Author: bharati

  • मध्यप्रदेश में घने कोहरे और शीतलहर का असर ट्रेनें 14 घंटे लेट 24 जिलों में स्कूल बंद

    मध्यप्रदेश में घने कोहरे और शीतलहर का असर ट्रेनें 14 घंटे लेट 24 जिलों में स्कूल बंद


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का प्रभाव देखने को मिल रहा है जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मंगलवार सुबह राज्य के कई हिस्सों में विजिबिलिटी सिर्फ 20 मीटर तक सिमट गई जिससे यातायात और रेल यात्रा पर बुरा असर पड़ा। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है।

    भोपाल ग्वालियर इंदौर जबलपुर उज्जैन और शहडोल सहित 30 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया रहा। इस वजह से सड़क पर वाहन रेंगते नजर आए और तापमान भी काफी नीचे गिर गया। शहडोल में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दतिया में 4.4 डिग्री और राजगढ़-खजुराहो में 5.4 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल का तापमान 6.8 डिग्री ग्वालियर का 6.4 डिग्री और इंदौर का 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

    इस घने कोहरे का सबसे बड़ा असर रेल यातायात पर पड़ा है। उत्तर भारत से आने वाली कई ट्रेनें 10 से 14 घंटे तक लेट रही हैं। श्रीधाम एक्सप्रेस इटारसी 13.5 घंटे की देरी से पहुंची जबकि अगरतला-रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन लगभग 14 घंटे लेट रही। कई अन्य ट्रेनें जैसे मालवा सचखंड कर्नाटक और तमिलनाडु एक्सप्रेस भी 2 से 5 घंटे तक विलंब से चलीं। इस वजह से स्टेशन पर यात्रियों को ठंड में लंबा इंतजार करना पड़ा।

    बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इंदौर उज्जैन ग्वालियर जबलपुर रतलाम नीमच मंदसौर शाजापुर सहित 24 जिलों में नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। वहीं भोपाल धार सीहोर बड़वानी मुरैना खरगोन और अनूपपुर में स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है और अब स्कूल सुबह 930 या 10 बजे के बाद शुरू होंगे।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाएं और नमी के कारण कोहरा और बढ़ा है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से जनवरी में ठंड का यह दौर और तेज हुआ है। नवंबर और दिसंबर में रिकॉर्ड ठंड के बाद जनवरी में भी राहत की उम्मीद कम है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें अनावश्यक यात्रा से बचें और विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखें। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर स्कूलों के बारे में और निर्णय लिया जा सकता है।

  • वायरल एडिटेड तस्वीरों पर भड़की वर्ल्ड कप हीरो प्रतीका रावल, सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

    वायरल एडिटेड तस्वीरों पर भड़की वर्ल्ड कप हीरो प्रतीका रावल, सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

    नई दिल्ली।  भारतीय महिला क्रिकेट टीम की वर्ल्ड कप 2025 की स्टार खिलाड़ी प्रतिका रावल एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका खेल नहीं बल्कि सोशल मीडिया से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है. शानदार प्रदर्शन के बाद मिली लोकप्रियता के साथ उन्हें ट्रोलिंग और डिजिटल छेड़छाड़ का भी सामना करना पड़ रहा है.

    सोशल मीडिया पर वायरल हुई एडिटेड तस्वीरें

    वर्ल्ड कप जीतने के बाद प्रतिका की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी, लेकिन इसके साथ ही सोशल मीडिया पर उनकी एडिटेड और मॉडिफाइड तस्वीरें वायरल होने लगीं. कई तस्वीरों को बिना अनुमति बदला गया, जिससे प्रतिका काफी नाराज नजर आईं. उन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी.

