Author: bharati

  • ऐपल का 2026 मेगा प्लान: 50वें जन्मदिन पर 20 से ज्यादा नए प्रोडक्ट्स, फोल्डेबल आईफोन से Apple Glasses तक रिपोर्ट

    ऐपल का 2026 मेगा प्लान: 50वें जन्मदिन पर 20 से ज्यादा नए प्रोडक्ट्स, फोल्डेबल आईफोन से Apple Glasses तक रिपोर्ट

    नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए पहचाने जाने वाले हिंदुस्तानी भाऊ उर्फ विकास पाठक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अभिनेत्री जया बच्चन के पपराजी को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हिंदुस्तानी भाऊ ने जया बच्चन की टिप्पणी को अपमानजनक बताते हुए पपराजी से अपील की है कि वे उन जगहों पर कवरेज न करें, जहां उन्हें सम्मान नहीं दिया जाता।दरअसल, हाल ही में जया बच्चन ने वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त के चर्चित शो वी द वुमन में पपराजी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि मीडिया से उनके संबंध अच्छे हैं, लेकिन पपराजी से नहीं। जया बच्चन ने पपराजी के व्यवहार और पहनावे पर सवाल उठाते हुए कहा था कि सिर्फ मोबाइल फोन होने का मतलब यह नहीं कि कोई भी किसी की तस्वीर खींच सकता है या मनचाहे कमेंट कर सकता है।जया बच्चन के इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। कुछ लोगों ने उनके बयान को निजता से जोड़कर सही ठहराया, तो वहीं कई यूजर्स ने इसे पपराजी का अपमान बताया। इसी बीच हिंदुस्तानी भाऊ ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

    एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हिंदुस्तानी भाऊ ने जया बच्चन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पपराजी की वजह से ही कई कलाकार और सार्वजनिक हस्तियां चर्चा में बनी रहती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पपराजी ही पहचान दिलाते हैं, तो फिर उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जाता है।हिंदुस्तानी भाऊ ने कहा,उन्होंने कपड़ों पर कमेंट किया। अमिताभ बच्चन की पत्नी जया बच्चन खुद सस्ती साड़ी पहनती हैं और दूसरों को गरीब बोलती हैं। ऐसे लोगों के पीछे क्यों जाते हो, जहां आपकी इज्जत नहीं होती।

    उन्होंने पपराजी से हाथ जोड़कर अपील करते हुए कहा कि आत्मसम्मान सबसे जरूरी है और जहां सम्मान न मिले, वहां जाना ही नहीं चाहिए। भाऊ ने कहा कि पपराजी की मेहनत से ही कई सेलिब्रिटीज जनता के बीच बने रहते हैं।उन्होंने आगे कहा,आप लोगों की वजह से ही ये लोग दिखते हैं। अगर आप इन्हें दिखाना बंद कर दो, तो कोई इन्हें जानता भी नहीं। जहां इज्जत न मिले, वहां मत जाओ। आप लोग ही इन्हें बनाते हो।हिंदुस्तानी भाऊ ने यह भी कहा कि अगर पपराजी एकजुट होकर ऐसे लोगों को कवरेज देना बंद कर दें, तो उन्हें अपनी गलती का एहसास जरूर होगा। उन्होंने इसे सिर्फ पेशे का नहीं, बल्कि आत्मसम्मान का सवाल बताया।

    दूसरी ओर, जया बच्चन के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर पहले से ही तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि सेलिब्रिटीज को भी निजता का अधिकार है, जबकि कई लोगों का मानना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वालों को आलोचना और कैमरों का सामना करना पड़ता है।जया बच्चन ने शो में कहा था,पपराजी को लगता है कि मोबाइल कैमरा होने से वे किसी के घर में चूहे की तरह घुस सकते हैं। वे जैसे कपड़े पहनते हैं और जैसे कमेंट करते हैं, वह मुझे बिल्कुल पसंद नहीं।इस पूरे विवाद के बाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि सेलिब्रिटीज और पपराजी के बीच रिश्तों की सीमाएं क्या होनी चाहिए और सम्मान दोनों पक्षों से कितना जरूरी है। फिलहाल, हिंदुस्तानी भाऊ का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस मुद्दे पर खुलकर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।

  • दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा आदेशसंजय कपूर एस्टेट मामले का निपटारायाचिका पर निर्णय सुरक्षित

    दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा आदेशसंजय कपूर एस्टेट मामले का निपटारायाचिका पर निर्णय सुरक्षित


