Author: bharati

  • Natural Skin Care Habits: अगर महंगी क्रीम और स्किन केयर प्रोडक्ट्स भी आपके चेहरे पर असर नहीं दिखा पा रहे हैं,

    Natural Skin Care Habits: अगर महंगी क्रीम और स्किन केयर प्रोडक्ट्स भी आपके चेहरे पर असर नहीं दिखा पा रहे हैं,


    नई दिल्‍ली । कई बार ऐसा होता है कि हम महंगी से महंगी क्रीम, सीरम और फेस पैक इस्तेमाल करते हैं, फिर भी चेहरे पर वो निखार नहीं आता जिसकी उम्मीद होती है। तब मन में सवाल उठता है कि आखिर कमी कहां रह गई। असल में स्किन की सेहत सिर्फ बाहर से लगाए गए प्रोडक्ट्स पर नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की आदतों पर टिकी होती है। सही दिनचर्या अपनाकर, बिना ज्यादा खर्च किए भी चेहरे पर नैचुरल पिंक ग्लो लाया जा सकता है।अगर नींद पूरी नहीं होती, तो उसका असर सबसे पहले चेहरे पर दिखता है। डलनेस, डार्क सर्कल और पिंपल्स की बड़ी वजह खराब स्लीप साइकल मानी जाती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक रोज 7-8 घंटे की गहरी नींद स्किन सेल्स को रिपेयर करने में मदद करती है। अच्छी नींद से चेहरा फ्रेश दिखता है और नेचुरल ग्लो अपने आप नजर आने लगता है।

    पानी की कमी छीन लेती है चेहरे की चमक

    दिनभर कम पानी पीने से शरीर ही नहीं, स्किन भी डिहाइड्रेट हो जाती है। जब स्किन में नमी की कमी होती है, तो चेहरा बेजान और रूखा लगने लगता है। रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और स्किन अंदर से हाइड्रेट रहती है। यही आदत चेहरे पर पिंक और हेल्दी ग्लो लाने में मदद करती है।
    संतुलित डाइट है नेचुरल ब्यूटी का राज
    स्किन की सेहत का सीधा कनेक्शन हमारे खाने से होता है। ज्यादा तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड स्किन प्रॉब्लम्स बढ़ा सकता है। वहीं फल, सब्जियां, नट्स और प्रोटीन से भरपूर डाइट स्किन को जरूरी पोषण देती है। विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर खाना स्किन को अंदर से मजबूत बनाता है।

    चेहरे की सही सफाई भी है जरूरी

    दिनभर धूल-मिट्टी और पॉल्यूशन चेहरे पर जम जाता है। अगर स्किन को ठीक से साफ न किया जाए, तो पोर्स बंद हो सकते हैं और पिंपल्स की समस्या बढ़ सकती है। दिन में दो बार हल्के क्लींजर से फेस वॉश करना स्किन को साफ रखता है और नेचुरल ग्लो बनाए रखने में मदद करता है।

    धूप से बचाव भी है स्किन के लिए जरूरी

    बिना धूप से बचाव के बाहर निकलना स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है। सूरज की तेज किरणें स्किन एजिंग और पिगमेंटेशन बढ़ा सकती हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बाहर जाते समय सन प्रोटेक्शन अपनाना स्किन को लंबे समय तक हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखता है।

    तनाव कम करेंगे तो चेहरा खुद बोलेगा
    ज्यादा तनाव सिर्फ दिमाग ही नहीं, स्किन को भी प्रभावित करता है। स्ट्रेस हार्मोनल बदलाव लाकर स्किन प्रॉब्लम्स बढ़ा सकता है। रोज थोड़ा वक्त खुद के लिए निकालना, रिलैक्स करना और पॉजिटिव रहना चेहरे पर साफ नजर आता है।

  • माता वैष्णो देवी यात्रा को लेकर नए साल पर बदले नियम, RFID कार्ड से तय होगी चढ़ाई और वापसी की समय सीमा

    माता वैष्णो देवी यात्रा को लेकर नए साल पर बदले नियम, RFID कार्ड से तय होगी चढ़ाई और वापसी की समय सीमा


    नई दिल्‍ली । माता वैष्णो देवी की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने नए आदेश जारी किए हैं, जो तुरंत लागू हो गए हैं। नए नियमों के अनुसार, हर श्रद्धालु को यात्रा पंजीकरण के साथ आरएफआईडी यात्रा कार्ड प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, यात्रा शुरू करने और पूरी करने के लिए अब स्पष्ट समय सीमा तय की गई है। नए नियम के अनुसार, श्रद्धालुओं को आरएफआईडी कार्ड प्राप्त करने के 12 घंटे के भीतर यात्रा शुरू करनी होगी और 24 घंटे के भीतर यात्रा पूरी कर कटड़ा आधार शिविर लौटना अनिवार्य होगा। बता दें कि पहले केवल यात्रा आरंभ करने के लिए 12 घंटे की सीमा थी, लेकिन यात्रा पूरी करने की कोई निर्धारित समय सीमा नहीं थी। अब पहली बार यात्रा पूरी करने के लिए भी समय सीमा लागू कर दी गई है।

    क्‍यों लिया गया ये फैसला?

