Author: bharati

  • बेटे के बोन मैरो मैच न होने से खुला महिला से दुष्कर्म का राज, मोरबी में आरोपी पार्षद पति फरार

    बेटे के बोन मैरो मैच न होने से खुला महिला से दुष्कर्म का राज, मोरबी में आरोपी पार्षद पति फरार


    नई दिल्ली ।
    गुजरात के मोरबी में एक महिला ने एक व्यक्ति पर कई वर्षों तक ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब महिला के कैंसर पीड़ित पति के इलाज के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट की तैयारी की जा रही थी। परिवार के इकलौते बेटे का स्टेम सेल सैंपल लेकर पिता से मिलान कराया गया, लेकिन मेडिकल जांच में दोनों का बोन मैरो मैच नहीं हुआ। इसके बाद परिवार के सामने ऐसा मामला आया, जिसने महिला के लंबे समय से छिपे दर्द को उजागर कर दिया।

    बताया गया है कि इस घटना की शुरुआत करीब छह साल पहले वर्ष 2020 में हुई थी। महिला के पति को बोन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने का पता चला था। इलाज के लिए तत्काल पैसों की जरूरत थी, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। पति के इलाज का खर्च जुटाने के लिए महिला ने महिलाओं के कपड़ों का कारोबार करने वाले शैलेश लक्ष्मण मकवाना से एक लाख रुपये उधार लिए थे।

    महिला का आरोप है कि जब वह समय पर कर्ज की रकम वापस नहीं कर सकी, तब शैलेश मकवाना ने उसकी आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाना शुरू कर दिया। आरोप के मुताबिक, आरोपी ने कर्ज की रकम लौटाने के लिए दबाव बनाया और महिला को डराने-धमकाने के साथ ब्लैकमेल किया। इसके बाद उसने कथित तौर पर महिला के साथ बार-बार दुष्कर्म किया।

    महिला के मुताबिक, पति की बीमारी और परिवार की परिस्थितियों के कारण वह लंबे समय तक इस घटना के बारे में किसी को नहीं बता सकी। सामाजिक बदनामी और पति की नाजुक हालत के कारण उसने कथित तौर पर कई वर्षों तक यह बात अपने तक सीमित रखी।

    समय बीतने के साथ महिला के पति की हालत खराब होती गई। हाल ही में डॉक्टरों ने बोन मैरो ट्रांसप्लांट को इलाज का जरूरी विकल्प बताया। इसके लिए उनके बेटे का स्टेम सेल सैंपल लिया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह पिता के लिए उपयुक्त है या नहीं। जांच के बाद जब बेटे का बोन मैरो पिता से मैच नहीं हुआ, तो परिवार में सवाल खड़े होने लगे।

    इसके बाद महिला ने पति और परिवार के सामने कथित दुष्कर्म की पूरी घटना बताई। महिला ने आरोप लगाया कि शैलेश मकवाना ने कर्ज और उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर उसे वर्षों तक प्रताड़ित किया और उसके साथ दुष्कर्म करता रहा।

    घटना सामने आने के बाद महिला ने मोरबी के ए-डिवीजन पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने 9 सितंबर को मामले में एफआईआर दर्ज की। आरोपी शैलेश मकवाना मोरबी नगर निगम के वार्ड नंबर 8 की बीजेपी पार्षद का पति बताया गया है। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया।

    पुलिस उपाधीक्षक जे. एम. आल के मुताबिक, आरोपी की तलाश के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें बनाई गई हैं और कई स्थानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

    मामले की जांच में अब वैज्ञानिक साक्ष्यों पर भी जोर दिया जा रहा है। पुलिस अदालत से अनुमति लेकर आरोपी शैलेश मकवाना और बच्चे का डीएनए टेस्ट कराने की तैयारी में है। डीएनए जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • ढाबला फंटा के पास तेज रफ्तार टक्कर ने छीनी युवक की जिंदगी, हादसे के बाद कार छोड़कर फरार हुआ चालक

    ढाबला फंटा के पास तेज रफ्तार टक्कर ने छीनी युवक की जिंदगी, हादसे के बाद कार छोड़कर फरार हुआ चालक


    उज्जैन । उज्जैन में गुरुवार रात जावरा-उज्जैन रोड पर हुए सड़क हादसे में एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसा भेरूगढ़ थाना क्षेत्र में ढाबला फंटा के पास रात करीब 11 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि इसी दौरान एक चार पहिया वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद वाहन चालक घटनास्थल पर गाड़ी छोड़कर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।

