Author: bharati

  • कहां हैं शेख हसीना? बेटा साजिब वाजेद सामने आया, पूर्व PM ने दिया संदेश लेकिन नहीं दिखाया चेहरा

    कहां हैं शेख हसीना? बेटा साजिब वाजेद सामने आया, पूर्व PM ने दिया संदेश लेकिन नहीं दिखाया चेहरा


    नई दिल्ली।
    बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना लंबे समय बाद एक सार्वजनिक कार्यक्रम में वर्चुअली नजर आईं। हालांकि उन्होंने इस दौरान अपना चेहरा कैमरे पर नहीं दिखाया। नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया की एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना ऑनलाइन जुड़ीं, जबकि उनके बेटे साजिब वाजेद भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

    यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम है क्योंकि 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन और हिंसक प्रदर्शनों के बीच शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया था और देश छोड़कर भारत आ गई थीं। इसके करीब दो साल बाद उन्होंने किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रखी है।

    जुलाई-अगस्त 2024 की हिंसा को याद कर भावुक हुईं हसीना

    लाइव संबोधन के दौरान शेख हसीना ने 2024 के जुलाई-अगस्त आंदोलन और उसके बाद हुई हिंसा को याद किया। अपनी बात रखते हुए वह कई बार भावुक हुईं और उनका गला भर आया।

    हसीना ने दावा किया कि शुरुआत में छात्रों का आंदोलन शांतिपूर्ण था और उनकी सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बातचीत करना चाहती थी। उनके मुताबिक, बाद में कुछ संगठित समूहों ने आंदोलन का इस्तेमाल हिंसा फैलाने के लिए किया।

    उन्होंने आरोप लगाया कि 15 जुलाई 2024 के बाद आंदोलन का स्वरूप बदल गया और हिंसा तेज हो गई। हसीना ने यह भी दावा किया कि मोहम्मद यूनुस ने भी शुरुआत में आंदोलन को योजनाबद्ध और पहले से तैयार बताया था।

    ‘मेरी हत्या की 19 बार कोशिश हुई’

    अपने संबोधन में शेख हसीना ने अपने निजी संघर्ष का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उनकी हत्या की 19 बार कोशिश की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा जेल में पैदा हुआ था और तमाम मुश्किलों के बावजूद वह बांग्लादेश वापस लौटेंगी।

    हसीना ने कहा कि उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है या जेल भेजा जा सकता है, लेकिन वह अपने लोगों के बीच वापस जाएंगी।

    साजिब वाजेद ने लगाए राजनीतिक हत्याओं के आरोप

    कार्यक्रम में शेख हसीना के बेटे साजिब वाजेद ने भी बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि देश में अब भी आवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

    वाजेद के मुताबिक, पुलिस हिरासत में भी पार्टी कार्यकर्ताओं की मौत हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन घटनाओं पर कार्रवाई करने के बजाय कथित तौर पर दोषियों को संरक्षण दे रही है।

    उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार के दौर के बाद अब मौजूदा सरकार के दौरान भी राजनीतिक हिंसा जारी है। उनके अनुसार, कुछ ऐसे कानून और अध्यादेश लाए गए हैं जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर हत्यारों को बचाने के लिए किया जा रहा है।

    मानवाधिकार और कट्टरपंथ को लेकर भी जताई चिंता

    साजिब वाजेद ने बांग्लादेश में मानवाधिकारों की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि देश तेजी से असफल राष्ट्र की दिशा में बढ़ रहा है।

    वाजेद ने कट्टरपंथी संगठनों से जुड़े लोगों की रिहाई का आरोप लगाते हुए भविष्य में बांग्लादेश से आतंकवाद का खतरा बढ़ने की आशंका भी जताई।

    हालांकि, ये सभी आरोप शेख हसीना और साजिब वाजेद की ओर से लगाए गए हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्यों के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

    आखिर कहां हैं शेख हसीना?

