Author: bharati

  • Delhi Winter Picnic Spots: सर्दियों में दिल्ली के वो पिकनिक स्पॉट्स जो शोर से दूर सुकून देते हैं

    Delhi Winter Picnic Spots: सर्दियों में दिल्ली के वो पिकनिक स्पॉट्स जो शोर से दूर सुकून देते हैं


    नई दिल्ली। सर्दी का मौसम है। इस मौसम में हवा और माहौल ठंडा होता है लेकिन दोपहर की हल्की सुनहरी धूप अच्छी लगती है। जो लोग नए साल पर कहीं घूमने या ट्रिप पर नहीं जा पाए, वह एक दिन का समय निकालकर इस मौसम में दिल्ली में पिकनिक मनाने जा सकते हैं। पिकनिक के लिए न तो बहुत अधिक समय की जरूरत है और ना ही बहुत ज्यादा खर्च करने की। दोस्तों, परिवार, पार्टनर या बच्चों के साथ पिकनिक पर जाना मजेदार एक्टिविटी हो सकती है। सर्दियों में दिल्ली के कुछ अंडररेटेड पिकनिक स्पाॅट्स पर्यटकों के लिए खुल जाते हैं, जो इंस्टाग्राम से दूर लेकिन दिल के बेहतर करीब हो सकते हैं।

    इन स्पाॅट पर शोर नहीं, सुकून मिलता है। इस सर्दी में दिल्ली के क्लब और कैफ़े तक भूलकर पार्क की ओर रुख करें। जहां आपको पास या टिकट नहीं, सिर्फ एक चादर, घर का बने व्यंजजन और एक दिन का समय चाहिए।

    हौज खास डिस्ट्रिक्ट पार्क, अफ्रीका एवेन्यू
    सर्दियों में हौज खास डिस्ट्रिक्ट पार्क में जाना मजेदार हो सकता है। चौड़े लॉन, पुराने पेड़ों से छनती सर्दियों की धूप और इतना सन्नाटा कि यकीन ही न हो कि आप साउथ दिल्ली में हैं। यह जगह लंच, किताब पढ़ने और गोल्डन आवर वॉक के लिए बनी है। यहां समय तेज नहीं चलता, ठहरकर बहता है।

    मिलेनियम पार्क, सराय काले खा
    खुले आसमान के नीचे फैले लॉन और सामने चमकता शांति स्तूप आपकी छुट्टी को यादगार बना देगा। सराय काले खां में स्थिति मिलेनियम पार्क यह पार्क सर्द शामों को शांत बना देता है। परिवार के साथ पिकनिक, बच्चों की हंसी और सनसेट स्प्रेड्स के लिए यह जगह परफेक्ट है।

    गार्डन ऑफ फाइव सेंसस, साकेत
    साकेत के गार्डन आफ फाइन सेंसस में पिकनिक के लिए जा सकते हैं। ठंडी हवा, फूलों से सजी पगडंडियां और ऐसे शांत कोने, जहां लंबी बातचीत अपने आप गहरी हो जाती है। चिल डेट्स, फोटोग्राफी वॉक और बिना जल्दबाज़ी वाली मुलाक़ातों के लिए आदर्श है।

    डियर पार्क, हौज खास विलेज
    डियर पार्क में खुले वॉकिंग ट्रैक्स, ऊंचे पेड़ और बिना भीड़ के पिकनिक मैट बिछाने की आजादी है। फैमिली पिकनिक, पेट वॉक और सर्द सुबह की सैर के लिए एक भरोसेमंद ठिकाना है।

    नेहरू पार्क, चाणक्यपुरी
    नेहरू पार्क में बड़ा गार्डन है जहां डिप्लोमैटिक इलाके की शांति और सर्दियों की धूप अच्छी मिलती है। आलसी दोपहरों के लिए बनी जगह बेस्ट है। बड़े पिकनिक ग्रुप्स और लेज़ी संडे के लिए क्लासिक चॉइस है।

    अहिंसा स्थल, किला राय पिथौरा, सैनीक फार्म
    शहर के दृश्य दिखाती एक शांत पहाड़ी जगह पर सर्द हवा अपने आप रफ्तार कम कर देती है। शांत सुबह, ध्यान और साइलेंट पिकनिक के लिए यह जगह बोलती नहीं, महसूस कराती है।

    महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क, अनुव्रत मार्ग
    महरौली आर्कियोलाॅजिकल पार्क में पत्थर के स्मारक, जंगलनुमा रास्ते और यहां की खामोशी सुकून भरा दिन बिताने के लिए बेस्ट है। हिस्ट्री लवर्स, लंबे वॉक और सोलो विंटर पिकनिक के लिए यह जगह किसी कविता से कम नहीं है।

