Author: bharati

  • ईरान के हमले से कतर की LNG निर्यात क्षमता 17% खत्म… 20 अरब डॉलर का नुकसान

    ईरान के हमले से कतर की LNG निर्यात क्षमता 17% खत्म… 20 अरब डॉलर का नुकसान


    दोहा।
    कतर के गैस प्लांट (Qatar’s Gas Plant) पर हुए हालिया ईरानी हमलों (Iranian attacks) ने देश की तरलीकृत प्राकृतिक गैस यानी LNG निर्यात क्षमता को बुरी तरह से प्रभावित किया है। इस हमले के कारण कतर की 17 प्रतिशत एलएनजी निर्यात क्षमता (LNG Export Capacity) तबाह हो गई है, जिससे उत्पादन अगले पांच वर्षों तक ठप रहने की आशंका है। देश की सबसे बड़ी सरकारी कंपनी कतरएनर्जी के सीईओ साद अल-काबी के अनुसार, इन हमलों से सालाना लगभग 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।


    वैश्विक गैस संकट बढ़ेगा

    इस नुकसान ने यूरोप और एशिया भर में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सीधा और गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। यह हमला खाड़ी देशों के तेल और गैस संयंत्रों पर हमलों की एक अभूतपूर्व श्रृंखला का हिस्सा है। ईरान ने यह कदम तब उठाया जब इजरायल ने उसके (ईरान के) गैस बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया था।


    बुनियादी ढांचे को हुआ भारी नुकसान

    हमलों में कतर की प्रमुख गैस सुविधाओं को सटीक रूप से निशाना बनाया गया। कतर की 14 ‘एलएनजी ट्रेनों’ में से दो पूरी तरह प्रभावित हुई हैं। इसकी दो गैस-टू-लिक्विड (GTL) सुविधाओं में से एक को निशाना बनाया गया है। अल-काबी ने स्पष्ट किया कि बुनियादी ढांचे को हुए इस भारी नुकसान की मरम्मत करने और प्रति वर्ष 12.8 मिलियन टन एलएनजी क्षमता को फिर से बहाल करने में कम से कम तीन से पांच साल का समय लगेगा।

    साद अल-काबी ने हमले के समय और इसके स्रोत (ईरान) पर गहरी निराशा और अविश्वास व्यक्त किया। उन्होंने इस हमले के क्षेत्रीय निहितार्थों की ओर इशारा करते हुए कहा: मैंने अपने सबसे बुरे सपनों में भी नहीं सोचा था कि कतर और इस क्षेत्र पर इस तरह का हमला होगा, खासकर रमजान के पवित्र महीने में एक भाईचारे वाले मुस्लिम देश द्वारा हम पर इस तरह से हमला किया जाएगा।


    सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट पर ‘फोर्स मेजर’ का संकट

    इस भारी व्यवधान ने सरकारी स्वामित्व वाली कतरएनर्जी को इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन को होने वाली एलएनजी आपूर्ति के दीर्घकालिक कॉन्ट्रैक्ट पर ‘फोर्स मेजर’ घोषित करने पर विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है। यहां ‘फोर्स मेजर’ का मतलब अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण अनुबंध पूरा न कर पाने से है। अल-काबी ने बताया कि छोटी अवधि के लिए ‘फोर्स मेजर’ पहले ही घोषित किए जा चुके थे, लेकिन बुनियादी ढांचे के नुकसान की गंभीरता को देखते हुए अब इसे लंबी अवधि के लिए लागू करना पड़ेगा।


    साझेदारों और अन्य क्षेत्रों पर प्रभाव

    इस हमले का असर केवल कतर तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशी निवेशकों और गैस के अन्य उप-उत्पादों पर भी पड़ा है।

    एक्सॉनमोबिल का नुकसान: अमेरिकी तेल दिग्गज कंपनी एक्सॉनमोबिल प्रभावित बुनियादी ढांचे में एक प्रमुख भागीदार है। इसकी एलएनजी ट्रेन S4 में 34 प्रतिशत और ट्रेन S6 में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

    अन्य निर्यातों में भारी गिरावट: एलएनजी क्षेत्र के अलावा, कतर के कंडेनसेट निर्यात में 24 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है। वहीं, तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) के उत्पादन में 13 प्रतिशत, हीलियम के उत्पादन में 14 प्रतिशत, और नेफ्था व सल्फर दोनों के उत्पादन में 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

    क्षतिग्रस्त इकाइयों के निर्माण की लागत पर बात करते हुए अल-काबी ने अनुमान लगाया कि इन्हें बनाने में लगभग 26 बिलियन अमेरिकी डॉलर का खर्च आया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरम्मत और उत्पादन का काम तभी फिर से शुरू हो सकता है जब यह युद्ध और संघर्ष पूरी तरह से समाप्त हो जाए।