    5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और हिंसा के बीच शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद वह भारत आ गई थीं।

    सुरक्षा कारणों से भारत सरकार ने उनके सटीक ठिकाने की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शेख हसीना दिल्ली के सुरक्षित क्षेत्र में रह रही हैं।

    अब करीब दो साल बाद उनका वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल होना और बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर खुलकर अपनी बात रखना क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

  • JPPSC-JSSC विवाद पर झारखंड सरकार का वार्ता प्रस्ताव, छात्रों ने सार्वजनिक बातचीत की मांग रखकर आंदोलन जारी रखा

    JPPSC-JSSC विवाद पर झारखंड सरकार का वार्ता प्रस्ताव, छात्रों ने सार्वजनिक बातचीत की मांग रखकर आंदोलन जारी रखा

    नई दिल्ली । झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर जारी छात्र आंदोलन आठवें दिन भी जारी रहा। राजधानी रांची में आंदोलनरत छात्र झारखंड लोक सेवा आयोग (JPPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से जुड़ी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने छात्रों को बातचीत का प्रस्ताव दिया है, जिससे पूरे घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है।

    बुधवार को रांची के धरना स्थल पर प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और प्रदर्शनकारी छात्रों से सरकार की ओर से वार्ता का संदेश दिया। अधिकारियों ने छात्रों से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाकर सरकार के साथ बातचीत करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से सर्किट हाउस में वार्ता का प्रस्ताव भेजा गया, ताकि छात्रों की मांगों पर चर्चा कर समाधान का रास्ता निकाला जा सके।

    हालांकि प्रदर्शनकारी छात्रों ने बंद कमरे में बातचीत करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि यदि सरकार वास्तव में उनकी बात सुनना चाहती है तो बातचीत सार्वजनिक रूप से और मीडिया की मौजूदगी में होनी चाहिए। छात्रों ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं धरना स्थल पर आकर उनसे संवाद करें, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे और जनता भी बातचीत को देख सके।

    धरना स्थल पर प्रशासन और छात्रों के बीच लगातार संवाद की कोशिशें जारी रहीं। प्रशासन प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से वार्ता शुरू कराने का प्रयास करता रहा, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम रहे। छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर ठोस और स्पष्ट निर्णय के बिना आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उनका उद्देश्य केवल निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

    इस आंदोलन ने राज्य की राजनीति में भी हलचल बढ़ा दी है। विपक्षी दलों ने भी प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन जताया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में विपक्षी प्रतिनिधियों ने आंदोलन स्थल पहुंचकर छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों पर चर्चा की। इसके अलावा कई सामाजिक और साहित्यिक हस्तियां भी आंदोलन को समर्थन देने के लिए धरना स्थल पहुंचीं और छात्रों का मनोबल बढ़ाया।

    झारखंड में चल रहे इस आंदोलन को राज्य के युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता से जुड़े बड़े मुद्दे के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजर सरकार और छात्रों के बीच संभावित वार्ता पर टिकी हुई है। यदि दोनों पक्ष सहमति के साथ किसी समाधान पर पहुंचते हैं तो लंबे समय से जारी गतिरोध समाप्त हो सकता है। फिलहाल प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत की संभावनाएं बनी हुई हैं, जबकि छात्र अपनी मांगों पर अडिग हैं और आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।

  • मार्क जुकरबर्ग ने भारत सरकार से मांगी माफी, सीएसएएम, डीपफेक और सिस्टम एरर को लेकर जताया खेद

    मार्क जुकरबर्ग ने भारत सरकार से मांगी माफी, सीएसएएम, डीपफेक और सिस्टम एरर को लेकर जताया खेद

    नई दिल्ली । मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम), डीपफेक कंटेंट और ऑपरेटिंग सिस्टम से जुड़ी तकनीकी त्रुटियों को लेकर भारत सरकार से माफी मांगी है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने कुछ मामलों में हुई चूक पर खेद व्यक्त करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही और भारतीय कानूनों के पालन को लेकर सरकार लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है।

