Author: bharati

  • भोपाल में ‘लीडकॉन 2026’ का सफल आयोजन, छात्रों को मिला करियर और नेतृत्व का मार्गदर्शन

    भोपाल में ‘लीडकॉन 2026’ का सफल आयोजन, छात्रों को मिला करियर और नेतृत्व का मार्गदर्शन


    भोपाल। जय नारायण कॉलेज भोपाल में ‘लीडकॉन 2026’ का सफल आयोजन, छात्रों को मिला करियर और नेतृत्व का मार्गदर्शन
    ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (जेएनसीबीएम), भोपाल में भोपाल मैनेजमेंट एसोसिएशन (बीएमए) के सहयोग से दो दिवसीय “लीडकॉन 2026” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं मार्गदर्शन प्राचार्य डॉ. नेहा शर्मा के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को करियर निर्माण, नेतृत्व विकास तथा उद्योग जगत की वर्तमान आवश्यकताओं से अवगत कराना था।

    बीएमए के वरिष्‍ठ समन्‍वयक अधिकारी एडवोकेट जीके छिब्‍बर ने शुक्रवार को बताया कि आगे भी हमारी इस तरह की गतिविधियों को बड़ी योजना है जिस पर कार्य चल रहा है। उन्‍होंने बताया कि कार्यक्रम में चार प्रतिष्ठित मानव संसाधन (एचआर) विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए छात्रों का मार्गदर्शन किया। इनमें अमेरिका स्थित नेटलिंक सॉफ्टवेयर ग्रुप की एचआर प्रोफेशनल मोनिका सांगवानी, आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट के एचआर एवं औद्योगिक संबंध (आईआर) विशेषज्ञ अनिल दुबे, जीआरआई एचआर सॉल्यूशंस के एचआर सलाहकार विजय जी. जैन तथा ल्यूपिन लिमिटेड की पूर्व एचआर प्रमुख विंसी सेबेस्टियन शामिल थीं।

    विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को रोजगार की तैयारी, साक्षात्कार में सफलता, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, संचार कौशल तथा कॉर्पोरेट जगत की अपेक्षाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपने प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए।

    समापन समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. आर. जी. चौकसे (पूर्व अधिष्ठाता, अकादमिक एवं छात्र कल्याण, एनआईटीटीटीआर, भोपाल) तथा भोपाल मैनेजमेंट एसोसिएशन (बीएमए) के प्रतिनिधि श्री आमिर खान, प्रबंधक, बीएमए विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा महाविद्यालय के वार्षिक समाचार-पत्र (न्यूजलेटर) का विमोचन किया गया। समाचार-पत्र में विद्यार्थियों की उपलब्धियों, शैक्षणिक गतिविधियों एवं संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों को स्थान दिया गया है।

    कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गोविंद भार्गव, कुलसचिव डॉ. मोहित पंड्या, निदेशक डॉ. रविशंकर मिश्रा, अधिष्ठाता (शैक्षणिक) डॉ. मीतू सिंह, प्रवेश निदेशक अरुण पटेल एवं प्राचार्य डॉ. नेहा शर्मा सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

    सभी वक्ताओं एवं अतिथियों ने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने, निरंतर सीखने तथा अपने कौशल का सतत विकास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को उद्योग जगत की अपेक्षाओं को समझने तथा अपने करियर को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    लगभग 250 विद्यार्थियों की सहभागिता वाला यह दो दिवसीय कार्यक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं उपयोगी रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए महाविद्यालय प्रबंधन, भोपाल मैनेजमेंट एसोसिएशन, आयोजन समिति एवं सभी प्रतिभागियों की सराहना की गई। लीडकॉन 2026 विद्यार्थियों के लिए भविष्य की दिशा निर्धारित करने वाला एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावशाली आयोजन सिद्ध हुआ।

  • बिहार में शराबबंदी के बावजूद बढ़े शराब सेवन के मामले, NDPS मामलों में 150% उछाल ने बढ़ाई चिंता

    बिहार में शराबबंदी के बावजूद बढ़े शराब सेवन के मामले, NDPS मामलों में 150% उछाल ने बढ़ाई चिंता


