Author: bharati

  • Sanju Samson का इमोशनल जश्न चर्चा में, हेलमेट फेंकने पर ICC की कार्रवाई पर फैन्स की नजर

    Sanju Samson का इमोशनल जश्न चर्चा में, हेलमेट फेंकने पर ICC की कार्रवाई पर फैन्स की नजर


    नई दिल्ली । आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में भारत ने वेस्ट इंडीज को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। 1 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम को 196 रनों का लक्ष्य मिला था जिसे संजू सैमसन की धमाकेदार पारी की बदौलत 4 गेंद पहले हासिल कर लिया गया।

    संजू ने 50 गेंदों में 12 चौके और 4 छक्के लगाकर नाबाद 97 रन बनाए। मैच जीतते ही संजू भावनाओं में बह गए। उन्होंने अपना हेलमेट हवा में उछाला और दोनों हाथ उठाकर ईश्वर का धन्यवाद किया। यह पल उनके संघर्ष और दबाव को दर्शाता है लेकिन यही जश्न अब उनके लिए संभावित मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

    ICC पर संभावित कार्रवाई

    आईसीसी का कोड ऑफ कंडक्ट खिलाड़ियों के व्यवहार पर सख्ती से नजर रखता है। नियमों के अनुसार मैदान पर हेलमेट या बल्ला फेंकना अनुचित आचरण माना जा सकता है। ऐसे मामलों में खिलाड़ी पर मैच फीस का जुर्माना डिमेरिट प्वाइंट्स या निलंबन तक की कार्रवाई हो सकती है। इसका उद्देश्य केवल अनुशासन बनाए रखना नहीं बल्कि खिलाड़ियों अंपायरों और मैदान पर मौजूद अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।

    संजू सैमसन का यह जश्न IPL 2023 के उस वाकये की याद दिलाता है जब आवेश खान ने लखनऊ सुपर जायंट्स की 1 विकेट से जीत के बाद हेलमेट जमीन पर फेंक दिया था और उन्हें आचार संहिता का उल्लंघन करने पर फटकार मिली थी।

    फिलहाल संजू की शानदार पारी और भारत की सेमीफाइनल एंट्री चर्चा का केंद्र बनी हुई है। फैन्स उनकी भावनाओं और समर्पण की सराहना कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ICC इस इमोशनल जश्न को सामान्य माना जाएगा या नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।

  • कोलेस्ट्रॉल बीमारी नहीं, लाइफस्टाइल का अलार्म! जानें आयुर्वेद क्या देता है संकेत

    कोलेस्ट्रॉल बीमारी नहीं, लाइफस्टाइल का अलार्म! जानें आयुर्वेद क्या देता है संकेत


    नई दिल्ली। सबसे पहले एक बात साफ कर लें-कोलेस्ट्रॉल कोई “जहर” नहीं है। यह एक वसा जैसा पदार्थ है, जिसे हमारा शरीर खुद भी बनाता है। कोशिकाओं की संरचना, हार्मोन बनाने और विटामिन D के निर्माण में इसकी अहम भूमिका होती है। समस्या तब शुरू होती है जब “बैड कोलेस्ट्रॉल” यानी LDL जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है और धमनियों में जमा होने लगता है। इससे दिल की बीमारी, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए इसे न तो नजरअंदाज करें, न ही बेवजह डरें-समझदारी से कंट्रोल करें।
    आयुर्वेद क्या कहता है?

    आयुर्वेद के अनुसार, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल शरीर में “कफ” और “मेद” की अधिकता से जुड़ा माना जाता है। यानी यह असंतुलित आहार, कम शारीरिक गतिविधि और गलत दिनचर्या का संकेत है।

    1. लहसुन


    सुबह खाली पेट भुनी हुई 1–2 लहसुन की कलियां गुनगुने पानी के साथ लेने की सलाह दी जाती है। आयुर्वेद में माना जाता है कि लहसुन रक्त संचार सुधारने और वसा कम करने में मदद करता है।

    2. मेथी दाना


    मेथी में घुलनशील फाइबर पाया जाता है। रातभर भिगोकर सुबह इसका पानी पीना या दाने चबाना लाभकारी माना जाता है। हालांकि रोज़ाना लगातार लेने के बजाय बीच-बीच में लेना बेहतर बताया जाता है।