    जानकारी के अनुसार, भारत सरकार ने मेटा को स्पष्ट किया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका केवल तकनीकी माध्यम तक सीमित नहीं मानी जा सकती। सरकार का कहना है कि यदि कोई मंच सामग्री के प्रसार और दृश्यता को प्रभावित करता है, तो उस पर भारतीय कानूनों के अनुरूप आवश्यक जिम्मेदारियां भी लागू होती हैं। इसी संदर्भ में कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई और स्थानीय नियमों के पूर्ण अनुपालन पर जोर दिया गया।

    सरकारी सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान मेटा की ओर से सीएसएएम और डीपफेक जैसे संवेदनशील विषयों पर विशेष चिंता व्यक्त की गई। कंपनी ने स्वीकार किया कि इन चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अपने तकनीकी तंत्र और निगरानी प्रणाली को लगातार मजबूत बनाने की आवश्यकता है। साथ ही ऑपरेटिंग सिस्टम से जुड़ी कुछ तकनीकी त्रुटियों पर भी खेद जताते हुए उन्हें दूर करने की प्रक्रिया तेज करने की बात कही गई।

    यह मामला उस विवाद के बाद और अधिक चर्चा में आया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो कुछ समय के लिए फेसबुक पर उपलब्ध नहीं रहा। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संसदीय समिति ने मेटा से जवाब मांगा था और निर्धारित समय के भीतर बिना शर्त माफी की मांग की थी। समिति ने यह भी संकेत दिया था कि यदि कंपनी संतोषजनक जवाब देने में विफल रहती है तो नियामकीय स्तर पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।

    इसी क्रम में मेटा के एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सामग्री प्रबंधन, पारदर्शिता, जवाबदेही और भारतीय कानूनों के पालन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भारत में संचालित सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को देश के लागू नियमों और कानूनी प्रावधानों का पूर्ण पालन करना होगा।

    मेटा और अन्य सोशल मीडिया कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बैठक में कहा कि उनके प्लेटफॉर्म पर पहले से ही कंटेंट मॉडरेशन, फैक्ट-चेकिंग और सुरक्षा संबंधी कई आंतरिक व्यवस्थाएं लागू हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग रोकने और आपत्तिजनक सामग्री के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए लगातार तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं। सरकार और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बीच हुई यह बातचीत भविष्य में ऑनलाइन सुरक्षा, पारदर्शिता और डिजिटल जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

  • एमपी में बस यात्रा हुई महंगी, परिवहन विभाग ने नई किराया दरें लागू कीं, जानिए किस श्रेणी की बस में कितना लगेगा किराया

    एमपी में बस यात्रा हुई महंगी, परिवहन विभाग ने नई किराया दरें लागू कीं, जानिए किस श्रेणी की बस में कितना लगेगा किराया


    मध्य प्रदेश।  में बस यात्रियों को अब सफर के लिए पहले की तुलना में अधिक किराया चुकाना होगा। राज्य के परिवहन विभाग ने मंजिली बसों के लिए नया अधिकतम यात्री किराया निर्धारित करते हुए संशोधित दरों की अधिसूचना जारी कर दी है। नए नियमों के अनुसार सामान्य बसों में अब अधिकतम मूल किराया 2 रुपये प्रति यात्री प्रति किलोमीटर होगा, जबकि न्यूनतम टिकट मूल्य 10 रुपये तय किया गया है। इस निर्णय के बाद प्रदेशभर में बस यात्रा की लागत बढ़ जाएगी और इसका सीधा असर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा।

    परिवहन विभाग के अनुसार किराया संशोधन विभिन्न श्रेणियों की बस सेवाओं को ध्यान में रखकर किया गया है। सामान्य बसों के अलावा डीलक्स, स्लीपर, वातानुकूलित और सुपर लग्जरी बसों के लिए भी अलग-अलग अधिकतम किराया निर्धारित किया गया है। सरकार का कहना है कि संशोधित दरों का उद्देश्य परिवहन व्यवस्था को संतुलित बनाए रखना और बढ़ती परिचालन लागत के अनुरूप किराया संरचना तैयार करना है।