    प्राकृतिक गैस की कीमतों में उछाल; ब्रेंट क्रूड 116.38 डॉलर

    ईरान के कतर में एक प्रमुख प्राकृतिक गैस सुविधा और दो तेल रिफाइनरी पर हमले के बाद वैश्विक बाजार में तेल एवं प्राकृतिक गैस की कीमतों में बृहस्पतिवार को तेज उछाल आया। कतर की यह गैस सुविधा दुनिया की करीब पांचवें हिस्से की गैस की आपूर्ति करती है। इन हमलों से यह आशंका बढ़ गई है कि टैंकर यातायात के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से उत्पन्न ऊर्जा संकट अपेक्षा से अधिक लंबा एवं व्यापक हो सकता है जिससे तेल एवं गैस उत्पादन को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 116.38 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जो युद्ध से पहले 73 डॉलर प्रति बैरल से कम थी। प्राकृतिक गैस की कीमतों के यूरोपीय टीटीएफ मानक में बृहस्पतिवार को 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

  • एमपी में बदला मौसम का मिजाज: कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर, 34 जिलों में अलर्ट

    एमपी में बदला मौसम का मिजाज: कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर, 34 जिलों में अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के सक्रिय होने से पिछले दो दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। गुरुवार को 15 से अधिक जिलों में मौसम ने करवट ली जहां कहीं ओले गिरे तो कहीं बारिश दर्ज की गई।राजधानी भोपाल में देर रात करीब 1 बजे और शुक्रवार सुबह लगभग साढ़े 5 बजे तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने ग्वालियर जबलपुर सहित 34 जिलों में ओले और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ प्रदेश के मध्य हिस्से में सक्रिय हैं। अगले 24 घंटों के दौरान सिवनी मंडला बालाघाट दतिया निवाड़ी और टीकमगढ़ में ओलावृष्टि की संभावना है। इसके अलावा अन्य 28 जिलों में बिजली गिरने गरज-चमक तेज आंधी और बारिश की स्थिति बन सकती है। भोपाल में दिनभर बादल छाए रहने के आसार हैं।

    गुरुवार को ऐसा रहा मौसम का असर

    गुरुवार रात अचानक मौसम बदला और कई जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी चली। कुछ स्थानों पर ओले गिरने से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।

    धार में गेहूं की फसल प्रभावित होने की आशंका
    धार जिले में रात करीब 10:35 बजे तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई। बेमौसम बारिश से खेतों में पककर तैयार गेहूं की फसल को नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है।

    आगर मालवा में धूल भरी आंधी के बाद बारिश


    गुरुवार रात करीब 8 बजे आगर मालवा में तेज धूल भरी आंधी चली जिसके बाद बिजली की गड़गड़ाहट के साथ लगभग 45 मिनट तक बारिश हुई। इससे गर्मी से राहत मिली लेकिन जनजीवन प्रभावित रहा।

    दमोह में बिजली आपूर्ति बाधित
    दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में रात साढ़े आठ बजे करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। इससे पहले चली आंधी के कारण कई इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित हो गई।

    मऊगंज और शुजालपुर में भी असर

    मऊगंज में शुक्रवार सुबह गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं शुजालपुर में रात में दो बार तेज हवा के साथ बारिश हुई जिससे मौसम में ठंडक बढ़ी। कटाई के लिए तैयार फसलों को बचाने के लिए हार्वेस्टर मशीन की मांग अचानक बढ़ गई है।

    22 मार्च से नया सिस्टम होगा सक्रिय

    मौसम वि‍भाग के अनुसार 22 मार्च से प्रदेश में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा जो उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। हालांकि यह मौजूदा सिस्टम जितना प्रभावी नहीं होगा। अगले 1-2 दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। इसके बाद एक बार फिर गर्मी बढ़ने की संभावना है।

  • Eid Ul Fitr 2026 डेट कन्फर्म चांद दिखने के बाद भारत में इस दिन मनाई जाएगी ईद

    Eid Ul Fitr 2026 डेट कन्फर्म चांद दिखने के बाद भारत में इस दिन मनाई जाएगी ईद

    नई दिल्ली:  Eid ul-Fitr 2026 को लेकर लोगों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है, खासकर चांद दिखने के समय और तारीख को लेकर। रमजान के पावन महीने के समापन के बाद मनाया जाने वाला यह त्योहार खुशियों, मिठास और भाईचारे का प्रतीक होता है।

    इस साल सऊदी अरब में आधिकारिक तौर पर घोषणा की गई है कि ईद 20 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। वहां शव्वाल का चांद 18 मार्च को नजर नहीं आया, जिसके बाद रमजान के रोजे 30 पूरे किए गए। इसके बाद 19 मार्च की शाम चांद दिखने की संभावना जताई गई और उसी के आधार पर 20 मार्च को ईद मनाने का फैसला लिया गया। यूएई और अन्य खाड़ी देशों में भी इसी तारीख को ईद मनाई जाएगी।