    3. अर्जुन की छाल

    अर्जुन की छाल को आयुर्वेद में हृदय के लिए लाभकारी माना गया है। इसका काढ़ा दिल की सेहत सुधारने और लिपिड प्रोफाइल संतुलित रखने में सहायक बताया जाता है।

    4. धनिया पानी
    धनिया का पानी लीवर फंक्शन को बेहतर करने में मददगार माना जाता है। चूंकि कोलेस्ट्रॉल का निर्माण लीवर में होता है, इसलिए लीवर स्वस्थ रहेगा तो लिपिड लेवल भी संतुलित रहेगा।

    लेकिन एक जरूरी सच


    यह समझना बहुत जरूरी है कि अगर आपका कोलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है या पहले से दिल की बीमारी है, तो सिर्फ घरेलू उपायों पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह, ब्लड टेस्ट और दवाइयों की भी अहम भूमिका होती है। आयुर्वेदिक उपाय सहायक हो सकते हैं, लेकिन वे आधुनिक चिकित्सा का विकल्प नहीं, बल्कि पूरक हैं।

    लाइफस्टाइल ही असली गेम-चेंजर

    रोज़ कम से कम 30 मिनट तेज चलना या व्यायाम

    तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड कम करना

    धूम्रपान और अत्यधिक शराब से दूरी

    वजन नियंत्रित रखना

    तनाव कम करना

    सीधी बात-कोलेस्ट्रॉल हमें चेतावनी देता है कि जीवनशैली सुधारने का समय आ गया है। घबराने के बजाय इसे एक संकेत मानिए, और शरीर के साथ दोस्ती कीजिए। दिल आपका है-देखभाल भी आपकी जिम्मेदारी है।

  • मालामाल वीकली का सीक्वल कन्फर्म, Paresh Rawal ने खुद लगाई मुहर; कॉमिक धमाका लौटेगा

    मालामाल वीकली का सीक्वल कन्फर्म, Paresh Rawal ने खुद लगाई मुहर; कॉमिक धमाका लौटेगा


    नई दिल्ली । कॉमेडी प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। साल 2006 में रिलीज हुई प्रियदर्शन की कल्ट क्लासिक फिल्म मालामाल वीकली अब अपने सीक्वल के साथ वापस आने जा रही है। लीड अभिनेता Paresh Rawal ने खुद इसकी पुष्टि कर दी है। करीब दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद यह फिल्म फिर से दर्शकों को हँसी और मनोरंजन का तड़का देने के लिए तैयार है।

    हालांकि फिल्म के मेकर्स की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं आई है, लेकिन परेश रावल के बयान ने सब कुछ स्पष्ट कर दिया। HT से बातचीत में जब उनसे सीक्वल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, हां, यह खबर सच है। मैं यह फिल्म कर रहा हूं। परेश रावल इन दिनों अपनी पुरानी हिट फिल्मों के सीक्वल को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने हेरा फेरी 3 में अपने आइकॉनिक किरदार बाबू भैया की वापसी की थी।

    क्या थी मालामाल वीकली की कहानी

    फिल्म की जान इसकी कहानी और किरदारों की शानदार फौज थी। यह कहानी एक छोटे से गांव के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां किसी शख्स की 1 करोड़ रुपये की लॉटरी लग जाती है। लेकिन ट्विस्ट तब आता है जब पता चलता है कि लॉटरी जीतने वाला व्यक्ति अचानक दुनिया को अलविदा कह देता है। इसके बाद गांव के लोग खासकर Paresh Rawal और Om Puri के किरदार उस रकम को हड़पने की साजिश रचते हैं। लॉटरी इंस्पेक्टर से मौत छुपाने और लालची मुखिया को चकमा देने के चक्कर में पैदा होने वाले हास्यास्पद हालात ही इस फिल्म को कॉमिक मास्टरपीस बनाते हैं।

    भागम भाग 2 की भी तैयारी

    परेश रावल के पास सिर्फ मालामाल वीकली ही नहीं है। कॉमेडी प्रेमियों के लिए यह और बड़ी खुशखबरी है कि वे 2006 की सुपरहिट फिल्म भागम भाग के सीक्वल के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं। दो दशकों से फैन्स इस हास्यपूर्ण दुनिया का इंतजार कर रहे थे और अब लग रहा है कि परेश रावल और प्रियदर्शन की जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर ठहाके लगाने आ रही है।

