Author: bharati

  • मदीना को निशाना बनाने की कोशिश! हूती विद्रोहियों ने अदन में राष्ट्रपति भवन और एयरपोर्ट पर दागी मिसाइलें

    मदीना को निशाना बनाने की कोशिश! हूती विद्रोहियों ने अदन में राष्ट्रपति भवन और एयरपोर्ट पर दागी मिसाइलें


    नई दिल्ली। यमन के हूती विद्रोहियों ने शुक्रवार को हमलों की नई लहर शुरू की। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने मदीना क्षेत्र के ऊपर एक ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है, जबकि अदन में राष्ट्रपति भवन परिसर और हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की खबर है। हालांकि, हूती प्रवक्ता ने सऊदी अरब की ओर ड्रोन भेजने के आरोपों को खारिज किया है।

    हूतियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने शुक्रवार को बताया कि उसने मदीना क्षेत्र के ऊपर एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। मदीना में पैगंबर मोहम्मद की मस्जिद (मस्जिद-ए-नबवी) स्थित है, जो इस्लाम के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक है। इससे पहले गठबंधन ने मक्का क्षेत्र में भी एक ड्रोन को रोकने की जानकारी दी थी।

    अदन में राष्ट्रपति महल और हवाई अड्डे पर मिसाइलें

    एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हूतियों ने दो मिसाइलों से अदन स्थित राष्ट्रपति महल को निशाना बनाया। यमन सरकार के एक सैन्य प्रवक्ता ने भी बताया कि शुक्रवार को अदन हवाई अड्डे और अल-माशीक राष्ट्रपति महल परिसर पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मिसाइलें अपने लक्ष्य पर लगीं या नहीं। हमले में किसी के हताहत होने या नुकसान की भी पुष्टि नहीं हुई है।

    दो प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति महल परिसर की ओर एम्बुलेंस जाते देखीं। इस परिसर में कई इमारतें हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इससे कुछ समय पहले शहर में दो धमाकों की आवाज भी सुनाई दी थी।

    दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार का प्रमुख केंद्र है। वर्ष 2014 में हूतियों ने इस सरकार को राजधानी सना से बाहर कर दिया था। इसके बाद से यमन में संघर्ष जारी है और जुलाई में लड़ाई तेज होने के बाद अदन को लगातार हमलों का सामना करना पड़ रहा है।

    शुक्रवार के मिसाइल हमलों से पहले बुधवार को भी हूतियों ने अदन हवाई अड्डे को निशाना बनाया था। इस हमले से पहले संगठन ने लोगों को हवाई अड्डे से दूर चले जाने की चेतावनी दी थी। यह हवाई अड्डा दक्षिणी यमन में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिहाज से एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है।

    मक्का और मदीना के धार्मिक महत्व के कारण बढ़ी चिंता

    मक्का में ग्रैंड मस्जिद (मस्जिद अल-हरम) और काबा स्थित हैं, जबकि मदीना में पैगंबर की मस्जिद यानी मस्जिद-ए-नबवी है। इस्लाम में दोनों शहरों का विशेष धार्मिक महत्व है। यहां हर साल बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और आगंतुक पहुंचते हैं।

    सऊदी अरब पहले भी हूतियों पर मक्का और मदीना के आसपास हमले की कोशिश करने का आरोप लगा चुका है। सितंबर में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया था कि उसने मक्का के दक्षिण में एक ड्रोन को रोककर नष्ट किया। गठबंधन के मुताबिक, यह ड्रोन मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। उसने इसे मक्का को निशाना बनाने की हूतियों की दूसरी कोशिश बताया था।

    हूतियों ने आरोपों को किया खारिज

    हूती संगठन ने मक्का और मदीना को निशाना बनाने के आरोपों को बार-बार खारिज किया है। उसका कहना है कि उसके सैन्य अभियान सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे तक सीमित हैं।

    शुक्रवार को हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सऊदी अरब की ओर ड्रोन भेजने के आरोपों को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि संगठन ने सऊदी क्षेत्र के खिलाफ कोई सैन्य अभियान नहीं चलाया है। उनके मुताबिक, हूतियों के हमलों का निशाना केवल सऊदी अरब के तेल ठिकाने और सैन्य अड्डे रहे हैं। हूतियों ने सऊदी अरब पर हमलों के झूठे दावे गढ़ने का आरोप भी लगाया है।