    श्राइन बोर्ड प्रशासन ने कहा है कि नव वर्ष के करीब आते ही श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होती है। विशेष रूप से नव वर्ष से कुछ दिन पहले माता वैष्णो देवी मंदिर में भारी भीड़ देखने को मिलती है। इस संभावित भीड़ और भगदड़ जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु नए आदेश लागू किए गए हैं। बोर्ड ने यात्रा पंजीकरण केंद्रों पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे श्रद्धालुओं को इन आदेशों के बारे में लगातार जानकारी देते रहें। नए नियम सभी प्रकार की यात्रा पर लागू होंगे, चाहे श्रद्धालु पैदल, हेलीकॉप्टर या बैटरी कार से यात्रा कर रहे हों।

    RFID कार्ड मिलने का समय बढ़ाया गया

    कटड़ा रेलवे स्टेशन के पास स्थित यात्रा पंजीकरण केंद्र पर RFID यात्रा कार्ड प्राप्‍त करने का समय बढ़ाया गया है। अब श्रद्धालु रात 12 बजे तक अपने RFID यात्रा कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। पहले यह सेवा केवल रात 10 बजे तक उपलब्ध थी। जो यात्री ट्रेन से देर रात कटड़ा पहुंचते हैं, वे दर्शन डियोड़ी प्रवेश द्वार पर 24 घंटे RFID कार्ड ले सकते हैं। इससे रात में भी श्रद्धालुओं को यात्रा आरंभ करने में सुविधा होगी और भीड़ नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।

    SMVDSB ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

    माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड SMVDSB ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित और सहज यात्रा सुनिश्चित करने के इंतजामों की समीक्षा की। बैठक में बोर्ड के CEO ने अधिकारियों को यात्रा प्रबंधन और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने के निर्देश दिए। बैठक में विशेष रूप से RFID-आधारित एक्सेस कंट्रोल के जरिए यात्रा के कड़े नियमों पर जोर दिया गया, ताकि केवल वैध RFID कार्ड वाले श्रद्धालु ही आगे बढ़ सकें।सुरक्षा एजेंसियों ने मीटिंग में मल्टी-टियर सिक्योरिटी ग्रिड की जानकारी साझा की, जिसमें पुलिस, CRPF और श्राइन बोर्ड सुरक्षा टीम शामिल हैं। इन टीमों के साथ क्विक रिस्पॉन्स यूनिट्स तैनात हैं, जो तुरंत कार्रवाई कर सकें। इसके अलावा, एडवांस्ड सर्विलांस टूल्स के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया, ताकि वास्तविक समय में संभावित खतरों का तुरंत अंदाजा लगाया जा सके।

    कितनी है कटरा से वैष्णो देवी यात्रा की दूरी?

    कटरा से माता वैष्णो देवी मंदिर तक की दूरी लगभग 13 किलोमीटर है। श्रद्धालु इसे पैदल, घोड़े, पिट्ठू, बैटरी कार या हेलीकॉप्टर के माध्यम से तय कर सकते हैं। पैदल यात्रा में सामान्य तौर पर लगभग 8 घंटे का समय लगता है। जबकि सामान्य दिनों में यात्रा पूरी करने में कुल 24 से 36 घंटे लग सकते हैं, जिसमें चढ़ाई और लौटने का समय शामिल है।

  • 'उसका घर तो उन्नाव में है ना, ही-ही-ही… मंत्री राजभर ने उड़ाया रेप पीड़िता का मजाक, Video

    'उसका घर तो उन्नाव में है ना, ही-ही-ही… मंत्री राजभर ने उड़ाया रेप पीड़िता का मजाक, Video


    नई दिल्‍ली । दिल्ली हाईकोर्ट ने 2017 के उन्नाव रेप केस मामले में दोषी ठहराए गए और उम्रकैद की सजा काट रहे बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सशर्त जमानत दी है. इसके विरोध में रेप पीड़िता और उसकी मां ने इंडिया गेट पर धरना दिया. इसे लेकर जब उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर से सवाल पूछा गया तो वे खिलखिलाकर हंस दिए.सेंगर को जमानत दिए जाने के विरोध में उन्नाव रेप पीड़िता और उनके परिवार ने आज इंडिया गेट पर धरना दिया. लेकिन यह प्रदर्शन ज्यादा देर तक नहीं चल सका. दिल्ली पुलिस ने पीड़िता और उनकी मां को प्रदर्शन स्थल से हटा दिया.

    इसे लेकर जब यूपी सरकार में मंत्री ओपी राजभर से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब कोर्ट ने सेंगर को पीड़िता के घर के पांच किलोमीटर दूर तक नहीं जाने को कहा है तो कोई असुरक्षित कहां हैं? पीड़ित पक्ष अभी दिल्ली में क्या कर रहा है? दिल्ली में प्रदर्शन की क्या जरूरत है? बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने रेप के मामले में कुलदीप सिंह को सशर्त जमानत दी है. कोर्ट ने 15 लाख रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि के जमानत की शर्त रखी है. कोर्ट ने साफ कहा है कि सेंगर पीड़िता के पांच किलोमीटर के दायरे में नहीं आएगा और जमानत की अवधि के दौरान दिल्ली में ही रहेगा. उसे हर सोमवार पुलिस को रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा.