    नई दिल्ली। बिहार में वर्ष 2016 में लागू की गई पूर्ण शराबबंदी को सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना गया था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस पहल का विशेष रूप से महिलाओं ने स्वागत किया था, क्योंकि इससे घरेलू हिंसा, आर्थिक नुकसान और शराब की लत से जुड़ी समस्याओं में कमी आने की उम्मीद जताई गई थी। हालांकि, आठ वर्ष बाद सामने आए आंकड़े एक अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं।

    शराबबंदी के बावजूद बढ़े शराब सेवन के मामले
    भारत सरकार के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) 2023-24 की रिपोर्ट के अनुसार बिहार में 15 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 16.5 प्रतिशत पुरुषों ने शराब सेवन की बात स्वीकार की है। यह आंकड़ा पिछले सर्वे NFHS-5 (2019-21) के 15.4 प्रतिशत की तुलना में अधिक है। इतना ही नहीं, 0.4 प्रतिशत महिलाओं ने भी शराब पीने की बात मानी है। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि शराबबंदी के बावजूद शराब सेवन पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पाया है।

    ग्रामीण इलाकों में अधिक प्रभावहीन दिखी शराबबंदी
    सर्वे के मुताबिक ग्रामीण बिहार में 17.1 प्रतिशत पुरुष शराब का सेवन करते हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 12.8 प्रतिशत है। विशेषज्ञों का मानना है कि गांवों में अवैध शराब की उपलब्धता और निगरानी की सीमित व्यवस्था के कारण प्रतिबंध का असर अपेक्षाकृत कम दिखाई देता है।

    शराब की जगह नशीली दवाओं की ओर बढ़ा रुझान
    विशेषज्ञों के अनुसार शराबबंदी के बाद नशे के आदी लोगों का एक वर्ग अन्य विकल्पों की ओर मुड़ गया। पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) के चिकित्सकों ने भी नशीली दवाओं, नींद की गोलियों और फार्मास्यूटिकल उत्पादों के दुरुपयोग में वृद्धि की ओर संकेत किया है।

    हाल के वर्षों में पुलिस ने कोडीन युक्त कफ सिरप की बड़ी खेपें भी जब्त की हैं। कोडीन का अधिक मात्रा में सेवन नशे का प्रभाव पैदा करता है और इसे शराब के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

    चार साल में NDPS मामलों में 150 प्रतिशत की बढ़ोतरी
    राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, नशीले पदार्थों और मन:प्रभावी दवाओं से जुड़े अपराधों के लिए लागू NDPS अधिनियम के तहत बिहार में दर्ज मामलों की संख्या लगातार बढ़ी है।

    वर्ष 2020 में जहां ऐसे 964 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2024 में इनकी संख्या बढ़कर 2,411 तक पहुंच गई। यानी चार वर्षों में करीब 150 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

    आंकड़े उठा रहे हैं बड़े सवाल
    शराबबंदी लागू होने के समय उम्मीद की गई थी कि इससे नशे की प्रवृत्ति में कमी आएगी, परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी और सामाजिक समस्याओं पर नियंत्रण मिलेगा। लेकिन हालिया आंकड़े बताते हैं कि शराब सेवन पूरी तरह नहीं रुका और नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

    NFHS और NCRB के आंकड़े मिलकर यह सवाल खड़ा करते हैं कि क्या केवल प्रतिबंध लगाने से नशे की समस्या का स्थायी समाधान संभव है, या इसके लिए जागरूकता, पुनर्वास और प्रभावी निगरानी जैसे व्यापक उपायों की भी आवश्यकता है।

  • 15 जून का दुर्लभ ग्रह संयोग चमकाएगा किस्मत, बुधादित्य राजयोग से 4 राशियों को मिलेगा विशेष लाभ

    15 जून का दुर्लभ ग्रह संयोग चमकाएगा किस्मत, बुधादित्य राजयोग से 4 राशियों को मिलेगा विशेष लाभ


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार 15 जून को एक महत्वपूर्ण ग्रह परिवर्तन होने जा रहा है। ग्रहों के राजा सूर्य वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से ही बुध देव विराजमान हैं। सूर्य और बुध की युति से अत्यंत शुभ बुधादित्य राजयोग का निर्माण होगा, जिसे करियर, प्रतिष्ठा, बुद्धि और आर्थिक उन्नति के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।

    ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस योग के शुरुआती चरण में चंद्रमा की उपस्थिति से त्रिग्रही योग का प्रभाव भी बनेगा, जिससे इसका शुभ असर और बढ़ जाएगा। इस महासंयोग का सबसे अधिक लाभ चार राशियों के जातकों को मिलने की संभावना है।

    मेष राशि: करियर में तरक्की और कारोबार में लाभ के संकेत
    मेष राशि के जातकों के लिए यह योग कार्यक्षेत्र में नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति और वेतन वृद्धि मिलने के योग हैं, जबकि नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को भी सफलता मिल सकती है।

    व्यापार से जुड़े लोगों के लिए यह समय नई शुरुआत और विस्तार के लिहाज से अनुकूल माना जा रहा है। बाजार में प्रतिष्ठा बढ़ेगी और लाभ के अवसर मजबूत होंगे। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी पुरानी परेशानियों में भी राहत मिलने की संभावना है।

    वृषभ राशि: अटके काम बनेंगे, भाग्य देगा साथ
    वृषभ राशि वालों के लिए यह राजयोग लंबे समय से रुके हुए कार्यों को गति दे सकता है। सरकारी प्रक्रियाओं या अन्य कारणों से अटके मामलों के समाधान के संकेत हैं।

    प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। इसके अलावा धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी तथा लंबी दूरी की यात्राओं के योग भी बन सकते हैं।

    मिथुन राशि: आत्मविश्वास बढ़ेगा, मिलेगा मान-सम्मान
    मिथुन राशि में ही यह बुधादित्य राजयोग बनने से इस राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। कार्यस्थल पर नेतृत्व क्षमता उभरकर सामने आएगी और वरिष्ठ अधिकारियों से सराहना प्राप्त हो सकती है।

    व्यापार में बड़ी डील या नया अवसर मिलने के संकेत हैं। आर्थिक मामलों में अचानक लाभ हो सकता है और अटका हुआ धन वापस मिलने की संभावना भी बन रही है। इस दौरान व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा और संवाद कौशल से लोगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

    सिंह राशि: आय में वृद्धि और पारिवारिक सुख
    सूर्य की स्वामित्व वाली सिंह राशि के लिए यह ग्रह संयोग बेहद शुभ माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बनने से आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और धन संचय के अवसर बढ़ेंगे।

    पारिवारिक जीवन में चल रही समस्याएं दूर होने के संकेत हैं। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और रिश्तों में मधुरता आएगी। वहीं निवेश की योजना बना रहे लोगों के लिए भी यह समय अनुकूल माना जा रहा है।

    ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा यह संयोग
    ज्योतिष शास्त्र में बुधादित्य राजयोग को बुद्धिमत्ता, नेतृत्व क्षमता, आर्थिक प्रगति और सामाजिक प्रतिष्ठा का कारक माना जाता है। 15 जून को बनने वाला यह विशेष ग्रह संयोग कई लोगों के लिए नए अवसर और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है।

  • MP: भिंड-मुरैना समेत 6 जिलों में आज ओलावृष्टि का अलर्ट, 17-18 जून तक प्रदेश में दस्तक दे सकता है मानसून

    MP: भिंड-मुरैना समेत 6 जिलों में आज ओलावृष्टि का अलर्ट, 17-18 जून तक प्रदेश में दस्तक दे सकता है मानसून


    भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री अब 3 से 4 दिन की देरी से होने के संकेत हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मानसून 17 से 18 जून के बीच प्रदेश के दक्षिणी जिलों में पहुंच सकता है। अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो अगले 10 से 15 दिनों के भीतर यह पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा।

    मानसून के आगमन से पहले प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक शुक्रवार को मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, बुरहानपुर, खंडवा, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है। आंधी की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है।

    इन जिलों में बरकरार रहेगा गर्मी का असर
    मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन जिलों में आंधी या बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। ऐसे में इन क्षेत्रों में गर्मी का असर जारी रहने की संभावना है।

