Author: bharati

  • ग्वालियर निजी स्कूलों पर फीस स्ट्रक्चर अपलोड न करने पर होगी कार्रवाई

    ग्वालियर निजी स्कूलों पर फीस स्ट्रक्चर अपलोड न करने पर होगी कार्रवाई


    ग्वालियर । ग्वालियर के निजी स्कूलों में फीस को लेकर हो रही मनमानी पर लगाम लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक सख्त कदम उठाया है। अब सभी प्राइवेट स्कूलों को फीस स्ट्रक्चर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है और इस जानकारी की हार्ड कॉपी जिला शिक्षा विभाग में भी जमा करानी होगी। 31 दिसंबर तक सभी स्कूलों को यह काम पूरा करना था लेकिन अब भी कई स्कूलों ने समय सीमा का पालन नहीं किया है। शिक्षा विभाग ने कहा कि जिन स्कूलों ने यह जानकारी अपलोड नहीं की उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    इस बार विभाग ने एक बड़ा बदलाव किया है। पहले केवल पोर्टल पर जानकारी अपलोड करना आवश्यक था लेकिन अब पहली बार यह आदेश दिया गया है कि हर स्कूल को पोर्टल के साथ-साथ हार्ड कॉपी भी जमा करनी होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी स्कूल अपनी फीस संरचना को छुपाने या उसे बदलने की कोशिश न कर सके। सभी प्राइवेट स्कूलों को विभाग के पोर्टल पर फीस संरचना 31 दिसंबर तक अपलोड करना था। अब विभाग तीन-चार दिन के भीतर इन आंकड़ों का मिलान करेगा। जिन स्कूलों ने यह जानकारी अपलोड नहीं की है या हार्ड कॉपी जमा नहीं की है उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    इस वर्ष कई स्कूलों ने पोर्टल पर फीस जानकारी तो अपलोड की लेकिन हार्ड कॉपी जमा करने में लापरवाही बरती। अब विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि हर स्कूल को पूर्ण जानकारी देनी होगी। शिक्षा विभाग ने यह भी बताया कि जिन स्कूलों के अपने पोर्टल हैं उन्हें भी अपनी फीस संरचना वहां दिखानी होगी ताकि अभिभावकों को सही और स्पष्ट जानकारी मिल सके। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह कदम बच्चों के अभिभावकों को सही जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि स्कूलों द्वारा फीस की अवैध वृद्धि नहीं की जा सके और पारदर्शिता बनी रहे।

  • शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 300 अंक उछलकर 85,350 पार, निफ्टी में 100 अंकों की बढ़त

    शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 300 अंक उछलकर 85,350 पार, निफ्टी में 100 अंकों की बढ़त


    नई दिल्ली । साल 2026 के दूसरे कारोबारी दिन शुक्रवार 2 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार से ही खरीदारी का दबाव बना रहा और बीएसई सेंसेक्स 300 अंकों से अधिक चढ़कर 85350 के पार कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी 50 भी करीब 100 अंकों की बढ़त के साथ 26250 के स्तर पर पहुंच गया। आज के कारोबार में बैंकिंग ऑटो और मेटल शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। बीएसई सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 24 शेयर हरे निशान में रहे जबकि केवल 6 शेयर लाल निशान में थे। निफ्टी 50 के अधिकांश शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली।

    सेक्टोरल प्रदर्शन

    बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही। निजी और सरकारी दोनों बैंकों के शेयरों में लगातार खरीदारी हुई जिससे सेक्टर मजबूती के साथ बंद हुआ। ऑटो सेक्टर में भी मांग मजबूत रही जिससे प्रमुख ऑटो कंपनियों के शेयर चढ़े। मेटल सेक्टर में भी सकारात्मक रुख देखा गया।इसके विपरीत FMCG सेक्टर में मुनाफावसूली का दबाव रहा और यह सेक्टर लाल निशान में बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि चुनिंदा सेक्टर्स में वैल्यू बाइंग और घरेलू संस्थागत निवेशकोंDII की खरीद ने बाजार को मजबूती प्रदान की।

    वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत
    वैश्विक बाजारों में आज मिले-जुले संकेत मिले। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.29 प्रतिशत बढ़कर 4268 पर पहुंचा। जापान का निक्केई इंडेक्स 0.37 प्रतिशत गिरकर 50339 पर रहा। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 2.25 प्रतिशत की तेजी के साथ 26205 पर बंद हुआ जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट मामूली बढ़त के साथ 3968 पर कारोबार कर रहा था।अमेरिकी बाजारों में 1 जनवरी को डाउ जोंस 0.63 प्रतिशत गिरकर 48063 पर बंद हुआ। नैस्डेक कंपोजिट और S&P 500 में क्रमशः 0.76 और 0.74 प्रतिशत की कमजोरी रही।

    निवेशकों की गतिविधि

    आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकोंFII ने लगभग 3268 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकोंDII ने 1525 करोड़ रुपये की खरीदारी की। दिसंबर 2025 में FIIs ने कुल 34349 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि DIIs ने लगभग 79620 करोड़ रुपये की खरीदारी की। नवंबर 2025 में भी घरेलू निवेशकों की खरीद ने बाजार को मजबूती दी थी।

    पिछले कारोबारी दिन का हाल

    साल के पहले कारोबारी दिन 1 जनवरी 2026 को बाजार लगभग सपाट बंद हुआ था। सेंसेक्स 32 अंक गिरकर 85189 पर और निफ्टी 17 अंकों की बढ़त के साथ 26147 पर बंद हुआ था।कुल मिलाकर आज के कारोबार में घरेलू निवेशकों के भरोसे और सेक्टोरल खरीदारी के दम पर बाजार में मजबूती देखी गई। आगे की चाल वैश्विक संकेतों विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और घरेलू आर्थिक डेटा पर निर्भर करेगी। निवेशक बैंकिंग और मेटल जैसे प्रमुख सेक्टर्स पर नजर बनाए रख सकते हैं जबकि FMCG में मुनाफावसूली का दबाव जारी रह सकता है।

  • तेलंगाना में ATM कटिंग के तीन बदमाश ग्वालियर में गिरफ्तार, मेहरा टोल पर घेराबंदी

    तेलंगाना में ATM कटिंग के तीन बदमाश ग्वालियर में गिरफ्तार, मेहरा टोल पर घेराबंदी


    ग्वालियर में तेलंगाना पुलिस की सूचना पर एक समय पर कार्रवाई करते हुए एटीएम कटिंग के तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी मेहरा टोल प्लाजा पर घेराबंदी के दौरान दबोचे गए, जब वे मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर रहे थे। तीनों आरोपियों को जल्द ही तेलंगाना पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा। ग्वालियर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि तेलंगाना पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई। सूचना में बताया गया था कि एटीएम कटिंग में शामिल यह गिरोह उत्तर भारत की ओर भाग रहा है। बुधवार देर रात मेहरा टोल बैरियर पर नाकाबंदी की गई और कुछ ही देर बाद संदिग्ध बोलेरो कार को रोका गया। कार में सवार तीनों आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार किया गया।

    आरोपी और गिरोह की जानकारी
    पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई: 26 वर्षीय वाजिव, पुत्र अब्दुल गफूर, बड़ागांव, हरियाणा 40 वर्षीय अब्दुल्ला, पुत्र मजीद खान, वादिली गांव, हरियाणा  23 वर्षीय आमिर, पुत्र रशीद अंसारी, अलवल, हैदराबाद, तेलंगानातीनों अलग-अलग राज्यों के निवासी हैं और संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे।

    बरामदगी और पूछताछ

    तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से एटीएम कटिंग में इस्तेमाल होने वाले कटर, ब्लेड, पेजकश, टॉमी, चाबियां और अन्य औजार बरामद किए गए। इसके अलावा, वारदात में प्रयुक्त बोलेरो कार भी जब्त की गई। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने तेलंगाना में कई एटीएम कटिंग की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह खास तौर पर सर्दियों के मौसम का फायदा उठाता था। रात में आवाज कम सुनाई देने और लोगों की आवाजाही कम होने के कारण आरोपी एटीएम कटिंग की योजना बनाते थे। वारदात के बाद वे तुरंत राज्य बदल लेते थे, जिससे उनकी पहचान और गिरफ्तारी कठिन हो जाती थी।

