Author: bharati

  • MP में कोचिंग सिस्टम पर बड़ा बदलाव, छात्रों और अभिभावकों को मिलेगा राहत का फायदा

    MP में कोचिंग सिस्टम पर बड़ा बदलाव, छात्रों और अभिभावकों को मिलेगा राहत का फायदा


    मध्‍य प्रदेश भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार निजी कोचिंग संस्थानों की बढ़ती मनमानी और अनियंत्रित व्यवस्था पर रोक लगाने के लिए ‘कोचिंग संस्थान विनियमन अधिनियम’ लाने की तैयारी कर रही है। इस नए कानून के लागू होने के बाद कोचिंग सेक्टर पूरी तरह एक नियामक ढांचे के दायरे में आ जाएगा।

    सरकार द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट के अनुसार, हर कोचिंग संस्थान का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण कोई भी संस्थान संचालित नहीं किया जा सकेगा। साथ ही, पहले से चल रहे सभी कोचिंग सेंटरों को भी तय समय सीमा के भीतर पंजीकरण कराना जरूरी होगा।

    नए नियमों के तहत फीस और रिफंड व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। यदि कोई छात्र बीच में कोचिंग छोड़ता है, तो संस्थान को शेष अवधि की फीस ‘प्रो-राटा’ आधार पर 10 दिनों के भीतर वापस करनी होगी। इससे छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

    इसके अलावा कोचिंग संस्थानों पर भ्रामक विज्ञापनों पर पूरी तरह रोक लगाने की तैयारी है। “100% चयन” या “गारंटीड रैंक” जैसे दावे अब अपराध की श्रेणी में आएंगे। किसी भी सफल छात्र की तस्वीर या नाम का उपयोग उसकी लिखित अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा।

    कानून में शिक्षकों की योग्यता को भी स्पष्ट किया गया है। केवल स्नातक (ग्रेजुएट) शिक्षक ही पढ़ा सकेंगे और किसी नैतिक अपराध में दोषी व्यक्ति को नियुक्त नहीं किया जाएगा। साथ ही 16 वर्ष से कम उम्र के छात्रों का नामांकन प्रतिबंधित रहेगा और न्यूनतम योग्यता 10वीं पास निर्धारित की गई है।

    छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कोचिंग संस्थानों को काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध करानी होगी। साथ ही उन्हें वैकल्पिक करियर विकल्पों की जानकारी भी देनी होगी। कक्षाओं के समय को लेकर भी नियम तय किए गए हैं, जिसके अनुसार एक दिन में अधिकतम 5 घंटे की कोचिंग की सलाह दी गई है।

    सरकार ने यह भी अनिवार्य किया है कि सभी संस्थान अपनी वेबसाइट पर फीस, कोर्स विवरण, शिक्षक योग्यता और रिफंड नीति जैसी जानकारी सार्वजनिक करें।

    इस कानून की जरूरत को हाल के वर्षों में बढ़ते दबाव और छात्रों की आत्महत्या के मामलों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में मध्यप्रदेश में 900 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की है, जिससे कोचिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं।

    फिलहाल यह ड्राफ्ट अगले विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा, जिसके बाद इसके लागू होने की संभावना है। अगर यह कानून पारित होता है, तो कोचिंग उद्योग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • मानसून आया नहीं, फिर भी कोटे से 65% ज्यादा बारिश; MP में मौसम का बदला मिजाज

    मानसून आया नहीं, फिर भी कोटे से 65% ज्यादा बारिश; MP में मौसम का बदला मिजाज


    मध्‍य प्रदेश। मध्यप्रदेश में मानसून ने अभी आधिकारिक तौर पर दस्तक नहीं दी है, लेकिन मौसम ने अपने तेवर पहले ही दिखाने शुरू कर दिए हैं। जून महीने की शुरुआत से ही राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश और तेज आंधी का दौर जारी है। हालात यह हैं कि अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब 65 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे मौसम विभाग भी हैरान है।

    राज्य के कई जिलों में रविवार को भी तेज बारिश देखने को मिली। खंडवा, जबलपुर और सीहोर जैसे जिलों में झमाझम बारिश ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन साथ ही जनजीवन को भी प्रभावित किया। कई जगहों पर तेज हवाओं के कारण यातायात बाधित हुआ और हाईवे पर जाम जैसी स्थिति बन गई।

