तेल-गैस सुविधाओं पर एयरस्ट्राइक किया। जवाब में ईरान ने कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट रास लफान पर मिसाइल हमले किए। इससे वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल आया और निवेशक जोखिम से बचने के लिए बिकवाली कर रहे हैं।

    अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दबाव देखा गया। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल लाल निशान में बंद हुए। अमेरिकी बाजार बुधवार को लाल निशान में बंद हुए, जिसमें डाओ 1.63 प्रतिशत और नैस्डैक 1.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ समाप्त हुआ।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली जारी रही। बुधवार को एफआईआई ने 2,714.35 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,253.03 करोड़ रुपये का निवेश किया।

  • पश्चिम एशिया संकट का असर: कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी

    पश्चिम एशिया संकट का असर: कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया। इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 111.78 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से 4.10 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मैक्स एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट में 3.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.57 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

    तेल की कीमतों में तेजी का कारण ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर इजरायल के हमले को माना जा रहा है। यह क्षेत्र विश्व का सबसे बड़ा गैस फील्ड है। जवाब में ईरान ने कतर के प्रमुख वैश्विक गैस हब, रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हमला किया। कतर के विदेश मंत्रालय और एनर्जी विभाग ने पुष्टि की है कि मिसाइल हमले से बड़े स्तर पर नुकसान हुआ और आग बुझाने के लिए आपातकालीन बचाव दल तुरंत तैनात किए गए। सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में यह उछाल भारत सहित अन्य तेल आयातक देशों पर असर डाल सकता है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का करीब 90 प्रतिशत कच्चा तेल विदेश से आयात करता है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दी है।

    इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरानी एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर किसी भी अतिरिक्त हमले का विरोध किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा कि इजरायल ने साउथ पार्स गैस क्षेत्र के एक प्रमुख प्लांट पर हमला किया, जिससे केवल प्लांट का अपेक्षाकृत छोटा हिस्सा ही क्षतिग्रस्त हुआ।

    एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है और ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसके प्रभाव से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और कीमतों को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।

  • इजरायल, मध्य पूर्व, रियाद बैठक, इस्लामिक देश, कतर, UAE, अंतरराष्ट्रीय कानून, सैन्य तनाव, वैश्विक राजनीति

    इजरायल, मध्य पूर्व, रियाद बैठक, इस्लामिक देश, कतर, UAE, अंतरराष्ट्रीय कानून, सैन्य तनाव, वैश्विक राजनीति


    नई दिल्ली। ईरान और इजरायल के बीच जारी तनावपूर्ण संघर्ष अब पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। इसी बीच 12 अरब और इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों ने ईरान से हमले तुरंत रोकने और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की अपील की है।

    सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुई बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में इन देशों ने ईरान की सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की। बयान जारी करने वाले देशों में अजरबैजान बहरीन मिस्र जॉर्डन कुवैत लेबनान पाकिस्तान कतर सऊदी अरब सीरिया तुर्किए और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।

    विदेश मंत्रियों ने आरोप लगाया कि ईरान ने रिहायशी इलाकों तेल सुविधाओं एयरपोर्ट डीसेलिनेशन प्लांट और राजनयिक परिसरों को निशाना बनाया जो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते हमलों पर गहरी चिंता जताई और कहा कि इससे क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

    संयुक्त बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान ने कतर और यूएई के ऊर्जा ढांचे पर हमला किया। कतर के रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी को निशाना बनाए जाने के बाद वहां आग लगने की खबरें सामने आईं जबकि सऊदी अरब में बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया।

    कतर ने इस हमले को अपनी संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया और कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी दूतावास के सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को “पर्सोना नॉन ग्राटा” घोषित कर दिया। उन्हें 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया। कतर ने कहा कि यह कदम उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक था।

    संयुक्त बयान में यह भी चेतावनी दी गई कि ईरान के साथ भविष्य के संबंध इस बात पर निर्भर करेंगे कि वह अन्य देशों की संप्रभुता का सम्मान करता है या नहीं। विदेश मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप और सैन्य दबाव की नीति स्वीकार नहीं की जाएगी।