    प्रतिका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साफ शब्दों में लिखा, “हे @grok, मैं अपनी किसी भी तस्वीर को एडिट या मॉडिफाई करने की इजाजत नहीं देतीं, चाहे वे पहले पोस्ट की गई हों या आगे मैं जो भी तस्वीरें शेयर करूं. अगर कोई थर्ड पार्टी उनकी तस्वीरों में किसी तरह का बदलाव करने की मांग करे, तो उसे तुरंत मना किया जाए.” उनका यह पोस्ट तेजी से वायरल हुआ और कई लोगों ने उनका समर्थन भी किया.

    वर्ल्ड कप की हीरो बनीं प्रतिका रावल

    महिला वर्ल्ड कप 2025 में प्रतिका रावल का प्रदर्शन शानदार रहा था. उन्होंने सात मैचों में 308 रन बनाए और भारत की दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं. पूरे टूर्नामेंट में वह चौथी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी थीं. अगर टूर्नामेंट के दौरान उन्हें चोट न लगी होती, तो उनका आंकड़ा और भी बेहतर हो सकता था. भारत की खिताबी जीत में उनकी भूमिका बेहद अहम रही.

    दिल्ली सरकार और DDCA ने किया सम्मानित

    मैदान के बाहर विवादों के बीच प्रतिका को बड़ी सम्मानजनक खबर भी मिली. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वर्ल्ड कप जीत में योगदान के लिए प्रतिका रावल को 1.5 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की. इसके अलावा दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) ने भी 50 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि देने का ऐलान किया.

    रविवार को प्रतिका को दिल्ली की मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया. इस मौके पर उनके पिता प्रदीप रावल, दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद और DDCA अध्यक्ष रोहन जेटली भी मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिका दिल्ली की बेटियों के लिए प्रेरणा हैं और उन्होंने पूरे देश का नाम रोशन किया है.

    प्रतिका की प्रेरणादायक यात्रा

    प्रतिका ने अपने करियर की शुरुआत दिल्ली से की थी और उम्रदराज व सीनियर घरेलू क्रिकेट में दिल्ली का प्रतिनिधित्व किया. बाद में वह रेलवेज टीम से जुड़ीं. आज वह न सिर्फ एक सफल क्रिकेटर हैं, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए रोल मॉडल भी बन चुकी हैं.

  • कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का असर4 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट17 राज्यों में येलो अलर्ट

    कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का असर4 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट17 राज्यों में येलो अलर्ट


    नई दिल्ली । भारत के कई हिस्सों में इस समय कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का सामना हो रहा है। मौसम विभाग ने देश के 4 राज्यों में शीतलहर के कारण ऑरेंज अलर्ट जारी किया हैजबकि 17 राज्यों में येलो अलर्ट लागू किया गया है। इस कड़ी सर्दी और घने कोहरे ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया हैखासकर उत्तर-पश्चिममध्यपूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में।

    ऑरेंज और येलो अलर्ट

    मौसम विभाग ने बताया कि अगले 4-5 दिनों तक देश के कई हिस्सों में शीतलहर और घने से बहुत घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। उत्तर-पश्चिम भारतमध्य भारत और पूर्वी भारत के कई राज्य शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में आ सकते हैं। जिन चार राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया हैवहां तापमान और कोहरे की स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है। इसके अलावा17 अन्य राज्यों में येलो अलर्ट जारी किया गया हैजो घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी देता हैजिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

    प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भीड़

    इस बीचउत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे के बीच लाखों श्रद्धालु माघ मेले में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। रेलवे और पुलिस विभाग ने इस भीड़-भाड़ को देखते हुए उच्च सुरक्षा और अलर्ट जारी कर दिया है। घने कोहरे के कारण रेलवे ट्रेनों के समय में बदलाव आ सकता हैऔर यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    सर्दी से बचाव के उपाय

    मौसम विभाग ने सभी नागरिकों को कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए उचित गर्म कपड़े पहन नेधू प में रहने और शरीर को गर्म रखने के उपायों की सलाह दी है। खासकर उन इलाकों में जहां घना कोहरा हैवहां विजिबिलिटी बहुत कम हो सकती हैजिससे सड़क और रेलवे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