    नई व्यवस्था के तहत रात्रिकालीन सामान्य बस सेवा के लिए सामान्य किराए की तुलना में 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लिया जा सकेगा। वहीं नॉन-एसी डीलक्स बसों में अधिकतम 25 प्रतिशत, स्लीपर बसों में 40 प्रतिशत, एसी डीलक्स बसों में 50 प्रतिशत तथा सुपर लग्जरी एसी कोच में 75 प्रतिशत तक अधिक किराया लिया जा सकेगा। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि डीलक्स, स्लीपर और लग्जरी बसों पर अलग से नाइट चार्ज लागू नहीं होगा। इसी प्रकार एक्सप्रेस बस सेवाओं के लिए भी अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

    राज्य में बस किराया बढ़ाने का निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब निजी बस संचालकों ने बढ़ती लागत और परिचालन संबंधी चुनौतियों का हवाला देते हुए किराया संशोधन की मांग की थी। बस ऑपरेटरों की ओर से हड़ताल की चेतावनी दिए जाने के बाद सरकार ने किराया ढांचे की समीक्षा की और संशोधित दरों को मंजूरी दी। इसके बाद परिवहन विभाग ने नई दरों का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया।

    विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल, रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स और अन्य परिचालन खर्चों में लगातार वृद्धि के कारण परिवहन क्षेत्र पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। ऐसे में किराया संशोधन को परिवहन सेवाओं के संचालन से जोड़कर देखा जा रहा है। दूसरी ओर यात्रियों का मानना है कि बढ़े हुए किराए से दैनिक यात्रा का खर्च और बढ़ेगा, विशेषकर उन लोगों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ेगा जो नियमित रूप से बसों से आवागमन करते हैं।

    परिवहन विभाग ने कहा है कि नई किराया दरें निर्धारित नियमों के अनुसार लागू होंगी और बस संचालकों को इन्हीं अधिकतम दरों का पालन करना होगा। विभाग समय-समय पर किराया व्यवस्था की समीक्षा भी करता रहेगा ताकि यात्रियों और परिवहन संचालकों दोनों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके। आने वाले दिनों में नई दरों का प्रभाव प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन और यात्रियों के खर्च पर साफ दिखाई देने की संभावना है।

  • राहुल गांधी के साथ सामने आए प्रदर्शनकारी छात्र, लाठीचार्ज, पैलेट गन और अभद्र व्यवहार के लगाए आरोप

    राहुल गांधी के साथ सामने आए प्रदर्शनकारी छात्र, लाठीचार्ज, पैलेट गन और अभद्र व्यवहार के लगाए आरोप


    नई दिल्ली ।
    कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े छात्र-छात्राओं के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अपनी बात रखते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने वाले युवाओं के साथ कथित रूप से बल प्रयोग किया गया और उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। राहुल गांधी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और छात्रों के साथ हुई कथित घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए पुलिस कार्रवाई को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। एक छात्रा ने दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने के बावजूद उन्हें देशद्रोही कहा गया। उनका आरोप था कि प्रदर्शन के दौरान बिना किसी उकसावे के बल प्रयोग किया गया और उन्हें शारीरिक चोटें भी आईं। छात्रा ने कहा कि वे केवल अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से रखना चाहते थे।

    राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने कोई गैरकानूनी कार्य नहीं किया और वे केवल शिक्षा व्यवस्था तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल युवाओं पर दबाव बनाने और उन्हें माफी मांगने के लिए मजबूर करने जैसी घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश को ऐसी शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है जिसमें परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष हो और युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहे।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल अन्य प्रदर्शनकारियों ने भी अपनी आपबीती सुनाई। एक छात्रा ने दावा किया कि प्रदर्शन के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियों और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि उन्होंने इस संबंध में शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल पर भी चिंता व्यक्त की।

    एक अन्य छात्रा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिससे उन्हें चोट लगी। वहीं एक अन्य प्रदर्शनकारी ने दावा किया कि हिरासत के दौरान उनके नाम और पहचान के आधार पर अलग व्यवहार किया गया। इन सभी आरोपों के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।

    जंतर-मंतर प्रदर्शन और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया है, जबकि इस पूरे मामले पर आगे संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई और आधिकारिक पक्ष का भी इंतजार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और कानूनी स्तर पर गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

  • आज रात होगा Lock Upp 2 का ग्रैंड फिनाले, पांच फाइनलिस्ट में कौन जीतेगा ट्रॉफी और 1 करोड़ का इनाम?