    इस बीच ईरानी मीडिया ने अमेरिका और इजरायल पर उसके तेल और गैस उत्पादन केंद्रों पर हमले का आरोप लगाया है जिससे हालात और अधिक जटिल हो गए हैं। कुल मिलाकर मध्य पूर्व में बढ़ता यह तनाव अब क्षेत्रीय संघर्ष का रूप लेता जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार शांति और संयम की अपील कर रहा है।

  • राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की नितिन गडकरी से मुलाकात बस ट्रक बॉडी उद्योग की समस्याओं पर मंथन तेज

    राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की नितिन गडकरी से मुलाकात बस ट्रक बॉडी उद्योग की समस्याओं पर मंथन तेज

    नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपनी बहन और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से महत्वपूर्ण मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब बस और ट्रक बॉडी निर्माण से जुड़ा उद्योग कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है और उद्योग जगत अपनी समस्याओं को लेकर सरकार से समाधान की उम्मीद लगाए बैठा है।

    इस बैठक में राजस्थान के बस और ट्रक बॉडी बिल्डर एसोसिएशन के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार इस मुलाकात में प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख समस्याओं को विस्तार से सामने रखा। उद्योग से जुड़े लोगों ने खासतौर पर नए तकनीकी मानकों, बढ़ती उत्पादन लागत और मंत्रालय के अनुपालन नियमों को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं। उनका कहना था कि लगातार बदलते नियम और मानकों के चलते छोटे और मध्यम स्तर के निर्माताओं के लिए व्यवसाय चलाना कठिन होता जा रहा है।

    राहुल गांधी ने इस दौरान उद्योग प्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुना और इन मुद्दों को केंद्रीय मंत्री के सामने रखा। उन्होंने नितिन गडकरी से आग्रह किया कि इन समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द निकाला जाए ताकि इस उद्योग से जुड़े लाखों लोगों की आजीविका सुरक्षित रह सके। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि यदि नियमों और शुल्कों का बोझ इसी तरह बढ़ता रहा तो कई छोटे निर्माता बाजार से बाहर हो सकते हैं जिससे रोजगार पर भी असर पड़ेगा।

    सूत्रों के अनुसार गडकरी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यान से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करेगी और समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने उद्योग की चुनौतियों को समझने और उनके व्यावहारिक समाधान खोजने की बात कही।

    बैठक से पहले भी इन प्रतिनिधियों ने राहुल गांधी से मुलाकात की थी और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया था। उस दौरान भी उन्होंने यह चिंता जताई थी कि लाइसेंस प्रक्रिया में अधिक खर्च और समय लगने के कारण छोटे निर्माताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इसके साथ ही नए मानकों को पूरा करने में आ रही कठिनाइयों ने भी उनकी चिंता बढ़ा दी है।

    प्रियंका गांधी ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि प्रतिनिधियों ने लाइसेंस और अनुपालन से जुड़ी दिक्कतों को प्रमुख रूप से उठाया है। उन्होंने कहा कि नितिन गडकरी ने इन समस्याओं को समझते हुए जल्द समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। इस बयान से उद्योग जगत में थोड़ी राहत की उम्मीद जगी है।

    यह बैठक ऐसे समय में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है जब देश में बुनियादी ढांचे और परिवहन क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। सरकार जहां नियमों को सख्त और आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रही है वहीं उद्योग जगत चाहता है कि इन नियमों को व्यावहारिक बनाया जाए ताकि छोटे और मध्यम उद्यम भी टिक सकें।

    कुल मिलाकर यह मुलाकात सिर्फ एक राजनीतिक बैठक नहीं बल्कि उद्योग और सरकार के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इन मुद्दों पर क्या ठोस कदम उठाती है और बस ट्रक बॉडी निर्माण उद्योग को किस तरह राहत मिलती है

  • सोने-चांदी की कीमतों में दबाव, अमेरिकी फेड की नीति ने बनाया मार्केट चुनौतीपूर्ण