    मौसम विभाग के अनुसार, इस समय प्रदेश में प्री-मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं। मानसून की आधिकारिक एंट्री अभी नहीं हुई है, लेकिन वातावरण में नमी और बदलते दबाव के कारण लगातार बारिश हो रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि मानसून 15 से 18 जून के बीच मध्यप्रदेश में प्रवेश कर सकता है।

    भोपाल, आगर-मालवा, शाजापुर और नीमच जैसे जिलों में इस महीने अब तक 2 से ढाई इंच तक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य औसत से काफी अधिक है। वहीं सतना, सीधी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, हरदा और बुरहानपुर जैसे जिलों में भी एक इंच से अधिक बारिश हो चुकी है।

    मौसम विभाग ने सोमवार के लिए ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, सागर, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, बैतूल, खंडवा, खरगोन और बड़वानी सहित कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    लगातार बदलते मौसम ने किसानों और आम लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। जहां एक तरफ बारिश से तापमान में गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर खेतों में खड़ी फसलों और शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की खबरें सामने आई हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की प्री-मानसूनी गतिविधियां मानसून के मजबूत संकेत हो सकती हैं, लेकिन इसके साथ ही सावधानी बरतना भी जरूरी है। तेज आंधी और बारिश के दौरान खुले स्थानों से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।

    फिलहाल प्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन सावधानी भी जरूरी होगी।

  • ट्विशा केस: जांच प्रक्रिया पर उठे सवाल, सबूत हैंडलिंग और दस्तावेज़ लीक की जांच तेज

    ट्विशा केस: जांच प्रक्रिया पर उठे सवाल, सबूत हैंडलिंग और दस्तावेज़ लीक की जांच तेज


    मध्‍य प्रदेश ट्विशा शर्मा डेथ केस में पुलिस जांच की प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल उठे हैं। हाईकोर्ट में पेश दस्तावेजों के अनुसार सबूतों के हैंडलिंग, केस डायरी की पहुंच और मेडिकल रिकॉर्ड को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। अब सीबीआई पूरे मामले की हर कड़ी को दोबारा जांच रही है।

    जांच प्रक्रिया में सामने आई खामियां
    मामले में सामने आए दस्तावेजों के अनुसार जांच के शुरुआती चरण में कई प्रक्रियागत चूक हुईं। 13 मई 2026 को सब-इंस्पेक्टर द्वारा फंदे की रस्सी जब्त की गई थी, लेकिन रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि उसकी पहचान और सीलिंग किसने की। सबसे बड़ा सवाल यह है कि महत्वपूर्ण सबूत को सीधे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने के बजाय उसे पुलिस वाहन में रखा गया, जिससे उसकी सुरक्षा और प्रमाणिकता पर सवाल उठे हैं।

    सबूत की हैंडलिंग पर विवाद
    दस्तावेजों में दावा किया गया है कि रस्सी और अन्य अहम साक्ष्यों को तुरंत एम्स या फॉरेंसिक लैब भेजने की बजाय देर से प्रोसेस किया गया। इस देरी को जांच की गंभीर चूक माना जा रहा है।

    इसके अलावा यह भी सामने आया है कि जब्ती से जुड़े दस्तावेजों में फंदे की पहचान करने वाले अधिकारी का स्पष्ट रिकॉर्ड दर्ज नहीं है, जिससे जांच की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    केस डायरी और दस्तावेज लीक का आरोप
    हाईकोर्ट में पेश जवाब में यह भी आरोप लगाया गया है कि केस डायरी से जुड़े दस्तावेज समय से पहले संबंधित पक्षों तक पहुंच गए।

    इससे जांच की गोपनीयता पर गंभीर सवाल उठे हैं। हालांकि पुलिस या जांच एजेंसियों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

    सीबीआई की नई जांच दिशा
    सीबीआई अब इस मामले में कई स्तरों पर जांच कर रही है:
    सबूतों की जब्ती और उनकी सुरक्षा प्रक्रिया
    मेडिकल दस्तावेजों की सत्यता
    केस डायरी की गोपनीयता
    जांच के दौरान की गई प्रशासनिक प्रक्रियाएं
    सीबीआई ने उस मनोचिकित्सक से भी पूछताछ की है, जिनका नाम इलाज संबंधी दस्तावेजों में सामने आया था।

    मेडिकल रिकॉर्ड पर भी सवाल
    जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पीड़िता का वास्तव में इलाज हुआ था या मेडिकल दस्तावेजों का उपयोग कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए किया गया।

    डॉक्टर से इलाज, काउंसलिंग और मानसिक स्थिति से जुड़े बिंदुओं पर पूछताछ की गई है, जबकि डॉक्टर ने मरीज की निजी जानकारी साझा करने से इनकार किया है।