  • जंग का झटका बाजार को! सेंसेक्स 80 हजार से नीचे, ऑटो-कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर धराशायी

    जंग का झटका बाजार को! सेंसेक्स 80 हजार से नीचे, ऑटो-कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर धराशायी


    नई दिल्ली। Israel–Iran युद्ध के बीच वैश्विक अनिश्चितता ने भारतीय शेयर बाजार को झटका दिया है। दोपहर 12:30 बजे तक सेंसेक्स 1,486 अंक यानी 1.83% टूटकर 79,806 पर आ गया, जबकि निफ्टी 453 अंक (1.80%) गिरकर 24,725 पर कारोबार करता दिखा। निवेशकों की घबराहट साफ नजर आई, खासकर उन सेक्टरों में जो कच्चे तेल की कीमतों और उपभोक्ता मांग से सीधे जुड़े हैं।
    ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे ज्यादा प्रभावित

    सेक्टोरल इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में रही। निफ्टी ऑटो और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स करीब 3-3% टूटे। इसके अलावा निफ्टी इन्फ्रा, रियल्टी, ऑयल एंड गैस और एनर्जी इंडेक्स भी 2% से ज्यादा गिरावट के साथ लाल निशान में रहे।

    लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली तेज रही। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 2.14% और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2.03% नीचे कारोबार करता दिखा। यह संकेत है कि गिरावट व्यापक रही, सिर्फ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं।

    सेंसेक्स पैक में चुनिंदा शेयर संभले, बाकी दबाव में

    सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से अधिकांश में गिरावट रही। बीईएल, सन फार्मा और भारती एयरटेल जैसे कुछ शेयर ही हरे निशान में दिखे। वहीं एलएंडटी, इंडिगो, मारुति सुजुकी, एमएंडएम, एशियन पेंट्स, टाइटन, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एसबीआई समेत कई दिग्गज शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। बाजार पूंजीकरण की बात करें तो बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 9 लाख करोड़ रुपये घटकर 454 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।

    कच्चे तेल और डॉलर का दबाव, सोना-चांदी में चमक
    युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। Brent Crude करीब 9% चढ़कर 79 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जबकि WTI Crude भी 8% की तेजी के साथ 72 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।

    दूसरी ओर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी में जोरदार तेजी देखी गई। सोना 3% से ज्यादा उछल गया, जबकि चांदी में भी लगभग 2.7% की बढ़त रही। डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी ने भी बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाला है।

    आगे क्या?

    विश्लेषकों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम और केंद्रीय बैंकों की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी है।
  • इजराइल-ईरान युद्ध के बीच दुबई में फंसे भारतीय सितारे, सुरक्षा अपडेट के साथ राहत की खबर

    इजराइल-ईरान युद्ध के बीच दुबई में फंसे भारतीय सितारे, सुरक्षा अपडेट के साथ राहत की खबर


    नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट में इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों को पूरी तरह ठप कर दिया है। इसी कारण कई भारतीय सेलेब्रिटीज दुबई में फंसी हुई हैं। तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और प्रोफेशनल रेसर अजित कुमार बॉलीवुड की एक्ट्रेस सोनल चौहान और बंगाली एक्ट्रेस सुभाश्री गांगुली समेत कई कलाकार और आम नागरिक फिलहाल अपनी घर वापसी का इंतजार कर रहे हैं। शनिवार और रविवार को मिसाइल हमलों और धमाकों के बाद दुबई एयरस्पेस बंद कर दिया गया जिससे उनकी यात्रा योजना प्रभावित हुई।

    अजीत कुमार दुबई में रेसिंग कमिटमेंट्स के लिए थे और उनके भारत लौटने के प्लान पर यह संकट भारी पड़ा। उनके मैनेजर ने पुष्टि की है कि अजीत पूरी तरह सुरक्षित हैं और फिलहाल उन्हें कोई खतरा नहीं है। अजीत ने हाल ही में ‘2025 24H दुबई एंड्योरेंस रेस’ में शानदार प्रदर्शन किया था और अब उनकी वापसी हालात सामान्य होने पर ही संभव होगी।

    बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनल चौहान ने भी अपने फंसे होने की जानकारी दी थी। उन्होंने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग कर मदद की अपील की थी। हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा कि वे सुरक्षित हैं और अधिकारियों सभी को सुरक्षित रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। सोनल ने फैंस से अपील की कि किसी तरह की अफवाह न फैलाएं और धैर्य बनाए रखें।

