Author: bharati

  • छठ पूजा के बाद फिर जहरीली हुई यमुना, प्रदूषण बढ़ा लेकिन 2024 के मुकाबले 2025 में दिखी हल्की राहत

    छठ पूजा के बाद फिर जहरीली हुई यमुना, प्रदूषण बढ़ा लेकिन 2024 के मुकाबले 2025 में दिखी हल्की राहत


    नई दिल्ली। दिल्ली में यमुना नदी की हालत एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। ताज़ा जारी जल गुणवत्ता रिपोर्ट के अनुसार छठ पूजा के बाद यमुना का पानी लगातार और अधिक प्रदूषित होता चला गया है। अक्टूबर के बाद से नदी में गिरने वाले बिना शोधित सीवेज के संकेतक माने जाने वाले फीकल कोलीफॉर्म के स्तर में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है जिससे जनस्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए खतरा बढ़ गया है। हालांकि रिपोर्ट में एक राहत वाली बात भी सामने आई है कि मौजूदा आंकड़े पिछले वर्ष 2024 की तुलना में बेहतर हैं।
    रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2025 में फीकल कोलीफॉर्म का स्तर करीब 8000 यूनिट प्रति 100 मिलीलीटर दर्ज किया गया था। नवंबर में यह आंकड़ा तीन गुना बढ़कर 24000 यूनिट तक पहुंच गया जबकि दिसंबर में स्थिति और बिगड़ते हुए यह 92000 यूनिट प्रति 100 मिलीलीटर हो गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक फीकल कोलीफॉर्म की सुरक्षित सीमा 2500 यूनिट मानी जाती है और आदर्श स्तर सिर्फ 500 यूनिट होना चाहिए। ऐसे में मौजूदा आंकड़े यमुना के पानी की बेहद खराब गुणवत्ता को दर्शाते हैं।

    अक्टूबर में प्रदूषण अपेक्षाकृत कम रहने की बड़ी वजह छठ पूजा से पहले ऊपरी इलाकों के बैराजों से छोड़ा गया भारी मात्रा में ताज़ा पानी बताया गया है। 21 से 25 अक्टूबर के बीच यमुना में 6.68 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया जिससे नदी का प्रवाह बढ़ा और प्रदूषण कुछ हद तक बह गया। इसी कारण उस दौरान सफेद झाग लगभग गायब हो गया था और नदी अपेक्षाकृत साफ नजर आई।हालांकि नवंबर की शुरुआत में जैसे ही पानी का बहाव कम हुआ यमुना में बदबू और झाग दोबारा लौट आए। इसके साथ ही प्रदूषण के अन्य संकेतक भी चिंताजनक बने रहे। बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड BOD अक्टूबर में 25 mg/l था जो नवंबर में बढ़कर 33 mg/l पहुंच गया। दिसंबर में यह फिर 25 mg/l पर आ गया लेकिन यह अब भी सुरक्षित सीमा 3 mg/l से करीब आठ गुना अधिक है।जलीय जीवों के लिए जरूरी डिजॉल्व्ड ऑक्सीजन DO का स्तर भी कई स्थानों पर बेहद कम पाया गया। नवंबर में DO का स्तर 0.5 से 8.5 mg/l के बीच रहा जिसमें दो स्थानों पर यह शून्य तक गिर गया। दिसंबर में भी कई जगहों पर ऑक्सीजन का स्तर जलीय जीवन के लिए आवश्यक 5 mg/l से काफी नीचे दर्ज किया गया।

    हालांकि रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दिसंबर 2024 में फीकल कोलीफॉर्म का स्तर 84 लाख यूनिट और नवंबर 2024 में 79 लाख यूनिट तक पहुंच गया था। इस तुलना में मौजूदा आंकड़े काफी कम हैं लेकिन विशेषज्ञ इस सुधार को लेकर संदेह जता रहे हैं। उनका कहना है कि साल के इस समय यमुना में पानी का प्रवाह बेहद कम होता है ऐसे में प्रदूषण में इतनी बड़ी और अचानक गिरावट व्यावहारिक नहीं लगती।यमुना कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जमीनी हकीकत और रिपोर्ट में दर्शाए गए आंकड़ों के बीच बड़ा अंतर है। नदी से अब भी तेज़ बदबू आती है और कई जगह झाग साफ दिखाई देता है। ऐसे में विशेषज्ञों ने प्रदूषण नियंत्रण समिति से डेटा संग्रह की पद्धति पर सवाल उठाए हैं और पारदर्शिता की मांग की है।

  • फर्जी दस्तावेज़ों से बांग्लादेशी महिला को ‘भारतीय’ बनाने की साजिश बेनकाब, ‘कोली’ को ‘मायना सेन’ बनाने की थी तैयारी

    फर्जी दस्तावेज़ों से बांग्लादेशी महिला को ‘भारतीय’ बनाने की साजिश बेनकाब, ‘कोली’ को ‘मायना सेन’ बनाने की थी तैयारी