    अदालत का साफतौर पर कहना है कि कुलदीप सेंगर उन्नाव रेप पीड़िता और उसके परिवार को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से किसी भी तरह की धमकी नहीं देगा. उसे अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करना होगा और किसी भी शर्त के उल्लंघन की स्थिति में उसकी जमानत तुरंत रद्द की जा सकती है. हालांकि, इसके बावजूद सेंगर की तत्काल रिहाई संभव नहीं लग रही क्योंकि उसे पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में भी दोषी ठहराया गया है और इस मामले में वह दस साल की सजा काट रहा है. ऐसे में वह फिलहाल जेल में ही रहेगा.

    उन्नाव रेप केस की नाबालिग पीड़िता को 11 से 20 जून 2017 के बीच कुलदीप सेंगर ने अगवा कर रेप किया. इसके बाद उसे 60 हजार रुपये में बेच दिया गया. बाद में पीड़िता को माखी थाना क्षेत्र से बरामद किया गया. आरोप यह भी है कि पीड़िता को पुलिस अधिकारियों की ओर से लगातार धमकाया गया और सेंगर के निर्देश पर चुप रहने का दबाव बनाया गया. इसके बाद रेप, अपहरण और आपराधिक धमकी सहित पॉक्सो एक्ट की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई. इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद कुलदीप सेंगर को गिरफ्तार किया गया था.

  • उद्धव-राज ठाकरे के गठबंधन पर कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया, 'हम कभी MNS के साथ…'

    उद्धव-राज ठाकरे के गठबंधन पर कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया, 'हम कभी MNS के साथ…'


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र में आखिरकार उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच सियासी गठबंधन हो ही गया. बुधवार 24 दिसंबर को दोनों भाइयों ने 15 जनवरी को होने वाले बीएमसी चुनाव से पहले गठबंधन की घोषणा कर दी. उससे शिवसेना यूबीटी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेनाके कार्यकर्ताओं में उत्साह है. उद्धव ठाकरे विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी का भी हिस्सा हैं जिसमें कांग्रेस भी शामिल है. दोनों भाइयों के गठबंधन पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आई है.

    हमारे पास नाराज होने का कोई कारण नहीं- वड्डेटीवार

    कांग्रेस नेता विजय वड्डेटीवार ने अगर मुंबई में दो भाई साथ आने का फैसला करते हैं तो हम बिल्कुल खुश है. जब कोई एक परिवार एकजुट होकर चुनाव लड़ता है तो हमें नाराज़ होने का कोई कारण नहीं है. उन्होंने साथ ही कहालेकिन याद रखें कांग्रेस कभी भी MNS के साथ गठबंधन करने को तैयार नहीं रही है.

    हमें निकाय चुनाव में ज्यादा सफलता मिली- वड्डेटीवार

    नागपुर में मीडिया से बातचीत में विजय वड्डेटीवार ने कहा हाल ही में संपन्न हुए म्यूनसिपल काउंसिल के चुनावों के नतीजों में महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. ये बात अब सबभी को साफ तौर पर दिखाई दे रही है. कांग्रेस ने बिना गठबंधन के चुनाव लड़ा. चाहे वह कुल वोट हों मेयर के उम्मीदवार हों या कॉर्पोरेटर की सीटें हों हमें बाकी दोनों पार्टियों शरद पवार गुट और उद्धव ठाकरे गुट से ज़्यादा सफलता मिली.

    कांग्रेस कार्यकर्ता स्वतंत्र रूप से लड़ना चाहते हैं
    इसके आगे उन्होंने कहा ये नतीजे पूरी तरह से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की मनोदशा को दर्शाते हैं कि वे स्थानीय चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ना चाहते हैं. अगर दो भाई साथ आने का फैसला करते हैं तो हम वाकई में खुश हैं. हम उन्हें बधाई देते हैं और आने वाले चुनावों में उनकी सफलता की सच्ची कामना करते हैं। हमारा रुख हमेशा शिवसेना यूबीटी और शरद पवार के साथ खड़े रहने का रहा है और आज भी वही है.

    महाराष्ट्र पर कब्जा करने की साजिश- वड्डेटीवार

    वड्डेटीवार ने ये भी कहा महाराष्ट्र के लिए मराठी लोग क्या फैसला लेते हैं यह उन पर निर्भर करता है. लेकिन यह सच है कि राज्य में मराठी भाषा और मराठी पहचान पर खतरा मंडरा रहा है। भले ही मैं कांग्रेसी हूं लेकिन सच तो सच ही रहता है. मुंबई पर कब्ज़ा करने और उसे गुजरात के कंट्रोल में लाने की एक सोची-समझी कोशिश की जा रही है.