    भारत समेत दक्षिण एशिया के देशों में ईद आमतौर पर सऊदी अरब के एक दिन बाद मनाई जाती है। ऐसे में भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में 20 मार्च की शाम को चांद देखने की कोशिश की जाएगी। अगर उस दिन चांद दिखाई देता है, तो भारत में 21 मार्च 2026 को ईद मनाई जाएगी।

    चांद देखने का सही समय सूर्यास्त के बाद का होता है। भारत में आमतौर पर शाम लगभग 6:30 बजे से 7:30 बजे के बीच चांद दिखने की संभावना रहती है, हालांकि यह समय स्थान के अनुसार थोड़ा बदल सकता है। इसके लिए स्थानीय मस्जिदों और चांद देखने वाली समितियों की घोषणा को अंतिम माना जाता है।

    ईद उल फितर को रोजा खोलने का त्योहार भी कहा जाता है, क्योंकि यह रमजान के खत्म होने के अगले दिन मनाई जाती है। इस दिन लोग नमाज अदा करते हैं, एक दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते हैं और मिठाइयों के साथ खुशियां बांटते हैं।

    ईद की तैयारी कैसे करें
    ईद से पहले घरों की साफ सफाई की जाती है और नए कपड़े खरीदे जाते हैं। लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए खास पकवान तैयार करते हैं। सेवइयां और अन्य मीठे व्यंजन इस त्योहार की खास पहचान होते हैं। इसके अलावा जरूरतमंदों को जकात और फितरा देना भी इस दिन का अहम हिस्सा होता है, ताकि हर कोई इस खुशी में शामिल हो सके।

    ईद उल फितर 2026 को लेकर तारीख लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन अंतिम निर्णय चांद दिखने पर ही निर्भर करेगा। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय घोषणाओं पर नजर बनाए रखें और उसी के अनुसार त्योहार की तैयारी करें

  • 20 मार्च का राशिफल : जानिए कैसा रहेगा आज आपका दिन? पढ़ें राशिफल

    20 मार्च का राशिफल : जानिए कैसा रहेगा आज आपका दिन? पढ़ें राशिफल


    नई दिल्‍ली । आज 20 मार्च, शुक्रवार को नवरात्रि का दूसरा दिन है। इस दिन ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल से राशिफल का आंकलन किया जाता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 20 मार्च का दिन कुछ राशि वालों के लिए बेहद शुभ रहने वाला है, तो कुछ राशि वालों को जीवन में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं, 20 मार्च को किन राशि वालों को होगा लाभ और किन को बरतनी होगी सावधानी।

    मेष
    20 मार्च के दिन को क्लियरिटी के साथ देखें। करीबियों के साथ अपने कनेक्शन को मजबूत करने के आपको अच्छे से उनके साथ बॉन्डिंग बनानी है। आपके लिए चैलेंज भी है और मैके भी, तो आप अपने हिसाब से फैसले लेकर आगे बढ़ें।

    वृषभ
    20 मार्च के दिन खुली बातचीत से आपका कनेक्शन मजबूत होगा। फालतू तनाव से बचने के लिए फाइनेंशियल स्थिति पर ध्यान दें, बजट को रिव्यू करें और सेहत के लिहाज से, हेल्दी लाइफस्टाइल बनाए रखने से आपका एनर्जी लेवल अच्छा रहेगा।

    मिथुन
    20 मार्च के दिन बैलेंस और आगे बढ़ने पर फोकस करने का समय है। करियर और पर्सनल लाइफ में तरक्की के मौके खुद ही सामने आते हैं, लेकिन सोच-समझकर आपको आज फैसले लेने हैं। व्यक्तिगत संबंधों की बात करें तो खुद को सुनें।

    कर्क
    20 मार्च के दिन आराम करने के लिए प्राथमिकता दें। अपने पार्टनर के साथ भी समय बिताएं और उनको समझने की कोशिश करें। नई संभावनाओं के लिए खुले रहें, लेकिन डीसीजन लेने में जल्दबाजी न करें।

    सिंह
    20 मार्च के दिन हेल्दी रहने के लिए लाइफ स्टाइल अच्छा करें और खुद की केयर करें। आज का दिन आपको नए मौकों को तलाशने के लिए आमंत्रित करता है। आपका ध्यान वर्क लाइफ बैलेंस बनाए रखने पर होना चाहिए।

    तुला
    20 मार्च के दिन तनाव के लेवल के प्रति सचेत रहकर अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। आज का दिन नए अवसर और विकास लेकर आएगा। पर्सनल और प्रोफेशनल जीवन को संतुलित करने पर ध्यान दें।

    धनु
    20 मार्च के दिन प्रोफेशनल रूप से, बदलावों के लिए तैयार रहें। नई स्किल्स सीखने के लिए तैयार रहें। वित्तीय रूप से, यह आपके खर्च और बचत की आदतों पर गौर करने का अच्छा समय है। अपनी आदतों को बदलाव करके हेल्दी रहें।