    नई दिल्ली। /पश्चिम बर्दवान। जिले के सालानपुर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया हैजहां फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए एक बांग्लादेशी महिला को भारतीय नागरिक बनाने की सुनियोजित साजिश का खुलासा हुआ है। यह पूरा मामला उस समय उजागर हुआजब एक पासपोर्ट आवेदन के सत्यापन के दौरान दस्तावेज़ों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। पुलिस जांच में सामने आया कि कोली नाम की बांग्लादेशी महिला को मायना सेन के नाम से भारतीय नागरिक साबित करने की कोशिश की जा रही थी।पुलिस के मुताबिकसाजिश के तहत सबसे पहले महिला के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराया गया। इसके बाद उसी आधार पर आधार कार्डवोटर कार्ड और पैन कार्ड जैसे अहम सरकारी दस्तावेज बनवाए गए। इन्हीं दस्तावेज़ों के सहारे पासपोर्ट के लिए आवेदन किया गया था। जब पासपोर्ट सत्यापन के लिए पुलिस आवेदन में दर्ज पते पर पहुंचीतो वहां मायना सेन मौजूद नहीं मिली।

    स्थानीय लोगों से पूछताछ करने पर पुलिस को और भी चौंकाने वाली जानकारी मिली। जिन लोगों को दस्तावेज़ों में महिला के माता-पिता बताया गया थाउनका उससे कोई वास्तविक पारिवारिक रिश्ता नहीं था। इस पर पुलिस ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कीजिसमें साजिश की परतें धीरे-धीरे खुलती चली गईं।जांच के दौरान पुलिस ने देंदुआ निवासी छोटन सेन को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि छोटन सेन ने अपने चाचा उत्पल सेन और चाची शुभंकारी सेन को महिला का माता-पिता दिखाकर फर्जी दस्तावेज़ तैयार करवाए थे। जब पुलिस ने उत्पल सेन से पूछताछ कीतो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनकी कोई बेटी नहीं है और न ही मायना सेन नाम की किसी लड़की से उनका कोई संबंध है।

    पुलिस पूछताछ में छोटन सेन ने यह भी स्वीकार किया कि मायना सेन उसकी पत्नी नहीं है। उसने बताया कि वर्ष 2019 में उसकी मुलाकात कोली से हुई थीजो बांग्लादेश की नागरिक है और अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि महिला लंबे समय तक कुल्टी के रेड लाइट एरिया में फर्जी पहचान के साथ रह रही थी।पुलिस का मानना है कि अपनी असली पहचान उजागर होने के डर से महिला बांग्लादेश लौटने की तैयारी में थी और इसी वजह से जल्दबाजी में पासपोर्ट बनवाने की कोशिश की गई। यह पूरा मामला भारतीय नागरिकता हासिल करने के इरादे से रची गई साजिश का हिस्सा बताया जा रहा है।

    आरोपी छोटन सेन के खिलाफ अवैध घुसपैठ में मददजालसाज़ीफर्जी दस्तावेज़ तैयार करने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम दस्तावेज़ों के दुरुपयोग की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उसे आसनसोल जिला अदालत में पेश किया गयाजहां से दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।पश्चिम बर्दवान। जिले के सालानपुर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहांफर्जीदस्तावेज़ों के जरिए एक बांग्लादेशी महिला को भारतीय नागरिक बनाने की सुनियोजित साजिश का खुलासा हुआ है। यह पूरा मामला उस समय उजागर हुआ, जब एक पासपोर्ट आवेदन के सत्यापन के दौरान दस्तावेज़ों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। पुलिस जांच में सामने आया कि ‘कोली’ नाम की बांग्लादेशी महिला को ‘मायना सेन’ के नाम से भारतीय नागरिक साबित करने की कोशिश की जा रही थी।

    पुलिस के मुताबिक, साजिश के तहत सबसे पहले महिला के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराया गया। इसके बाद उसी आधार पर आधार कार्ड, वोटर कार्ड और पैन कार्ड जैसे अहम सरकारी दस्तावेज बनवाए गए। इन्हीं दस्तावेज़ों के सहारे पासपोर्ट के लिए आवेदन किया गया था। जब पासपोर्ट सत्यापन के लिए पुलिस आवेदन में दर्ज पते पर पहुंची, तो वहां ‘मायना सेन’ मौजूद नहीं मिली।

    स्थानीय लोगों से पूछताछ करने पर पुलिस को और भी चौंकाने वाली जानकारी मिली। जिन लोगों को दस्तावेज़ों में महिला के माता-पिता बताया गया था, उनका उससे कोई वास्तविक पारिवारिक रिश्ता नहीं था। इस पर पुलिस ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू की, जिसमें साजिश की परतें धीरे-धीरे खुलती चली गईं।जांच के दौरान पुलिस ने देंदुआ निवासी छोटन सेन को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि छोटन सेन ने अपने चाचा उत्पल सेन और चाची शुभंकारी सेन को महिला का माता-पिता दिखाकर फर्जी दस्तावेज़ तैयार करवाए थे। जब पुलिस ने उत्पल सेन से पूछताछ की, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनकी कोई बेटी नहीं है और न ही ‘मायना सेन’ नाम की किसी लड़की से उनका कोई संबंध है।पुलिस पूछताछ में छोटन सेन ने यह भी स्वीकार किया कि मायना सेन उसकी पत्नी नहीं है। उसने बताया कि वर्ष 2019 में उसकी मुलाकात ‘कोली’ से हुई थी, जो बांग्लादेश की नागरिक है और अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि महिला लंबे समय तक कुल्टी के रेड लाइट एरिया में फर्जी पहचान के साथ रह रही थी।