    मृतक की पहचान खेड़ला निवासी कालू पिता हेमा जी बंजारा के रूप में हुई है। हादसे के समय कालू बाइक पर अकेले सवार थे। रात के समय जावरा-उज्जैन रोड पर हुई इस दुर्घटना के बाद आसपास के लोगों में भी हड़कंप की स्थिति बन गई। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई जिसके बाद भेरूगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने से पहले ही टक्कर मारने वाला चालक अपना वाहन मौके पर छोड़कर वहां से फरार हो चुका था।

    पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर दुर्घटना में शामिल चार पहिया वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। वाहन को जब्त करने के बाद पुलिस अब उसके चालक की पहचान करने की कोशिश कर रही है। पुलिस का मानना है कि जब्त वाहन के आधार पर फरार चालक तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। हादसा किस वजह से हुआ और टक्कर के समय वाहन की गति कितनी थी इन बिंदुओं को लेकर भी जांच की जा रही है।

    भेरूगढ़ थाना प्रभारी शैलेंद्र प्रताप राजावत के अनुसार दुर्घटना के समय बाइक पर सिर्फ कालू सवार थे। हादसे में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद परिजन शव को लेकर अपने गांव रवाना हुए।

    हादसे के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है। अब पुलिस दुर्घटना के कारणों के साथ ही फरार चालक की पहचान करने में जुटी है। मौके पर छोड़े गए चार पहिया वाहन को जांच का अहम आधार माना जा रहा है। पुलिस वाहन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य जानकारी के जरिए चालक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

    जावरा-उज्जैन रोड पर देर रात हुए इस हादसे ने एक परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह और फरार चालक की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने वाहन जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश जारी है।

  • 25 हजार स्थानों पर एक साथ वंदे मातरम्, मालवा में 1.52 लाख लोगों ने मिलकर रचा नया इतिहास

    25 हजार स्थानों पर एक साथ वंदे मातरम्, मालवा में 1.52 लाख लोगों ने मिलकर रचा नया इतिहास

    उज्जैन । देशभर में शुक्रवार को वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में एक साथ सामूहिक गायन का अनोखा आयोजन किया गया। नमामि भारतम् कार्यक्रम के तहत देश के 25 हजार से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से ज्यादा विद्यार्थियों शिक्षकों अभिभावकों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने एक ही समय पर एक स्वर और एक लय में संपूर्ण वंदे मातरम् का गायन किया। इस दौरान मालवा क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और कई स्थानों पर देशभक्ति का माहौल देखने को मिला।

    विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान नई दिल्ली के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में मालवा प्रांत के 522 सरस्वती शिशु मंदिरों को जोड़ा गया। आयोजकों के अनुसार इन स्कूलों में करीब 1 लाख 52 हजार 850 लोग सामूहिक गायन में शामिल हुए। उज्जैन शहर में मारुति गंज और ऋषिनगर स्थित सरस्वती स्कूलों में भी विशेष आयोजन किया गया। यहां विद्यार्थी शिक्षक अभिभावक और समाज के प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे और निर्धारित समय पर सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया।

    कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10:30 बजे प्रतिभागियों के एकत्रीकरण के साथ हुई। इसके बाद ठीक 11 बजे देशभर के निर्धारित स्थानों पर एक साथ संपूर्ण वंदे मातरम् का गायन किया गया। इस दौरान स्कूल परिसरों में देशभक्ति का वातावरण नजर आया। मालवा प्रांत के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सरस्वती शिशु मंदिरों को इस आयोजन के माध्यम से एक सूत्र में जोड़ने की तैयारी पहले से की गई थी।

    विद्या भारती मालवा प्रांत के प्रांत प्रचार प्रमुख सुदर्शन शिशुलकर के अनुसार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही। वहीं सरस्वती स्कूल के प्राचार्य भगवान सिंह ठाकुर ने बताया कि मध्य प्रदेश में ही 5 लाख से अधिक लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सामूहिक गायन तक सीमित नहीं था बल्कि राष्ट्रभाव मातृभूमि के प्रति श्रद्धा सांस्कृतिक एकात्मता और राष्ट्रीय चेतना की भावना को मजबूत करना भी था।

    इस आयोजन को लेकर रिकॉर्ड बनाने की दिशा में भी तैयारी की गई है। आयोजकों ने एक साथ सर्वाधिक विद्यार्थियों और जनसमुदाय द्वारा वंदे मातरम् के सामूहिक गायन का रिकॉर्ड दर्ज कराने के लिए प्रमाणीकरण की प्रक्रिया शुरू की है। एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से प्रतिभागियों की संख्या का सत्यापन किया जाएगा।