    अग्रिम जमानत और कोर्ट में दलीलें
    दस्तावेजों के आधार पर आरोप है कि कुछ महत्वपूर्ण जानकारी हाईकोर्ट में पहले ही प्रस्तुत की गई, जिसके चलते संबंधित पक्षों को कानूनी लाभ मिला। हाईकोर्ट ने पहले ही इस मामले में अग्रिम जमानत से जुड़ा फैसला सुनाया था, जिसके बाद जांच पर और सवाल उठे।

    ट्विशा केस अब सिर्फ एक आपराधिक जांच नहीं, बल्कि पुलिस प्रक्रिया, सबूत प्रबंधन और न्यायिक पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला बनता जा रहा है। सीबीआई की जांच से यह तय होगा कि चूक लापरवाही थी या किसी बड़े स्तर पर गड़बड़ी।

  • MP Weather Update: 8 जून को गर्मी और उमस का डबल अटैक, कहीं बादल तो कहीं तेज धूप; मानसून की आहट का इंतजार

    MP Weather Update: 8 जून को गर्मी और उमस का डबल अटैक, कहीं बादल तो कहीं तेज धूप; मानसून की आहट का इंतजार


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है। जून का दूसरा सप्ताह शुरू होने के बावजूद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। 8 जून को भी मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहने की संभावना है। राजधानी भोपाल समेत कई शहरों में दिनभर तेज धूप और उमस का असर देखने को मिल सकता है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही राहत का अहसास करा सकती है।

    मौसम के ताजा संकेत बताते हैं कि भोपाल में सुबह के समय बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी या गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। इसके बाद दिन चढ़ने के साथ धूप तेज होगी और तापमान तेजी से बढ़ेगा। दोपहर के समय पारा 39 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है। हवा में नमी अधिक रहने से गर्मी का एहसास वास्तविक तापमान से ज्यादा हो सकता है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाई हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई हिस्सों में आगे बढ़ रहा है, लेकिन मध्य प्रदेश में इसके प्रवेश में कुछ देरी देखने को मिल सकती है। यही कारण है कि लोगों को अभी कुछ और दिनों तक गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है।

    राजधानी भोपाल के अलावा इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, रीवा और जबलपुर संभाग के कई जिलों में भी मौसम लगभग इसी तरह बना रह सकता है। दोपहर के समय तेज धूप लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है, जबकि शाम के समय बादलों की हल्की आवाजाही और तेज हवाएं कुछ राहत दे सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान मौसम किसानों के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है। खरीफ फसलों की तैयारी कर रहे किसान मानसून की प्रगति पर नजर बनाए हुए हैं। यदि मानसून की रफ्तार सामान्य रहती है तो अगले एक-दो सप्ताह में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    कुल मिलाकर 8 जून का दिन मध्य प्रदेश में गर्मी, उमस और मानसून की प्रतीक्षा के बीच गुजरने वाला है। लोगों को राहत की उम्मीद बादलों और संभावित हल्की बारिश से जरूर रहेगी, लेकिन व्यापक बारिश के लिए अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है।

  • Aaj Ka Rashifal 8 जून 2026: मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा आपका दिन, किसे मिलेगा लाभ और किसे बरतनी होगी सावधानी

    Aaj Ka Rashifal 8 जून 2026: मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा आपका दिन, किसे मिलेगा लाभ और किसे बरतनी होगी सावधानी


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार 8 जून 2026 का दिन कई राशियों के लिए नई संभावनाएं लेकर आया है। सोमवार होने के कारण भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। ग्रहों की चाल के आधार पर कुछ लोगों को करियर में सफलता मिलेगी तो कुछ को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल।

    मेष राशि:
    आज आप करियर को लेकर बेहद प्रेरित और सक्रिय रहेंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग ला सकती है। हालांकि काम के साथ-साथ व्यक्तिगत जीवन को भी महत्व देना जरूरी होगा। परिवार और मित्रों के साथ समय बिताने से मानसिक संतुलन बना रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और आय के नए अवसर मिल सकते हैं।

    वृषभ राशि:
    आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कार्यस्थल पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है, जिसके कारण ओवरटाइम भी करना पड़ सकता है। विवादों और अनावश्यक बहस से दूर रहें। अचानक खर्च सामने आने से बजट प्रभावित हो सकता है।