    आज रात होगा Lock Upp 2 का ग्रैंड फिनाले, पांच फाइनलिस्ट में कौन जीतेगा ट्रॉफी और 1 करोड़ का इनाम?

    नई दिल्ली । चर्चित रियलिटी शो ‘Lock Upp 2’ का बहुप्रतीक्षित ग्रैंड फिनाले आज रात आयोजित होगा। पूरे सीजन में रणनीति, प्रतिस्पर्धा, दोस्ती, टकराव और भावनात्मक पलों से भरपूर सफर के बाद अब मुकाबला अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। आज रात सभी प्रतिभागियों के लिए शो के दरवाजे खुल जाएंगे, लेकिन ट्रॉफी और एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि केवल एक विजेता के हिस्से में आएगी। दर्शकों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि आखिर इस सीजन का खिताब कौन अपने नाम करेगा।

    इस बार फिनाले में पांच मजबूत प्रतियोगियों ने जगह बनाई है। शिवांगी जोशी, शिल्पा शिंदे, योगेश रावत, श्रेया कालरा और राम कपूर अंतिम मुकाबले में आमने-सामने हैं। पूरे सीजन के दौरान इन सभी प्रतिभागियों ने अलग-अलग अंदाज में अपना खेल दिखाया और कई कठिन चुनौतियों को पार करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। यही वजह है कि अंतिम मुकाबले को इस सीजन का सबसे रोमांचक चरण माना जा रहा है।

    शिवांगी जोशी ने शुरुआती दौर में अपेक्षाकृत धीमी शुरुआत की थी, लेकिन समय के साथ उन्होंने अपने खेल में लगातार सुधार किया। रणनीतिक फैसलों, शांत स्वभाव और बेहतर प्रदर्शन के दम पर उन्होंने खुद को मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित किया। सोशल मीडिया पर भी उन्हें बड़ी संख्या में समर्थन मिलता दिखाई दिया, जिसके कारण उन्हें खिताब का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।

    वाइल्ड कार्ड एंट्री के रूप में शो में शामिल हुईं शिल्पा शिंदे ने कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके अनुभव, आत्मविश्वास और बेबाक अंदाज ने उन्हें फाइनल तक पहुंचाया। दूसरी ओर योगेश रावत ने पूरे सीजन में टास्क आधारित प्रदर्शन से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। शांत रणनीति और लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण उन्होंने भी मजबूत प्रतिस्पर्धा पेश की।

    श्रेया कालरा ने शुरुआत से ही संतुलित खेल दिखाया और लगभग हर चुनौती में प्रभावी प्रदर्शन किया। कई दर्शक उन्हें इस सीजन का ‘डार्क हॉर्स’ मान रहे हैं। वहीं राम कपूर ने भी संयम और धैर्य के साथ खेलते हुए अंतिम दौर में अपनी जगह बनाई। फिनाले में पहुंचने के बाद अब सभी प्रतिभागियों के सामने एक ही लक्ष्य है—ट्रॉफी और एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि अपने नाम करना।

    ग्रैंड फिनाले को लेकर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। विभिन्न प्रतिभागियों के समर्थक लगातार अपने पसंदीदा प्रतियोगियों के समर्थन में अभियान चला रहे हैं। हालांकि अंतिम फैसला दर्शकों के वोट और फिनाले के परिणामों के आधार पर होगा। पूरे सीजन की प्रतिस्पर्धा के बाद अब कुछ ही समय में यह स्पष्ट हो जाएगा कि ‘Lock Upp 2’ का नया विजेता कौन बनेगा और किसके नाम ट्रॉफी के साथ एक करोड़ रुपये की इनामी राशि दर्ज होगी।

