Author: bharati

  • भारत और केन्या ने मजबूत आर्थिक सहयोग का खाका तैयार किया, व्यापार, कृषि और ऊर्जा क्षेत्र पर विशेष फोकस

    भारत और केन्या ने मजबूत आर्थिक सहयोग का खाका तैयार किया, व्यापार, कृषि और ऊर्जा क्षेत्र पर विशेष फोकस

    नई दिल्ली । भारत और केन्या के बीच आर्थिक, व्यापारिक और विकास सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच हालिया बैठकों में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, ऊर्जा और निवेश जैसे प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान भविष्य में सहयोग के नए अवसरों की पहचान करने और निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

    भारत और केन्या के बीच लंबे समय से मजबूत राजनयिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। हाल के संवादों में दोनों देशों ने इस संबंध को और व्यापक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। विशेष रूप से कृषि और कृषि-प्रसंस्करण क्षेत्र को सहयोग का प्रमुख आधार माना गया, जहां भारतीय तकनीक, विशेषज्ञता और निवेश के माध्यम से स्थानीय उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया गया।

    स्वास्थ्य क्षेत्र भी चर्चा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। दोनों पक्षों ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, चिकित्सा अवसंरचना के विकास और स्वास्थ्य तकनीकों के आदान-प्रदान की संभावनाओं पर विचार किया। भारतीय स्वास्थ्य क्षेत्र की विशेषज्ञता और दवा उद्योग की वैश्विक पहचान को देखते हुए इस क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं काफी व्यापक मानी जा रही हैं।

    शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने साझेदारी को आगे बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की। आधुनिक शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। दोनों देशों का मानना है कि मानव संसाधन विकास भविष्य की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।

    खेल क्षेत्र में भी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। खेल प्रशिक्षण, खेल अवसंरचना और प्रतिभा विकास कार्यक्रमों के माध्यम से दोनों देशों के बीच अनुभवों और संसाधनों के आदान-प्रदान की संभावनाएं तलाशने पर सहमति बनी। इससे युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं और खेल संबंधों को भी मजबूती मिल सकती है।

    इस बीच, दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के प्रयास भी जारी हैं। व्यापारिक बैठकों के दौरान बाजार पहुंच को बेहतर बनाने, व्यापारिक बाधाओं को कम करने और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि आर्थिक संबंधों को अधिक संतुलित, विविधतापूर्ण और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाना चाहिए।

    ऊर्जा क्षेत्र, विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा, सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल रहा। स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं, तकनीकी सहयोग और निवेश के माध्यम से सतत विकास को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इसके अलावा डिजिटल अवसंरचना, फिनटेक, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण और बुनियादी ढांचा विकास जैसे क्षेत्रों को भी भविष्य की साझेदारी के महत्वपूर्ण स्तंभों के रूप में देखा जा रहा है।

    दोनों देशों ने व्यापार को सुगम बनाने और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भी सकारात्मक कदम उठाए हैं। सीमा शुल्क और व्यापारिक सूचनाओं के आदान-प्रदान से जुड़े समझौतों को द्विपक्षीय व्यापार की पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और केन्या के बीच बढ़ता सहयोग न केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ पहुंचाएगा, बल्कि अफ्रीका और एशिया के बीच आर्थिक संपर्क को भी नई मजबूती देगा। आने वाले वर्षों में निवेश, व्यापार और विकास साझेदारी के क्षेत्र में दोनों देशों के संबंध और अधिक गहरे होने की संभावना है।

  • रीवा में तेज रफ्तार कार का कहर, गाय को कुचलने के बाद बाइक सवार छात्रों को मारी टक्कर; मकान में घुसी कार

    रीवा में तेज रफ्तार कार का कहर, गाय को कुचलने के बाद बाइक सवार छात्रों को मारी टक्कर; मकान में घुसी कार