    कार्रवाई और आगे की योजना

    ग्वालियर पुलिस ने गिरफ्तारी की सूचना तुरंत तेलंगाना पुलिस को दी। तेलंगाना पुलिस की टीम ग्वालियर के लिए रवाना हो गई है और गुरुवार रात तक पहुंचने की संभावना है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर तेलंगाना ले जाया जाएगा।पुलिस का मानना है कि समय पर की गई इस कार्रवाई से ग्वालियर और आसपास के इलाकों में संभावित एटीएम कटिंग की कई वारदातें टल गई हैं। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी पिछली गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

    प्रशासन और सुरक्षा संदेश

    इस गिरफ्तारी से यह साबित होता है कि अंतरराज्यीय समन्वय और समय पर सूचना साझा करना अपराध नियंत्रण में कितना अहम है। ग्वालियर पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते अपराध को रोका जा सके।
  • खेत में मवेशी घुसाने का विरोध करने पर महिला की पीट-पीटकर हत्या कटनी के बरही में तनाव

    खेत में मवेशी घुसाने का विरोध करने पर महिला की पीट-पीटकर हत्या कटनी के बरही में तनाव


    कटनी । मध्य प्रदेश के कटनी जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ के बरही थाना क्षेत्र स्थित ग्राम धवैया में महज फसल चराने के विवाद को लेकर एक दबंग युवक ने महिला पर लाठियों से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। मृतका की पहचान धवैया निवासी कलावती कुशवाहा पति भोला प्रसाद कुशवाहा के रूप में हुई है। गुरुवार देर रात जिला अस्पताल में उपचार के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया जिसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    विवाद की जड़ फसल और मवेशी

    घटनाक्रम के अनुसार यह पूरा विवाद 29 दिसंबर को शुरू हुआ था। कलावती कुशवाहा के खेत में गेहूं की फसल लगी हुई थी। आरोप है कि गांव के ही रज्जन पाठक ने जानबूझकर अपने मवेशी महिला के खेत में घुसा दिए। जब महिला ने अपनी मेहनत से उगाई फसल को उजड़ते देख विरोध किया और मवेशियों को बाहर निकालने को कहा तो आरोपी रज्जन आक्रोशित हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने आव देखा न ताव और अपने पास रखी लाठी से कलावती पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार आरोपी ने महिला के सिर और पीठ पर ताबड़तोड़ वार किए जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। हमले के बाद आरोपी ने जाते-जाते महिला को जान से मारने की धमकी भी दी।

    पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

    घटना के तुरंत बाद घायल महिला थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिक उपचार के लिए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरही ले जाया गया जहाँ से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया और घटना के बाद आरोपी पर मामूली धाराओं के तहत केस दर्ज किया। परिजनों का कहना है कि जब महिला की हालत बिगड़ने लगी और मामला तूल पकड़ने लगा तब जाकर पुलिस ने दो दिन बाद हत्या के प्रयास धारा 307 का मामला जोड़ा। अब महिला की मौत के बाद पुलिस पर दबाव है कि इसे हत्या धारा 302 के मामले में तब्दील किया जाए।

    आरोपी हिरासत में गांव में मातम

    गुरुवार की रात महिला की मौत की खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बरही थाना पुलिस सक्रियता दिखाते हुए आरोपी रज्जन पाठक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट के आधार पर मामले में हत्या की धाराएं बढ़ाई जा रही हैं। यह घटना ग्रामीण अंचलों में बढ़ते विवादों और कानून व्यवस्था के प्रति अपराधियों के निडर रवैये को दर्शाती है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि पीड़िता के परिवार को न्याय मिल सके।

  • इंदौर में दूषित पानी से 15वीं मौत, पेयजल लाइन में सीवेज मिलने की पुष्टि; NHRC ने मांगी रिपोर्ट

    इंदौर में दूषित पानी से 15वीं मौत, पेयजल लाइन में सीवेज मिलने की पुष्टि; NHRC ने मांगी रिपोर्ट