    दोपहर तक अलग अलग स्थानों से प्रतिभागियों की संख्या जुटाने का काम किया जाना है। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सामूहिक गायन ने रिकॉर्ड के निर्धारित मानकों को पूरा किया है या नहीं। फिलहाल मालवा के 522 सरस्वती स्कूलों में एक साथ हजारों लोगों की भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। एक ही समय पर अलग अलग शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में गूंजे वंदे मातरम् के स्वर ने पूरे आयोजन को देशभक्ति और सांस्कृतिक एकता से जोड़ दिया।

  • उज्जैन में अनोखा गणेश पंडाल बना आकर्षण का केंद्र, 20 किलो चांदी से सजे बप्पा, राजा-महाराजाओं की ऐतिहासिक चीजों ने खींचा ध्यान

    उज्जैन में अनोखा गणेश पंडाल बना आकर्षण का केंद्र, 20 किलो चांदी से सजे बप्पा, राजा-महाराजाओं की ऐतिहासिक चीजों ने खींचा ध्यान


    उज्जैन । उज्जैन के पटनी बाजार स्थित सराफा बाजार में गणेश उत्सव के अंतिम दिन भगवान गणेश का अनोखा रजत श्रृंगार आकर्षण का केंद्र बना रहा। सराफा यूथ फेडरेशन के गणेश पंडाल में करीब 45 लाख रुपए कीमत की चांदी से बप्पा का श्रृंगार किया गया। पंडाल की खास सजावट में करीब 20 किलो चांदी का इस्तेमाल किया गया है। चांदी के एंटीक बर्तनों और आभूषणों के साथ राजा-महाराजाओं के दौर की कई ऐतिहासिक वस्तुओं को भी यहां प्रदर्शित किया गया है। शाम को रजत श्रृंगार पूरा होने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु बप्पा के दर्शन करने पहुंचे।

    सराफा यूथ फेडरेशन के पंडाल में इस बार भगवान गणेश की सजावट को बेहद खास रूप दिया गया है। संगठन से जुड़े 10 से अधिक प्रमुख व्यापारियों ने मिलकर इस विशेष श्रृंगार को तैयार किया है। पंडाल में करीब 20 किलो चांदी से तैयार किए गए एंटीक आभूषण और बर्तनों को सजाया गया है। इन वस्तुओं को देखने के लिए भक्तों और स्थानीय लोगों में भी उत्सुकता रही। गणेश प्रतिमा के साथ चांदी से जुड़ी प्राचीन वस्तुओं की सजावट ने पूरे पंडाल को अलग रूप दे दिया।

    पंडाल में रखी गई ऐतिहासिक वस्तुओं में राजा-महाराजाओं के समय के पुराने आभूषण भी शामिल हैं। इसके अलावा एक प्राचीन एंटीक छड़ी और चांदी से बना श्रीफल यानी रजत नारियल भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। पंडाल में आने वाले श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन के साथ इन पुरानी और कलात्मक वस्तुओं को भी करीब से देख रहे हैं। चांदी की चमक और एंटीक वस्तुओं की नक्काशी ने पंडाल की सजावट को खास बना दिया है।

    सराफा यूथ फेडरेशन के अध्यक्ष प्रशांत सोनी के अनुसार संगठन पिछले 14 वर्षों से भगवान गणेश की स्थापना करता आ रहा है। हर साल समिति की कोशिश रहती है कि गणेश पंडाल में कुछ नया और अलग देखने को मिले। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार चांदी के बर्तनों और एंटीक ज्वेलरी को सजावट की थीम बनाया गया।

    फेडरेशन की ओर से हर वर्ष पंडाल की थीम में बदलाव किया जाता है। दो साल पहले गणेश पंडाल को भारतीय मुद्रा के नोटों से सजाया गया था। इसके बाद सोने की ज्वेलरी के जरिए भगवान गणेश का विशेष श्रृंगार किया गया। इस बार चांदी के बर्तनों और एंटीक आभूषणों को थीम का हिस्सा बनाया गया है। इससे गणेश पंडाल को पारंपरिक और ऐतिहासिक स्वरूप देने की कोशिश की गई है।

    गणेश उत्सव के अंतिम दिन पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ भी देखने को मिली। भक्तों ने भगवान गणेश के रजत श्रृंगार के दर्शन किए और एंटीक वस्तुओं को भी देखा। करीब 45 लाख रुपए की चांदी से तैयार यह सजावट गणेश उत्सव के दौरान उज्जैन में चर्चा का विषय बनी रही। आयोजकों के मुताबिक हर साल कुछ नया करने की कोशिश का उद्देश्य श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ कला और विरासत से जोड़ना भी है। इस बार चांदी और ऐतिहासिक वस्तुओं की थीम ने इसी प्रयास को एक अलग पहचान दी।