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Rewa जिले में शनिवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने इलाके में सनसनी फैला दी। रीवा-सीधी मार्ग पर महसांव रेडियो स्टेशन के पास तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पहले एक गाय को कुचलते हुए आगे बढ़ी, फिर सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी। इसके बाद भी कार नहीं रुकी और सड़क किनारे स्थित एक मकान की दीवार तोड़ते हुए अंदर जा घुसी। हादसे में गाय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक सवार दो छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार घटना शनिवार सुबह करीब तीन बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार अत्यधिक गति से चल रही थी और चालक अचानक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। सड़क किनारे खड़ी गाय को टक्कर मारने के बाद कार सीधे सामने से आ रही बाइक से जा भिड़ी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उस पर सवार दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे।

    स्थानीय लोगों के अनुसार घायल दोनों छात्र सीधी की ओर जा रहे थे। दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। दोनों छात्रों को उपचार के लिए Sanjay Gandhi Memorial Hospital में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।

    हादसे का सबसे भयावह पहलू यह रहा कि बाइक को टक्कर मारने के बाद भी कार नहीं रुकी। अनियंत्रित वाहन सड़क किनारे बने दिनेश केवट के मकान में जा घुसा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मकान की एक दीवार पूरी तरह ढह गई। दीवार गिरने से घर में खड़ा ई-रिक्शा भी क्षतिग्रस्त हो गया।

    घटना के समय मकान के भीतर परिवार के सदस्य सो रहे थे। अचानक हुए जोरदार धमाके से सभी की नींद खुल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कार कुछ और अंदर तक घुस जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। सौभाग्य से परिवार के किसी सदस्य को शारीरिक चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित बच गए।

    तड़के हुए हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जोरदार आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य में मदद की। लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने और सड़क पर यातायात सामान्य कराने में भी सहयोग किया।

    सूचना मिलने पर Gudh Police Station और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच के आधार पर चालक के खिलाफ लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। वाहन की गति, चालक की स्थिति और अन्य परिस्थितियों की पड़ताल के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घायल छात्रों के उपचार और मामले की जांच पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

  • देवास में अतिक्रमण हटाने पहुंची फॉरेस्ट टीम पर हमला, पथराव में 6 कर्मचारी घायल; ड्रोन और वाहनों में भी तोड़फोड़

    देवास में अतिक्रमण हटाने पहुंची फॉरेस्ट टीम पर हमला, पथराव में 6 कर्मचारी घायल; ड्रोन और वाहनों में भी तोड़फोड़


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Dewas जिले में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम पर कथित रूप से ग्रामीणों द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना जिनवाणी वन परिक्षेत्र के कमलापुर बीट क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां वन विभाग की कार्रवाई के दौरान जमकर पथराव हुआ। इस घटना में छह वनकर्मी घायल हो गए, जबकि विभागीय वाहनों और ड्रोन को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी मिली है। घटना का एक ड्रोन वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वनकर्मी और पुलिसकर्मी खेतों की ओर भागते दिखाई दे रहे हैं।

    वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए विभिन्न वन परिक्षेत्रों का स्टाफ और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। कार्रवाई का उद्देश्य कथित रूप से सरकारी वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाना था। इसी दौरान क्षेत्र के कुछ ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जो बाद में पथराव में बदल गया।

    घटना में घायल होने वालों में वनरक्षक मोहन पंचोनिया, ज्योति जाट, कमल राणा, देवकरण मालवीय, सूरज तथा परिक्षेत्र सहायक K K Parmar शामिल हैं। घायलों को पहले कमलापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और बाद में चापड़ा के अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों के अनुसार दो कर्मचारियों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें आगे उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

    घायल वनकर्मी ज्योति जाट ने बताया कि कार्रवाई के दौरान अचानक चारों ओर से पत्थरबाजी शुरू हो गई। उनके अनुसार कर्मचारियों को संभलने का अवसर तक नहीं मिला और लगातार पत्थर बरसाए जाते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि कई कर्मचारियों के सिर में गंभीर चोटें आईं और उन्हें किसी तरह मौके से सुरक्षित बाहर निकलना पड़ा।

    वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पथराव करीब आधे घंटे तक चलता रहा। विभागीय टीम के अनुसार ग्रामीणों की संख्या काफी अधिक थी और उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए वाहनों तथा उपकरणों को भी निशाना बनाया। विभाग का दावा है कि ड्रोन को भी क्षति पहुंचाई गई है।

