पानी की कमी छीन लेती है चेहरे की चमक
चेहरे की सही सफाई भी है जरूरी
धूप से बचाव भी है स्किन के लिए जरूरी
तनाव कम करेंगे तो चेहरा खुद बोलेगा

पानी की कमी छीन लेती है चेहरे की चमक
चेहरे की सही सफाई भी है जरूरी
धूप से बचाव भी है स्किन के लिए जरूरी

श्राइन बोर्ड प्रशासन ने कहा है कि नव वर्ष के करीब आते ही श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होती है। विशेष रूप से नव वर्ष से कुछ दिन पहले माता वैष्णो देवी मंदिर में भारी भीड़ देखने को मिलती है। इस संभावित भीड़ और भगदड़ जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु नए आदेश लागू किए गए हैं। बोर्ड ने यात्रा पंजीकरण केंद्रों पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे श्रद्धालुओं को इन आदेशों के बारे में लगातार जानकारी देते रहें। नए नियम सभी प्रकार की यात्रा पर लागू होंगे, चाहे श्रद्धालु पैदल, हेलीकॉप्टर या बैटरी कार से यात्रा कर रहे हों।
RFID कार्ड मिलने का समय बढ़ाया गया
कटड़ा रेलवे स्टेशन के पास स्थित यात्रा पंजीकरण केंद्र पर RFID यात्रा कार्ड प्राप्त करने का समय बढ़ाया गया है। अब श्रद्धालु रात 12 बजे तक अपने RFID यात्रा कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। पहले यह सेवा केवल रात 10 बजे तक उपलब्ध थी। जो यात्री ट्रेन से देर रात कटड़ा पहुंचते हैं, वे दर्शन डियोड़ी प्रवेश द्वार पर 24 घंटे RFID कार्ड ले सकते हैं। इससे रात में भी श्रद्धालुओं को यात्रा आरंभ करने में सुविधा होगी और भीड़ नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।
SMVDSB ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड SMVDSB ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित और सहज यात्रा सुनिश्चित करने के इंतजामों की समीक्षा की। बैठक में बोर्ड के CEO ने अधिकारियों को यात्रा प्रबंधन और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने के निर्देश दिए। बैठक में विशेष रूप से RFID-आधारित एक्सेस कंट्रोल के जरिए यात्रा के कड़े नियमों पर जोर दिया गया, ताकि केवल वैध RFID कार्ड वाले श्रद्धालु ही आगे बढ़ सकें।सुरक्षा एजेंसियों ने मीटिंग में मल्टी-टियर सिक्योरिटी ग्रिड की जानकारी साझा की, जिसमें पुलिस, CRPF और श्राइन बोर्ड सुरक्षा टीम शामिल हैं। इन टीमों के साथ क्विक रिस्पॉन्स यूनिट्स तैनात हैं, जो तुरंत कार्रवाई कर सकें। इसके अलावा, एडवांस्ड सर्विलांस टूल्स के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया, ताकि वास्तविक समय में संभावित खतरों का तुरंत अंदाजा लगाया जा सके।
कितनी है कटरा से वैष्णो देवी यात्रा की दूरी?
कटरा से माता वैष्णो देवी मंदिर तक की दूरी लगभग 13 किलोमीटर है। श्रद्धालु इसे पैदल, घोड़े, पिट्ठू, बैटरी कार या हेलीकॉप्टर के माध्यम से तय कर सकते हैं। पैदल यात्रा में सामान्य तौर पर लगभग 8 घंटे का समय लगता है। जबकि सामान्य दिनों में यात्रा पूरी करने में कुल 24 से 36 घंटे लग सकते हैं, जिसमें चढ़ाई और लौटने का समय शामिल है।