  • गिरिराज सिंह का मानसिक संतुलन. इमरान मसूद को आतंकी कहे जाने पर भड़के इमरान प्रतापगढ़ी

    गिरिराज सिंह का मानसिक संतुलन. इमरान मसूद को आतंकी कहे जाने पर भड़के इमरान प्रतापगढ़ी


    नई दिल्‍ली । गिरिराज सिंह ने इमरान मसूद को आतंकी कह दिया, इस पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली है. इसके साथ ही उन्होंने कई मुद्दों पर खुल कर से अपनी राय रखी है. इमरान मसूद द्वारा प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री लायक बताए जाने, बांग्लादेश की घटना के बंगाल चुनाव पर संभावित असर, हिमंता बिस्वा सरमा की आशंका और अरावली जैसे मुद्दों पर क्या कुछ कहा है आइए जानते हैं.

    गिरिराज सिंह का मानसिक संतुलन हिला हुआ है- इमरान प्रतापगढ़ी

    केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को आतंकी कहे जाने पर इमरान प्रतापगढ़ी बोले- उनका बयान प्रतिक्रिया देने लायक नहीं होता. उनका मानसिक संतुलन हिला हुआ है. समझ नहीं आता कि संविधान की शपथ लेकर कोई इतना गैर-संवैधानिक बयान कैसे दे सकता है. प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को इस पर संज्ञान लेना चाहिए और बताना चाहिए कि जिसकी मानसिक स्थिति ठीक न हो, उसे केंद्र में मंत्री बनाया जाना चाहिए या नहीं.

    कांग्रेस में कई नेता हैं जो PM बनने की क्षमता रखते हैं- इमरान प्रतापगढ़ी

    इमरान मसूद द्वारा प्रियंका गांधी वाड्रा को पीएम मटेरियल बताए जाने पर इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि पार्टी में बहुत से ऐसे नेता हैं जो प्रधानमंत्री बन सकते हैं. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत तमाम लोग हैं जिनमें पीएम बनने की क्षमता है. इस विषय पर जो विवाद पैदा किया जा रहा है, वह मीडिया की देन है. इस मुद्दे पर मीडिया ने ही बहस छेड़ी है. मीडिया ने ही प्लांट करके रॉबर्ट वाड्रा से बयान लिया और उसे गलत तरीके से पेश किया. यह अच्छी बात है कि कांग्रेस पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र है, इससे बेहतर आंतरिक लोकतंत्र हो ही नहीं सकता.

    उन्होंने कहा, क्या बीजेपी में कोई कह सकता है कि अमित शाह और जेपी नड्डा पीएम बन सकते हैं. कांग्रेस में कई ऐसे नेता हैं जो पीएम बनने की क्षमता रखते हैं. प्रियंका गांधी वाड्रा में भी प्रधानमंत्री बनने की पूरी क्षमता है. उन्होंने संसद में वंदे मातरम पर जो कुछ कहा, उसकी चर्चा पूरे देश में हुई. प्रधानमंत्री सत्र छोड़कर विदेश चले गए थे. तमाम मुद्दों पर बीजेपी घिरी हुई है और मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह का विवाद खड़ा किया जाता है. मीडिया ऐसे मामलों में बीजेपी की मदद करती रहती है. यह सब मीडिया की गढ़ी हुई कहानी है. हम सभी मुद्दों पर डटे हुए हैं और हमारे मुद्दे पूरी तरह स्पष्ट हैं.

    ब्राह्मण विधायकों पर भी बोले इमरान प्रतापगढ़ी

    यूपी में बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों द्वारा एकजुट होकर डिनर पार्टी आयोजित किए जाने पर इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि इस पर बीजेपी को ही प्रतिक्रिया देनी चाहिए कि ब्राह्मण विधायकों को यह क्यों कहना पड़ा कि वे पीछे हो रहे हैं. इस मामले में बीजेपी को आत्ममंथन करने की जरूरत है. कांग्रेस पार्टी सभी को साथ लेकर चलती है, जबकि बीजेपी जातिवादी पार्टी है. बीजेपी के लोग जातिवादी सम्मेलन करते हैं और अब डिनर कर रहे हैं. हम इसमें कोई संभावना नहीं देखते. हम संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं. राहुल गांधी ने साफ कहा है कि हम जाति और धर्म की राजनीति नहीं करेंगे.

    PM शेख हसीना की मेहमाननवाजी में लगे हैं- इमरान प्रतापगढ़ी

    बांग्लादेश के हालात और पश्चिम बंगाल चुनाव पर उसके संभावित असर को लेकर इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि इस मुद्दे पर भारत सरकार को बोलना चाहिए. कांग्रेस पार्टी लगातार इस पर आवाज उठा रही है. प्रियंका गांधी ने भी इस पर काफी कुछ कहा है. यह भारत सरकार की बड़ी विफलता है. यह शर्मनाक है कि बंगाल चुनाव को लेकर तो बातें की जा रही हैं, लेकिन पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार पर हमारी सरकार चुप है. दुनिया में कहीं भी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होता है तो भारत सरकार को बोलना चाहिए. प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय शेख हसीना की मेहमाननवाज़ी में लगे हैं, लेकिन बांग्लादेश के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं.हिमंता बिस्वा सरमा के इस बयान पर कि असम में घुसपैठिए बढ़ते जा रहे हैं, इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि आखिर कहां-कहां घुसपैठिए बढ़ रहे हैं. झारखंड में प्रभारी रहते हुए उन्होंने वहां भी यही कहा था. दिल्ली और बिहार चुनाव में भी यही बात कही गई. इसके बाद असम और यूपी में भी यही कहा जा रहा है, क्योंकि वहां चुनाव नजदीक हैं. जिन राज्यों में चुनाव खत्म हो जाते हैं, वहां बीजेपी घुसपैठियों की बात भूल जाती है.