    इंदौर /मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से फैली बीमारी ने एक और जान ले ली है। गुरुवार को 68 वर्षीय गीताबाई की मौत के साथ ही इस जल त्रासदी में मृतकों की संख्या 15 हो गई। अब तक 16 बच्चों सहित 201 लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं।एमजीएम मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई है कि सभी मौतें और बीमारियां दूषित पानी पीने के कारण हुई हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी CMHO डॉ. माधव हसानी ने बताया कि जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि पानी में बैक्टीरियल संक्रमण था। मरीजों में डायरिया, उल्टी और तेज बुखार जैसे लक्षण पाए गए, जो पानी से फैलने वाली बीमारियों के संकेत हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि विस्तृत रिपोर्ट और कल्चर टेस्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे संक्रमण के सटीक कारणों का पता चलेगा।

    राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्वीकार किया कि भागीरथपुरा में पेयजल लाइन में सीवेज का पानी मिला। पाइपलाइन पुलिस चौकी के पास से गुजर रही है, जहां से लीकेज की आशंका सबसे अधिक है। शौचालय के नीचे से गुजर रही जल आपूर्ति लाइन में सीवेज के मिलने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है और प्रभावित इलाके में टैंकरों से साफ पानी सप्लाई किया जा रहा है।राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग NHRC ने इस गंभीर जनस्वास्थ्य संकट पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट में मौतों के कारण, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और पीड़ितों को दी गई सहायता का ब्यौरा मांगा गया है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में आज दोपहर 12 बजे के बाद सुनवाई होने की संभावना है। जबलपुर स्थित हाईकोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ऑनलाइन सुनवाई करेगी। कोर्ट ने राज्य सरकार से अब तक की कार्रवाई और स्थिति पर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रेनेज के पानी में शिगेला, साल्मोनेला, हैजा कोलेरा और ई. कोलाई जैसे घातक बैक्टीरिया पाए जा सकते हैं। यदि यह पानी पेयजल लाइन में मिल जाए, तो यह अत्यंत विषैला हो जाता है और जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता है। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी है।

    इंदौर की यह घटना प्रशासनिक लापरवाही और शहरी जल आपूर्ति व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर चिंता पैदा करती है। पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत, संक्रमित क्षेत्र में पानी की सप्लाई और लोगों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाए गए हैं। अब इस त्रासदी की आगे की कार्रवाई NHRC रिपोर्ट और अदालत के निर्देशों पर निर्भर करेगी।भागीरथपुरा जल संकट ने यह साबित कर दिया है कि शहरी जल आपूर्ति व्यवस्था में निगरानी और नियमित निरीक्षण न होने पर छोटे-छोटे लीकेज भी बड़े जनस्वास्थ्य संकट में बदल सकते हैं। प्रशासन और सरकार दोनों के लिए यह चेतावनी है कि शहरों में जल सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

  • इंदौर में दूषित पानी से 15 मौतें राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर बोला हमला

    इंदौर में दूषित पानी से 15 मौतें राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर बोला हमला


    इंदौर । इंदौर में गंदा पानी पीने से हुए मौतों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के सेवन से अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 338 नए मरीजों में से 32 की हालत गंभीर है। गंदे पानी की लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने समय रहते कोई कदम नहीं उठाया। इस पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर में आम आदमी को पानी नहीं बल्कि जहर दिया गया है। उनका कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ है और अब भी कार्रवाई नहीं हो रही है।

    राहुल गांधी ने ट्विटर पर इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि “इंदौर में पानी नहीं जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में था। घर-घर मातम है गरीब बेबस हैं लेकिन भाजपा के नेता घमंड में चूर हैं। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है उन्हें सांत्वना मिलनी चाहिए थी लेकिन सरकार ने घमंड परोस दिया।” उन्होंने यह भी पूछा कि गंदा पानी प्रशासन ने क्यों नहीं रोका और सीवर पानी पीने का कारण क्या था। राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “क्यों नहीं कार्रवाई की गई।

    इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बयान दिया था जिसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम के बाहर प्रदर्शन किया। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने दूषित पानी की आपूर्ति पर सरकार से जवाबदेही की मांग की। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया।

    राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार प्रशासन और नेतृत्व इस घटना के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है। उन्होंने मध्य प्रदेश को कुप्रशासन का एपिसेंटर बताया और कहा कि यहां लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं जिनमें गरीबों की जान जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर हमेशा की तरह खामोश रहते हैं जब गरीब मरते हैं। इस घटना के बाद से जनता में गुस्सा और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश फैल गया है और इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और प्रदर्शनों का दौर जारी है।

  • भारत और न्यूजीलैंड के बीच जनवरी 2026 में तीन मैचों की रोमांचक वनडे सीरीज होगी। रोहित शर्मा और विराट कोहली से टीम को बड़ी पारियों की उम्मीद है।

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच जनवरी 2026 में तीन मैचों की रोमांचक वनडे सीरीज होगी। रोहित शर्मा और विराट कोहली से टीम को बड़ी पारियों की उम्मीद है।


    नई दिल्ली । भारत और न्यूजीलैंड के बीच जनवरी 2026 में तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। यह सीरीज टी20 वर्ल्ड कप 2026 और वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारियों के लिहाज से टीम इंडिया के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। मुकाबले वडोदरा, राजकोट और इंदौर में आयोजित होंगे और तीनों मैच डे-नाइट होंगे।सीरीज की शुरुआत 11 जनवरी 2026 को वडोदरा में होगी। दूसरा मैच 14 जनवरी को राजकोट और तीसरा तथा अंतिम मुकाबला 18 जनवरी को इंदौर में खेला जाएगा। मुकाबलों में टॉस दोपहर 1 बजे होगा और मैच 1:30 बजे से शुरू होंगे।

    टीम चयन और सस्पेंस

    भारतीय टीम के चयन को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। चयनकर्ता श्रेयस अय्यर की फिटनेस रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। यदि अय्यर फिट नहीं होते हैं, तो ऋतुराज गायकवाड़ को टीम में मौका मिल सकता है। इसके अलावा, हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम दिए जाने की चर्चा है। वहीं ऋषभ पंत की वापसी पर भी संशय है।विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन कर रहे सरफराज खान और ईशान किशन भी चयनकर्ताओं की नजर में हैं।

    रोहित और विराट पर नजर
    टीम के दो सीनियर बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली शानदार फॉर्म में हैं। दोनों से इस सीरीज में बड़ी पारियों की उम्मीद है। उनके अनुभव से युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन मिलेगा। यह सीरीज वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारी की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    भारत बनाम न्यूजीलैंड का रिकॉर्ड

    वनडे क्रिकेट में भारत का न्यूजीलैंड के खिलाफ रिकॉर्ड मजबूत रहा है। अब तक 120 वनडे मुकाबलों में भारत ने 62 जीते हैं, जबकि न्यूजीलैंड को 52 में सफलता मिली है। सात मैच बेनतीजा रहे हैं और एक मुकाबला टाई रहा है।

    लाइव प्रसारण
    भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज का लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। मोबाइल और ऑनलाइन दर्शक JioHotstar के जरिए लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं।

    संभावित प्लेइंग-11

    भारत: शुभमन गिल कप्तान, रोहित शर्मा, विराट कोहली, यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा, ऋषभ पंत, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी।न्यूजीलैंड: माइकल ब्रेसवेल कप्तान, डेवोन कॉनवे, डेरिल मिचेल, टॉम लैथम, ग्लेन फिलिप्स, जेम्स नीशम, काइल जैमीसन, ट्रेंट बोल्ट, मिच हे, विल यंग, निकोल्स।इस सीरीज से टीम इंडिया को नई प्रतिभाओं की परख करने का मौका मिलेगा और खिलाड़ियों की फॉर्म पर भी नजर रखी जाएगी। वहीं, न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रतिस्पर्धा और रोमांचक मुकाबले फैंस के लिए उत्साह बढ़ाने वाले होंगे।
  • उस्मान ख्वाजा ने किया संन्यास का ऐलान नस्लीय भेदभाव पर छलका दर्द-SCG टेस्ट होगा आखिरी मैच

    उस्मान ख्वाजा ने किया संन्यास का ऐलान नस्लीय भेदभाव पर छलका दर्द-SCG टेस्ट होगा आखिरी मैच