  • उत्तराखंड : जोशीमठ हेलिकॉप्टर हादसे में गई 6 लोगों की जान, कोई वकील तो कोई पुलिस इंस्पेक्टर, जानिए कौन थे मृतक

    उत्तराखंड : जोशीमठ हेलिकॉप्टर हादसे में गई 6 लोगों की जान, कोई वकील तो कोई पुलिस इंस्पेक्टर, जानिए कौन थे मृतक


    नई दिल्ली। उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ के पास हुए हेलिकॉप्टर हादसे ने छह परिवारों की खुशियां छीन लीं। शुक्रवार को हुए इस दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर में सवार पायलट समेत सभी छह लोगों की मौत हो गई। पांच यात्री कर्नाटक के बेंगलुरु के रहने वाले थे, जबकि पायलट दिल्ली का निवासी था। मृतकों में एक वकील और कर्नाटक पुलिस का इंस्पेक्टर भी शामिल था। हादसे की खबर से उनके परिवारों और परिचितों में शोक का माहौल है।

    हेलिकॉप्टर बदरीनाथ धाम से देहरादून के लिए रवाना हुआ था। इसमें सवार यात्रियों की पहचान प्रताप, अरुण सालुंके, शंकर गौड़ा, के. सुधीर और एच.एस. नटराज के रूप में हुई है। वहीं, हादसे में जान गंवाने वाले पायलट दिल्ली के रहने वाले थे।

    शंकर गौड़ा को याद कर भावुक हुए पड़ोसी

    हादसे में जान गंवाने वाले शंकर गौड़ा पेशे से वकील थे। उनके पड़ोसियों के मुताबिक, वह बेहद मिलनसार और मददगार स्वभाव के व्यक्ति थे। काम के सिलसिले में उनका बेंगलुरु आना-जाना लगा रहता था। मोहल्ले में किसी को भी परेशानी होती या मदद की जरूरत पड़ती, तो शंकर गौड़ा हमेशा आगे रहते थे।

    पड़ोसियों ने बताया कि उन्हें ईश्वर में गहरी आस्था थी। नवरात्रि के व्रत से लेकर गणपति पूजा और दिवाली तक, वह हर त्योहार पूरे उत्साह से मनाते थे। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ पूरा मोहल्ला गमगीन है।

    2007 बैच के पुलिस इंस्पेक्टर थे अरुण सालुंके

    हादसे में जान गंवाने वाले अरुण सालुंके कर्नाटक के बेलगावी जिले के अथानी तालुका स्थित अराताला गांव के निवासी थे। वह कर्नाटक पुलिस के 2007 बैच के इंस्पेक्टर थे और बेंगलुरु की सेंट्रल क्राइम ब्रांच में तैनात थे।

    अरुण ने अपने करियर की शुरुआत दिल्ली में इंटेलिजेंस इंस्पेक्टर के रूप में की थी। पुलिस विभाग में अपनी सेवाओं के दौरान उन्होंने पहचान बनाई थी। जोशीमठ के पास हुआ हेलिकॉप्टर हादसा उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित हुआ।

    दर्शन के बाद माना गांव भी पहुंचे थे श्रद्धालु

    जानकारी के मुताबिक, कर्नाटक से आए श्रद्धालु गुरुवार सुबह करीब 10 बजे बदरीनाथ धाम पहुंचे थे। दर्शन करने के बाद वे भारत के अंतिम गांव के रूप में चर्चित माना गांव भी गए। वहां से लौटने के बाद उन्होंने हेलीपैड पर मौजूद गाइड से पूछा था कि क्या वे उसी दिन वापस लौट सकते हैं।

    हालांकि, मौसम अनुकूल नहीं होने के कारण उसी दिन उड़ान संभव नहीं हो सकी। तय कार्यक्रम के मुताबिक, यात्रियों को शुक्रवार सुबह लौटना था। लेकिन खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण हेलिकॉप्टर की उड़ान में देरी हुई। आखिरकार दोपहर 1 बजकर 12 मिनट पर हेलिकॉप्टर ने बदरीनाथ धाम से उड़ान भरी।

    उड़ान के 15 मिनट बाद टूटा संपर्क

    उड़ान भरने के करीब 15 मिनट बाद हेलिकॉप्टर का एयर ट्रैफिक कंट्रोल और बेस से संपर्क टूट गया। इसके बाद दुर्घटना की सूचना सामने आई। हादसे में पायलट और पांचों यात्रियों की जान चली गई।