    मिथुन राशि:
    आज का दिन आपके लिए सकारात्मक रहेगा। पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और ऊर्जा का स्तर भी बेहतर बना रहेगा। काम का तनाव घर तक न लाने की सलाह दी जाती है। धन लाभ के योग बन रहे हैं।

    कर्क राशि:
    खान-पान और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। परिवार के किसी सदस्य की आर्थिक सहायता करनी पड़ सकती है। कार्य से जुड़ी यात्रा संभव है। फिटनेस को लेकर लापरवाही न करें और नियमित दिनचर्या बनाए रखें।

    सिंह राशि:
    आज कोई सुखद समाचार मिल सकता है। करियर में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा और नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा आपके प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आएगा। दिन लाभकारी रहने के संकेत हैं।

    कन्या राशि:
    आर्थिक स्थिति स्थिर बनी रहेगी। जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है, इसलिए संयमित व्यवहार रखें। मानसिक तनाव से बचने के लिए ध्यान और योग का सहारा लें। कार्य के दबाव के बीच खुद को समय देना भी जरूरी होगा।

    तुला राशि:
    आज का दिन लाभ और सफलता के संकेत दे रहा है। कोई नया प्रोजेक्ट या अवसर हाथ लग सकता है, जिससे आर्थिक लाभ होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। प्रेम संबंधों में संतुलन बनाए रखने के लिए साथी को समय देना जरूरी रहेगा।

    वृश्चिक राशि:
    आज का दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। रिश्तों में खुलकर संवाद करना लाभदायक रहेगा। अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। आपका व्यक्तित्व और व्यवहार ही आपकी सबसे बड़ी ताकत साबित होगा।

    धनु राशि:
    आर्थिक स्थिति मजबूत रहने के बावजूद खर्चों में वृद्धि हो सकती है। धन लाभ के योग भी बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र का तनाव निजी जीवन पर हावी न होने दें। योजनाबद्ध तरीके से काम करेंगे तो सफलता मिलेगी।

    **मकर राशि:**
    प्रेम और रोमांस के लिहाज से दिन अच्छा रहेगा। अविवाहित लोगों के जीवन में किसी खास व्यक्ति की एंट्री हो सकती है। करियर और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक होगा। आर्थिक लाभ के संकेत भी मिल रहे हैं।

    **कुंभ राशि:**
    कार्यस्थल पर व्यस्तता बढ़ सकती है, लेकिन दिन कुल मिलाकर सकारात्मक रहेगा। शाम का समय प्रियजन या साथी के साथ सुखद बीतेगा। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है। खर्च करते समय समझदारी से निर्णय लें।

    **मीन राशि:**
    आज का दिन सामान्य रहेगा। स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। कार्यभार अधिक महसूस हो सकता है, इसलिए अनावश्यक तनाव से बचें। नियमित व्यायाम और संतुलित दिनचर्या आपको ऊर्जा प्रदान करेगी। सकारात्मक सोच बनाए रखें।

  • भारत में बढ़ती तंबाकू और शराब की लत: NFHS-6 रिपोर्ट ने खोली स्वास्थ्य संकट की पोल

    भारत में बढ़ती तंबाकू और शराब की लत: NFHS-6 रिपोर्ट ने खोली स्वास्थ्य संकट की पोल


    नई दिल्ली।  भारत में तंबाकू और शराब का बढ़ता चलन अब केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि देश के सामने खड़ा सबसे बड़ा स्वास्थ्य संकट बन चुका है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में ‘इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन साइंसेज’ (IIPS) द्वारा तैयार की गई नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-6) की ताजा रिपोर्ट ने इस भयावह जमीनी हकीकत से पर्दा उठा दिया है। इस विस्तृत अध्ययन के आंकड़े बताते हैं कि देश की एक बहुत बड़ी आबादी नशे की गिरफ्त में आ चुकी है, जिसके चलते कैंसर, लिवर और दिल की गंभीर बीमारियों का ग्राफ तेजी से ऊपर भाग रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में करीब 30.4 प्रतिशत पुरुष किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन कर रहे हैं, जबकि लगभग 14.9 प्रतिशत पुरुष आबादी शराब की आदी हो चुकी है।

    यह आंकड़े राष्ट्रीय औसत को दर्शाते हैं, लेकिन अगर राज्यों के स्तर पर देखें तो स्थिति और भी ज्यादा डरावनी नजर आती है। पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में तंबाकू का सेवन करने वालों की संख्या खतरनाक स्तर पर है, वहीं पंजाब, गोवा और सिक्किम जैसे राज्यों में शराब के शौकीनों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस बार के सर्वे में शहरी इलाकों में नशे की लत ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले काफी अधिक दर्ज की गई है। कामकाजी और सबसे उत्पादक माने जाने वाले 25 से 54 वर्ष के आयु वर्ग के लोग इस लत से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जो देश के आर्थिक भविष्य के लिए भी एक बड़ा झटका है।

