Author: bharati

  • Gen-Z आंदोलन पर धीरेंद्र शास्त्री का संदेश, विरोध करें, लेकिन गाली-गलौज नहीं, संवाद और मर्यादा रहे

    Gen-Z आंदोलन पर धीरेंद्र शास्त्री का संदेश, विरोध करें, लेकिन गाली-गलौज नहीं, संवाद और मर्यादा रहे


    कटनी। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर एवं कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल में चर्चा में रहे Gen-Z आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और विरोध जताने का अधिकार है, लेकिन विरोध के दौरान अपशब्दों और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

    कटनी के कुठला क्षेत्र में अपने शिष्यों द्वारा निर्मित ‘बागेश्वर बालाजी’ मठ के कार्यक्रम में पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री ने युवाओं से भारतीय संस्कृति और मर्यादा के अनुरूप संवाद करने की अपील की। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में समसामयिक मुद्दों पर भी अपने विचार रखे।

    ‘विरोध हो, लेकिन मर्यादा के साथ’
    धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी के परिवार या मां-बहन के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग भारतीय संस्कृति और सभ्यता के अनुरूप नहीं है। उनका कहना था कि असहमति व्यक्त करते समय भी भाषा और व्यवहार की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है।

    युवाओं से संवाद का रास्ता अपनाने की अपील
    उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। ऐसे में युवाओं को विवाद और कटुता के बजाय संवाद, शांति और संयम का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी बात प्रेमपूर्ण और शालीन भाषा में रखें।

    सावन और कांवड़ यात्रा पर भी दी सलाह
    धीरेंद्र शास्त्री ने सावन माह और कांवड़ यात्रा का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं से भगवान शिव की भक्ति पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के नाम पर ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए जिससे किसी की भावनाएं आहत हों या समाज में विवाद की स्थिति पैदा हो।

    संयम और संस्कार पर दिया जोर
    उन्होंने कांवड़ यात्रियों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आचरण ऐसा होना चाहिए जिससे धर्म और समाज की गरिमा बनी रहे। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी संस्कृति, संस्कार, आपसी प्रेम और सामाजिक सद्भाव में निहित है, जिसे हर हाल में सुरक्षित रखना चाहिए।

  • सफदरजंग अस्पताल की बड़ी उपलब्धि: सीने की हड्डी काटे बिना बदला दिल का वॉल्व, बना विश्व रिकॉर्ड

    सफदरजंग अस्पताल की बड़ी उपलब्धि: सीने की हड्डी काटे बिना बदला दिल का वॉल्व, बना विश्व रिकॉर्ड


    नई दिल्ली। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने रोबोटिक तकनीक की मदद से एक दुर्लभ और जटिल हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक कर चिकित्सा क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की है। डॉक्टरों ने बिना सीने की हड्डी (स्टर्नम) काटे मरीज के खराब हृदय वाल्व को बदल दिया। अस्पताल का दावा है कि इस तरह की सर्जरी दुनिया में पहली बार इस तकनीक और प्रक्रिया से की गई है।

    दाईं ओर था मरीज का दिल
    मरीज जन्म से एक दुर्लभ हृदय विकार से पीड़ित था। उसका दिल सामान्य स्थिति के विपरीत सीने के दाईं ओर था। साथ ही, हृदय की प्रमुख धमनियां भी अपनी सामान्य संरचना से अलग थीं। इस असामान्य बनावट के कारण हृदय का एक वाल्व गंभीर रूप से लीक कर रहा था, जिससे दिल पर लगातार अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था और मरीज की हालत बिगड़ती जा रही थी।

    रोबोटिक तकनीक से हुई जटिल सर्जरी
    डॉ. अनुभव गुप्ता और उनकी टीम ने इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को अंजाम दिया। पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी की तरह सीने की हड्डी काटने के बजाय डॉक्टरों ने सीने में छोटे-छोटे चीरे लगाए। इसके बाद रोबोटिक आर्म्स और हाई-रिजॉल्यूशन 3D कैमरे की सहायता से खराब वाल्व को बदल दिया गया। ऑपरेशन से पहले डॉक्टरों ने मरीज के हृदय का 3D मॉडल तैयार किया, जिससे दिल की असामान्य संरचना को समझने और सर्जरी की सटीक योजना बनाने में मदद मिली।