    कर्नाटक सरकार ने सहायता का दिया भरोसा

    हादसे के बाद कर्नाटक सरकार ने कहा है कि वह उत्तराखंड प्रशासन के लगातार संपर्क में है। दोनों राज्यों के बीच समन्वय कर मृतकों के पार्थिव शरीर जल्द कर्नाटक लाने की व्यवस्था की जा रही है। राज्य सरकार ने शोकाकुल परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया है।

  • तूफान 'अर्नब' के चलते MP में बदला मौसम, आज 27 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी

    तूफान 'अर्नब' के चलते MP में बदला मौसम, आज 27 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी


    भोपाल। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है, लेकिन इसके असर से मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। पिछले तीन दिनों से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। शुक्रवार को भी कई जिलों में पानी गिरा। मौसम विभाग ने शनिवार को ग्वालियर-जबलपुर समेत 27 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, भोपाल और इंदौर सहित कई जिलों में मौसम साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है।

    मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, शनिवार को ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आंधी-बारिश की संभावना है।

    दूसरी ओर भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, गुना, अशोकनगर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर और हरदा में धूप निकलने के आसार हैं।

    2 नवंबर तक बना रहेगा बदला मौसम
    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, प्रदेश में अगले चार दिन तक मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। इस दौरान कुछ इलाकों में तेज धूप निकलेगी, जबकि दक्षिणी और पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसमी सिस्टम का असर अधिक रहने से आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

    38 जिलों के 155 शहरों-कस्बों में हुई बारिश
    इससे पहले प्रदेश के 38 जिलों के करीब 155 शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई। इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, मुरैना और भिंड शामिल हैं।

    इसके अलावा जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश हुई। अनूपपुर शहर में सबसे ज्यादा तीन इंच से अधिक पानी गिरा। अमरकंटक में सवा दो इंच और सिंगरौली में दो इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। अनूपपुर में आंधी की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।

    पांढुर्णा में हजारों क्विंटल मक्का खराब होने की आशंका
    बेमौसम बारिश का असर खेती और मंडियों में रखी उपज पर भी पड़ा है। जिन जिलों में धान की फसल खेतों में खड़ी है, वहां किसानों को नुकसान की चिंता सता रही है। वहीं, मंडियों में खुले में रखे अनाज के भीगने से भी परेशानी बढ़ गई है। पांढुर्णा में बारिश के कारण हजारों क्विंटल मक्का खराब होने की आशंका है।

    दिन के तापमान में 3 डिग्री तक गिरावट
    आंधी और बारिश के चलते गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के समय ठंडक महसूस की गई। बादलों और बारिश के कारण दिन के तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। कुछ शहरों में रात के तापमान में भी कमी आई है।

  • मध्य प्रदेश स्थापना दिवस पर किस जिले में पहुंचेंगे कौन मंत्री, शासन ने जारी की सूची….

    मध्य प्रदेश स्थापना दिवस पर किस जिले में पहुंचेंगे कौन मंत्री, शासन ने जारी की सूची….

    मध्य प्रदेश: के स्थापना दिवस के अवसर पर 1 नवंबर 2026 को प्रदेशभर में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए राज्य शासन ने मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के जिलों का निर्धारण कर दिया है। जारी व्यवस्था के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे, जबकि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को ग्वालियर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को भी अलग-अलग जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए नामांकित किया गया है।

    राज्य शासन की ओर से जारी नामांकन के तहत उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा जबलपुर में स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला रीवा में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। वहीं हेमंत खंडेलवाल को बैतूल में कार्यक्रम की जिम्मेदारी दी गई है। इन नामांकनों के माध्यम से जिला स्तर पर होने वाले समारोहों में प्रदेश सरकार का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा।

    मंत्री कुमार विजय शाह खंडवा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे, जबकि कैलाश विजयवर्गीय इंदौर में स्थापना दिवस समारोह में भाग लेंगे। प्रहलाद सिंह पटेल को नरसिंहपुर और तुलसीराम सिलावट को देवास में होने वाले कार्यक्रम के लिए नामांकित किया गया है। इस तरह प्रमुख जिलों में कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति तय की गई है।

    मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस हर वर्ष 1 नवंबर को मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1956 में राज्य का गठन हुआ था। स्थापना दिवस के मौके पर प्रदेश के सभी जिलों में स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के जरिए राज्य के गठन, विकास यात्रा और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े पहलुओं को सामने रखा जाता है।