  • सेंसेक्स निफ्टी में गुरुवार को रहेगा उतार चढ़ाव या मिलेगी तेजी निवेश से पहले जान लें अहम संकेत

    सेंसेक्स निफ्टी में गुरुवार को रहेगा उतार चढ़ाव या मिलेगी तेजी निवेश से पहले जान लें अहम संकेत


    नई दिल्ली। गुरुवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार की नजर घरेलू और वैश्विक दोनों तरह के संकेतों पर रहेगी। पिछले कुछ दिनों से बाजार में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है और निवेशक हर नए आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। ऐसे में गुरुवार का दिन भी निवेशकों के लिए काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि कई ऐसे फैक्टर हैं जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों का रुख भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत पर असर डाल सकता है। अगर अमेरिका और एशियाई बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो सेंसेक्स और निफ्टी मजबूत शुरुआत कर सकते हैं। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और डॉलर इंडेक्स की चाल भी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर सकती है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी या बिकवाली भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    गुरुवार के कारोबार में बैंकिंग आईटी ऑटो फार्मा और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों पर खास नजर रहेगी। अगर इन प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी का माहौल बना रहता है तो बाजार को मजबूती मिल सकती है। दूसरी ओर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी गतिविधि देखने को मिल सकती है क्योंकि हाल के दिनों में इन शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

    विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों को किसी भी अफवाह या छोटी अवधि की तेजी को देखकर जल्दबाजी में निवेश नहीं करना चाहिए। बाजार में उतार चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत कंपनियों पर ही भरोसा बनाए रखना चाहिए। अच्छे वित्तीय प्रदर्शन मजबूत प्रबंधन और भविष्य की विकास संभावनाओं वाली कंपनियां लंबे समय में बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखती हैं।

    गुरुवार को कई कंपनियों के तिमाही नतीजे भी निवेशकों के लिए अहम रहेंगे। उम्मीद से बेहतर या कमजोर परिणाम संबंधित शेयरों के साथ पूरे सेक्टर की चाल को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा देश और विदेश से आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर भी बाजार की नजर रहेगी। महंगाई ब्याज दर और औद्योगिक उत्पादन से जुड़े संकेत भविष्य की निवेश रणनीति तय करने में मदद करेंगे।

    विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नए निवेशक बिना पूरी जानकारी के किसी भी शेयर में पैसा लगाने से बचें। निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति कारोबार का भविष्य और जोखिम का सही आकलन करना जरूरी है। अगर किसी शेयर में बहुत तेजी आ चुकी है तो उसमें प्रवेश करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं गिरावट के दौरान मजबूत कंपनियों में चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

    कुल मिलाकर गुरुवार का कारोबारी सत्र कई महत्वपूर्ण संकेतों के बीच शुरू होगा। बाजार में तेजी और गिरावट दोनों की संभावना बनी रहेगी इसलिए निवेशकों को धैर्य के साथ सोच समझकर निर्णय लेना चाहिए। सही रिसर्च और संतुलित निवेश रणनीति ही लंबे समय में बेहतर लाभ दिलाने का सबसे सुरक्षित तरीका मानी जाती है।

  • ऑपरेशन सिंदूर पर पूर्व CDS का बड़ा खुलासा, पाकिस्तान ने मांगा युद्धविराम, भारत ने रणनीति के तहत कराया इंतजार

    ऑपरेशन सिंदूर पर पूर्व CDS का बड़ा खुलासा, पाकिस्तान ने मांगा युद्धविराम, भारत ने रणनीति के तहत कराया इंतजार

    नई दिल्ली । भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उनके अनुसार, सैन्य अभियान के दौरान पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम की मांग की गई थी, लेकिन भारत ने अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए तत्काल सहमति नहीं दी। उन्होंने बताया कि भारतीय पक्ष ने पहले अपने निर्धारित सैन्य उद्देश्यों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित किया और उसके बाद ही युद्धविराम की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। इस खुलासे के बाद ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