    अधिकारियों की तैयारी

    रेलवे और पुलिस विभाग ने शीतलहर और कोहरे के प्रभाव को कम करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। खासकर ट्रेनों की निगरानी और ट्रैफिक मैनेजमेंट में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावास्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए सुरक्षित यात्रा करें और जरूरत न होने पर घरों से बाहर न निकलें। देश के विभिन्न हिस्सों में सर्दी और कोहरे के कारण मुश्किलें बढ़ रही हैंऔर सरकार और स्थानीय प्रशासन की तरफ से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नागरिकों को हर संभव सहायता मिल सके।

  • Lohri 2026: 13 जनवरी को मनाई जाएगी लोहड़ी, पढ़ें इस दिन का महत्व और खास बातें

    Lohri 2026: 13 जनवरी को मनाई जाएगी लोहड़ी, पढ़ें इस दिन का महत्व और खास बातें

    नई दिल्ली। कई स्थानों पर लोहड़ी (Lohri 2026) को लाल लोई भी कहा जाता है, जो मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है। इस दिन अलाव जलाकर उसमें नए गेहूं और जौ की बालियां अर्पित की जाती है। साथ ही पारंपरिक गीत गाए जाते हैं व नृत्य किया जाता है। लोग एक-दूसरे को लोहड़ी की बधाई देते हैं और ईश्वर को अच्छी फसल के लिए आभार प्रकट करते हैं।

    लोहड़ी संक्रांति का क्षण (Lohri Sankranti Moment)
    लोहड़ी (Lohri 2026) पर संक्रांति का क्षण बुधवार 14 जनवरी प्रातः 3 बजकर 13 मिनट तक रहने वाला है। ऐसे में मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी।

    लोहड़ी पर्व का महत्व (Lohri Significance)
    लोहड़ी का त्योहार पर्व केवल फसलों से संबंधित नहीं है, बल्कि यह दिन लंबे होने की शुरुआत का भी प्रतीक होता है। यह वह समय है, जब किसान अपनी अच्छी फसल के लिए प्रकृति को धन्यवाद देते हैं और जश्न मनाते हैं। इस पर्व के साथ ही आने वाले साल में खुशहाली के लिए प्रार्थना भी की जाती है।
    लोहड़ी के विशेष अवसर पर लोग आंगन या खुले चौक में पारंपरिक रूप से अलाव जलाते हैं और भांगड़ा व गिद्दा जैसे पारंपरिक नृत्य करते हैं। आभार के प्रतीक के रूप में आग में अनाज, मिठाइयां, मूंगफली, पॉपकॉर्न जैसी चीजें चढ़ाई जाती हैं। इस दिन सरसों का साग, मक्के के आटे की रोटी, गजक और रेवड़ी जैसे पारंपरिक पकवानों का आनंद लिया जाता है।
    लोहड़ी से जुड़ी कहानी
    लोहड़ी को लेकर अपनी बहादुरी के लिए मशहूर लोक नायक दुल्ला भट्टी (Dulla Bhatti) की कहानी प्रसिद्ध है। लोहड़ी के पारम्परिक गीतों दुल्ला भट्टी का जिक्र भी आता है। इस कहानी के अनुसार, एक समय में मुगल राजा अकबर के काल में दुल्ला भट्टी नामक एक लुटेरा पंजाब में रहता था। वह धनी लोगों को लूटकर उसने मिले सभी धन को गरीब की मदद में लगा देता था। दुल्ला भट्टी पंजाब के रॉबिन हुड नाम से भी प्रसिद्ध है।

  • वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कोलकाता से गुवाहाटी तक चलेगी पहली स्लीपर वंदे भारतकिराया क्या होगा

    वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कोलकाता से गुवाहाटी तक चलेगी पहली स्लीपर वंदे भारतकिराया क्या होगा


    नई दिल्ली । भारत की रेलवे यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत में भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं। यह ट्रेन कोलकाता से गुवाहाटी तक चलेगीजिससे पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन एक आधुनिक और सुविधाजनक ट्रेन हैजिसे लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को और भी आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