    पुलिस का मानना है कि अपनी असली पहचान उजागर होने के डर से महिला बांग्लादेश लौटने की तैयारी में थी और इसी वजह से जल्दबाजी में पासपोर्ट बनवाने की कोशिश की गई। यह पूरा मामला भारतीय नागरिकता हासिल करने के इरादे से रची गई साजिश का हिस्सा बताया जा रहा है।आरोपी छोटन सेन के खिलाफ अवैध घुसपैठ में मदद, जालसाज़ी, फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम दस्तावेज़ों के दुरुपयोग की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उसे आसनसोल जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

  • अर्पिता खान का खुला बयान: माही-नदीम के समर्थन में, सवाल उठाया दुनिया के हालात पर

    अर्पिता खान का खुला बयान: माही-नदीम के समर्थन में, सवाल उठाया दुनिया के हालात पर

    नई दिल्ली। टीवी एक्ट्रेस माही विज इन दिनों खबरों में बनी हुई हैं। एक्ट्रेस ने हाल में नदीम कुरैशी के साथ एक तस्वीर शेयर की थी। इस तस्वीर के कैप्शन में माही ने नदीम को जन्मदिन की बधाई देने के साथ उन्हें अपना सबसे खास दोस्त बताया था। माही की बेटी ने नदीम को अब्बा कहते हुए जन्मदिन की बधाई दी थी। सोशल मीडिया पर तारा के इंस्टाग्राम पर माही और नदीम के रिश्ते को लेकर यूजर्स ने कमेंट किए थे। बाद में माही ने खुद को जज किए जाने और अपने खास रिश्ते पर सवाल उठाए जाने पर चुप्पी तोड़ते हुए सफाई दी थी। एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे ने भी माही का सपोर्ट किया और अब सलमान खान की बहन अर्पिता खान भी माही- नदीम के समर्थन में सामने आई हैं।

    अर्पिता ने नदीम को टारगेट करने वालों के लिए लिखा पोस्ट
    अर्पिता खान ने एक पोस्ट को दोबारा शेयर करते हुए उसके कैप्शन में रिश्ते को जज करने वाले लोगों की सोच पर सवाल उठाए हैं। नदीम कुरैशी को टैग करते हुए अर्पिता ने लिखा, अगर जैसे इंसान को भी टारगेट किया जा सकता जा सकता है तो मैं नहीं जानती कि हम किस तरह की दुनिया में रह रहे हैं’।
    अंकिता लोखंडे ने भी दिया साथ
    इसके अलावा अंकिता लोखंडे ने भी अपने पोस्ट में बताया था कि वो माही, जय और नदीम को करीब से जानती हैं। नदीम ना सिर्फ माही के मुश्किल वक्त में खड़े रहे बल्कि उन्होंने उनका भी साथ दिया था। ऐसे में उनके रिश्ते को जज नहीं किया जाना चाहिए।

    माही का खास रिश्ता

    बता दें, माही ने नदीम को जन्मदिन की बधाई देते हुए एक तस्वीर शेयर की थी। इस तस्वीर में वो नदीम को केक खिलाती हुई देखी जा रही हैं।अ एक्ट्रेस ने अपने पोस्ट में लिखा था कि उन्होंने इस रिश्ते को चुना है। नदीम ने उनका मुश्किल वक्त में साथ दिया, उनके लिए खड़े रहे। इसलिए वो उनके लिए घर-परिवार का हिस्सा हैं। वो उन्हें प्यार करती हैं। इसके अलावा माही की बेटी ने नदीम को अब्बा कहते हुए पोस्ट शेयर किया था।

  • भारत-जर्मनी 8 अरब डॉलर की मेगा डील: 6 साइलेंट किलर AIP पनडुब्बियों का निर्माण होगा भारत में

    भारत-जर्मनी 8 अरब डॉलर की मेगा डील: 6 साइलेंट किलर AIP पनडुब्बियों का निर्माण होगा भारत में


    नई दिल्ली। भारत और जर्मनी ने भारतीय नौसेना की ताकत और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 8 अरब डॉलर की मेगा डील पर सहमति जताई है। इस डील के तहत भारत में 6 अत्याधुनिक स्टील्थ पारंपरिक पनडुब्बियों का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना प्रोजेक्ट 75I के अंतर्गत मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड MDL और जर्मनी की थिसेन क्रुप मरीन सिस्टम्स TKMS के बीच सहयोग से पूरी होगी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस डील को भारत-जर्मनी के करीबी सहयोग का प्रतीक बताया और कहा कि देश में 2000 से अधिक जर्मन कंपनियां सक्रिय हैं जो दोनों देशों के मजबूत आर्थिक और तकनीकी रिश्तों को दर्शाती हैं। उन्होंने बताया कि इस समझौते से मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल को भी बड़ा बल मिलेगा।