    Vikas Mahore ने बताया कि भीलआमला क्षेत्र में वन भूमि पर खेती किए जाने की शिकायतें थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार संबंधित भूमि वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है और उस पर अवैध कब्जे की जांच लंबे समय से चल रही थी।

    वन विभाग के मुताबिक कार्रवाई का नेतृत्व Ankit Jamod कर रहे थे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि स्थिति बिगड़ने के बाद टीम को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी पड़ी। वहीं स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

    अधिकारियों ने कहा है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उपलब्ध वीडियो फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर ग्रामीणों की ओर से भी मामले में अपना पक्ष रखे जाने की संभावना है। फिलहाल पुलिस और वन विभाग संयुक्त रूप से पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं।

  • ओमान तट पर भारतीय नाविकों की मौत की अफवाह निकली झूठी, विदेश मंत्रालय ने बताया सुरक्षित है पूरा क्रू

    ओमान तट पर भारतीय नाविकों की मौत की अफवाह निकली झूठी, विदेश मंत्रालय ने बताया सुरक्षित है पूरा क्रू


    नई दिल्ली ।
    ओमान के तट के निकट संचालित एक व्यापारी जहाज पर कथित हमले और भारतीय नाविकों के हताहत होने की खबरों को लेकर फैली आशंकाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि जहाज पर मौजूद सभी चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। इस स्पष्टीकरण के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर चल रही अफवाहों पर विराम लग गया है।

    हाल के दिनों में समुद्री सुरक्षा और पश्चिम एशिया क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच एक जहाज को लेकर कई तरह के दावे सामने आए थे। कुछ रिपोर्टों में कहा गया था कि ओमान के तट के पास जहाज पर हमला हुआ है और उसमें सवार भारतीय नाविकों को नुकसान पहुंचा है। इन खबरों के प्रसारित होने के बाद नाविकों के परिवारों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच चिंता का माहौल बन गया था।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने तत्काल तथ्यों की पुष्टि की प्रक्रिया शुरू की। जांच और प्रत्यक्ष संपर्क के बाद यह स्पष्ट हुआ कि जहाज पर किसी प्रकार का हमला नहीं हुआ है और चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। अधिकारियों ने बताया कि जहाज के संचालन और क्रू की स्थिति सामान्य है तथा किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

    जानकारी के अनुसार, भ्रम की स्थिति तब पैदा हुई जब जहाज से संपर्क स्थापित करने में अस्थायी तकनीकी कठिनाई सामने आई। संचार व्यवस्था में आई रुकावट के कारण कुछ समय तक जहाज से नियमित संपर्क नहीं हो सका। इसी दौरान विभिन्न माध्यमों पर कई अपुष्ट दावे सामने आने लगे, जिन्हें बाद में तथ्यों के आधार पर गलत पाया गया।

    समुद्री क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी तक संचालित होने वाले जहाजों में संचार संबंधी तकनीकी समस्याएं असामान्य नहीं हैं। कई बार रेडियो या अन्य संचार उपकरणों में अस्थायी बाधा आने से संपर्क प्रभावित हो सकता है, लेकिन इसका अर्थ किसी दुर्घटना या सुरक्षा संकट से नहीं होता। ऐसे मामलों में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना आवश्यक माना जाता है।

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि जहाज की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई और उपलब्ध सभी माध्यमों से उसकी गतिविधियों की निगरानी की गई। संबंधित अधिकारियों ने जहाज के जिम्मेदार कर्मियों से संपर्क कर वास्तविक स्थिति की पुष्टि की, जिसके बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि जहाज और उस पर मौजूद सभी लोग सुरक्षित हैं।

    इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा किया है कि संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और सुरक्षा संबंधी मामलों में अपुष्ट सूचनाओं का प्रसार कितनी तेजी से भ्रम पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना आवश्यक है, विशेषकर तब जब मामला मानव जीवन और राष्ट्रीय हितों से जुड़ा हो।

    सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे समुद्री सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और भारतीय नागरिकों से संबंधित किसी भी संवेदनशील सूचना पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करें। साथ ही भ्रामक और अप्रमाणित खबरों को आगे बढ़ाने से बचें ताकि अनावश्यक डर और भ्रम की स्थिति पैदा न हो।