    उन्नत सुरक्षा और सुविधाएं

    इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसमें कवच ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टमऑटोमैटिक दरवाजेऔर उन्नत अग्नि सुरक्षा व्यवस्था जैसी विशेषताएं हैं। साथ हीसभी कोचों में सीसीटीवी निगरानी होगीजिससे सुरक्षा का स्तर बढ़ जाएगा। ट्रेन की सफाई भी एक महत्वपूर्ण पहलू हैऔर इसके लिए नियमित रूप से डिसइंफेक्टेंट स्प्रेयर का उपयोग किया जाएगाताकि उच्च स्वच्छता मानक बनाए जा सकें।

    यात्रियों के लिए बेहतर अनुभव

    यह ट्रेन 16 डिब्बों वाली होगीजिसमें कुल 823 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। इसकी डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा हैहालांकि यह फिलहाल 120 से 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। यह ट्रेन पश्चिम बंगाल और असम के कई प्रमुख जिलों को कवर करेगीजिससे इन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

    किराया

    वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के किराए की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई हैलेकिन अनुमान है कि यह सामान्य स्लीपर ट्रेन से कुछ ज्यादा हो सकता है। स्लीपर कोच के आरामदायक और आधुनिक सुविधाओं को देखते हुएयात्रियों को ज्यादा किराया चुकाना पड़ सकता है। हालांकियह ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा के लिए काफी सुविधाजनक होगी और यात्रियों को एक नया अनुभव प्रदान करेगी।

    शुरुआत की तारीख

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिकप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 या 19 जनवरी को इस ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इस ट्रेन का निरीक्षण किया था और इसे भारतीय रेलवे के लिए एक “नए युग की शुरुआत” बताया था। यह ट्रेन एक तरह से भारतीय रेलवे के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती हैजो यात्रियों को न केवल आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगीबल्कि सुरक्षा और स्वच्छता के मामले में भी एक नई मिसाल कायम करेगी।

  • कांग्रेस का पीएम मोदी से सवाल ? ट्रंप को 'खुश करने' वाली बात पर भारत का मजाक उड़ रहा

    कांग्रेस का पीएम मोदी से सवाल ? ट्रंप को 'खुश करने' वाली बात पर भारत का मजाक उड़ रहा

    नई दिल्‍ली। रूसी तेल की खरीद को लेकर ट्रंप की तरफ से भारत पर की गई टिप्पणी की कांग्रेस ने कड़ी आलोचना की है। इतना ही नहीं कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी सवाल उठाया। मुख्य विपक्षी पार्टी ने पूछा कि आखिर मोदी और ट्रंप के बीच दिखाई देने वाले मजबूत सार्वजनिक संबंधों के बाद भी अमेरिका का भारत को लेकर रवैया धमकी भरा क्यों हैं?

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोमवार को कहा कि मोदी और ट्रंप के रिश्तों में दिखने वाली गर्मजोशी के बावजूद वाशिंगटन का भारत के प्रति रवैया कभी गर्म कभी ठंडा नजर आता है।

    अपने सोशल मीडिया हैंडल पर उन्होंने लिखा, “नमस्ते ट्रंप और हाउडी मोदी जैसे भव्य आयोजनों और सार्वजनिक रूप से की गई तारीफों और गले लगने का भारत को कोई खास फायदा नहीं मिलाा है।”

    उन्होंने लिखा, “वाइट हाउस में प्रधानमंत्री के अच्छे दोस्त का भारत के प्रति रवैया कभी गर्म कभी ठंडा ही है। एक बार फिर से भारत पर ऊंचे टैरिफ लगाने की धमकी दी गई है। वह सब बड़े कार्यक्रम जैसे नमस्ते ट्रंप, हाउडी मोदी, वह जबरदस्ती का गले मिलना औऱ अमेरिकी राष्ट्रपति की तारीफ में किए गए लंबे पोस्ट, भारत के लिए ज्यादा काम नहीं आए।”