    इन 6 पनडुब्बियों की सबसे बड़ी खासियत उनकी एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन AIP तकनीक होगी। यह तकनीक पारंपरिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों की सबसे बड़ी कमी को दूर करती है। सामान्य पनडुब्बियों को बैटरी चार्ज करने के लिए सतह पर आना पड़ता है या स्नॉर्कल का उपयोग करना पड़ता है जिससे उनका लोकेशन दुश्मनों के लिए पता चल सकता है। AIP तकनीक से लैस पनडुब्बियां हफ्तों तक पानी के भीतर रह सकती हैं कम शोर करती हैं और दुश्मन की नजर से लंबी अवधि तक छिपी रह सकती हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार इन पनडुब्बियों के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री निगरानी सुरक्षा और रणनीतिक संतुलन और मजबूत होगा। AIP पनडुब्बियां टॉरपीडो एंटी-शिप मिसाइल क्रूज़ मिसाइल और समुद्री माइन जैसे पारंपरिक हथियारों से लैस होंगी जो उन्हें बेहद खतरनाक और प्रभावी बनाती हैं।प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की हालिया बैठक में दोनों नेताओं ने कहा कि भारत-जर्मनी हर क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं और यह परियोजना इसके नए अध्याय की शुरुआत है। यह समझौता भारतीय नौसेना की क्षमता को नए स्तर पर ले जाएगा और भारतीय रक्षा उद्योग को तकनीकी रूप से मजबूत बनाएगा।

    मझगांव डॉकयार्ड में इन पनडुब्बियों का निर्माण न केवल भारत की नौसेना की ताकत बढ़ाएगा बल्कि देश के रक्षा क्षेत्र में स्थानीय उत्पादन रोजगार और तकनीकी विशेषज्ञता को भी बढ़ावा देगा। यह परियोजना देश के आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।इस डील को भारतीय नौसेना के इतिहास की सबसे बड़ी पनडुब्बी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। रणनीतिक दृष्टि से देखें तो AIP तकनीक वाली पनडुब्बियों की मौजूदा वैश्विक नौसैनिक युद्ध में अहम भूमिका है। इससे भारत की समुद्री ताकत और क्षेत्रीय प्रभुत्व दोनों मजबूत होंगे।

  • Beauty Tips: पार्लर जाना छोड़ देंगे जब किचन में रखी इन चीजों से मिलेगा खूबसूरत और निखरा हुआ चेहरा, जानें इस्तेमाल करने का तरीका

    Beauty Tips: पार्लर जाना छोड़ देंगे जब किचन में रखी इन चीजों से मिलेगा खूबसूरत और निखरा हुआ चेहरा, जानें इस्तेमाल करने का तरीका

    Beauty Tips: खूबसूरत दिखना हर किसी की चाहत होती है और यह ख्वाइश पूरी हो इसके लिए हम हर तरह के प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स का सहारा लेना शुरू कर देते हैं. खूबसूरत दिखना जरूरी है लेकिन हमारे लिए बार-बार पार्लर जाना और तरह-तरह के प्रोडक्ट्स पर बार-बार पैसे खर्च कर पाना भी हमारे लिए संभव नहीं है. कई बार तो ऐसा भी होता है कि पार्लर में जिन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है वे हमारी स्किन को फायदा तो नहीं बल्कि उल्टा नुकसान ही पंहुचा देते हैं. ऐसे में आज की यह आर्टिकल उन सभी के लिए है जो बिना ज्यादा पैसे खर्च किये और केमिकल लोडेड प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किये अपने चेहरे को नेचुरल तरीके से ग्लोइंग और निखरा हुआ बनाना चाहते हैं. आज हम आपको किचन में मौजूद कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने वाले हैं जिनके रेगुलर इस्तेमाल से आपको घर पर ही पार्लर जैसी नेचुरल ग्लो आसानी से मिल सकती है. तो चलिए इनके बारे में जानते हैं विस्तार से.

    चेहरे पर नेचुरल ग्लो के लिए हल्दी
    अगर आप अपनी स्किन को घर पर ही ग्लोइंग बनाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको हल्दी का इस्तेमाल करना शुरू कर देना चाहिए. हल्दी में एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज पाए जाते हैं जो पिंपल्स को कम करने में और स्किन को अंदर से साफ रखने में काफी मदद करते हैं. इसके लिए आपको एक चुटकी हल्दी में थोड़ा सा बेसन और दूध मिलाकर एक फेस पैक तैयार कर लेना होगा. इस फेस पैक को अपने चेहरे पर लगाकर 20 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर साधारण पानी से ही धो लें. जब आप चेहरे को धोते हैं तो आपके चेहरे पर इंस्टैंटली एक निखार देखने को मिलता है जिसे आप खुद भी महसूस कर पाएंगे.