    ग्वालियर में आधा इंच बारिश, कई जिलों में बदला मौसम
    गुरुवार को प्रदेश में आंधी और बारिश के बीच गर्मी का प्रभाव भी बना रहा। ग्वालियर में करीब आधा इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं मंडला, सिवनी, दतिया समेत कई जिलों में शाम तक बारिश हुई। दूसरी ओर कई शहरों के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रदेश के प्रमुख शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जबलपुर में 41.3 डिग्री, भोपाल और उज्जैन में 39.7 डिग्री तथा इंदौर में 38 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    खजुराहो और नौगांव रहे सबसे गर्म
    प्रदेश में सबसे अधिक तापमान खजुराहो और नौगांव में 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा दमोह में 42.8 डिग्री, सतना में 42.7 डिग्री, रीवा में 42.5 डिग्री, दतिया में 42.2 डिग्री, टीकमगढ़ और मंडला में 42 डिग्री, उमरिया में 41.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 41.4 डिग्री, मलाजखंड में 41.1 डिग्री, रायसेन और राजगढ़ में 41 डिग्री, गुना में 40.7 डिग्री, खंडवा में 40.5 डिग्री, सागर में 40.4 डिग्री तथा श्योपुर में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    ब्रेक के बाद फिर सक्रिय हुआ मानसून
    मौसम विभाग के अनुसार एक दिन के विराम के बाद 11 जून को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर से प्रगति की है। यदि मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और 17 या 18 जून तक मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।

    इन मौसम प्रणालियों का दिख रहा असर
    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के पूर्वी हिस्से से एक टर्फ लाइन गुजर रही है। इसके साथ ही ऊपरी हवा में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक अन्य ट्रफ सक्रिय है। इन्हीं मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।

  • भोपाल में बच्चों के लिए नई पहल: शुरू होगा ‘लिटिल रीडर्स क्लब’, कहानी, क्विज और क्रिएटिव एक्टिविटी से बढ़ेगा पढ़ने का शौक

    भोपाल में बच्चों के लिए नई पहल: शुरू होगा ‘लिटिल रीडर्स क्लब’, कहानी, क्विज और क्रिएटिव एक्टिविटी से बढ़ेगा पढ़ने का शौक


    नई दिल्ली। भोपाल में बच्चों को मोबाइल स्क्रीन से दूर कर किताबों की दुनिया से जोड़ने और उनमें पढ़ने की आदत विकसित करने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल शुरू की जा रही है। शहर की प्रतिष्ठित स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी, न्यू मार्केट में 14 जून (रविवार) से ‘लिटिल रीडर्स क्लब’ का शुभारंभ किया जाएगा। यह क्लब 4 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य उन्हें कहानियों, पुस्तकों और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित करना है।

    लाइब्रेरी प्रबंधन के अनुसार, इस क्लब को विशेष रूप से बच्चों की उम्र के अनुसार दो समूहों में बांटा गया है। ‘लिटिल बड्स’ समूह में 4 से 8 वर्ष के बच्चों को कहानी सुनाने, चित्र पुस्तकों की दुनिया से परिचित कराने और प्रारंभिक पठन गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। वहीं ‘पेज टर्नर्स’ समूह (9 से 14 वर्ष) के बच्चों के लिए पुस्तक पठन के साथ-साथ संवादात्मक चर्चा, विचार-विमर्श और रचनात्मक अभिव्यक्ति पर जोर दिया जाएगा।

    शुभारंभ कार्यक्रम 14 जून को शाम 5 बजे आयोजित किया जाएगा, जिसमें बच्चों के लिए कई रोचक गतिविधियां शामिल होंगी। इनमें ‘बुक जैकेट डिजाइन’ के तहत बच्चे अपनी पसंदीदा किताब का नया कवर तैयार करेंगे और उस पर आकर्षक परिचय लिखेंगे। इसके अलावा ‘बुक पिच’ गतिविधि में बच्चे विज्ञापन विशेषज्ञ की तरह अपनी पसंदीदा पुस्तक को प्रस्तुत करेंगे, जिससे उनकी अभिव्यक्ति क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।

    कार्यक्रम में कहानी वाचन, पुस्तक चर्चा, चित्रकला, क्राफ्ट, शब्द और पहेली खेल, रचनात्मक लेखन, रोल प्ले, क्विज प्रतियोगिता और समूह गतिविधियां भी शामिल होंगी। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, कल्पनाशक्ति, टीमवर्क और संचार कौशल को विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