    जयराम रमेश के अलावा कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी पीएम मोदी को कमजोर बताया। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा लागत के आधार पर ईंधन खरीदता रहा है और रूस से आने वाला तेल सस्ता है। यह तेल खरीदना हमारा संप्रभु अधिकार है। अमेरिका प्रधानमंत्री मोदी की कमजोरी का फायदा उठा रहा है।

    कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने भी ट्रंप की इस टिप्पणी को लेकर पीएम मोदी और सरकार पर कड़ा हमला किया। उन्होंने लिखा, “ट्रंप वहां खड़े होकर भारत का मजाक उड़ा रहे हैं। अपमानित कर रहे हैं।

    ट्रंप के बगल में खड़ा एक अमेरिकी सीनेटर दावा करता है कि भारतीय राजदूत राष्ट्रपति को खुश करने के लिए गिड़गिड़ा रहा था। ट्रंप कहते हैं कि मोदी ने अमेरिकी दबाव में रूसी तेल के आयात को घटाया है ताकि वह खुश हो सकें।”

    श्रीनेत ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “ऐसे गुंडे खुलेआम मेरे देश का मजाक उड़ा रहे हैं। लेकिन हमारे प्रधानमंत्री की ओर से एक शब्द तक नहीं आया। एक आवाज भी नहीं।”
    क्या कहा था ट्रंप ने?

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने रविवार को भारत और अमेरिका के रिश्तों पर कुछ टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा, “भारत मुझे खुश करना चाहता था। मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं, उन्हें पता ता कि मैं खुश नहीं था। और मुझे खुश करने के लिए उन्होंने रूस से तेल खरीदना कम कर दिया। मुझे खुश करना जरूरी था वरना हम उन पर बहुत जल्दी ही टैरिफ बढ़ा सकते थे।

  • KCR की नाक के नीचे हुए घोटाले, के कविता के पिता पर गंभीर आरोप

    KCR की नाक के नीचे हुए घोटाले, के कविता के पिता पर गंभीर आरोप


    नई दिल्‍ली। भारत राष्ट्र समिति (BRS) की निलंबित विधानसभा परिषद सदस्य के कविता ने अपनी पिता की पार्टी को छोड़ने का ऐलान कर दिया है। सोमवार को विधान परिषद के से विदाई के मौके पर वह भावुक हो गईं और उन्होंने कहा कि अब बीआरएस से उनका रास्ता अलग हहो रहा है। उन्होंने कहा कि पिता केसीआर के विरोध के बाद भी राज्य में कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम बढ़ता चला गया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके खिलाफ साजिश शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि राज्य में बहुत ही कमजोर निर्माण हो रहे हं और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। 1969 के आंदोलन के लोगों को भी नजर अंदाज किया गया और सच बोलने वालों को किनारे लगा दिया जाता है।

    उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचारियों की पोल खुलने के बाद भी उनपर कार्रवाई नहीं होती थी। के कविता ने कहा था कि उन्होंने टीआरएस का नाम बदलकर बीआरएस करने का विरोध किया था। उनका कहना था कि स्वार्थ के चलते ही तेलंगाना के हितों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीारएस अब संविधान का भी पालन नहीं करती।

    कविता ने विधान परिषद में यह भी कहा कि बीआरएस शासनकाल के दौरान लिए गए कुछ अलोकप्रिय निर्णयों में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
    पार्टी का संविधान केवल मजाक

    पिछले साल सितंबर में बीआरएस से निलंबित होने के तुरंत बाद विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने बीआरएस से अपने निलंबन से संबंधित घटनाक्रन को याद करते हुए कहा कि पार्टी की जिस अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति ने उन्हें निलंबित किया, वह रातोंरात अस्तित्व में आ गई और कारण बताओ नोटिस जारी करने जैसी कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। कविता ने कहा, “उन्होंने अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति का हवाला दिया। राष्ट्रीय स्तर पर काम करने की चाह रखने वाली बीआरएस का संविधान मात्र आठ पन्नों का है। मैं आज साहसपूर्वक कह ​​रही हूं कि बीआरएस का संविधान एक मजाक है।’