    स्किन को सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाने के लिए शहद
    एक्सपर्ट्स की अगर मानें तो शहद हमारी स्किन के लिए किसी मॉइस्चराइजर से कम नहीं है. इसके इस्तेमाल से आपकी स्किन में मॉइस्चर बरकरार रहती है और साथ ही वह सॉफ्ट भी बनी रहती है. इसका इस्तेमाल करना काफी ज्यादा आसान है. इसके लिए आपको रात को सोने से पहले अपने चेहरे पर शहद की पतली सी लेयर लगा लेनी है और करीबन 15 मिनट बाद अपने चेहरे को गुनगुने पानी से धो लेना है. कुछ ही दिन इसके इस्तेमाल से आपको फर्क दिखने लगेगा.

    टैन और डलनेस हटाने के लिए दही
    अगर आपका चेहरा टैन हो गया है या फिर आपकी स्किन डल लगने लगी है तो आपको आज से ही दही का इस्तेमाल अपने चेहरे पर करना शुरू कर देना चाहिए. दही में भरपूर मात्रा में लैक्टिक एसिड पाया जाता है जो आपकी स्किन को अंदर से साफ करने में मदद करता है और टैनिंग को भी कम करता है. इसके लिए आपको एक चम्मच दही में थोड़ा सा शहद मिलाकर इसे अपने चेहरे पर लगा लेना है. इसे करीबन 20 मिनट अपने चेहरे पर लगा हुआ रहने दें और बाद में पानी से धो लें. यह छोटा सा नुस्खा आपके चेहरे को फ्रेश और ब्राइट बनता है.

    रिंकल्स और दाग-धब्बे कम करने के लिए एलोवेरा
    आपकी स्किन के लिए एलोवेरा जेल किसी चमत्कार से कम नहीं है. इसके इस्तेमाल से आपकी स्किन को ठंडक मिलती है और साथ ही उसे रिपेयर होना का मौका भी मिलता है. आपको हर रात अपने चेहरे पर थोड़ा सा एलोवेरा जेल लगा लेना है और हल्के हाथों से मसाज करना है. जब आप रेगुलर बेसिस पर इस उपाय को करते हैं तो आपके चेहरे पर मौजूद फाइन लाइन्स ,रिंकल्स और दाग-धब्बे कम होने लग जाते हैं.

    इंस्टेंट फ्रेशनेस के लिए गुलाब जल
    गुलाब जल का इस्तेमाल लंबे समय से चेहरे को खूबसूरत बनाने के लिए किया जाता रहा है. इसके इस्तेमाल से आपकी स्किन टोन बेहतर होती है और वह फ्रेश भी लगने लगता है. इसका इस्तेमाल करना काफी ज्यादा आसान है, आपको सिर्फ एक कॉटन बॉल की मदद से इसे अपने चेहरे पर अच्छे से लगा लेना है. जब आप इसका रेगुलर इस्तेमाल करते हैं तो आपकी स्किन टाइट होती है और साथ ही चेहरे पर एक नेचुरल ग्लो भी आता है.

  • सीएम रेखा गुप्ता ने देर रात पीतमपुरा अटल कैंटीन का लिया जायजा, ₹5 में सम्मानजनक भोजन का अनुभव किया

    सीएम रेखा गुप्ता ने देर रात पीतमपुरा अटल कैंटीन का लिया जायजा, ₹5 में सम्मानजनक भोजन का अनुभव किया


    नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के 100वें जन्मदिन के अवसर पर दिल्ली में अटल कैंटीन की शुरुआत की गई है। इस कैंटीन में लोगों को मात्र ₹5 में भरपेट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। दिल्ली सरकार की यह पहल सिर्फ पेट भरने तक सीमित नहीं बल्कि जरूरतमंदों को सम्मान और स्वाभिमान के साथ भोजन देने का संदेश भी देती है।

    बीती रात मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पीतमपुरा स्थित अटल कैंटीन पहुंचीं। उन्होंने वहां काम कर रहे कर्मचारियों से हाल-चाल पूछा और सुनिश्चित किया कि व्यवस्थाएं सुचारु रूप से चल रही हैं। सीएम ने उपस्थित लोगों से पूछा आपको कोई दिक्कत तो नहीं है? सब ठीक है न?। इसके साथ ही उन्होंने कैंटीन में मौजूद बच्चों से भी बातचीत की जिन्होंने बताया कि उन्हें यहां अच्छा और पौष्टिक खाना मिलता है।इस दौरान कैंटीन में खड़े लोगों ने मुख्यमंत्री को देखकर रेखा गुप्ता जिंदाबाद के नारे लगाए जिससे माहौल और उत्साहपूर्ण बन गया। सीएम ने वहां भोजन कर रहे लोगों से उनके अनुभव साझा किए और यह सुनिश्चित किया कि सभी सुविधाएं सही ढंग से उपलब्ध हों।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस दौरे का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया। वीडियो में वह लोगों से संवाद करती बच्चों के साथ समय बिताती और उनके अनुभव जानती नजर आ रही हैं। उन्होंने लिखा कि अटल कैंटीन में केवल भोजन ही नहीं मिलता बल्कि लोगों को सुकून सम्मान और स्वाभिमान का भी भरोसा मिलता है।पीतमपुरा अटल कैंटीन का निरीक्षण करते हुए सीएम ने व्यवस्थाओं की समीक्षा की और वहां आए लोगों से उनके अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की यह योजना मेहनतकश और जरूरतमंद लोगों के लिए प्रभावी और भरोसेमंद सहारा बन रही है। दिन और रात दोनों समय भोजन उपलब्ध कराने से किसी भी व्यक्ति को खाली पेट नहीं रहना पड़ता।

    मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि केवल ₹5 में सम्मान के साथ भोजन मिलने से यह सुनिश्चित होता है कि सहायता केवल सुविधा तक सीमित न रहे बल्कि गरिमा के साथ मिले। लोगों की संतुष्टि और विश्वास देखकर यह स्पष्ट हो गया है कि अटल कैंटीन योजना जमीनी स्तर पर वास्तविक बदलाव ला रही है।अटल कैंटीन की यह पहल गरीब और जरूरतमंदों के लिए भरोसेमंद विकल्प बन चुकी है। यह योजना न केवल पेट भरने की सुविधा देती है बल्कि सम्मान और स्वाभिमान के साथ भोजन उपलब्ध कराने में भी सक्षम है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का यह दौरा योजना की प्रभावशीलता और जनता में विश्वास को और मजबूत करता है।

  • गोवा जैसा मजा, पर खर्च आधा! टापू पर टेंट सिटी में बिताएं सुकून भरी छुट्टियां; रुकने से लेकर, खाने तक… जानें ट्रिप का पूरा बजट

    गोवा जैसा मजा, पर खर्च आधा! टापू पर टेंट सिटी में बिताएं सुकून भरी छुट्टियां; रुकने से लेकर, खाने तक… जानें ट्रिप का पूरा बजट

    नई दिल्ली। गोवा या मालदीव जाने का सपना तो है, लेकिन बजट या वक्त आड़े आ रहा है? अगर आप भी ऐसी स्थिति में हैं तो निराश होने की जरूरत नहीं है. मध्यप्रदेश का यह खुबसूरत टापू उन लोगों के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं है, जो कम खर्च में समुद्र जैसा नजारा और गोवा स्टाइल में एडवेंचर एक्टिविटीज का मजा लेना चाहते हैं. ठंड के मौसम में पानी के बीच बसा यह पर्यटन स्थल रोमांच, सुकून और मस्ती का ऐसा अनुभव देता है, जो पर्यटकों को बिना समुद्र देखे भी बीच वेकेशन का एहसास कराता है.
    मध्य प्रदेश का ‘मिनी गोवा’
    मध्यप्रदेश का ‘स्विट्जरलैंड’ या ‘मिनी गोवा’ के नाम से मशहूर हनुवंतिया टापू प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित है. यह इंदिरा सागर बांध के विशाल जलाशय (Back water) पर बना एक अद्भुत पर्यटन स्थल है, जो पर्यटको को रोमांच, सुकून और मस्ती का अनोखा अनुभव देता है. फिलहाल यहां जल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जो मार्च 2026 तक चलेगा. जल महोत्सव के दौरान यहां झील के किनारे भव्य टेंट सिटी बसाई जाती है, जो पूरे आयोजन में चार चांद लगा देती है.
    हनुवंतिया में क्या-क्या कर सकते हैं
    हनुवंतिया एडवेंचर के शौकीनों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है. यहां पर्यटकों को पानी, हवा और जमीन तीनों तरह के रोमांच का अनुभव एक ही जगह मिलता है. हनुवंतिया को वॉटर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित किया गया है. यहां क्रुज राइड, स्पीड बोट, जेट स्की, बनाना राइड और वॉटर सर्फिग जैसी रोमांचक गतिविधियां उपलब्ध हैं. वहीं शांति पसंद करने वालों के लिए विशाल झील में बोटिंग किसी जादुई अनुभव से कम नहीं है.
    लैंड एक्टिविटीज
    एडवेंचर को नई ऊंचाई देने के लिए यहां पैरामोटरिंग और पैरासेलिंग की सुविधा भी मिलेगी. आसमान से टापू और आसपास फैले जलाशय का नजारा पर्यटर कों को खासा रोमांचित करता है. जो पर्यटक पानी से दूरी बनाना चाहते हैं, उनके लिए भी यहां भरपूर मनोरंजन है. ATV राइड यानी क्वाड बाइकिंग और क्लब हाउस में मौजूद विभिन्न गेम्स पर्यटकों को खूब लुभाते हैं.
    बोरियानल टापू की सैर
    बोट के जरिए पर्यटक पास स्थित बोरियानल टापू भी जा सकते हैं. यहां जंगल ट्रेकिंग के साथ-साथ वाइल्ड लाइफ देखने का मौका मिलता है, जो प्रकृति प्रेमियों के लिए खास आकर्षण है.
    हनुवंतिया कैसे पहुंचे
    हनुवंतिया पहुंचना पर्यटकों के लिए बेहद आसान है. अपनी सुविधा और बजट के अनुसार आप हवाई, रेल या सड़क मार्ग का विकल्प चुन सकते हैं. हनुवंतिया के जाने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट इंदौर है. एयरपोर्ट से हनुवंतिया की दूरी लगभग 150 किलोमीटर है, यहां टैक्सी या बस के जरिए आसानी से पहुंंच सकते हैं. वहीं ट्रेन से जाने के लिए आपक खंडवा रेलवे स्टेशन पहुंचना होगा, यहां से हनुवंतिया करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. स्टेशन से टैक्सी और बस की सुविधा आसानी से मिल जाती है. सड़क मार्ग से यात्रा करने वालों के लिए इंदौर से हनुवंतिया का सफर बेहद सुहावना है. खंडवा या मुंदी होते हुए जाने वाला रास्ता प्राकृतिक द्दश्यों से भरपूर है, जो यात्रा को यादगार बना देता है.
    अनुमानित बजट
    हनुवंतिया की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह हर तरह के पर्यटकों के बजट में फिट बैठता है. यहां कम खर्च में भी शानदार ट्रैवल एक्सपीरियंस लिया जा सकता है. अगर आप अकेले यात्रा कर रहे हैं और बेसिट स्टे का विकल्प चुनते हैं, तो दो दिनों की ट्रिप लगभग 3000 से 5000 रुपए में आसानी से पूरी हो सकती है. कपल्स या परिवार के साथ यात्रा करने पर स्टे और एडवेचर एक्टिविटीज सहित खर्च करीब 8000 से 12000 रुपए तक आ सकता है. हनुवंतिया में वॉटर स्पोर्ट्स की शुरुआत लगभग 300 रुपए से होती है, जबकि पैरासेलिंग और पैरामोटरिंग जैसी एडवेचर एक्टिविटीज के लिए शुल्क 2000 या उससे ज्यादा लिया जाता है.
    कहां रुकें ?
    मध्यप्रदेश पर्यटन द्वारा संचालित MPT हनुवंतिया रिजॉर्ट यहां रुकने का सबसे बेहतरीन विकल्प माना जाता है. यहां से झील का सीधा और बेहद खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है, जो ठहरने के अनुभव को और खास बना देता है. अगर आप सर्दियों के मौसम में आयोजित होने वाले जल महोत्सव के दौरान हनुवंतिया पहुंचते हैं, तो यहां की आलीशान टेंट सिटी में ठहरना एक यादगार अनुभव हो सकता है. यह टेंट सिटी पर्टटकों को लग्जरी कैंपिंग का अनोखा एहसास कराती है. कम बजट में यात्रा करने वालों के लिए हनुवंतिया के आसपास मुंदी और खंडवा में कई सस्ते गेस्ट हाउस और बजट होटल्स भी उपलब्ध हैं.