    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड SCG में खेला जाने वाला एशेज सीरीज का टेस्ट मैच उनके करियर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा। इस भावुक मौके पर ख्वाजा ने न सिर्फ अपने संन्यास की घोषणा की बल्कि अपने लंबे करियर के दौरान झेले नस्लीय भेदभाव मीडिया की आलोचना और टीम मैनेजमेंट के दोहरे मानदंडों पर भी खुलकर अपनी बात रखी।प्रेस कॉन्फ्रेंस में ख्वाजा ने कहा कि उन्हें पूरे करियर में कई बार उनके पाकिस्तानी मूल और मुस्लिम पहचान के कारण अलग नजर से देखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चोटिल होने की स्थिति में भी उनकी सच्चाई जाने बिना उन पर सवाल खड़े किए गए और उन्हें अक्सर आलसी स्वार्थी या टीम के लिए पूरी तरह समर्पित न होने वाला खिलाड़ी बताया गया।

    ख्वाजा ने कहा जब मैं चोटिल होता था तो लोग बिना पूरी जानकारी के मुझ पर उंगलियां उठाते थे। मुझे ऐसा महसूस कराया गया कि मैं टीम के लिए उतना प्रतिबद्ध नहीं हूं जितना बाकी खिलाड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि यह नजरिया सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं था बल्कि उनकी पहचान से भी जुड़ा हुआ था।उन्होंने हाल ही में पर्थ टेस्ट से पहले गोल्फ खेलने और एक वैकल्पिक ट्रेनिंग सेशन में शामिल न होने पर हुई आलोचना का भी जिक्र किया। ख्वाजा के मुताबिक कई खिलाड़ी मैच से पहले गोल्फ खेलते हैं या शराब पीते हैं लेकिन उन्हें ऑस्ट्रेलियन लैरिकिन्स कहकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। वहीं जब उन्होंने ऐसा किया तो इसे बड़ा मुद्दा बनाया गया और उनकी पेशेवर प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े किए गए।

    ख्वाजा ने साफ शब्दों में कहा कि यह दोहरा मापदंड उन्हें हमेशा खलता रहा। उन्होंने कहा कि अगर वही काम कोई और करता तो उसे मजाक या सामान्य व्यवहार मान लिया जाता लेकिन उनके मामले में इसे चरित्र से जोड़ दिया गया।संन्यास की घोषणा के दौरान ख्वाजा के साथ उनकी पत्नी रेचल बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि वे काफी समय से इस फैसले पर विचार कर रहे थे। पत्नी से लंबी बातचीत के बाद उन्हें महसूस हुआ कि अब सही समय आ गया है। ख्वाजा ने कहा कि उन्हें संतोष है कि वे अपने करियर को SCG जैसे ऐतिहासिक मैदान पर अपनी शर्तों पर खत्म कर पा रहे हैं।

    उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एशेज सीरीज की शुरुआत में एडिलेड टेस्ट की प्लेइंग इलेवन से बाहर रहना उनके लिए एक बड़ा संकेत था। हालांकि बाद में जब उन्हें मौका मिला तो उन्होंने अहम पारियां खेलीं और टीम के लिए योगदान दिया। ख्वाजा ने साफ किया कि वे जबरदस्ती टीम में बने रहने के पक्ष में नहीं थे और अगर जरूरत पड़ी होती तो वे उसी समय संन्यास लेने के लिए तैयार थे।अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी ख्वाजा क्रिकेट से पूरी तरह दूरी नहीं बनाएंगे। वे आगे भी ब्रिस्बेन हीट के लिए बिग बैश लीग और क्वींसलैंड के लिए शेफील्ड शील्ड में खेलते नजर आएंगे। उनका मानना है कि क्रिकेट अभी भी उनके जीवन का अहम हिस्सा है।

    इस मौके पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के CEO टॉड ग्रीनबर्ग ने कहा कि उस्मान ख्वाजा ने मैदान के अंदर और बाहर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को बहुत कुछ दिया है। उनका योगदान सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने विविधता समावेशिता और साहस की मिसाल भी पेश की है।कुल मिलाकर उस्मान ख्वाजा का संन्यास सिर्फ एक खिलाड़ी का विदाई नहीं है बल्कि यह ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में मौजूद उन मुद्दों की ओर भी इशारा करता है जिन पर अब खुलकर चर्चा होने लगी है।