    नई दिल्‍ली । दिल्ली हाईकोर्ट ने उद्योगपति संजय कपूर की निजी संपत्ति को लेकर चल रहे बहुचर्चित विवाद में अहम मोड़ पर सुनवाई पूरी कर ली है। अदालत ने करिश्मा कपूर से हुए विवाह से जन्मे बच्चों की ओर से दायर अंतरिम रोक इंटरिम इंजंक्शन की याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया है और साफ कर दिया है कि अब इस मामले में कोई नई फाइलिंग स्वीकार नहीं की जाएगी। जस्टिस ज्योति सिंह ने स्पष्ट कहा कि मौखिक बहस पूरी हो चुकी है और दोनों पक्षों की लिखित दलीलों को रिकॉर्ड पर ले लिया गया है। ऐसे में आदेश सुनाए जाने से पहले किसी भी तरह की अतिरिक्त अर्जी या दस्तावेज पर विचार नहीं होगा। यह मामला बीते कई महीनों से अदालत में चल रहा था और संजय कपूर की करोड़ों की संपत्ति को लेकर उनके परिवार के बीच गहरे मतभेद सामने आए हैं।

    वसीयत को लेकर आरोप-प्रत्यारोपबच्चों ने मांगी संपत्ति पर रोक

    संजय कपूर की मौजूदा पत्नी और उनकी विधवा प्रिया सचदेव कपूर इस विवाद के केंद्र में हैं। करिश्मा कपूर से संजय के दो बच्चे समायरा कपूर और कियान राज कपूर ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करते हुए आरोप लगाया था कि प्रिया सचदेव ने संजय कपूर की वसीयत में कथित तौर पर जालसाजी की है। बच्चों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने अदालत से मांग की कि जब तक वसीयत की वैधता पर अंतिम फैसला नहीं हो जातातब तक प्रिया को संजय कपूर की निजी संपत्ति से किसी भी तरह का लेन-देन करने से रोका जाए। दूसरी ओरप्रिया सचदेव की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि न तो किसी तरह की संपत्ति विदेश भेजी गई और न ही कोई जानकारी छिपाई गई। उन्होंने यह भी चुनौती दी कि संजय कपूर की सालाना आय 60 करोड़ रुपये होने का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है।

    संजय कपूर की मां ने उठाए सवाल

    इस मामले में एक और अहम पक्ष संजय कपूर की मां रानी कपूर का है। उनकी ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता वैभव गग्गर ने अदालत में तर्क दिया कि प्रिया सचदेव द्वारा बताई गई बैंक बैलेंस की राशि महज 1.7 करोड़ रुपये होना संदेह पैदा करता हैजबकि संजय कपूर की बताई गई आमदनी कहीं अधिक थी। उन्होंने यह भी कहा कि यह मानना मुश्किल है कि संजय कपूर अपनी पूरी निजी संपत्ति सिर्फ प्रिया सचदेव के नाम कर दें और अपने बच्चों या परिवार के अन्य सदस्यों को कुछ भी न दें। इन दलीलों के साथ रानी कपूर ने भी वसीयत की प्रामाणिकता पर सवाल खड़े किए।

    संपत्ति विवाद पर टिकी निगाहें

    दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम रोक की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद अब सबकी निगाहें अदालत के आदेश पर टिकी हैं। यह फैसला तय करेगा कि संजय कपूर की संपत्ति को लेकर आगे की कानूनी लड़ाई किस दिशा में जाएगी। गौरतलब है कि संजय कपूर देश की प्रमुख ऑटो पार्ट्स निर्माता कंपनी सोना कॉमस्टार के चेयरमैन थे। जून महीने में लंदन में पोलो खेलते वक्त उनका निधन हो गया था। संजय कपूर की शादी करिश्मा कपूर से वर्ष 2003 में हुई थीजो 2016 में तलाक के साथ खत्म हुई। इसके बाद उन्होंने 2017 में प्रिया सचदेव से विवाह किया। अब उनकी मौत के बाद संपत्ति को लेकर परिवार के भीतर शुरू हुआ यह विवाद अदालत के फैसले का इंतजार कर रहा है।

  • दिसंबर के अंत तक खत्म होंगी बड़ी फाइनैंशल डेडलाइन, NPS, ITR और PAN-आधार से जुड़े जरूरी काम निपटाने की आखिरी चेतावनी

    दिसंबर के अंत तक खत्म होंगी बड़ी फाइनैंशल डेडलाइन, NPS, ITR और PAN-आधार से जुड़े जरूरी काम निपटाने की आखिरी चेतावनी


    नई दिल्ली: साल 2025 का दिसंबर महीना अब अपने अंतिम चरण में है और इसके साथ ही कई अहम फाइनैंशल डेडलाइन भी खत्म होने वाली हैं। अगर आपने अब तक नेशनल पेंशन सिस्टमNPS, इनकम टैक्स रिटर्नITR या पैन-आधार लिंकिंग से जुड़े जरूरी काम पूरे नहीं किए हैं, तो अब सतर्क हो जाना जरूरी है। टाइम्स ऑफ इंडियाTOI की रिपोर्ट के अनुसार 31 दिसंबर तक टैक्स रिटर्न भरने और पैन-आधार लिंक करने की अंतिम तारीख है, जबकि NPS निवेशकों के लिए 25 दिसंबर बेहद अहम दिन माना जा रहा है।