    हम उनके बुलडोजरों के सामने खड़े मिलेंगे- इमरान प्रतापगढ़ी

    अरावली के मुद्दे पर इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि बीजेपी उद्योगपतियों की मदद करना चाहती है. भाजपा जल, जंगल और जमीन की दुश्मन है. इनका जनता से कोई सरोकार नहीं है. 400 पार का नारा देने वाली बीजेपी ए क्यू आई 400 पार लेकर चली गई है. यह सरकार संसाधनों को लूटकर चंद उद्योगपति दोस्तों को फायदा पहुंचाना चाहती है. अरावली को न तो लूटने देंगे और न ही बर्बाद होने देंगे. हम उनके बुलडोजरों के सामने खड़े मिलेंगे.कांग्रेस सांसद और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी आज जयपुर में थे. यहां से वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा भेजी गई चादर लेकर अजमेर दरगाह के लिए रवाना हुए
  • चंडीगढ़ मेयर चुनाव से पहले AAP को झटका, दो पार्षद BJP में शामिल, जानें क्या है नया नंबर गेम

    चंडीगढ़ मेयर चुनाव से पहले AAP को झटका, दो पार्षद BJP में शामिल, जानें क्या है नया नंबर गेम


    नई दिल्‍ली । चंडीगढ़ नगर निगम में आम आदमी पार्टी AAP को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के दो पार्षद भारतीय जनता पार्टी BJP में शामिल हो गए हैं. आम आदमी पार्टी पार्षद सुमन देवी और पूनम देवी ने पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल होने का फैसला ले लिया है. बता दें, जनवरी 2026 में मेयर चुनाव होने वाला है. इससे पहले आम आदमी पार्टी के लिए यह बड़ा नुकसान माना जा रहा है. चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 पार्षद हैं, जबकि एक वोट स्थानीय सांसद का होता है.

    चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षदों की क्या है संख्या?

    निगम में बीजेपी के अब तक 16 पार्षद थे, जिनकी संख्या बढ़कर 18 हो गई है. वहीं, आम आदमी पार्टी के 13 पार्षद थे जिनकी संख्या घट कर 11 रह गई है. कांग्रेस के 6 पार्षद हैं जबकि एक वोट कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का है.

    नगर निगम में बहुमत के लिए कितने वोट चाहिए?
    मालूम हो, इस साल जनवरी 2025 में हुए मेयर चुनाव में बीजेपी ने कम पार्षद होने के बावजूद जीत हासिल की थी. बीजेपी की हरप्रीत कौर बबला ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की सांझा उम्मीदवार प्रेम लता को हराया था. बबला को 19 वोट मिले थे, जबकि प्रेम लता को 17 वोट मिले थे. नगर निगम में बहुमत का आंकड़ा 19 है.

  • Year Ender 2025: ‘पंचायत 4’ से ‘द बै*ड्स ऑफ बॉलीवुड’ तक, इस साल चर्चा में रहीं ये वेब सीरीज

    Year Ender 2025: ‘पंचायत 4’ से ‘द बै*ड्स ऑफ बॉलीवुड’ तक, इस साल चर्चा में रहीं ये वेब सीरीज


    नई दिल्ली । भारतीय ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर वेब सीरीज़ के लिए एक यादगार साल साबित हुआ। TVF कीपंचायत सीजन 4 से लेकरद बैड्स ऑफ बॉलीवुड औरखौफ जैसे बोल्ड और चर्चित टाइटल्स समेत इस साल कई वेब सीरीज का दबदबा रहा।पंचायत औरद फैमिली मैन जैसी फैन-फेवरेट फ्रेंचाइज़ी नए सीजन के साथ लौटीं और अपनी जबरदस्त लोकप्रियता पर खरी उतरीं।वहींब्लैक वारंट औरद बैड्स ऑफ बॉलीवुड जैसे नए और रिस्क लेने वाले शोज ने नई आवाजों और कहानियों को सामने रखा। क्राइम थ्रिलर और पॉलिटिकल ड्रामा से लेकर सादगी भरी कॉमेडी और रहस्यमयी कहानियों तक, 2025 ने भारतीय ओटीटी स्टोरीटेलिंग का स्तर और ऊंचा कर दिया।आइए नजर डालते हैं उन भारतीय ओटीटी सीरीज पर, जिन्होंने 2025 में इंटरनेट पर धूम मचाई और दर्शकों को शुरू से अंत तक बांधे रखा:

    1) TVF की पंचायत सीजन 4
    एक बार फिर भारतीय ओटीटी का दिल फुलेरा में धड़का।पंचायत सीजन 4 ने अपने सादे ह्यूमर, इमोशनल गहराई और जुड़ाव भरी कहानी के साथ दर्शकों का दिल जीत लिया। सोशल मीडिया, मीम्स और फैन चर्चाओं पर इस शो का साफ़ दबदबा रहा, जिसने हर उम्र और हर इलाके के दर्शकों से TVF के खास रिश्ते को फिर साबित किया।

    2) पाताल लोक सीजन 2
    गहरी, पकड़ बनाने वाली और समाज से जुड़ीपाताल लोक सीजन 2 और भी बड़े दांव और गहरे किरदारों के साथ लौटी। इसके विषयों, अभिनय और राजनीतिक संकेतों को लेकर ऑनलाइन ज़ोरदार चर्चाएं हुईं।
    3) द फैमिली मैन सीजन 3
    साल की सबसे ज्यादा इंतजार की गई वापसी में से एक,द फैमिली मैन सीजन 3 ने एक्शन, ह्यूमर और इमोशन को बेहतरीन तरीके से मिलाया। इसकी रिलीज एक बड़े इंटरनेट इवेंट में बदल गई, जहां फैंस हर मोड़ और हर सीन पर चर्चा करते दिखे।

    4) द रॉयल्स
    चमक-दमक और हाई ड्रामा से भरी इस सीरीज ने बहुत जल्दी अपना दर्शक वर्ग बना लिया। बड़े पैमाने, दमदार परफॉर्मेंस और बिंज-वॉच करने लायक कहानी के चलते द रॉयल्स उन लोगों की पसंद बनी, जो एंटरटेनमेंट के साथ हल्का-फुल्का कंटेंट चाहते थे।

    5) ब्लैक वारंट
    एक सख्त और दमदार क्राइम ड्रामा, ब्लैक वारंट ने अपनी रॉ और सच्ची कहानी और मजबूत अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया। धीरे-धीरे इसकी चर्चा बढ़ी और यह साल के सबसे ज्यादा बात किए जाने वाले नए शोज में शामिल हो गया।

    6) खौफ
    डरावना और बेचैन करने वाला खौफ हॉरर-थ्रिलर की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब रहा। इसकी रहस्यमयी कहानी और मजबूत पेशकश ने इसे सोशल मीडिया और जॉनर से जुड़ी चर्चाओं का हिस्सा बना दिया।
    7) स्पेशल ऑप्स सीजन 2
    जासूसी की हाई-स्टेक्स कहानी को आगे बढ़ाते हुए स्पेशल ऑप्स सीज़न 2 ने बड़े पैमाने, सस्पेंस और जबरदस्त परफॉर्मेंस के साथ फ्रेंचाइजी के फैंस को पूरी तरह जोड़े रखा।
    8) द बै*ड्स ऑफ बॉलीवुड
    बिना किसी झिझक के ग्लैमरस और मीम्स से भरी द बै*ड्स ऑफ बॉलीवुड साल की सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली सीरीज़ में से एक बनी। ग्लैमर की दुनिया के पीछे की झलक और पॉप-कल्चर मोमेंट्स के चलते यह शो इंटरनेट पर छाया रहा और लोगों की गिल्टी-प्लेजर वॉचलिस्ट में शामिल हो गया।
  • शहबाज शरीफ के करीबी ने भारत को दी धमकी- 'हमारी मिसाइलें दूर नहीं, अल्हम्दुलिल्लाह बांग्लादेश…'

    शहबाज शरीफ के करीबी ने भारत को दी धमकी- 'हमारी मिसाइलें दूर नहीं, अल्हम्दुलिल्लाह बांग्लादेश…'


    नई दिल्ली । मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश ना सिर्फ पिछड़ता जा रहा है बल्कि पूरी तरह से पाकिस्तान के चंगुल में फंसता नजर आ रहा है. इसका असर भी दिखने लगा है, क्योंकि पाकिस्तान अब बांग्लादेश की सुरक्षा की बातें करने लगा है, जबकि भारत ने ही बांग्लादेश को पाकिस्तान के अत्याचारों से छुटकारा दिलाया था. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के नेता कामरान सईद उस्मानी ने अब भारत को धमकी दी है. उस्मानी ने कहा कि अगर भारत ने बांग्लादेश पर हमला किया तो पाकिस्तान पूरी ताकत से ढाका के साथ खड़ा होगा. इसके अलावा कामरान ने मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष को लेकर भी बयान दिया. कामरान सईद उस्मानी ने पाकिस्तान के साथ बांग्लादेश का झंडा लगाकर एक वीडियो जारी किया है.
    शहबाज की पार्टी के नेता ने भारत को दी गीदड़भभकी
    वीडियो में कामरान सईद उस्मानी को भारत को गीदड़भभकी देते हुए सुना जा सकता है. उन्होंने कहा कि आज मैं राजनेता के तौर पर नहीं, बल्कि उस शख्स के रूप में बात कर रहा हूं, जो बांग्लादेश की मिट्टी, तारीख, कुर्बानी और जुर्रत को सलाम पेश करता है. मैंने जब 2021 में ये कैंपेन शुरू की थी तो मेरे साथ कोई नहीं था. आज अल्हम्दुलिल्लाह बांग्लादेश और पाकिस्तान एक साथ खड़े हैं. आज मैं कोई सियासी बयान नहीं दूंगा, बात करूंगा उस्माना की. जो एक सोच था जो एक जुर्रतमंद आवाज थी. वो कहता था बांग्लादेश को किसी देश की कॉलोनी नहीं बनने दूंगा. मैं बांग्लादेश के अंदर किसी की दादागिरी कबूल नहीं करूंगा.