    अस्पताल का विश्व रिकॉर्ड का दावा
    सफदरजंग अस्पताल के अनुसार, इस तरह की दुर्लभ हृदय संरचना वाले मरीज में बाईं ओर से रोबोटिक तकनीक के जरिए वाल्व रिप्लेसमेंट करने का यह दुनिया का पहला मामला है। अस्पताल ने इसे चिकित्सा विज्ञान में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

    रोबोटिक सर्जरी के फायदे
    डॉक्टरों के मुताबिक, इस तकनीक से ऑपरेशन के दौरान खून की कमी बहुत कम होती है। संक्रमण का खतरा घट जाता है, मरीज को कम दर्द होता है और वह अपेक्षाकृत कम समय में स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी पा सकता है।

    सरकारी अस्पताल के लिए बड़ी उपलब्धि
    अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता शर्मा ने कहा कि यह सफलता सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की तकनीकी क्षमता को दर्शाती है। उनके अनुसार, अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक के माध्यम से अब सरकारी अस्पतालों में भी जटिल से जटिल हृदय रोगों का प्रभावी उपचार संभव हो रहा है।

  • LIVE बुलेटिन में एंकर को आई झपकी, ट्रोल करने के बजाय सोशल मीडिया लोगों ने दिखाई संवेदनशीलता

    LIVE बुलेटिन में एंकर को आई झपकी, ट्रोल करने के बजाय सोशल मीडिया लोगों ने दिखाई संवेदनशीलता


    नई दिल्ली। लाइव न्यूज बुलेटिन के दौरान कुछ सेकंड के लिए ऊंघती नजर आईं एक न्यूज एंकर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, इस बार इंटरनेट पर ट्रोलिंग के बजाय लोगों ने एंकर के प्रति सहानुभूति दिखाई और उनके समर्थन में खुलकर सामने आए।

    कौन हैं एंकर?
    वायरल वीडियो अमेरिका के मेम्फिस स्थित FOX13 न्यूज चैनल का बताया जा रहा है। इसमें न्यूज एंकर डोमिनिक डिलन लाइव बुलेटिन पढ़ते समय कुछ पल के लिए आंखें बंद करती नजर आती हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें हल्की झपकी आ गई। यह दृश्य कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।

    सामने आई थकान की वजह
    वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने इसकी वजह जानने की कोशिश की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोमिनिक डिलन हाल ही में मैटरनिटी लीव के बाद काम पर लौटी हैं। वह दो छोटे बच्चों की मां हैं और बच्चों की देखभाल, नींद की कमी तथा काम की जिम्मेदारियों के कारण काफी थकी हुई थीं। यही वजह रही कि लाइव प्रसारण के दौरान उन्हें कुछ क्षणों के लिए झपकी आ गई।

    ट्रोलिंग नहीं, मिला समर्थन
    आमतौर पर ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर मजाक और मीम्स का कारण बनते हैं, लेकिन इस बार यूजर्स ने अलग रुख अपनाया। बड़ी संख्या में लोगों ने कहा कि कैमरे के सामने काम करने वाला व्यक्ति भी इंसान होता है और थकान किसी को भी महसूस हो सकती है। इसलिए किसी की एक छोटी-सी गलती के आधार पर उसे जज नहीं किया जाना चाहिए।

    भावुक कर देने वाले कमेंट
    सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने एंकर के समर्थन में संदेश लिखे। किसी ने लिखा, “उन्हें जज मत कीजिए, उनका साथ दीजिए।” वहीं, दूसरे यूजर ने कहा कि “वर्किंग पैरेंट्स के लिए नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता।”

    एंकर ने भी दिया सकारात्मक जवाब
    डोमिनिक डिलन ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे सहजता से लिया और समर्थन देने वाले लोगों का आभार जताया। उनके सकारात्मक रवैये की भी सोशल मीडिया पर काफी सराहना हुई।