    बांसरेरा पार्क, गंगा विहार, सराय काले खां
    सराय काले खां के बांससरेरा पार्क में पिकनिक मनाने जा सकते हैं। यहां बांस से घिरे रास्ते, ठंडी हवा और छायादार जगहें आपको खुश कर देंगी। मॉर्निंग पिकनिक और स्लो नेचर वॉक के लिए यह एक सॉफ्ट, हराभरा अनुभव देगा।

  • मेरे पिता का नाम नहीं मिटाया जा सकता, रितेश देशमुख ने रवींद्र चव्हाण की विवादित टिप्पणी पर किया करारा पलटवार

    मेरे पिता का नाम नहीं मिटाया जा सकता, रितेश देशमुख ने रवींद्र चव्हाण की विवादित टिप्पणी पर किया करारा पलटवार


    मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी तूफान उठ खड़ा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के महाराष्ट्र इकाई अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बारे में विवादित टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में गर्माहट बढ़ा दी है। चव्हाण ने सोमवार को कहा था कि विलासराव देशमुख की यादें उनके गृह नगर लातूर से मिटा दी जाएंगी। इस बयान के बाद कांग्रेस और एनसीपी समेत कई दलों ने कड़ी आपत्ति जताई।

    इस विवाद पर रितेश देशमुख, जो कि विलासराव देशमुख के बेटे और बॉलीवुड अभिनेता हैं, ने मंगलवार को भावुक लेकिन स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक वीडियो बयान जारी करते हुए कहा, मैं हाथ जोड़कर कहना चाहता हूं कि जो लोग जनता के लिए जीते हैं, उनके नाम लोगों के दिलों में गहरी छाप छोड़ जाते हैं। लिखे हुए को मिटाया जा सकता है, लेकिन दिलों पर पड़ी गहरी छाप को नहीं मिटाया जा सकता।

    रितेश का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और उनके समर्थन में लोग सामने आए।

    विलासराव देशमुख महाराष्ट्र के कद्दावर नेताओं में से एक थे। उन्होंने लातूर से कई बार विधायक का चुनाव जीता, दो बार राज्य के मुख्यमंत्री पद पर कार्य किया और केंद्र सरकार में भी मंत्री रहे। उनके योगदान को महाराष्ट्र के विकास और प्रशासनिक स्थिरता के लिए याद किया जाता है। ऐसे में उनके नाम और विरासत को लेकर की गई टिप्पणी ने स्वाभाविक रूप से लोगों की भावनाओं को आहत किया।

    कांग्रेस ने रवींद्र चव्हाण के बयान की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि यह सत्ता के अहंकार और दिवंगत नेता के योगदान को कमतर आंकने का प्रयास है। पार्टी ने कहा कि इस तरह के बयान राजनीतिक मर्यादाओं और देशमुख की विरासत के प्रति अज्ञानता को दर्शाते हैं।

    इसी विवाद में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) भी कूद पड़ी। पार्टी के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक ने कहा कि दिवंगत नेताओं को लेकर नैतिक मर्यादा का पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा, “विलासराव देशमुख लातूर से कई बार चुनाव जीत चुके हैं, महाराष्ट्र के कई बार मुख्यमंत्री रहे और केंद्र में मंत्री भी। दिवंगत आत्माओं के बारे में बोलते समय मर्यादा बनाए रखना सभी के लिए जरूरी है।

    किसी के नाम या विरासत को मिटाने की बात करना उचित नहीं।

    इस पूरे विवाद ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। सोशल मीडिया पर लोग रितेश देशमुख के समर्थन में आए और दिवंगत नेता के योगदान की सराहना कर रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना यह दर्शाती है कि नेता चाहे चले जाएं, लेकिन उनकी विरासत और कार्य आज भी लोगों के दिलों में जिंदा रहती है।

    रितेश देशमुख का यह बयान केवल एक बेटे की भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों की भावना का प्रतिनिधित्व करता है, जिन्होंने विलासराव देशमुख के नेतृत्व और कार्यों को नज़दीक से देखा और अनुभव किया। इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि राजनीति में बयान देते समय भाषा और मर्यादा का ध्यान रखना कितना आवश्यक है।

    फिलहाल, रवींद्र चव्हाण या बीजेपी की महाराष्ट्र इकाई की तरफ से कोई औपचारिक सफाई नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारे इस मामले पर लगातार चर्चा कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विवाद का राजनीतिक नतीजा क्या होता है और मर्यादा के विषय में कोई पहल की जाती है या नहीं।
  • बांग्लादेश की मैच रिशेड्यूलिंग पर BCCI लगाएगा ब्रेक? भारत सरकार का रोल कितना अहम, 5 पॉइंट्स में समझिए