  • लॉ कॉलेज के नाम पर सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप, नगर निगम ने 10 करोड़ की भूमि कराई मुक्त

    लॉ कॉलेज के नाम पर सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप, नगर निगम ने 10 करोड़ की भूमि कराई मुक्त


    मध्‍य प्रदेश । जबलपुर में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण और कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नगर निगम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपए मूल्य की सरकारी भूमि को अपने कब्जे में ले लिया है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर के पॉश इलाके राइट टाउन में स्थित इस भूमि पर लॉ कॉलेज संचालित होने का दावा किया जा रहा था, लेकिन जांच में कई तथ्य संदिग्ध पाए जाने के बाद निगम ने कार्रवाई की।

    जानकारी के अनुसार, Jabalpur Municipal Corporation के आयुक्त Ramprakash Ahirwar को शिकायत प्राप्त हुई थी कि सरकारी स्वामित्व वाली बहुमूल्य जमीन पर कब्जा किया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया था कि परिसर में लॉ कॉलेज संचालित होने की बात कही जाती है, लेकिन वहां नियमित रूप से न तो छात्र दिखाई देते हैं और न ही शिक्षकों की उपस्थिति नजर आती है।

    शिकायत मिलने के बाद निगम प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कराई। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि संबंधित परिसर अधिकांश समय बंद रहता है और वहां शैक्षणिक गतिविधियां भी स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देतीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर निगम आयुक्त ने कार्रवाई के निर्देश जारी किए।

    शुक्रवार को नगर निगम की संपदा शाखा, अतिक्रमण विरोधी दस्ता और क्षेत्रीय अधिकारियों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान परिसर को निगम के कब्जे में लिया गया और मुख्य प्रवेश द्वारों पर ताले लगा दिए गए। अधिकारियों का कहना है कि मुक्त कराई गई भूमि की अनुमानित बाजार कीमत 10 करोड़ रुपए से अधिक है।

    संभाग क्रमांक-13 के संभागीय अधिकारी Sagar Borkar ने बताया कि नगर निगम की ओर से शासकीय और निगम स्वामित्व वाली जमीनों की लगातार जांच की जा रही है। इसी क्रम में राइट टाउन स्थित चंचलाबाई स्कूल क्षेत्र की भूमि की पड़ताल की गई थी।

    जांच में सामने आया कि चंचलाबाई स्कूल के पास स्थित डायवर्सन प्लॉट नंबर-440 और डायवर्सन शीट नंबर-152-सी का एक बड़ा हिस्सा नगर निगम के स्वामित्व में दर्ज है। अधिकारियों के अनुसार इस क्षेत्र में पहले कस्तूरबा स्कूल संचालित होता था। बाद में इस भूमि के एक हिस्से पर कथित रूप से लॉ कॉलेज के नाम पर कब्जा कर लिया गया।

    नगर निगम अधिकारियों का दावा है कि जिस परिसर में कॉलेज संचालित होने की बात कही जा रही थी, वहां पर्याप्त शैक्षणिक गतिविधियां नहीं मिलीं। निरीक्षण के दौरान कमरे तो बने मिले, लेकिन नियमित रूप से छात्र और शिक्षक मौजूद नहीं पाए गए। इसी आधार पर प्रशासन ने भूमि की स्थिति और उपयोग को लेकर गंभीरता से कार्रवाई की।

    नगर निगम का कहना है कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षण उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसलिए जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर तत्काल कदम उठाए गए। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि कब्जा मुक्त कराई गई इस बहुमूल्य भूमि का उपयोग भविष्य में सार्वजनिक हित और नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए किया जा सकता है।

    हालांकि संबंधित पक्ष की ओर से यदि कोई दावा या दस्तावेज प्रस्तुत किए जाते हैं, तो उनका परीक्षण नियमानुसार किया जाएगा। फिलहाल नगर निगम ने परिसर को अपने नियंत्रण में लेकर आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।

  • छोटे स्टार्टअप को बनाया टेक दिग्गज, भारतीय मूल की जयश्री अमेरिका की शीर्ष सेल्फ-मेड महिलाओं में शामिल