  • 60 साल बाद बन रहा दुर्लभ ग्रह संयोग, 26 सितंबर से उज्जैन में शुरू होगा श्राद्ध पक्ष, सिद्धवट और रामघाट पर उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़

    60 साल बाद बन रहा दुर्लभ ग्रह संयोग, 26 सितंबर से उज्जैन में शुरू होगा श्राद्ध पक्ष, सिद्धवट और रामघाट पर उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़


    उज्जैन । उज्जैन में पितरों के तर्पण और पिंडदान के लिए विशेष महत्व रखने वाला श्राद्ध पक्ष 26 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। इसके साथ ही सिद्धवट रामघाट और शिप्रा नदी के दूसरे घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने लगेगी। देश के अलग अलग हिस्सों से लोग पितरों की शांति के लिए उज्जैन पहुंचेंगे। इसे देखते हुए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से घाटों की सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शिप्रा नदी में पानी की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।

    इस बार का श्राद्ध पक्ष इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि ज्योतिषाचार्यों के अनुसार करीब 60 साल बाद विशेष ग्रह संयोग बन रहा है। उनका कहना है कि 1966 के बाद 2026 में सूर्य चंद्र मंगल बुध गुरु और शनि की विशेष स्थिति फिर बन रही है। इसी वजह से इस बार श्राद्ध पक्ष को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि ग्रहों के इस संयोग को लेकर ज्योतिषीय मान्यताएं अलग अलग हो सकती हैं।

    महालय श्राद्ध की शुरुआत भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा के दिन 26 सितंबर से होगी। इसका समापन 10 अक्टूबर को आश्विन कृष्ण अमावस्या यानी सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा। इस बार श्राद्ध पक्ष की शुरुआत और इसका समापन दोनों शनिवार को होने की बात कही गई है। इस दौरान श्रद्धालु अपनी परंपरा और मान्यता के अनुसार पितरों का तर्पण पिंडदान और श्राद्ध कर्म करेंगे।

    उज्जैन का सिद्धवट पितृ कर्म के लिए प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है। सिद्धवट मंदिर के पुजारी राघवेंद्र चतुर्वेदी के अनुसार यहां स्थित वटवृक्ष को भगवान शिव के स्वरूप के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने त्रेतायुग में इस वटवृक्ष को लगाया था। यही वजह है कि सिद्धवट पर पितरों की शांति और सद्गति की कामना के लिए विशेष पूजा की जाती है।

    श्राद्ध पक्ष के दौरान सिद्धवट पर देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां लोग अपने पूर्वजों के नाम से पिंडदान और तर्पण करते हैं। कई परिवार अपनी कई पीढ़ियों के पूर्वजों की शांति के लिए भी पूजा करवाते हैं। पूजा के बाद पितरों का स्मरण करते हुए सिद्धवट पर कच्चा दूध चढ़ाने की परंपरा भी बताई गई है। धार्मिक मान्यताओं के कारण श्राद्ध पक्ष में इस स्थान पर विशेष भीड़ देखने को मिलती है।

    सिद्धवट का धार्मिक महत्व प्रयागराज के अक्षयवट गया के बोधिवट और वृंदावन के वंशीवट से भी जोड़ा जाता है। पुजारी के अनुसार उज्जैन का सिद्धवट कल्पवृक्ष के रूप में भी पूजनीय माना जाता है। यही कारण है कि श्राद्ध पक्ष के दौरान यहां होने वाले तर्पण और पिंडदान को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था रहती है।

    26 सितंबर से शुरू होने वाले श्राद्ध पक्ष को देखते हुए उज्जैन में घाटों पर व्यवस्थाएं बढ़ाई जा रही हैं। रामघाट और शिप्रा के अन्य घाटों पर भी श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयारियां की जा रही हैं। आने वाले दिनों में देशभर से श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की उम्मीद है। विशेष ग्रह स्थिति और पितृ कर्म की धार्मिक मान्यताओं के कारण इस बार श्राद्ध पक्ष को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है।

  • इंदौर में गोदाम पर छापा और बड़ा खुलासा, 10 हजार से ज्यादा गर्भपात किट मिलीं, 9 हजार किट की बिक्री भी जांच के घेरे में

    इंदौर में गोदाम पर छापा और बड़ा खुलासा, 10 हजार से ज्यादा गर्भपात किट मिलीं, 9 हजार किट की बिक्री भी जांच के घेरे में