इसे लेकर जब यूपी सरकार में मंत्री ओपी राजभर से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब कोर्ट ने सेंगर को पीड़िता के घर के पांच किलोमीटर दूर तक नहीं जाने को कहा है तो कोई असुरक्षित कहां हैं? पीड़ित पक्ष अभी दिल्ली में क्या कर रहा है? दिल्ली में प्रदर्शन की क्या जरूरत है? बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने रेप के मामले में कुलदीप सिंह को सशर्त जमानत दी है. कोर्ट ने 15 लाख रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि के जमानत की शर्त रखी है. कोर्ट ने साफ कहा है कि सेंगर पीड़िता के पांच किलोमीटर के दायरे में नहीं आएगा और जमानत की अवधि के दौरान दिल्ली में ही रहेगा. उसे हर सोमवार पुलिस को रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा.
अदालत का साफतौर पर कहना है कि कुलदीप सेंगर उन्नाव रेप पीड़िता और उसके परिवार को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से किसी भी तरह की धमकी नहीं देगा. उसे अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करना होगा और किसी भी शर्त के उल्लंघन की स्थिति में उसकी जमानत तुरंत रद्द की जा सकती है. हालांकि, इसके बावजूद सेंगर की तत्काल रिहाई संभव नहीं लग रही क्योंकि उसे पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में भी दोषी ठहराया गया है और इस मामले में वह दस साल की सजा काट रहा है. ऐसे में वह फिलहाल जेल में ही रहेगा.
उन्नाव रेप केस की नाबालिग पीड़िता को 11 से 20 जून 2017 के बीच कुलदीप सेंगर ने अगवा कर रेप किया. इसके बाद उसे 60 हजार रुपये में बेच दिया गया. बाद में पीड़िता को माखी थाना क्षेत्र से बरामद किया गया. आरोप यह भी है कि पीड़िता को पुलिस अधिकारियों की ओर से लगातार धमकाया गया और सेंगर के निर्देश पर चुप रहने का दबाव बनाया गया. इसके बाद रेप, अपहरण और आपराधिक धमकी सहित पॉक्सो एक्ट की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई. इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद कुलदीप सेंगर को गिरफ्तार किया गया था.

हमारे पास नाराज होने का कोई कारण नहीं- वड्डेटीवार
हमें निकाय चुनाव में ज्यादा सफलता मिली- वड्डेटीवार
महाराष्ट्र पर कब्जा करने की साजिश- वड्डेटीवार

गिरिराज सिंह का मानसिक संतुलन हिला हुआ है- इमरान प्रतापगढ़ी
कांग्रेस में कई नेता हैं जो PM बनने की क्षमता रखते हैं- इमरान प्रतापगढ़ी
उन्होंने कहा, क्या बीजेपी में कोई कह सकता है कि अमित शाह और जेपी नड्डा पीएम बन सकते हैं. कांग्रेस में कई ऐसे नेता हैं जो पीएम बनने की क्षमता रखते हैं. प्रियंका गांधी वाड्रा में भी प्रधानमंत्री बनने की पूरी क्षमता है. उन्होंने संसद में वंदे मातरम पर जो कुछ कहा, उसकी चर्चा पूरे देश में हुई. प्रधानमंत्री सत्र छोड़कर विदेश चले गए थे. तमाम मुद्दों पर बीजेपी घिरी हुई है और मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह का विवाद खड़ा किया जाता है. मीडिया ऐसे मामलों में बीजेपी की मदद करती रहती है. यह सब मीडिया की गढ़ी हुई कहानी है. हम सभी मुद्दों पर डटे हुए हैं और हमारे मुद्दे पूरी तरह स्पष्ट हैं.
ब्राह्मण विधायकों पर भी बोले इमरान प्रतापगढ़ी
PM शेख हसीना की मेहमाननवाजी में लगे हैं- इमरान प्रतापगढ़ी
हम उनके बुलडोजरों के सामने खड़े मिलेंगे- इमरान प्रतापगढ़ी

चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षदों की क्या है संख्या?