    लाइब्रेरी के प्रबंधक यतीश भटेले ने बताया कि यह क्लब हर 15 दिनों में नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा, ताकि बच्चों में लगातार पढ़ने की आदत विकसित हो सके। क्लब का संचालन तूलिका श्री और अनीर्बन चक्रवर्ती करेंगे, जो लंबे समय से साहित्य और बाल गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।

    इस पहल को लेकर अभिभावकों में भी उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि आज के डिजिटल युग में बच्चों को किताबों से जोड़ना एक बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में यह क्लब बच्चों के मानसिक विकास और रचनात्मक सोच को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

  • भोपाल ब्रेकिंग: बैरागढ़ रोड पर पटाखा दुकान में भीषण आग, 70 फीट तक उठीं लपटें, लगातार धमाकों से दहला इलाका

    भोपाल ब्रेकिंग: बैरागढ़ रोड पर पटाखा दुकान में भीषण आग, 70 फीट तक उठीं लपटें, लगातार धमाकों से दहला इलाका


    नई दिल्ली। भोपाल में शुक्रवार तड़के एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब बैरागढ़ रोड स्थित हलालपुरा इलाके में एक पटाखा दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। यह हादसा सुबह करीब 3 बजे हुआ, जब पूरा इलाका गहरी नींद में था। आग लगते ही दुकान के अंदर रखे पटाखों में लगातार विस्फोट शुरू हो गए, जिससे पूरा क्षेत्र तेज धमाकों से गूंज उठा और आसपास के लोग दहशत में आ गए।

    आग इतनी भीषण थी कि उसकी लपटें आसमान में करीब 70 फीट तक उठती दिखाई दीं। लगातार हो रहे धमाकों के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया और आसपास की सड़कों तक पटाखों के टुकड़े उड़कर गिरने लगे। यह दुकान हलालपुरा क्षेत्र में स्थित सुंदर वन गार्डन के ठीक सामने है, जो मुख्य सड़क से सटी हुई है। दिन के समय इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक रहता है और आसपास वाहन भी खड़े रहते हैं, लेकिन गनीमत रही कि घटना देर रात हुई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

    सूचना मिलते ही फतेहगढ़, बैरागढ़, गांधीनगर सहित कई फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर फाइटर्स ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन लगातार हो रहे धमाकों के कारण राहत कार्य में कठिनाई आई। करीब साढ़े तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, हालांकि सुबह 7 बजे तक भी दुकान से धुआं उठता रहा।

    फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दुकान में बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण किया गया था, जो पूरी तरह जलकर खाक हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। घटना स्थल के पास ही एक पेट्रोल पंप भी स्थित है, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई थी।

    स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर एक तरफ की सड़क को बंद कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित रहा। साथ ही बिजली विभाग ने एहतियातन इलाके की बिजली सप्लाई भी बंद कर दी, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।

    फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसा शॉर्ट सर्किट से हुआ या किसी अन्य वजह से।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। वहीं, प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने की बात कही है।

  • आज का राशिफल 12 जून 2026: मिथुन राशि में दिखेगा आर्थिक उछाल, जानें सभी 12 राशियों का हाल

    आज का राशिफल 12 जून 2026: मिथुन राशि में दिखेगा आर्थिक उछाल, जानें सभी 12 राशियों का हाल


    नई दिल्ली । 12 जून 2026 का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर, आर्थिक प्रगति और पारिवारिक सुख लेकर आ रहा है। मिथुन राशि के जातकों के लिए दिन विशेष रूप से लाभकारी रहेगा, वहीं कुछ राशियों को सतर्कता और धैर्य की आवश्यकता होगी।

     मेष राशि: नए प्रयोगों से बढ़ेगा लाभ
    मेष राशि के जातक आज अपने कार्यों में अलग सोच के साथ आगे बढ़ेंगे। करियर में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे और पारिवारिक सहयोग बढ़ेगा। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

    वृषभ राशि: निवेश में रखें सावधानी
    वृषभ राशि वालों को आज व्यापार में सामान्य स्थिति का सामना करना पड़ेगा। कोई भी बड़ा निर्णय सोच-समझकर लें। लुभावने प्रस्तावों से बचें और कानूनी मामलों में सावधानी रखें।