    छोटे स्टार्टअप को बनाया टेक दिग्गज, भारतीय मूल की जयश्री अमेरिका की शीर्ष सेल्फ-मेड महिलाओं में शामिल

    नई दिल्ली । भारतीय मूल की कारोबारी नेता जयश्री उल्लाल ने वैश्विक तकनीकी जगत में एक ऐसी सफलता की कहानी लिखी है, जो दूरदर्शिता, नेतृत्व क्षमता और निरंतर मेहनत का प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है। एक समय बेहद छोटे स्तर पर काम करने वाली कंपनी की कमान संभालने वाली जयश्री आज अमेरिका की सबसे सफल सेल्फ-मेड महिलाओं में शामिल हैं। उनकी उपलब्धि न केवल भारतीय समुदाय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि दुनिया भर की महिला उद्यमियों और पेशेवरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।

    जयश्री उल्लाल का शुरुआती जीवन भारत से गहराई से जुड़ा रहा। तकनीक और इंजीनियरिंग के प्रति उनकी रुचि ने उन्हें उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका पहुंचाया, जहां उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और इंजीनियरिंग मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी की। तकनीकी क्षेत्र में मजबूत शैक्षणिक आधार ने उनके करियर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत उन्होंने सेमीकंडक्टर और तकनीकी कंपनियों में विभिन्न जिम्मेदारियों के साथ की। इसके बाद नेटवर्किंग उद्योग की अग्रणी कंपनियों में काम करते हुए उन्होंने तकनीकी नवाचार, उत्पाद विकास और वैश्विक व्यवसाय संचालन की गहरी समझ विकसित की। यही अनुभव आगे चलकर उनके लिए नेतृत्व की मजबूत नींव साबित हुआ।

    करियर का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब उन्होंने एक उभरती हुई नेटवर्किंग कंपनी की कमान संभाली। उस समय कंपनी सीमित संसाधनों और बेहद कम बाजार हिस्सेदारी के साथ संघर्ष कर रही थी। अधिकांश विशेषज्ञों को उसके भविष्य पर संदेह था, लेकिन जयश्री ने बदलती तकनीकी दुनिया में नए अवसरों को समय रहते पहचान लिया। उन्होंने अनुमान लगाया कि क्लाउड कंप्यूटिंग और बड़े डेटा सेंटर आने वाले वर्षों में पूरी डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा बदल देंगे।

    इस सोच के आधार पर कंपनी ने अपने उत्पादों और सेवाओं को आधुनिक क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना शुरू किया। जैसे-जैसे दुनिया डिजिटल प्लेटफॉर्म, क्लाउड सेवाओं और बाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ओर बढ़ी, कंपनी के समाधान तेजी से लोकप्रिय होते गए। परिणामस्वरूप कंपनी ने वैश्विक तकनीकी बाजार में मजबूत पहचान बनाई और निवेशकों का भरोसा भी हासिल किया।

    जयश्री के नेतृत्व में कंपनी ने न केवल कारोबार का विस्तार किया बल्कि नवाचार और गुणवत्ता के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान स्थापित की। आज उसके उत्पाद दुनिया भर के बड़े डेटा सेंटरों, क्लाउड सेवा प्रदाताओं और तकनीकी संस्थानों में उपयोग किए जाते हैं। कंपनी की यह सफलता सीधे तौर पर जयश्री की रणनीतिक सोच और नेतृत्व क्षमता से जुड़ी मानी जाती है।

    जयश्री उल्लाल की उपलब्धि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि उन्होंने यह मुकाम किसी पारिवारिक कारोबारी विरासत के सहारे नहीं बल्कि अपनी योग्यता, तकनीकी समझ और पेशेवर अनुभव के दम पर हासिल किया है। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि सही दृष्टिकोण, जोखिम उठाने का साहस और लगातार सीखते रहने की क्षमता किसी भी व्यक्ति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिला सकती है।

    वैश्विक मंच पर भारतीय मूल की कई महिलाएं आज तकनीक, वित्त, स्वास्थ्य सेवा, मनोरंजन और कॉरपोरेट नेतृत्व के क्षेत्र में प्रभावशाली भूमिका निभा रही हैं। जयश्री उल्लाल की कहानी इसी नई पीढ़ी की सफलता का प्रतीक है, जिसने अपनी प्रतिभा और नेतृत्व के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है।