    बंगाली एक्ट्रेस सुभाश्री गांगुली अपने बेटे युवान के साथ छुट्टियां मनाने दुबई गई थीं। उनके पति और फिल्ममेकर राज चक्रवर्ती ने बताया कि सुभाश्री और उनका बेटा सुरक्षित हैं लेकिन फोन पर संपर्क मुश्किल हो रहा है। उनकी वापसी 5 मार्च को तय थी लेकिन फिलहाल हालात स्पष्ट नहीं हैं।

    इस बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा गुप्ता और बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु भी दुबई में फंसी हुई हैं। ईशा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे सुरक्षित हैं और मोदी सरकार अपनी तरफ से सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने सभी फंसे हुए लोगों और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। इस संकट के बीच भारतीय सेलेब्रिटीज की सुरक्षा को लेकर आधिकारिक गाइडलाइन्स का पालन जारी है और उनके सुरक्षित घर वापसी के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।

  • निवेशकों में डर, निफ्टी 24,900 के आसपास, रियल्टी और ऑटो शेयरों में भारी गिरावट


    नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। आज के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,000 अंक से अधिक गिरकर लगभग 80,000 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं निफ्टी 50 में लगभग 300 अंकों की गिरावट के साथ यह 24,900 के आसपास पहुंच गया। व्यापक बिकवाली का दबाव मुख्य रूप से रियल्टी और ऑटोमोबाइल सेक्टर के शेयरों पर देखा गया।

    विश्लेषकों के अनुसार इस गिरावट का प्रमुख कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 10 प्रतिशत उछलकर 79 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता है, तो तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर ऊर्जा आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं पर सीधे पड़ेगा और कंपनियों की परिचालन लागत में वृद्धि होगी।

    ऊर्जा कीमतों में उछाल का असर निवेशकों की गतिविधियों पर भी नजर आया। सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से वायदा बाजार में सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक जोखिम लंबे समय तक बने रहने पर निवेशकों का रुख कीमती धातुओं की ओर बढ़ सकता है।

    वैश्विक संकेत भी कमजोर बने रहे। एशियाई बाजारों में उतार-चढ़ाव देखा गया, जबकि अमेरिकी बाजारों ने पिछले सत्र में मिश्रित रुख अपनाया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता उभरते बाजारों पर भी प्रभाव डालती है, जिससे विदेशी निवेश प्रवाह प्रभावित होता है। हाल के आंकड़े भी इस दबाव की पुष्टि करते हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बिकवाली का रुख अपनाया, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने खरीदारी कर गिरावट को सीमित करने का प्रयास किया।

    क्षेत्रीय स्तर पर ऑटो, ऊर्जा और बैंकिंग शेयरों में गिरावट से व्यापक बाजार भावना प्रभावित हुई। उच्च ईंधन लागत से कंपनियों की परिचालन लागत बढ़ने की आशंका निवेशकों की चिंता का प्रमुख कारण बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि निकट अवधि में बाजार की दिशा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, तेल की कीमतों और निवेश प्रवाह पर निर्भर करेगी।

    यदि वैश्विक तनाव कम होता है, तो बाजार में स्थिरता लौट सकती है। हालांकि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। निवेशक वर्तमान में सतर्क हैं और बाजार के हर संकेत को ध्यान से देख रहे हैं। रियल्टी और ऑटो शेयरों में बिकवाली, वैश्विक अनिश्चितता और ऊर्जा कीमतों में वृद्धि ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है।

    इसलिए इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए ध्यान देने वाली मुख्य बातें वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम, तेल की कीमतों में तेजी और विदेशी निवेश प्रवाह में बदलाव रहेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तेल कीमतों में स्थिरता आती है और क्षेत्रीय तनाव कम होता है, तो बाजार में आंशिक सुधार की उम्मीद की जा सकती है।

  • होली के अवसर पर कोटा–जबलपुर स्पेशल ट्रेन में बढ़ाई गई सुविधा, 17 डिब्बों के साथ चलेगी

    होली के अवसर पर कोटा–जबलपुर स्पेशल ट्रेन में बढ़ाई गई सुविधा, 17 डिब्बों के साथ चलेगी