    मिथुन राशि: आर्थिक पक्ष में जबरदस्त उछाल
    मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन बेहद शुभ है। कारोबार में तेजी आएगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। बड़े लक्ष्य पूरे होंगे और कार्यक्षेत्र में अनुकूलता मिलेगी। आत्मविश्वास बढ़ेगा और सफलता के नए रास्ते खुलेंगे।

    कर्क राशि: रिश्तों में बढ़ेगा स्नेह
    कर्क राशि के लोग परिवार और मित्रों के साथ अच्छा समय बिताएंगे। कार्यक्षेत्र में नई योजनाओं को गति मिलेगी और सम्मान बढ़ेगा।

    सिंह राशि: अवसरों से भरा दिन
    सिंह राशि वालों के लिए करियर में नए अवसर मिलेंगे। धार्मिक और सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। आय में वृद्धि के योग हैं।

    कन्या राशि: सावधानी से करें कार्य
    कन्या राशि वालों को स्वास्थ्य और कार्य दोनों में सतर्क रहना होगा। छोटी गलती नुकसान का कारण बन सकती है।

    तुला राशि: दांपत्य जीवन में मधुरता
    तुला राशि के जातकों के लिए पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। व्यापार विस्तार के योग बनेंगे और रिश्तों में मजबूती आएगी।

    वृश्चिक राशि: खर्चों पर रखें नियंत्रण
    वृश्चिक राशि वालों को बजट और खर्च पर ध्यान देने की जरूरत है। भावनाओं में बहने से बचें।

    धनु राशि: संवाद से मिलेगा लाभ
    धनु राशि के जातकों के लिए मित्रों और परिवार के साथ समय अच्छा रहेगा। प्रतिभा प्रदर्शन में सफलता मिलेगी।

    मकर राशि: निजी मामलों पर फोकस बढ़ेगा
    मकर राशि वालों का ध्यान निजी जीवन और कार्यक्षेत्र दोनों पर रहेगा। वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा।

    कुंभ राशि: आत्मविश्वास में बढ़ोतरी
    कुंभ राशि के जातकों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। भाई-बंधुओं का सहयोग मिलेगा और कार्यों में तेजी आएगी।

    मीन राशि: आर्थिक मजबूती का समय
    मीन राशि वालों के लिए घर-परिवार में सुख और समृद्धि बढ़ेगी। आर्थिक योजनाएं सफल होंगी और धन लाभ के योग बनेंगे।

    12 जून 2026 का दिन कुल मिलाकर कई राशियों के लिए प्रगति और अवसरों से भरा रहेगा। विशेष रूप से मिथुन राशि वालों के लिए यह दिन आर्थिक और व्यावसायिक दृष्टि से बेहद शुभ साबित होगा।

  • क्षेत्रीय सुरक्षा संकट गहराया, मिसाइल हमलों की आशंका के बीच कुवैत ने एयरस्पेस बंद कर उठाया एहतियाती कदम

    क्षेत्रीय सुरक्षा संकट गहराया, मिसाइल हमलों की आशंका के बीच कुवैत ने एयरस्पेस बंद कर उठाया एहतियाती कदम

    नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ते सैन्य तनाव के बीच कुवैत ने एक महत्वपूर्ण और एहतियाती कदम उठाते हुए अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की है। यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब क्षेत्र में सुरक्षा हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं और नागरिक विमानन गतिविधियों पर संभावित खतरों की आशंका बढ़ गई है। कुवैत के इस कदम को क्षेत्रीय सुरक्षा रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य यात्रियों, विमान सेवाओं और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

    कुवैत के नागरिक उड्डयन प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के बाद देश के हवाई क्षेत्र में नागरिक विमानों की आवाजाही रोक दी गई। इसके साथ ही कई अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय उड़ानों का मार्ग बदलकर उन्हें वैकल्पिक हवाई अड्डों की ओर भेजा गया। कुछ समय तक कई विमान कुवैत की सीमा के बाहर मंडराते रहे, जिसके बाद उन्हें नए मार्गों पर भेजा गया। इस फैसले से क्षेत्रीय विमानन नेटवर्क पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

    सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार हाल के दिनों में क्षेत्र में बढ़ी सैन्य गतिविधियों और मिसाइल हमलों की आशंकाओं को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में कुवैत की वायु रक्षा प्रणालियों को भी सक्रिय रखा गया है। रक्षा तंत्र लगातार हवाई गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते जवाब दिया जा सके।