    मकर
    20 मार्च के दिन सेहत दुरुस्त रहने वाली है। आपको अपने पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में चीजों को अच्छे से रिव्यू करें। आप अपने करीबियों के साथ अपने कनेक्शन को मजबूत होते हुए पा सकते हैं।

    कुम्भ
    20 मार्च के दिन लव लाइफ में चल रही उथल पुथल को सुलझाना बेहतर रहेगा। ऑफिस में आपको ऐसे मौके मिलेगे, जहां आप समस्याओं के सटीक सोल्यूशन देने में कामयाब रहेंगे। छोटी-मोटी आर्थिक समस्याएं आ सकती हैं, जिनका के लिए बजट को रिव्यू करें।

    कन्या
    20 मार्च के दिन कुछ लोगों के रिश्तों में थोड़ी-बहुत नोक-झोक हो सकती हैं, लेकिन चीजों को तुरंत कंट्रोल करने की कोशिश करें। आपकी सेहत और आर्थिक स्थिति दोनों पहले से बहतर होंगी और आपके फेवर में होंगी। लाइफ में बैलेंस जरूरी है।

    वृश्चिक
    20 मार्च के दिन रिश्तों में छोटी-मोटी समस्याएं आ सकती हैं लेकिन बातचीत कर इन दिक्कतों को सुलझाना बेहतर रहेगा। ऑफिस में ईगो को छोड़ दें और ऑफिस रोमांस से भी तौबा करें। चुनौतियों का बखूबी सामना करें। आपको मेंटली स्ट्रांग रहना है।

    मीन
    20 मार्च के दिन आपकी लव लाइफ में हंसी-खुशी का माहौल रहेगा, पर्सनल लाइफ में खुशिायां मिलेगी। आपका पार्टनर आपके लिए कोई सरप्राइज प्लान कर सकता है। आपके लिए सावधान रहने की सलाह है।

  • बढ़ा हुआ पित्त बिगाड़ सकता है सेहत, संतुलन के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 ठंडी तासीर वाली चीजें

    बढ़ा हुआ पित्त बिगाड़ सकता है सेहत, संतुलन के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 ठंडी तासीर वाली चीजें


    नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और अत्यधिक मसालेदार भोजन ने शरीर में पित्त बढ़ने की समस्या को आम बना दिया है। आयुर्वेद के अनुसार शरीर तीन दोषों वात, पित्त और कफ पर आधारित होता है, जिनमें पित्त अग्नि और जल का मिश्रण है। जब यह असंतुलित हो जाता है, तो पाचन खराब होना, एसिडिटी, त्वचा संबंधी समस्याएं और चिड़चिड़ापन जैसी परेशानियां शुरू हो जाती हैं। ऐसे में समय रहते खानपान और जीवनशैली में बदलाव करना बेहद जरूरी हो जाता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि पित्त को नियंत्रित करने के लिए सबसे पहले शरीर को ठंडक पहुंचाने वाले आहार को अपनाना चाहिए। इसमें सबसे महत्वपूर्ण हैं हल्के और सुपाच्य अनाज जैसे जौ, चावल और गेहूं। ये न केवल पाचन को बेहतर बनाते हैं बल्कि शरीर की आंतरिक गर्मी को भी कम करने में मदद करते हैं। इसके विपरीत उड़द दाल और कुलथी जैसी गरम तासीर वाली चीजों से दूरी बनाना ही बेहतर होता है, क्योंकि ये पित्त को और बढ़ा सकती हैं।

    फलों में मीठे और रसीले विकल्प पित्त संतुलन के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं। सेब, नाशपाती, अंजीर और किशमिश जैसे फल शरीर को ठंडक देते हैं और पाचन को सुधारते हैं। हालांकि आमतौर पर खट्टे फलों से बचने की सलाह दी जाती है, लेकिन आंवला और अनार सीमित मात्रा में लिए जा सकते हैं क्योंकि ये शरीर को पोषण देने के साथ पित्त को नियंत्रित करने में भी मदद करते हैं।

    सब्जियों की बात करें तो खीरा, करेला, मटर और परवल जैसी ठंडी या कड़वी तासीर वाली सब्जियां पित्त को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। वहीं बैंगन, कच्चा प्याज, लहसुन और पालक जैसी गरम प्रकृति वाली सब्जियों का सेवन कम करना चाहिए, क्योंकि ये शरीर की गर्मी को बढ़ा सकती हैं।

    किचन में मौजूद कुछ मसाले भी पित्त नियंत्रण में सहायक होते हैं। सौंफ, धनिया, इलायची और केसर जैसे मसाले शरीर को ठंडक प्रदान करते हैं और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं। इसके उलट हींग और काली मिर्च का अधिक सेवन जलन और एसिडिटी को बढ़ा सकता है, इसलिए इनका उपयोग सीमित मात्रा में करना ही बेहतर है।