    तनाव और खराब जीवनशैली बनी वजह; इलाज के आर्थिक बोझ तले दब रहे परिवार
    चिकित्सा जगत के विशेषज्ञों और समाजशास्त्रियों का मानना है कि आधुनिक दौर में बढ़ता मानसिक तनाव, काम का दबाव, बदलती और बेहद खराब जीवनशैली के साथ-साथ जागरूकता का अभाव इस समस्या की सबसे प्रमुख वजहें हैं। लोग अक्सर शुरुआत में तनाव कम करने या दोस्तों के दबाव में आकर शौक के तौर पर नशा शुरू करते हैं, जो धीरे-धीरे एक गंभीर लत में तब्दील हो जाता है। तंबाकू और शराब का यह अनियंत्रित और लगातार सेवन सीधे तौर पर मानव शरीर को खोखला कर रहा है। इसके कारण मुंह और फेफड़ों का कैंसर, लिवर सिरोसिस, दिल का दौरा पड़ना और फेफड़ों की गंभीर बीमारी सीओपीडब्ल्यू (COPD) जैसी जानलेवा बीमारियों के मामले अस्पतालों में बाढ़ की तरह आ रहे हैं। रिपोर्ट आगाह करती है कि देश में हर साल लाखों लोगों की असमय मौत का कारण यही नशा बन रहा है, जिससे न सिर्फ कीमती जानें जा रही हैं, बल्कि इलाज के भारी-भरकम खर्च के कारण लाखों परिवार कर्ज और गरीबी के दलदल में धंसते जा रहे हैं।

    समय रहते संभलना जरूरी; सख्त नियमों और जागरूकता से ही निकलेगा समाधान
    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस उभरते संकट से निपटने के लिए कुछ अत्यंत जरूरी और कड़े कदम उठाने की वकालत की है। उनके अनुसार, अब समय आ गया है जब सरकार को स्कूल और कॉलेजों के स्तर पर व्यापक रूप से नशामुक्ति और जागरूकता अभियान चलाने होंगे ताकि देश की भावी पीढ़ी को इस जहर से बचाया जा सके। इसके साथ ही तंबाकू और शराब की बिक्री, विज्ञापनों और उपलब्धता पर बेहद सख्त कानूनी नियम लागू करने की दरकार है। मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए काउंसलिंग केंद्रों की संख्या बढ़ानी होगी ताकि लोग तनाव से निपटने के लिए नशे का सहारा न लें। कुल मिलाकर, NFHS-6 की यह रिपोर्ट देश के नीति-निर्माताओं के लिए एक गंभीर चेतावनी की तरह है। यदि अब भी सामूहिक प्रयास नहीं किए गए, तो आने वाले वर्षों में यह समस्या देश के चिकित्सा तंत्र को ध्वस्त कर देगी। इस संकट से पार पाने के लिए सरकार, नागरिक समाज और खुद आम जनता को मिलकर एक बड़ी जंग छेड़नी होगी।

  • अदाणी पावर और एईएसएल में निवेश के लिए बुलिश संकेत, क्षमता विस्तार और मजबूत पीपीए की वजह

    अदाणी पावर और एईएसएल में निवेश के लिए बुलिश संकेत, क्षमता विस्तार और मजबूत पीपीए की वजह

    अहमदाबाद । ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने अदाणी ग्रुप की तीन प्रमुख कंपनियों – अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड, अदाणी पावर लिमिटेड और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड – पर बुलिश रुख अपनाया है। जेफरीज का कहना है कि इन कंपनियों में क्षमता में तेज विस्तार, मजबूत क्रियान्वयन और बढ़ती मांग की वजह से निवेश के लिए आकर्षक अवसर मौजूद हैं।

    अदाणी ग्रीन एनर्जी को जेफरीज ने “बाय” रेटिंग के साथ 1,435 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज फर्म के अनुसार कंपनी वित्त वर्ष 2026 में 19.3 गीगावाट रिन्यूएबल ऊर्जा क्षमता से वित्त वर्ष 2030 तक 50 गीगावाट तक पहुंचने का लक्ष्य रखती है। इसमें 5 गीगावाट की पंप स्टोरेज परियोजना और बैटरी स्टोरेज सिस्टम में 10 गीगावाट से अधिक की वृद्धि शामिल है। गुजरात के खावड़ा में 30 गीगावाट रिन्यूएबल ऊर्जा क्षमता का निर्माण चल रहा है, जो ग्रोथ का प्रमुख ड्राइवर है।