    संवेदनशीलता का बना उदाहरण
    यह वायरल वीडियो केवल कुछ सेकंड की झपकी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने कामकाजी माता-पिता, विशेषकर छोटे बच्चों की परवरिश कर रही महिलाओं की चुनौतियों पर भी चर्चा छेड़ दी। कई लोगों का कहना है कि किसी की परिस्थितियों को समझे बिना उस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। यह घटना इस बात की भी याद दिलाती है कि हर मुस्कुराते चेहरे के पीछे अपनी चुनौतियां हो सकती हैं। ऐसे में आलोचना के बजाय संवेदनशीलता और सहयोग का भाव अधिक महत्वपूर्ण है।

  • 19 अगस्त से बदलेगी इन 4 राशियों की किस्मत! बुध के नक्षत्र में होगा गुरु का प्रवेश

    19 अगस्त से बदलेगी इन 4 राशियों की किस्मत! बुध के नक्षत्र में होगा गुरु का प्रवेश


    नई दिल्ली। अगस्त का महीना ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान कई प्रमुख ग्रहों की चाल बदलने वाली है। द्रिक पंचांग के अनुसार, 19 अगस्त को देवगुरु बृहस्पति (गुरु) बुध के स्वामित्व वाले अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, यह परिवर्तन कुछ राशियों के लिए करियर, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है।

    क्यों खास है गुरु का अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश?
    ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, संवाद, व्यापार और तर्क का कारक माना जाता है, जबकि गुरु ज्ञान, भाग्य, समृद्धि और विस्तार के प्रतीक हैं। गुरु के बुध के नक्षत्र में प्रवेश से निर्णय क्षमता मजबूत होने, नए अवसर मिलने, व्यापार में वृद्धि और रिश्तों में बेहतर तालमेल बनने की संभावना मानी जाती है।

    मिथुन राशि
    19 अगस्त के बाद मिथुन राशि के जातकों के रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिलने और व्यापार में नई डील मिलने के योग बन सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर भी मिल सकता है।

    कन्या राशि
    कन्या राशि के लोगों के लिए यह गोचर लाभकारी माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में मेहनत की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। नई नौकरी के अवसर बनने, व्यापार के विस्तार और नए संबंध स्थापित होने के संकेत हैं, जिससे पारिवारिक माहौल भी सकारात्मक रह सकता है।

    तुला राशि
    तुला राशि के जातकों के लिए यह समय राहत देने वाला माना गया है। आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे कम हो सकती हैं। नया काम शुरू करने के लिए अनुकूल समय रहेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा और आत्मविश्वास के साथ मानसिक शांति में भी वृद्धि हो सकती है।

    मकर राशि
    मकर राशि के लिए गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन शुभ फलदायी माना जा रहा है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ, रुका हुआ धन वापस मिलने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने की क्षमता में सुधार के संकेत मिल सकते हैं। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार करें ये उपाय
    – भगवान विष्णु की पूजा करें।
    – पीले रंग के वस्त्र धारण करें।
    – पीली दाल, हल्दी और केले का दान करें।
    – ‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः’ मंत्र का नियमित जाप करें।
    – गाय को हरा चारा खिलाएं।
    – वाणी में मधुरता रखें और किसी की भावनाओं को आहत करने से बचें।

  • रांची में 'जंतर-मंतर' जैसा आंदोलन: JPSC-JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप पर छात्रों का उग्र प्रदर्शन

    रांची में 'जंतर-मंतर' जैसा आंदोलन: JPSC-JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप पर छात्रों का उग्र प्रदर्शन


    रांची। झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। जयपाल सिंह स्टेडियम में चल रहा धरना अब राष्ट्रीय स्तर के आंदोलनों जैसी तस्वीर पेश कर रहा है। छात्र दिन-रात प्रदर्शन कर रहे हैं और एक छात्र नेता आमरण अनशन पर बैठ चुके हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि बेरोजगारी ने उनकी नींद पहले ही छीन ली है, अब वे सरकार को जगाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

    बारिश और रातभर प्रदर्शन के बीच कायम रहा आंदोलन
    जयपाल सिंह स्टेडियम में छात्र लगातार धरना दे रहे हैं। बारिश और खराब मौसम के बावजूद प्रदर्शन जारी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन नहीं रुकेगा। आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने मांग की है कि 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