    जनरल अनिल चौहान के अनुसार 10 मई 2025 की सुबह पाकिस्तान ने डीजीएमओ हॉटलाइन के माध्यम से भारत से संपर्क किया और तत्काल संघर्ष विराम की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि भारतीय पक्ष ने तत्काल प्रतिक्रिया देने के बजाय कुछ समय तक इंतजार कराया, क्योंकि उस समय तक अभियान के सभी निर्धारित सैन्य लक्ष्य पूरे नहीं हुए थे। उनका कहना था कि सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रखी गई जब तक निर्धारित उद्देश्यों की प्राप्ति सुनिश्चित नहीं हो गई।

    उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी। इस हमले में कई निर्दोष पर्यटकों की जान गई थी, जिसके बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाते हुए सीमापार अभियान चलाया। अभियान के पहले चरण में आतंकवादी संगठनों से जुड़े कई ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की गई। इसके बाद सीमा पार से ड्रोन और मिसाइलों के माध्यम से जवाबी प्रयास किए गए, जिनका भारतीय वायु एवं रक्षा प्रणालियों ने प्रभावी ढंग से मुकाबला किया।

    पूर्व सीडीएस के अनुसार अभियान के अगले चरण में पाकिस्तान के कई सैन्य प्रतिष्ठानों और एयरबेस को भी निशाना बनाया गया। इन कार्रवाइयों में सैन्य ढांचे, रडार प्रणाली और अन्य रणनीतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया। उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई सैन्य योजना के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से संचालित की गई थी और प्रत्येक कदम पहले से तय रणनीति के आधार पर उठाया गया।

    जनरल चौहान ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम का अनुरोध आने के बाद भी भारतीय सेना ने अपनी निर्धारित कार्रवाई जारी रखी। उनके अनुसार अंतिम सैन्य कार्रवाई दोपहर के समय पूरी की गई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच संघर्ष विराम पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि किसी भी सैन्य अभियान में राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के बीच समन्वय के साथ-साथ स्पष्ट रणनीतिक लक्ष्य अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं और ऑपरेशन सिंदूर में भी इसी सिद्धांत का पालन किया गया।

    इस खुलासे ने एक बार फिर सीमापार आतंकवाद के खिलाफ भारत की सुरक्षा नीति और सैन्य रणनीति पर चर्चा तेज कर दी है। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि आधुनिक सैन्य अभियानों में समय, रणनीति, तकनीक और समन्वय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े इस नए विवरण ने अभियान की योजना, निर्णय प्रक्रिया और सैन्य संचालन के कई पहलुओं को समझने का अवसर प्रदान किया है। हालांकि अभियान से जुड़े कई परिचालन संबंधी विवरण सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

  • गुरुवार पूजा का महत्व इस आसान विधि से करें भगवान विष्णु की आराधना धन वैभव और सौभाग्य का मिलेगा आशीर्वाद

    गुरुवार पूजा का महत्व इस आसान विधि से करें भगवान विष्णु की आराधना धन वैभव और सौभाग्य का मिलेगा आशीर्वाद


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। यह दिन ज्ञान समृद्धि सुख शांति और वैवाहिक जीवन में खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जो श्रद्धालु इस दिन पूरी श्रद्धा और नियम के साथ भगवान विष्णु की पूजा करते हैं उनके जीवन की अनेक परेशानियां दूर होती हैं और परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है। गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए भी गुरुवार का व्रत और पूजा अत्यंत लाभकारी मानी जाती है।

    गुरुवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद पीले या साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थान की अच्छी तरह सफाई करें और भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। भगवान को पीले रंग के फूल अर्पित करें और हल्दी चंदन का तिलक लगाएं। पूजा में पीले फल केले चने की दाल बेसन के लड्डू केसर युक्त मिठाई और तुलसी दल का विशेष महत्व माना गया है। भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है इसलिए बिना तुलसी के पूजा अधूरी मानी जाती है।