    इस वर्ष भी जिला स्तरीय आयोजनों में मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी के लिए शासन ने पहले से जिम्मेदारियां निर्धारित की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भोपाल में उपस्थिति के साथ राजधानी में मुख्य आयोजन होगा, जबकि अन्य जिलों में नामांकित प्रतिनिधि कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इससे विभिन्न जिलों में आयोजित समारोहों में शासन की ओर से प्रतिनिधित्व रहेगा।

    जारी जानकारी में कुछ प्रमुख जिलों के लिए नामांकन का उल्लेख किया गया है। हालांकि उपलब्ध विवरण में सभी जिलों और मंत्रियों की पूरी सूची शामिल नहीं है। इसलिए शेष जिलों में किस मंत्री को भेजा गया है, इसकी जानकारी इस सूची से स्पष्ट नहीं होती। फिलहाल भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, बैतूल, खंडवा, इंदौर, नरसिंहपुर और देवास के लिए नामांकित प्रतिनिधियों के नाम सामने आए हैं।

    स्थापना दिवस कार्यक्रमों को लेकर जिला स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। एक नवंबर को होने वाले समारोहों में संबंधित जिलों के नामांकित मंत्री और जनप्रतिनिधि भाग लेंगे। शासन के इस निर्णय के बाद अब इन जिलों में कार्यक्रमों के दौरान संबंधित प्रतिनिधियों की मौजूदगी रहेगी।
  • सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट, आईटी शेयरों ने संभाला बाजार, मिडकैप और स्मॉलकैप में भारी बिकवाली

    सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट, आईटी शेयरों ने संभाला बाजार, मिडकैप और स्मॉलकैप में भारी बिकवाली

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि आईटी और हेल्थकेयर कंपनियों के शेयरों में मजबूती ने बाजार को कुछ सहारा दिया, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा। निवेशकों के बीच महंगाई, वैश्विक ब्याज दरों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता का असर बाजार के रुख पर दिखाई दिया।

    कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 308.49 अंक यानी 0.42 प्रतिशत गिरकर 74,459.53 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई निफ्टी 116.35 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,053.10 पर आ गया। प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के साथ बाजार बंद होने के बावजूद कुछ बड़े शेयरों में खरीदारी बनी रही।

    लार्जकैप शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में अधिक दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 540.40 अंक यानी 0.93 प्रतिशत गिरकर 57,301.25 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 347.75 अंक यानी 1.85 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 18,463.60 के स्तर पर आ गया। इन दोनों सूचकांकों में गिरावट से छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की बिकवाली का संकेत मिला।

    सेक्टर आधारित कारोबार में आईटी शेयरों ने बाजार को सबसे अधिक समर्थन दिया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ दिन के प्रमुख लाभ वाले सूचकांकों में शामिल रहा। निफ्टी हेल्थकेयर में भी 1.58 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी फार्मा 1.55 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 1.17 प्रतिशत, निफ्टी कंजम्पशन 0.29 प्रतिशत और निफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर 0.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

    दूसरी ओर, कई सेक्टरों में बिकवाली का दबाव बना रहा। निफ्टी इंडिया डिफेंस में 2.01 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.78 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 1.46 प्रतिशत कमजोर हुआ। निफ्टी एनर्जी में 0.97 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.93 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 0.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

    सेंसेक्स में शामिल शेयरों में ट्रेंट, इंडिगो, इन्फोसिस, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, इटरनल, टेक महिंद्रा, एचयूएल टेक, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा, आईटीसी, एशियन पेंट्स, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी, एचयूएल और टाइटन बढ़त के साथ बंद हुए। इसके विपरीत एसबीआई, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, बीईएल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल और मारुति सुजुकी के शेयरों में गिरावट रही।

    बाजार में कमजोरी के पीछे वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को भी प्रमुख कारण माना गया। महंगाई को लेकर बनी चिंताओं के बीच यूरोपीय केंद्रीय बैंक और बैंक ऑफ जापान ने भी अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरह ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों के ऊंचे मूल्यांकन को लेकर निवेशकों की चिंता दोबारा बढ़ी है। इसका असर एशियाई बाजारों में भी दिखाई दिया।