    कुवैत सरकार का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में नागरिक विमानन संचालन को सामान्य रूप से जारी रखना जोखिमपूर्ण हो सकता है। इसलिए सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एयरस्पेस बंद करने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पूरी तरह एहतियाती है और स्थिति की निरंतर समीक्षा की जा रही है। हालात सामान्य होने के बाद हवाई क्षेत्र को दोबारा खोले जाने पर निर्णय लिया जाएगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव व्यापार, परिवहन और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों पर भी पड़ सकता है। खाड़ी क्षेत्र दुनिया के सबसे व्यस्त विमानन गलियारों में शामिल है और यहां किसी भी प्रकार की सुरक्षा चुनौती का असर कई देशों की उड़ान सेवाओं पर पड़ता है। ऐसे में कुवैत का फैसला क्षेत्रीय विमानन सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    हाल के दिनों में क्षेत्र में हुई घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। कुवैत ने यह भी संकेत दिया है कि नागरिक विमानन यातायात को किसी प्रकार के संभावित खतरे से बचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ हवाई निगरानी तंत्र को भी सक्रिय रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

    कुवैत द्वारा एयरस्पेस बंद करने का यह निर्णय इस बात का संकेत है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का प्रभाव अब सीधे नागरिक ढांचे और अंतरराष्ट्रीय परिवहन व्यवस्थाओं पर दिखाई देने लगा है। आने वाले दिनों में क्षेत्रीय हालात किस दिशा में बढ़ते हैं, इस पर न केवल सुरक्षा एजेंसियों बल्कि वैश्विक विमानन क्षेत्र की भी नजर बनी रहेगी।

  • थाली में पानी गिरने से शुरू हुआ विवाद, मारपीट में महिला घायल: टांके लगे, 5 दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं, एसपी ऑफिस के चक्कर लगा रही पीड़िता

    थाली में पानी गिरने से शुरू हुआ विवाद, मारपीट में महिला घायल: टांके लगे, 5 दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं, एसपी ऑफिस के चक्कर लगा रही पीड़िता


    मध्‍य प्रदेश । शिवपुरी जिले के सीहोर थाना क्षेत्र के ग्राम गनियार में एक मामूली-सी बात ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया, जो अब पुलिस कार्रवाई को लेकर सवालों के घेरे में है। गांव निवासी सीमा कुशवाह ने दो पड़ोसी भाइयों पर गंभीर मारपीट का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद से वह लगातार न्याय की मांग कर रही हैं, लेकिन पांच दिन बीत जाने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई है।

    घटना 7 जून की सुबह की बताई जा रही है, जब सीमा कुशवाह अपने घर में खाना खा रही थीं। इसी दौरान पड़ोसी दौलत सिंह कुशवाह ने कथित रूप से अपने घर की पाइपलाइन चालू कर दी, जिससे पानी बहकर उनकी थाली में गिर गया। इस बात को लेकर सीमा ने विरोध जताया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

    पीड़िता का आरोप है कि विवाद के दौरान दौलत सिंह ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उनके चेहरे और नाक के पास गंभीर चोटें आईं। चोट इतनी गंभीर थी कि उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां डॉक्टरों ने टांके लगाए। इसी दौरान दूसरे आरोपी सतेन्द्र कुशवाह भी मौके पर पहुंच गया और दोनों भाइयों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। जब पीड़िता के पति बीच-बचाव करने आए, तो उनके साथ भी मारपीट की गई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

    घटना के बाद पीड़िता ने सीहोर थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद उन्होंने जनसुनवाई में पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। सीमा कुशवाह के अनुसार, एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था और उन्हें थाने भेजा गया, लेकिन वहां भी FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्हें वापस एसपी कार्यालय भेज दिया गया, जिससे वे लगातार चक्कर काटने को मजबूर हैं।

    पीड़िता का कहना है कि वह पिछले पांच दिनों से न्याय की मांग कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने एक बार फिर एसपी कार्यालय पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने, जांच कराने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