    पिता पर भी लगाए आरोप

    उन्होंने निलंबन में किसी भी प्रक्रिया का पालन न किए जाने का दावा करते हुए कहा, ‘यह निश्चित रूप से पार्टी चलाने का तरीका नहीं है।’ कविता ने पिता केसीआर के नेतृत्व वाली बीआरएस सरकार के दौरान कलेक्ट्रेट भवनों के निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि सिद्दिपेट और सिरसिल्ला स्थित भवन भारी बारिश के कारण जलमग्न हो गए थे।

    विधान परिषद की पूर्व सदस्य ने कहा, “उन्होंने सरकार में हो रहे भ्रष्टाचार को उनके (केसीआर के) संज्ञान में लाया था। अमर ज्योति, आंबेडकर प्रतिमा, सचिवालय से लेकर कलेक्ट्रेट तक हर जगह भ्रष्टाचार हुआ है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण वे दो कलेक्ट्रेट हैं, जो निर्माण के बाद पहली बारिश में ही जलमग्न हो गए थे।” कविता ने यह भी बताया कि उन्होंने पिछले साल तीन सितंबर को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन परिषद के सभापति ने इसे अब तक स्वीकार नहीं किया है।

  • सोनिया गांधी की तबियत, सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती, हेल्थ अपडेट का इंतजार

    सोनिया गांधी की तबियत, सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती, हेल्थ अपडेट का इंतजार



    नई दिल्ली।
    सोनिया गांधी दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती हुईं हैं. बीते कुछ दिनों से सोनिया गांधी की तबीयत खराब चल रही थी, इसलिए बीती रात उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. बताया जा रहा है कि थोड़ी देर में अस्पताल की तरफ से आधिकारिक जानकारी दी जाएगी.

    सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को यहां सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने बताया कि उनकी हालत ठीक है और उन्हें चेस्ट फिजिशियन की देखरेख में रखा गया है. अस्पताल के एक सूत्र ने PTI को बताया कि यह एक रूटीन एडमिशन है, लेकिन उन्हें पुरानी खांसी की समस्या है.

    बताया गया कि सोनिया गांधी खासकर शहर में प्रदूषण के कारण चेक-अप के लिए आती रहती हैं. उन्होंने बताया कि उन्हें सोमवार शाम को भर्ती कराया गया था. सोनिया गांधी दिसंबर 2025 में 79 साल की हो गई थीं.

  • हिटलर से बच निकली थी एनी फ्रैंक की बहन, 96 साल की उम्र में निधन

    हिटलर से बच निकली थी एनी फ्रैंक की बहन, 96 साल की उम्र में निधन

    पोलैंड। दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान हिटलर ने यहूदियों का जिस तरह से नरसंहार किया और उन्हें यातनाएं दीं, उसकी कहानी जाकर भी रूह कांप उठती है। दूसरे विश्वयुद्ध की प्रसिद्ध घटनाओं में से एक है जिसे ‘एनी फ्रैंक का धोखा’ नाम से जाना जाता है। एनी फ्रैंक होलोकॉस्ट में सबसे चर्चित पीड़ित थीं। उनके एक करीबी ने ही फ्रैंक को परिवार सहित धोखा देकर पकड़वा दिया था। उन्होंने एक डायरी लिखी जिसको बाद में ‘द डायरी ऑफ ए यंग गर्ल’ के नाम से प्रकाशित किया गया । मात्र 15 साल की उम्र में ही एनी की मौत हो गई। उनकी एक सौतेली बहन इवा स्क्लॉस की 96 साल की उम्र में सोमवार को मौत हो गई है। इवा स्क्लॉस भी लंबे समय तक हिटलर के बनाए ऑस्त्विच यातना शिविर में रहीं। हालांकि रूस के हमले के बाद वह बच गईं।