    इंदौर । इंदौर में ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने धार कोठी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक दवा गोदाम से 10 हजार से ज्यादा गर्भपात किट जब्त की हैं। इसके अलावा सिडेनफिल साइट्रेट और सेफ्टी पिल ब्रांड की दवाएं भी टीम को मिली हैं। जब्त दवाओं की कुल कीमत 52 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। कार्रवाई के बाद अब विभाग की जांच इस बात पर केंद्रित है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाओं का भंडारण किस उद्देश्य से किया गया था और इनकी बिक्री किन लोगों या संस्थानों को की गई।

    यह कार्रवाई गुरुवार रात सेंट रेफियल स्कूल के पास धार कोठी क्षेत्र में क्वालिटी फार्मा से जुड़े एक गोदाम पर की गई। अधिकारियों के मुताबिक संबंधित फर्म लाइसेंसी है लेकिन जांच के दौरान गोदाम में रखी दवाओं के भंडारण और बिक्री से जुड़े जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसके बाद टीम ने दवाओं को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

    जांच के दौरान विभाग को यह जानकारी भी मिली कि संबंधित फर्म से करीब 9 हजार गर्भपात किट पहले ही बेचे जा चुके हैं। हालांकि इन दवाओं की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड अभी जांच के दायरे में है। अधिकारियों ने संबंधित पक्ष से दवाओं की खरीद और बिक्री से जुड़े दस्तावेज तथा पूरा हिसाब उपलब्ध कराने को कहा है। रिकॉर्ड की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितनी दवाएं किसे और किन परिस्थितियों में बेची गईं।

    अब जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि इतनी बड़ी संख्या में गर्भपात किट और अन्य दवाएं गोदाम तक कैसे पहुंचीं। अधिकारियों की टीम दवाओं के स्रोत से लेकर उनकी सप्लाई और बिक्री तक की कड़ी को खंगाल रही है। विभाग यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि दवाओं की बिक्री निर्धारित नियमों के तहत की गई थी या नहीं।

    कार्रवाई के दौरान जावेद खान और अजय सवडतकर से संबंधित दवाएं भी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल मामले से जुड़े तथ्यों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर हुआ और इसमें कौन कौन लोग शामिल थे।

    औषधि विभाग के अधिकारियों के अनुसार गर्भपात से संबंधित दवाओं की बिक्री निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रिया और वैध प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर ही की जानी चाहिए। विभाग को आशंका है कि इन दवाओं की बिक्री में नियमों का उल्लंघन हुआ हो सकता है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और बिक्री रिकॉर्ड तथा अन्य दस्तावेजों की विस्तृत पड़ताल के बाद ही सामने आएगा।

    मामले में ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जब्त दवाओं और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच जारी है। ड्रग इंस्पेक्टर सारिका अग्रवाल योगेश गुप्ता और लोकेश गुप्ता की टीम ने यह कार्रवाई की। अब आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद दवा कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड और गर्भपात संबंधी दवाओं की बिक्री व्यवस्था पर विभाग की निगरानी और सख्त होने की संभावना है।

  • ‘लव एंड वॉर’ में आलिया भट्ट का रेट्रो कैबरे लुक जारी, ग्लैमरस अंदाज में दिखीं अभिनेत्री, 21 जनवरी 2027 को रिलीज होगी फिल्म

    ‘लव एंड वॉर’ में आलिया भट्ट का रेट्रो कैबरे लुक जारी, ग्लैमरस अंदाज में दिखीं अभिनेत्री, 21 जनवरी 2027 को रिलीज होगी फिल्म


    नई दिल्ली ।
    संजय लीला भंसाली की आगामी फिल्म ‘लव एंड वॉर’ को लेकर दर्शकों के बीच लगातार उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म में रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म की घोषणा के बाद से ही इससे जुड़ी हर नई जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। अब फिल्म से आलिया भट्ट का पहला लुक भी सामने आ गया है।

    इससे पहले फिल्म का पहला पोस्टर जारी किया गया था, जिसमें रणबीर कपूर का लुक दिखाया गया था। इसके बाद अब निर्माताओं ने फिल्म के दूसरे पोस्टर के जरिए आलिया भट्ट के किरदार की झलक पेश की है। पोस्टर में अभिनेत्री बेहद ग्लैमरस और रेट्रो अंदाज में दिखाई दे रही हैं।

    आलिया भट्ट पोस्टर में एक कुर्सी पर खास अंदाज में बैठी नजर आ रही हैं। उनके पीछे पुराने दौर के क्लब जैसा माहौल दिखाई देता है। बैकग्राउंड में एक स्टेज भी नजर आ रहा है, जिसके आसपास कई लोग मौजूद हैं। पोस्टर का पूरा सेटअप पुराने दौर की झलक देता है और फिल्म के किरदार को लेकर उत्सुकता बढ़ाता है।