    NPS निवेशकों के लिए अलर्ट: 25 दिसंबर अहम

    पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटीP FRDA ने हाल ही में NPS से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है। PFRDA ने NPS की ‘स्कीम A’ को बंद कर इसे अन्य स्कीमों में मर्ज करने का निर्णय लिया है। दरअसल, स्कीम A का कॉर्पस काफी छोटा था और इसमें निवेश के विकल्प भी सीमित थे। इस स्कीम में REITs, InvITs, AIFs और स्ट्रक्चर्ड डेट इंस्ट्रूमेंट्स जैसे वैकल्पिक निवेश शामिल थे।अब इस स्कीम को स्कीम Cकॉरपोरेट डेट और स्कीम Eइक्विटी में मर्ज किया जा रहा है। PFRDA का कहना है कि इससे निवेशकों को बेहतर रिटर्न और कम जोखिम का फायदा मिलेगा। हालांकि, निवेशकों के लिए यह जरूरी है कि वे 25 दिसंबर तक अपनी पसंद के अनुसार पोर्टफोलियो में बदलाव कर लें। अगर कोई निवेशक इस तारीख तक कोई कदम नहीं उठाता है, तो उसका पैसा अपने आप दूसरी स्कीम में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

    ITR अलर्ट: 31 दिसंबर आखिरी मौका

    असेसमेंट ईयर 2025-26वित्त वर्ष 2024-25 के लिए देर से भरा जाने वाला या रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर है। यह तारीख सिर्फ एक डेडलाइन नहीं, बल्कि टैक्सपेयर्स के लिए आखिरी चेतावनी मानी जा रही है। अगर आपने अब तक ITR नहीं भरा है या उसमें कोई गलती रह गई है, तो इसे सुधारने का यह अंतिम अवसर है।अगर 31 दिसंबर तक रिटर्न दाखिल नहीं किया गया, तो टैक्सपेयर्स को लेट फीस और ब्याज देना पड़ सकता है। इसके अलावा, बिजनेस या शेयर बाजार में हुए नुकसान को अगले साल के मुनाफे से समायोजित करने Carry Forward की सुविधा भी खत्म हो जाएगी। इसके बाद केवल ITR-U यानी अपडेटेड रिटर्न भरने का विकल्प बचेगा, जिसमें पेनल्टी टैक्स देना होगा और पुराने घाटे का दावा नहीं किया जा सकेगा।

    PAN-आधार लिंकिंग की भी डेडलाइन

    31 दिसंबर को पैन-आधार लिंकिंग की एक और महत्वपूर्ण डेडलाइन खत्म हो रही है। यह डेडलाइन उन पैन कार्ड धारकों के लिए है, जिन्होंने पैन बनवाते समय आधार नंबर की जगह ‘आधार एनरोलमेंट आईडी’ का इस्तेमाल किया था। अगर तय समय तक लिंकिंग नहीं की गई, तो पैन कार्ड अमान्य हो सकता है।ऐसी स्थिति में न तो टैक्स रिटर्न दाखिल किया जा सकेगा और न ही निवेश या KYC से जुड़े काम पूरे होंगे। साथ ही, इनकम पर ज्यादा TDS कट सकता है और फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे वित्तीय उत्पादों के आवेदन भी खारिज हो सकते हैं।दिसंबर के अंतिम दिनों में फाइनैंशल मामलों को टालना भारी पड़ सकता है। NPS निवेश, टैक्स रिटर्न और पैन-आधार लिंकिंग से जुड़े जरूरी काम समय रहते पूरे करना ही समझदारी होगी, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

  • क्रिसमस 2025 क्रिसमस पर मोजे में ही क्यों मिलते हैं गिफ्ट जानें इसके पीछे की दिलचस्प कहानी

    क्रिसमस 2025 क्रिसमस पर मोजे में ही क्यों मिलते हैं गिफ्ट जानें इसके पीछे की दिलचस्प कहानी