    बांग्लादेश की मैच रिशेड्यूलिंग पर BCCI लगाएगा ब्रेक? भारत सरकार का रोल कितना अहम, 5 पॉइंट्स में समझिए

    नई दिल्ली। मुस्ताफिजुर रहमान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सिर्फ एक खिलाड़ी या एक टीम तक सीमित नहीं रहा है. यह मामला धीरे-धीरे इंटरनेशनल क्रिकेट और भारत-बांग्लादेश रिश्तों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने साफ शब्दों में कहा है कि वह भारत में सुरक्षित महसूस नहीं करता और इसलिए उसने ICC से मांग की है कि T20 वर्ल्ड कप 2026 में उसके मैच भारत की जगह श्रीलंका में कराए जाएं. इस मांग के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या BCCI इस रिशेड्यूलिंग को रोक सकता है और भारत सरकार की इसमें क्या भूमिका होगी.

    ICC की चुप्पी ने बढ़ाया सस्पेंस

    अब तक इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की तरफ से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ICC चेयरमैन जय शाह ने शेड्यूल पर दोबारा विचार करने के संकेत दिए हैं, लेकिन जब तक ICC की तरफ से लिखित या आधिकारिक फैसला सामने नहीं आता, तब तक यह साफ नहीं है कि बांग्लादेश की मांग मानी जाएगी या नहीं. अगले कुछ दिनों में ICC, BCCI और BCB के बीच बैठक हो सकती है, जिसके बाद तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.

    BCCI के अधिकार कितने मजबूत हैं?

    T20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन भारत और श्रीलंका की मेजबानी में हो रहा है. ऐसे में भारत में होने वाले मैचों की ग्राउंड लेवल की जिम्मेदारी BCCI के पास है. स्टेडियम, सिक्योरिटी, टिकटिंग, होटल और ट्रैवल जैसे सारे इंतजाम BCCI देख रही है. अगर ऐन मौके पर मैच दूसरी जगह शिफ्ट होते हैं तो इससे लॉजिस्टिक्स और रेवेन्यू दोनों पर असर पड़ेगा. ऐसे में BCCI के पास यह कहने का पूरा अधिकार है कि अब शेड्यूल बदलना आसान नहीं है.

    भारत सरकार की एंट्री क्यों अहम है

    यह मामला अब सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा. बांग्लादेश सरकार पहले ही IPL 2026 के टेलीकास्ट पर रोक लगाने जैसा सख्त कदम उठा चुकी है. ऐसे में वर्ल्ड कप मैचों की रिशेड्यूलिंग का फैसला दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों को भी प्रभावित कर सकता है. BCCI किसी भी बड़े फैसले से पहले भारत सरकार से सलाह ले सकती है. हाल ही में पूर्व बांग्लादेशी पीएम खालिदा जिया का निधन हो गया था. उसके बाद भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर उनके अंतिम संस्कार पर बांग्लादेश पहुंचे थे. उस दौरान दोनों ही तरफ से एक पॉजिटिव मैसेज गया था. इसलिए विदेश नीति और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार का रुख बेहद अहम होगा.

    ICC बांग्लादेश पर एक्शन ले सकता है?

    क्रिकेट इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं, जब किसी टीम ने सुरक्षा कारणों से मैच खेलने से इनकार किया और उसे नुकसान उठाना पड़ा. 1996 और 2003 वर्ल्ड कप में ऐसा हो चुका है, जहां मैच न खेलने वाली टीमों को अंक गंवाने पड़े थे. यहां तक कि 2016 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था. ऐसे में अगर बांग्लादेश मैच खेलने से इनकार करता है तो ICC कार्रवाई कर सकता है, हालांकि भारत-पाकिस्तान मैचों के उदाहरण के चलते फैसला आसान नहीं होगा.

    बाकी टीमों की परेशानी भी बनेगी मुद्दा

    अगर बांग्लादेश के मैच भारत से हटाकर श्रीलंका किए जाते हैं तो उसके ग्रुप की बाकी टीमों को भी दिक्कत होगी. उन्हें भारत और श्रीलंका के बीच बार-बार सफर करना पड़ेगा, जो टाइट शेड्यूल में मुश्किल है। ऐसे में दूसरी टीमें भी आपत्ति जता सकती हैं.