    अमेरिका और ईरान के बीच तनाव से जुड़ी नई खबरों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया। इस माहौल में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बड़े स्तर पर बिकवाली हुई। दूसरी ओर, वैश्विक एआई शेयरों से कुछ निवेश निकलकर चुनिंदा आईटी कंपनियों में खरीदारी के रूप में आया। बेहतर नतीजों और डिफेंसिव मांग के चलते फार्मा तथा हेल्थकेयर शेयरों में भी मजबूती बनी रही। इस तरह आईटी और स्वास्थ्य क्षेत्र की खरीदारी के बावजूद व्यापक बाजार में गिरावट का रुख कायम रहा।

  • खरगे की टिप्पणी पर पीएम मोदी का जवाब, बोले- जीवन की अंतिम सांस तक देश और जनता की सेवा करता रहूंगा

    खरगे की टिप्पणी पर पीएम मोदी का जवाब, बोले- जीवन की अंतिम सांस तक देश और जनता की सेवा करता रहूंगा

    नई दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हालिया टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अपने जीवन की अंतिम सांस तक देश और जनता की सेवा करते रहेंगे। गुजरात के बनासकांठा जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने खरगे की टिप्पणी का जवाब दिया और विपक्ष पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अफवाह फैलाने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य देश के लोगों की सेवा करना है और वह जीवन के आखिरी क्षण तक इस काम में लगे रहेंगे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनासकांठा जिले के भिलडी में भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने करीब 14 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दे रही है।

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल देश के कठिन दौर से गुजरने पर भी राजनीतिक लाभ तलाशते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को लेकर विपक्ष ने लोगों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की। मोदी ने कहा कि ईरान युद्ध के समय यह अफवाह फैलाई गई कि देश में किसानों को खाद नहीं मिलेगी और आम लोगों को LPG सिलेंडर की उपलब्धता में परेशानी होगी।

    प्रधानमंत्री के मुताबिक, इस तरह के दावों का उद्देश्य सरकार को बदनाम करना था। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और उर्वरकों की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद केंद्र सरकार ने इसका आर्थिक बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया। सरकार ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए और कृषि क्षेत्र को समर्थन देने का प्रयास किया।

    मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से छोटे किसानों को अब तक 4.5 लाख करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। प्रधानमंत्री ने इसे किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में सरकार का महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा किसानों के कल्याण को प्राथमिकता दी है।

    दरअसल, प्रधानमंत्री की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की 25 अक्टूबर को पटना में की गई टिप्पणी के बाद सामने आई है। खरगे बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने नारा लगाते हुए कहा था कि मोदी कहीं नहीं जाएंगे।

    इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए खरगे ने कहा था कि मोदी का बाप भी जाएगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में विवाद शुरू हो गया था। अब गुजरात में प्रधानमंत्री मोदी ने जवाब देते हुए कहा कि वह अपनी अंतिम सांस तक भारत के लोगों की सेवा करते रहेंगे।

    प्रधानमंत्री के इस बयान को खरगे की टिप्पणी के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि अपने संबोधन में उन्होंने केवल व्यक्तिगत टिप्पणी तक बात सीमित नहीं रखी, बल्कि विपक्ष की राजनीति, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। गुजरात की सभा में विकास परियोजनाओं के साथ केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख भी उनके भाषण का प्रमुख हिस्सा रहा।

  • टेस्ला ने भारत में मॉडल वाई के लिए लॉन्च किया हैलोवीन मोड, कार में मिलेंगे भूतिया साउंड और खास लाइटिंग फीचर्स..

    टेस्ला ने भारत में मॉडल वाई के लिए लॉन्च किया हैलोवीन मोड, कार में मिलेंगे भूतिया साउंड और खास लाइटिंग फीचर्स..

    नई दिल्ली । इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी टेस्ला ने भारतीय ग्राहकों के लिए अपनी मॉडल वाई और मॉडल वाईएल कारों में नया सॉफ्टवेयर अपडेट पेश किया है। इस अपडेट की सबसे खास बात हैलोवीन मोड है, जिसमें कार को भूतिया थीम के अनुरूप कई नए फीचर्स से लैस किया गया है। इसमें विशेष साउंड इफेक्ट्स, आकर्षक लाइटिंग सीक्वेंस और थीम आधारित लॉक साउंड जैसी सुविधाएं शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि नए अपडेट के जरिए ग्राहकों को गाड़ी में अतिरिक्त सुविधाओं और तकनीकी सुधारों का अनुभव मिलेगा।