    अदाणी पावर पर जेफरीज ने अपनी “बाय” रेटिंग बनाए रखते हुए 255 रुपये का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। कंपनी वित्त वर्ष 2032 तक अपनी क्षमता 42 गीगावॉट तक बढ़ाने की योजना रखती है। इसके अलावा दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौतों (PPA) की मजबूत पाइपलाइन से आय में सुधार की संभावना है। वर्तमान में आगामी क्षमता का लगभग 56 प्रतिशत पीपीए पहले से ही सुनिश्चित किया जा चुका है।

    अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) के लिए जेफरीज ने 1,665 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ “बाय” रेटिंग बरकरार रखी है। एईएसएल भारत की एकमात्र सूचीबद्ध प्योर प्ले ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी है। कंपनी वर्तमान में 718 अरब रुपये के ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स क्रियान्वित कर रही है और स्मार्ट मीटरिंग व्यवसाय तेजी से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2026 तक 11 मिलियन से अधिक मीटर स्थापित किए जा चुके हैं।

    जेफरीज का अनुमान है कि मध्यम अवधि में एबिटा और कर के बाद मुनाफे में मजबूत दोहरे अंकों की वृद्धि होगी। यह क्रियान्वयन की गति, डेटा सेंटर, वाणिज्यिक और औद्योगिक ऊर्जा समाधानों में बढ़ते अवसरों और स्मार्ट मीटरिंग के व्यापक विस्तार से प्रेरित होगी।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अदाणी ग्रुप की ये कंपनियां भारत में बढ़ती ऊर्जा मांग और ट्रांसमिशन इन्फ्रास्ट्रक्चर में तेजी से बढ़ते निवेश का लाभ उठा रही हैं। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि ग्रुप की लंबी अवधि की रणनीति और क्षमता विस्तार योजनाएं उनके पोर्टफोलियो के लिए आकर्षक साबित हो सकती हैं।

  • 27 साल बाद फिर गूंज सकती है ‘ताल’ की धुन, सुभाष घई ने ‘ताल-2’ को लेकर फैंस से मांगी राय

    27 साल बाद फिर गूंज सकती है ‘ताल’ की धुन, सुभाष घई ने ‘ताल-2’ को लेकर फैंस से मांगी राय


    नई दिल्ली ।
    हिंदी सिनेमा की चर्चित म्यूजिकल फिल्मों में शामिल ‘ताल’ एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। फिल्म के निर्माता-निर्देशक Subhash Ghai ने इसके संभावित सीक्वल को लेकर ऐसा संकेत दिया है, जिससे फिल्म प्रेमियों के बीच नई चर्चा शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में उन्होंने प्रशंसकों से सीधा सवाल पूछा कि क्या उन्हें ‘ताल-2’ का निर्माण करना चाहिए। इस सवाल के सामने आते ही फिल्म के सीक्वल को लेकर उत्साह बढ़ गया है।

    सुभाष घई ने अपने पोस्ट में फिल्म ‘ताल’ से जुड़ी एक खास याद साझा की। उन्होंने बताया कि उन्हें इस फिल्म के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली थी। उन्होंने उस अवसर को याद किया जब प्रसिद्ध फिल्म समीक्षक Roger Ebert ने फिल्म की प्रशंसा की थी। घई ने बताया कि एक विशेष फिल्म समारोह में ‘ताल’ के प्रदर्शन के दौरान फिल्म को संगीत, प्रस्तुति और अभिनय के लिए काफी सराहा गया था।

    निर्देशक के अनुसार, फिल्म को उस दौर में भारतीय सिनेमा की एक अलग पहचान के रूप में देखा गया था। इसकी कहानी, भावनात्मक प्रस्तुति और संगीत ने देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय दर्शकों का भी ध्यान आकर्षित किया था। यही वजह है कि वर्षों बाद भी यह फिल्म दर्शकों की पसंदीदा फिल्मों में गिनी जाती है।

    अपने सोशल मीडिया पोस्ट में सुभाष घई ने यह भी संकेत दिया कि यदि ‘ताल-2’ बनती है तो इसमें नई पीढ़ी के कलाकारों और एक युवा निर्देशक को अवसर दिया जा सकता है। उन्होंने सीधे तौर पर फैंस से राय मांगी कि क्या दर्शक इस क्लासिक फिल्म की नई कहानी को बड़े पर्दे पर देखना चाहते हैं। इस सवाल के बाद सोशल मीडिया पर फिल्म प्रेमियों की प्रतिक्रियाएं तेजी से सामने आने लगी हैं।