    नई दिल्‍ली । क्रिसमस की परंपराएं 25 दिसंबर यानी क्रिसमस का त्योहार अब बस आने ही वाला है. इस दिन को लेकर बच्चों से लेकर बड़ों तक हर किसी में एक अलग ही उत्साह देखने को मिलता है. क्रिसमस की सुबह जब बच्चे सोकर उठते हैं तो उनकी नजरें सबसे पहले अपने बिस्तर के पास या क्रिसमस ट्री पर टंगे मोजों पर जाती हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सांता क्लॉज उपहार देने के लिए मोजों का ही चुनाव क्यों करते हैं इसके पीछे एक बेहद भावुक और दिलचस्प पौराणिक कथा छिपी है. आइए जानते हैं आखिर मोजे में गिफ्ट देने की यह परंपरा कैसे शुरू हुई.
    कौन थे सेंट निकोलस
    क्रिसमस पर मोज़े में गिफ्ट मिलने की कहानी सेंट निकोलस से जुड़ी मानी जाती है. चौथी शताब्दी में तुर्की के रहने वाले सेंट निकोलस एक बेहद दयालु व्यक्ति थे. वे अपनी संपत्ति का उपयोग जरूरतमंदों और गरीब बच्चों की मदद के लिए करते थे. उन्हें ही आज हम सांता क्लॉज के नाम से जानते हैं. मान्यता है कि वे रात के अंधेरे में चुपके से आकर लोगों की मदद करते थे ताकि किसी को पता न चले.
    मोजे और सोने के सिक्कों की वो जादुई रात
    पौराणिक कथा के अनुसार एक गांव में एक बहुत ही गरीब व्यक्ति रहता था जिसकी तीन बेटियां थीं. गरीबी के कारण उस पिता के पास बेटियों की शादी के लिए दहेज देने के पैसे नहीं थे. वह बहुत चिंतित था कि उसकी बेटियों का भविष्य क्या होगा. जब सेंट निकोलस को इस परिवार की लाचारी के बारे में पता चला तो उन्होंने मदद करने का फैसला किया. हालांकि वे अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहते थे.

    एक रात निकोलस उस व्यक्ति के घर पहुंचे और चिमनी के जरिए सोने के सिक्कों की तीन थैलियां नीचे फेंकी. उस समय परिवार के सदस्यों ने अपने मोजे धोकर सूखने के लिए चिमनी के पास ही टांग रखे थे. ऊपर से गिराए गए सोने के सिक्के सीधे उन मोजों के अंदर जा गिरे. अगली सुबह जब बेटियों ने अपने मोजे देखे तो वे सोने के सिक्कों से भरे थे. उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उन पैसों से तीनों की शादी धूमधाम से हो गई.


    कैसे बनी यह एक वैश्विक परंपरा
    इस घटना के बाद से ही दुनिया भर में यह मान्यता बन गई कि सांता क्लॉज रात में आएंगे और चिमनी के रास्ते बच्चों के मोजों में उपहार छोड़ जाएंगे. आज भी बच्चे क्रिसमस की पूर्व संध्या पर इस उम्मीद में रंग-बिरंगे मोजे टांगते हैं कि सुबह उनमें कैंडी चॉकलेट या उनके मनपसंद खिलौने मिलेंगे.
    आज के दौर में क्रिसमस स्टॉकिंग्स
    समय के साथ यह परंपरा एक फैशन और सजावट का हिस्सा बन गई है. अब बाजारों में खास तौर पर क्रिसमस स्टॉकिंग्स मिलते हैं जिन्हें लोग अपने घरों में सजाते हैं. भले ही अब लोग चिमनी का इस्तेमाल कम करते हों लेकिन बिस्तर के पास या क्रिसमस ट्री पर मोजे टांगने का क्रेज आज भी बरकरार है.

  • शराब के लिए युवक ने कुत्ते को मारकर खिलाया, 'खरगोश' बताकर ग्रामीणों को बेचा मांस..

    शराब के लिए युवक ने कुत्ते को मारकर खिलाया, 'खरगोश' बताकर ग्रामीणों को बेचा मांस..


    नई दिल्ली। बिहार के मोतिहारी जिले के मधुबन प्रखंड से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ शराब की लत पूरी करने के लिए एक युवक ने अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए एक कुत्ते की हत्या कर दी और उसका मांस ग्रामीणों को ‘खरगोश का मांस’ बताकर बेच दिया। इस जहरीले और अखाद्य मांस के सेवन से गांव के करीब 15 लोगों की तबीयत बिगड़ गई है।

    शराब के लिए रची खौफनाक साजिश मामला गरहिया बाजार थाना क्षेत्र के गरहिया गांव का है। आरोपी की पहचान मंगरु सहनी के रूप में हुई है, जो शराब का आदी बताया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शराब खरीदने के लिए पैसे न होने पर मंगरु ने एक कुत्ते को मारा और उसके मांस को टुकड़ों में काटकर गांव में बेचने निकला। कड़ाके की ठंड के बीच उसने ग्रामीणों को झांसा दिया कि यह खरगोश का मांस है और इसे 1000 रुपये प्रति किलो की दर से बेच दिया।