    डेयरी उत्पादों में ठंडा दूध, शुद्ध देसी घी और ताजी छाछ पित्त प्रकृति वाले लोगों के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। ये न केवल शरीर को ठंडा रखते हैं बल्कि पाचन को भी मजबूत बनाते हैं।

    हालांकि केवल डाइट ही नहीं, बल्कि जीवनशैली में बदलाव भी उतना ही जरूरी है। पित्त बढ़ने पर तेज धूप से बचना चाहिए और ठंडे वातावरण में समय बिताना लाभकारी होता है। मानसिक शांति बनाए रखने के लिए हल्का संगीत सुनना और पानी के पास समय बिताना भी फायदेमंद होता है।

    कुल मिलाकर, अगर आप अपने शरीर के पित्त को संतुलित रखना चाहते हैं, तो सही खानपान और संतुलित दिनचर्या अपनाना बेहद जरूरी है। इससे न केवल आपका पाचन तंत्र मजबूत होगा, बल्कि आप शारीरिक और मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहेंगे।

  • अब आप घर पर ही बना सकते हैं हेयर कलर, अपनाएं ये ट्रिक

    अब आप घर पर ही बना सकते हैं हेयर कलर, अपनाएं ये ट्रिक


    नई दिल्ली। आज के समय में लोगों के बाल जल्दी सफेद होने लगते हैं। यह बाहरी खान-पान और पॉल्युशन के कारण से हो सकता है। हालांकि इसे ठीक करने के लिए लोग बाहर से बालों को कलर करवा लेते हैं। लेकिन कई बार यह कलर आपके बालों को भी डैमेज कर सकते हैं बार-बार अगर अधिकतर मात्रा में से उगाया जाए तो। इसके साथ ही आपको इन कलर में कई ज़्यादा पैसे भी खर्च करने पड़ते हैं। अगर आप यह सोच रहे हैं कि कुछ ऐसा हाथ लग जाए जो नेचरली हो और बाल भी कलर हो जाए। तो हम आपके लिए ऐसा ही कुछ लेकर आए हैं।

    घर पर बना सकते हैं हेयर कलर
    अब आप घर पर ही हेयर कलर बन सकते हैं और उसका इस्तेमाल घर पर ही कर सकते हैं। आप इस रंग को घर पर बनाकर बालों में अप्लाई कर सकते हैं। ऐसा करने से आपके बाल भी घुंघराले रहेंगे। इसके साथ ही आपके बाल अमोनिया और ब्लीच के इस्तेमाल से बच जाएंगे। आइए आपको बताते हैं कि कैसे घर पर ही अपने बालों का कलर करें।

    रंग बनाने के लिए सामग्री
    चुकंदर का रस- 3 से 4 चम्मच
    मेहंदी- 4 चम्मच
    कॉफी पाउडर – 1 चम्मच

    इस प्रकार बनाए हेयर कलर
    सबसे पहले आप फ्रेश चुकंदर लें। अब इसका रस निकालना है और इसे एक कटोरी में रख दें। इसके बाद एक कटोरी में मेहंदी को डालें। इसमें चुकंदर का रस और कॉफी पाउडर को पानी में घोलकर डालें। फिर इस मिश्रण अच्छे से घोल लें। जरूरतों के हिसाब से इसमें पानी को मिक्स करें। जब घोल तैयार हो जाए, तो इसे 10 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें।

    लगाने का सही तरीका
    सबसे पहले बालों में कंघी कर लें। इस बात का ध्यान रखें कि आपके बाल उलझे नहीं। अब इसे ब्रश की मदद से सिर पर लगाएं। पूरे बालों के कवर करने के बाद वाले कैप पहन लें। इसको आप कम से कम 3 से 4 घंटे तक लगा रहने दें। इसके बाद बालों को सिर्फ उपजाऊ पानी से लगाएं, उस दिन कोमल का इस्तेमाल करें। इसलिए कलर को सेट होने के लिए 24 से 48 घंटे का समय दें, उसके बाद ही हल्के कोमल से बाल लगाएं।

  • Yoga Tips: रोज सिर्फ 5 मिनट करें वृक्षासन, हड्डियां होंगी मजबूत और दिमाग रहेगा शांत

    Yoga Tips: रोज सिर्फ 5 मिनट करें वृक्षासन, हड्डियां होंगी मजबूत और दिमाग रहेगा शांत


    नई दिल्ली । आज की तेज रफ्तार और तनाव से भरी जिंदगी में शारीरिक फिटनेस के साथ मानसिक संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे में योग एक ऐसा प्रभावी उपाय है, जो न केवल शरीर को मजबूत बनाता है बल्कि मन को भी शांत और स्थिर करता है। खासतौर पर वृक्षासन एक ऐसा आसान लेकिन बेहद असरदार योगासन है, जिसे रोजाना सिर्फ 5 मिनट करने से कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं।