    टेस्ला इंडिया ने शुक्रवार को इस अपडेट की घोषणा की। कंपनी के अनुसार, सॉफ्टवेयर अपडेट के माध्यम से कारों में नए फीचर्स शामिल करने के लिए ग्राहकों को सर्विस सेंटर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। ये सुविधाएं दूर से ही गाड़ियों तक पहुंचाई जा सकती हैं। इस तकनीक के जरिए कंपनी समय-समय पर अपनी कारों के सॉफ्टवेयर में बदलाव और सुधार उपलब्ध करा सकती है।

    नए हैलोवीन मोड में कई ऐसे फीचर्स दिए गए हैं, जो कार के बाहरी और आंतरिक अनुभव को खास बनाते हैं। इसमें भूत की थीम वाला व्हीकल अवतार शामिल है। इसके अलावा हैलोवीन से जुड़े विशेष साउंड इफेक्ट्स, खास लाइटिंग सीक्वेंस, मौसमी व्हीकल रैप और थीम आधारित लॉक साउंड भी दिए गए हैं। इन सुविधाओं के जरिए कार के लुक और आवाज को हैलोवीन के उत्सवी माहौल के अनुरूप बदला जा सकता है।

    अपडेट में ट्रिक ऑर ट्रीट मोड भी जोड़ा गया है। इस फीचर को सक्रिय करने पर जब कोई व्यक्ति कार के नजदीक पहुंचता है, तो गाड़ी से विशेष आवाजें और लाइटिंग इफेक्ट्स शुरू हो जाते हैं। यह सुविधा खास तौर पर हैलोवीन थीम को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इससे कार के आसपास होने वाली गतिविधियों के दौरान एक अलग तरह का अनुभव मिलता है।

    टेस्ला ने इस अपडेट में फोटोबूथ फंक्शन भी शामिल किया है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता कार में उपलब्ध सुविधाओं का इस्तेमाल करते हुए तस्वीरों से जुड़ा अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही वॉयस मैसेजिंग फीचर भी दिया गया है, जिसके जरिए ग्राहक टेस्ला मोबाइल ऐप की मदद से बोलकर संदेश भेज सकेंगे।

    वॉयस मैसेजिंग की खास बात यह है कि उपयोगकर्ता द्वारा ऐप के माध्यम से रिकॉर्ड किए गए संदेश को कार अपनी आवाज में सुनाएगी। इससे वाहन और मोबाइल ऐप के बीच कनेक्टिविटी को एक नया उपयोगी विकल्प मिलेगा। कंपनी का कहना है कि इन सुविधाओं का उद्देश्य ग्राहकों के वाहन अनुभव को अधिक सुविधाजनक और मनोरंजक बनाना है।

    कंपनी ने भारतीय ग्राहकों को नए फीचर्स का अनुभव लेने के लिए अपने एक्सपीरियंस सेंटरों पर आने का विकल्प भी दिया है। फिलहाल टेस्ला देश में नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु और मुंबई में एक्सपीरियंस सेंटर संचालित कर रही है। इसके अतिरिक्त पुणे और अहमदाबाद में अधिकृत कोलिजन सेंटर भी मौजूद हैं।

    इससे पहले अक्टूबर में टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क ने स्पेसएक्स की टेक्सास स्थित एक फैसिलिटी में रोडस्टर स्पोर्ट्स कार के नए संस्करण का प्रदर्शन किया था। इस दौरान कार के प्रोटोटाइप को एक घुमावदार ऊंचे ट्रैक पर चलते हुए दिखाया गया। प्रदर्शन के दौरान वाहन कुछ समय के लिए जमीन से ऊपर उठा और फिर सुरक्षित रूप से नीचे उतर गया। इस घटनाक्रम ने उड़ने वाली कार की तकनीक को लेकर भी चर्चा पैदा की थी।

  • सागर के इंजीनियरिंग कॉलेज हॉस्टल में छात्र का शव फंदे पर मिला, GATE परीक्षा की कर रहा था तैयारी

    सागर के इंजीनियरिंग कॉलेज हॉस्टल में छात्र का शव फंदे पर मिला, GATE परीक्षा की कर रहा था तैयारी