  • वाशिंगटन सुंदर न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से बाहर, आयुष बदोनी पहली बार टीम इंडिया में शामिल; BCCI ने किया एलान

    वाशिंगटन सुंदर न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से बाहर, आयुष बदोनी पहली बार टीम इंडिया में शामिल; BCCI ने किया एलान

    नई दिल्ली। स्पिन ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं. वह वडोदरा में खेले गए पहले वनडे में बॉलिंग करते समय चोटिल हुए थे. बीसीसीआ ने सुंदर के रिप्लेसमेंट का एलान कर दिया है. उनकी जगह दिल्ली के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले आय़ुष बदोनी को टीम में शामिल किया गया है. बदोनी पहली बार राष्ट्रीय टीम में चुने गए हैं.

    स्पिन ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर ने रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मैच के दौरान गेंदबाजी करते समय अपनी बाईं पसली के निचले हिस्से में तेज दर्द की शिकायत की थी. अब उनका स्कैन किया जाएगा. इसके बाद बीसीसीआई की मेडिकल टीम विशेषज्ञ की राय लेगी.

    बीसीसीआई ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि वाशिंगटन सुंदर न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के शेष दो मैचों से बाहर हो गए हैं. पुरुष चयन समिति ने उनकी जगह आयुष बदोनी को टीम में शामिल किया है. बदोनी दूसरे वनडे के वेन्यू यानी राजकोट में टीम से जुड़ेंगे.

    26 साल के आयुष बदोनी ने अब तक 27 लिस्ट ए मैच खेले हैं. इस दौरान उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतकों के साथ 36.47 की औसत से 693 रन बनाए हैं. वह मिडिल ऑर्डर में विस्फोटक बल्लेबाजी के साथ-साथ स्पिन गेंदबाजी भी कर सकते हैं. लिस्ट में उनके नाम 18 विकेट हैं. बदोनी आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेलते हैं. आईपीएल में बदोनी ने अब तक 56 मैच खेले हैं. इस दौरान उन्होंने 963 रन बनाए हैं और 4 विकेट झटके हैं. आईपीएल में उन्हें सिर्फ सात पारियों में ही गेंदबाजी करने का मौका मिला है.