  • फर्जी मार्कशीट के सहारे आंगनबाड़ी नौकरी पाने की कोशिश नाकाम, हाईकोर्ट ने दो महिलाओं की याचिकाएं खारिज कीं

    फर्जी मार्कशीट के सहारे आंगनबाड़ी नौकरी पाने की कोशिश नाकाम, हाईकोर्ट ने दो महिलाओं की याचिकाएं खारिज कीं


    मध्‍य प्रदेश । टीकमगढ़ जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती प्रक्रिया के दौरान कथित रूप से फर्जी मार्कशीट प्रस्तुत करने का मामला अब न्यायालय तक पहुंच गया, जहां Madhya Pradesh High Court ने दो महिलाओं की याचिकाओं को खारिज करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि भर्ती प्रक्रियाओं में दस्तावेजों की सत्यता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि जब जांच और सत्यापन में मार्कशीट फर्जी पाई गई है, तब याचिकाकर्ताओं को अतिरिक्त सुनवाई का अवसर देने का कोई औचित्य नहीं बनता।

    मामले की सुनवाई शुक्रवार को हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच में हुई। Justice Vishal Mishra की एकल पीठ ने ममता यादव और नीतू राजपूत द्वारा दायर याचिकाओं पर विचार करने के बाद उन्हें निरस्त कर दिया। दोनों महिलाओं ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा भर्ती प्रक्रिया से बाहर किए जाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देशों को चुनौती दी थी।

    जानकारी के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग ने 20 जून 2025 को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। भर्ती प्रक्रिया के तहत दोनों आवेदिकाओं ने आवेदन प्रस्तुत किए और अपने शैक्षणिक दस्तावेजों के रूप में महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान, भोपाल से जारी 12वीं कक्षा की मार्कशीट संलग्न की। प्रारंभिक दस्तावेज सत्यापन के बाद 18 अगस्त 2025 को जारी अंतरिम मेरिट सूची में दोनों महिलाओं के नाम शीर्ष स्थानों पर शामिल थे। इस कारण उनका चयन लगभग तय माना जा रहा था।

    हालांकि भर्ती प्रक्रिया के दौरान 29 अक्टूबर 2025 को जिला चयन समिति के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई कि दोनों आवेदिकाओं द्वारा जमा की गई 12वीं की मार्कशीटें संदिग्ध हैं। शिकायत मिलने के बाद जिला स्तरीय विवाद निवारण समिति ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित शिक्षण संस्थान से दस्तावेजों का सत्यापन कराया।

    जांच के दौरान संस्थान की ओर से 8 जनवरी 2026 को भेजी गई रिपोर्ट में दोनों मार्कशीटों को फर्जी बताया गया। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी ने 26 मई 2026 को आदेश जारी कर दोनों महिलाओं को भर्ती प्रक्रिया के लिए अयोग्य घोषित कर दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को सात दिन के भीतर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

    याचिकाकर्ताओं ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए राहत की मांग की थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता कमल सिंह बघेल ने पक्ष रखा। अदालत ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध दस्तावेजों, जांच रिपोर्ट और संबंधित तथ्यों का परीक्षण करने के बाद पाया कि दस्तावेज सत्यापन में गंभीर अनियमितता सामने आई है।

    कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जब संबंधित संस्थान स्वयं मार्कशीट को फर्जी घोषित कर चुका है, तब मामले में और सुनवाई करना उचित नहीं है। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि ऐसे मामलों में अनावश्यक सुनवाई न्यायिक समय की बर्बादी के समान होगी।

    हालांकि अदालत ने यह स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाती है, तो दोनों महिलाओं को कानून के तहत उपलब्ध अधिकारों का उपयोग करने की स्वतंत्रता रहेगी। वे आवश्यकता पड़ने पर अग्रिम जमानत या अन्य वैधानिक राहत के लिए सक्षम न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकती हैं।

  • पुतिन की सुरक्षा पर हाईटेक पहरा, एआई ट्रैकिंग की आशंका के बीच बढ़ाई गई गोपनीयता