    मध्य प्रदेश: के सागर जिले में बहेरिया स्थित इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज (IGEC) के हॉस्टल में एक इंजीनियरिंग छात्र की मौत का मामला सामने आया है। कॉलेज के फाइनल ईयर में पढ़ने वाले छात्र विक्रमादित्य सिंह बघेल का शव हॉस्टल के स्टोर रूम में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलने के बाद कॉलेज और हॉस्टल परिसर में हलचल मच गई। मृतक मूल रूप से रीवा का निवासी था और इंजीनियरिंग की अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। वह ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) परीक्षा की तैयारी भी कर रहा था।

    जानकारी के मुताबिक, छात्र का शव हॉस्टल परिसर में बने स्टोर रूम में मिला। घटना सामने आने के बाद वहां मौजूद छात्रों और कॉलेज परिसर में चर्चा शुरू हो गई। छात्र की मौत से उसके साथी और परिचित स्तब्ध हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में घटना के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि छात्र किन परिस्थितियों से गुजर रहा था और उसकी मौत के पीछे क्या वजह रही।

    विक्रमादित्य के रूममेट आकाश खरोले ने उसके पिछले कुछ दिनों के व्यवहार के बारे में जानकारी दी। आकाश के अनुसार, विक्रमादित्य पहले की तुलना में काफी शांत और गुमसुम रहने लगा था। वह कमरे में भी कम समय बिताता था। उसके व्यवहार में आए इस बदलाव को उसके साथी महसूस कर रहे थे। रूममेट ने बताया कि वह अपने करियर और भविष्य को लेकर तनाव में रहता था।

    आकाश के मुताबिक, विक्रमादित्य पढ़ाई में अच्छा था और GATE परीक्षा की तैयारी के लिए लगातार मेहनत कर रहा था। वह इस परीक्षा को लेकर गंभीर था और अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे रहा था। इंजीनियरिंग की अंतिम वर्ष की पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी उसके समय का महत्वपूर्ण हिस्सा थी। हालांकि, उसके रूममेट की ओर से बताई गई मानसिक स्थिति के आधार पर मौत का कारण तय नहीं किया जा सकता।

    छात्र की मौत की खबर सामने आने के बाद हॉस्टल में रहने वाले अन्य विद्यार्थियों के बीच भी चिंता का माहौल है। कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थी अपने साथी की मौत से दुखी हैं। विक्रमादित्य रीवा का रहने वाला था, इसलिए उसके परिवार और परिचितों के लिए भी यह घटना गहरा झटका है।

    इस घटना ने छात्र जीवन में पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य को लेकर बनने वाले दबाव के मुद्दे को भी सामने रखा है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के अंतिम वर्ष में विद्यार्थी अक्सर आगे की पढ़ाई, नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर कई तरह की चुनौतियों का सामना करते हैं। हालांकि, इस मामले में विक्रमादित्य की व्यक्तिगत परिस्थितियों के बारे में सीमित जानकारी ही सामने आई है। उसके रूममेट ने केवल इतना बताया है कि वह कुछ दिनों से शांत रहता था और करियर को लेकर तनाव में था।

    फिलहाल घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी सामने आना बाकी है। छात्र की मौत के वास्तविक कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। हॉस्टल के स्टोर रूम में शव मिलने की घटना के बाद अब यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि उस दिन क्या परिस्थितियां बनी थीं और छात्र की मौत से जुड़े अन्य तथ्य क्या हैं।

  • न्यूजीलैंड ने चौथे टी20 में भारत को 87 रन से हराया, फिलिप्स का शतक और डफी की घातक गेंदबाजी

    न्यूजीलैंड ने चौथे टी20 में भारत को 87 रन से हराया, फिलिप्स का शतक और डफी की घातक गेंदबाजी

    नई दिल्ली ।न्यूजीलैंड ने चौथे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को 87 रन से हराकर सीरीज में पहली जीत दर्ज की। ऑकलैंड के ईडन पार्क स्टेडियम में खेले गए मैच में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 259 रन बनाए। इसके जवाब में भारतीय टीम निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट गंवाकर 172 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत के खिलाफ अपनी सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड भी बना दिया।

    इससे पहले न्यूजीलैंड ने 2019 में वेलिंग्टन में खेले गए टी20 मुकाबले में भारत को 80 रन से हराया था। चौथे मैच में 87 रन की जीत ने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। हालांकि, इस मुकाबले के नतीजे से सीरीज में भारतीय टीम की स्थिति पर असर नहीं पड़ा, क्योंकि इससे पहले खेले गए तीनों मैचों में भारत ने जीत हासिल की थी और सीरीज अपने नाम कर ली थी।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने आक्रामक अंदाज में रन बनाए। टीम ने टी20 इंटरनेशनल में अपना अब तक का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया। ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 49 गेंदों पर 107 रन बनाए। उनकी पारी ने न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। फिलिप्स ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और तेजी से रन जुटाए।