    उस्मान हादी का जिक्र कर क्या कहा

    उस्मानी ने कहा, ‘सबसे बड़ा मसला इस क्षेत्र के अंदर यह है कि जब कोई मुसलमान नौजवान उठता है और एक प्रभावी अवाज बनता है तो उसको दबा दिया जाता है. ये जो भारतीय राजनेता बैठे हैं वो अवाम को खून चूसने के लिए उन्हें कभी भी गुलामी से आजाद नहीं करना चाहते. चाहें वह बांग्लादेश का पानी बंद करने की सूरत में हो, चाहें वो फितना-ए-ख्वारिज के नाम से मुसलमान को मुसलमान से लड़ाने की सूरत में हो. मुसलमान अब उनकी इस साजिश को बड़े अच्छे तरीके से जान गया है. अब पाकिस्तान और बांग्लादेश का बच्चा-बच्चा उस्मान हादी है. उस्मान हादी को तो शहीद कर दिया, लेकिन उसकी सोच को शहीद नहीं कर सके.
    कामरान सईद ने आगे कहा कि आज मुक्कमल तौर पर भारत को बांग्लादेशी अवाम रिजेक्ट कर चुकी है. मैं अपने बांग्लादेशी भाई-बहनों को कहना चाहता हूं कि हम आपके साथ खड़े हैं. अगर कोई देश बांग्लादेश पर दबाव डालने की कोशिश करेगा या फिर बांग्लादेश पर हमले की कोशिश करेगा तो पाकिस्तान की अवाम आपके साथ खड़ी होगी. पाकिस्तानी फौज और हमारे मिसाइल आपसे दूर नहीं हैं. कामरान ने शेखी बघराते हुए कहा कि ऑपरेशन बुनयान अल मरसूस के जरिए आपको जिस कदर नाकों चने चबवाए थे, वो दोबारा कर देंगे.

  • तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा पर जेडीयू ने उठाए सवालकरीबी का जिक्र कर डीजीपी को भेजा पत्रकी ये मांग

    तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा पर जेडीयू ने उठाए सवालकरीबी का जिक्र कर डीजीपी को भेजा पत्रकी ये मांग

    नई दिल्‍ली । जनता दल यूनाइटेड के एमएलसी और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने बुधवार को बिहार के पुलिस महानिदेशक को एक पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला दिया है। नीरज कुमार ने पत्र में कहा कि बिहार विधानमंडल का सत्र चलने के दौरान यह जानकारी सामने आई कि तेजस्वी यादव विदेश गए हुए हैं। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इस यात्रा में यूपी के बलरामपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर रमीज नेमत खान उनके साथ मौजूद है। इसके अलावादेवा गुप्ता के भी इस विदेश यात्रा में शामिल होने की संभावना जताई गई है। जेडीयू नेता ने डीजीपी से आग्रह किया है कि तेजस्वी यादव के साथ यात्रा कर रहे आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाए और मामले को गंभीरता से लिया जाए।

    तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा पर जेडीयू का शक

    डीजीपी को पत्र लिखने वाले जेडीयू एमएलसी और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने मीडिया से बातचीत में अपनी आशंकाएं जाहिर कीं। उन्होंने कहा कि उन्हें संदेह है कि तेजस्वी यादव अपनी हालिया विदेश यात्रा के दौरान रमीज नेमत खान को साथ ले गए हैं। नीरज कुमार का दावा है कि चुनाव परिणाम आने के बाद से तेजस्वी यादव सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य पहले रमीज नेमत खान पर गंभीर आरोप लगा चुकी हैं। उनके अनुसाररमीज उत्तर प्रदेश में गैंगस्टर एक्ट का आरोपी है और उस पर आपराधिक गतिविधियों के आरोप हैं। इसके बावजूद उसके तेजस्वी यादव के साथ होने की चर्चा सामने आ रही है।

    नीरज कुमार ने कहा कि इस मामले में न तो तेजस्वी यादव और न ही आरजेडी की ओर से कोई स्पष्ट सफाई दी गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जानकारी मिली है कि 28 आपराधिक मामलों के आरोपी देवा गुप्ता जो मोतिहारी से आरजेडी का उम्मीदवार रह चुका हैउसके भी विदेश यात्रा में शामिल होने की संभावना है। जेडीयू नेता ने कहा कि जब रमीज नेमत खान के विदेश जाने की आशंका जताई जा रही हैतो देवा गुप्ता के जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसी वजह से डीजीपी से अनुरोध किया गया है कि देवा गुप्ता की गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाए।