    क्या हैं छात्रों के आरोप?
    प्रदर्शन का मुख्य कारण 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम है। छात्रों का आरोप है कि कटऑफ तय करने में गंभीर अनियमितताएं हुईं। मेरिट सूची पर जिम्मेदार अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं थे। OMR शीट में हेरफेर की आशंका है। परीक्षा आयोजित करने वाली TDPL कंपनी को परीक्षा से पहले राज्य में ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था, फिर भी उसे जिम्मेदारी दी गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि केवल राज्य स्तर की जांच पर्याप्त नहीं है और पूरे मामले की CBI से जांच कराई जानी चाहिए।

    OMR में नए विकल्प की भी मांग
    छात्र भविष्य में विवाद रोकने के लिए OMR शीट में ‘Not Attempted’ (प्रश्न नहीं किया) का अलग विकल्प जोड़ने की मांग भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे उत्तर पुस्तिकाओं में छेड़छाड़ की संभावना कम होगी और मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

    आंदोलन पर सियासत भी तेज
    छात्रों के प्रदर्शन के बीच झारखंड की राजनीति भी गर्मा गई है। सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने सरकार के रुख का समर्थन किया, जबकि विपक्ष ने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग उठाई है। विपक्ष का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

    छात्रों को मिला CJP का समर्थन
    भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ चल रहे आंदोलन को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का भी समर्थन मिला है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आंदोलनरत छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों का समर्थन किया। वहीं, पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी सोशल मीडिया के जरिए छात्रों के साथ खड़े रहने की बात कही।

    मशाल मार्च से बढ़ा दबाव
    करीब एक सप्ताह से जारी सत्याग्रह के बीच छात्रों ने रविवार को मशाल मार्च भी निकाला। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने हाथों में जलती मशालें लेकर विरोध प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि जब तक पूरे मामले की CBI जांच का निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

  • MP में बारिश 15% कम, 42 जिलों में औसत से कम गिरा पानी, 5 अगस्त से फिर बदलेगा मौसम

    MP में बारिश 15% कम, 42 जिलों में औसत से कम गिरा पानी, 5 अगस्त से फिर बदलेगा मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार अभी भी सामान्य से पीछे चल रही है। प्रदेश में अब तक औसतन 15.8 इंच (401.9 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 18.5 इंच (470.5 मिमी) वर्षा होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। राजधानी भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर समेत 42 जिलों में सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 19 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 37.3 इंच मानी जाती है। रविवार को केवल सीहोर जिले में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि अधिकांश जिलों में हल्की बारिश होने से वर्षा के आंकड़ों में खास सुधार नहीं हुआ।

    42 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम
    अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, भोपाल, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं मऊगंज, उमरिया, शहडोल, टीकमगढ़, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां औसत से अधिक वर्षा हो चुकी है।

    सिस्टम सक्रिय, लेकिन असर कमजोर
    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ और दो अन्य मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, लेकिन उनकी तीव्रता कम होने के कारण पिछले दो दिनों से भारी बारिश का दौर थम गया है। अगले दो दिन भी अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जबकि कहीं भी भारी वर्षा का अलर्ट नहीं है।

    5 अगस्त से फिर तेज बारिश के आसार
    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 4 अगस्त से नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 5 अगस्त से मध्य प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी जिलों में एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है।

  • सोमवार के दिन ऐसे करें शिव पूजा भोलेनाथ की कृपा से दूर होंगे संकट खुलेगा सुख समृद्धि और सफलता का मार्ग

    सोमवार के दिन ऐसे करें शिव पूजा भोलेनाथ की कृपा से दूर होंगे संकट खुलेगा सुख समृद्धि और सफलता का मार्ग


    नई दिल्ली। सनातन धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। विशेष रूप से सावन के सोमवार का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि विधान से भगवान भोलेनाथ की पूजा करने से जीवन की अनेक बाधाएं दूर होती हैं और सुख समृद्धि आरोग्य तथा मनचाही सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई शिव आराधना से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की सभी उचित मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

    सोमवार की पूजा की शुरुआत प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने से करनी चाहिए। स्नान के बाद साफ और हल्के रंग के वस्त्र धारण करें तथा पूजा स्थान की सफाई कर भगवान शिव का ध्यान करें। यदि संभव हो तो शिव मंदिर जाकर शिवलिंग का जलाभिषेक करें। घर में पूजा करने वाले श्रद्धालु भी तांबे के पात्र में जल भरकर उसमें गंगाजल मिलाएं और श्रद्धा के साथ शिवलिंग पर अर्पित करें।