    जबलपुर: होली के त्योहारी मौसम में यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए पश्चिम मध्य रेल ने कोटा–जबलपुर होली स्पेशल ट्रेन में 5 अतिरिक्त कोच जोड़ने का निर्णय लिया है। इस कदम के बाद विशेष ट्रेन अब कुल 17 डिब्बों के साथ चलेगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था 1 से 4 मार्च के बीच लागू रहेगी, ताकि त्योहार के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।

    अतिरिक्त कोचों में 3 स्लीपर, 1 एसी-3 टियर और 1 एसी-3 टियर सह एसी-2 टियर कोच शामिल किए गए हैं। इस वृद्धि के बाद ट्रेन की कुल संरचना में 6 सामान्य श्रेणी, 5 स्लीपर, 2 वातानुकूलित श्रेणी और 2 बैठक श्रेणी के डिब्बे उपलब्ध रहेंगे। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों की लंबी वेटिंग सूची कम करना और सुरक्षित व आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करना है।

    गाड़ी संख्या 09806 कोटा से जबलपुर के लिए 1 और 3 मार्च को शाम 6:30 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 6:55 बजे जबलपुर पहुंचेगी। वहीं वापसी में गाड़ी संख्या 09805 2 और 4 मार्च को सुबह 9:10 बजे जबलपुर से रवाना होकर रात 10:15 बजे कोटा पहुंचेगी। रेलवे के अनुसार इस विशेष सेवा से मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच त्योहारी सीजन में आवागमन और भी आसान होगा।

    त्योहारी सीजन में ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेल समय-समय पर विशेष सेवाएं शुरू करती रही है। इस बार भी यात्रियों की भारी मांग और अग्रिम आरक्षण की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त कोच जोड़ने का निर्णय लिया गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि होली के दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक, छात्र और परिवार अपने गृह नगर जाते हैं, जिससे नियमित ट्रेनों पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में विशेष ट्रेन और अतिरिक्त कोच यात्रियों के लिए राहत का कदम साबित होंगे।

    यात्रियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। कई यात्रियों का कहना है कि पिछले वर्षों में होली के समय टिकट मिलना मुश्किल हो जाता था। इस बार अतिरिक्त कोच जुड़ने से यात्रा अधिक सुविधाजनक और आरामदायक होगी। रेलवे प्रशासन ने भी यात्रियों से अपील की है कि वे समय पर स्टेशन पहुंचें और टिकट केवल आधिकारिक बुकिंग प्लेटफॉर्म से ही खरीदें।

    रेलवे का यह कदम न केवल त्योहार के मौसम में सुविधा सुनिश्चित करता है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और आराम को भी प्राथमिकता देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि विशेष ट्रेन और अतिरिक्त कोचों की व्यवस्था से भीड़भाड़ कम होगी और यात्रा में व्यवधान नहीं आएगा। इस प्रकार, कोटा–जबलपुर होली स्पेशल ट्रेन त्योहारी सीजन में यात्रियों की बड़ी राहत साबित होगी।

  • जिम्बाब्वे टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर, लेकिन भारत में फंसी टीम; दुबई हवाई अड्डे की बंदी बनी रुकावट

    जिम्बाब्वे टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर, लेकिन भारत में फंसी टीम; दुबई हवाई अड्डे की बंदी बनी रुकावट


    नई दिल्ली । T20 विश्व कप 2026 में जिम्बाब्वे का सफर सुपर 8 चरण में ही समाप्त हो गया। रविवार 1 मार्च को नई दिल्ली में खेले गए आखिरी सुपर 8 मुकाबले में जिम्बाब्वे को दक्षिण अफ्रीका से हार का सामना करना पड़ा जिससे टीम का टूर्नामेंट से बाहर होना तय हो गया। हालांकि इस हार के बाद भी टीम स्वदेश वापसी की राह में कई बाधाओं का सामना कर रही है।

    मुख्य वजह है पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और दुबई हवाई अड्डे के बंद होने का मामला। जिम्बाब्वे की टीम को दुबई से कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी थी लेकिन हवाई अड्डे की बंदी के चलते उनकी यात्रा योजना अनिश्चित हो गई। मुख्य कोच जस्टिन सैम्पसन ने कहा कि रविवार को मैच के दौरान टीम को कोई नई जानकारी नहीं दी गई थी और खिलाड़ियों का पूरा ध्यान खेल पर ही था। उन्होंने बताया जब हमने मैच शुरू किया था तब कोई अपडेट नहीं था। उसके बाद पूरा ध्यान खेल पर रहा। तब से मुझे कोई सूचना नहीं मिली है।