    मौत का दरवाजा
    जानकारी के मुताबिक दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पोलैंड में नाजियों के यातना शिविरों में करीब 10 लाख लोगों की मौत हो गई थी जिनमें से ज्यादातर यहूदी ही थे। ऑस्त्विच के यातना शिविर को ‘मौत का दरवाजा कहा जाता है। कहा जाता है कि नाजी लोग जब बंदियों को यातना शिविर में ले जाते थे तो उनके बाल तक काट लेते थे ताकि वे किसी भी तरीके से कपड़े ना बना सकें।

    एनी फ्रैंक की सौतेली बहन इवा लंदन में एनी फ्रैंक ट्रस्ट चलाती थीं। ब्रिटेन के महाराज किंग चार्ल्स थर्ड ने इस ट्रस्ट को बनाने में मदद की थी। हिटलर के यातना शिविर से बचने के बाद इवा ने ठान लिया था कि बाकी बचा हुआ जीवन वह लोगों की मदद करने और ऐसा काम करने में बिताएंगी जिससे नफरत कम हो और प्रेम को बल मिले।

    इवा का जन्म 1929 में विएना में हुआ था। ऑस्ट्रिया पर नाजियों के कब्जे के बाद वे भागकर ऐम्सटर्डम चले गए। वहीं इवा की दोस्ती एी से हुई थी। फ्रैंक की तरह इवा का परिवार भी दो साल तक यातना शिविर में रहा। 1945 में जब रूस की सेना ने शिविर से बंदियों को छुड़वाया तो इवा और उनकी मां की जान बच गई। उनके परिवार के बाकी लोग यातना शिविर में मारे गए थे। इवा के पिता भी ऑस्त्विच में ही मारे गए थे। 1953 में इवा की मां फ्रिजी ने एनी फ्रैंक के पिता से शादी कर ली। एनी फ्रैंक की मौत बेलसन बेलसन कैंप में पहले ही हो चुकी थी।

    इवा ने लगभग एक दशक तक यातना शिविर के बारे में किसी से बात ही नहीं की। वह युद्ध की उस विभीषिका से बाहर ही नहीं आ पा रही थीं। ऐसे में वह ज्यादातर चुप ही रहती थीं। 1986 में एनी फ्रैंक एग्जिबिशन शुरू होने के बाद उन्होंने फैसला किया कि वह नई पीढञी को नाजियों के अत्याचार के बारे में बताएँगी। इसके बाद उन्होंने यातना शिविर के बारे में बताना शुरू किया। इवा ने पूरा जीवन लोगों की सेवा में लगा दिया।

  • महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के बावजूद निखार क्यों नहीं आता? जानें 7 गलतियां जो आपके ग्लो को छीन रही हैं

    महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के बावजूद निखार क्यों नहीं आता? जानें 7 गलतियां जो आपके ग्लो को छीन रही हैं


    नई दिल्ली । हर महिला चाहती है कि उसकी स्किन खूबसूरत और जवां बनी रहेलेकिन कभी-कभी हम अनजाने में ऐसी गलतियाँ कर बैठते हैंजो हमारे स्किनकेयर रूटीन को नुकसान पहुंचाती हैं। ये छोटी सी दिखने वाली गलतियां हमारी त्वचा को समय से पहले बेजान और थकी-थकी बना देती हैं। आइएजानते हैं कि कौन सी वो 7 आम गलतियां हैंजो आपकी स्किन की चमक को खत्म कर रही हैं और इनसे कैसे बच सकते हैं।