  • रोहित–विराट के बाद संकट में वनडे क्रिकेट, अश्विन–इरफान ने ICC और BCCI को चेताया

    रोहित–विराट के बाद संकट में वनडे क्रिकेट, अश्विन–इरफान ने ICC और BCCI को चेताया


    नई दिल्ली । वनडे क्रिकेट का भविष्य एक बार फिर गंभीर चर्चा के केंद्र में आ गया है। भारत के दो सबसे बड़े सितारे रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों के संभावित संन्यास को देखते हुए पूर्व क्रिकेटरों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते बड़े फैसले नहीं लिए गए तो यह फॉर्मेट आने वाले वर्षों में अपनी प्रासंगिकता खो सकता है। खासतौर पर 2027 वनडे विश्व कप के बाद वनडे क्रिकेट का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।

    पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ICC और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI को साफ शब्दों में आगाह किया है कि मौजूदा ढांचे के साथ वनडे क्रिकेट को बचाना मुश्किल होगा। दोनों का मानना है कि द्विपक्षीय सीरीज की घटती अहमियत और टूर्नामेंट्स की अधिकता ने इस फॉर्मेट की चमक फीकी कर दी है।कोविड-19 महामारी के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां पांच मैचों की वनडे सीरीज आम बात हुआ करती थीं, वहीं अब ज्यादातर टीमें केवल तीन मैचों की औपचारिक सीरीज खेलती नजर आती हैं। कई देशों के लिए वनडे क्रिकेट अब सिर्फ विश्व कप तक सीमित होता जा रहा है, जबकि टी20 क्रिकेट और फ्रेंचाइज़ी लीग्स ने दर्शकों का बड़ा हिस्सा अपनी ओर खींच लिया है।

    अश्विन ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल ऐश की बात में इस मुद्दे पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अगर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे बड़े नाम वनडे क्रिकेट से हटते हैं तो दर्शकों की दिलचस्पी और तेजी से कम हो सकती है। अश्विन ने घरेलू क्रिकेट का उदाहरण देते हुए बताया कि विजय हजारे ट्रॉफी को आमतौर पर सीमित दर्शक ही देखते हैं, लेकिन जब रोहित और विराट इस टूर्नामेंट में खेले, तो स्टेडियमों में भारी भीड़ देखने को मिली।उनके मुताबिक, यह साफ संकेत है कि मौजूदा दौर में वनडे क्रिकेट काफी हद तक स्टार खिलाड़ियों पर निर्भर है। अगर बड़े चेहरे नहीं होंगे, तो दर्शकों को आकर्षित करना और भी मुश्किल हो जाएगा। अश्विन ने ICC के मौजूदा टूर्नामेंट मॉडल पर भी सवाल उठाए। उनका मानना है कि साल भर में लगातार अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कराने से फैंस में थकान पैदा हो रही है और हर इवेंट की अहमियत कम होती जा रही है।

    अश्विन ने सुझाव दिया कि ICC को फुटबॉल की तर्ज पर वनडे विश्व कप को चार साल में सिर्फ एक बार आयोजित करना चाहिए ताकि इस टूर्नामेंट की प्रतिष्ठा और रोमांच बना रहे। उनका कहना है कि जब कोई इवेंट दुर्लभ होता है तो उसकी वैल्यू अपने आप बढ़ जाती है।वहीं इरफान पठान ने भी वनडे क्रिकेट के गिरते ग्राफ पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय सीरीज अब दर्शकों को रोमांचित नहीं कर पा रही हैं। इरफान के अनुसार, अगर वनडे क्रिकेट को फिर से लोकप्रिय बनाना है, तो ट्राई सीरीज और क्वाड्रेंगुलर सीरीज जैसे फॉर्मेट्स को दोबारा शुरू करना होगा।