    जिम्बाब्वे टीम के हरफनमौला खिलाड़ी क्रेग एर्विन भी दुबई में फंसे हैं और अब उनके लिए अदीस अबाबा स्थित इथियोपियन एयरलाइंस के जरिए स्वदेश लौटना एक संभावित विकल्प बन सकता है। ICC ने शनिवार को घोषणा की थी कि वह भारत और श्रीलंका में आयोजित टी20 विश्व कप से लौट रहे खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों का इंतजाम कर रही है। यह कदम अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हालिया हमलों के कारण उत्पन्न हवाई व्यवधान को देखते हुए उठाया गया है।

    मुख्य कोच सिकंदर रजा की अगुआई वाली टीम सोमवार सुबह तीन अलग-अलग चरणों में दिल्ली से रवाना होने वाली थी लेकिन दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद यह योजना स्थगित कर दी गई। सैमन्स ने कहा कि इस स्थिति के बावजूद टीम का ध्यान मैदान पर ही रहा।

    दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका अभी भी टूर्नामेंट में है और उनका सेमीफाइनल 4 मार्च को कोलकाता में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला जाएगा। दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कोच शुक्री कॉनराड ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष की स्थिति खिलाड़ियों के बीच चर्चा का विषय रही है लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि टीम का पूरा ध्यान खेल पर बना रहेगा।

    इस बीच जिम्बाब्वे टीम और आईसीसी दोनों की कोशिशें जारी हैं ताकि खिलाड़ियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सके। फिलहाल टीम की वापसी का मार्ग और समय पूरी तरह से हवाई मार्ग की स्थिति पर निर्भर है।

  • IND vs AFG का बिगुल बजा, BCCI ने टेस्ट-वनडे सीरीज की तारीखों का किया ऐलान

    IND vs AFG का बिगुल बजा, BCCI ने टेस्ट-वनडे सीरीज की तारीखों का किया ऐलान


    नई दिल्ली। भारत और Afghanistan के बीच अब तक ज़्यादातर मुकाबले टी20 फॉर्मेट में देखने को मिले हैं, लेकिन अब दोनों टीमें रेड-बॉल और 50 ओवर क्रिकेट में आमने-सामने होंगी। बीसीसीआई ने ऐलान किया है कि अफगानिस्तान की टीम जून 2026 में भारत दौरे पर आएगी, जहां एकमात्र टेस्ट और तीन वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी।

    एकमात्र टेस्ट मैच 6 से 10 जून 2026 तक न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। इसके बाद वनडे सीरीज की शुरुआत 14 जून को धर्मशाला से होगी। दूसरा वनडे 17 जून को लखनऊ और तीसरा व अंतिम मुकाबला 20 जून को चेन्नई में खेला जाएगा। तीनों वनडे दोपहर 1:30 बजे से शुरू होंगे।

    2018 का टेस्ट यादगार, पारी और 262 रन से जीत
    भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक सिर्फ एक टेस्ट मैच खेला गया है। यह मुकाबला 2018 में बेंगलुरु में हुआ था, जहां भारतीय टीम ने पारी और 262 रन से ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। उस मैच में 107 रन की शानदार पारी खेलने वाले Shikhar Dhawan प्लेयर ऑफ द मैच रहे थे, जबकि कप्तानी Ajinkya Rahane ने संभाली थी। अब आठ साल बाद फिर से दोनों टीमें टेस्ट क्रिकेट में भिड़ेंगी, जो अफगानिस्तान के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगा।

    वनडे रिकॉर्ड में भारत का पलड़ा भारी
    भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक कुल चार वनडे खेले गए हैं। इनमें से तीन मुकाबलों में भारत ने जीत दर्ज की है, जबकि एक मैच टाई रहा। आखिरी वनडे 11 अक्टूबर 2023 को खेला गया था। इस सीरीज के जरिए अफगानिस्तान को 50 ओवर फॉर्मेट में अपनी रणनीति मजबूत करने का अवसर मिलेगा, खासकर तब जब टीम हालिया टी20 विश्व कप 2026 में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी।

    नए कोच के साथ नई शुरुआत
    पिछले टी20 विश्व कप में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली अफगान टीम इस बार सुपर-8 में भी जगह नहीं बना पाई। इसके बाद टीम मैनेजमेंट में बदलाव हुआ और जोनाथन ट्रॉट की जगह Richard Pybus को नया मुख्य कोच बनाया गया।