    पोस्टर में आलिया का लुक कैबरे डांसर जैसा दिखाई दे रहा है। इसके साथ जारी किए गए कैप्शन में ‘आग भी, दिलों की जान भी’ लिखा गया है। इससे उनके किरदार के प्रभाव और फिल्म की कहानी में उसकी अहमियत की झलक मिलती है। हालांकि, पोस्टर से उनके किरदार की पूरी भूमिका स्पष्ट नहीं होती है।

    फिल्म से आलिया भट्ट का एक और लुक भी सामने आया है, जिसमें वह स्टेज पर कैबरे डांसर के अंदाज में दिखाई दे रही हैं। यह लुक अभिनेत्री के पहले के फिल्मी किरदारों से काफी अलग नजर आ रहा है। उनके पहनावे और पूरे अंदाज में रेट्रो दौर की छाप दिखाई देती है।

    आलिया भट्ट इससे पहले भी संजय लीला भंसाली के साथ काम कर चुकी हैं। दोनों ने ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ में साथ काम किया था। इस फिल्म में आलिया ने मुख्य भूमिका निभाई थी और फिल्म को दर्शकों का काफी प्यार मिला था। ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ हुसैन जैदी की किताब ‘माफिया क्वींस ऑफ मुंबई’ पर आधारित थी।

    ‘लव एंड वॉर’ में आलिया भट्ट के साथ रणबीर कपूर और विक्की कौशल भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्माण भंसाली प्रोडक्शंस के बैनर तले किया जा रहा है। फिल्म का संगीत सा रे गा मा लेबल के तहत तैयार किया गया है।

    यह फिल्म हिंदी के साथ तमिल और तेलुगु भाषाओं में भी रिलीज की जाएगी। ‘लव एंड वॉर’ को 21 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज करने की तैयारी है। फिल्म के अलग-अलग किरदारों के लुक सामने आने के साथ अब इसकी कहानी और कलाकारों की भूमिकाओं को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ रही है।

  • कोमल रानी संग डेटिंग की अफवाहों पर गोविंदा ने दी सफाई, बोले परिवार से दूर करने और छवि खराब करने की कोशिश

    कोमल रानी संग डेटिंग की अफवाहों पर गोविंदा ने दी सफाई, बोले परिवार से दूर करने और छवि खराब करने की कोशिश

    नई दिल्ली ।अभिनेता गोविंदा लंबे समय बाद फिल्म ‘रूपा’ के जरिए पर्दे पर वापसी की तैयारी कर रहे हैं। फिल्म की घोषणा हो चुकी है और इसमें उनके साथ अभिनेत्री कोमल रानी नजर आएंगी। फिल्म को लेकर चर्चा के बीच दोनों के कथित रिश्ते की खबरों ने भी जोर पकड़ लिया है। हाल ही में दोनों के साथ लाल बाग के राजा के दर्शन करने पहुंचने के बाद डेटिंग की अटकलें और तेज हो गई थीं। अब गोविंदा ने इन चर्चाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

    गोविंदा ने कोमल रानी के साथ मंदिर जाने को उनकी आगामी फिल्म से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि वह ‘रूपा’ के लिए प्रार्थना करने लाल बाग के राजा के दर्शन करने पहुंचे थे। अभिनेता ने यह भी कहा कि वह इससे पहले अपनी सह-अभिनेत्रियों करिश्मा कपूर और रवीना टंडन के साथ भी मंदिर जा चुके हैं।

    गोविंदा के मुताबिक, करिश्मा कपूर के साथ मंदिर जाने का अनुभव उनके लिए अच्छा रहा था और उस दौर में उनकी फिल्मों ने अच्छा प्रदर्शन किया था। इसी तरह वह रवीना टंडन के साथ भी मंदिर जा चुके हैं। अब उन्होंने कोमल रानी के साथ दर्शन करने की वजह फिल्म की शुरुआत और उसके लिए की गई प्रार्थना को बताया है।

    अभिनेता ने कहा कि वह लंबे समय बाद दोबारा काम शुरू कर रहे हैं, इसलिए फिल्म के लिए प्रार्थना करने मंदिर गए थे। उनके मुताबिक, कोमल रानी के साथ मंदिर जाना किसी निजी रिश्ते का संकेत नहीं है, बल्कि फिल्म से जुड़ी वजह से हुआ।

    डेटिंग की अटकलों पर गोविंदा ने स्पष्ट तौर पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि फिल्म अभी शुरू ही हुई है और इसके बारे में इतनी चर्चा पहले से होने लगी है। अभिनेता ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि अगर किसी फिल्म को लेकर वह और उनकी सह-अभिनेत्री चर्चा में आ रहे हैं तो लोगों को इससे परेशानी क्यों हो रही है।