    अगली सुबह खुद ही किया खुलासा घटना का खुलासा तब हुआ जब मांस खाने के कुछ घंटों बाद ग्रामीणों को उल्टी, दस्त और पेट में तेज दर्द की शिकायत होने लगी। इनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं। हद तो तब हो गई जब अगली सुबह आरोपी मंगरु ने नशे की हालत में खुद ही गांव में घूम-घूमकर यह ऐलान करना शुरू कर दिया कि उसने सबको खरगोश नहीं बल्कि कुत्ते का मांस खिलाया है।

    पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपी आरोपी की बात सुनकर गांव में हड़कंप मच गया। जब ग्रामीणों ने पास के एक बाग की तलाशी ली, तो वहां कुत्ते का कटा हुआ सिर और पैर बरामद हुए, जिससे सच्चाई की पुष्टि हो गई। ग्रामीणों के विरोध करने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गया।

    पीड़ित परिवारों ने स्थानीय थाने में लिखित आवेदन देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। गरहिया थानाध्यक्ष आदित्य कुमार ने बताया कि मामला अत्यंत गंभीर और संदिग्ध है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को भी इसकी सूचना दी गई है ताकि बीमार ग्रामीणों का उचित उपचार हो सके।

  • शिवपाल यादव ने बीजेपी के नाराज ब्राह्मण विधायकों को सपा में आने का दिया न्योता, बोले- यहां पूरा सम्मान मिलेगा

    शिवपाल यादव ने बीजेपी के नाराज ब्राह्मण विधायकों को सपा में आने का दिया न्योता, बोले- यहां पूरा सम्मान मिलेगा


    नई दिल्‍ली। राजधानी लखनऊ में मंगलवार रात बीजेपी के 40 से अधिक ब्राह्मण विधायकों की बैठक ने सियासी माहौल गर्म कर दिया। यह बैठक औपचारिक सहभोज के बहाने आयोजित की गई थी, लेकिन इसे पार्टी में असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। समाजवादी पार्टी के महासचिव और अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि विधायकों को अगर उन्हें सम्मान नहीं मिल रहा है, तो उन्हें सपा में शामिल होने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह बैठक उनके अनुसार बीजेपी के भीतर असंतोष को दर्शाती है और यही वजह है कि नाराज विधायकों के लिए सपा एक विकल्प हो सकती है।
    नाराज ब्राह्मण विधायक सपा में आएं, उन्हें मिलेगा पूरा सम्मान 
    शिवपाल यादव ने कहा कि बीजेपी में जातिगत भेदभाव मौजूद है। उन्होंने नाराज ब्राह्मण विधायकों को सपा में आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि हमारी पार्टी में उन्हें पूरा सम्मान मिलेगा। शिवपाल ने आगे कहा कि बीजेपी में असंतोष और नाराजगी के कारण अलग-अलग समूह बैठक कर रहे हैं, जबकि समाजवादी पार्टी सभी को समान रूप से मान-सम्मान देती है। सपा के विधायक अतुल प्रधान ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए बताया कि यह केवल ब्राह्मण समुदाय तक सीमित नहीं है। विभिन्न समुदायों के लोग भी सरकार से असंतुष्ट हैं और नाराजगी व्यक्त करने के लिए एकजुट हो रहे हैं। उनका मानना है कि ब्राह्मण विधायकों की बैठक बीजेपी को चुनौती देने और उन्हें हराने की दिशा में उठाया गया कदम है।

    ब्राह्मण विधायकों की बैठक से बढ़ी सियासी हलचल

    मंगलवार रात लखनऊ में कुशीनगर के बीजेपी विधायक पीएन पाठक के आवास पर ब्राह्मण विधायकों की एक बैठक हुई जिसे सहभोज के बहाने आयोजित किया गया। हालांकि सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में अधिकारियों की मनमानी और ब्राह्मण समाज की अनदेखी को लेकर असंतोष जताया गया। वहीं, इस बैठक को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के लिए चुनौती के रूप में भी देखा जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और सत्ता संतुलन को लेकर सियासी चर्चा को और तेज कर सकती है।

  • हिंदू होने की वजह से मेरा टिकट काटा हुमायूं कबीर के फैसले पर भड़कीं निशा चटर्जी

    हिंदू होने की वजह से मेरा टिकट काटा हुमायूं कबीर के फैसले पर भड़कीं निशा चटर्जी

    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले नवगठित जनता उन्नयन पार्टी JUP में बड़ा विवाद सामने आया है पार्टी लॉन्च के महज 24 घंटे के भीतर हुमायूं कबीर ने अपनी ही पार्टी की घोषित उम्मीदवार निशा चटर्जी का टिकट रद्द कर दिया इसके बाद निशा चटर्जी ने आरोप लगाया कि उन्हें सिर्फ हिंदू होने की वजह से निशाना बनाया गया ह