1) TVF की पंचायत सीजन 4
एक बार फिर भारतीय ओटीटी का दिल फुलेरा में धड़का।पंचायत सीजन 4 ने अपने सादे ह्यूमर, इमोशनल गहराई और जुड़ाव भरी कहानी के साथ दर्शकों का दिल जीत लिया। सोशल मीडिया, मीम्स और फैन चर्चाओं पर इस शो का साफ़ दबदबा रहा, जिसने हर उम्र और हर इलाके के दर्शकों से TVF के खास रिश्ते को फिर साबित किया।
4) द रॉयल्स
चमक-दमक और हाई ड्रामा से भरी इस सीरीज ने बहुत जल्दी अपना दर्शक वर्ग बना लिया। बड़े पैमाने, दमदार परफॉर्मेंस और बिंज-वॉच करने लायक कहानी के चलते द रॉयल्स उन लोगों की पसंद बनी, जो एंटरटेनमेंट के साथ हल्का-फुल्का कंटेंट चाहते थे।
5) ब्लैक वारंट
एक सख्त और दमदार क्राइम ड्रामा, ब्लैक वारंट ने अपनी रॉ और सच्ची कहानी और मजबूत अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया। धीरे-धीरे इसकी चर्चा बढ़ी और यह साल के सबसे ज्यादा बात किए जाने वाले नए शोज में शामिल हो गया।

उस्मान हादी का जिक्र कर क्या कहा

तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा पर जेडीयू का शक
नीरज कुमार ने कहा कि इस मामले में न तो तेजस्वी यादव और न ही आरजेडी की ओर से कोई स्पष्ट सफाई दी गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जानकारी मिली है कि 28 आपराधिक मामलों के आरोपी देवा गुप्ता जो मोतिहारी से आरजेडी का उम्मीदवार रह चुका हैउसके भी विदेश यात्रा में शामिल होने की संभावना है। जेडीयू नेता ने कहा कि जब रमीज नेमत खान के विदेश जाने की आशंका जताई जा रही हैतो देवा गुप्ता के जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसी वजह से डीजीपी से अनुरोध किया गया है कि देवा गुप्ता की गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाए।
नीरज कुमार का सवालआरजेडी ने अब तक कदम क्यों नहीं उठाया?
नीरज कुमार ने आरजेडी की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि देवा गुप्ता फरार है और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित हैतो पार्टी ने उसके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर गंभीर आपराधिक आरोप हैंउन पर आरजेडी की ओर से कोई सख्ती नहीं दिखाई दे रही है। इसी वजह से यह आशंका गहराती है कि दोनों व्यक्ति तेजस्वी यादव के संपर्क में हो सकते हैं। नीरज कुमार ने आगे कहा कि यदि यह साबित होता है कि ये दोनों लोग तेजस्वी यादव के साथ हैंतो फिर कानून अपना काम करेगा और उस स्थिति में तेजस्वी यादव पर भी कार्रवाई की जाएगी।
जेडीयू के आरोपों पर आरजेडी का जवाब

राहुल गांधी ने गैंगरेप पीड़िता को समर्थन देते हुए पूछा क्या एक गैंगरेप पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार उचित है? क्या उसकी गलती ये है कि वो न्याय के लिए अपनी आवाज उठाने की हिम्मत कर रही है? उसके अपराधी पूर्व BJP MLA को जमानत मिलना बेहद निराशाजनक और शर्मनाक है. खासकर तब जब पीड़िता को बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा हो और वो डर के साए में जी रही हो. बलात्कारियों को जमानत और पीड़िताओं के साथ अपराधियों सा व्यवहार ये कैसा न्याय है? हम सिर्फ एक मृत अर्थव्यवस्था नहीं ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ हम एक मृत समाज भी बनते जा रहे हैं. लोकतंत्र में असहमति की आवाज उठाना अधिकार है और उसे दबाना अपराध. पीड़िता को सम्मान सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए न कि बेबसी भय और अन्याय.
इंडिया गेट पर 2017 के उन्नाव गैंगरेप केस पीड़िता ने आरोप लगाया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को देखते हुए सेंगर को जमानत दी गई है. 2017 के इस मामले ने तब विवाद पकड़ा था जब बिना नंबर प्लेट वाले एक ट्रक उस कार से टकरा गया था जिसमें पीड़िता जा रही थी.
इस घटना में पीड़िता और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे. जबकि उसकी दो मौसियों की मौत हो गई थी. इस मामले में सेंगर पर अलग से एक मामला दर्ज है. इस मामले में भी 2021 को दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें आरोप मुक्त करते हुए दुर्घटना को सबूतों के आभाव में साजिश मानने से इनकार कर दिया था.