    पुतिन की सुरक्षा पर हाईटेक पहरा, एआई ट्रैकिंग की आशंका के बीच बढ़ाई गई गोपनीयता

    नई दिल्ली । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल निगरानी तकनीकों के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच रूस ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। आधुनिक तकनीक के माध्यम से संभावित ट्रैकिंग, निगरानी और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए क्रेमलिन ने कई अतिरिक्त सावधानियां लागू की हैं। इन कदमों को वैश्विक स्तर पर बदलते सुरक्षा परिदृश्य और हाईटेक खतरों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    रूस की सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि वर्तमान समय में एआई आधारित विश्लेषण प्रणालियां विशाल मात्रा में उपलब्ध डिजिटल डेटा का बेहद कम समय में अध्ययन कर सकती हैं। सीसीटीवी फुटेज, सार्वजनिक गतिविधियों, यात्रा पैटर्न और अन्य डिजिटल संकेतों के आधार पर किसी भी महत्वपूर्ण व्यक्ति की गतिविधियों का आकलन करना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है। इसी कारण सुरक्षा व्यवस्था में तकनीकी जोखिमों को विशेष महत्व दिया जा रहा है।

    जानकारों के अनुसार राष्ट्रपति से जुड़े कई संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी प्रणालियों की समीक्षा की गई है। कुछ स्थानों पर डिजिटल नेटवर्क को सीमित करने तथा सुरक्षा ढांचे को बाहरी हस्तक्षेप से सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त उपाय अपनाए गए हैं। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रकार की साइबर घुसपैठ या डेटा विश्लेषण के माध्यम से संवेदनशील जानकारी तक पहुंच न बनाई जा सके।

    राष्ट्रपति की सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य सहयोगियों के लिए भी नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सुरक्षा कारणों से उनके आवागमन, संचार माध्यमों और डिजिटल उपकरणों के उपयोग को लेकर अधिक सतर्कता बरती जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि किसी भी उच्च पदस्थ व्यक्ति की जानकारी तक पहुंच उसके आसपास मौजूद लोगों के माध्यम से भी संभव हो सकती है, इसलिए संपूर्ण सुरक्षा श्रृंखला को मजबूत करना आवश्यक है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक सुरक्षा चुनौतियां अब केवल पारंपरिक खतरों तक सीमित नहीं रह गई हैं। पहले जहां सुरक्षा का केंद्र भौतिक हमलों, जासूसी गतिविधियों या सैन्य जोखिमों पर होता था, वहीं अब डेटा, एल्गोरिदम और डिजिटल विश्लेषण भी सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। एआई आधारित प्रणालियां सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचनाओं को जोड़कर व्यवहारिक पैटर्न और संभावित गतिविधियों का अनुमान लगाने में सक्षम होती जा रही हैं।

    हाल के वर्षों में दुनिया के कई देशों ने साइबर सुरक्षा और डिजिटल गोपनीयता को राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रमुख स्तंभों में शामिल किया है। रूस भी इसी दिशा में अपने सुरक्षा ढांचे को लगातार अपडेट कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में उच्च पदस्थ नेताओं की सुरक्षा केवल हथियारबंद सुरक्षा कर्मियों या सुरक्षित परिसरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि डिजिटल डेटा की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।

    तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार एआई, सैटेलाइट निगरानी, ड्रोन तकनीक और साइबर इंटेलिजेंस ने सुरक्षा की परिभाषा को पूरी तरह बदल दिया है। ऐसे में विश्व की प्रमुख शक्तियां अपने नेतृत्व, सैन्य प्रतिष्ठानों और संवेदनशील ढांचों की सुरक्षा के लिए नई रणनीतियां विकसित कर रही हैं। रूस द्वारा उठाए गए हालिया कदम इसी व्यापक वैश्विक प्रवृत्ति का हिस्सा माने जा रहे हैं।

  • प्रेम प्रसंग को लेकर जबलपुर में बवाल: दो परिवारों में हिंसक झड़प, वाहन फूंके; 16 लोगों पर केस दर्ज

    प्रेम प्रसंग को लेकर जबलपुर में बवाल: दो परिवारों में हिंसक झड़प, वाहन फूंके; 16 लोगों पर केस दर्ज