    हुमायूं कबीर उस समय चर्चा में आए थेजब उन्होंने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखने का ऐलान किया था इस पूरे घटनाक्रम पर सियासत गरमाई तो टीएमसी ने उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था हालांकि बाद में हुमायूं ने अपनी नई पार्टी जनता उन्नयन पार्टी बनाने का ऐलान किया और बंगाल चुनाव में पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरने का ऐलान किया हुमायूं ने निशा चटर्जी को टिकट देने का ऐलान भी किया था लेकिन बाद में अपने फैसले से पीछे हट गए और टिकट रद्द कर दिया

    कोलकाता में मंगलवार को उस वक्त सियासी माहौल गर्म हो गयाजब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कारोबारी निशा चटर्जी ने जनता उन्नयन पार्टी और उसके प्रमुख हुमायूं कबीर पर तीखा हमला बोला निशा का कहना है कि पार्टी की ओर से उन्हें जानबूझकर उम्मीदवार सूची से हटाया गया और इसके पीछे असली वजह उनका हिंदू होना है हुमायूं कबीर ने सोमवार को अपनी नई पार्टी जनता उन्नयन पार्टी लॉन्च की थी और उसी दिन निशा चटर्जी को 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए कोलकाता की प्रतिष्ठित बालीगंज सीट से उम्मीदवार घोषित किया गया था लेकिन 24 घंटे के भीतर ही पार्टी नेतृत्व ने यह फैसला पलट दिया

    सोशल मीडिया वीडियो को बताया वजह

    हुमायूं कबीर ने निशा चटर्जी की उम्मीदवारी रद्द करने के पीछे उनके कुछ सोशल मीडिया वीडियो का हवाला दिया पार्टी का दावा है कि वायरल रील्स बंगाल विधानसभा जैसी पवित्र संस्था के अनुरूप नहीं हैं हालांकिनिशा चटर्जी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पार्टी नेतृत्व को चुनौती दी कि अगर कोई वीडियो अश्लील है तो उसे सार्वजनिक किया जाए उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पार्टी को उनके सोशल मीडिया कंटेंट से आपत्ति थी तो उम्मीदवार घोषित करने से पहले उनके बैकग्राउंड की जांच क्यों नहीं की गई

    चरित्र हनन और सामाजिक उत्पीड़न का आरोप

    निशा चटर्जी ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ चरित्र हनन की साजिश रची जा रही है और सोशल मीडिया के बहाने उन्हें सामाजिक रूप से परेशान किया जा रहा है उन्होंने कहा कि पार्टी की सेक्युलर छवि सिर्फ दिखावा है और असल में उन्हें धार्मिक पहचान के आधार पर टारगेट किया गया उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वो पहले बाबरी मस्जिद को लेकर पार्टी के रुख का समर्थन कर चुकी हैंइसके बावजूद उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया गया

    कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

    निशा चटर्जी ने कहा कि टिकट रद्द किए जाने से उनकी छवि और करियर को भारी नुकसान पहुंचा है उन्होंने हुमायूं कबीर पर आरोप लगाते हुए कहा कि कोई भी संगठन इस तरह नाम घोषित कर और फिर अचानक हटा कर नहीं चलाया जा सकता निशा ने यह भी चेतावनी दी कि वह इस मामले में हुमायूं कबीर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं

    नेतृत्व पर उठाए सवाल

    निशा चटर्जी ने हुमायूं कबीर के राजनीतिक बयानों में विरोधाभास का भी जिक्र किया उन्होंने कहा कि कभी वह ममता बनर्जी के प्रति वफादारी की बात करते हैं तो कभी मुर्शिदाबाद में बीजेपी को सीट दिलाने के दावे करते हैं उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता खुद को एक मजबूत राजनीतिक सेना खड़ी करने की बात करता हैवह अपने पहले ही सिपाही को एक दिन में छोड़ देता है और उसे सार्वजनिक आलोचना के बीच अकेला खड़ा कर देता है

  • 24 दिसंबर से 31 दिसंबर तक बैंक बंद, सिर्फ 29 को होगा कामकाज; ATM और नेट बैंकिंग सेवाएं जारी

    24 दिसंबर से 31 दिसंबर तक बैंक बंद, सिर्फ 29 को होगा कामकाज; ATM और नेट बैंकिंग सेवाएं जारी

    नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया RBI ने दिसंबर के अंतिम सप्ताह में बैंकों के लिए लंबी छुट्टियों की घोषणा की है। 24 दिसंबर बुधवार को देश के तीन राज्यों- नागालैंड मेघालय और मिजोरम में बैंक बंद रहेंगे। इस दिन क्रिसमस ईव के अवसर पर इन राज्यों में कामकाज नहीं होगा। इसके अलावा 25 दिसंबर गुरुवार को क्रिसमस के मौके पर देशभर के बैंकों में कामकाज नहीं होगा।जानकारी के अनुसार 26 दिसंबर शुक्रवार को नागालैंड मेघालय और मिजोरम में बैंक बंद रहेंगे। वहीं 27 दिसंबर शनिवार को महीने के चौथे शनिवार के चलते देशभर के बैंकों में कामकाज नहीं होगा। 28 दिसंबर रविवार को भी सभी राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। केवल 29 दिसंबर सोमवार को बैंकों में सामान्य कामकाज होगा।