    जलाभिषेक के बाद भगवान शिव को दूध दही शहद घी और शक्कर से पंचामृत अर्पित किया जा सकता है। इसके बाद पुनः स्वच्छ जल से अभिषेक करें। पूजा के दौरान बेलपत्र धतूरा आक के फूल सफेद पुष्प भस्म चंदन और मौसमी फल अर्पित करना शुभ माना जाता है। बेलपत्र चढ़ाते समय यह ध्यान रखें कि पत्तियां साफ और खंडित न हों तथा उनका चिकना भाग शिवलिंग की ओर रहे।

    पूजा के समय भगवान शिव के साथ माता पार्वती गणेश जी और नंदी महाराज का भी स्मरण करना चाहिए। इसके बाद धूप दीप जलाकर शिव चालीसा रुद्राष्टक शिव तांडव स्तोत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। ओम नमः शिवाय मंत्र का कम से कम 108 बार जप करना अत्यंत फलदायी माना गया है। श्रद्धा और एकाग्रता के साथ किया गया मंत्र जाप मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।

    यदि सोमवार का व्रत रखा गया है तो दिनभर सात्विक आहार ग्रहण करें या फलाहार करें। क्रोध असत्य और नकारात्मक विचारों से दूर रहना भी इस दिन विशेष महत्व रखता है। जरूरतमंद लोगों को भोजन वस्त्र या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करने से पुण्य फल प्राप्त होता है। गाय को हरा चारा खिलाना और गरीबों की सहायता करना भी भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ उपाय माना गया है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख शांति आती है। अविवाहित युवक युवतियों को योग्य जीवनसाथी मिलने की कामना पूरी होती है। नौकरी व्यापार और करियर में आ रही बाधाएं दूर होने के साथ आर्थिक स्थिति में भी सुधार होने के संकेत मिलते हैं। परिवार में खुशहाली बनी रहती है और मानसिक तनाव कम होता है।

    पूजा के अंत में भगवान शिव की आरती करें और परिवार के सभी सदस्यों को प्रसाद वितरित करें। पूरे दिन शिव नाम का स्मरण करते हुए सदाचार और संयम का पालन करें। ऐसा माना जाता है कि भगवान भोलेनाथ केवल भक्ति और सच्ची श्रद्धा से प्रसन्न होते हैं इसलिए पूजा में दिखावे से अधिक मन की पवित्रता और विश्वास का महत्व होता है। सोमवार के दिन विधि विधान से की गई शिव आराधना जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली मानी जाती है।

  • Aaj Ka Rashifal 3 August 2026: जानें किस राशि को मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सतर्क

    Aaj Ka Rashifal 3 August 2026: जानें किस राशि को मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सतर्क


    नई दिल्ली। 3 अगस्त 2026 सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है। सावन का पावन प्रभाव कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। विशेष रूप से मीन राशि के जातकों पर भोलेनाथ की विशेष कृपा बनी रहेगी और लंबे समय से रुके हुए कार्यों में सफलता मिलने के संकेत हैं। हालांकि कुछ राशियों को आर्थिक मामलों और स्वास्थ्य को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों का आज का राशिफल।

    मेष राशि के जातकों के लिए दिन नई ऊर्जा लेकर आएगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। पारिवारिक माहौल सुखद रहेगा तथा आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी।

    वृषभ राशि वालों को आज खर्चों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है जो भविष्य में लाभदायक साबित होगी। निवेश सोच समझकर करें और जल्दबाजी से बचें।

    मिथुन राशि के लिए आज का दिन करियर के लिहाज से अच्छा रहेगा। नए अवसर मिल सकते हैं और रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा जिससे मन प्रसन्न रहेगा।

    कर्क राशि के लोगों को आज धैर्य बनाए रखने की सलाह है। किसी महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और खानपान संतुलित रखें।

    सिंह राशि के जातकों को आज सम्मान और सफलता मिलने के योग हैं। व्यापार में लाभ होगा और नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा।

    कन्या राशि वालों के लिए दिन मिश्रित फल देने वाला रहेगा। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें और अनावश्यक विवादों से दूरी बनाए रखें। परिवार का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा।