    वृक्षासन का अर्थ ही है पेड़ की तरह स्थिर और मजबूत खड़े रहना। यह आसन हमें सिखाता है कि जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी कैसे संतुलन बनाए रखा जाए। जब आप एक पैर पर खड़े होकर शरीर को संतुलित करते हैं, तो यह न केवल आपकी शारीरिक क्षमता को बढ़ाता है बल्कि मानसिक एकाग्रता को भी मजबूत करता है। नियमित अभ्यास से दिमाग और मांसपेशियों के बीच तालमेल बेहतर होता है, जिससे शरीर की कार्यक्षमता बढ़ती है।

    इस योगासन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह रीढ़ की हड्डी को सीधा और मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही पैरों की मांसपेशियां टोन होती हैं और शरीर का संतुलन सुधरता है। जो लोग लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, उनके लिए यह आसन विशेष रूप से फायदेमंद है। एक पैर पर संतुलन बनाने की प्रक्रिया फोकस और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को कई गुना बढ़ा देती है, जिससे काम में एकाग्रता भी बेहतर होती है।

    मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी वृक्षासन बेहद लाभकारी माना जाता है। यह शरीर के वात दोष को संतुलित करता है, जिससे तनाव, घबराहट और मानसिक अस्थिरता में कमी आती है। नियमित अभ्यास से मन शांत रहता है और सकारात्मक सोच विकसित होती है।

    इस आसन को करने का सबसे सही समय सुबह का होता है, जब पेट खाली हो। अगर आप इसे शाम के समय करना चाहते हैं, तो भोजन और योग के बीच कम से कम 4 से 6 घंटे का अंतर रखना जरूरी है। अभ्यास शुरू करने से पहले शरीर को तैयार करने के लिए हल्के वार्म-अप जैसे स्ट्रेचिंग या अन्य योगासन करना फायदेमंद रहता है।

    हालांकि, इस आसन को करते समय कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। जिन लोगों को घुटनों में दर्द, किसी प्रकार की गंभीर चोट या माइग्रेन की समस्या है, उन्हें इसे करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए। बिना मार्गदर्शन के अभ्यास करने से बचना बेहतर होता है।

    कुल मिलाकर, वृक्षासन केवल एक योगासन नहीं, बल्कि शरीर और मन को संतुलित करने का एक सरल विज्ञान है। अगर आप अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में बेहतर फोकस, मजबूत हड्डियां और मानसिक शांति चाहते हैं, तो इस आसान आसन को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें।

  • ब्रिटेन, फ्रांस समेत छह देश होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा में मदद को तैयार, कतर ने ईरान से की युद्ध रोकने की अपील

    ब्रिटेन, फ्रांस समेत छह देश होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा में मदद को तैयार, कतर ने ईरान से की युद्ध रोकने की अपील


    लंदन/मस्कट।
    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स और जापान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के लिए मदद की पेशकश की है। इन देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि वे क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में शामिल होने को तैयार हैं।

    साथ ही बयान में इन देशों ने ईरान के हालिया हमलों की निंदा की और उसे तुरंत रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने वाले देशों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि जरूरत पड़ने पर अन्य कदम भी उठाए जाएंगे, ताकि तेल सप्लाई पर असर कम किया जा सके।

    होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते खतरे के कारण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हो रही है और तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।

    कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने भी युद्ध तुरंत खत्म करने की अपील की। उन्होंने ईरान से अनुरोध किया कि वह अपने हमले रोके और संघर्ष को और न बढ़ाए।

    अल थानी ने विशेष रूप से रास लफ्फान गैस प्लांट पर हुए हमले का जिक्र किया और कहा कि इससे स्पष्ट है कि ईरान अब ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना रहा है, जो न केवल कतर बल्कि पूरी दुनिया के लिए अहम हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे हमलों का असर दुनियाभर के लाखों लोगों पर पड़ेगा, क्योंकि इससे ऊर्जा सप्लाई प्रभावित होगी।

    उल्लेखनीय है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा की कमजोरी से अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। संयुक्त बयान और कतर की चेतावनी इस बात का संकेत हैं कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयासों की जरूरत बढ़ गई है।

    इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि बड़े देशों की मदद और कतर की चेतावनी मिलकर क्षेत्रीय तनाव को कम कर सकती है और वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने में योगदान दे सकती है।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी तीन दिवसीय प्रवास पर पहुंचीं श्रीकृष्ण की नगरी, इस्कॉन-प्रेम मंदिर में किए दर्शन

    राष्ट्रपति द्रौपदी तीन दिवसीय प्रवास पर पहुंचीं श्रीकृष्ण की नगरी, इस्कॉन-प्रेम मंदिर में किए दर्शन