    नीरज कुमार का सवालआरजेडी ने अब तक कदम क्यों नहीं उठाया?
    नीरज कुमार ने आरजेडी की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि देवा गुप्ता फरार है और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित हैतो पार्टी ने उसके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर गंभीर आपराधिक आरोप हैंउन पर आरजेडी की ओर से कोई सख्ती नहीं दिखाई दे रही है। इसी वजह से यह आशंका गहराती है कि दोनों व्यक्ति तेजस्वी यादव के संपर्क में हो सकते हैं। नीरज कुमार ने आगे कहा कि यदि यह साबित होता है कि ये दोनों लोग तेजस्वी यादव के साथ हैंतो फिर कानून अपना काम करेगा और उस स्थिति में तेजस्वी यादव पर भी कार्रवाई की जाएगी।

    जेडीयू के आरोपों पर आरजेडी का जवाब

    जेडीयू द्वारा लगाए गए आरोपों और डीजीपी को लिखे गए पत्र पर आरजेडी ने कड़ा जवाब दिया है। पार्टी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि जेडीयू को दूसरों पर सवाल उठाने के बजाय अपनी पार्टी और सरकार की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जेडीयू इस डर में जी रही है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर उस पर दबाव बढ़ रहा है। मृत्युंजय तिवारी ने आरोप लगाया कि यह सब तेजस्वी यादव को लेकर फैली घबराहट का नतीजा है।
    उन्होंने सवाल किया कि जब राज्य में अपराध पर नियंत्रण करने में सरकार नाकाम साबित हो रही हैतो उसे इस बात की चिंता क्यों है कि तेजस्वी यादव कहां हैं और किसके साथ हैं। देवा गुप्ता के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए आरजेडी प्रवक्ता ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने चुनाव के दौरान अपना हलफनामा दाखिल किया थातो उस समय बिहार पुलिस सोई थी क्या? उन्होंने पूछा कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान पुलिस और प्रशासन ने उस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की।

  • ये कैसा न्याय है कुलदीप सेंगर को जमानत मिलने पर भड़के राहुल गांधी उन्नाव गैंगरेप पीड़िता से आज कर सकते हैं मुलाकात

    ये कैसा न्याय है कुलदीप सेंगर को जमानत मिलने पर भड़के राहुल गांधी उन्नाव गैंगरेप पीड़िता से आज कर सकते हैं मुलाकात


    नई दिल्‍ली । उन्नाव रेप केस मामले में ट्रायल कोर्ट से पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को 2019 में सुनाई गई उम्र कैद की सजा के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की एक बेंच ने सजा को निलंबित कर दिया है. इस पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी भड़क गए हैं. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर अपनी नाराजगी जताई है. खबर है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी उन्नाव की पीड़िता से आज शाम 7 बजे मिल सकते हैं. मंगलवार को कोर्ट के फैसले के बाद पीड़िता उनकी मां और महिला अधिकार एक्टिविस्ट योगिता भयाना ने इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन किया था. प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने पीड़िता उनकी मां और योगिता भायना को प्रदर्शन करने से रोकते हुए हटा दिया.

    राहुल ने बोले- लोकतंत्र में आवाज उठाना अधिकार है

    राहुल गांधी ने गैंगरेप पीड़िता को समर्थन देते हुए पूछा क्या एक गैंगरेप पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार उचित है? क्या उसकी गलती ये है कि वो न्याय के लिए अपनी आवाज उठाने की हिम्मत कर रही है? उसके अपराधी पूर्व BJP MLA को जमानत मिलना बेहद निराशाजनक और शर्मनाक है. खासकर तब जब पीड़िता को बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा हो और वो डर के साए में जी रही हो. बलात्कारियों को जमानत और पीड़िताओं के साथ अपराधियों सा व्यवहार ये कैसा न्याय है? हम सिर्फ एक मृत अर्थव्यवस्था नहीं ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ हम एक मृत समाज भी बनते जा रहे हैं. लोकतंत्र में असहमति की आवाज उठाना अधिकार है और उसे दबाना अपराध. पीड़िता को सम्मान सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए न कि बेबसी भय और अन्याय.

    पीड़िता का आरोप- 2027 चुनाव से पहले दी जमानत

    इंडिया गेट पर 2017 के उन्नाव गैंगरेप केस पीड़िता ने आरोप लगाया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को देखते हुए सेंगर को जमानत दी गई है. 2017 के इस मामले ने तब विवाद पकड़ा था जब बिना नंबर प्लेट वाले एक ट्रक उस कार से टकरा गया था जिसमें पीड़िता जा रही थी.
    इस घटना में पीड़िता और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे. जबकि उसकी दो मौसियों की मौत हो गई थी. इस मामले में सेंगर पर अलग से एक मामला दर्ज है. इस मामले में भी 2021 को दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें आरोप मुक्त करते हुए दुर्घटना को सबूतों के आभाव में साजिश मानने से इनकार कर दिया था.