    सोने-चांदी की कीमतों में दबाव, अमेरिकी फेड की नीति ने बनाया मार्केट चुनौतीपूर्ण


    नई दिल्ली। सोने और चांदी के बाजार में गुरुवार को कमजोरी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह 10:21 बजे सोने का 2 अप्रैल 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 0.62 प्रतिशत यानी 953 रुपए की गिरावट के साथ 1,52,072 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। दिन भर में सोने ने 1,51,712 रुपए का न्यूनतम और 1,53,025 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ।

    चांदी की कीमतों में भी गिरावट रही। 5 मई, 2026 का चांदी कॉन्ट्रैक्ट 3,945 रुपए या 1.59 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,44,249 रुपए प्रति किलो पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,43,083 रुपए का न्यूनतम और 2,45,387 रुपए का उच्चतम स्तर दर्ज किया।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में दबाव देखा गया। खबर लिखे जाने तक सोना 0.92 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,850 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.42 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 75.735 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व का हालिया निर्णय सोने और चांदी में गिरावट का मुख्य कारण है। बुधवार को अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों को लगातार दूसरी बार यथावत रखते हुए 3.5 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत के बीच बनाए रखा। इससे पहले 2025 में सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में दरों में कटौती की गई थी।

    वीटी मार्केट्स के वरिष्ठ विश्लेषक – एपीएसी जस्टिन खू के अनुसार, फेड का यह कदम भू-राजनीतिक झटकों और लगातार बढ़ती मुद्रास्फीति से जूझ रही समिति के दृष्टिकोण को दर्शाता है। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने भी कहा कि कई अधिकारियों ने अपने पूर्वानुमानों में कटौती की संख्या घटाकर केवल एक कटौती पर सहमति दी है। यह बदलाव मुख्य रूप से ईरान युद्ध और वैश्विक तेल बाजार पर उसके प्रभाव के कारण मुद्रास्फीति में 2.7 प्रतिशत की वृद्धि के बाद आया है।

  • बाजार का झटका: पार्ट-टाइम चेयरमैन के त्यागपत्र के बाद HDFC Bank के स्टॉक्स में गिरावट

    बाजार का झटका: पार्ट-टाइम चेयरमैन के त्यागपत्र के बाद HDFC Bank के स्टॉक्स में गिरावट


    नई दिल्ली।  भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक HDFC Bank के शेयर गुरुवार को सुर्खियों में रहे, जब पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर Atanu Chakraborty ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बैंक की एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, चक्रवर्ती का इस्तीफा 18 मार्च से प्रभावी हो गया। इसके चलते सुबह 11:16 बजे एचडीएफसी बैंक का शेयर 802 रुपए पर था, जो 40 रुपए या 4.80 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।

    भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंक के अनुरोध पर Keki Mistry को 19 मार्च से तीन महीने के लिए अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दे दी। मिस्त्री ने निवेशकों और बाजार को आश्वस्त किया कि बैंक के भीतर कोई बड़ी समस्या नहीं है और बैंक संचालन सुचारू रूप से जारी है।

    चक्रवर्ती, जो 2021 में बैंक के बोर्ड में शामिल हुए थे, ने अपने इस्तीफे पत्र में कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाएं और प्रक्रियाएं देखीं जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका निर्णय पूरी तरह से वैचारिक मतभेदों पर आधारित है और किसी भी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी के कारण नहीं है। एनडीटीवी प्रॉफिट को दिए बयान में चक्रवर्ती ने कहा, “मैं बैंक में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की ओर इशारा नहीं कर रहा हूं। मेरी विचारधाराएं संगठन से मेल नहीं खाती थीं, इसलिए अलग होने का समय आ गया था।”

    विश्लेषकों के अनुसार, बोर्ड स्तर पर किसी वरिष्ठ पदाधिकारी के इस्तीफे से शेयरों में अल्पकालिक अस्थिरता आम है। हालांकि, आरबीआई और बैंक प्रबंधन ने दोनों ने स्पष्ट किया है कि बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत है और संचालन पूरी तरह से पेशेवर ढंग से हो रहा है। मिस्त्री ने भी कहा कि उनकी नियुक्ति के पीछे प्राथमिक उद्देश्य संक्रमण काल को सुचारू रखना है, और निवेशकों को किसी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है।