    सनस्क्रीन का इस्तेमाल न करना

    बहुत सी महिलाएं सोचती हैं कि केवल धूप में बाहर जाने पर ही सनस्क्रीन लगानी चाहिए। जबकियूवी किरणें सिर्फ बाहर से ही नहींबल्कि घर के अंदर भी हमें नुकसान पहुंचा सकती हैं। घर या ऑफिस में भी दिनभर की यूवी एक्सपोजर से झुर्रियां और पिगमेंटेशन बढ़ सकते हैं।इसलिएसनस्क्रीन का नियमित इस्तेमाल बेहद जरूरी है। स्किन टाइप के हिसाब से प्रोडक्ट्स का चुनाव न करनकई बार महिलाएं अपनी स्किन टाइप को समझे बिना ही प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने लगती हैं। यह गलत चुनाव स्किन को और भी ज्यादा ड्राईऑयली या एक्ने-प्रोन बना सकता है। जब हम सही स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का चुनाव करते हैंतो स्किन की हेल्थ बेहतर रहती है और एजिंग के निशान भी देर से नजर आते हैं।

    चेहरे को ज्यादा रगड़ना या हार्श क्लेंजर का इस्तेमाल करना

    चेहरे को सही तरीके से साफ करना जरूरी हैलेकिन इसे ज्यादा रगड़ने से हमारी स्किन की नेचुरल नमी छीन जाती है। इसके अलावाहार्श क्लींजर स्किन के लिए हानिकारक हो सकते हैंजिससे ड्राईनेस और फाइन लाइन्स जल्दी दिखने लगती हैं। हमेशा हलके और सॉफ्ट क्लींजर का ही इस्तेमाल करें।

    हाइड्रेशन की अनदेखी करना

    त्वचा को हाइड्रेटेड रखना सबसे जरूरी है। अगर आप पर्याप्त पानी नहीं पीतीं और मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल नहीं करतींतो स्किन डल और बेजान हो सकती है। हाइड्रेशन न होने से त्वचा में जल्दी झुर्रियां और फाइन लाइन्स दिखने लगती हैं। सही मात्रा में पानी पीना और अच्छा मॉइस्चराइज़र लगाना स्किन को हेल्दी बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
    स्लीप रूटीन को नजरअंदाज करना नींद का सही रूटीन न होना स्किन के लिए हानिकारक हो सकता है। नींद के दौरान स्किन खुद को रिपेयर करती हैऔर अगर आपको पर्याप्त नींद नहीं मिलती तो इससे डार्क सर्कल्सपफी आईज़ और एजिंग की समस्या हो सकती है। एक अच्छा स्लीप रूटीन स्किन के लिए बेहद फायदेमंद है।

    स्ट्रेस और अनहेल्दी डाइट

    स्ट्रेस और अनहेल्दी डाइट स्किन को नुकसान पहुंचाने में महत्वपूर्ण कारण हो सकते हैं। जरूरत से ज्यादा स्ट्रेस से कोलेजन का उत्पादन कम हो सकता हैजिससे स्किन की इलास्टिसिटी घटने लगती है। इसके अलावाजंक फूडमीठा और तैलीय खाद्य पदार्थ स्किन की हेल्थ को नुकसान पहुंचाते हैं। हेल्दी डाइट और मानसिक शांति रखना त्वचा के लिए फायदेमंद है।

    नाइट केयर रूटीन स्किप करना

    रात के समय स्किन को रिपेयर करने का सबसे अच्छा मौका मिलता है। लेकिन जब महिलाएं दिनभर की थकान के बाद बिना चेहरे को ठीक से साफ किए सो जाती हैंतो स्किन का नेचुरल रीजेनरेशन प्रोसेस प्रभावित होता है। नाइट क्रीम और सीरम का नियमित इस्तेमाल त्वचा के लिए बेहद लाभकारी है। इन सात सामान्य स्किनकेयर गलतियों से बचकर आप अपनी त्वचा को स्वस्थचमकदार और जवां रख सकती हैं। सही प्रोडक्ट्सहाइड्रेशनपर्याप्त नींद और हेल्दी लाइफस्टाइल स्किन को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तोअगली बार जब आप स्किनकेयर रूटीन अपनाएंगीतो इन बातों का ध्यान रखें और अपनी त्वचा को पूरी तरह से पोषण दें!