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Jabalpur जिले के मझौली क्षेत्र में प्रेम प्रसंग से जुड़ा विवाद शुक्रवार रात हिंसक टकराव में बदल गया। दो परिवारों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट, तोड़फोड़ और आगजनी तक पहुंच गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और फायर ब्रिगेड को मौके पर पहुंचना पड़ा। मामले में दोनों पक्षों के कई लोगों के खिलाफ बलवा सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।

    पुलिस के अनुसार मझौली क्षेत्र के एक युवक और युवती के बीच लंबे समय से परिचय और मित्रता थी। इसी दौरान दोनों के बीच संबंधों को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। पुलिस के मुताबिक युवती की शादी अन्यत्र तय हो जाने के बाद युवक द्वारा कथित रूप से कुछ आपत्तिजनक संदेश भेजे गए, जिससे दोनों परिवारों के बीच तनाव बढ़ गया।

    विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के परिजन आपसी बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन सहमति बनने के बजाय मतभेद और गहरे हो गए। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच माहौल लगातार तनावपूर्ण बना रहा।

    शुक्रवार रात स्थिति अचानक बिगड़ गई। पुलिस के अनुसार दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इस दौरान लाठी-डंडों से मारपीट हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

    घटना के दौरान कुछ वाहनों में आग लगाए जाने की भी जानकारी सामने आई है। सड़क किनारे खड़े दोपहिया वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। आग की लपटें उठने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही Nehru Khandate के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और हालात को नियंत्रित किया। इसके बाद फायर ब्रिगेड की मदद से जलते हुए वाहनों में लगी आग पर काबू पाया गया।

    मामले को लेकर Sampat Upadhyay ने बताया कि प्रारंभिक जांच में प्रेम प्रसंग और मोबाइल संदेशों को लेकर विवाद की बात सामने आई है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर काउंटर एफआईआर दर्ज की है। बलवा, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत लगभग 16 लोगों को नामजद किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। आगजनी और संपत्ति को हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

  • झाबुआ में भैंस चोरी के आरोप में पूर्व विधानसभा प्रत्याशी गिरफ्तार, पुलिस रिमांड पर पूछताछ जारी

    झाबुआ में भैंस चोरी के आरोप में पूर्व विधानसभा प्रत्याशी गिरफ्तार, पुलिस रिमांड पर पूछताछ जारी


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Jhabua जिले में मवेशी चोरी के एक मामले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना दिया है। पुलिस ने भैंस चोरी के आरोप में एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में झाबुआ सीट से उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ चुका था। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ दर्ज शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है और मामले की जांच जारी है।

    पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान बालूसिंह के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने एक गांव से भैंस चोरी की थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय से पुलिस को आरोपी की रिमांड भी प्राप्त हुई है, जिसके आधार पर उससे पूछताछ की जा रही है।

    जांच अधिकारियों के मुताबिक अब तक दो भैंस चोरी होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से एक छोटी भैंस बरामद कर ली गई है, जबकि दूसरी भैंस के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में संकेत मिले हैं कि दूसरी भैंस को कहीं बेच दिया गया हो सकता है। इस संबंध में विभिन्न स्थानों पर जानकारी एकत्र की जा रही है।

    मामले की एक खास बात यह भी बताई जा रही है कि जिस गांव में चोरी की घटना हुई, वहां आरोपी के रिश्तेदारी संबंध होने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस फिलहाल मामले की जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कर रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से यह भी पूछा जा रहा है कि चोरी किए गए मवेशियों को कहां ले जाया गया और उनसे जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या आरोपी का संबंध किसी बड़े मवेशी चोरी गिरोह से है या यह एक अलग घटना थी।

    वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में आरोपी ने झाबुआ सीट से चुनावी मैदान में किस्मत आजमाई थी। राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति का इस प्रकार के आपराधिक मामले में नाम सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मामले की अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    पुलिस ने बताया कि रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ की जाएगी। यदि पूछताछ में अन्य चोरी की घटनाओं या सहयोगियों की जानकारी सामने आती है, तो उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस जल्द ही पूरे घटनाक्रम का विस्तृत खुलासा करने की बात कह रही है।