    तुला राशि के लोगों को आज भाग्य का साथ मिलेगा। नए संपर्क भविष्य में लाभ पहुंचा सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल रहेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं।

    वृश्चिक राशि वालों को आज मानसिक शांति बनाए रखने की जरूरत है। कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन आपकी मेहनत की सराहना भी होगी। यात्रा के योग बन सकते हैं।

    धनु राशि के लिए आज का दिन शुभ रहेगा। आर्थिक लाभ के नए अवसर मिलेंगे और रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।

    मकर राशि के जातकों को आज संयम से काम लेना होगा। कार्यक्षेत्र में छोटी चुनौतियां सामने आ सकती हैं लेकिन सूझबूझ से उनका समाधान निकल जाएगा। सेहत पर ध्यान दें।

    कुंभ राशि वालों के लिए दिन सामान्य रहेगा। नौकरी और व्यापार में स्थिरता बनी रहेगी। किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है और पारिवारिक रिश्तों में मधुरता आएगी।

    मीन राशि के लिए सोमवार बेहद शुभ संकेत लेकर आया है। भगवान शिव की विशेष कृपा से लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और करियर में उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे। परिवार में सुख शांति बनी रहेगी तथा धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। शिव पूजा और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना विशेष फलदायी रहेगा।

    ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा अर्चना करने जलाभिषेक करने और जरूरतमंदों की सहायता करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए शुभ कार्य कई बाधाओं को दूर कर सफलता का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।

  • राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत चौथे स्थान पर, 39 पदकों के साथ अभियान समाप्त

    राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत चौथे स्थान पर, 39 पदकों के साथ अभियान समाप्त


    ग्लासगो।
    राष्ट्रमंडल खेल 2026 के सभी मुकाबलों के समापन के साथ भारत ने पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। भारतीय दल ने कुल 39 पदक जीतकर लगातार दूसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों में चौथे स्थान पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

    भारत के खाते में 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक आए। इनमें पुरुष खिलाड़ियों ने 5 स्वर्ण, 13 रजत और 5 कांस्य सहित कुल 23 पदक, जबकि महिला खिलाड़ियों ने 8 स्वर्ण, 4 रजत और 4 कांस्य सहित 16 पदक जीते।

    पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया 70 स्वर्ण, 45 रजत और 56 कांस्य सहित कुल 171 पदकों के साथ शीर्ष पर रहा। इंग्लैंड 110 पदकों के साथ दूसरे और कनाडा 62 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भारत और स्कॉटलैंड दोनों ने 39-39 पदक जीते, लेकिन अधिक रजत पदकों के आधार पर भारत चौथे स्थान पर रहा।

    अहम बात यह रही कि इस बार राष्ट्रमंडल खेल के कार्यक्रम में भारत के मजबूत खेलों में शामिल कुछ प्रमुख स्पर्धाएं नहीं थीं। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बर्मिंघम 2022 की तरह इस बार भी चौथा स्थान हासिल किया।

    भारत के अभियान में मुक्केबाजी, टेबल टेनिस, एथलेटिक्स, भारोत्तोलन, जूडो और अन्य खेलों में खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। महिला खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदकों की संख्या में पुरुषों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारतीय दल की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

  • आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा बैठक सोमवार से, रेपो रेट यथावत रहने की संभावना

    आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा बैठक सोमवार से, रेपो रेट यथावत रहने की संभावना


    नई दिल्ली।
    रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की द्विमासिक मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय समीक्षा बैठक 3 अगस्त से शुरू होकर पांच अगस्त तक चलेगी। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में होने वाली बैठक के निर्णय की जानकारी संजय मल्होत्रा 5 अगस्त को देंगे।

    आर्थिक मामलों के जानकारों ने रविवार को बताया कि आरबीआई पश्चिम एशिया संकट और महंगाई के जोखिमों को देखते हुए इस बार भी अपने नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा और उसे 5.25 फीसदी पर यथावत (अपरिवर्तित) रख सकता है।

    केंद्रीय बैंक ने वृद्धि दर को बढ़ावा देने के लिए पिछले साल नीतिगत ब्याज दर रेपो रेट को 1.25 फीसदी की कटौती की थी। आरबीआई वर्तमान रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर स्थिर रखा है।