    भारत दौरा अफगानिस्तान के लिए एक तरह से पुनर्निर्माण की शुरुआत साबित हो सकता है। भारतीय परिस्थितियों में टेस्ट और वनडे खेलना उनके खिलाड़ियों के अनुभव को नई ऊंचाई देगा।
    अब क्रिकेट फैंस को जून 2026 का इंतजार है-जब दोनों टीमें मैदान पर उतरेंगी और मुकाबला सिर्फ जीत-हार का नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा और नई दिशा का होगा।

  • ईरान-इजराइल संघर्ष में बंकरों में कैद यूपी-बिहार के लोग, होली पर घर लौटने से हुए वंचित

    ईरान-इजराइल संघर्ष में बंकरों में कैद यूपी-बिहार के लोग, होली पर घर लौटने से हुए वंचित


    गोरखपुर। ईरान और इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष ने होली पर घर लौटने की भारतीयों की उम्मीदों को रोक दिया है। उत्तर प्रदेश और बिहार के नागरिक जो काम या कारोबार के सिलसिले में खाड़ी देशों में गए थे मिसाइल हमलों के डर से बंकरों में शरण लिए हुए हैं और उड़ानों के रद्द होने से फंसे हुए हैं।

    मिसाइल हमलों की दहशत


    गोरखपुर के रसूलपुर निवासी अब्दुल रहमान ने दुबई से बताया कि एयरपोर्ट के पास छह मिसाइलें देखी गईं जिन्हें एयर डिफेंस ने हवा में मार गिराया। एक मिसाइल पास में गिरी लेकिन कोई क्षति नहीं हुई। धमाकों की खौफनाक आवाजें कमरे तक पहुंच रही थीं और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते रहे। शनिवार देर रात से यह स्थिति जारी है। संदीप कुमार जो मई 2024 में इजराइल गए थे ने बताया कि 2 मार्च को भारत वापसी की फ्लाइट रद्द कर दी गई। यरुशलम और पेटा टिकवा के बीच कार्यरत जनार्दन ने कहा कि रविवार सुबह छह से सात बजे तक लगातार मिसाइलों के धमाके सुनाई दिए।

    छात्र और युवा भी फंसे

    सिद्धार्थनगर के आधा दर्जन छात्र ईरान में धार्मिक शिक्षा ले रहे हैं जिनसे परिजन संपर्क नहीं कर पा रहे। सीवान के इटहरी गांव निवासी 24 वर्षीय जितेंद्र प्रसाद तीन साल बाद होली मनाने घर लौटने वाले थे लेकिन दोहा एयरपोर्ट पर उड़ानें रद्द होने की जानकारी मिली। फिलहाल 25 युवकों को एयरपोर्ट के पास अमेरिकी आर्मी बेस कैंप में ठहराया गया है।

    यरुशलम में रिहायशी इलाकों की स्थिति गंभीर

    कुशीनगर के पडरौना निवासी नंदलाल विश्वकर्मा जो वेस्ट बैंक क्षेत्र में हैं ने बताया कि रिहायशी इलाकों में स्थिति गंभीर है। बीच-बीच में सायरन बजता रहता है और लोग नजदीकी बंकरों की ओर भागते हैं। हमलावर अक्सर शब्बात के समय को निशाना बनाते हैं जो यहूदी धर्म का साप्ताहिक विश्राम दिवस है। बंकर छोटे या हल्के हमलों से बचाव कर सकते हैं लेकिन सीधे और बड़े हमलों में पर्याप्त नहीं होंगे।

    दुबई से फंसे नागरिकों का अनुभव
    गोरखपुर के वसीम जो दुबई में कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते हैं ने बताया कि ठहरने के स्थान के पास मिसाइलों के धमाके और उड़ानें दिखाई दे रही हैं। हालांकि ईरान का लक्ष्य मुख्य रूप से मिलिट्री बेस कैंप हैं रिहायशी इलाके सुरक्षित रह रहे हैं।

    खामेनेई की मौत के बाद यूपी में अलर्ट

    ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों को शिया बहुल इलाकों और प्रदर्शन संवेदनशील जिलों में पूरी सतर्कता बरतने और अतिरिक्त निगरानी रखने को कहा गया है।