    31 दिसंबर बुधवार को न्यू ईयर ईव के अवसर पर मिजोरम और मणिपुर में बैंक बंद रहेंगे। इसके अलावा 30 दिसंबर मंगलवार को मेघालय में बैंक बंद रहेंगे। इस तरह दिसंबर के अंतिम सप्ताह में अलग-अलग राज्यों और शहरों में बैंकों में कामकाज की स्थिति अलग-अलग दिन प्रभावित होगी।RBI की सूची के अनुसार 24 से 31 दिसंबर तक अधिकांश दिनों में विभिन्न राज्यों और शहरों में बैंक बंद रहेंगे। इस दौरान केवल 29 दिसंबर को ही बैंकों में सामान्य कामकाज होगा। इसलिए ग्राहकों को वित्तीय लेनदेन और जरूरी कामकाज में असुविधा से बचने के लिए पूर्व योजना बनाने की सलाह दी जा रही है।

    हालांकि बैंकों के बंद रहने के बावजूद एटीएम मोबाइल बैंकिंग नेट बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी। ग्राहक ATM मोबाइल ऐप या नेट बैंकिंग के जरिए पैसे निकालने चेक बैलेंस देखने और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन इस अवधि में शाखाओं में जाकर ड्राफ्ट चेक या अन्य काउंटर सेवाओं का उपयोग संभव नहीं होगा।विशेष रूप से क्रिसमस और न्यू ईयर के अवसर पर यह छुट्टियां बैंक कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे जरूरी बैंकिंग कार्य जैसे पैसे जमा करना चेक क्लियरिंग और फिक्स्ड डिपॉजिट जैसी सेवाओं को पहले निपटा लें।

    RBI की घोषणा के अनुसार यह छुट्टियों का शेड्यूल सालाना बैंक हॉलिडे कैलेंडर के तहत जारी किया गया है। इस दौरान राज्यों और शहरों में छुट्टियों की सूची अलग-अलग हो सकती है। इसलिए ग्राहक अपनी संबंधित शाखा से भी छुट्टियों की पुष्टि कर सकते हैं।इस तरह दिसंबर के अंतिम सप्ताह में बैंकिंग सेवाओं में रुकावट होने के बावजूद डिजिटल बैंकिंग और ATM सेवाएं निरंतर उपलब्ध रहेंगी। ग्राहक अपने जरूरी कामकाज के लिए इन विकल्पों का लाभ उठा सकते हैं।

  • वो मौके जब फिल्मों में देखने को मिली क्रिसमस की धूमदर्शकों ने खूब किया एंजॉय

    वो मौके जब फिल्मों में देखने को मिली क्रिसमस की धूमदर्शकों ने खूब किया एंजॉय

    नई दिल्ली । बॉलीवुड की फिल्मों में दीपावलीहोलीकरवाचौथ और ईद जैसे त्योहारों को कई बार दिखाया गया है अपने फेवरेट एक्टर्स संग लोग मिलते करते हैं और उनके त्योहार की खुशियां और भी बढ़ जाती हैं मगर बॉलीवुड में क्रिसमस फेस्टिवल को उस तरह से कवर नहीं किया गया जैसे अन्य त्योहारों को किया गया है लेकिन कुछ ऐसे मौके रहे हैं जिसमें सीक्वेंसेस को क्रिसमस थीम पर रखा गया है क्रिसमस 2021 के मौके पर बता रहे हैं बॉलीवुड की उन फिल्मों के बारे में जिसमें क्रिसमस की धूम देखने को मिली और ऑडियंस ने भी इसे खूब एंजॉय किया

    शानदार 1974
    संजीव कुमार की इस मूवी में क्रिसमस पर एक थीम सॉन्ग था जो क्रिसमस पर बेस्ड था इसमें संजीव कुमार सांता क्लॉज के रोल में नजर आए थे और उन्होंने छोटे बच्चों संग परफॉर्म किया था इस फिल्म में जिंगल बेल गाने का हिंदी वर्जन भी था जिसे किशोर कुमार ने गाया था जिन्होंने ये फिल्म देखी है वे आज भी इस मूवी के इस खूबसूरत सीन को नहीं भूल सकते जहां क्रिसमस की उल्लास देखने को मिली थी