    पूजा के दौरान घी का दीपक जलाएं और भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें। विष्णु सहस्रनाम अथवा श्री विष्णु चालीसा का पाठ करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि संभव हो तो देवगुरु बृहस्पति के बीज मंत्र का जाप भी करें। पूजा के बाद भगवान से परिवार की सुख समृद्धि अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की प्रार्थना करें।

    गुरुवार के दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालु सामान्यतः केवल एक समय सात्विक भोजन करते हैं। इस दिन पीले रंग के भोजन का विशेष महत्व माना गया है। केले चने की दाल बेसन से बने व्यंजन और केसर युक्त प्रसाद का सेवन शुभ माना जाता है। कई लोग इस दिन नमक का सेवन भी नहीं करते और पूरी श्रद्धा के साथ व्रत का पालन करते हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार के दिन कुछ कार्यों से बचना चाहिए। इस दिन बाल और नाखून नहीं काटने चाहिए। महिलाओं को बाल धोने से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है। किसी का अपमान करना झूठ बोलना या क्रोध करना भी अशुभ माना जाता है। गरीबों और जरूरतमंदों को पीले वस्त्र चने की दाल हल्दी या केले का दान करने से भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

    मान्यता है कि गुरुवार के दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु की आराधना करने वाले भक्तों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। आर्थिक परेशानियां धीरे धीरे समाप्त होती हैं और विवाह शिक्षा करियर तथा पारिवारिक जीवन में शुभ परिणाम प्राप्त होने लगते हैं। श्रद्धा विश्वास और नियम के साथ की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में सुख शांति समृद्धि और सौभाग्य का मार्ग प्रशस्त करती है।

  • रुवार का राशिफल 6 अगस्त 2026 मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा दिन जानिए भाग्य का संकेत

    रुवार का राशिफल 6 अगस्त 2026 मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा दिन जानिए भाग्य का संकेत


    नई दिल्ली। आज 6 अगस्त 2026 गुरुवार का दिन ग्रह नक्षत्रों की चाल के अनुसार कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आया है जबकि कुछ लोगों को धैर्य और समझदारी से फैसले लेने की जरूरत होगी। नौकरी करने वालों को कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं वहीं व्यापारियों के लिए लाभ के नए रास्ते खुलने के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन में भी कई राशियों को सुखद समाचार मिल सकते हैं।

    मेष राशि के लोगों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। वृषभ राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में सोच समझकर निर्णय लेना चाहिए। मिथुन राशि वालों के लिए नए संपर्क भविष्य में लाभदायक साबित होंगे जबकि कर्क राशि के लोगों को परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा।

    सिंह राशि के लिए दिन सम्मान और सफलता लेकर आ सकता है। कन्या राशि के जातकों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है और खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। तुला राशि वालों के लिए प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी और पुराने मतभेद समाप्त हो सकते हैं।

    वृश्चिक राशि के लोगों को करियर में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। धन लाभ के योग भी बन रहे हैं। धनु राशि के जातकों को अनावश्यक खर्च से बचना चाहिए और निवेश करते समय विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा। मकर राशि वालों के लिए कार्यक्षेत्र में नई उपलब्धियां मिलने के संकेत हैं और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा।

    कुंभ राशि के लोगों को किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है जिससे मन प्रसन्न रहेगा। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल रहेगा। मीन राशि के जातकों के लिए धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा और मानसिक शांति का अनुभव होगा।

    ज्योतिष के अनुसार आज का दिन अधिकांश राशियों के लिए सकारात्मक ऊर्जा लेकर आया है। हालांकि किसी भी बड़े निर्णय से पहले परिस्थितियों का सही आकलन करना जरूरी रहेगा। संयम और धैर्य के साथ किए गए कार्य सफलता दिला सकते हैं। दिनभर सकारात्मक सोच बनाए रखें और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें। मेहनत का फल अवश्य मिलेगा और भाग्य भी आपका साथ देता नजर आएगा।