    साल 1999 में रिलीज हुई Taal उस दौर की सबसे सफल और चर्चित फिल्मों में शामिल रही थी। फिल्म में Aishwarya Rai, Anil Kapoor और Akshaye Khanna ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई थीं। फिल्म की कहानी के साथ-साथ इसके गीत और संगीत भी जबरदस्त लोकप्रिय हुए थे। आज भी इसके कई गाने श्रोताओं की पसंदीदा सूची में शामिल हैं।

    फिल्म की सफलता का एक बड़ा कारण इसका संगीत भी माना जाता है। शानदार गीतों, आकर्षक लोकेशनों और प्रभावशाली अभिनय ने इसे उस समय की सबसे यादगार फिल्मों में शामिल कर दिया था। बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल करने के साथ-साथ फिल्म ने कई पुरस्कार भी अपने नाम किए थे।

    फिल्म उद्योग के जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में क्लासिक फिल्मों के सीक्वल और रीबूट को दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिला है। ऐसे में यदि ‘ताल-2’ का निर्माण होता है तो यह नई पीढ़ी के दर्शकों को पुराने दौर की लोकप्रिय फिल्म से जोड़ने का अवसर भी बन सकता है। हालांकि, फिलहाल सीक्वल को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सुभाष घई के सवाल ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि इस दिशा में संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।

  • घंटों शूटिंग, मिनटों में डायलॉग याद और बदलते इमोशन्स, नेहा हरसोरा ने बताया डेली सोप का असली संघर्ष

    घंटों शूटिंग, मिनटों में डायलॉग याद और बदलते इमोशन्स, नेहा हरसोरा ने बताया डेली सोप का असली संघर्ष

    नई दिल्ली । टेलीविजन इंडस्ट्री की चमक-दमक और लोकप्रियता के पीछे कलाकारों की कड़ी मेहनत और निरंतर संघर्ष छिपा होता है। दर्शकों तक रोजाना नए एपिसोड पहुंचाने के लिए कलाकारों और पूरी टीम को लंबे समय तक काम करना पड़ता है। इसी विषय पर अभिनेत्री नेहा हरसोरा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि डेली सोप में काम करना आसान नहीं है, लेकिन यही चुनौतियां उन्हें लगातार बेहतर बनने की प्रेरणा देती हैं।

    नेहा हरसोरा का कहना है कि डेली सोप की दुनिया बाहर से जितनी आकर्षक दिखाई देती है, वास्तविकता में उतनी ही मेहनत और समर्पण की मांग करती है। कलाकारों को कई बार लगातार घंटों तक शूटिंग करनी पड़ती है और सीमित समय में अपने किरदार के अनुरूप प्रदर्शन देना होता है। उनके अनुसार, अभिनय का यह क्षेत्र मानसिक और शारीरिक दोनों स्तरों पर कलाकारों की परीक्षा लेता है।

    उन्होंने बताया कि कई बार कलाकारों को शूटिंग शुरू होने से कुछ मिनट पहले ही संवाद दिए जाते हैं। ऐसे में उन्हें तुरंत याद करना और कैमरे के सामने बिना किसी गलती के प्रस्तुत करना बड़ी चुनौती होती है। इसके अलावा, एक ही दिन में अलग-अलग भावनात्मक दृश्यों की शूटिंग करनी पड़ती है। कभी कलाकार को भावुक दृश्य निभाना होता है तो कुछ ही समय बाद हल्के-फुल्के या खुशमिजाज दृश्य में नजर आना पड़ता है। इस तरह तेजी से भावनाओं में बदलाव करना आसान नहीं होता।

    अभिनेत्री का मानना है कि डेली सोप का व्यस्त शेड्यूल कलाकारों की व्यक्तिगत जिंदगी को भी प्रभावित करता है। सुबह से देर रात तक चलने वाली शूटिंग के कारण कलाकारों को परिवार के साथ पर्याप्त समय बिताने का अवसर नहीं मिल पाता। हालांकि, उन्होंने कहा कि जो लोग अभिनय को अपना करियर चुनते हैं, उन्हें इन चुनौतियों को स्वीकार करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।