    दूसरे और तीसरे वनडे के लिए भारत की टीम- शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), रवींद्र जडेजा, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप यादव, नितीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, यशस्वी जयसवाल, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर) और आयुष बदोनी

  • गौरव गोगोई का हिमंता बिस्वा सरमा पर हमला: भ्रष्टाचार और मतदान अधिकारों

    गौरव गोगोई का हिमंता बिस्वा सरमा पर हमला: भ्रष्टाचार और मतदान अधिकारों

    नई दिल्ली| गौरव गोगोई का आरोपअसम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके शासन में भ्रष्टाचार और कुशासन की बातें की हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक समुदायों के मतदान अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
    पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोगोई ने कहा कि भाजपा के खिलाफ वोट देने वाले लोगों को दोबारा मतदान करने से रोका जा रहा है, जो उनकी डर का संकेत है।

    जुबीन गर्ग हत्याकांड पर सवाल

    गोगोई ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सरमा जुबीन गर्ग हत्या मामले में न्याय दिलाने में असफल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरमा अक्सर झूठे और भ्रामक बयान देते हैं, और उनके शब्दों में कोई विश्वसनीयता नहीं है। गोगोई ने कहा कि जुबीन गर्ग मामले में कमजोर चार्जशीट पेश की गई है, और इसमें शामिल लोगों के नाम इसलिए नहीं हैं क्योंकि वे मुख्यमंत्री के करीबी हैं।

    जाति बचाओ, मति बचाओ अभियान

    गौरव गोगोई ने ‘जाति बचाओ, मति बचाओ’ अभियान के तहत गुवाहाटी में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में कई सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की। शामिल होने वालों में प्रमुख आदिवासी नेता रुकमा कुमार मेडोक और पूर्व अल्पसंख्यक छात्र संघ के अध्यक्ष रेजाउल करीम सरकार शामिल थे।

    तरुण गोगोई की याद

    गोगोई ने अपने दिवंगत पिता और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई को याद करते हुए कहा कि उन्होंने एक बार असम के राजनीतिक माहौल को बदल दिया था। उन्होंने कहा कि आज असम के लोग फिर से सत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। गोगोई ने चेतावनी दी कि वर्तमान सरकार ने भय का माहौल बनाया है और इसे समाप्त करना आवश्यक है।

  • न्यूजीलैंड सीरीज से बाहर हुए वॉशिंगटन सुंदर, पसली की चोट बनी बाधा…

    न्यूजीलैंड सीरीज से बाहर हुए वॉशिंगटन सुंदर, पसली की चोट बनी बाधा…


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी वनडे सीरीज में बड़ा झटका लगा है। ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर पसली की चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। यह चोट उन्हें वडोदरा में खेले गए पहले वनडे मुकाबले के दौरान लगी थी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि सुंदर को बाईं ओर निचली पसली में खिंचाव महसूस हुआ और मेडिकल टीम ने उन्हें आगे के मैचों से आराम देने का फैसला किया।

    मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने भी संकेत दिए थे कि सुंदर पूरी तरह फिट नहीं थे। गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वॉशिंगटन ने दर्द के बावजूद 5 ओवर गेंदबाजी की लेकिन इसके बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। 26 वर्षीय सुंदर ने न्यूजीलैंड की पारी के दौरान 5 ओवर में 27 रन दिए और गेंदबाजी करते समय पसलियों में खिंचाव महसूस होने के कारण दोबारा फील्डिंग के लिए मैदान पर नहीं लौट सके।इसके बावजूद सुंदर ने भारतीय टीम की रन चेज में बल्लेबाजी करने का फैसला किया। उन्होंने नंबर-8 पर केएल राहुल के साथ मिलकर अहम साझेदारी निभाई। दोनों ने मिलकर 16 गेंदों में 27 रन जोड़े जिससे टीम की जीत आसान हुई। सुंदर ने नाबाद 7 रन बनाए जबकि राहुल 29 रन पर नाबाद लौटे। भारत ने 49 ओवर में 6 विकेट खोकर 306 रन बनाते हुए मुकाबला चार विकेट से अपने नाम किया।

    केएल राहुल ने मैच के बाद बताया कि उन्हें सुंदर की चोट की गंभीरता का अंदाजा नहीं था। राहुल के अनुसार मुझे बस इतना पता था कि पहली पारी में उन्हें थोड़ी परेशानी हुई थी। बल्लेबाजी के दौरान वह गेंद को अच्छे से टाइम कर रहे थे इसलिए चोट इतनी गंभीर नहीं लगी। रन रेट पहले से अच्छा था जिससे सुंदर पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ा।वॉशिंगटन सुंदर इस सीरीज में चोटिल होने वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी हैं। इससे पहले विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत प्रैक्टिस सत्र के दौरान पसली में चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो चुके हैं। उनकी जगह ध्रुव जुरेल को टीम में शामिल किया गया था। वहीं सीरीज शुरू होने से पहले ही तिलक वर्मा भी चोट के चलते बाहर हो गए थे।

    लगातार चोटों के चलते टीम इंडिया के संयोजन पर असर पड़ सकता है। चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के सामने अब यह चुनौती है कि वे आगे के मैचों के लिए सही विकल्प चुनें और टीम की बैलेंसिंग को बनाए रखें।वॉशिंगटन सुंदर के बाहर होने से टीम की गेंदबाजी और मध्यक्रम में विकल्प सीमित हो जाएंगे। इससे भारतीय टीम को अगले मैचों में रणनीति और प्लेइंग इलेवन तय करने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ेगी।