    मथुरा।
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार की शाम तीन दिवसीय प्रवास पर श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा पहुंचीं। यहां से सीधे वृंदावन गई, जहां उन्होंने इस्कॉन मंदिर में पूजा-अर्चना करते हुए ठाकुरजी के भव्य दर्शन किए तथा प्रेममंदिर के दर्शन किए। शुक्रवार की सुबह वह बांकेबिहारी जी महाराज के दर्शन पूजा-अर्चना के साथ अन्य कई कार्यक्रमों में भाग लेंगी। राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर मथुरा पुलिस प्रशासन ने कड़े प्रबंध किए हैं।

    राष्ट्रपति द्रौपदी का गुरुवार शाम को मथुरा में सेना के छावनी परिसर में बने हेलीपैड पर उनका हेलीकॉप्टर उतरा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मंत्री गन्ना विकास एवं चीनी मिलें लक्ष्मी नारायण चौधरी, प्रभारी मंत्री/राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बेसिक शिक्षा विभाग संदीप सिंह, राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह ने बुके देकर उनकी अगवानी की। इस मौके पर मथुरा वृन्दावन नगर निगम के महापौर विनोद अग्रवाल, लेफ्टिनेंट जनरल वी हरिहरन, अपर पुलिस महानिदेशक आगरा अनुपम कुलश्रेष्ठ, मंडलायुक्त आगरा नगेन्द्र प्रताप, ग्रुप कैप्टन शिवम मनचंदा, जिलाधिकारी मथुरा चन्द्र प्रकाश सिंह तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा श्लोक कुमार भी मौजूद थे। इसके बाद राष्ट्रपति का काफिला वृंदावन के लिए रवाना हो गया।

    राष्ट्रपति ने किए इस्कॉन मंदिर दर्शनः राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने वृंदावन स्थित इस्कॉन मंदिर (श्रीश्री कृष्ण बलराम मंदिर) के दर्शन किए। इस्कॉन मंदिर (श्री श्री कृष्ण बलराम मंदिर) में पंचगौड़ा दास, जनार्दन दास, विष्णुनाम दास, शुतकीर्ति दास, रवि लोचन दास एवं देवदत्त स्वामी ने भव्य स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति एवं राज्यपाल ने श्री अभयचरणारविंद भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद जी की समाधि स्थल के दर्शन किए तथा समाधि स्थल की परिक्रमा लगाई। परिक्रमा के बाद राष्ट्रपति मुर्मु एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने श्रीश्री कृष्ण बलराम मंदिर/मुख्य मंदिर के दर्शन किए तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। वैदिक मंत्रों के बीच राष्ट्रपति ने पूजन की सामग्री भगवान को अर्पण किया। पूरा मंदिर प्रांगण शुभ मंत्रों से गूंज उठा। यह नजारा देखने में बहुत ही अद्भुत रहा। उन्होंने मंदिर में हाथ जोड़कर प्रभु का स्मरण किया। राष्ट्रपति द्रौपदी एवं राज्यपाल आनंदीबेन ने मंदिर परिसर में बालिकाओं द्वारा किए जा रहे नृत्य(सांस्कृतिक कार्यक्रम) का अवलोकन किया तथा मंदिर में आयोजित कीर्तन को सुना। दर्शन कार्यक्रम में पंचगौड़ा दास, जनार्दन दास, विष्णुनाम दास, शुतकीर्ति दास, रवि लोचन दास, देवदत्त स्वामी, राधागोलोकानंद स्वामी, मुकुंदा दास, जादूनंदन दास, धर्मात्मा दास, पार्थ कृष्णा दास (गौ-सेवक) एवं गणपति दास उपस्थित रहे।

    तय कार्यक्रम के अनुसार 21 मार्च तक राष्ट्रपति तक ब्रज में प्रवास करेंगी। दो दिन वृंदावन में मंदिरों के दर्शन करेंगी। वह संत प्रेमानंद से आध्यात्मिक चर्चा करेंगी। 20 मार्च को वह वृंदावन के उड़िया बाबा आश्रम, नीव करौरी बाबा आश्रम, रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम, वात्सल्य ग्राम जाएंगी। रामकृष्ण मिशन चेरिटेबिल अस्पताल में कैंसर यूनिट का उद्घाटन करेंगी। 21 मार्च की सुबह आठ बजे गोवर्धन प्रस्थान करेंगी। सुबह 9 बजे दानघाटी मंदिर में पूजा अर्चरा करेंगी। इसके बाद गोल्फ कार्ट से परिक्रमा लगाएंगी। ब्रज की पावन धरती पर आध्यात्मिकता और गरिमा का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु श्रीकृष्ण की मनोमयी लीला से प्रकट मानसी गंगा में श्रद्धा अर्पित करेंगी। महज 10 मिनट का यह कार्यक्रम भले ही समय में सीमित हो, लेकिन इसकी धार्मिक महत्ता और सांस्कृतिक संदेश दूर तक गूंजेंगे।