    यह मामला न केवल एक घरेलू विवाद से शुरू होकर गंभीर मारपीट तक पहुंच गया, बल्कि पुलिस कार्रवाई की धीमी गति को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है। पीड़िता लगातार प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं, जबकि मामला अभी तक दर्ज नहीं हो सका है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में कब तक कार्रवाई करती है और पीड़िता को न्याय मिल पाता है या नहीं।

  • महंगाई दर में लगातार तीसरे महीने उछाल, ट्रंप के ‘मुझे महंगाई पसंद है’ बयान से गरमाई अमेरिकी राजनीति

    महंगाई दर में लगातार तीसरे महीने उछाल, ट्रंप के ‘मुझे महंगाई पसंद है’ बयान से गरमाई अमेरिकी राजनीति

    नई दिल्ली । अमेरिका की अर्थव्यवस्था एक बार फिर बढ़ती महंगाई की चुनौती से जूझ रही है। गैस और ऊर्जा कीमतों में लगातार वृद्धि के चलते देश की खुदरा महंगाई दर मई महीने में तीन वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिकी प्रशासन आर्थिक स्थिरता और उपभोक्ताओं को राहत देने के दावों पर जोर दे रहा है। महंगाई के नए आंकड़ों ने न केवल आर्थिक विशेषज्ञों बल्कि राजनीतिक विश्लेषकों का भी ध्यान अपनी ओर खींचा है।

    ताजा आर्थिक आंकड़ों के अनुसार मई में खुदरा महंगाई सालाना आधार पर 4.2 प्रतिशत दर्ज की गई, जो पिछले महीने के मुकाबले अधिक है। यह लगातार तीसरा महीना है जब महंगाई दर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मासिक स्तर पर भी कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ा है। विशेष रूप से ईंधन और ऊर्जा क्षेत्र की कीमतों में बढ़ोतरी को इस उछाल का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

    अर्थशास्त्रियों का मानना है कि महंगाई का यह स्तर अमेरिकी केंद्रीय बैंक के निर्धारित लक्ष्य से काफी ऊपर है। फेडरल रिजर्व लंबे समय से महंगाई को नियंत्रित करने और आर्थिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ताजा आंकड़ों ने नीति निर्माताओं की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। यदि कीमतों में इसी तरह वृद्धि जारी रहती है तो ब्याज दरों और मौद्रिक नीतियों को लेकर नए निर्णयों की आवश्यकता पड़ सकती है।

    महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक टिप्पणी ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। महंगाई से जुड़े सवालों के जवाब में उन्होंने आश्चर्यजनक रूप से सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि उन्होंने महंगाई को लेकर चिंता करना छोड़ दिया है और अब उन्हें यह पसंद है। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।

    विश्लेषकों का कहना है कि आर्थिक मुद्दे अमेरिकी मतदाताओं के लिए हमेशा महत्वपूर्ण रहे हैं और महंगाई सीधे आम लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित करती है। ऐसे में राष्ट्रपति की यह टिप्पणी विपक्षी दलों को सरकार पर हमला करने का अवसर दे सकती है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि बढ़ती जीवन-यापन लागत पहले से ही अमेरिकी परिवारों की चिंता का विषय बनी हुई है।

    ट्रंप के बयान के बाद विपक्षी नेताओं और समर्थकों ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। उनका आरोप है कि सरकार आम लोगों की आर्थिक परेशानियों को गंभीरता से नहीं ले रही है। दूसरी ओर प्रशासन समर्थकों का कहना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत स्थिति में है और दीर्घकालिक विकास के संकेत सकारात्मक बने हुए हैं।

    आने वाले महीनों में महंगाई का मुद्दा अमेरिकी राजनीति के केंद्र में रह सकता है। मध्यावधि चुनावों की तैयारियों के बीच आर्थिक प्रदर्शन, रोजगार, ऊर्जा कीमतें और उपभोक्ता खर्च जैसे विषय मतदाताओं के फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं। राजनीतिक दल भी इन मुद्दों को चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पाया तो यह केवल आर्थिक चुनौती नहीं बल्कि राजनीतिक चुनौती भी बन सकती है। फिलहाल बाजार, निवेशक और आम नागरिक सभी आगामी आर्थिक नीतियों और सरकारी कदमों पर नजर बनाए हुए हैं। अमेरिका की आर्थिक दिशा और राजनीतिक बहस दोनों पर महंगाई का प्रभाव आने वाले समय में और स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है।