    एक मैं और एक तू 2010

    सकुन बत्रा की इस रोमांटिक कॉमेडी फिल्म में करीना कपूर और इमरान खान लीड रोल में थे इस फिल्म में दिखाया गया था कि Las Vegas में क्रिसमस की धूम किस तरह की रहती है यहां तक कि फिल्म का मेन प्लॉट भी क्रिसमस से जुड़ा हुआ था फिल्म का टाइटल ट्रैक भी क्रिसमस से कनेक्टेड था मूवी को फैंस ने काफी पसंद भी किया था

    अंजाना अंजानी 2010

    2010 में एक और फिल्म ऐसी आई थी जिसने क्रिसमस को लेकर फैंस की रोचकता बढ़ाई ये एक रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म थी जिसका निर्देशन सिद्धार्थ आनंद ने किया था वैसे सीधे तौर पर इस फिल्म का क्रिसमस डे से कोई खास ताल्लुक नहीं था मगर बैकग्राउंड और प्रिंसिपल फोटोग्राफी जिस दौरान हुई थी वो फेस्टिव सीजन ही था किस तरह से न्यूयॉर्क जैसी जगह पर लोग क्रिसमस का त्योहार मनाते हैं ये इस मूवी में देखने को मिलेगा फिल्म में कई जगह पर आपको क्रिसमस सेलिब्रेशनडेकोरेशन और लाइट्स की झलक‍ियां देखने को मिलेंगी जो आपको अच्छा फील देंगी

    2 स्टेट्स 2014

    आलिया भट्ट और अर्जुन कपूर की फिल्म को फैंस ने बहुत पसंद किया था चेतन भगत की नॉवेल पर ये मूवी रिलीज हुई थी जिसमें क्रिश और अनन्या की लव स्टोरी के बारे में दिखाया गया था फिल्म में क्रिसमस के ज्यादा सीक्वेंस तो नहीं मगर एक सॉन्ग सीक्वेंस ऐसा था जिसमें कॉलेज के फेस्टिवल सेलिब्रेशन्स टाइम लैप्स के जरिए दिखाया गया था उस दौरान अन्य त्योहारों के साथ क्रिसमस के फेस्टिवल के सेलिब्रेशन को भी दिखाया गया था

    दिलवाले 2015

    रोहित शेट्टी की फिल्म में भी क्रिसमस सेलिब्रेशन दिखाया गया इसमें वीर और इशिता की लव स्टोरी दिखाई गई थी वीर के रोल में वरुण धवन थे और इशिता के रोल में कृति सेनन थीं वीर क्रिसमस के दिन अपनी क्रश इशिता को प्रपोज करने का फैसला लेता है चर्च के सामने वीरइशिता को प्रपोज भी करता है इस रोमांटिक सीन को काफी अच्छी तरह से फिल्माया गया था इसके अलावा फिल्म में क्रिसमस थीम को लेकर प्रीतम दा का एक रोमांटिक ट्यून भी था

  • बच्चों को जबरन Santa बनाया तो खैर नहींइस जिले में शिक्षा विभाग ने स्कूलों को दी चेतावनी

    बच्चों को जबरन Santa बनाया तो खैर नहींइस जिले में शिक्षा विभाग ने स्कूलों को दी चेतावनी


    ​नई दिल्ली । भारत समेत दुनियाभर के विभिन्न देशों में क्रिसमस का त्योहार 25 दिसंबर को मनाया जाएगा। क्रिसमस को लेकर जगह-जगह पर बड़े स्तर पर तैयारियां देखने को मिल रही हैं। हालांकिइस बीच राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां शिक्षा विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर स्कूल के छात्रों को सांता कलॉज बनने के लिए मजबूर किया गया तो स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आइए जानते हैं कि शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में क्या कुछ कहा है।

    शिक्षा विभाग ने क्या कहा

    दरअसलराजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों को क्रिसमस के समारोह के दौरान छात्रों को सांता क्लॉज की तरह कपड़े पहनने के लिए मजबूर करने के खिलाफ चेतावनी दी है। शिक्षा विभाग के आदेश में कहा गया है कि अगर कोई स्कूल छात्रों पर दबाव डालता पाया गया तो नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    अधिकारी ने क्या बताया

    स्कूलों को चेतावनी देने वाला ये आदेश श्रीगंगानगर के अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी अशोक वाधवा की ओर से जारी किया गया है। 22 दिसंबर को जारी इस आदेश में कहा गया है कि अगर इस बारे में बच्चों को सांता बनने पर मजूबर करने कोई शिकायत दर्ज होगी तो इस पर कार्रवाई की जाएगी। वाधवा ने अपने आदेश को लेकर कहा है कि स्कूलों को छात्रों या पैरेंट्स पर ऐसी एक्टिविटीज में भाग लेने के लिए अनावश्यक दबाव नहीं डालना चाहिए।