    नेहा ने स्पष्ट किया कि कठिनाइयों के बावजूद उन्हें अपने काम से बेहद लगाव है। उनके अनुसार, कैमरे के सामने खड़े होकर किरदार को जीवंत बनाना, संवादों को आत्मसात करना और दर्शकों तक भावनाओं को पहुंचाना उन्हें संतुष्टि देता है। अभिनय उनके लिए केवल पेशा नहीं बल्कि एक जुनून है, जिसे वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाती हैं।

    उन्होंने फिल्मों और वेब सीरीज की कार्यप्रणाली की तुलना भी की। नेहा के अनुसार, फिल्मों और वेब सीरीज में कलाकारों को अपने किरदार को समझने, तैयारी करने और भाषा या व्यवहार पर काम करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है। कई प्रोजेक्ट्स में कलाकारों के लिए विशेष वर्कशॉप भी आयोजित की जाती हैं। इसके विपरीत, डेली सोप में काम की गति काफी तेज होती है और कलाकारों को सीमित समय में ही सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना पड़ता है।

    उन्होंने कहा कि यही तेज रफ्तार और निरंतर चुनौतियां डेली सोप को अन्य माध्यमों से अलग बनाती हैं। हर दिन कुछ नया सीखने और बेहतर करने का अवसर मिलता है। उनके मुताबिक, संघर्ष और मेहनत से मिली सफलता का आनंद भी अलग होता है और यही बात उन्हें इस क्षेत्र से जोड़े रखती है।

  • कम उम्र में बड़ा सपना, वैभव सूर्यवंशी बोले- लंबे समय तक क्रिकेट पर राज करना चाहता हूं

    कम उम्र में बड़ा सपना, वैभव सूर्यवंशी बोले- लंबे समय तक क्रिकेट पर राज करना चाहता हूं


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में अपने बल्ले से धमाल मचाने वाले 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के नए सितारे बनकर उभरे हैं। शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ-साथ एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है। चयन के बाद वैभव ने अपने भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ क्रिकेट खेलना नहीं, बल्कि लंबे समय तक इस खेल में अपना दबदबा बनाए रखना है।

    राजस्थान रॉयल्स द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक इंटरव्यू में वैभव ने अपने क्रिकेट करियर को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वह ऐसा खिलाड़ी बनना चाहते हैं, जिसे क्रिकेट प्रेमी वर्षों तक याद रखें। वैभव का मानना है कि एक महान खिलाड़ी वही होता है जो अपने दम पर मैच का रुख बदल दे और टीम को जीत दिलाए।

    युवा बल्लेबाज ने कहा कि उन्होंने अपने करियर को लेकर स्पष्ट लक्ष्य तय कर रखा है। उनका सपना है कि जब भी लोग उनके खेल को देखें या भविष्य में उनके बारे में चर्चा करें तो यह महसूस करें कि वह ऐसा बल्लेबाज था जो अकेले दम पर मुकाबले का नतीजा बदल सकता था। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ वह लगातार मेहनत कर रहे हैं और अपने खेल को बेहतर बनाने में जुटे हुए हैं।

    वैभव ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य कुछ साल क्रिकेट खेलकर संतुष्ट हो जाना नहीं है। वह चाहते हैं कि अगले 10 से 20 वर्षों तक उनके प्रदर्शन की चर्चा हो और उनका प्रभाव क्रिकेट जगत में बना रहे। उन्होंने कहा कि क्रिकेट उनके लिए केवल पेशा नहीं, बल्कि आनंद का माध्यम है। इसी कारण वह पूरी जिंदगी इस खेल का आनंद लेते हुए लगातार बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं।

    भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने भी वैभव की प्रतिभा की सराहना की है। चयन समिति का मानना है कि युवा बल्लेबाज ने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया और टीम में जगह पाने का मजबूत दावा पेश किया। आईपीएल 2026 में उनकी बल्लेबाजी ने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि विशेषज्ञों को भी प्रभावित किया।

    राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी ने पूरे सीजन में शानदार निरंतरता दिखाई। उन्होंने 16 पारियों में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 237 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने ऑरेंज कैप अपने नाम की और यह उपलब्धि हासिल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। इसके अलावा उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 72 छक्के जड़कर टी20 क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

    अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय सफर पर टिकी हैं। कम उम्र में मिली सफलता ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जाना शुरू कर दिया है। आने वाले महीनों में आयरलैंड, इंग्लैंड और एशियन गेम्स के मंच पर उनके प्रदर्शन से यह तय होगा कि वह घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट की सफलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितनी मजबूती से आगे बढ़ा पाते हैं।