    कुल मिलाकर, बांग्लादेश की मांग को मानना ICC के लिए आसान फैसला नहीं है. इसमें BCCI, भारत सरकार, दूसरी टीमें और करोड़ों फैंस सभी के हित जुड़े हुए हैं.

  • राम विरोधी है कांग्रेस तेज प्रताप यादव ने तोड़ा चुप्पी, महिलाओं और धार्मिक प्रतीकों के सम्मान की उठाई मांग

    राम विरोधी है कांग्रेस तेज प्रताप यादव ने तोड़ा चुप्पी, महिलाओं और धार्मिक प्रतीकों के सम्मान की उठाई मांग


    नई दिल्ली । तेज प्रताप यादव ने यह बयान केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह के उस बयान के जवाब में दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा योजना का नाम बदलकर वीबी-जी राम जी अधिनियम’ करने का विरोध किया। तेज प्रताप ने पत्रकारों से कहा गिरिराज जी बिल्कुल सही कह रहे हैं। कांग्रेस राम विरोधी है। उनके नेता अपने माथे पर तिलक नहीं लगाते ऐसा करना चाहिए।

    हालांकि तेज प्रताप यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी जातियों समुदायों और धर्मों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा हिंदू मुस्लिम सिख और ईसाई सभी भाई हैं। किसी भी धर्म या जाति का अपमान नहीं होना चाहिए। मेरा आरोप केवल कांग्रेस के रवैये और उसके नेताओं के कार्यों पर है।

    बिहार महिलाओं के खिलाफ टिप्पणी पर कार्रवाई की मांग

    तेज प्रताप यादव ने उत्तराखंड की मंत्री के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा बिहार की महिलाओं के खिलाफ की गई टिप्पणी पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसे अपमानजनक बयान देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। तेज प्रताप ने सवाल उठाया वे किससे माफी मांगेंगे? क्या बिहार की बेटियों ने उन्हें माफ कर दिया है उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल माफी पर्याप्त नहीं है बल्कि ऐसे व्यक्तियों को बिहार आकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी।

    तेज प्रताप यादव के इस बयान ने राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दी है। कांग्रेस पार्टी के खिलाफ राम कृष्ण और महादेव के अपमान के आरोप और महिलाओं के सम्मान को लेकर उठाए गए मुद्दे आगामी राजनीतिक चर्चाओं में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उनका कहना है कि धर्म और संस्कृति का सम्मान हर राजनीतिक दल और नागरिक की जिम्मेदारी है और इसे नजरअंदाज करना स्वीकार्य नहीं। तेज प्रताप का यह रुख न केवल कांग्रेस पर निशाना है बल्कि यह समाज और राजनीति में सांस्कृतिक और धार्मिक संवेदनशीलता बनाए रखने की दिशा में भी एक संदेश है।

  • सर्दी में लोशन लगाने के बाद भी रूखे दिखते हैं हाथ? तो ये 5 टिप्स अपनाकर स्किन बनाएं सॉफ्ट

    सर्दी में लोशन लगाने के बाद भी रूखे दिखते हैं हाथ? तो ये 5 टिप्स अपनाकर स्किन बनाएं सॉफ्ट

    नई दिल्ली। सर्दी के मौसम में स्किन का बुरा हाल हो जाता है। ठंडक के कारण त्वचा खुश्क और रूखी दिखने लगती है, कई बार लोशन लगाने के बाद भी स्किन ड्राई बनी रहती है। सर्दी के मौसम में ज्यादातर लोग चेहरे की देखभाल करते हैं लेकिन हाथ पर ध्यान नहीं देते। हाथ के स्किन की सही केयर न की जाए, तो त्वचा रूखी और सिकुड़ी हो जाती है। ऐसे में आपके हाथ गंदे दिखने लगेंगे। अगर आप क्रीम लगाती है और इसके बाद भी हाथ रूखे दिखते हैं, तो कुछ टिप्स अपनाकर जरूर देखें। ये तरीके काफी पुराने हैं और इनसे त्वचा मुलायम हो जाती है।
    कैसे बनाएं हाथों को मुलायम
    1- गुनगुना पानी
    हाथों को धोने के लिए हमेशा गुनगुना पानी ही इस्तेमाल करें। ज्यादा गर्म पानी आपकी त्वचा को खुश्क बना सकता है और इससे स्किन की नमी भी खत्म हो जाती है। इसी कारण से लोशन लगाने के बाद भी हाथ बेजान दिखते हैं। गुनगुना या फिर हल्का ठंडा पानी ही यूज करें।