    माइकल ब्रेसवेल ने भी विस्फोटक बल्लेबाजी की। उन्होंने केवल 25 गेंदों पर 65 रन बनाकर न्यूजीलैंड की पारी को मजबूती दी। दोनों बल्लेबाजों की पारियों की बदौलत न्यूजीलैंड ने 259 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारत की ओर से मयंक यादव सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने तीन विकेट हासिल किए। अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, नीतीश कुमार रेड्डी और अक्षर पटेल को एक-एक विकेट मिला।

    260 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज चार रन के स्कोर पर अपने दोनों शुरुआती विकेट गंवा दिए। संजू सैमसन चार रन बनाकर आउट हुए, जबकि ईशान किशन खाता भी नहीं खोल सके। शुरुआती झटकों के कारण भारतीय टीम दबाव में आ गई।

    इसके बाद अभिषेक शर्मा और श्रेयस अय्यर ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन दोनों बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सके। दोनों के आउट होने से भारत की मुश्किलें बढ़ गईं। टीम ने अपने शुरुआती चार विकेट केवल 56 रन पर गंवा दिए। बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह दबाव में नजर आई और कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं पहुंच सका।

    भारत की ओर से तिलक वर्मा ने सबसे अधिक 35 रन बनाए। उन्होंने 35 गेंदों का सामना किया। नमन धीर ने 28 रन और अभिषेक शर्मा ने 27 रन का योगदान दिया। अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। परिणामस्वरूप भारतीय टीम 20 ओवर में 172 रन तक ही पहुंच सकी।

    न्यूजीलैंड की गेंदबाजी में जैकब डफी सबसे प्रभावशाली रहे। उन्होंने चार विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। मैथ्यू फिशर और मिचेल सैंटनर ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि एडम मिल्ने को एक सफलता मिली। फिलिप्स की शतकीय पारी और डफी की शानदार गेंदबाजी न्यूजीलैंड की जीत के प्रमुख कारण रहे।

  • शिवपुरी से लापता 17 वर्षीय किशोरी उज्जैन में मिली, अपहरण के आरोपी अनस खान पर दुष्कर्म का मामला दर्ज

    शिवपुरी से लापता 17 वर्षीय किशोरी उज्जैन में मिली, अपहरण के आरोपी अनस खान पर दुष्कर्म का मामला दर्ज

    शिवपुरी जिले: में अपहरण के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 17 वर्षीय किशोरी को उज्जैन से सुरक्षित बरामद किया है। इस मामले में फरार चल रहे आरोपी अनस खान को भी गिरफ्तार किया गया है। किशोरी के बयान और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

    पुलिस के अनुसार, मामला पुरानी शिवपुरी क्षेत्र का है। यहां राधारमण मंदिर के पास रहने वाली किशोरी के परिजनों ने 24 अक्टूबर को देहात थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 17 वर्षीय किशोरी को अनस खान बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी।

    मामले की जांच के दौरान पुलिस ने किशोरी और आरोपी की तलाश के लिए मोबाइल लोकेशन की मदद ली। तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस को दोनों के उज्जैन में होने का पता चला। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उज्जैन से किशोरी को सुरक्षित बरामद कर लिया और आरोपी अनस खान को गिरफ्तार कर लिया।

    किशोरी की बरामदगी के बाद पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए। इसके साथ ही परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर मामले की आगे जांच की गई। पुलिस के मुताबिक, बयान और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की धाराएं भी जोड़ी गईं। इसके बाद मामले की विवेचना आगे बढ़ाई गई है।

    पुलिस ने बरामद किशोरी को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। वहीं, आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय से आदेश मिलने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। इस तरह किशोरी की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के साथ मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है।

    यह मामला 24 अक्टूबर को दर्ज हुई अपहरण की शिकायत से शुरू हुआ था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश की और मोबाइल लोकेशन के आधार पर उज्जैन तक पहुंची। किशोरी की बरामदगी के बाद उसके बयानों के आधार पर मामले में दुष्कर्म से संबंधित कार्रवाई भी की गई।

    फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और दर्ज बयानों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नाबालिग से जुड़े मामले में उसकी पहचान और निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।