    इरफान का मानना है कि जब एक ही सीरीज में तीन या चार टीमें हिस्सा लेती हैं तो मुकाबलों की प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और हर मैच का महत्व भी ज्यादा होता है। इससे दर्शकों की रुचि बनी रहती है और खिलाड़ियों को भी अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने का मौका मिलता है।कुल मिलाकर अश्विन और इरफान दोनों इस बात पर सहमत हैं कि अगर ICC और BCCI ने समय रहते ठोस और साहसिक फैसले नहीं लिए तो वनडे क्रिकेट धीरे-धीरे हाशिए पर चला जाएगा। 50 ओवर का यह पारंपरिक फॉर्मेट कभी क्रिकेट की पहचान हुआ करता था, लेकिन बदलते दौर में इसे बचाने के लिए बड़े और दूरदर्शी बदलाव अब जरूरी हो गए हैं।

  • राहुल गांधी की राम से तुलना पर सियासी बवाल, नाना पाटोले के बयान को संजय निरुपम ने बताया हास्यास्पद

    राहुल गांधी की राम से तुलना पर सियासी बवाल, नाना पाटोले के बयान को संजय निरुपम ने बताया हास्यास्पद

    नई दिल्ली।कांग्रेस नेता नाना पाटोले द्वारा राहुल गांधी की तुलना भगवान राम से किए जाने पर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। इस बयान पर शिवसेना नेता संजय निरुपम ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। गुरुवार को उन्होंने इसे न केवल हास्यास्पद बयान बताया बल्कि कांग्रेस पार्टी के राम के प्रति रुख पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।

    संजय निरुपम ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास भगवान राम और राम मंदिर के विरोध से जुड़ा रहा है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर कांग्रेस ने हमेशा बाधाएं खड़ी कीं और कई बार भगवान राम के अस्तित्व पर ही सवाल उठाए। ऐसे में राहुल गांधी की तुलना भगवान राम से करना पूरी तरह अनुचित और हास्यास्पद है।उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस नेताओं को भगवान राम के नाम का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं करना चाहिए। निरुपम के अनुसार कांग्रेस पार्टी के आचरण और उसके नेताओं की गतिविधियों को देखते हुए उनकी तुलना भगवान राम से नहीं बल्कि रावण से की जानी चाहिए। उन्होंने कहा राम के नाम को बदनाम मत कीजिए। जिन लोगों का आचरण राम के आदर्शों से मेल नहीं खाता वे ऐसी तुलना करने के अधिकारी नहीं हैं।

    दरअसल यह विवाद तब शुरू हुआ जब बुधवार को कांग्रेस नेता नाना पाटोले से राहुल गांधी के राम मंदिर न जाने को लेकर सवाल किया गया। इसके जवाब में पाटोले ने कहा था कि कांग्रेस भगवान राम का काम कर रही है और राहुल गांधी शोषितों पीड़ितों और वंचितों के लिए वही कार्य कर रहे हैं जो भगवान राम ने किया था। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी देशभर में न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं और जब वे अयोध्या जाएंगे तो राम मंदिर में प्रार्थना करेंगे।नाना पाटोले ने यह भी दावा किया कि जब रामलला के मंदिर के ताले बंद थे तब तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने उन्हें खुलवाने का आदेश दिया था। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया।

    गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब नाना पाटोले राहुल गांधी की तुलना भगवान राम से जोड़कर विवादों में आए हों। इससे पहले अक्टूबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भी उन्होंने राहुल गांधी और भगवान राम के नाम को जोड़ते हुए बयान दिया था जिस पर भाजपा नेताओं ने कड़ा विरोध जताया था।उस समय पाटोले ने सफाई देते हुए कहा था कि कांग्रेस राहुल गांधी की तुलना भगवान राम से नहीं करती बल्कि यह केवल एक संयोग है कि दोनों के नामआर अक्षर से शुरू होते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि भगवान राम शंकराचार्य और राहुल गांधी की यात्राओं में समानता बताना तुलना नहीं है।

    हालांकि भाजपा नेताओं ने उनके इस तर्क को खारिज करते हुए इसे हिंदू भावनाओं का अपमान बताया था। भाजपा नेता सीआर केशवन ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए नाना पाटोले से सवाल किया था कि राहुल गांधी अब तक अयोध्या राम मंदिर क्यों नहीं गए।अब एक बार फिर इस बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है और राहुल गांधी कांग्रेस तथा राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर सियासी टकराव तेज हो गया है।