    2- सही क्रीम चुनें
    हाथों पर लगाने के लिए हमेशा अच्छी और सही क्रीम चुनें। क्रीम लगाती हैं, तो शिया बटर या हायलूरोनिक एसिड वाली क्रीम ही चुनें। इससे हाथ मुलामय बने रहेंगे और इसे सुबह-रात को सोने से पहले लगाएं। इसके अलावा आप रात को सोने से पहले हाथों पर हल्का सा ग्लिसरीन लगाएं। ग्लिसरीन भी हाथों की त्वचा पर नमी बनाए रखेगा और ड्राईनेस नहीं होगी।

    3- सनस्क्रीन
    धूप में जाने से पहले हाथों पर सनस्क्रीन लगाएं। कई लोगों को लगता है कि जाड़े में सनस्क्रीन लगाने की जरूरत नहीं होती। ऐसा बिल्कुल नहीं है, जाड़े की धूप से भी हाथों-फेस की त्वचा ड्राई और सिकुड़ सकती है। इसलिए भले ही आप स्वेटर पहनते हो, लेकिन सनस्क्रीन लगाना न भूलें।

    4- दस्ताने पहनें
    अगर किचन में काम करते हुए पानी में हाथ ज्यादा रहते हैं, तो ग्लव्स पहनकर काम करें। लगातार ठंडे पानी में काम करने से भी हाथ ड्राई रहते हैं। ऐसे में हाथों पर कई बार सफेद पपड़ी बनने लगती है। पानी वाला काम खत्म कर आप हाथों को गैस पर सेंक लें और सरसों का तेल लगाएं।

    5- नाइट केयर
    सर्दी में शरीर को सबसे ज्यादा आराम रात में मिलता है। ऐसे में आप सोने से पहले नाइट केयर जरूर करें। हाथ पर क्रीम या ग्लिसरीन लगाएं या किसी तेल से मसाज कर फिर सोएं। ऐसे में हाथों की स्किन ड्राई नहीं होगी और सॉफ्ट बनी रहेगी।

  • इंदौर पानी विवाद: हाईकोर्ट ने MP सरकार को घेरा, मौतों के आंकड़ों पर उठाए सवाल

    इंदौर पानी विवाद: हाईकोर्ट ने MP सरकार को घेरा, मौतों के आंकड़ों पर उठाए सवाल

    नई दिल्ली। इंदौर में दूषित पेयजल से हो रही मौतों ने अब न्यायपालिका का ध्यान खींच लिया है। इस गंभीर मामले को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में अहम सुनवाई हुई, जहां कुल 5 जनहित याचिकाओं पर एक साथ विचार किया गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाते हुए सख्त रुख अपनाया।

    मौतों के आंकड़ों पर HC की नाराजगी
    पिछली सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में एक स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई थी, जिसमें दूषित पानी से सिर्फ 4 मौतों की जानकारी दी गई। जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। कोर्ट के संज्ञान में आया कि इस मामले में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। इस विरोधाभास को लेकर हाई कोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाई और रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए। कोर्ट ने कहा कि इतने गंभीर मामले में गलत आंकड़े पेश करना बेहद चिंताजनक है।

    पूरे प्रदेश के पानी पर उठे सवाल
    हाई कोर्ट ने सिर्फ इंदौर ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के पीने के पानी की गुणवत्ता पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि अगर लोगों को मिलने वाला पानी ही दूषित है, तो यह बेहद गंभीर स्थिति है। यह समस्या केवल एक इलाके तक सीमित नहीं मानी जा सकती।

    मुख्य सचिव को वर्चुअली पेश होने का आदेश
    मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को वर्चुअली पेश होने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई की तारीख 15 जनवरी तय की गई है। कोर्ट ने साफ किया कि वह इस मामले में किसी और अधिकारी की नहीं, बल्कि सीधे मुख्य सचिव की बात सुनना चाहता है।

    कोरोना की तरह मांगा मेडिकल बुलेटिन
    कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया कि जिस तरह कोरोना महामारी के दौरान रोजाना मेडिकल बुलेटिन जारी किया जाता था, उसी तरह दूषित पानी से फैली बीमारी और मौतों का भी नियमित अपडेट दिया जाए।

    अब तक 17 मौतें, 110 मरीज भर्ती
    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दूषित पानी से अब तक 421 लोग बीमार हुए, जिनमें से 311 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। फिलहाल 110 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 15 मरीज आईसीयू में इलाजरत हैं।

    15 जनवरी की सुनवाई पर टिकी निगाहें
    अब पूरे प्रदेश की नजरें 15 जनवरी की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह साफ होगा कि सरकार इस गंभीर लापरवाही पर क्या जवाब देती है और आगे क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