    गोविंदा ने कहा कि वह यह समझ नहीं पा रहे हैं कि उनके मशहूर होने या फिल्म को लेकर चर्चा बढ़ने से लोगों को आपत्ति क्यों हो रही है। उन्होंने कोमल रानी के साथ रिश्ते की अटकलों को खारिज किया और ऐसी चर्चाओं पर नाराजगी जाहिर की।

    अभिनेता ने इन अफवाहों को लेकर यह भी दावा किया कि मामला अचानक शुरू हुई चर्चा नहीं है। उनके अनुसार, इसके पीछे उन्हें उनके परिवार से दूर करने और उनकी छवि खराब करने की सोची-समझी कोशिश शामिल है। हालांकि, उन्होंने अपनी बात रखते हुए इस पूरे मामले को फिल्म ‘रूपा’ से जोड़कर देखा।

    ‘रूपा’ गोविंदा के लंबे अंतराल के बाद आने वाले प्रोजेक्ट के तौर पर चर्चा में है। फिल्म में उनके साथ कोमल रानी दिखाई देंगी। फिल्म की घोषणा के बाद से ही दोनों कलाकारों को लेकर चर्चा चल रही है। मंदिर में साथ पहुंचने के बाद सामने आई डेटिंग की अटकलों के बीच गोविंदा ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

    अभिनेता की प्रतिक्रिया के मुताबिक, कोमल रानी के साथ उनका मंदिर जाना फिल्म के लिए की गई प्रार्थना का हिस्सा था। उन्होंने पुरानी सह-अभिनेत्रियों के साथ मंदिर जाने के उदाहरण देते हुए कहा कि इस तरह की मुलाकातों को निजी रिश्ते से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

  • पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर फिर बढ़ा तनाव, गुलिस्तान सेक्टर में झड़प के बाद कई तालिबान सदस्यों के मारे जाने का दावा

    पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर फिर बढ़ा तनाव, गुलिस्तान सेक्टर में झड़प के बाद कई तालिबान सदस्यों के मारे जाने का दावा


    नई दिल्ली ।पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच करीब तीन महीने तक बनी शांति के बाद एक बार फिर सीमा क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से कथित हमले का जवाब देने और उसे नाकाम करने का दावा किया है। सीमा से सटे गुलिस्तान सेक्टर में हुई झड़प के दौरान कई तालिबान सदस्यों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है।

    पाकिस्तान की ओर से दावा किया गया है कि अफगान तालिबान की तरफ से की गई कार्रवाई का जवाब दिया गया। इसके तहत गुरुवार को पाकिस्तानी वायुसेना ने तालिबान के करीब 10 ठिकानों पर हमला किया। पाकिस्तान का कहना है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल ड्रोन लॉन्च करने और उन्हें रखने के लिए किया जा रहा था।

    सीमा क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव फिर बढ़ गया है। दोनों पड़ोसी देशों के बीच इससे पहले भी सीमा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर टकराव हो चुका है। लंबे समय तक चले तनाव के बाद करीब तीन महीने तक स्थिति अपेक्षाकृत शांत रहने की बात सामने आई थी।

    पिछले सप्ताह पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी इलाके में एक पुलिस प्रतिष्ठान को निशाना बनाकर हमला किया गया था। इस घटना में कम से कम 24 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद सीमा पार से होने वाली गतिविधियों और सुरक्षा स्थिति को लेकर पाकिस्तान की ओर से चिंता बढ़ी थी।

    दोनों देशों के बीच इस साल फरवरी में भी संघर्ष हुआ था। इसके बाद मार्च में पाकिस्तान की ओर से काबुल में हवाई हमला किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इस कार्रवाई में 400 से अधिक लोगों के मारे जाने की बात कही गई थी। अफगान तालिबान ने उस समय दावा किया था कि मार्च में किया गया हवाई हमला एक मादक पदार्थ पुनर्वास केंद्र को निशाना बनाकर किया गया था।

    इसी दौरान बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी की गतिविधियों का भी उल्लेख सामने आया है। संगठन ने बलूचिस्तान में 25 अभियानों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। 20 सितंबर को नुश्की में बाईपास रोड पर शहीद बालाच खान स्टेडियम के पास पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाए जाने की जानकारी दी गई थी।

    इस हमले में दो पाकिस्तानी सैनिकों की मौत और चार अन्य के घायल होने की बात सामने आई थी। इसके बाद 21 सितंबर को लड़ाकों द्वारा मांड में रादिग पर कब्जा किए जाने की जानकारी भी दी गई।

    पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच मौजूदा तनाव में सीमा पर हुई ताजा झड़प को महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। पाकिस्तान ने जहां तालिबान के हमले को नाकाम करने और उसके कई सदस्यों के मारे जाने का दावा किया है, वहीं सीमा क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति फिर सामने आई है।

    तीन महीने की शांति के बाद हुई इस ताजा कार्रवाई से दोनों पड़ोसी देशों के बीच सुरक्षा संबंधी विवाद दोबारा उभरता दिखाई दे रहा है। गुलिस्तान सेक्टर में झड़प और तालिबान के ठिकानों पर कार्रवाई के दावे के बीच सीमा क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनी हुई है।

  • सिर्फ 2 घंटे 20 मिनट में टिकट खत्म, इंदौर में भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले को लेकर जबरदस्त क्रेज, सुबह से लगी थी कतार

    सिर्फ 2 घंटे 20 मिनट में टिकट खत्म, इंदौर में भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले को लेकर जबरदस्त क्रेज, सुबह से लगी थी कतार


    इंदौर । इंदौर के होलकर स्टेडियम में 11 अक्टूबर को होने वाले भारत और वेस्टइंडीज के बीच T20 मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। शुक्रवार सुबह शुरू हुई ऑनलाइन टिकट बिक्री के दौरान फैंस ने जमकर टिकट बुक किए। बिक्री शुरू होने के महज 2 घंटे 20 मिनट के भीतर सभी सामान्य टिकट बिक गए। सुबह 6 बजे जैसे ही ऑनलाइन टिकट बिक्री शुरू हुई वैसे ही बड़ी संख्या में क्रिकेट फैंस बुकिंग के लिए पहुंच गए और कुछ ही देर में टिकटों की अलग अलग कैटेगरी तेजी से फुल होने लगी।

    टिकट बिक्री में सबसे पहले ईस्ट गैलरी की सीटें पूरी तरह बुक हुईं। इसके बाद वेस्ट गैलरी के टिकटों की मांग बढ़ी और देखते ही देखते वहां भी उपलब्ध टिकट खत्म हो गए। पवेलियन कैटेगरी में भी क्रिकेट प्रेमियों ने तेजी दिखाई। सुबह 8 बजकर 20 मिनट तक सामान्य टिकटों की बिक्री पूरी हो चुकी थी। इतनी कम अवधि में टिकटों का खत्म होना भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले मुकाबले को लेकर फैंस की दिलचस्पी को दिखाता है।

    इंदौर में भारत के मुकाबले देखने के लिए क्रिकेट प्रेमियों में पहले से ही उत्साह बना हुआ था। जैसे ही ऑनलाइन टिकट बिक्री शुरू हुई वैसे ही बड़ी संख्या में लोगों ने बुकिंग करने की कोशिश की। टिकटों की उपलब्धता तेजी से कम होती गई और कुछ ही समय बाद सामान्य कैटेगरी के टिकटों के लिए SOLD OUT की स्थिति बन गई। अब मुकाबले को लेकर स्टेडियम के आसपास भी क्रिकेट माहौल और ज्यादा जोर पकड़ने की उम्मीद है।

    मैच के लिए टिकटों की कीमत अलग अलग कैटेगरी के हिसाब से तय की गई है। सामान्य ईस्ट और वेस्ट गैलरी के टिकट 1000 रुपए से लेकर 1800 रुपए तक रखे गए हैं। पवेलियन कैटेगरी में टिकटों की कीमत 5500 रुपए से 8500 रुपए तक है। वहीं हॉस्पिटैलिटी कैटेगरी में टिकट 11000 रुपए से लेकर 12500 रुपए तक रखे गए हैं। एक व्यक्ति अधिकतम चार टिकट खरीद सकता है।

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले इस मुकाबले के लिए स्टूडेंट और दिव्यांग दर्शकों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। स्टूडेंट कोटे के रियायती टिकटों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी थी। स्टूडेंट कोटे में करीब 1200 रजिस्ट्रेशन कुछ ही समय में पूरे हो गए। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद करीब 1000 छात्रों को टिकट दिए जाने हैं।

    टिकटों की तेज बिक्री के बाद अब 11 अक्टूबर को होने वाले मुकाबले को लेकर इंदौर के क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह और बढ़ गया है। होलकर स्टेडियम में भारतीय टीम को खेलते देखने के लिए फैंस लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। ऑनलाइन बिक्री के दौरान जिस तेजी से टिकट खत्म हुए उससे साफ है कि मुकाबले के दिन स्टेडियम में बड़ी संख्या में दर्शकों की मौजूदगी देखने को मिल सकती है।