    मुकुट मुखारविंद मंदिर के रिसीवर कपिल चतुर्वेदी के अनुसार, राष्ट्रपति के आगमन पर श्रीजी पीठाचार्य मनीष बाबा उन्हें सबसे पहले मानसी गंगा की पूजा अर्चना कराएंगे। इसके बाद वह मुकुट मुखारविंद मंदिर में विराजमान गिरिराजजी का दूध व रबड़ी से अभिषेक कर विधिवत पूजन करेंगी। पूरे कार्यक्रम को अत्यंत व्यवस्थित ढंग से 10 मिनट में संपन्न कराने की योजना बनाई गई है। भागवत किंकर गोपाल प्रसाद उपाध्याय बताते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण ने गंगा को अपने मन से ब्रज में प्रकट किया, जिससे इसका नाम ‘मानसी गंगा’ पड़ा।


    राष्ट्रपति की सुरक्षा में आठ जिलों की फोर्स तैनात : एसएसपी

    इससे पहले बुधवार को वृंदावन से गोवर्धन तक प्रस्तावित राष्ट्रपति के दौरे को लेकर पूरे रूट पर फुल ड्रेस रिहर्सल किया गया। इसमें सुरक्षा, यातायात और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा गया। रिहर्सल के दौरान काफिले में शामिल वाहनों ने निर्धारित मार्ग पर चलकर हर संभावित स्थिति का अभ्यास किया। सुबह से ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी रूट पर तैनात हो गए थे। काफिला वृंदावन से शुरू होकर गोवर्धन तक पहुंचा और इस दौरान मार्ग में आने वाले प्रमुख चौराहों, संकरे रास्तों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों का विशेष रूप से निरीक्षण किया गया। राष्ट्रपति के काफिले के लिए ‘जीरो ट्रैफिक’ व्यवस्था लागू करने की तैयारियां भी रिहर्सल के दौरान देखी गईं। इसके तहत काफिले के गुजरने के समय पूरे रूट को आम यातायात के लिए पूरी तरह खाली रखा जाएगा। इसके लिए वैकल्पिक मार्गों और डायवर्जन की योजना पर भी अभ्यास किया गया। रिहर्सल के चलते कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए गए। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर आठ जिलों की फोर्स तैनात की गयी है। कई स्थानों पर रूट डायवर्जन लागू रहेगा।

  • कांग्रेस ने असम चुनाव के लिए 22 उम्मीदवारों की तीसरी सूची जारी की, अबतक कुल 87 नाम घोषित

    कांग्रेस ने असम चुनाव के लिए 22 उम्मीदवारों की तीसरी सूची जारी की, अबतक कुल 87 नाम घोषित


    नई दिल्ली।
    कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को 22 उम्मीदवारों की तीसरी सूची जारी की। इससे पहले पार्टी 42 उम्मीदवारों वाली पहली और 23 उम्मीदवारों वाली दूसरी सूची जारी कर चुकी है। तीसरी सूची के साथ अब तक कुल 87 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए जा चुके हैं।

    पार्टी की ओर से जारी सूची:
    1.कोकराझार (3) (अनुसूचित जनजाति) : मनिक ब्रह्मा
    2.बाओखुंगग्री (4) : सपाली माराक
    3.परबतझोरा (5) : अशराफुल इस्लाम शेख
    4.धुबरी (8) : बेबी बेगम
    5.जलेस्वर (12) : आफताब उद्दीन मोल्लाह
    6.अभयापुरी (16) : प्रदीप सरकार
    7.सिदली चिरांग (19) (अनुसूचित जनजाति) : मातिलाल नरजारी
    8.चेंगा (23) : अब्दुर रहीम अहमद
    9.पाकाबेटबारी (25) : जाकिर हुसैन सिकदार
    10.बक्सा (42) (अनुसूचित जनजाति) : जगदीश मदाई
    11.तामुलपुर (43) (अनुसूचित जनजाति) : रफी डैमारी
    12.उदालगुड़ी (46) (अनुसूचित जनजाति) : सोरेन डैमारी
    13.लाहरीघाट (53) : डॉ. आसिफ मोहम्मद नजर
    14.नागांव-बतरद्राबा (60) : डॉ. दुरलव चमुआ
    15.नदुआर (69) : सुनील चेत्री
    16.रोंगोनादी (74) : जयोन्तो खौंड
    17.लखीमपुर (76) : घना बुरागोहैं
    18.धकुआखाना (77) (अनुसूचित जनजाति) : आनंद नाराह
    19.माकुम (85) : सिबनाथ चेतिया
    20.खुमताई (106) : रोसेलिना तिर्की
    21.होवारघाट (109) (अनुसूचित जनजाति) : संजीब टेरोन
    22.अल्गापुर-कटलीचेड़ा (122) : जुबैर अनाम मजूमदार