  • आज भोपाल में इन इलाकों में रहेगी बिजली कटौती साथ ही जानें शहर में क्या-क्या खास है

    आज भोपाल में इन इलाकों में रहेगी बिजली कटौती साथ ही जानें शहर में क्या-क्या खास है


    भोपाल । आज भोपाल शहर के कई इलाकों में बिजली कटौती की जाएगी। बिजली के कनेक्शन में आने वाले बदलावों से कुछ इलाकों में आज सुबह से लेकर दोपहर तक बिजली नहीं रहेगी। प्रभावित इलाकों में यह कटौती होगी ।

    सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक

    अब्बास नगर नई बस्ती सेक्टर-5 महावीर बस्ती और आसपास के क्षेत्र
    सुबह 10 से शाम 4 बजे तक ,
    प्रगति परिसर MLA रेस्ट हाउस खजूरी गुर्जर अपार्टमेंट साईं स्पर्श-2 पलक विहार 11 मील और आसपास
    सुबह 11 से दोपहर 230
    बजे तक दानिशकुंज-1 व 2 फाइन कैंपस हरे-कृष्ण होम्स और आसपास
    दोपहर 12 से 2 बजे तक
    लेबर कॉलोनी अंजता कॉम्प्लेक्स अप्सरा कॉम्प्लेक्स रविदास नगर शांति नगर भारत नगर कर्मवीर नगर भवानी नगर सहित आसपास के इलाके
    नए साल से ट्रेनों की टाइमिंग में बदलाव भोपाल रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर बैरागढ़ से चलने वाली 26 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है। अब रिजर्वेशन चार्ट 10 घंटे पहले जारी होगा।
    प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं ।
    22145 भोपाल–रीवा एक्सप्रेस रात 1105 की बजाय 1100 बजे
    19324 भोपाल–डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस शाम 500 की बजाय 510 बजे
    14814 भोपाल–जोधपुर एक्सप्रेस शाम 455 की बजाय 440 बजे
    12185 रानी कमलापति–रीवा एक्सप्रेस रात 1000 की बजाय 955 बजे
    22172 रानी कमलापति–पुणे एक्सप्रेस दोपहर 350 की बजाय 340 बजे
    01665 रानी कमलापति–अगरतला स्पेशल दोपहर 340 की बजाय 320 बजे

    आज के खास आयोजनों की जानकारी

    धोती-कुर्ता में क्रिकेट संस्कृत में कमेंट्री, स्थान अंकुर खेल मैदान शिवाजी नगर वेदिक ब्राह्मणों का अनोखा क्रिकेट टूर्नामेंट जिसमें खिलाड़ी धोती-कुर्ता पहनकर खेलेंगे और संस्कृत में कमेंट्री की जाएगी। आयोजन महर्षि मैत्री मैच श्रृंखला-6 5 से 9 जनवरी

    शलाका आर्ट एग्जीबिशन

    स्थान जनजातीय संग्रहालय श्यामला हिल्स समय दोपहर 12 बजे से गोंड जनजाति की पारंपरिक शलाका चित्रकला की झलक प्रवेश निःशुल्क गायों के साथ वेलनेस तनाव और चिंता दूर करने वाला टूर स्थान वृंदावन आश्रम गौशाला कोलुआ कलां रोड सुबह का गाइडेड टूर शुल्क ₹249 आलोक नामा , सपनों का सफर स्थान ,रवींद्र भवन राजभवन रोड कविता और भावनाओं से सजी साहित्यिक शाम टिकट ₹249 खिलाओ और खेलो ,बच्चों के लिए फार्म फन डे स्थान, वृंदावन आश्रम गौशाला बच्चों के लिए फीडिंग गेम्स और ग्रामीण अनुभव शुल्क ₹249

    भर्ती की जानकारी

    आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका के 4767 पद आवेदन MP Online के जरिए

    अंतिम तिथि 10 जनवरी

    MPESB में 474 पदों पर सीधी भर्ती मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य संस्थान और विभागीय कार्यालय अंतिम तिथि 7 जनवरी 2026 संशोधन की आखिरी तारीख 12 जनवरी 2026खिलाओ और खेलो – बच्चों के लिए फार्म फन डे

  • भोपाल पासपोर्ट कार्यालय में नाबालिग का फर्जी आवेदन पकड़ा गया उम्र छिपाने पर पासपोर्ट आवेदन खारिज

    भोपाल पासपोर्ट कार्यालय में नाबालिग का फर्जी आवेदन पकड़ा गया उम्र छिपाने पर पासपोर्ट आवेदन खारिज


    भोपाल । भोपाल में एक नाबालिग द्वारा पासपोर्ट आवेदन में उम्र छिपाने का मामला सामने आया है। विदेश यात्रा की जल्दी में आवेदक ने जानबूझकर अपनी जन्मतिथि में बदलाव किया था ताकि वह वयस्क दिखे और पासपोर्ट प्राप्त कर सके। भोपाल क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय RPO की दस्तावेज सत्यापन में यह मामला सामने आया। जांच के दौरान आवेदक की वास्तविक उम्र 16 वर्ष पाई गई और जन्मतिथि में हेरफेर करने की पुष्टि हुई जिसके बाद आवेदन तुरंत निरस्त कर दिया गया।

    यह मामला तब उजागर हुआ जब पासपोर्ट आवेदन की प्रारंभिक जांच में अधिकारियों को आवेदक की उम्र संबंधित दस्तावेजों में असंगति दिखाई दी। इसके बाद अधिकारियों ने आवेदक से स्कूल प्रमाण पत्र और शैक्षणिक रिकॉर्ड मांगे जिनसे यह साफ हो गया कि जन्मतिथि जानबूझकर बदली गई थी। दस्तावेज़ों में ये बदलाव यह सुनिश्चित करने के लिए किए गए थे कि आवेदक वयस्क दिखे और उसकी विदेश यात्रा की प्रक्रिया पूरी हो सके।

    पासपोर्ट कार्यालय ने नाबालिग होने की पुष्टि होते ही आवेदन को खारिज कर दिया क्योंकि नाबालिगों के लिए पासपोर्ट आवेदन प्रक्रिया में माता-पिता या अभिभावक की उपस्थिति और सहमति अनिवार्य होती है। बिना इन दस्तावेजों के आवेदन स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    मामला सामने आने के बाद किशोरी ने पुलिस को सूचना न देने की विनती की लेकिन अधिकारियों ने उसे सख्त चेतावनी दी और भविष्य में ऐसी गलती न करने की सलाह दी। साथ ही उसे निर्देश दिए गए कि वह स्कूल की मार्कशीट और आधार कार्ड में जन्मतिथि को सही करवाए। इसके बाद पासपोर्ट कार्यालय ने मामले की फाइल औपचारिक रूप से बंद कर दी।

    इसके अलावा एक और मामला सामने आया जिसमें एक आवेदक ने अदालत में चल रहे मामले की जानकारी छिपाई थी। पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट में यह तथ्य उजागर होने पर आवेदक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। आवेदक ने अदालत से अनापत्ति प्रमाण पत्र NOC प्राप्त कर प्रस्तुत किया जिसके बाद उसकी आवेदन प्रक्रिया को फिर से आगे बढ़ाया गया।

    भोपाल क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी गलत जानकारी या महत्वपूर्ण विवरण छिपाने पर पासपोर्ट आवेदन को तुरंत निरस्त किया जा सकता है। साथ ही ऐसे मामलों का असर भविष्य में पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है। अधिकारियों ने सभी आवेदकों से अपील की है कि वे पासपोर्ट आवेदन करते समय सही और प्रमाणिक दस्तावेजों के साथ पूरी जानकारी प्रस्तुत करें। यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि पासपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गलत जानकारी भविष्य की योजनाओं को प्रभावित कर सकती है और आवेदन रद्द होने के साथ ही गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

  • चुनाव आयोग की कार्रवाई: मोहम्मद शमी को नोटिस, जल्द होगी सुनवाई

    चुनाव आयोग की कार्रवाई: मोहम्मद शमी को नोटिस, जल्द होगी सुनवाई

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बीच चुनाव आयोग ने भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को समन भेजा है. आयोग ने मोहम्मद शमी और उनके भाई को SIR से जुड़ी कुछ दिक्कतों के सिलसिले में सुनवाई के लिए बुलाया है. वहीं आयोग ने एक्टर से सांसद बने दीपक अधिकारी (देव) और उनके परिवार के सदस्यों को भी नोटिस भेजकर बुलाया है.
    रिपोर्ट के अनुसार शमी को सोमवार को दक्षिण कोलकाता के जादवपुर में कार्तजू नगर स्कूल से नोटिस जारी किया गया. उन्हें असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है. हालांकि नोटिस में बताए गए समय के अनुसार शमी तय सुनवाई में शामिल नहीं हो पाए, क्योंकि वह फिलहाल विजय हजारे ट्रॉफी में हिस्सा ले रहे हैं.
    कोलकाता के निवासी हैं शमी
    जानकारी के मुताबिक मोहम्मद शमी कोलकाता नगर निगम (KMC) वार्ड नंबर 93 में वोटर के तौर पर रजिस्टर्ड हैं. यह राशबिहारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. हालांकि उनका जन्म उत्तर प्रदेश के अमरोहा में हुआ था, लेकिन वह कई सालों से कोलकाता के स्थायी निवासी हैं. चुनाव आयोग के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि शमी और उनके भाई के एन्यूमरेशन फॉर्म में कुछ दिक्कत आई है, इसी वजह से उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया है. शमी की सुनवाई 9 से 11 जनवरी के बीच होनी है.
    TMC ने आयोग पर लगाए आरोप
    द हिंदू के अनुसार TMC सांसद दीपक अधिकारी (देव) के परिवार के तीन सदस्यों को भी सुनवाई के नोटिस मिले हैं. वह पश्चिम बंगाल के घाटाल से तीन बार के सांसद हैं. वही उनका जन्मस्थान भी है. हालांकि दीपक अधिकारी की सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं है. इधर टीएमसी ने मोहम्मद शमी और देव को नोटिस देकर बुलाए जाने पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं. टीएमसी ने बिना तैयारी के SIR लागू कराने का आरोप लगाया है. TMC के प्रवक्ता ने द हिंदू से कहा कि यह SIR लागू करने की तैयारी की कमी और बिल्कुल गलत प्रक्रिया का एक और उदाहरण है. SIR प्रक्रिया को जल्दबाजी में लागू करने से चुनाव आयोग ने एक निष्पक्ष संस्था होने की अपनी विश्वसनीयता खो दी है.

  • इंदौर में बुजुर्गों को एटीएम ठगी का शिकार बनाने वाला गिरोह गिरफ्तार 40 हजार रुपये की चोरी

    इंदौर में बुजुर्गों को एटीएम ठगी का शिकार बनाने वाला गिरोह गिरफ्तार 40 हजार रुपये की चोरी


    इंदौर । इंदौर शहर में बुजुर्गों को एटीएम ठगी का शिकार बनाने वाला एक गिरोह पकड़ा गया है। विजयनगर थाना क्षेत्र में इस गिरोह के खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है जिसमें 86 वर्षीय बुजुर्ग का एटीएम कार्ड बदलकर आरोपियों ने खाते से 40 हजार रुपये की चोरी की। ये ठगी 2 जनवरी को हुई थी जब बुजुर्ग जगदीश पाल भमोरी स्थित स्टेट बैंक के एटीएम पर बैलेंस चेक करने पहुंचे थे।

    ठगी के आरोपी दो युवक थे जिन्होंने बुजुर्ग से बातचीत करने के दौरान उनका पिन नंबर देख लिया और एटीएम कार्ड बदल दिया। आरोपियों में से एक युवक ने बुजुर्ग को यह कहकर गुमराह किया कि एटीएम मशीन से पैसे नहीं निकल रहे हैं। इसके बाद बुजुर्ग बिना किसी शक के घर लौट गए। कुछ समय बाद उनके मोबाइल पर लगातार बैंक ट्रांजैक्शन के मैसेज आने लगे जिससे ठगी का खुलासा हुआ।

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन में कुल 40 हजार रुपये निकाल लिए। जब पीड़ित ने अपना कार्ड चेक किया तो वह किसी कैलाश नामक व्यक्ति के नाम का निकला। इसके बाद बुजुर्ग ने विजयनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई और सोमवार को एफआईआर दर्ज की गई।

    इसी दिन परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में भी इसी तरह की ठगी की वारदात हुई थी जिसमें कलेक्टर कार्यालय से सेवानिवृत्त अधिकारी राजेश जोशी को निशाना बनाया गया था। इस मामले में भी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था रोहित भदौरिया निवासी भिंड हर्षवर्धन चौहान और अंकित परिहार दोनों निवासी मैनपुरी। पुलिस ने इनके कब्जे से एक बाइक भी बरामद की। पुलिस अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि विजयनगर में बुजुर्ग के साथ हुई ठगी में भी वही तीनों आरोपी शामिल थे।

    दोनों घटनाओं का तरीका और समय एक जैसा होने से यह गिरोह की भूमिका पुख्ता हुई है। पुलिस जांच में अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह ने शहर के अन्य इलाकों में भी इस तरह की ठगी की है या नहीं।पुलिस ने नागरिकों विशेषकर बुजुर्गों से अपील की है कि वे एटीएम पर किसी अनजान व्यक्ति से मदद न लें और अपना पिन नंबर किसी को न बताएं। यह मामला एटीएम ठगी के बढ़ते मामलों और सुरक्षा में सतर्कता की आवश्यकता को उजागर करता है।